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मुख्यमंत्री जल स्वावलंबन अभियान मोबाइल ऐप पर कर्मयोगी वाटरशेड मॉड्यूल लॉन्च
जलग्रहण विकास एवं भू संरक्षण विभाग की समीक्षा बैठक आयोजित

जयपुर, 5 जनवरी। पंचायती राज मंत्री मदन दिलावर ने सोमवार को जलग्रहण विकास एवं भू संरक्षण विभाग की विभिन्न योजनाओं की समीक्षा की। सचिवालय में आयोजित बैठक में पंचायती राज राज्य मंत्री श्री ओटाराम देवासी भी उपस्थित रहे।

मुख्यमंत्री जल स्वावलंबन अभियान मोबाइल ऐप पर कर्मयोगी वाटरशेड मॉड्यूल लॉन्च

पंचायती राज मंत्री मदन दिलावर ने बैठक के दौरान मुख्यमंत्री जल स्वावलंबन अभियान मोबाइल ऐप पर कर्मयोगी वाटरशेड मॉड्यूल  लॉन्च किया। 

दिलावर ने कहा कि विशेषज्ञों द्वारा निर्मित प्रशिक्षण वीडियोयुक्त यह ऐप विभागीय कार्मिकों के लिए उपयोगी होगा और जल संरक्षण को नई दिशा देगा। यह जल स्वावलंबन की ओर एक सशक्त कदम है। उन्होंने इस अभिनव पहल के लिए सभी को बधाई दी। उन्होंने मॉड्यूल निर्माण में सहयोग देने वाले 14 व्यक्तियों को सर्टिफिकेट भी प्रदान किया। 

क्या है कर्मयोगी वाटरशेड मॉड्यूल—

विभाग द्वारा संचालित योजनाओं में ली जाने वाली विभिन्न गतिविधियों जैसे अभियांत्रिकी ढांचे, डीपीआर MIS, गुणवत्ता, टेंडर, RTPP Rule आदि विषय वस्तुओं का सुलभ सरल भाषा में प्रशिक्षण सामग्री वीडियो के रूप में तैयार की गई है। यह सामग्री ई— लर्निंग का भाग है जो MJSA APP, विभाग के यूट्यूब चैनल पर सर्व सुलभ रहेगा।

विभाग ने अभी तक 38 वीडियो विभिन्न विषय वस्तु पर तैयार कर पोर्टल पर अपलोड किए हैं। भारत सरकार की PMKSY वेबसाइट के 13 वीडियो एवं आईआईटी रुड़की खड़गपुर आदि संस्थाओं के 77 वीडियो और विभाग द्वारा संपादित विभिन्न सफलताओं की कहानियां आदि इस प्लेटफार्म पर एक साथ उपलब्ध रहेगी ।

यह विभागीय अभियंताओं की क्षमता, दक्षता एवं जानकारी बढ़ाने में सहयोगी सिद्ध होगा, जिससे कार्य संपादन में सुगमता का गुणवत्ता में भी अभिवृद्धि होगी। जल संरक्षण एवं भू संरक्षण में अभिरुचि रखने वाले लाभान्वितों के ज्ञान वर्धन तथा जागरूकता पैदा करने में भी मिल का पत्थर साबित होगा। विभिन्न प्रशिक्षण संस्थानों द्वारा जल एवं भू संरक्षण में प्रशिक्षण के लिए इस सामग्री का सीधा उपयोग भी किया जा सकेगा। 

उल्लेखनीय है कि मिशन ज्ञान एवं आईपीसीए फाउंडेशन के साथ एक नॉन फाइनेंशियल करार एक वर्ष हेतु किया गया था। इसमें सेवानिवृत्त अभियंताओं के अनुभव एवं ज्ञान के साथ विभागीय अभियंताओं का निशुल्क सहयोग लिया गया है।

दिलावर ने प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना 2.0, ऑडिट पेरा तथा विभाग की अन्य योजनाओं की समीक्षा की। 

बैठक में पंचायती राज विभाग के शासन सचिव एवं आयुक्त डॉ. जोगाराम, जलग्रहण विकास एवं भू संरक्षण विभाग के निदेशक श्री मुहम्मद जुनैद  एवं अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।

स्थानीय उत्पाद प्रदेश की आर्थिक समृद्धि के आधार, पंच गौरव कार्यक्रम में जन सहभागिता एवं जागरुकता बढ़ाएं : मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा
विद्यार्थियों को मिले पंच गौरव कार्यक्रम की विस्तृत जानकारी, आमजन का गतिविधियों से बढ़े जुड़ाव

 मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा कि जिला आधारित स्थानीय उत्पाद प्रदेश की आर्थिक समृद्धि के मूल आधार हैं। इसी दिशा में हमारी सरकार ने प्रत्येक जिले में स्थानीय विशिष्टता एवं विरासत के संरक्षण व संवर्धन के लिए पंच गौरव कार्यक्रम की अभिनव पहल की है।

शर्मा ने गुरुवार को मुख्यमंत्री कार्यालय में आयोजित बैठक में निर्देश दिए कि पंच गौरव कार्यक्रम में प्रत्येक जिले के चिन्हित तत्वों का प्राथमिकता के अनुसार दीर्घकालीन कार्य योजना तैयार कर विकास एवं संरक्षण के कार्य किए जाएं तथा संबंधित नोडल विभाग इसकी नियमित समीक्षा भी करें।

मुख्यमंत्री ने कहा कि विद्यालयों में विद्यार्थियों को भी पंच गौरव कार्यक्रम की जानकारी दी जाए, जिससे उन्हें भी जिले की विशिष्ट पहचान की जानकारी मिल सके। साथ ही, उन्होंने इस कार्यक्रम की गतिविधियों में अधिकाधिक जन सहभागिता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए ताकि आमजन का इससे सीधा जुड़ाव हो सके।

नवाचारों से उत्पादों की करें ब्रांडिंग-

श्री शर्मा ने कहा कि सभी जिलों के चयनित कृषि उत्पादों की नवाचारों के साथ ब्रांडिंग की जाए ताकि इन उत्पादों को नई पहचान मिल सके। उन्होंने वन विभाग को स्थानीय विशेषता के आधार पर पौधे तैयार करने एवं वृक्ष मित्र नियुक्त करने के निर्देश दिए। उन्होंने खेल विभाग को प्रत्येक जिले में स्थानीय युवाओं को खेलों से जोड़ने के निर्देश दिए।

पर्यटन सुविधाएं बनें बेहतर, स्थानीय रोजगार के बढ़े अवसर-

मुख्यमंत्री ने कहा कि एक जिला एक पर्यटन स्थल के अर्न्तगत पर्यटन स्थलों पर सड़क व पार्किंग सहित अन्य मूलभूत सुविधाएं विकसित की जाएं ताकि पर्यटकों को बेहतर सुविधाएं मिलने के साथ ही स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर सृजित हो सकें। उन्होंने पर्यटन क्षेत्र से जुड़े गाइड एवं विभिन्न हितधारकों के क्षमतावर्द्धन के लिए भी नीति निर्धारण के निर्देश दिए।

उल्लेखनीय है कि पंच गौरव के अन्तर्गत प्रत्येक जिले में एक उत्पाद, एक उपज, एक खेल, एक वनस्पति और एक पर्यटन स्थल को प्रोत्साहित किया जा रहा है। इसके माध्यम से स्थानीय एवं विशिष्ट उत्पादों के संरक्षण, संर्वधन, प्रोत्साहन एवं पहचान को बढ़ावा मिल रहा है। बैठक में अधिकारियों ने इस कार्यक्रम के अंतर्गत संचालित की जा रही गतिविधियों की विस्तार से जानकारी दी।

बैठक में मुख्य सचिव श्री वी. श्रीनिवास, मुख्यमंत्री कार्यालय, उद्योग, वन एवं पर्यावरण, पर्यटन, कृषि, खेल एवं आयोजना विभाग सहित विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।

CM IN GOVERDHAN:मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने श्रीनाथजी मंदिर में की पूजा-अर्चना- प्रदेश की सुख-समृद्धि एवं कल्याण की कामना की
मुख्यमंत्री ने श्रीनाथजी मंदिर परिसर में नवनिर्मित पक्षी-घर का किया उद्घाटन

जयपुर, 01 जनवरी। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने गुरुवार को डीग स्थित श्रीनाथ जी मंदिर में दर्शन कर पूजा-अर्चना की तथा प्रदेश की प्रगति, सुख-समृद्धि एवं खुशहाली के लिए कामना की। 

शर्मा ने सपरिवार श्रीनाथ जी महाराज का पंचामृत अभिषेक किया। उन्होंने दूध, दही, घी, शहद और शर्करा से श्रीनाथजी का अभिषेक किया। इससे पहले मुख्यमंत्री ने मंत्रोच्चार के बीच संपन्न हुए अनुष्ठान में श्रीनाथ जी के मुकुट मुखारबिंद का विशेष श्रृंगार और पूजन किया। इससे पहले उन्होंने जतिपुरा पर संत-साधुओं को भोजन प्रसादी भी ग्रहण करवाई।

मुख्यमंत्री ने पक्षी-घर का किया उद्घाटन

इस दौरान मुख्यमंत्री ने मंदिर परिसर में नवनिर्मित पक्षी-घर का विधिवत उद्घाटन किया। उन्होंने कहा कि प्रकृति और मूक प्राणियों का संरक्षण मानव का परम धर्म है। यह पक्षी-घर क्षेत्र के पक्षियों के लिए दाना-पानी और सुरक्षित आश्रय का केंद्र बनेगा। 

इस अवसर पर गृह राज्य मंत्री श्री जवाहर सिंह बेढ़म सहित जनप्रतिनिधिगण एवं अधिकारीगण एवं बड़ी संख्या में आमजन मौजूद रहे। 

जल क्षेत्र में आत्मनिर्भर राजस्थान राज्य सरकार की शीर्ष प्राथमिकता,आमजन व किसानों को निर्बाध जलापूर्ति सुनिश्चित करना हमारा संकल्प : मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा
रामजल सेतु लिंक परियोजना सहित अन्य कार्यों में लाएं तेजी

जयपुर, 29 दिसम्बर। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा कि प्रदेश को जल क्षेत्र में पूर्ण आत्मनिर्भर बनाना राज्य सरकार की शीर्ष प्राथमिकता है। इसी उद्देश्य से सरकार ने कार्यकाल की शुरुआत से ही अनेक महत्वपूर्ण जल एवं सिंचाई परियोजनाओं की पहल की है ताकि प्रदेशवासियों को पर्याप्त जल उपलब्धता सुनिश्चित हो सके। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि रामजल सेतु लिंक परियोजना सहित अन्य कार्यों में और तेजी लाई जाए।

मुख्यमंत्री शर्मा सोमवार को मुख्यमंत्री कार्यालय में आयोजित जल संसाधन विभाग की समीक्षा बैठक की अध्यक्षता कर रहे थे। उन्होंने कहा कि आमजन और किसानों तक जल की उपलब्धता बढ़ाने के लिए राज्य सरकार पूर्ण प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है। सिंचाई परियोजनाओं एवं विकास कार्यों को नियमित मॉनिटरिंग के माध्यम से समयबद्ध रूप से पूर्ण किया जाए।

रामजल सेतु लिंक परियोजना के कार्यों में आए तेजी—

श्री शर्मा ने कहा कि राज्य के समग्र विकास में जल एक मूलभूत आवश्यकता है। इसी दृष्टि से सरकार ने जल स्रोतों के विकास, उनकी संग्रहण क्षमता बढ़ाने तथा जल प्रबंधन को सुदृढ़ करने से जुड़े अनेक महत्वपूर्ण निर्णय लिए हैं। उन्होंने कहा कि रामजल सेतु लिंक परियोजना के माध्यम से प्रदेश की बड़ी आबादी को निर्बाध जलापूर्ति सुनिश्चित की जाएगी। परियोजना के चरणबद्ध कार्यों को निर्धारित कार्ययोजना के अनुरूप पूर्ण करने के लिए संबंधित अधिकारी पूर्ण जिम्मेदारी के साथ कार्य करें। 

बैठक में जल संसाधन विभाग के अधिकारियों ने मुख्यमंत्री को बताया कि परियोजना के अन्तर्गत लगभग 9400 करोड़ रुपये की लागत के 3 प्रगतिरत कार्यों में से रामगढ बैराज एवं महलपुर बैराज के काफर डेम एवं ड्रेनेज चैनल का कार्य पूर्ण किया जा चुका है। नवनेरा बैराज से पानी को बीसलपुर एवं ईसरदा बांध में अपवर्तन करने के लिए चम्बल नदी पर एक्वाडेक्ट तथा मेज से गलवा, गलवा से ईसरदा बीसलपुर फीडर के कार्य भी प्रगतिरत हैं।

उन्होंने बताया कि रामजल सेतु परियोजना के अन्तर्गत बीसलपुर से मोर सागर (अजमेर),  ईसरदा से बंध बारैठा (भरतपुर), ईसरदा से रामगढ (जयपुर), खुरा चैनपुुरा से जयसमंद (अलवर) एवं ब्राह्मणी बैराज के लगभग 14 हजार 600 करोड़ रुपये के पांच कार्य भी शीघ्र आरम्भ किए जाएंगे। 

मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को अन्य परियोजनाओं के संबंध में भी आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। इस दौरान जल संसाधन विभाग एवं मुख्यमंत्री कार्यालय के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।

अरावली क्षेत्र में अवैध खनन एवं परिवहन के खिलाफ जयपुर में बड़ी कार्रवाई
2 एक्सकेवेटर सहित 16 वाहन किए जब्त

जयपुर, 29 दिसंबर। जयपुर जिले में अरावली पर्वतमाला क्षेत्र में अवैध खनन एवं खनिजों के अवैध परिवहन पर प्रभावी नियंत्रण के उद्देश्य से जिला कलक्टर डॉ. जितेन्द्र कुमार सोनी के नेतृत्व में चलाए जा रहे संयुक्त अभियान के तहत सोमवार को बड़ी कार्रवाई की गई।

खनिज अभियंता श्याम चौधरी ने बताया कि जिला प्रशासन, खनिज विभाग एवं पुलिस विभाग की समन्वित टीमों ने विभिन्न थाना क्षेत्रों में एक साथ कार्रवाई कर अवैध खनन में प्रयुक्त भारी मशीनरी एवं परिवहन वाहनों को जब्त किया गया। अवैध खनन एवं खनिजों के अवैध परिवहन के विरुद्ध की गई कार्रवाई में दो एक्सकेवेटर मशीन सहित 16 वाहन जब्त किए गए हैं।

पुलिस थाना खोड़ा विश्ल क्षेत्र के ग्राम बावड़ी, तहसील कालवाड़ में चुनाई पत्थर का अवैध खनन करते पाए गए दो एक्सकवेटर मशीन एवं तीन ट्रैक्टर-ट्रॉली जब्त की गई।  पुलिस थाना शिवदासपुरा क्षेत्र में बजरी का अवैध परिवहन करते हुए एक डंपर तथा चुनाई पत्थर का अवैध परिवहन करते हुए दो ट्रैक्टर-ट्रॉली जब्त की गई।

उन्होंने बताया कि पुलिस थाना कोटखावदा क्षेत्र में चुनाई पत्थर का अवैध परिवहन करते हुए दो ट्रैक्टर-ट्रॉली, पुलिस थाना फागी क्षेत्र में खनिज के अवैध परिवहन में लिप्त एक ट्रैक्टर-ट्रॉली को जब्त किया गया। इसके अतिरिक्त पुलिस थाना मोखमपुरा क्षेत्र में बजरी के अवैध परिवहन में संलग्न दो ट्रैक्टर-ट्रॉली तथा चुनाई पत्थर के अवैध परिवहन में प्रयुक्त एक ट्रैक्टर-ट्रॉली को जब्त किया गया ।

अवैध खनिज परिवहन के विरुद्ध चलाए जा रहे अभियान के अंतर्गत पुलिस थाना गलता गेट क्षेत्र में चुनाई पत्थर का अवैध परिवहन करते हुए एक ट्रैक्टर-ट्रॉली, पुलिस थाना खोड़ा विश्ल क्षेत्र में बजरी का अवैध परिवहन करते हुए एक ट्रैक्टर-ट्रॉली को जब्त किया गया ।

जिला कलक्टर डॉ. जितेन्द्र कुमार सोनी ने रविवार को सम्बंधित अधिकारियों की बैठक में सख्त निर्देश दिए कि अरावली क्षेत्र की पारिस्थितिकी को नुकसान पहुंचाने वाले किसी भी प्रकार के अवैध खनन को किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं करें, कठोर कार्रवाई करें। अवैध खनन में लिप्त व्यक्तियों के विरुद्ध नियमानुसार कठोर कार्रवाई जारी रहेगी तथा आगे भी इस प्रकार के संयुक्त अभियान लगातार चलाए जाएंगे ।

अधिकारी जनता की समस्याओं का करें त्वरित समाधान: मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा
जयपुर, 29 दिसम्बर। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में राज्य सरकार जनकल्याण को सर्वोपरि मानते हुए प्रदेश के विकास के लिए कार्य कर रही है। गरीब, युवा, किसान, महिलाओं सहित...

जयपुर, 29 दिसम्बर। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में राज्य सरकार जनकल्याण को सर्वोपरि मानते हुए प्रदेश के विकास के लिए कार्य कर रही है। गरीब, युवा, किसान, महिलाओं सहित सभी वर्गों का उत्थान राज्य सरकार की योजनाओं एवं नीतियों का केन्द्र-बिन्दु है। मुख्यमंत्री निवास पर की जा रही जनसुनवाई में भी मुख्यमंत्री इन वर्गों की समस्याओं का त्वरित समाधान कर रहे हैं। जनसुनवाई में अपनी समस्याओं के मौके पर ही समाधान से आमजन बेहद खुश नजर आए। 

मुख्यमंत्री ने सोमवार को मुख्यमंत्री निवास पर जनसुनवाई की। इस दौरान उन्होंने आमजन की परिवेदनाओं को व्यक्तिशः सुना तथा अधिकारियों को समस्याओं के निस्तारण के निर्देश दिए। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि जनता की समस्याओं के समाधान में कोताही नहीं बरतें तथा सर्वोच्च प्राथमिकता से इनका निस्तारण करें। श्री शर्मा ने लापरवाह कार्मिकों पर सख्त कार्यवाही करने के भी निर्देश दिए। 

मुख्यमंत्री ने इस दौरान ग्रामीण विकास एवं पंचायतीराज, श्रम, कृषि, गृह, राजस्व, जयपुर विकास प्राधिकरण, नगर निगम, शिक्षा, चिकित्सा, पेयजल सहित विभिन्न विभागों की आमजन से जुड़ी परिवेदनाओं को सुना और उनका मौके पर ही निस्तारण किया। इस दौरान श्री शर्मा ने विभिन्न संस्थाओं द्वारा आयोजित किए जाने वाले कार्यक्रमों के पोस्टर विमोचन भी किए। 

इस अवसर पर बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि और आमजन उपस्थित रहे।

विधानसभा अध्यक्ष वासुदेव देवनानी ने किया विभिन्न विकास कार्यों का शुभारम्भ
अजमेर उत्तर विधानभा क्षेत्र को मिली सौगात

जयपुर, 27 दिसम्बर। विधानसभा अध्यक्ष श्री वासुदेव देवनानी ने शनिवार को अजमेर उत्तर विधानसभा क्षेत्र में 79 लाख रूपए की लागत से बनने वाली विभिन्न सड़कों का शुभारम्भ किया। इन विकास कार्य से क्षेत्रवासियों को बेहतर यातायात सुविधा मिलेगी तथा कॉलोनी की आधारभूत संरचना सुदृढ़ होगी।

श्री देवनानी ने शनिवार को अजमेर उत्तर विधानसभा क्षेत्र में विभिन्न सड़क निर्माण कार्यों का शुभारम्भ किया। इनमें वरूण सागर रोड स्थित झूलेलाल कॉलोनी में 43 लाख रूपए की लागत से बनने वाली मुख्य सड़क, वार्ड 77 स्थित प्रेम प्रकाश आश्रम से वर्धमान मार्बल (गांधी नगर) तक 15 लाख रूपए तथा वार्ड 78 स्थित चित्रकूट कॉलोनी सेक्टर बी में भरत शर्मा के मकान के पास वाली गली में 21 लाख रूपए की लागत से बनने वाली सड़क कार्यों का शुभारम्भ किया गया। यह सभी सड़के सार्वजनिक निर्माण विभाग द्वारा बनवाई जाएंगी।

इस अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में श्री देवनानी ने कहा कि इन विकास कार्य से क्षेत्रवासियों को बेहतर यातायात सुविधा मिलेगी तथा कॉलोनी की आधारभूत संरचना सुदृढ़ होगी। क्षेत्र के हर वार्ड तक विकास पहुंचाना हमारा संकल्प है। उन्होंने कहा कि मजबूत सड़कें आवागमन को सुगम बनाने के साथ व्यापार, शिक्षा, स्वास्थ्य एवं दैनिक जीवन की गतिविधियों को भी गति प्रदान करती हैं। पारदर्शिता एवं गुणवत्ता उनके कार्यों की सर्वाेच्च प्राथमिकता है। उन्होंने संबंधित विभागों को निर्देश दिए कि सभी निर्माण कार्य निर्धारित समय सीमा में तथा तय मानकों के अनुरूप पूर्ण किए जाएं।

श्री देवनानी ने कहा कि अजमेर उत्तर क्षेत्र में अब तक करोड़ों रुपए की सड़कें बन चुकी हैं, नई सड़को का निर्माण करवाया जा रहा है तथा आवश्यकता अनुसार ध्यान में रखते हुए सीसी सड़कों का निर्माण भी करवाया जा रहा है। क्षेत्र में पेयजल व्यवस्था को सुदृढ़ करने के लिए यहां एक नया रिजर्वायर प्रस्तावित है। इससे बीसलपुर का पानी बेहतर प्रेशर के साथ मिलेगा। उन्होंने कहा कि पेयजल परियोजनाओं के साथ-साथ सुरक्षा से जुड़े कार्यों तथा महिलाओं की सुविधा के लिए पिंक टॉयलेट जैसे जनोपयोगी कार्यों पर प्राथमिकता के साथ करोड़ों रुपये व्यय कर विकास कार्य करवाए गए हैं।

अवैध खनन के खिलाफ चलाएं विशेष अभियान- मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा
वन एवं खान विभाग की समीक्षा बैठक— अरावली पर्वतमाला प्रदेश की अमूल्य प्राकृतिक धरोहर, इसके संरक्षण के लिए राज्य सरकार पूरी तरह प्रतिबद्ध

जयपुर, 27 दिसम्बर। मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा ने कहा कि अरावली पर्वतमाला प्रदेश की अमूल्य प्राकृतिक धरोहर है और राज्य सरकार इसके संरक्षण के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। श्री शर्मा ने कहा कि राज्य सरकार का स्पष्ट रुख है कि अरावली के स्वरूप के साथ किसी भी प्रकार की छेड़छाड़ नहीं होने दी जाएगी। उन्होंने अवैध खनन पर अंकुश लगाने के लिए अरावली जिलों में वन एवं पर्यावरण, खान तथा पुलिस सहित संबंधित विभागों की ओर से संयुक्त अभियान चलाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सभी विभाग आपसी समन्वय से इस संबंध में कड़ी कार्रवाई करें।

श्री शर्मा ने शनिवार को मुख्यमंत्री निवास पर आयोजित वन एवं पर्यावरण और खान विभाग की समीक्षा बैठक ली। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार द्वारा अरावली क्षेत्र में किसी भी प्रकार के नए खनन की अनुमति नहीं दी जाएगी। इस संबंध में केन्द्र सरकार की ओर से भी निर्देश जारी किए गए हैं। ये निर्देश पूरे अरावली भू-भाग पर समान रूप से लागू होंगे। इससे पर्वत श्रंृखला के प्राकृतिक स्वरूप को सुरक्षित रखा जा सकेगा और अनियमित व अवैध खनन पर प्रभावी रूप से रोक लग सकेगी।

हरित अरावली विकास परियोजना के तहत होगा सघन वृक्षारोपण—

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार ने खनन लीज जारी करने में सुप्रीम कोर्ट और सीईसी द्वारा समय-समय पर जारी की गई गाइडलाइंस के साथ ही सभी पर्यावरण सुरक्षा उपायों का सख्ती से पालन सुनिश्चित किया है। उन्होंने कहा कि अरावली पर्वतमाला को हरा-भरा बनाने के लिए 250 करोड़ रुपये की हरित अरावली विकास परियोजना बनाई गई है। परियोजना के तहत अरावली जिलों के 32 हजार हेक्टेयर क्षेत्र में सघन वृक्षारोपण करवाया जा रहा है।

बैठक में मुख्यमंत्री कार्यालय, वन एवं पर्यावरण तथा खान विभाग के उच्चाधिकारी उपस्थित रहे।

हस्तशिल्पियों को कौशल प्रशिक्षण देकर रोजगार के नए अवसर दे रही राज्य सरकार : मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा
पश्चिमी राजस्थान उद्योग हस्तशिल्प उत्सव-2026 प्रदेश की आठ करोड़ जनता का कल्याण सर्वोपरि- हस्तशिल्प उद्योग ने ग्रामीणों का किया सशक्तीकरण
उपमुख्यमंत्री दिया कुमारी ने पर्यटन, कला एवं संस्कृति विभाग की ओर से किये जा रहें विकास कार्यों की ली समीक्षा बैठक
जयपुर, 26 दिसम्बर। उपमुख्यमंत्री एवं पर्यटन, कला एवं संस्कृति मंत्री दिया कुमारी की अध्यक्षता में शुक्रवार को राजस्थान धरोहर प्राधिकरण श्री ओंकार सिंह लखावत, अतिरिक्त मुख्य सचिव पर्यटन प्रवीण गुप्ता,...

जयपुर, 26 दिसम्बर। उपमुख्यमंत्री एवं पर्यटन, कला एवं संस्कृति मंत्री दिया कुमारी की अध्यक्षता में शुक्रवार को राजस्थान धरोहर प्राधिकरण श्री ओंकार सिंह लखावत, अतिरिक्त मुख्य सचिव पर्यटन प्रवीण गुप्ता, अतिरिक्त निदेशक पर्यटन आनंद त्रिपाठी, राजस्थान धरोहर प्राधिकरण के मुख्य कार्यकारी अधिकारी रामरतन शर्मा की उपस्थिति में शासन सचिवालय में पर्यटन विभाग से जुड़े विभिन्न विकास कार्यों एवं योजनाओं तथा महत्वपूर्ण बिंदुओं की समीक्षा की गई।

उपमुख्यमंत्री दिया कुमारी ने विभाग की ओर से पुष्कर प्रोजेक्ट पर चर्चा कर प्रगति की जानकारी ली तथा इस हेतु शीघ्रता से कार्य किये जाने के निर्देश दिए। इसके साथ ही उन्होंने दिल्ली में कल्चररल सेंटर बनाने की सम्भावना पर चर्चा कर आवश्यक निर्देश दिए। 

उन्होंने निर्देश दिए कि राजस्थान की परंपरिक पेंटिंग, भित्ति चित्रकारी तथा इससे जुड़ी अन्य कलाओं का नई पीढ़ी को सिखाई जाए। कला एवं संस्कृति विभाग की ओर से इस हेतु प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किए जाएं। इसके साथ ही उन्होंने राजस्थान धरोहर प्राधिकरण द्वारा झुन्झुनूं में बनवाये जाने वाले वार म्यजियम निर्माण पर चर्चा कर आवश्यक निर्देश दिए।

उपमुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि आमेर विकास एवं प्रबंधन प्राधिकरण द्वारा आमेर के अंदरूनी क्षेत्र हेतु मास्टरप्लान बनाकर कार्य किया जाए। उन्होंने निर्देश दिए कि आमेर का इंटीग्रेटेड डेवलपमेंट किया जाए। जिसमें सुरक्षा और पार्किंग, सफाई, दुकानों का व्यस्थिकरण तथा अन्य सुविधाओं का योजना अनुसार विकास किया जाए। उन्होंने जवाहर कला केन्द्र से सम्बंधित विकास कार्यों पर चर्चा कर आवश्यक निर्देश दिए तथा एएसआई के मोनूमेंट पर प्रॉपर लाइटिंग के निर्देश दिए। 

उपमुख्यमंत्री दिया कुमारी को पर्यटन विभाग की विकास शाखा/टीआरसी जयपुर की ओर से जेडीए को जयपुर में कॉन्सर्ट पर्यटन के विकास हेतु भूमि आवंटन की प्रगति की जानकारी दी गई।  

बैठक में आरटीडीसी लैंड डिस्पोजल रूल्स में जल्दी परिवर्तन की जानकारी दी गई। उपमुख्यमंत्री को अवगत कराया गया कि श्री खाटू श्याम जी मंदिर परिसर में विकास कार्य प्रगतिरत है तथा सीएसएस वर्क जल्दी किया जायेगा। इसके साथ ही अवगत कराया गया कि ट्राईबल सर्किट बनाने के क्रम में टीएडी के सुझाव हेतु पत्रावली प्रेषित की गई है।

दिया कुमारी ने निर्देश दिए कि एकीकृत ग्रामीण पर्यटन विकास हेतु कार्य किए जाए। उन्होंने इस हेतु शुरुआती तौर पर शेखावाटी और आभानेरी में कार्य किये जाने की संभावना पर कार्य किये जाने के निर्देश दिए।

अतिरिक्त मुख्य सचिव प्रवीण गुप्ता ने बैठक में अभानेरी में ग्रामीण पर्यटन और मॉडल टूरिस्ट विलेजज हेतु अवगत कराया कि कला एवं संस्कृति विभाग की ओर से पायलेट रूप में पांच गाँवों के लिए संस्कृति पोर्टल प्रस्तावित है। इसी प्रकार शेखावाटी में दो तीन स्थानों पर पायलट प्रोजेक्ट प्रस्तावित है।