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CM भजन लाल शर्मा के कैबिनेट की पहली बैठक
कैबिनेट की बैठक में भजन लाल शर्मा सरकार ने राजस्‍थान प्रशासन‍िक सेवा की मुख्‍य परीक्षा की डेट आगे बढ़ा दी है। हालांकि आरएएस मुख्‍य परीक्षा 2024 की नई तिथि क्‍या...

कैबिनेट की बैठक में भजन लाल शर्मा सरकार ने राजस्‍थान प्रशासन‍िक सेवा की मुख्‍य परीक्षा की डेट आगे बढ़ा दी है। हालांकि आरएएस मुख्‍य परीक्षा 2024 की नई तिथि क्‍या होगी? इसका अभी फैसला नहीं हुआ है।
दरअसल, आरएएस मुख्‍य परीक्षा आगामी 27-28 जनवरी को प्रस्‍तावित थी, मगर अभ्‍यर्थी परीक्षा की डेट बढ़वाने के लिए पिछले कई दिन से धरना-प्रदर्शन कर रहे थे। कैबिनेट की बैठक में आरएएस मुख्‍य परीक्षा की तिथि बढ़ने की घोषणा होने पर जयपुर में राजस्‍थान विश्‍वविद्यालय परिसर में धरना देकर बैठे अभ्‍यर्थियों में खुशी की लहर दौड़ गई। उल्‍लेखनीय है कि कैबिनेट मंत्री किरोड़ी लाल मीणा आंदोलन कर रहे अभ्‍यर्थियों से मुलाकात की थी। उन्‍होंने तिथि बढ़ाने का आश्‍वासन भी दिया था।

उधर, कैबिनेट की बैठक में मीसा बंदियों को प्रतिमाह 20 हजार रुपये पेंशन देना और सीबीआई जांच के लिए इजाजत लेने के नियम को खत्म करना जैसे बड़े फैसले भी लिए गए हैं।

कैबिनेट मंत्री राज्यवर्धन सिंह राठौड़ और किरोड़ी लाल मीणा ने बैठक के बाद संयुक्त रूप से प्रेस कॉन्फ्रेंस करते हुए ये जानकारी साझा की है।

मीडिया की खबरों के अनुसार कैबिनेट मंत्री राज्यवर्धन सिंह राठौड़ ने बताया कि पिछले 6 महीने में पूववर्ती अशोक गहलोत सरकार द्वारा जो निर्णय लिए गए हैं। उसकी एक समिति जांच करेगी। ये समीक्षा 3 महीने के अंदर पूरी की जाएगी और फिर उसकी रिपोर्ट सीएम शर्मा को सौंपी जाएगी।

राज्यवर्धन सिंह राठौड़ के अनुसार प्रदेश में लोकतंत्र सेनानी सम्मान निधि 2008 को फिर से बहाल कर दिया गया है। इससे आपातकाल के अंदर लोकतंत्र की रक्षा के लिए लड़ाई लड़ने वाले मीसा बंदियों को फिर से पेंशन मिल सकेगी। उन्हें 20 हजार रुपए प्रतिमाह की पेंशन के साथ 4 हजार रुपए मासिक की चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी।

राजस्थान के 14वें मुख्यमंत्री बने भजनलाल शर्मा, दिया कुमारी और प्रेमचंद बैरवा बने डिप्टी सीएम, राज्यपाल ने दिलाई शपथ
राजस्थान की सत्ता में 5 साल बाद पूर्ण बहुमत के साथ वापसी करने वाली भारतीय जनता पार्टी (BJP) आज प्रदेश में नई सरकार का गठन कर लिया है. बीजेपी विधायक...

राजस्थान की सत्ता में 5 साल बाद पूर्ण बहुमत के साथ वापसी करने वाली भारतीय जनता पार्टी (BJP) आज प्रदेश में नई सरकार का गठन कर लिया है. बीजेपी विधायक भजनलाल शर्मा (Bhajan Lal Sharma) ने आज अपने जन्मदिन के मौके पर मुख्यमंत्री पद की शपथ ली. उनके साथ-साथ दिया कुमारी (Diya Kumari) और प्रेम चंद बैरवा (Premchand Bairwa) उपमुख्यमंत्री पद की शपथ ली. शपथ ग्रहण समारोह राजधानी जयपुर के ऐतिहासिक अल्बर्ट हॉल के बाहर 1:04 मिनट पर शुरू हुआ जो करीब 19 मिनट तक चला. इस समारोह में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा सहित 16 केंद्रीय मंत्री, 17 मुख्यमंत्री और उपमुख्यमंत्री शामिल हुए.

राजस्थान के मुख्यमंत्री होंगे भजन लाल शर्मा, विधायक दल की बैठक में हुआ ऐलान
बीजेपी ने छत्तीसगढ़ और मध्य प्रदेश के बाद राजस्थान के सीएम के नाम का सस्पेंस खत्म कर दिया। भजन लाल शर्मा को राजस्थान का नया मुख्यमंत्री बनाया गया। सांगानेर से...

बीजेपी ने छत्तीसगढ़ और मध्य प्रदेश के बाद राजस्थान के सीएम के नाम का सस्पेंस खत्म कर दिया। भजन लाल शर्मा को राजस्थान का नया मुख्यमंत्री बनाया गया। सांगानेर से विधायक हैं भजन लाल शर्मा। भजनलाल शर्मा संघ की पृष्ठभूमि से आते हैं। इसके साथ ही वे पहली बार विधायक बने थे।

कौन हैं भजनलाल

दिल्ली से आए पर्यवेक्षकों ने विधायक दल की बैठक के बाद भजनलाल का ना तय किया। भाजपा के आलाकमान ने केंद्रीय मंत्री राजनाथ सिंह, विनोद तावड़े और सरोज पांडेय को राज्य में पर्यवेक्षक बना कर भेजा था। बता दें, भजन लाल शर्मा भरतपुर के रहने वाले हैं। भजनलाल ने सांगानेर से कांग्रेस के पुष्पेंद्र भारद्वाज को 48081 वोटों से हराया था। भजनलाल संघ और संघठन दोनों के करीबी माने जाते हैं। साथ ही ये ब्राह्मण समाज से आते हैं।

ये थे सीएम पद के दावेदार

राजस्थान में बीजेपी की जीत के बाद पार्टी के सामने सबसे बड़ी चुनौती यही थी कि किसे राज्य का सीएम बनाया जाए। क्योंकि राजस्थान में सीएम की रेस में कई सारे दावेदार थे। इस रेस में सबसे आगे नाम वसुंधरा राजे का चल रहा था। ऐसा इसलिए क्योंकि वो राज्य में दो बार मुख्यमंत्री की कुर्सी पर बैठ चुकी हैं। वसुंधरा राजे के अलावा राजस्थान में हिंदुत्व नेता बाबा बालकनाथ के नाम पर भी चर्चा थी। वहीं गजेंद्र शेखावत, सीपी जोशी, दीया कुमारी और राजवर्धन राठौड़ जैसे नाम भी सीएम रेस में शामिल थे।

नगर सीट पर बीजेपी के जवाहर सिंह बेडम जीते, कांग्रेस हुई चित
राजस्थान के भरतपुर जिले के तहत 6 विधानसभा सीटें आती हैं. वहीं, नगर विधानसभा सीट पर त्रिकोणीय मुकाबला नजर आया. इस सीट पर इस बार कांग्रेस की टिकट पर वाजिब...

राजस्थान में विधानसभा चुनाव में सत्तारूढ़ कांग्रेस और भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के बीच एक बार फिर से कड़ा मुकाबला देखने को मिला है. भरतपुर जिले में भी सियासी पारा चढ़ा हुआ था. नगर विधानसभा सीट पर त्रिकोणीय मुकाबला नजर आया. हालांकि सत्तारूढ़ कांग्रेस और बीजेपी के बीच मुख्य लड़ाई थी. राजस्थान के भरतपुर जिले के तहत 6 विधानसभा सीटें आती हैं, जिसमें बीजेपी का खाता तक नहीं खुल सका था. इस बार बीजेपी ने सभी को चौंका दिया है. उसने नगर सीट पर भी कब्जा जमा लिया. बीजेपी उम्मीदवार जवाहर सिंह बेडम ने कांग्रेस उम्मीदवार वाजिब अली को हराया.प्रदेश में 25 नवंबर को चुनाव मतदान करवाया गया था.नगर विधानसभा सीट पर इस बार कांग्रेस की टिकट पर वाजिब अली चुनाव लड़ रहे थे, जबकि बीजेपी ने जवाहर सिंह बेडम को उम्मीदवार बनाया था. आजाद समाज पार्टी के नेम सिंह ने भी ताल ठोकी थी. 2018 के विधानसभा चुनाव में नगर सीट पर रोमांचक फाइट देखने को मिली थी. यहां, बहुजन समाज पार्टी के वाजिब अली ने जीत हासिल की थी. उन्होंने बाद में बीएसपी का साथ छोड़कर कांग्रेस का दामन थाम लिया था.

राजस्थान में हर पांच साल में बदलाव की प्रथा, : सचिन पायलट
सचिन पायलट यूथ आईकॉन हैं और करिश्माई लीडर हैं और कांग्रेस के स्टार कैंपेनर हैं. उन्होंने कहा कि कांग्रेस का कैंपेन इस बार बहुत बेहतर है. राजस्थान की 30 साल...

सचिन पायलट यूथ आईकॉन हैं और करिश्माई लीडर हैं और कांग्रेस के स्टार कैंपेनर हैं. उन्होंने कहा कि कांग्रेस का कैंपेन इस बार बहुत बेहतर है. राजस्थान की 30 साल से जो प्रथा रही है, कि हर पांच साल में बदलाव होता रहता है, लेकिन इस बार लोगों का रिस्पांस सकारात्मक है. हमारे मुख्य मुद्दे विकास के हैं

सांगानेर विधानसभा सीट पर प्रदेश महामंत्री भजन लाल शर्मा का तीव्र विरोध
राजस्थान विधानसभा चुनाव के लिए बीजेपी की दूसरी लिस्ट आने के बाद विवाद खड़ा हो गया है. जयपुर में पार्टी के प्रदेश महामंत्री भजन लाल शर्मा को सांगानेर से टिकट...

राजस्थान विधानसभा चुनाव के लिए बीजेपी की दूसरी लिस्ट आने के बाद विवाद खड़ा हो गया है. जयपुर में पार्टी के प्रदेश महामंत्री भजन लाल शर्मा को सांगानेर से टिकट देने से कार्यकर्त्ता बुरी तरह से नाराज है और कहा कि भजन लाल शर्मा हवाई और बाहरी नेता हैं। भजन लाल शर्मा को टिकट दिए जाने से नाराज कार्यकर्ताओं ने प्रदेश पार्टी कार्यालय में भजन लाल मुर्दाबाद के नारे लगाते हुए टायर जलाकर विरोध प्रदर्शन किया.

आपको बता दें कि अशोक लाहोटी सांगानेर विधानसभा सीट से मौजूदा विधायक हैं। उनका टिकट काट कर प्रदेश महामंत्री भजन लाल शर्मा को दे दिया गया. शर्मा भरतपुर में रहते हैं। उन्हें पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे का करीबी बताया जाता है. यह बीजेपी की पारंपरिक सीट है जहां से प्रतिनिधि सभा में घनश्याम तिवाड़ी तीन बार से विजेता रहे हैं. विद्या पाठक 1977 से 1990 के बीच चार बार इस पद पर रहीं। हालांकि बीजेपी के पास अब भजन लाल शर्मा के लिए टिकट है, लेकिन कार्यकर्ता खुश नहीं हैं और शर्मा के खिलाफ हैं, उनका कहना है कि वह बाहरी नेता हैं। इनका सांगानेर तो क्या जयपुर जिले से भी कोई लेना-देना नहीं है।

बाहरी नेता को बिना किसी समीकरण के सांगानेर में थोप दिया गया है। कार्यकर्ताओं का यहां तक कहना है कि वह कई विवादों में शामिल रहे हैं. पूर्व सीम वसुन्धरा राजे के शासनकाल में भजनलाल शर्मा पर बार-बार तबादले का मामला सामने आया था। कार्यकर्ताओं ने शर्मा पर कई अन्य गंभीर आरोप भी लगाए। कार्यकर्ताओं ने कहा कि किसी भी हालत में सांगानेर जिले में बाहरी को नहीं आने दिया जाएगा.

राजस्थान बीजेपी में बगावत, पूर्व विधायक अनिता गुर्जर बोलीं- वसुंधरा कैंप का मानकर मेरा टिकट काटा
हिंदीराजस्थान में विधानसभा चुनाव की तारीखों का ऐलान हो गया है. आगामी 23 नवंबर को एक चरण में मतदान होगा, जिसके बाद 3 दिसंबर को रिजल्ट घोषित कर दिया जाएगा....

हिंदीराजस्थान में विधानसभा चुनाव की तारीखों का ऐलान हो गया है. आगामी 23 नवंबर को एक चरण में मतदान होगा, जिसके बाद 3 दिसंबर को रिजल्ट घोषित कर दिया जाएगा. तारीखों के ऐलान के कुछ ही घंटों बाद भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने सोमवार शाम अपने उम्मीदवारों की लिस्ट भी जारी की है, जिसमें 7 सांसदों के विधानसभा चुनाव लड़ने का खुलासा हुआ. पार्टी ने कई नेताओं के टिकट भी काटे हैं, जिसके चलते अब बीजेपी में नेताओं की बगावत का दौर शुरू हो गया है.

भरतपुर की नगर विधानसभा क्षेत्र से 2 बार विधानसभा का चुनाव जीत चुकीं पूर्व विधायक अनिता सिंह गुर्जर (Anita Singh ) ने पार्टी द्वारा टिकट ने मिलने पर बीजेपी के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है. अपने आधिकारिक फेसबुक पेज से उन्होंने एक पोस्ट शेयर की है, जिसमें हाईकमान के इस फैसले पर नाराजगी जताई गई है. पूर्व विधायक ने लिखा है- ‘नगर विधानसभा से मेरा भाजपा से टिकट नहीं मिलने पर पूरे विधान सभा से हजारों की संख्या में फोन आ रहे हैं कि मुझे चुनाव लड़ना चाहिए. मैं आपकी भावनाओं का सम्मान करती हूं. अभी जयपुर हूं. कल शाम को आप सभी के बीच उपस्थित रहूंगी. आपसे बात करूंगी और अपनी मन की बात आप सब के बीच रखूंगी. फिर भी आप जो कहेंगे, आपके आदेश सर आंखों पर.’

‘वसुंधरा कैंप का मानकर किया दूर’

अनिता गुर्जर ने आगे लिखा- ‘क्या मान कर मुझे भाजपा ने अपने से दूर किया है? और ऐसा टिकट दिया है जिसकी जमानत जब्त होगी. वसुंधरा के कैंप का मान कर मुझे भाजपा ने अपने से दूर किया. जिस प्रत्याशी को भाजपा ने इस बार नगर विधानसभा से मैदान में उतारा है, वो पिछले चुनाव में कामा सीट से 50,000 से ज्यादा वोटों ये हार गया था. हमने नगर कांग्रेस के कुशासन और भ्रष्टाचार और तुष्टीकरण के खिलाफ पिछले 5 सालों से लगातार आंदोलनों और यात्राओं के जरिए जनता की आवाज बुलंद की है. अब आगामी 40 दिनों में इस लय को और अधिक धार देते हुए जनता के बीच परिवर्तन की लहर इतनी प्रचंड बनाइए कि तुष्टीकरण नाम की बीमारी जड़ से खत्म हो जाए.’

अभी किसे दिया पार्टी ने टिकट?

बताते चलें कि अनिता सिंह गुर्जर वर्ष 2008 और 2013 में विधायक रही हैं. इससे पहले वे 1996 में जिला प्रमुख रही हैं. लेकिन इस बार बीजेपी ने उनका टिकट काट दिया है, और भरतपुर की नगर विधानसभा क्षेत्र से जवाहर सिंह बेडम को उम्मीदवार घोषित किया गया है. आपको बता दें कि जवाहर सिंह बेडम भाजपा की सरकार में मंत्री रह चुके हैं. वहीं भरतपुर जिले की दूसरी विधानसभा सीट, यानी वैर भुसावर क्षेत्र से बहादुर सिंह कोली को टिकट दिया गया है. कोली भी पूर्व सांसद रह चुके हैं. बीजेपी द्वारा टिकट मिलने से दोनों प्रत्याशियों के समर्थकों में खुशी का माहौल है. कार्यकर्ता माला पहनाकर व मिठाई खिलाकर एक दूसरे को बधाई दे रहे हैं |

कोटा में बच्चों की मौत पर कांग्रेस प्रभारी तलब, सोनिया संग चली लंबी बैठक
कोटा स्थित जेके लोन अस्पताल में नवजातों की मौत का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रही है। अधिकारियों के मुताबिक दिसंबर के आखिरी दो दिनों में यहां नौ और...

कोटा स्थित जेके लोन अस्पताल में नवजातों की मौत का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रही है। अधिकारियों के मुताबिक दिसंबर के आखिरी दो दिनों में यहां नौ और बच्चों की मौत हो गई। इसके साथ ही मरने वालों का आंकड़ा बढ़कर सौ तक पहुंच गया है। वहीं, इस घटना के बाद कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी ने राजस्थान कांग्रेस अध्यक्ष अविनाश पांडे को तलब किया । 

vasundhra becomes cm of rajasthan
Vasundhara Raje swornin as 12th Rajasthan Chief Minister

Vasundhara Raje, who led BJP to a landslide victory in Rajasthan Assembly polls, was today sworn-in as the Chief Minister for the second time in the presence of Narendra Modi and other top party leaders.

60-year-old Vasundhara Raje, who belongs to the royal Scindia family of Gwalior, was administered the oath of office and secrecy by Governor Margaret Alva during a grand swearing-in ceremony inside the Assembly building premises in Jaipur. She was the only one to be sworn-in.

Among the BJP leaders who attended the function were party president Rajnath Singh, its Prime Ministerial candidate Narendra Modi, Madhya Pradesh Chief Minister Shivraj Singh Chouhan, Chhattisgarh Chief Minister Raman Singh and other senior leaders of the party.

Elected MLAs and a large number of religious heads also attended the function.

The main stage for the ceremony was erected inside the Assembly building premises. Large screens were installed at the venue to allow the invitees sitting at a distance to watch the live telecast of the ceremony.

After the swearing-in function, Ms Raje drove straight to the Chief Minister’s Office at the Secretariat.
BJP won 162 of the 199 seats where elections were held.

Polling in Churu seat in the 200-member House was postponed due to the death of a BSP candidate and it is being held today.