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आचार्य सुंदर सागर जी महाराज की दिव्य देशना कार्यक्रम में मुख्यमंत्री हुए शामिल
मुख्यमंत्री को ‘मातृ भू-सेवक’ की मानद उपाधि से किया गया अलंकृत राज्य सरकार जैन तीर्थाें के विकास के लिए प्रतिबद्ध

जयपुर, 27 नवम्बर। मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा ने कहा कि परम पूज्य श्री सुंदर सागर जी महाराज ज्ञान और अहिंसा का दीपक जलाते हुए समाज का मार्ग प्रशस्त कर रहे हैं। उनका जीवन त्याग, तपस्या और करूणा का अद्भुत समन्वय है। उन्होंने कहा कि हमारी सरकार सभी धर्मों के विकास और संरक्षण के लिए समर्पित है। उन्होंने आमजन से आह्वान किया कि वे जैन मुनियों के उपदेशों को न केवल सुने, बल्कि उन्हें अपने जीवन में भी उतारें।  

श्री शर्मा गुरूवार को सांगानेर कैम्प कार्यालय में आयोजित आचार्य श्री सुंदर सागर जी महाराज की दिव्य देशना कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि जैन मुनियों का जीवन साधना से पूर्ण है, वे सांसारिक सुखों को त्याग कर आध्यात्मिक मार्ग पर चलते हैं। उन्होंने कहा कि परम पूज्य श्री सुंदर सागर जी महाराज के जीवन से हमें यह शिक्षा मिलती है कि सच्ची महानता विनम्रता, सच्ची शक्ति अहिंसा और सच्चा सुख त्याग में है।

मुख्यमंत्री द्वारा जैन मुनियों की पद वंदना

मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा ने सभी संतो की पद वंदना करते हुए उनका हाथ थामे एसएफएस मानसरोवर स्थित आदिनाथ मंदिर से सांगानेर कैम्प कार्यालय के कार्यक्रम में लेकर आए। इस दौरान मार्ग में पुष्प वर्षा एवं बैंड वादन कर उनका स्वागत-अभिनंदन किया गया। कार्यक्रम में श्री शर्मा को ‘मातृ भू सेवक’ की मानद उपाधि से अलंकृत भी किया गया। इससे पहले श्री शर्मा ने एसएफएस मानसरोवर स्थित श्री आदिनाथ मंदिर में दर्शन कर प्रदेश की सुख समृद्धि एवं खुशहाली की कामना की। 

जैन धर्म के पंच महाव्रत ने दुनिया को दिया महत्वपूर्ण संदेश

मुख्यमंत्री ने कहा कि जैन धर्म हमें जीवन जीने की कला सिखाता है। इस धर्म के 24 तीर्थंकरों ने समय-समय पर मानव जाति को सही मार्ग दिखाया है। उन्होंने कहा कि जैन धर्म की सबसे बड़ी विशेषता ‘अहिंसा परमो धर्म’ है। ये एक वाक्य नहीं बल्कि सम्पूर्ण जीवन दर्शन है। आज पूरी दुनिया हिंसा से जूझ रही है और जैन धर्म का यह संदेश वर्तमान परिवेश में और अधिक प्रासंगिक हो जाता है। उन्होंने कहा कि जैन धर्म के पंच महाव्रत- अहिंसा, सत्य, अस्तेय, ब्रह्मचर्य, अपरिग्रह आज की भौतिकतावादी दुनिया में महत्वपूर्ण संदेश देते हैं। जैन धर्म हमें बताता है कि सच्चा सुख बाहरी वस्तुओं में नहीं, आन्तरिक संतोष में है। 

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार जैन धर्म के मूल्यों एवं शिक्षाओं को प्रसारित करने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार जैन समाज के तीर्थ स्थलों पर श्रद्धालुओं के लिए सड़कें, पेयजल, स्वच्छता और सुरक्षा सुनिश्चित करते हुए विकास कार्यों को प्राथमिकता दे रही है। कार्यक्रम में श्री शर्मा ने आचार्य श्री सुंदर सागर महाराज के प्रवचनों का श्रवण भी किया।  

इस अवसर पर आचार्य श्री सुंदर सागर जी महाराज, आचार्य शंशाक जी महाराज, सहकारिता राज्यमंत्री श्री गौतम कुमार दक, जयपुर ग्रेटर उप महापौर श्री पुनीत कर्णावत सहित जैन मुनि और बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे। 

लौह पुरूष ने दूरदर्शी सोच और साहसिक निर्णयों से देश को किया एकजुट : मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा
मुख्यमंत्री ने सरदार@150 के तहत यमुना प्रवाह यात्रा को दिखाई हरी झंडी

जयपुर, 26 नवम्बर। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा कि लौह पुरूष सरदार वल्लभ भाई पटेल ने अपनी दूरदर्शी सोच, दृढ़ इच्छाशक्ति और साहसिक निर्णयों से भारत को एकजुट कर राष्ट्र निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उन्होंने युवाओं से आह्वान किया कि युवा सरदार पटेल के जीवन से प्रेरणा लेकर ‘राष्ट्र प्रथम’ को सर्वोपरि रखें तथा एक मजबूत, एकजुट तथा विकसित भारत के निर्माण में योगदान दें। शर्मा ने सभी को संविधान दिवस की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि डॉ. भीमराव अंबेडकर ने विश्व का सबसे बड़ा संविधान हमें दिया है तथा उसी आधार पर देश आगे बढ़ रहा है।

                 शर्मा ने बुधवार को अमर जवान ज्योति से सरदार@150 यूनिटी मार्च के अंतर्गत यमुना प्रवाह यात्रा के तहत आयोजित समारोह को संबोधित किया। उन्होंने कहा कि यशस्वी प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के आह्वान पर पूरे देशभर में सरदार पटेल की 150वीं जयंती मनाई जा रही है। इसी के तहत यमुना प्रवाह यात्रा भी संचालित की जा रही है। उन्होंने कहा कि इस यात्रा के तहत राजस्थान सहित विभिन्न प्रदेशों से युवा जयपुर से कमरसद तक की यात्रा करेंगे। यह यात्रा युवाओं के लिए सरदार पटेल के जीवन, संघर्ष और देशभक्ति को करीब से जानने का अवसर है। साथ ही, युवाओं को सरदार पटेल के आदर्शों और मूल्यों को समझने का प्रत्यक्ष अनुभव भी मिलेगा।

सरदार पटेल ने कभी नहीं किया सिद्धांतों से समझौता

                मुख्यमंत्री ने कहा कि सरदार पटेल का स्वतंत्रता आंदोलन में अमूल्य योगदान रहा। बारडोली सत्याग्रह में उनकी प्रभावशाली भूमिका के कारण उन्हें सरदार की उपाधि दी गई। उन्होंने स्वतंत्रता आंदोलन में भी बढ़-चढ़कर भाग लिया और किसानों को अपने अधिकारों के लिए लड़ना सिखाया और सरदार पटेल जेल भी गए। लेकिन उन्होंने कभी अपने सिद्धांतों के साथ समझौता नहीं किया।

कूटनीति और दूरदर्शिता से 562 रियासतों का किया एकीकरण

                शर्मा ने कहा कि 15 अगस्त 1947 को भारत को आजादी तो मिली लेकिन विभाजन का दर्द भी सहना पड़ा। उस समय देश सैकड़ों टुकड़ों में बंटा हुआ था। उन्होंने कहा कि देश की 562 रियासतें स्वतंत्र इकाई थी। सरदार पटेल ने अपनी कूटनीति, दूरदर्शिता और कभी-कभी कठोरता का इस्तेमाल करते हुए प्रत्येक रियासत को भारत में मिलाना शुरू किया। उन्होंने कहा कि सरदार पटेल ने ऑपरेशन पोलो चलाकर हैदराबाद तथा जनमत संग्रह कराकर जूनागढ़ को भारत में शामिल कराया। उन्होंने भारत की एकता और अखंडता को अपना सबसे बड़ा लक्ष्य बनाया और उसे पूरा करके दिखाया।

धारा 370 हटाकर प्रधानमंत्री ने सरदार पटेल के अधूरे सपने को किया पूरा

                मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री ने सरदार पटेल की विरासत को आगे बढ़ाने का बीड़ा उठाया है। सरदार पटेल का अधूरा सपना प्रधानमंत्री ने कश्मीर से धारा 370 हटाकर पूरा किया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री भारत को एक सूत्र में बांध रहे हैं। पूरब से पश्चिम तक और उत्तर से दक्षिण तक आज भारत एक हो रहा है। सरदार पटेल के योगदान को सम्मान देते हुए विश्व की सबसे बड़ी प्रतिमा स्टैच्यू ऑफ यूनिटी बनाई गई। प्रधानमंत्री के नेतृत्व में वर्ष 2014 के बाद देश में गरीब कल्याण, विकास योजनाओं, आतंकवाद-नक्सलवाद का खात्मा तथा विश्व पटल पर देश का सम्मान बढ़ने जैसे अभूतपूर्व कार्य हुए हैं। उन्होंने कहा कि पूरा विश्व भारत को उम्मीदों से देख रहा है तथा दुनिया के सबसे बड़े लीडर के नेतृत्व में देश नई ऊचाईयां छू रहा है।

                 शर्मा ने कहा कि सरदार पटेल का जीवन युवाओं और हर भारतीय के लिए प्रेरणा है। युवा पीढ़ी उनके जीवन से कर्तव्यनिष्ठा, ईमानदारी और सत्यनिष्ठा, दृढ़ संकल्प, एकता तथा सादगी की पांच प्रमुख सीख ले सकती है। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने सरदार@150 यूनिटी मार्च के तहत यमुना प्रवाह यात्रा को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इससे पहले श्री शर्मा ने अमर जवान ज्योति पर पुष्पचक्र अर्पित कर शहीदों को नमन भी किया।

                इस दौरान सांसद मदन राठौड़, श्रीमती मंजू शर्मा, विधायक कालीचरण सराफ,  जितेन्द्र गोठवाल,  गोपाल शर्मा,  बालमुकुन्दाचार्य सहित बड़ी संख्या में आमजन उपस्थित रहे।

संविधान दिवस पर मुख्य सचिव सहित वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारियों ने किया संविधान की प्रस्तावना का वाचन
76वें संविधान दिवस के अवसर पर संविधान पर आधारित लघु फिल्म का प्रदर्शन

जयपुर, 26 नवम्बर। 76वें संविधान दिवस के अवसर पर बुधवार को  प्रातः 10 बजे सचिवालय के कॉन्फ्रेंस हॉल में मुख्य सचिव श्री वी. श्रीनिवास  ने वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारियों को संविधान की प्रस्तावना का वाचन करवाया। इस अवसर पर संविधान पर आधारित लघु फिल्म का प्रदर्शन भी किया गया।

      कार्यक्रम कार्यक्रम की शुरूआत में सामान्य प्रशासन विभाग के शासन सचिव डॉ. जोगाराम एवं कार्मिक विभाग शासन सचिव श्रीमती अर्चना सिंह ने मुख्य सचिव का स्वागत किया।

कार्यक्रम में विभिन्न विभागों के अतिरिक्त मुख्य सचिव, प्रमुख शासन सचिव, शासन सचिव, सहित वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी उपस्थित रहे।    

आमजन की समस्याओं का त्वरित समाधान करें अधिकारी: मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा
मुख्यमंत्री निवास पर नियमित जनसुनवाई -अन्त्योदय राज्य सरकार की योजनाओं का प्रमुख लक्ष्य

जयपुर, 24 नवम्बर। मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में राज्य सरकार जवाबदेहिता एवं पारदर्शिता से कार्य करते हुए सुशासन की ओर अग्रसर है। सरकार के द्वारा किए जा रहे कार्यक्रमों, नवाचारों एवं योजनाओं का प्रमुख ध्येय अंतिम पायदान पर बैठे व्यक्ति तक योजनाओं का लाभ पहुंचाना है। जनसुनवाई भी इसी लक्ष्य की ओर बढ़ता एक मजबूत कदम है। मुख्यमंत्री नियमित रूप से इस जनसुनवाई में लोगों की समस्याओं का समाधान कर उन्हें राहत दे रहे हैं।

                श्री शर्मा ने सोमवार को मुख्यमंत्री निवास पर जनसुनवाई की। उन्होंने इस दौरान आमजन की परिवेदनाओं को संवेदनशीलता के साथ सुनते हुए अधिकारियों को उन समस्याओं के त्वरित निस्तारण के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि जनसुनवाई में परिवादी उम्मीद के साथ आते हैं। ऐसे में अधिकारी इन प्रकरणों को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए इनका शीघ्र निस्तारण करें।

                श्री शर्मा ने जनसुनवाई में बड़ी संख्या में आई महिलाओं, दिव्यांगों, बुजुर्गों सहित विभिन्न लोगां की समस्याओं का मौके पर ही निस्तारण किया। आमजन अपनी परिवेदनाओं के निस्तारण से बेहद संतुष्ट नजर आए। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि परिवादियों को जल्द से जल्द राहत दी जाए। साथ ही, लंबित प्रकरणों की नियमित मॉनिटरिंग करते हुए इसका शीघ्र समाधान करें। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि प्रकरणों के निस्तारण में किसी भी तरह की लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों पर सख्त कार्यवाही की जाए।

                मुख्यमंत्री ने इस दौरान सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता, ग्रामीण विकास एवं पंचायतीराज, श्रम, कृषि, गृह, राजस्व, पशुपालन, जयपुर विकास प्राधिकरण, नगर निगम, शिक्षा, चिकित्सा, पेयजल सहित विभिन्न विभागों की आमजन से जुड़ी परिवेदनाओं को सुना और उनका मौके पर ही निस्तारण किया। इस दौरान श्री शर्मा ने विभिन्न संस्थाओं द्वारा आयोजित किए जाने वाले कार्यक्रमों के पोस्टर विमोचन भी किए।

                इस अवसर पर बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि और आमजन उपस्थित रहे।

मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने प्रदेश में उप राष्ट्रीय पल्स पोलियो अभियान का किया शुभारंभ बच्चों को पिलाई पोलियो प्रतिरक्षक दवा
प्रदेशभर में एक करोड़ से अधिक बच्चों को पिलाई जाएगी दवा - ‘दो बूंद हर बार, पोलियो पर जीत रहे बरकरार’ पोस्टर का किया विमोचन

जयपुर, 23 नवम्बर। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने रविवार को मुख्यमंत्री निवास पर बच्चों को पोलियो प्रतिरक्षक दवा पिलाकर राज्यस्तरीय उप राष्ट्रीय पल्स पोलियो अभियान का शुभारंभ किया। उन्होंने इस अभियान के लिए जनसहभागिता का आह्वान करते हुए कहा कि सभी अभिभावक अपने 5 वर्ष तक के बच्चों को पोलियो प्रतिरक्षक दवा अवश्य पिलाएं।

प्रदेशभर में 58 हजार 823 पोलियो बूथ

उल्लेखनीय है कि रविवार (23 नवम्बर) को प्रदेशभर में पोलियो बूथों पर दवा पिलाने की सुविधा उपलब्ध कराई गई है। किसी कारणवश बूथ पर दवा पीने नहीं वाले बच्चों को अगले दो दिन स्वास्थ्यकर्मी घर-घर जाकर दवा पिलाएंगे। लगभग 1 करोड़ 8 लाख बच्चों को पोलियो दवा पिलाने के लिए सम्पूर्ण प्रदेश में 58 हजार 823 पोलियो बूथ स्थापित किए गए हैं। 6 हजार 741 ट्रांजिट टीमें और 8 हजार 989 मोबाइल टीम की व्यवस्था भी की गई है।

शर्मा ने कहा इस अभियान में प्रदेशभर में जन्म से पांच वर्ष तक के बच्चों को पोलियो प्रतिरक्षक दवा पिलाई जाएगी। यह एक अभियान नहीं, बल्कि आने वाली पीढ़ियों कोे सुरक्षित भविष्य देने का माध्यम है। उन्होंने कहा कि पोलियो ऐसा संक्रामक रोग है जो बच्चे के जीवन के लिए घातक हो सकता है। दो बूंद दवा ही पोलियो जैसी गंभीर बीमारी से रक्षा कर सकती है।

मुख्यमंत्री ने इस दौरान ‘दो बूंद हर बार, पोलियो पर जीत रहे बरकरार’ पोस्टर का विमोचन भी किया। इस अवसर पर चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग की प्रमुख शासन सचिव श्रीमती गायत्री ए. राठौड़, बच्चों के अभिभावक सहित संबंधित अधिकारीगण उपस्थित रहे।

राजस्थान में सहकार से समृद्धि का विजन हो रहा साकार – मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा 
प्रदेश में किसानों के खातों में पीएम किसान सम्मान निधि की 21वीं किस्त के तहत लगभग 1400 करोड़ रुपये हुए हस्तान्तरित

जयपुर, 19 नवम्बर। मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी का विजन देश के किसान, मजदूर, युवा और महिलाओं के विकास से जुड़ा है। पंडित दीनदयाल उपाध्याय और बाबा साहेब भीमराव अम्बेडकर के विचारों के अनुरूप अंतिम पायदान पर खड़े व्यक्ति के विकास तथा जरूरतमंद तक सरकार की योजनाओं का लाभ पहुंचाकर उसके जीवन स्तर को उठाने के लिए हमारी सरकार काम कर रही है। उन्होंने कहा कि इसी क्रम में प्रधानमंत्री ने किसान सम्मान निधि की 21वीं किस्त जारी की है। यह कदम हमारी सरकार का किसान कल्याण के प्रति प्रतिबद्धता का प्रतीक है।

प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने बुधवार को तमिलनाडु के कोयम्बटूर में पीएम किसान सम्मान निधि की 21वीं किस्त के हस्तान्तरण कार्यक्रम एवं दक्षिण भारत प्राकृतिक कृषि शिखर सम्मेलन के उद्घाटन समारोह को संबोधित किया। प्रधानमंत्री की गरिमामय उपस्थिति में आयोजित हुए इस कार्यक्रम से मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा वीसी के माध्यम से जुड़े और प्रधानमंत्री के संबोधन को सुना। 

इसी कड़ी में श्री शर्मा ने दुर्गापुरा के राज्य कृषि प्रबंधन संस्थान में आयोजित राज्य स्तरीय कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि किसान हमारे देश की रीढ़ है। मेहनत, लगन और समर्पण से ये अनाज उपजाते हैं। प्राकृतिक आपदा, चिलचिलाती धूप, कपकपाती ठंड और अन्य विपदाओं में भी किसान खेत में निरन्तर कार्य करता है।  

योजनाओं से किसान लाभान्वित, राजस्थान का देश में पांचवां स्थान-

मुख्यमंत्री ने कहा कि किसानों से किए वायदों को पूरा किया जा रहा है। राज्य के किसानों की आर्थिक सुरक्षा मजबूत करने के लिए धनतेरस पर मुख्यमंत्री किसान सम्मान निधि की किस्त दी। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि की अब तक 20 किस्त जारी हुई हैं जिससे राजस्थान के किसानों के खातों में 25 हजार करोड़ रुपये से अधिक की राशि हस्तांतरित की जा चुकी है। 21वीं किस्त में लगभग 1400 करोड़ की राशि किसानों के खातों में जमा करने का काम किया गया है। उन्होंने कहा कि किसानों को लाभान्वित करने की संख्या की दृष्टि से राजस्थान का देश में पांचवां स्थान है।

पेपरलीक पर लगी लगाम, 92 हजार युवाओं को मिला नियुक्ति का सम्मान-

श्री शर्मा ने कहा कि पूर्ववर्ती सरकार में पेपरलीक की घटनाओं से युवाओं के सपनों पर कुठाराघात हुआ, लेकिन हमारी सरकार के कार्यकाल में एक भी पेपरलीक नहीं हुआ। मुख्यमंत्री रोजगार उत्सव का निरंतर आयोजन किया जा रहा है। अब तक लगभग 92 हजार युवाओं को नियुक्ति पत्र प्रदान किए जा चुके हैं। 5 साल में 4 लाख सरकारी नौकरी देने के वादे को पूरा किया जाएगा। उन्होंने कहा कि हमारी सरकार ने राइजिंग राजस्थान ग्लोबल इन्वेस्टमेंट समिट का आयोजन किया। अब तक 7 लाख करोड़ रुपये के एमओयू की ग्राउण्ड ब्रेकिंग हो चुकी है, जिससे निजी क्षेत्र में भी प्रदेश के युवाओं को रोजगार मिलेगा तथा स्वरोजगार के नवीन अवसर सृजित होंगे।

राज्य सरकार किसानों के कल्याण के लिए प्रतिबद्ध-

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार किसानों के कल्याण के लिए प्रतिबद्ध है। किसानों की आर्थिक सुरक्षा मजबूत करने के लिए राज्य में मुख्यमंत्री किसान सम्मान निधि के तहत सरकार 3 हजार रुपये की राशि अलग से दे रही है। इससे किसानों को केन्द्र व राज्य सरकार से अब 9 हजार रुपये प्रतिवर्ष सम्मान निधि की राशि मिल रही है, जिसे चरणबद्ध तरीके से 12 हजार रुपये तक किया जाएगा। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार प्रदेश में जल व्यवस्था के लिए निरन्तर कार्य कर रही है। हमारी सरकार ने 17 जिलों के लिए राम जल सेतु लिंक परियोजना, शेखावाटी के लिए यमुना जल समझौता, इंदिरा गांधी नहर परियोजना, गंगनहर, माही बांध एवं देवास परियोजना का विस्तार, जल संरक्षण एवं संचय के लिए कर्मभूमि से मातृभूमि अभियान जैसे महत्वपूर्ण निर्णय लिए हैं। उन्होंने कहा कि दो वर्षों में अच्छी वर्षा से प्रदेश के बड़े बांधों, डिग्गी, तालाबों में जल स्तर बढ़ा है।

किसानों को दिन में बिजली, पशुपालकों को ब्याज मुक्त ऋण की सुविधा-

श्री शर्मा ने कहा कि किसानों को बिजली के बिलों में 41 हजार करोड़ रुपये से अधिक का अनुदान दिया गया है। प्रदेश के किसानों को वर्ष 2027 तक दिन में बिजली देने का काम करेंगे। फिलहाल 22 जिलों में किसानों को दिन में बिजली देना प्रारंभ कर दिया गया है। उन्होंने कहा कि पीएम कुसुम योजना में राज्य के करीब 2 लाख किसानों को सोलर ऊर्जा से बिजली प्रदान कर लाभान्वित किया गया है। पशुपालन हमारे किसानों की आय का प्रमुख स्रोत है। राज्य सरकार किसान पशुपालकों को दूध पर 5 रुपये प्रति लीटर का बोनस दे रही है। उन्होंने कहा कि पशुओं के उपचार के लिए मोबाइल पशु चिकित्सा यूनिट की सुविधा दी जा रही है। स्कूलों के नौनिहालों को पोषण के लिए दूध भी उपलब्ध करवाया जा रहा है। गोपाल क्रेडिट कार्ड योजना के तहत पशुपालक को ब्याज मुक्त ऋण दिया जाता है। वहीं, किसानों को अच्छी खेती व पैदावार के लिए गुणवत्तापूर्ण बीज के किट भी दिए गए हैं। 

प्रदेश में तेज गति से हो रहा पैक्स कम्प्यूटराइजेशन का कार्य- 

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में 77 लाख से अधिक किसानों को 43 हजार करोड़ रुपये से अधिक अल्पकालीन ब्याजमुक्त फसली ऋण वितरित किए गए हैं। उन्होंने कहा कि हर ग्राम पंचायत पर सहकारी समिति की स्थापना के लिए हमारी सरकार काम कर रही है। साथ ही, राज्य में पैक्स कम्प्यूटराइजेशन का कार्य तेज गति से चल रहा है। राजस्थान में 41 हजार से अधिक सहकारी समितियों से जुड़े 1 करोड़ 17 लाख से अधिक सदस्य सहकारिता से सीधे लाभान्वित हो रहे हैं। वहीं, किसानों को पर्याप्त उवर्रक उपलब्ध करवाया जा रहा है।

श्री शर्मा ने कहा कि राज्य में सहकारिता के क्षेत्र में तेजी से कार्य किया जा रहा है। अब तक लगभग 5 हजार 735 पैक्स गो-लाइव किया जा चुका है। 97 हजार से अधिक कृषि यंत्रों पर 546 करोड़ रुपये का अनुदान दिया गया। उन्होंने कहा कि फसलों के नुकसान को रोकने के लिए 28 हजार किलोमीटर की तारबंदी भी की गई है। प्रदेश में 9 हजार से अधिक पीएम किसान समृद्धि केन्द्र स्थापित किए गए हैं। कृषि शिक्षा में हमारी बेटियों को प्रोत्साहन देने के लिए कक्षा 12, स्नातक, स्नातकोत्तर एवं पीएचडी की छात्राओं को 97 करोड़ से अधिक की प्रोत्साहन राशि वितरित की गयी है जो पिछले सरकार से 5 गुणा अधिक है। मोटे अनाज यानि श्री अन्न के उत्पादन में राजस्थान अग्रणी है। 

मुख्यमंत्री ने कहा कि पूर्ववर्ती सरकार ने 5 साल में 29 हजार 430 फार्म पौण्ड बनाए जबकि हमारी सरकार ने 21 माह में 35 हजार 368 फार्म पौण्ड बनाए हैं। पूर्ववर्ती सरकार के समय खेतों पर 113 लाख मीटर तारबंदी हुई, जबकि हमारे 21 माह के कार्यकाल में 280 लाख मीटर खेतों पर तारबंदी की गई है। पूर्ववर्ती सरकार के सम्पूर्ण कार्यकाल में 49 पशु चिकित्सालय का प्रथम श्रेणी पशु चिकित्सालय में क्रमोन्नयन हुआ। वहीं, हमारी सरकार के अब तक के समय में ही 101 प्रथम श्रेणी पशु चिकित्सालयों में क्रमोन्नयन हो चुके हैं। इसी प्रकार, पूर्ववर्ती सरकार के 5 साल के कार्यकाल में बहुउद्देशीय पशु चिकित्सालयों में क्रमोन्नयन की कुल संख्या 13 थी, जबकि हमनें 21 माह में ही 50 बहुउद्देशीय पशु चिकित्सालयों में क्रमोन्नयन की उपलब्धि प्राप्त की है। 

कृषि मंत्री डॉ. किरोड़ी लाल मीना ने कहा कि कृषि और सहकारिता एक-दूसरे से जुड़े हुए हैं। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने किसानों की खेती से जुड़ी आवश्यकताओं को समझते हुए प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि की सौगात दी। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा ने भी किसानों को 3 हजार रुपये की सम्मान निधि देने का काम किया है। जिससे केन्द्र और राज्य की किसान सम्मान निधि की राशि कुल 9 हजार रुपये हो गई है। यह राशि किसानों की आवश्यकताओं की पूर्ति के लिए महत्वपूर्ण साबित हो रही है। 

सहकारिता राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्री गौतम कुमार दक ने कहा कि किसान हमारे समाज और अर्थव्यवस्था के मजबूत स्तंभ है। किसानों को आधुनिक तकनीक, प्रशिक्षण, सामाजिक सुरक्षा और बाजार तक सीधी पहुंच मिले, इसके लिए यशस्वी प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने अनेक ऐतिहासिक कदम उठाए हैं।

इस दौरान सहकारिता से संबंधित लघु फिल्म का प्रदर्शन किया गया। इस अवसर पर संसदीय कार्य मंत्री श्री जोगाराम पटेल, शासन सचिव कृषि श्री राजन विशाल सहित संबंधित विभाग के उच्चाधिकारी एवं बड़ी संख्या में किसान उपस्थित रहे।

मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में जल संचयन में देशभर में नई पहचान बना रहा जयपुर
राष्ट्रीय जल संचय जन भागीदारी अवॉर्ड्स में जयपुर जिले ने हासिल किया द्वितीय पुरस्कार

मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के दूरदर्शी नेतृत्व और राज्य सरकार की जल संरक्षण के प्रति दृढ़ प्रतिबद्धता के परिणामस्वरूप जयपुर जिला जल संचयन के क्षेत्र में राष्ट्रीय स्तर पर एक अनुकरणीय मॉडल के रूप में उभरा है। मुख्यमंत्री के मार्गदर्शन, स्पष्ट प्राथमिकताओं और जल सुरक्षा को राज्य के विकास एजेंडे के केंद्र में रखने की नीति ने जिला प्रशासन को जल संरक्षण को एक जन आंदोलन के रूप में आगे बढ़ाने की प्रेरणा दी। मुख्यमंत्री के नेतृत्व में जयपुर जिले में जल संचयन की परंपरागत और आधुनिक दोनों पद्धतियों को एकीकृत कर व्यापक स्तर पर कार्य किया गया, जिसके फलस्वरूप जिले को राष्ट्रीय जल संचय जनभागीदारी अवॉर्ड्स में द्वितीय पुरस्कार प्राप्त हुआ है।

मंगलवार को नई दिल्ली स्थित विज्ञान भवन में आयोजित छठे राष्ट्रीय जल संचय जन भागीदारी सम्मान समारोह में केंद्रीय जल शक्ति मंत्री सी. आर. पाटिल ने जयपुर जिले को द्वितीय पुरस्कार से सम्मानित किया और प्रशस्ति पत्र के साथ 1 करोड़ रुपये की प्रोत्साहन राशि प्रदान की। यह राशि जिले में उन्नत जल संरक्षण मॉडल विकसित करने, तकनीकी नवाचारों को बढ़ावा देने और ग्राम स्तर पर जल सुरक्षा परियोजनाओं के विस्तार में उपयोग की जाएगी। जिला कलक्टर डॉ. सोनी के प्रतिनिधित्व में यह पुरस्कार जिला परिषद की मुख्य कार्यकारी अधिकारी श्रीमती प्रतिभा वर्मा ने ग्रहण किया।

जयपुर जिले में जल संरक्षण कार्यों की श्रृंखला व्यापक और प्रभावी रही है। फार्म पॉण्ड, रिचार्ज शाफ्ट, सोक पिट, मैजिक पिट, कंटूर ट्रेंच, परकोलेशन टैंक तथा ग्राम स्तर पर वर्षाजल भंडारण से संबंधित कई नवाचारी संरचनाओं का बड़े पैमाने पर निर्माण किया गया। इन कार्यों ने जिले की जल धारण क्षमता को अनेक गुना बढ़ाया है और भूजल पुनर्भरण में उल्लेखनीय सुधार का मार्ग प्रशस्त किया है। जयपुर जिले द्वारा किए गए कार्यों का सत्यापन केन्द्र सरकार के जल शक्ति मंत्रालय द्वारा नियुक्त केंद्रीय भू-जल बोर्ड के अधिकारियों की टीम द्वारा किया गया। मुख्यमंत्री द्वारा जल संरक्षण कार्यक्रमों को जमीनी स्तर पर सफल बनाने के लिए प्रशासनिक, तकनीकी एवं सामुदायिक सहभागिता को केंद्र में रखने के निर्देशों का बेहतरीन प्रभाव जयपुर में देखने को मिला, जहाँ जिला प्रशासन, पंचायत राज संस्थाओं, जलदाय विभाग, कृषि विभाग, ग्रामीण विकास विभाग और वन विभाग सहित विभिन्न इकाइयों के बीच उत्कृष्ट समन्वय स्थापित हुआ।

जिला कलक्टर डॉ. जितेन्द्र कुमार सोनी के निर्देशन में एक सुव्यवस्थित और परिणाम उन्मुख कार्ययोजना तैयार की गई, जिसके अंतर्गत प्रत्येक ब्लॉक और ग्राम पंचायत में जल संरक्षण अवसंरचना के विस्तार पर बल दिया गया। अभियान के संचालन के दौरान नियमित मॉनिटरिंग, साइट निरीक्षण और प्रगति समीक्षा ने कार्यों की गति और गुणवत्ता दोनों को सुनिश्चित किया। मुख्यमंत्री के ‘जल सुरक्षा -सशक्त राजस्थान’ संकल्प के अनुरूप स्थानीय समुदायों को भी इस अभियान का सक्रिय भागीदार बनाया गया, जिसका सकारात्मक प्रभाव जल संरचनाओं के संरक्षण और उपयोगिता पर दीर्घकालिक रूप से देखने को मिलेगा।

जयपुर की यह राष्ट्रीय उपलब्धि न केवल जिले की प्रशासनिक दक्षता का प्रमाण है, बल्कि मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में जल संरक्षण को राज्यव्यापी प्राथमिकता बनाए जाने की नीति की उल्लेखनीय सफलता भी दर्शाती है। यह उपलब्धि राजस्थान के अन्य जिलों के लिए भी प्रेरणादायक है, जहाँ जयपुर मॉडल को भविष्य में जल सुरक्षा और भूजल प्रबंधन के क्षेत्र में एक सशक्त दृष्टांत के रूप में अपनाया जा सकेगा।

राजस्थान को उत्कृष्ट जल प्रबंधन एवं सामुदायिक भागीदारी के लिए तीसरी बार जल संचय जन भागीदारी पुरस्कार
राष्ट्रपति द्रोपदी मुर्मु ने किया सम्मानित —मुख्यमंत्री शर्मा ने दी बधाई, कहा - प्रदेश जल सरंक्षण और जल संचय के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध

जयपुर, 18 नवम्बर। राजस्थान को उत्कृष्ट जल प्रबंधन एवं सामुदायिक भागीदारी के लिए तीसरी बार ‘जल संचय जन भागीदारी पुरस्कार’ से सम्मानित किया गया है। राज्य ने देश के सर्वश्रेष्ठ राज्यों में तीसरा स्थान प्राप्त किया है।

राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु, केंद्रीय जल शक्ति मंत्री सी. आर. पाटिल, राज्य मंत्री वी. सोमन्ना तथा जल शक्ति राज्य मंत्री राज भूषण चौधरी द्वारा मंगलवार को नई दिल्ली के विज्ञान भवन में आयोजित पुरस्कार वितरण समारोह में प्रदेश को यह सम्मान दिया गया। प्रदेश की ओर से जल संसाधन विभाग के अतिरिक्त सचिव एवं मुख्य अभियंता श्री भुवन भास्कर ने राज्य स्तरीय पुरस्कार ग्रहण किया।

जल संचयन जन भागीदारी 1.0 के अंतर्गत उत्कृष्ट जिलों की श्रेणी में बाड़मेर जिले को जल संरक्षण की दिशा में अतुलनीय कार्यों के लिए राष्ट्रीय स्तर पर पहला स्थान प्राप्त हुआ है। इस अवसर पर प्रदेश के 8 अन्य जिलों भीलवाड़ा, जयपुर, उदयपुर, अलवर, बारां, डूंगरपुर, चित्तौड़गढ़ तथा सीकर को भी जल सुरक्षित भारत के निर्माण हेतु अनुकरणीय प्रतिबद्धता के लिए विभिन्न श्रेणियों में सम्मानित किया गया है। 

मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा ने राज्य की इस उपलब्धि पर बधाई और शुभकामनाएं देते हुए कहा कि राज्य सरकार जल संरक्षण और जल संचयन की दिशा में पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है। प्रदेश में वंदे गंगा जल संरक्षण-जन अभियान और कर्मभूमि से मातृभूमि अभियान से व्यापक जन भागीदारी सुनिश्चित कर जल संरक्षण और भूजल रिचार्ज के लिए अभूतपूर्व कार्य किये गए हैं।

घूमर फेस्टिवल–2025 – बुधवार को सातों संभागों में भव्य आयोजन
उपमुख्यमंत्री दिया कुमारी ने विद्याधर नगर स्टेडियम फुटबॉल ग्राउण्ड में बुधवार शाम आयोजित होने वाले घूमर महोत्सव की तैयारियों का किया निरीक्षण

जयपुर, 18 नवम्बर। उपमुख्यमंत्री पर्यटन और कला एवं संस्कृति मंत्री दिया कुमारी ने जयपुर के  विद्याधर नगर स्टेडियम फुटबॉल ग्राउण्ड में बुधवार शाम 4.30 बजे आयोजित होने जा रहे  राज्य स्तरीय घूमर समारोह की तैयारियों का मंगलवार को निरीक्षण किया।

दिया कुमारी ने बताया कि राजस्थान की लोक- संस्कृति, पारंपरिक कलाओं और जनभागीदारी आधारित सांस्कृतिक मॉडल को नई दिशा देने के उद्देश्य से राज्य सरकार द्वारा घूमर फेस्टिवल–2025 का बुधवार को प्रदेश के सातों संभागीय मुख्यालयों पर एक साथ भव्य आयोजन किया जाएगा।

उपमुख्यमंत्री दिया कुमारी मंगलवार शाम को जयपुर  विद्याधर नगर स्टेडियम के फुटबॉल ग्राउण्ड पर पहुंची और वहां उन्होंने राज्य स्तरीय कार्यक्रम की तैयारियों का गहन अवलोकन किया। 

दिया कुमारी ने मंच व्यवस्था, प्रवेश मार्ग, सुरक्षा प्रबंधन, रिहर्सल, तकनीकी समन्वय और दर्शक सुविधा सहित सभी आवश्यक पहलुओं की विस्तृत समीक्षा की। 

उपमुख्यमंत्री ने सम्बंधित अधिकारियों और टीम को निर्देश दिए  कि पूरे कार्यक्रम को सुगठित, समयबद्ध और राजस्थान की सांस्कृतिक गरिमा के अनुरूप संपादित किया जाए।

उपमुख्यमंत्री ने कहा कि “घूमर नृत्य राजस्थान की आत्मा है। यह उत्सव हमारी लोक-संस्कृति को नई ऊर्जा देगा और भविष्य में पर्यटन से जुड़ी व्यापक संभावनाओं को भी सशक्त करेगा। ”

दिया कुमारी ने कहा कि राज्य सरकार की प्राथमिकता है कि सांस्कृतिक परंपराओं को जनभागीदारी और नवाचारों के साथ जोड़कर एक स्थायी मॉडल तैयार किया जाए।

पर्यटन आयुक्त रुक्मणि रियाड़ ने बताया कि पर्यटन विभाग ने कार्यक्रम की सभी तैयारियाँ पूरी कर ली हैं। घूमर महोत्सव के लिए प्रतिभागियों के साथ स्थानीय समुदाय में भी उत्साह का माहौल है।

पर्यटन आयुक्त ने बताया कि इस वर्ष कार्यक्रम का दायरा उल्लेखनीय रूप से बढ़ाया गया है। जयपुर, जोधपुर, अजमेर, उदयपुर, बीकानेर, कोटा और भरतपुर सातों संभागों में बुधवार शाम एक ही समय पर महोत्सव का शुभारंभ होगा। विभाग के अनुसार कई क्षेत्रों में पंजीकरण संख्या अपेक्षा से काफी अधिक रही है, जिससे प्रतिभागियों का उत्साह स्पष्ट झलकता है।

जयपुर और जोधपुर में 1500 से अधिक पंजीकरण प्राप्त होने पर इन दोनों शहरों को उच्च श्रेणी पुरस्कार श्रेणी में शामिल किया गया है।

—इन दोनों संभागों में—बेस्ट ग्रुप डांस, बेस्ट कॉस्ट्यूम, बेस्ट ज्वेलरी, बेस्ट सिंक्रोनाइजिंग और बेस्ट कोरियोग्राफी—श्रेणियों में कुल ₹2,34,000 के पुरस्कार प्रदान किए जाएंगे।

—अन्य पाँच संभागों के लिए कुल ₹1,04,000 की पुरस्कार राशि निर्धारित की गई है।

सातों संभागों में आयोजन स्थल इस प्रकार हैं—

•जयपुर – फुटबॉल ग्राउंड, विद्याधर नगर स्टेडियम 

•अजमेर – खेल स्टेडियम, सम्राट पृथ्वीराज राजकीय महाविद्यालय

•भरतपुर – विश्वप्रिय शास्त्री पार्क

•बीकानेर – डॉ. करणी सिंह स्टेडियम

•जोधपुर – राजकीय उम्मेद स्टेडियम

•कोटा – शौर्य घाट, चम्बल नदी तट

•उदयपुर – भंडारी दर्शक मंडप

जयपुर में 47 लाख परिगणना परिपत्रों का हुआ वितरण, निर्वाचन विभाग ने दी ऑनलाइन भरने की सुविधा
जयपुर में 47 लाख से ज्यादा परिगणना परिपत्रों का हुआ वितरण - 11 लाख से अधिक प्रपत्रों का किया जा चुका है डिजिटलीकरण - निर्वाचन विभाग ने मतदाताओं को दी...

जयपुर, 17 नवंबर। भारत निर्वाचन आयोग द्वारा विशेष गहन पुनरीक्षण कार्यक्रम के तहत जयपुर जिले में परिगणना कार्य प्रगति पर है। जिला निर्वाचन अधिकारी डॉ. जितेन्द्र कुमार सोनी निरंतर कार्यक्रम की मॉनिटरिंग कर रहे हैं। उप जिला निर्वाचन अधिकारी श्री मेघराज मीणा ने बताया कि 17 नवंबर तक जयपुर जिले में कुल 47 लाख 4 हजार 549 परिगणना प्रपत्र वितरित किए जा चुके हैं वहीं 11 लाख 90 हजार 611 प्रपत्रों का डिजिटलीकरण किया जा चुका है।

उन्होंने बताया कि भारत निर्वाचन आयोग द्वारा विशेष गहन पुनरीक्षण कार्यक्रम घोषित किया गया है। इसके तहत जिले में 04 नवंबर से 04 दिसंबर तक परिगणना चरण का संचालन किया जा रहा है। इस चरण में परिगणना प्रपत्रों का वितरण, संग्रहण एवं डिजिटलीकरण सतत रूप से किया जा रहा है।

उन्होंने बताया कि निर्वाचन विभाग द्वारा मतदाताओं को सुविधा प्रदान करने हेतु ऑनलाइन विकल्प भी उपलब्ध कराया गया है। मतदाता स्वयं अपना परिगणना प्रपत्र https://voters.eci.gov.in/ पर जाकर अथवा प्रदान किए गए QR Code को स्कैन कर ऑनलाइन भर सकते हैं।

जिला निर्वाचन अधिकारी डॉ. जितेन्द्र कुमार सोनी ने सभी मतदाताओं से अपील है कि वे अपने तथा अपने परिवारजनों के परिगणना प्रपत्र अधिक से अधिक संख्या में ऑनलाइन भरकर अभियान को सफल बनाने में सहयोग करें। जिले में परिगणना प्रपत्रों के डिजिटलीकरण की प्रगति के अनुसार विधानसभा क्षेत्र बस्सी ने सर्वाधिक 37.65 फीसदी प्रपत्रों के डिजिटलीकरण के साथ प्रथम स्थान प्राप्त किया है।