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मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने केन्द्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा और केंद्रीय ऊर्जा मंत्री मनोहर लाल से की मुलाकात
स्वास्थ्य सेवाओं, मेट्रो विस्तार एवं ऊर्जा से जुड़े विषयों पर की अहम चर्चा

जयपुर, 28 जनवरी। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने बुधवार को नई दिल्ली में केंद्रीय स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्री जेपी नड्डा एवं केंद्रीय आवासन, शहरी कार्य एवं ऊर्जा मंत्री मनोहर लाल से शिष्टाचार भेंट की। 

मुख्यमंत्री ने केंद्रीय स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्री श्री नड्डा से मुलाकात के दौरान प्रदेश में स्वास्थ्य सेवाओं के सुदृढ़ीकरण, आधारभूत स्वास्थ्य ढांचे के विस्तार एवं राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के प्रभावी क्रियान्वयन पर विस्तृत चर्चा की। साथ ही, उन्होंने प्रदेशवासियों को सुलभ और बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने के संबंध में भी सार्थक संवाद किया।

मुख्यमंत्री श्री शर्मा ने केंद्रीय आवासन, शहरी कार्य एवं ऊर्जा मंत्री मनोहर लाल से मेट्रो विस्तार, शहरी यातायात एवं ऊर्जा से जुड़े विभिन्न विषयों को लेकर मुलाकात की। इस दौरान उन्होंने प्रदेश को ऊर्जा आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में विकसित किए जा रहे बैटरी एनर्जी स्टोरेज सिस्टम एवं नवीन ट्रांसमिशन तंत्र के सुदृढ़ीकरण सहित ऊर्जा क्षेत्र के अन्य पहलुओं पर अहम चर्चा की।

युवा राष्ट्र के कर्णधार, भविष्य की सबसे बड़ी उम्मीद : मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा
देश के 44 युवा विकसित भारत यंग लीडर्स डायलॉग एवं 29 युवा सांस्कृतिक प्रतियोगिता के लिए चयनित

जयपुर, 7 जनवरी। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने स्वामी विवेकानंद के आदर्शों के अनुरूप एक भारत-श्रेष्ठ भारत, आत्मनिर्भर भारत और विकसित भारत बनाने का संकल्प लिया है। प्रधानमंत्री के इसी संकल्प से प्रदेश के युवा रूबरू होंगे, जब वे नई दिल्ली में आयोजित होने वाले 29वें राष्ट्रीय युवा महोत्सव में सहभागिता करेंगे। 

शर्मा बुधवार को 29वें राष्ट्रीय युवा महोत्सव में शामिल होने वाले प्रदेश के युवा प्रतिभागियों से मुख्यमंत्री कार्यालय में संवाद कर रहे थे। उन्होंने कहा कि युवा राष्ट्र के कर्णधार हैं और वही भविष्य की सबसे बड़ी उम्मीद भी हैं। युवा-मन के विश्वास एवं जिज्ञासा से ही नेतृत्व क्षमता का विकास होता है। उन्होंने प्रतिभागी युवाओं को प्रदेश के ब्रांड एंबेसडर बताते हुए विश्वास व्यक्त किया कि सभी प्रतिभागी महोत्सव में प्रदेश का परचम फहराएंगे और और पूरे प्रदेश के लिए प्रेरणास्रोत बनेंगे।

मुख्यमंत्री ने कहा कि स्वामी विवेकानंद ने युवाओं से ‘उठो, जागो और तब तक मत रुको जब तक मंजिल प्राप्त न हो जाए’ का आह्वान किया था। उन्होंने कहा था कि 21वीं सदी भारत की होगी और आज प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में भारत दुनिया का नेतृत्व करने की ओर अग्रसर है।

प्रदेश, संभाग एवं जिला स्तर पर हो रहा युवा महोत्सवों का आयोजन

शर्मा ने कहा कि राज्य सरकार ने युवा कल्याण के लिए महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं। राज्य सरकार स्वामी विवेकानंद की जयंती के अवसर पर 7 से 12 जनवरी तक युवा एवं खेल महोत्सवों का प्रदेश, संभाग एवं जिला स्तर पर आयोजन कर रही है। इसके अंतर्गत युवा कलाकारों को जिला स्तर पर 1 हजार रुपये, संभाग स्तर डेढ़ हजार और राज्य स्तर पर 50 हजार रुपये तक के पुरस्कार दिए जा रहे हैं। राष्ट्रीय यूथ आइकॉन पुरस्कार की भांति प्रदेश में राजस्थान युवा आइकॉन पुरस्कार और एक लाख रुपये की नकद राशि से सम्मानित किया जा रहा है।

92 हजार युवाओं को सरकारी नौकरी, डेढ लाख से अधिक भर्ती प्रक्रियाधीन

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार ने लगभग 92 हजार युवाओं को सरकारी नौकरी दी है और डेढ़ लाख से अधिक पदों पर भर्तियां प्रक्रियाधीन है। निजी क्षेत्र में भी तीन लाख से अधिक युवाओं को कौशल प्रशिक्षण देने के साथ ही करीब ढाई लाख युवाओं को रोजगार दिया गया है। उन्होंने कहा कि खिलाड़ियों को आगे बढ़ाने के लिए हाल ही में खेलो इंडिया यूनिवर्सिटी गेम्स का सफल आयोजन किया गया है। वहीं, राजस्थान डिजिफेस्ट टाई ग्लोबल समिट में प्रदेश के युवाओं ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया और नई तकनीक को समझा। उन्होंने कहा कि युवा रोजगार चाहने वाले की जगह रोजगार प्रदाता बनें।

मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में हर्षिता शर्मा का जिक्र किया जिन्होंने राष्ट्रीय युवा संसद में प्रथम पुरस्कार जीता था। साथ ही, उन्होंने सुुश्री काव्या सिंह के बारे में भी बताया  जिन्होंने पिछले वर्ष विकसित भारत यंग लीडर्स डायलॉग में प्रधानमंत्री से भेंट की थी। 

कार्यक्रम में युवा मामले एवं खेल मंत्री कर्नल राज्यवर्धन राठौड़ ने कहा कि युवाओं को राष्ट्रीय मंच पर राजस्थान का प्रतिनिधित्व करने का अवसर मिला है। उन्होंने कहा कि सभी प्रतियोगी इस अवसर को अन्य प्रदेशों के बारे में जानने का माध्यम बनाएं।

युवा प्रतिभागियों ने मुख्यमंत्री से अपने विचारों को साझा करते हुए कहा कि युवा देश के विकास का इंजन है और वे सभी शिक्षा, स्वास्थ्य, तकनीक सहित विभिन्न क्षेत्रों में अपना योगदान देकर विकसित भारत के निर्माण में अपनी सक्रिय भूमिका निभाएंगे। मुख्यमंत्री ने सभी प्रतिभागियों को राष्ट्रीय युवा महोत्सव में सफल सहभागिता के लिए हार्दिक शुभकामनाएं दीं। संवाद के दौरान मुख्यमंत्री ने युवाओं के साथ वन-टू-वन बातचीत की और उनके साथ सेल्फी भी ली।

उल्लेखनीय है कि राष्ट्रीय युवा महोत्सव में भागीदारी के लिए विकसित भारत यंग लीडर्स डायलॉग के लिए आयोजित प्रतियोगिता में प्रदेश के 44 युवाओं का चयन किया गया है। साथ ही, प्रदेश के 29 युवाओं को सामूहिक लोक नृत्य, लोक गायन, कहानी लेखन, पेंटिंग और भाषण जैसी प्रतियोगिता एवं 02 युवाओं को हैक फॉर सोशल कॉज इवेंट के लिए चुना गया है।

इस अवसर पर मुख्य सचिव श्री वी. श्रीनिवास, अतिरिक्त मुख्य सचिव (मुख्यमंत्री) अखिल अरोड़ा, युवा मामले एवं खेल विभाग के शासन सचिव डॉ. नीरज के. पवन सहित अन्य अधिकारीगण एवं प्रतिभागी युवा उपस्थित रहे। 

स्थानीय उत्पाद प्रदेश की आर्थिक समृद्धि के आधार, पंच गौरव कार्यक्रम में जन सहभागिता एवं जागरुकता बढ़ाएं : मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा
विद्यार्थियों को मिले पंच गौरव कार्यक्रम की विस्तृत जानकारी, आमजन का गतिविधियों से बढ़े जुड़ाव

 मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा कि जिला आधारित स्थानीय उत्पाद प्रदेश की आर्थिक समृद्धि के मूल आधार हैं। इसी दिशा में हमारी सरकार ने प्रत्येक जिले में स्थानीय विशिष्टता एवं विरासत के संरक्षण व संवर्धन के लिए पंच गौरव कार्यक्रम की अभिनव पहल की है।

शर्मा ने गुरुवार को मुख्यमंत्री कार्यालय में आयोजित बैठक में निर्देश दिए कि पंच गौरव कार्यक्रम में प्रत्येक जिले के चिन्हित तत्वों का प्राथमिकता के अनुसार दीर्घकालीन कार्य योजना तैयार कर विकास एवं संरक्षण के कार्य किए जाएं तथा संबंधित नोडल विभाग इसकी नियमित समीक्षा भी करें।

मुख्यमंत्री ने कहा कि विद्यालयों में विद्यार्थियों को भी पंच गौरव कार्यक्रम की जानकारी दी जाए, जिससे उन्हें भी जिले की विशिष्ट पहचान की जानकारी मिल सके। साथ ही, उन्होंने इस कार्यक्रम की गतिविधियों में अधिकाधिक जन सहभागिता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए ताकि आमजन का इससे सीधा जुड़ाव हो सके।

नवाचारों से उत्पादों की करें ब्रांडिंग-

श्री शर्मा ने कहा कि सभी जिलों के चयनित कृषि उत्पादों की नवाचारों के साथ ब्रांडिंग की जाए ताकि इन उत्पादों को नई पहचान मिल सके। उन्होंने वन विभाग को स्थानीय विशेषता के आधार पर पौधे तैयार करने एवं वृक्ष मित्र नियुक्त करने के निर्देश दिए। उन्होंने खेल विभाग को प्रत्येक जिले में स्थानीय युवाओं को खेलों से जोड़ने के निर्देश दिए।

पर्यटन सुविधाएं बनें बेहतर, स्थानीय रोजगार के बढ़े अवसर-

मुख्यमंत्री ने कहा कि एक जिला एक पर्यटन स्थल के अर्न्तगत पर्यटन स्थलों पर सड़क व पार्किंग सहित अन्य मूलभूत सुविधाएं विकसित की जाएं ताकि पर्यटकों को बेहतर सुविधाएं मिलने के साथ ही स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर सृजित हो सकें। उन्होंने पर्यटन क्षेत्र से जुड़े गाइड एवं विभिन्न हितधारकों के क्षमतावर्द्धन के लिए भी नीति निर्धारण के निर्देश दिए।

उल्लेखनीय है कि पंच गौरव के अन्तर्गत प्रत्येक जिले में एक उत्पाद, एक उपज, एक खेल, एक वनस्पति और एक पर्यटन स्थल को प्रोत्साहित किया जा रहा है। इसके माध्यम से स्थानीय एवं विशिष्ट उत्पादों के संरक्षण, संर्वधन, प्रोत्साहन एवं पहचान को बढ़ावा मिल रहा है। बैठक में अधिकारियों ने इस कार्यक्रम के अंतर्गत संचालित की जा रही गतिविधियों की विस्तार से जानकारी दी।

बैठक में मुख्य सचिव श्री वी. श्रीनिवास, मुख्यमंत्री कार्यालय, उद्योग, वन एवं पर्यावरण, पर्यटन, कृषि, खेल एवं आयोजना विभाग सहित विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।

नव वर्ष के पहले दिन सरस राजसखी राष्ट्रीय मेला 2025 में उमड़ा जनसैलाब, एसएचजी दीदियों ने की रिकॉर्ड बिक्री
जयपुर, एक जनवरी। नव वर्ष के पहले दिन गुरुवार को सरस राजसखी राष्ट्रीय मेला 2025 में उत्साह, उमंग और उल्लास देखते ही बनता था। साल की पहली सुबह से ही...

जयपुर, एक जनवरी। नव वर्ष के पहले दिन गुरुवार को सरस राजसखी राष्ट्रीय मेला 2025 में उत्साह, उमंग और उल्लास देखते ही बनता था। साल की पहली सुबह से ही मेला आगंतुकों से गुलज़ार रहा और हर ओर रौनक का माहौल दिखाई दिया। रंग-बिरंगे स्टॉल्स, हस्तशिल्प की खुशबू, पारंपरिक संगीत और लोगों की चहल-पहल ने मेले को एक जीवंत उत्सव में बदल दिया।

भरतपुर के जय शिव शंकर एसएचजी ने अब तक सबसे ज्यादा बिक्री की है। एसएचजी दीदी नीलम ने बताया कि ग्राहक उनके जूट प्रोडक्टस को बहुत पसंद कर रहे हैं। बाड़मेर का दिनुवानी एसएचजी बिक्री के मामले में दूसरे स्थान पर रहा और इनके कशीदाकारी के उत्पाद सभी को लुभा रहे हैँ। बाड़मेर का ही जोगमाया एसएचजी भी रिकॉर्ड बिक्री कर रहा हैं, उनके बनाए अजरक प्रिंट कपड़े बेहद लोकप्रिय हो रहे हैँ। समूह सदस्य गंगादेवी ने इसके लिए राजीविका के इस मंच का आभार जताया।  

फ़ूड स्टाल्स में जयपुर के राधास्वामी एसएचजी ने सबसे ज्यादा सेल की है, उनकी पाव भाजी लोगों को बहुत पसंद आ रही है। सवाई माधोपुर का सरस्वती एसएचजी के व्यंजनों का स्वाद भी लोगों को बहुत लुभा रहा है और बिक्री में ये दूसरे स्थान पर हैं।

इन समूहों से जुड़ी महिलाओं के चेहरों पर सजी मुस्कान इस बात का प्रमाण है कि यह मेला उनके लिए केवल एक बाजार नहीं बल्कि सपनों को साकार करने का मंच है। एसएचजी दीदियों ने बताया कि उनके द्वारा तैयार किए गए उत्पादों को ग्राहकों से भरपूर सराहना मिल रही है। कई स्टॉल्स पर तो ग्राहक दोबारा लौटकर खरीदारी कर रहे हैं, जिससे उनके उत्पादों को न केवल बेहतर बिक्री मिल रही है बल्कि राष्ट्रीय स्तर पर पहचान भी मिल रही है। एक एसएचजी दीदी ने भावुक होकर बताया कि राजीविका के सहयोग से आज वह आत्मनिर्भर बन पाई हैं। सरस मेले ने उन्हें आजीविका का एक सशक्त माध्यम दिया है, जिसने उनकी कला को मंच प्रदान किया और उनके आर्थिक सशक्तिकरण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

मेले में भाग ले रहीं आंध्र प्रदेश से आई एक एसएचजी दीदी ने बताया कि वह पहली बार इतने बड़े राष्ट्रीय मंच पर अपने हाथ से बने उत्पाद लेकर आई हैं। उन्होंने कहा कि “यहाँ लोगों की सराहना और भरोसा देखकर आत्मविश्वास कई गुना बढ़ गया है। पहले हम अपने गांव तक ही सीमित थे, लेकिन अब हमारे उत्पाद पूरे देश तक पहुँच रहे हैं।”

वहीं हरियाणा से आई एक अन्य एसएचजी सदस्य ने बताया कि उनके हैंडलूम उत्पादों की मांग इतनी अधिक है कि कई बार स्टॉक खत्म होने की स्थिति बन गई। उन्होंने खुशी जताते हुए कहा कि “सरस मेला हमारे लिए सिर्फ कमाई का जरिया नहीं बल्कि सीखने और आगे बढ़ने का अवसर भी है।

राजस्थान की एक एसएचजी दीदी, जो पारंपरिक परिधान लेकर आई हैं, ने बताया कि कई ग्राहकों ने उनके काम की बारीकी और डिज़ाइन की जमकर तारीफ की। कुछ ग्राहकों ने तो भविष्य में सीधे ऑर्डर देने की भी बात की, जिससे उन्हें लंबे समय तक आजीविका का भरोसा मिला है।

मेले में पहुंचे ग्राहक भी कम उत्साहित नहीं दिखे और उनके अनुभव भी उतने ही सकारात्मक रहे। जयपुर की गृहिणी कविता ने बताया कि उन्हें यहां एक ही जगह देश के अलग-अलग राज्यों के उत्पाद देखने और खरीदने का मौका मिला। उन्होंने कहा कि यहां की चीज़ों में अपनापन और मेहनत साफ झलकती है, इसलिए शॉपिंग करते हुए अच्छा लगता है।

अजमेर से आए कॉलेज छात्र राहुल ने बताया कि वह अपने दोस्तों के साथ मेले में आया और यहां की सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने उन्हें खासा प्रभावित किया। “लाइव परफॉर्मेंस और अलग-अलग राज्यों के लोकनृत्य देखकर ऐसा लगा जैसे पूरा भारत एक मंच पर उतर आया हो”।

वहीं जयपुर घूमने आई एक विदेशी पर्यटक सारा ने बताया कि उन्हें भारतीय हस्तशिल्प और पारंपरिक वस्त्र बेहद आकर्षक लगे। उन्होंने कहा, “यह मेला भारत की विविधता को बहुत खूबसूरती से दर्शाता है और यहां की हस्तनिर्मित वस्तुएं यादगार हैं।”

जयपुर की आयुषी अपने दोस्तों के साथ मेले में पहुंचीं और बताया कि यहां यंगस्टर्स के लिए भी बहुत कुछ खास है। उन्हें विशेष रूप से स्टाइलिश बैग्स, पर्स, विंटर वियर और सिल्क के स्टोल्स बेहद पसंद आए। वहीं जयपुर के ही नरेश अपने परिवार के साथ मेला देखने आए। उन्होंने बताया कि फूड कोर्ट और लाइव क्लासेज उनके बच्चों को इतनी पसंद आईं कि वे तीसरी बार मेला देखने आए हैं।

कई आगंतुकों ने बताया कि सांस्कृतिक संध्या के कार्यक्रम इतने आकर्षक हैं कि उन्हें देखने के लिए वे बार-बार मेले में आ रहे हैं। देसी ही नहीं, बल्कि विदेशी पर्यटक और अन्य शहरों से जयपुर घूमने आए सैलानी भी मेले का भरपूर आनंद लेते नजर आए। दिल्ली से आए युवा अंकित ने बताया कि वे अपनी फैमिली के साथ मेला देखने आए हैं और उन्हें यहां के टेक्सटाइल से सजे स्टॉल्स बेहद पसंद आए। उन्होंने जमकर खरीदारी की और कहा कि इस तरह के आयोजन भविष्य में लगातार होते रहने चाहिए, क्योंकि इससे एक ही स्थान पर पूरे भारत की संस्कृति, कला और स्वाद का अनुभव मिलता है।

इन सभी अनुभवों से स्पष्ट है कि सरस राजसखी राष्ट्रीय मेला 2025 केवल एक व्यापारिक आयोजन नहीं, बल्कि यह महिलाओं की मेहनत, आत्मनिर्भरता और भारत की सांस्कृतिक विरासत को जोड़ने वाला एक सशक्त मंच बनकर उभरा है।

मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने की गिरिराज महाराज की सप्तकोसीय परिक्रमा
श्रीनाथजी मंदिर में पूजा-अर्चना कर प्रदेश की खुशहाली के लिए प्रार्थना की, परिक्रमा मार्ग में उमड़ा जनसैलाब, गिरिराज जी महाराज के लगे जयकारे

    जयपुर, 31 दिसम्बर। मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा ने बुधवार को सपरिवार डीग स्थित श्रीनाथजी मंदिर में पूजा-अर्चना कर प्रदेश की सुख-समृद्धि एवं खुशहाली की प्रार्थना की। इसके बाद मुख्यमंत्री ने मंदिर परिसर से गोवर्धन पर्वत की लगभग 21 किलोमीटर की सप्तकोसीय परिक्रमा भक्तिभाव से पूरी की।

                मुख्यमंत्री ने ‘पांच दंडवती’ (साष्टांग प्रणाम) लगाकर ब्रज की पावन धरा पर आराध्य देव गोवर्धन गिरिराज जी महाराज की सप्तकोसीय परिक्रमा प्रारंभ की। इस दौरान उन्होंने मुखारविंद, मानसी गंगा एवं दानघाटी मंदिर सहित विभिन्न मंदिरों में पूजा-अर्चना की।

                परिक्रमा के दौरान श्री शर्मा का जगह-जगह स्थानीय नागरिकों, साधु-संतों और श्रद्धालुओं ने भव्य स्वागत और अभिनंदन किया। मुख्यमंत्री ने हाथ जोड़कर सभी से आत्मीयता के साथ रामा-श्यामा की। पूरा परिक्रमा मार्ग ‘बोलो गिरिराज महाराज की जय’ के जयकारों से गुंजायमान हो उठा।

                इससे पहले गृह राज्य मंत्री श्री जवाहर सिंह बेढम सहित जनप्रतिनिधिगण एवं अधिकारीगणों ने पूंछरी का लौठा स्थित हैलीपेड पर मुख्यमंत्री की अगवानी की।

जल क्षेत्र में आत्मनिर्भर राजस्थान राज्य सरकार की शीर्ष प्राथमिकता,आमजन व किसानों को निर्बाध जलापूर्ति सुनिश्चित करना हमारा संकल्प : मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा
रामजल सेतु लिंक परियोजना सहित अन्य कार्यों में लाएं तेजी

जयपुर, 29 दिसम्बर। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा कि प्रदेश को जल क्षेत्र में पूर्ण आत्मनिर्भर बनाना राज्य सरकार की शीर्ष प्राथमिकता है। इसी उद्देश्य से सरकार ने कार्यकाल की शुरुआत से ही अनेक महत्वपूर्ण जल एवं सिंचाई परियोजनाओं की पहल की है ताकि प्रदेशवासियों को पर्याप्त जल उपलब्धता सुनिश्चित हो सके। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि रामजल सेतु लिंक परियोजना सहित अन्य कार्यों में और तेजी लाई जाए।

मुख्यमंत्री शर्मा सोमवार को मुख्यमंत्री कार्यालय में आयोजित जल संसाधन विभाग की समीक्षा बैठक की अध्यक्षता कर रहे थे। उन्होंने कहा कि आमजन और किसानों तक जल की उपलब्धता बढ़ाने के लिए राज्य सरकार पूर्ण प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है। सिंचाई परियोजनाओं एवं विकास कार्यों को नियमित मॉनिटरिंग के माध्यम से समयबद्ध रूप से पूर्ण किया जाए।

रामजल सेतु लिंक परियोजना के कार्यों में आए तेजी—

श्री शर्मा ने कहा कि राज्य के समग्र विकास में जल एक मूलभूत आवश्यकता है। इसी दृष्टि से सरकार ने जल स्रोतों के विकास, उनकी संग्रहण क्षमता बढ़ाने तथा जल प्रबंधन को सुदृढ़ करने से जुड़े अनेक महत्वपूर्ण निर्णय लिए हैं। उन्होंने कहा कि रामजल सेतु लिंक परियोजना के माध्यम से प्रदेश की बड़ी आबादी को निर्बाध जलापूर्ति सुनिश्चित की जाएगी। परियोजना के चरणबद्ध कार्यों को निर्धारित कार्ययोजना के अनुरूप पूर्ण करने के लिए संबंधित अधिकारी पूर्ण जिम्मेदारी के साथ कार्य करें। 

बैठक में जल संसाधन विभाग के अधिकारियों ने मुख्यमंत्री को बताया कि परियोजना के अन्तर्गत लगभग 9400 करोड़ रुपये की लागत के 3 प्रगतिरत कार्यों में से रामगढ बैराज एवं महलपुर बैराज के काफर डेम एवं ड्रेनेज चैनल का कार्य पूर्ण किया जा चुका है। नवनेरा बैराज से पानी को बीसलपुर एवं ईसरदा बांध में अपवर्तन करने के लिए चम्बल नदी पर एक्वाडेक्ट तथा मेज से गलवा, गलवा से ईसरदा बीसलपुर फीडर के कार्य भी प्रगतिरत हैं।

उन्होंने बताया कि रामजल सेतु परियोजना के अन्तर्गत बीसलपुर से मोर सागर (अजमेर),  ईसरदा से बंध बारैठा (भरतपुर), ईसरदा से रामगढ (जयपुर), खुरा चैनपुुरा से जयसमंद (अलवर) एवं ब्राह्मणी बैराज के लगभग 14 हजार 600 करोड़ रुपये के पांच कार्य भी शीघ्र आरम्भ किए जाएंगे। 

मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को अन्य परियोजनाओं के संबंध में भी आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। इस दौरान जल संसाधन विभाग एवं मुख्यमंत्री कार्यालय के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।

अरावली क्षेत्र में अवैध खनन एवं परिवहन के खिलाफ जयपुर में बड़ी कार्रवाई
2 एक्सकेवेटर सहित 16 वाहन किए जब्त

जयपुर, 29 दिसंबर। जयपुर जिले में अरावली पर्वतमाला क्षेत्र में अवैध खनन एवं खनिजों के अवैध परिवहन पर प्रभावी नियंत्रण के उद्देश्य से जिला कलक्टर डॉ. जितेन्द्र कुमार सोनी के नेतृत्व में चलाए जा रहे संयुक्त अभियान के तहत सोमवार को बड़ी कार्रवाई की गई।

खनिज अभियंता श्याम चौधरी ने बताया कि जिला प्रशासन, खनिज विभाग एवं पुलिस विभाग की समन्वित टीमों ने विभिन्न थाना क्षेत्रों में एक साथ कार्रवाई कर अवैध खनन में प्रयुक्त भारी मशीनरी एवं परिवहन वाहनों को जब्त किया गया। अवैध खनन एवं खनिजों के अवैध परिवहन के विरुद्ध की गई कार्रवाई में दो एक्सकेवेटर मशीन सहित 16 वाहन जब्त किए गए हैं।

पुलिस थाना खोड़ा विश्ल क्षेत्र के ग्राम बावड़ी, तहसील कालवाड़ में चुनाई पत्थर का अवैध खनन करते पाए गए दो एक्सकवेटर मशीन एवं तीन ट्रैक्टर-ट्रॉली जब्त की गई।  पुलिस थाना शिवदासपुरा क्षेत्र में बजरी का अवैध परिवहन करते हुए एक डंपर तथा चुनाई पत्थर का अवैध परिवहन करते हुए दो ट्रैक्टर-ट्रॉली जब्त की गई।

उन्होंने बताया कि पुलिस थाना कोटखावदा क्षेत्र में चुनाई पत्थर का अवैध परिवहन करते हुए दो ट्रैक्टर-ट्रॉली, पुलिस थाना फागी क्षेत्र में खनिज के अवैध परिवहन में लिप्त एक ट्रैक्टर-ट्रॉली को जब्त किया गया। इसके अतिरिक्त पुलिस थाना मोखमपुरा क्षेत्र में बजरी के अवैध परिवहन में संलग्न दो ट्रैक्टर-ट्रॉली तथा चुनाई पत्थर के अवैध परिवहन में प्रयुक्त एक ट्रैक्टर-ट्रॉली को जब्त किया गया ।

अवैध खनिज परिवहन के विरुद्ध चलाए जा रहे अभियान के अंतर्गत पुलिस थाना गलता गेट क्षेत्र में चुनाई पत्थर का अवैध परिवहन करते हुए एक ट्रैक्टर-ट्रॉली, पुलिस थाना खोड़ा विश्ल क्षेत्र में बजरी का अवैध परिवहन करते हुए एक ट्रैक्टर-ट्रॉली को जब्त किया गया ।

जिला कलक्टर डॉ. जितेन्द्र कुमार सोनी ने रविवार को सम्बंधित अधिकारियों की बैठक में सख्त निर्देश दिए कि अरावली क्षेत्र की पारिस्थितिकी को नुकसान पहुंचाने वाले किसी भी प्रकार के अवैध खनन को किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं करें, कठोर कार्रवाई करें। अवैध खनन में लिप्त व्यक्तियों के विरुद्ध नियमानुसार कठोर कार्रवाई जारी रहेगी तथा आगे भी इस प्रकार के संयुक्त अभियान लगातार चलाए जाएंगे ।

अवैध खनन के खिलाफ चलाएं विशेष अभियान- मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा
वन एवं खान विभाग की समीक्षा बैठक— अरावली पर्वतमाला प्रदेश की अमूल्य प्राकृतिक धरोहर, इसके संरक्षण के लिए राज्य सरकार पूरी तरह प्रतिबद्ध

जयपुर, 27 दिसम्बर। मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा ने कहा कि अरावली पर्वतमाला प्रदेश की अमूल्य प्राकृतिक धरोहर है और राज्य सरकार इसके संरक्षण के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। श्री शर्मा ने कहा कि राज्य सरकार का स्पष्ट रुख है कि अरावली के स्वरूप के साथ किसी भी प्रकार की छेड़छाड़ नहीं होने दी जाएगी। उन्होंने अवैध खनन पर अंकुश लगाने के लिए अरावली जिलों में वन एवं पर्यावरण, खान तथा पुलिस सहित संबंधित विभागों की ओर से संयुक्त अभियान चलाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सभी विभाग आपसी समन्वय से इस संबंध में कड़ी कार्रवाई करें।

श्री शर्मा ने शनिवार को मुख्यमंत्री निवास पर आयोजित वन एवं पर्यावरण और खान विभाग की समीक्षा बैठक ली। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार द्वारा अरावली क्षेत्र में किसी भी प्रकार के नए खनन की अनुमति नहीं दी जाएगी। इस संबंध में केन्द्र सरकार की ओर से भी निर्देश जारी किए गए हैं। ये निर्देश पूरे अरावली भू-भाग पर समान रूप से लागू होंगे। इससे पर्वत श्रंृखला के प्राकृतिक स्वरूप को सुरक्षित रखा जा सकेगा और अनियमित व अवैध खनन पर प्रभावी रूप से रोक लग सकेगी।

हरित अरावली विकास परियोजना के तहत होगा सघन वृक्षारोपण—

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार ने खनन लीज जारी करने में सुप्रीम कोर्ट और सीईसी द्वारा समय-समय पर जारी की गई गाइडलाइंस के साथ ही सभी पर्यावरण सुरक्षा उपायों का सख्ती से पालन सुनिश्चित किया है। उन्होंने कहा कि अरावली पर्वतमाला को हरा-भरा बनाने के लिए 250 करोड़ रुपये की हरित अरावली विकास परियोजना बनाई गई है। परियोजना के तहत अरावली जिलों के 32 हजार हेक्टेयर क्षेत्र में सघन वृक्षारोपण करवाया जा रहा है।

बैठक में मुख्यमंत्री कार्यालय, वन एवं पर्यावरण तथा खान विभाग के उच्चाधिकारी उपस्थित रहे।

गुरु गोबिंद सिंह जी ने अपने साहिबजादों को देश और धर्म के लिए कर दिया समर्पित : मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा
सिख धर्म का इतिहास त्याग और बलिदान की गाथा से भरा हुआ

जयपुर, 26 दिसम्बर। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा वीर बाल दिवस के उपलक्ष्य में शुक्रवार को राजापार्क स्थित श्री गुरू सिंह सभा गुरूद्वारा पहुंचे। उन्होंने गुरूद्वारा में मत्था टेका तथा देश व प्रदेश में शांति और सद्भाव के लिए अरदास की। शर्मा ने इस दौरान गुरु गोबिंद सिंह के साहिबजादों और माता गुजरी कौर की शहादत को समर्पित विशेष गुरमत समागम में संगत की।

                इस अवसर पर शर्मा ने कहा कि हमारे देश के इतिहास में जब भी धर्म और संस्कृति की रक्षा की बात आती है, गुरु गोबिंद सिंह जी, माता गुजरी और उनके चारों साहिबजादों का नाम गर्व से लिया जाता है। गुरु गोबिंद सिंह जी ने अपने चारों साहिबजादों को देश और धर्म के लिए समर्पित कर दिया। ऐसा त्याग दुनिया में कहीं नहीं मिलता। उन्होंने कहा कि गुरु गोबिंद सिंह जी के छोटे साहिबजादों जोरावर सिंह और फतेह सिंह ने आज ही के दिन धर्म और संस्कृति की रक्षा के लिए अपने प्राणों का बलिदान दिया था। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में केन्द्र सरकार ने उनके शहादत के दिन को वीर बाल दिवस के रूप में मना कर इस बलिदान को जन-जन के लिए समर्पित किया है।

साहिबजादों की वीर गाथा को पाठ्यक्रम में किया जाएगा शामिल-

मुख्यमंत्री शर्मा ने कहा कि राज्य सरकार गुरु गोबिंद सिंह और उनके साहिबजादों की बहादुरी की गाथा को स्कूली पाठ्यक्रम में शामिल करेगी जिससे युवा पीढ़ी को प्रेरणा मिल सके। उन्होंने कहा कि सिख समुदाय के विद्यार्थियों के लिए छात्रावास हेतु भूमि आवंटन को भी मंजूरी दे दी गई है।

                मुख्यमंत्री ने कहा कि सिख धर्म का पूरा इतिहास त्याग और बलिदान की गाथा से भरा हुआ है। गुरु गोबिंद सिंह जी ने हमारी संस्कृति की रक्षा के लिए अपना पूरा वंश न्योछावर कर दिया, इसीलिए वे ‘सरबंसदानी’ कहलाए। उन्होंने कहा कि जब गुरु साहिब जी के चारों साहिबजादे शहीद हो गए, तब उन्होंने कहा था-‘चार मुए तो क्या हुआ, जीवित कई हजार’ यानी चार बेटे बलिदान हो गए तो क्या हुआ, कई हजार बेटे धर्मरक्षा के लिए अभी भी जीवित हैं। उनकी यह उक्ति राष्ट्र और धर्म के प्रति अटूट समर्पण की प्रेरणा बन गई है।

                इस दौरान गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के सदस्यों ने मुख्यमंत्री को गुरु गोबिंद सिंह एवं साहिबजादों की तस्वीर भेंट की।

                इस अवसर पर गृह राज्य मंत्री जवाहर सिंह बेढ़म, पूर्व मंत्री सुरेन्द्र पाल सिंह टीटी, राजस्थान सिख समाज के अध्यक्ष श्री अजयपाल सिंह, राज्य अल्पसंख्यक आयोग के पूर्व अध्यक्ष जसबीर सिंह सहित गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के पदाधिकारीगण एवं बड़ी संख्या में आमजन उपस्थित रहे।

जयपुर में अवैध गैस रिफिलिंग के कारोबार का भण्डाफोड
कार्यवाही के दौरान मौके पर कुल 66 कॉमर्शियल व घरेलू गैस सिलेण्डर जब्त


जिला प्रशासन के स्तर से संचालित ऑपरेशन प्रवर्तन सतर्क नागरिक सुरक्षित शहर के तहत जिला कलक्टर डॉ. जितेन्द्र कुमार सोनी के निर्देशानुसार गोपनीय सूचना तंत्र के माध्यम से सूचना प्राप्त होने पर जिला रसद अधिकारी जयपुर प्रथम द्वारा तत्काल विशेष सतर्कता दलों का गठन किया गया। जिला रसद कार्यालय द्वारा गठित सतर्कता दल की प्रवर्तन निरीक्षक कीर्ति शर्मा द्वारा लवकुश नगर द्वितीय, बरकत नगर, जयपुर में जिला रसद अधिकारी प्रियव्रत सिंह चारण के नेतृत्व में दबिश दी गई।

चारण के नेतृत्व में सतर्कता दल द्वारा की गयी कार्यवाही के दौरान लवकुश नगर द्वितीय, बरकत नगर, जयपुर में स्थित मकान नम्बर 62 बी के परिसर तथा पास ही स्थित अन्य दुकान जायसवाल एंटरप्राईजेज में 66 गैस सिलेण्डरो (29 घरेलू व 37 वाणिज्यिक सिलेण्डर) का भण्डारण पाया गया जिनका अवैध रूप से भण्डारण कर क्रय-विक्रय होना पाया गया। कार्यवाही के दौरान मौके पर कुल 66 कॉमर्शियल व घरेलू गैस सिलेण्डर जब्त किये गये।

जयपुर शहर में आये दिन ऐसे अवैध गैस रिफलिंग सेन्टर हादसों का मुख्य कारण बनते जा रहे है। शहर में अत्यधिक संख्या में पाये गये गैस सिलेण्डर भण्डारण व रिफिलिंग खुले में मिलने से कभी भी अप्रिय घटना एवं जन हानि होने की पूर्ण सम्भावना बनी रहती है। जिससे किसी भी अवैध स्टॉक में से शहर के रिहायशी क्षेत्र में हादसे की आंशका सदैव बनी रहती है क्योंकि यह अवैध भण्डारण सेंटर बिना सुरक्षा मानको को अपनाये अवैध रूप से सचालित होते है। घरेलू गैस सिलेण्डरों का अवैध क्रय विक्रय, अवैध भण्डारण एवं दुरूपयोग जाये जाने पर दोषियों के विरूद्ध द्रवित पैट्रालियम गैस (रग्यूलेशन आफ सप्लाई एण्ड डिस्ट्रीब्यूशन) आदेश 2000 के प्रावधानों एवं सपठित आवश्यक वस्तु अधिनियम 1955 की धारा 3/7 के अन्तर्गत पुलिस थाने में गैस सिलेण्डरों के अवैध भण्डारण माफियाओं के विरूद्ध नामजद एफआईआर दर्ज करवायी गयी है।

जयपुर शहर में ऐसे अवैध रिफलिंग सेन्टरों के संचालन होने से अवैध रिफलिंग को रोकने एव आवश्यक कार्यवाही हेतु जिला प्रशासन जयपुर के निर्देशन में सख्त कार्यवाही हेतु विशेष सर्च अभियान ’ऑपरेशन प्रवर्तन’ (सतर्क नागरिक व सुरक्षित शहर) के तहत सतर्कता दलों का गठन किया गया है।

विभाग द्वारा संचालित ’ऑपरेशन प्रवर्तन’ (सतर्क नागरिक व सुरक्षित शहर) अभियान भविष्य में भी जारी रहेगा एवं अवैध रिफलिंग में संलिप्त व्यक्तियों के विरूद्ध कठोर कार्यवाही अमल में लाई जावेगी। इस हेतु जयपुर शहर के आमजन से अनुरोध है कि किसी भी संदिग्ध गैस रिफलिंग सेंटर/वितरण गतिविधि की सूचना विभाग को दें ताकि आमजन की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सकें।