Breaking News
आमजन की समस्याओं का त्वरित समाधान करें अधिकारी: मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा
मुख्यमंत्री निवास पर नियमित जनसुनवाई -अन्त्योदय राज्य सरकार की योजनाओं का प्रमुख लक्ष्य

जयपुर, 24 नवम्बर। मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में राज्य सरकार जवाबदेहिता एवं पारदर्शिता से कार्य करते हुए सुशासन की ओर अग्रसर है। सरकार के द्वारा किए जा रहे कार्यक्रमों, नवाचारों एवं योजनाओं का प्रमुख ध्येय अंतिम पायदान पर बैठे व्यक्ति तक योजनाओं का लाभ पहुंचाना है। जनसुनवाई भी इसी लक्ष्य की ओर बढ़ता एक मजबूत कदम है। मुख्यमंत्री नियमित रूप से इस जनसुनवाई में लोगों की समस्याओं का समाधान कर उन्हें राहत दे रहे हैं।

                श्री शर्मा ने सोमवार को मुख्यमंत्री निवास पर जनसुनवाई की। उन्होंने इस दौरान आमजन की परिवेदनाओं को संवेदनशीलता के साथ सुनते हुए अधिकारियों को उन समस्याओं के त्वरित निस्तारण के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि जनसुनवाई में परिवादी उम्मीद के साथ आते हैं। ऐसे में अधिकारी इन प्रकरणों को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए इनका शीघ्र निस्तारण करें।

                श्री शर्मा ने जनसुनवाई में बड़ी संख्या में आई महिलाओं, दिव्यांगों, बुजुर्गों सहित विभिन्न लोगां की समस्याओं का मौके पर ही निस्तारण किया। आमजन अपनी परिवेदनाओं के निस्तारण से बेहद संतुष्ट नजर आए। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि परिवादियों को जल्द से जल्द राहत दी जाए। साथ ही, लंबित प्रकरणों की नियमित मॉनिटरिंग करते हुए इसका शीघ्र समाधान करें। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि प्रकरणों के निस्तारण में किसी भी तरह की लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों पर सख्त कार्यवाही की जाए।

                मुख्यमंत्री ने इस दौरान सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता, ग्रामीण विकास एवं पंचायतीराज, श्रम, कृषि, गृह, राजस्व, पशुपालन, जयपुर विकास प्राधिकरण, नगर निगम, शिक्षा, चिकित्सा, पेयजल सहित विभिन्न विभागों की आमजन से जुड़ी परिवेदनाओं को सुना और उनका मौके पर ही निस्तारण किया। इस दौरान श्री शर्मा ने विभिन्न संस्थाओं द्वारा आयोजित किए जाने वाले कार्यक्रमों के पोस्टर विमोचन भी किए।

                इस अवसर पर बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि और आमजन उपस्थित रहे।

दुर्लभ बीमारियों से पीड़ित बच्चों के लिए वरदान बनी मुख्यमंत्री आयुष्मान बाल सम्बल योजना
50 लाख रुपये तक नि:शुल्क उपचार का प्रावधान, 5 हजार रुपये प्रतिमाह की अतिरिक्त सहायता

मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में राज्य सरकार वंचितों को वरीयता देते हुए अन्त्योदय के संकल्प को साकार रूप प्रदान कर रही है। इसी दिशा में मुख्यमंत्री श्री शर्मा की पहल पर शुरू की गई मुख्यमंत्री आयुष्मान बाल सम्बल योजना दुर्लभ बीमारियों से पीड़ित बालक-बालिकाओं के लिए वरदान बनकर आई है। प्रदेश के ऐसे बच्चे जो दुर्लभ बीमारियों से ग्रसित होने के बाद आर्थिक अभाव में उपचार की उम्मीद छोड़ देते थे, उन्हें अब योजना के माध्यम से 50 लाख रुपये तक का निशुल्क इलाज एवं आर्थिक सहायता उपलब्ध कराए जाने का प्रावधान किया गया है। 

स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय, भारत सरकार की राष्ट्रीय नीति 2021 के तहत सूचीबद्ध बीमारी से पीड़ित 18 वर्ष से कम आयु के बच्चों को समुचित इलाज, देखभाल एवं अन्य आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध करवाना इस योजना का प्रमुख उद्देश्य है। राज्य सरकार ने इन बच्चों के लिए आर्थिक सहायता की प्रक्रिया को सुगम, पारदर्शी और प्रभावी बनाया है। 

निशुल्क इलाज के साथ 5 हजार रुपये प्रतिमाह की आर्थिक मदद—

मुख्यमंत्री आयुष्मान बाल सम्बल योजना के अन्तर्गत दुर्लभ बीमारी से पीड़ित बालक या बालिका को 50 लाख रुपए तक का उपचार निशुल्क उपलब्ध कराने का प्रावधान है। इसके अतिरिक्त इन्हें 5 हजार रुपए प्रतिमाह की आर्थिक सहायता राशि देय है। 

पीड़ित 18 वर्ष से कम और प्रदेश का निवासी होना जरूरी—

मुख्यमंत्री आयुष्मान बाल सम्बल योजना के तहत अनुदान प्राप्त करने की पात्रता के अनुसार पीड़ित बालक या बालिका की उम्र 18 वर्ष से कम होनी चाहिए। आवेदक राजस्थान राज्य का मूल निवासी हो अथवा तीन वर्ष से अधिक समय से राज्य में निवासरत होना चाहिए।

ऑनलाइन आवेदन, सहज प्रक्रिया—

बालक या बालिका के दुर्लभ बीमारी से पीडित होने की स्थिति में पालनकर्ता द्वारा जनाधार नम्बर से ई-मित्र अथवा स्वयं की एसएसओ आईडी से बायोमेट्रिक या ओटीपी के माध्यम से ऑनलाइन आवेदन किया जा सकता है। प्राधिकृत चिकित्सा अधिकारी नोडल अधिकारी, एम्स जोधपुर एवं जेके लॉन अस्पताल, जयपुर द्वारा दुर्लभ बीमारी से पीड़ित होने का ऑनलाइन प्रमाण पत्र जारी किया जाएगा।

उद्योग, शिक्षा, पर्यटन, स्वास्थ्य, जल पर आयोजित किए जाएँगे सेक्टोरल सेशंस
प्रवासी राजस्थान दिवस जयपुर, 13 नवंबर।  राजस्थान के वैश्विक जुड़ाव को मज़बूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए, राज्य सरकार 10 दिसंबर 2025 को जेईसीसी, जयपुर में...

प्रवासी राजस्थान दिवस


जयपुर, 13 नवंबर।  राजस्थान के वैश्विक जुड़ाव को मज़बूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए, राज्य सरकार 10 दिसंबर 2025 को जेईसीसी, जयपुर में आयोजित होने वाले पहले ‘प्रवासी राजस्थानी दिवस’ के दौरान प्रवासी राजस्थानियों के साथ सेक्टोरल सेशंस आयोजित करेगी।

मुख्यमंत्री श्री भजन लाल शर्मा के दूरदर्शी नेतृत्व में आयोजित इस सेक्टोरल सेशंस में प्रवासी राजस्थानी, उद्योग जगत के प्र​तिनिधि और उद्योग, शिक्षा, पर्यटन, स्वास्थ्य और जल जैसे विभिन्न क्षेत्रों के नीति निर्माता NRR राउंडटेबल  के साथ-साथ शामिल होंगे।

प्रगतिशील नीतियों द्वारा समर्थित, राजस्थान का तेज़ी से बढ़ता औद्योगिक परिदृश्य निवेश और नवाचार के नए अवसर प्रदान करता है। उद्योग को समर्पित एक सत्र में NRR को राजस्थान की वैश्विक प्रतिस्पर्धात्मकता और उद्यमशीलता पारिस्थितिकी तंत्र को मजबूत करने पर अपने विचार साझा करने के लिए आमंत्रित किया जाएगा।

राजस्थान के सबसे मजबूत आर्थिक स्तंभों में से एक पर्यटन, विरासत, सांस्कृतिक और पर्यावरणीय पर्यटन में नए आयाम खोलने पर केंद्रित होगा, जिसमें शेखावाटी और उसकी प्रतिष्ठित हवेलियों जैसे क्षेत्रों पर विशेष जोर दिया जाएगा।

शिक्षा सेशन में डिजिटल पहुँच, कौशल प्रशिक्षण और उच्च शिक्षा को बढ़ाने के लिए पहलों पर प्रकाश डाला जाएगा और सहयोग की संभावनाओं का पता लगाया जाएगा। इसी प्रकार, स्वास्थ्य सेशन में बेहतर स्वास्थ्य सेवा प्रदान करने के लिए साझेदारी बनाने हेतु चिकित्सा अवसंरचना, प्रौद्योगिकी और शिक्षा के विशेषज्ञ एक साथ आएंगे।

जल पर सेशन में, सतत जल प्रबंधन, पारंपरिक जल संरचना पुनरुद्धार और रामजल सेतु लिंक परियोजना जैसी परियोजनाओं पर चर्चा होगी, जो दीर्घकालिक जल सुरक्षा के प्रति राज्य की प्रतिबद्धता को प्रदर्शित करेगी।

इन संवादों के अलावा, राज्य भर में उद्योग, परोपकार और सामुदायिक विकास के अवसरों से प्रवासी राजस्थानियों को जोड़ने के लिए एक विशेष NRR राउंडटेबल  का भी आयोजन किया जाएगा।

ये सेक्टोरल सेशंस केवल चर्चा के लिए ही नहीं, बल्कि साझेदारी के मंच के रूप में भी तैयार किए गए हैं। वे प्रवासी राजस्थानियों को राज्य सरकार के साथ अपने अनुभव, दृष्टिकोण और सुझाव साझा करने का अवसर प्रदान करेंगे।

विभागीय अधिकारियों, कार्मिकों के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति के तहत होगी कार्रवाई-मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा
शराब पीकर वाहन चलाने वाले का हो लाइसेंस रद्द, हाईवे के आस-पास अतिक्रमण तुरंत हटाएं, प्रदेश में अवैध कटों को बंद किया जाए, ओवरलोडिंग के खिलाफ हो सख्त कार्रवाई- समय...


जयपुर, 03 नवम्बर। मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा ने कहा कि राज्य सरकार प्रदेश में यातायात एवं सड़क सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत और प्रभावी बनाने के लिए निरंतर कार्य कर रही है। उन्होंने परिवहन, पुलिस और सार्वजनिक निर्माण विभाग को संयुक्त रूप से प्रदेशभर में मंगलवार (4 नवम्बर) से आगामी 15 दिन तक सड़क सुरक्षा अभियान चलाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि यातायात नियमों की पालना सुनिश्चित करवाने के साथ ही दुर्घटनाओं में जनहानि को रोकने के लिए सभी संबंधित विभाग मिलकर कार्य करें। 

श्री शर्मा सोमवार को मुख्यमंत्री निवास पर टैªफिक एवं सड़क सुरक्षा को लेकर उच्च स्तरीय बैठक की अध्यक्षता कर रहे थे। उन्होंने जिला सड़क सुरक्षा समिति की नियमित बैठक नहीं लेने वाले जिला कलक्टर्स से जवाब लेने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि भारी वाहन लाइसेंस नवीनीकरण के समय प्रस्तुत की जाने वाली आंखों की जांच रिपोर्ट गलत पाए जाने पर उसे जारी करने वाले संबंधित डॉक्टर के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाए। 

ओवरस्पीड के बार-बार चालान होने पर लाइसेंस हो निरस्त-

मुख्यमंत्री ने परिवहन और पुलिस विभाग को निर्देश दिए कि शराब पीकर वाहन चलाने और ओवरस्पीड के बार-बार चालान होने पर वाहन चालक का लाइसेंस निरस्त किया जाए। उन्होंने सड़क सुरक्षा अभियान के तहत प्रदेश में चिन्हित ब्लैक स्पॉटों को शीघ्र ठीक करवाने एवं राष्ट्रीय व राज्य राजमार्गाें पर अवैध कट को शीघ्र बंद करने के लिए अधिकारियों को निर्देशित किया। उन्होंने जयपुर-कोटा, जयपुर-दिल्ली, जयपुर-अजमेर व जयपुर-भरतपुर हाईवे पर वाहन चालकों के लिए नवीन आरामस्थलों के लिए जमीन चिन्हित कर बनवाने के निर्देश दिए। 

अवैध ढाबों व पार्किंग के खिलाफ हो कठोरतम कार्रवाई- 

श्री शर्मा ने एनएचएआई के अधिकारियों को राजस्थान में भारतमाला राष्ट्रीय राजमार्ग और दिल्ली-मुंबई औद्योगिक कॉरिडोर के किनारे समस्त अवैध निर्माणों व ढाबों को शीघ्र हटाने के निर्देश दिए। उन्होंने सभी राष्ट्रीय एवं राज्य राजमार्गों पर सभी संकेतक तथा विशेष रूप से राष्ट्रीय राजमार्गाें पर आराम स्थल, ट्रक ले-बाई और स्लिप लाइन के संकेतकों के निश्चित स्थान पर लगे होने को सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि हाईवे पर तय स्थानों को छोड़कर वाहन रोकने वाले चालकों के खिलाफ चालान की कार्रवाई की जाए। उन्होंने कहा कि इन कार्यों की निगरानी अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक स्तर के अधिकारी करें।

चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग दुर्घटना में इमरजेंसी केयर व्यवस्था को बनाए सुदृढ़-

मुख्यमंत्री ने चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग को निर्देशित किया कि दुर्घटना की स्थिति में घायलों को एडवांस लाइफ सपोर्ट एम्बुलेंस के जरिए अस्पताल तक पहुंचाया जाए। उन्होंने आगामी 15 नवम्बर से 15 फरवरी तक प्रदेश में ट्रक चालकों की आंखों की जांच करने के भी निर्देश दिए। उन्होंने परिवहन विभाग को वाहन चालकों से ओवरटाइम ड्राइविंग करवाने पर ट्रांसपोर्ट कम्पनियों की जिम्मेदारी तय कर कठोरतम कार्रवाई करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि आगामी सर्दी के मौसम में कोहरे के कारण सड़क पर वाहन चालकों के लिए जरूरी स्थानों पर रिफलक्टर्स लगाए जाएं। साथ ही, सड़क किनारे पेड़ और झाड़ियों की कटाई भी की जाए। 

यातायात नियमों का उल्लंघन करने वाले मार्गों पर तैनात करें इंटरसेप्टर-

श्री शर्मा ने कहा कि सभी जिला कलक्टर और जिला पुलिस अधीक्षक अवैध कटों को बंद कराने के लिए विशेष कार्रवाई करें एवं सार्वजनिक निर्माण विभाग सभी व्यस्ततम राज्य राजमार्गों के अवैध कटों पर रेलिंग लगाए। उन्होंने परिवहन विभाग को हाईवे पर गलत दिशा से आने वाले वाहनों पर कठोरतम कार्रवाई करने के लिए निर्देशित किया। उन्होंने कहा कि हाईवे पर इंटरसेप्टर तैनात कर यातायात नियमों का उल्लंघन करने वाले चालकों के खिलाफ कार्रवाई की जाए। 

नो एंट्री जोन में भारी वाहन आने पर हो सख्त कार्रवाई- 

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में नो एंट्री जोन में गलत समय पर भारी वाहन आने पर सख्त कार्रवाई की जाए तथा नो एंट्री जोन के क्षेत्र व समय की पुनः समीक्षा की जाए। उन्होंने जयपुर पुलिस आयुक्त को रात्रि के समय ट्रेफिक व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ व प्रभावी बनाने के लिए कार्ययोजना बनाकर शीघ्र मुख्यमंत्री कार्यालय भिजवाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जयपुर की यातायात व्यवस्था को मजबूत बनाने के लिए यातायात पुलिस के संख्याबल को आवश्यकतानुसार बढ़ाया जाए। 

श्री शर्मा ने कहा कि परिवहन, पुलिस और सार्वजनिक निर्माण विभाग संयुक्त रूप से समय-समय पर यातायात नियमों की पालना सुनिश्चित करवाने के लिए जागरूकता अभियान चलाएं एवं संबंधित विभागों के कार्मिकों की कार्यशाला आयोजित कर प्रशिक्षण दिलवाएं। उन्होंने कहा कि सड़क दुर्घटनाओं में घायलों की मदद करने वाले नागरिकों को भी सम्मानित किया जाए। उन्होंने प्रदेश में पैदलयात्री मार्ग पर अवरोधकों एवं अतिक्रमणों को हटाने के निर्देश दिए। उन्होंने निर्देश दिए कि नवीन लाइसेंस बनाने एवं लाइसेंस नवीनीकरण के समय नियमों की पालना सुनिश्चित की जाए। उन्होंने गृह विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव को इन कार्यों की मॉनिटरिंग करने के निर्देश दिए।  

बैठक में परिवहन, गृह, पुलिस, सार्वजनिक निर्माण, चिकित्सा एवं स्वास्थ्य, नगरीय विकास, जेडीए, एनएचएआई सहित संबंधित विभागों के अधिकारीगण उपस्थित रहे।

राजस्थान में बारिश 6 जिलों में भारी बारिश का अलर्ट
जयपुर। राजस्थान में एक बार फिर मौसम ने करवट ली है। कार्तिक माह में भी सावन जैसी झमाझम बारिश हो रही है। कोटा में रविवार रातभर बारिश का सिलसिला जारी...

जयपुर। राजस्थान में एक बार फिर मौसम ने करवट ली है। कार्तिक माह में भी सावन जैसी झमाझम बारिश हो रही है। कोटा में रविवार रातभर बारिश का सिलसिला जारी रहा, जबकि सवाई माधोपुर में सोमवार अलसुबह बूंदाबांदी हुई। उदयपुर जिले के खेरवाड़ा और आसपास के इलाकों में भी सुबह बारिश दर्ज की गई। चित्तौड़गढ़, टोंक और आसपास के क्षेत्रों में हल्की रिमझिम जारी है, जिससे मौसम सुहावना हो गया है। राजधानी जयपुर में सुबह से ही बूंदाबांदी का दौर जारी है। मौसम विभाग ने सोमवार और मंगलवार को बारिश को लेकर अलर्ट जारी किया गया है। विभाग ने उदयपुर और कोटा संभाग के छह जिलों में ऑरेंज अलर्ट, जबकि अन्य 17 जिलों में येलो अलर्ट जारी किया है। अगले चार दिनों तक राज्य के कई हिस्सों में तेज बारिश और आंधी की संभावना जताई गई है। मौसम विभाग का कहना है कि वेस्टर्न डिस्टर्बेंस के असर से यह बदलाव देखने को मिल रहा है।