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मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में राज्य सरकार के फ्लैगशिप प्रोग्राम में सर्वजन हिताय
सर्वजन सुखाय की भावना हो रही साकार - 25 फ्लैगशिप योजनाओं के माध्यम से राजस्थान का चहुंमुखी विकास हो रहा सुनिश्चित


जयपुर, 29 नवम्बर। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के कुशल नेतृत्व में राज्य सरकार ‘आपणो अग्रणी राजस्थान’ के संकल्प को साकार करने के लिए कृत संकल्पित होकर कार्य कर रही है। राज्य के योजनाबद्ध विकास और प्रत्येक वर्ग के उत्थान के लिए विजन डॉक्यूमेंट तैयार करने के साथ ही, सरकार ने केन्द्र सरकार द्वारा प्रवर्तित एवं राज्य निधि से संचालित 25 प्रमुख योजनाओं को राज्य सरकार के फ्लैगशिप प्रोग्राम में शामिल किया है। इस फ्लैगशिप प्रोग्राम में ग्रामीण और शहरी विकास से लेकर कृषि, स्वास्थ्य, महिला सशक्तिकरण और राष्ट्र निर्माण से जुड़ी महत्वपूर्ण योजनाएं शामिल हैं। राज्य की तरक्की का ताना-बाना इन्हीं प्रमुख योजनाओं के इर्द-गिर्द बुना जा रहा है और इससे सर्वजन हिताय – सर्वजन सुखाय की भावना साकार हो रही है। 

राज्य की आधी आबादी का हो रहा सर्वांगीण विकास —

राज्य सरकार ने प्रदेश की आधी आबादी महिलाओं के सर्वांगीण विकास के लिए अपने फ्लैगशिप प्रोग्राम में कई योजनाओं को शामिल किया है। लाड़ो प्रोत्साहन योजना सशक्तीकरण की दिशा में राज्य सरकार का एक बड़ा कदम है। योजना में गरीब परिवारों की बालिकाओं को जन्म से लेकर शिक्षा हासिल करने तक विभिन्न चरणों में डेढ़ लाख रुपये की सहायता दी जाती है। इसी प्रकार महिलाओं को विभिन्न प्रशिक्षण देकर उन्हें आत्मनिर्भर बनाने के उद्देश्य से नमो ड्रोन दीदी, सोलर दीदी, लखपति दीदी, बैंक सखी, कृषि सखी एवं पशु सखी बनाने का कार्य प्राथमिकता के साथ किया जा रहा है।

वंचित वर्ग के कल्याण को समर्पित राज्य सरकार —

पंडित दीनदयाल उपाध्याय के अंत्योदय के संकल्प को साकार करने के लिए राज्य सरकार ने फ्लैगशिप योजनाओं के माध्यम से वंचित वर्ग का कल्याण सुनिश्चित किया है। मुख्यमंत्री स्वनिधि योजना के तहत राज्य के शहरी क्षेत्रों में जरूरतमंद एवं असहाय परिवार के असंगठित श्रमिकों के साथ भवन निर्माण श्रमिक, हस्तशिल्प श्रमिक, गिग वर्कर, ट्रांसपोर्ट वर्कर, केयर वर्कर, सफाई श्रमिक, घरेलू श्रमिक आदि को विशेष अल्पावधि ऋण उपलब्ध करवाकर आर्थिक संबल दिया जा रहा है। इसके साथ ही पात्र परिवारों को खाद्य सुरक्षा से जोड़ने के अभियान के तहत खाद्य सुरक्षा पोर्टल को पुनः शुरू करते हुए अपात्र लाभार्थियों को सूची से हटाने और नए पात्र लोगों को जोड़ने का व्यापक कार्य किया गया है। प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) के अंतर्गत आर्थिक दृष्टि से कमजोर आय वर्ग के परिवारों को रियायती आवास उपलब्ध करवाए जा रहे हैं। 

स्वास्थ्य सेवाओं का हो रहा विस्तार, ऊर्जा क्षेत्र में भी ठोस कार्य —

केंद्र सरकार द्वारा शुरू किए गए प्रधानमंत्री आयुष्मान भारत स्वास्थ्य अवसंरचना मिशन का उद्देश्य देश में स्वास्थ्य सेवाओं का विस्तार और चिकित्सा ढांचे का सुदृढ़ीकरण करना है। इस अभियान को फ्लैगशिप योजना घोषित करते हुए राज्य सरकार प्रदेश में चिकित्सा एवं स्वास्थ्य सेवाओं का विस्तार कर रही है। नये स्वास्थ्य केन्द्रों का निर्माण तथा क्रिटिकल केयर अस्पताल एवं प्रयोगशालाओं की स्थापना की जा रही है। वहीं ऊर्जा के क्षेत्र में भी राज्य में उल्लेखनीय कार्य किया जा रहा है। पीएम-कुसुम योजना के कम्पोनेंट-ए एवं कम्पोनेंट-सी में प्रदेश में धरातल पर तेजी से काम हो रहा है। कम्पोनेंट ए के अन्तर्गत 2 मेगावाट क्षमता तक के सौर ऊर्जा संयंत्रों की स्थापना कर उन्हें ग्रिड से जोड़ा जा रहा है, वहीं, कम्पोनेंट बी में 7.5 एचपी क्षमता तक के स्वतंत्र सौर कृषि पंपों की स्थापना की जा रही है। कम्पोनेंट सी के तहत ग्रिड से जुड़े 7.5 एचपी क्षमता तक के मौजूदा कृषि पंपों का सौर ऊर्जा से संचालन किया जा रहा है। इसके साथ ही प्रदेश के हर उपभोक्ता को निर्बाध विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित करने के उद्देश्य से संशोधित वितरण क्षेत्र योजना (आरडीएसएस) के अंतर्गत विद्युत वितरण ढांचे को सुदृढ़ करने पर कार्य किया जा रहा है।

पर्यावरण एवं जल संरक्षण के लिए विशेष अभियान —

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान से प्रेरणा लेकर मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा की पहल पर राज्य सरकार ने प्रदेश में मिशन हरियालो राजस्थान की शुरुआत की है। इस अभियान के तहत राज्य में पांच साल में 50 करोड़ पौधे लगाए जाएंगे। इसके साथ ही वर्षाजल सहेजने की परम्परा को पुनर्जीवित करने के लिए शुरू किया गया “कर्मभूमि से मातृभूमि“ अभियान प्रदेश में भूजल स्तर की गिरावट को रोकने में महती भूमिका निभा रहा है। इस अभियान के अंतर्गत राज्य सरकार भामाशाहों और प्रवासी राजस्थानियों को साथ लेकर ग्रामीण क्षेत्रों में रिचार्ज शाफ्ट संरचनाओं का निर्माण करवा रही है। वहीं मुख्यमंत्री जल स्वावलम्बन अभियान 2.0 के तहत पंचायती राज विभाग द्वारा प्रदेश के 4 हजार 700 से अधिक गांवों में वाटर हार्वेस्टिंग स्ट्रक्चर का निर्माण किया जा रहा है। अभियान के तहत एक लाख 10 हजार कार्य करवाने का लक्ष्य है। 

गांवों में बुनियादी सुविधाओं को किया जा रहा मजबूत —

प्रदेश के ग्रामीण क्षेत्रों के विकास के लिए राज्य सरकार ने कई योजनाओं को अपने फ्लैगशिप प्रोग्राम में शामिल किया है। गांवों को गरीबी मुक्त करने के लिए पंडित दीनदयाल उपाध्याय गरीबी मुक्त गांव योजना के तहत चिन्हित गांवों के सभी बीपीएल परिवारों को गरीबी रेखा से ऊपर लाए जाने हेतु विभिन्न गतिविधियां संचालित की जा रही हैं। बुनियादी सुविधाओं का विस्तार करने के लिए राज्य के 5 हजार से अधिक आबादी वाले ग्रामीण कस्बों में अटल प्रगति पथ के तहत सीमेंट कंक्रीट की सड़कों का निर्माण किया जा रहा है। वहीं प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के माध्यम से गांवों को मुख्य सड़कों से जोड़ा जा रहा है। जनजातीय और रेगिस्तानी क्षेत्रों में 250 तक की आबादी वाले गांवों तथा अन्य क्षेत्रों में 500 तक की आबादी वाले गांवों को सड़क-पुल निर्माण द्वारा मुख्य मार्गों से जोड़ा जा रहा है। प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के तहत बेघर परिवारों तथा कच्चे एवं टूटे-फूटे मकानों में रहने वाले ग्रामीण परिवारों को पक्का मकान उपलब्ध कराने हेतु आर्थिक सहायता दी जा रही है। गांवों के हर घर को नल से जल उपलब्ध कराने के लिए जल-जीवन मिशन के तहत पेयजल कनेक्शन दिए जा रहे हैं। गांवों को खुले में शौच से मुक्त करने के लिए स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) को भी फ्लैगशिप योजना घोषित किया गया है। 

ग्रामीणों का जीवन स्तर हो रहा बेहतर —

राज्य सरकार ने प्रदेश की ग्रामीण आबादी को बेहतर जीवन स्तर उपलब्ध कराने के लिए विभिन्न योजनाओं के माध्यम से उन्हें लाभान्वित कर रही है। केन्द्र प्रवर्तित प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना के तहत किसानों को तारबंदी, डिग्गी, फार्मपौण्ड, जलहोज निर्माण, ग्रीन हाउस, पॉली हाउस, शेड नेट, प्लास्टिक मल्चिंग, लो-टनल एवं ड्रिप-स्प्रिंकलर की स्थापना के लिए अनुदान दिया जा रहा है। साथ ही, भूमिहीन कृषि श्रमिकों को 5 हजार रुपये लागत तक के कृषि यंत्र एवं उपकरण भी दिए जा रहे हैं। वहीं, स्वामित्व योजना में ड्रोन तकनीक से गांव के आबादी क्षेत्र का सर्वेक्षण कर डिजिटल मैप के आधार पर भू-स्वामित्व धारकों को स्वामित्व कार्ड और पट्टा दिया जा रहा है। इन संपत्ति कार्डों ने ग्रामीण परिवारों को उनकी संपत्ति का कानूनी अधिकार प्रदान कर उनके लिए ऋण लेना आसान बना दिया है, जिससे ग्रामीण नागरिक सशक्त हो रहे हैं। 

शिक्षित राजस्थान – विकसित राजस्थान —

राज्य सरकार ने नवीन शिक्षा नीति को प्रभावी रूप से लागू करने तथा विद्यालयों में बेहतर गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराने के उद्देश्य से मुख्यमंत्री शिक्षित राजस्थान अभियान को फ्लैगशिप प्रोग्राम में शामिल किया है। इसके साथ ही, ग्रामीण युवाओं को जागरूक कर उन्हें प्रशिक्षण सुविधायें उपलब्ध कराने के लिए प्रत्येक ग्राम पंचायत पर चरणबद्ध रूप से अटल ज्ञान केन्द्र की स्थापना की जा रही है। इस पहल का उद्देश्य 3 हजार से अधिक आबादी वाले ग्राम पंचायत मुख्यालयों में प्रेरकों द्वारा युवाओं को रोजगारपरक प्रशिक्षण देना है।

शहरों का सुनियोजित विकास हो रहा सुनिश्चित —

गांवों के विकास के साथ ही शहरों का भी सुनियोजित विकास राज्य सरकार की प्राथमिकता है। इसलिए स्वच्छ भारत मिशन (शहरी) को फ्लैगशिप योजनाओं में शामिल किया गया है। इससे शहरी क्षेत्रों के कचरा एवं सीवरेज प्रबंधन कर उन्हें स्वच्छ बनाया जा रहा है। शहरी आबादी को पेयजल आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए अमृत योजना पर तेजी से कार्य हो रहा है।

स्थानीय उत्पादों को मिल रही पहचान, हस्त शिल्प को दिया जा रहा बढ़ावा —

मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में राज्य सरकार ने प्रदेश के स्थानीय उत्पादों को लोकल से लेकर ग्लोबल तक नई पहचान दिलाने के लिए पंच गौरव कार्यक्रम की पहल की है, जिसके माध्यम से प्रदेश के प्रत्येक जिले में एक उपज, एक वानस्पतिक प्रजाति, एक उत्पाद, एक पर्यटन स्थल एवं एक खेल को प्रोत्साहन दिया जा रहा है। इसी के साथ प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी द्वारा देश के हस्तशिल्पियों और कलाकारों की कला को सम्मानित करने के लिए शुरू की गई पीएम विश्वकर्मा योजना के तहत 18 व्यवसायों के दस्तकारों को सर्टिफिकेट एवं आई कार्ड तथा टूलकिट के लिए 15 हजार रुपये की सहायता दी जा रही है। साथ ही, 2 लाख रुपये तक का ऋण एवं  ब्याज अनुदान भी दिया जा रहा है। 

प्रदेश के 38 जिलों में 310 नए पशु चिकित्सालय भवनों का होगा निर्माण
पशुपालन मंत्री जोराराम कुमावत के प्रयासों से 144 करोड़ 15 लाख रुपए मंजूर

जयपुर, 28 नवंबर। राजस्थान को विकास के नए आयाम देने के लिए मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा की सार्थक पहल एवं पशुपालन, गोपालन, डेयरी एवं देवस्थान मंत्री श्री जोराराम कुमावत के निर्देशन में प्रदेश की पशु चिकित्सालयों में आधारभूत संरचनाओं के साथ राज्य की पशु चिकित्सा व्यवस्था के समग्र रूप से सुदृढीकरण के लिए निरंतर रूप से प्रभावी कदम उठाए जा रहे हैं। इसी कड़़ी में राजस्थान सरकार ने राज्य के 310 पशु चिकित्सालयों के नए भवनों के निर्माण के लिए 144 करोड़ 15 लाख रुपये की राशि स्वीकृत की है। इन निर्माण कार्यों को प्रारम्भ करने के आदेश जारी करते हुए प्रति पशु चिकित्सालय 46.50 लाख रुपये की राशि स्वीकृत की गई है। इसके तहत अजमेर, अलवर, बालोतरा, बांसवाड़ा, बारां, बाड़मेर, ब्यावर, भरतपुर, भीलवाड़ा, बीकानेर, बूंदी, चितौड़गढ़, चूरू, दौसा, डीग-भरतपुर, डूंगरपुर, जयपुर, जैसलमेर, जालौर, झालावाड़, झुंझुंनू, जोधपुर, करौली, खैरथल-तिजारा, कोटा, कोटपूतली-बहरोड़, कुचामन सिटी, नागौर, पाली, फलौदी, प्रतापगढ़, राजसमंद, सलूंबर, सवाईमाधोपुर, सीकर, सिरौही, श्रीगंगानगर, टोंक व उदयपुर जिले में नए पशु चिकित्सा भवन निर्माण के लिए

 कुल 14415 लाख रुपए की स्वीकृति जारी की गई है। 

पशुपालन मंत्री श्री जोराराम कुमावत ने बताया कि ग्रामीण विकास निधि के तहत 31 मार्च-2029 तक इन भवनों के निर्माण कार्य को पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। उन्होंने बताया कि जयपुर के 26, भीलवाड़ा, पाली और नागौर के 18-18, झुंझुनू के 17, जोधपुर के 16, चित्तौड़ के 14, कोटपूतली- बहरोड़, बीकानेर, सीकर के 11-11 अलवर, बांसवाड़ा, चुरु के 10-10, टोंक, उदयपुर के 09-09, अजमेर, दौसा, जालौर, बालोतरा के 07-07, बाड़मेर, डीग, कोटा, खैरथल- तिजारा, कुचामन के 06-06, डूंगरपुर के 05, प्रतापगढ़, सवाईमाधोपुर के 04-04, बारां, भरतपुर, बूंदी, जैसलमेर, झालावाड़, फलौदी, सिरोही के 03-03 और ब्यावर, करौली, राजसमंद सलूम्बर तथा श्रीगंगानगर के 02-02 स्थानों पर पशु चिकित्सालय भवन निर्मित करने के लिए प्रत्येक जिले को प्रति चिकित्सालय 46.50 लाख रुपये की राशि मंजूर की गई है।

प्रदेश के रोड नेटवर्क की मजबूती और विस्तार हमारी प्राथमिकता: मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा
जयपुर रिंग रोड के उत्तरी हिस्से के निर्माण की तीव्र कार्यवाही करें — प्रस्तावित ग्रीन फील्ड एक्सप्रेसवे के जमीन अधिग्रहण को करें शीघ्र प्रारंभ

जयपुर, 27 नवम्बर। मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा ने कहा कि राजस्थान में सड़क तंत्र को मजबूत व सुरक्षित बनाने एवं विस्तार देने के लिए डबल इंजन की सरकार बड़ी परियोजनाओं पर कार्य कर रही है। उन्होंने भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण एवं सार्वजनिक निर्माण विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए कि गुणवत्ता का ध्यान रखते हुए आपसी समन्वय से समय-सीमा में प्रगतिरत परियोजनाओं को पूरा किया जाए।

श्री शर्मा गुरुवार को मुख्यमंत्री कार्यालय में एनएचएआई के कार्यों की समीक्षा बैठक की अध्यक्षता कर रहे थे। उन्होंने प्रस्तावित ग्रीन फील्ड एक्सप्रेसवे की जमीन अधिग्रहण के संबंध में एनएचएआई को निर्देश दिए कि इस कार्य को शीघ्र प्रारंभ किया जाए। साथ ही, उन्होंने अधिकारियों को जयपुर शहर की यातायात व्यवस्था को सुदृढ़ बनाने के लिए रिंग रोड के उत्तरी हिस्से का निर्माण शीघ्र प्रारंभ करने के लिए जमीन अधिग्रहण के कार्य को प्राथमिकता से पूरा करने के संबंध में निर्देशित किया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि जिला कलक्टर जयपुर, जयपुर विकास प्राधिकरण, भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण एवं सार्वजनिक निर्माण विभाग मिलकर जयपुर से जुड़े महत्वपूर्ण सड़क नेटवर्क पर लॉजिस्टिक पार्क, गोदाम और वेयरहाउस विकसित करने के संबंध में तथ्यात्मक रिपोर्ट प्रस्तुत करें। उन्होंने 200 फीट चौराहे पर एनएचएआई द्वारा किए जाने वाले विकास कार्यों को शीघ्र प्रारंभ करने के निर्देश दिए।

शर्मा को जयपुर-ब्यावर-पचपदरा, जयपुर-किशनगढ़, चितौड़गढ़ बायपास और अलवर-भरतपुर-आगरा सड़क निर्माण के विकास के संबंध में एनएचएआई के अधिकारियों ने जानकारी दी। बैठक में मुख्य सचिव श्री वी. श्रीनिवास सहित मुख्यमंत्री कार्यालय, सार्वजनिक निर्माण विभाग और एनएचएआई के अधिकारी उपस्थित रहे।   

आचार्य सुंदर सागर जी महाराज की दिव्य देशना कार्यक्रम में मुख्यमंत्री हुए शामिल
मुख्यमंत्री को ‘मातृ भू-सेवक’ की मानद उपाधि से किया गया अलंकृत राज्य सरकार जैन तीर्थाें के विकास के लिए प्रतिबद्ध

जयपुर, 27 नवम्बर। मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा ने कहा कि परम पूज्य श्री सुंदर सागर जी महाराज ज्ञान और अहिंसा का दीपक जलाते हुए समाज का मार्ग प्रशस्त कर रहे हैं। उनका जीवन त्याग, तपस्या और करूणा का अद्भुत समन्वय है। उन्होंने कहा कि हमारी सरकार सभी धर्मों के विकास और संरक्षण के लिए समर्पित है। उन्होंने आमजन से आह्वान किया कि वे जैन मुनियों के उपदेशों को न केवल सुने, बल्कि उन्हें अपने जीवन में भी उतारें।  

श्री शर्मा गुरूवार को सांगानेर कैम्प कार्यालय में आयोजित आचार्य श्री सुंदर सागर जी महाराज की दिव्य देशना कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि जैन मुनियों का जीवन साधना से पूर्ण है, वे सांसारिक सुखों को त्याग कर आध्यात्मिक मार्ग पर चलते हैं। उन्होंने कहा कि परम पूज्य श्री सुंदर सागर जी महाराज के जीवन से हमें यह शिक्षा मिलती है कि सच्ची महानता विनम्रता, सच्ची शक्ति अहिंसा और सच्चा सुख त्याग में है।

मुख्यमंत्री द्वारा जैन मुनियों की पद वंदना

मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा ने सभी संतो की पद वंदना करते हुए उनका हाथ थामे एसएफएस मानसरोवर स्थित आदिनाथ मंदिर से सांगानेर कैम्प कार्यालय के कार्यक्रम में लेकर आए। इस दौरान मार्ग में पुष्प वर्षा एवं बैंड वादन कर उनका स्वागत-अभिनंदन किया गया। कार्यक्रम में श्री शर्मा को ‘मातृ भू सेवक’ की मानद उपाधि से अलंकृत भी किया गया। इससे पहले श्री शर्मा ने एसएफएस मानसरोवर स्थित श्री आदिनाथ मंदिर में दर्शन कर प्रदेश की सुख समृद्धि एवं खुशहाली की कामना की। 

जैन धर्म के पंच महाव्रत ने दुनिया को दिया महत्वपूर्ण संदेश

मुख्यमंत्री ने कहा कि जैन धर्म हमें जीवन जीने की कला सिखाता है। इस धर्म के 24 तीर्थंकरों ने समय-समय पर मानव जाति को सही मार्ग दिखाया है। उन्होंने कहा कि जैन धर्म की सबसे बड़ी विशेषता ‘अहिंसा परमो धर्म’ है। ये एक वाक्य नहीं बल्कि सम्पूर्ण जीवन दर्शन है। आज पूरी दुनिया हिंसा से जूझ रही है और जैन धर्म का यह संदेश वर्तमान परिवेश में और अधिक प्रासंगिक हो जाता है। उन्होंने कहा कि जैन धर्म के पंच महाव्रत- अहिंसा, सत्य, अस्तेय, ब्रह्मचर्य, अपरिग्रह आज की भौतिकतावादी दुनिया में महत्वपूर्ण संदेश देते हैं। जैन धर्म हमें बताता है कि सच्चा सुख बाहरी वस्तुओं में नहीं, आन्तरिक संतोष में है। 

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार जैन धर्म के मूल्यों एवं शिक्षाओं को प्रसारित करने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार जैन समाज के तीर्थ स्थलों पर श्रद्धालुओं के लिए सड़कें, पेयजल, स्वच्छता और सुरक्षा सुनिश्चित करते हुए विकास कार्यों को प्राथमिकता दे रही है। कार्यक्रम में श्री शर्मा ने आचार्य श्री सुंदर सागर महाराज के प्रवचनों का श्रवण भी किया।  

इस अवसर पर आचार्य श्री सुंदर सागर जी महाराज, आचार्य शंशाक जी महाराज, सहकारिता राज्यमंत्री श्री गौतम कुमार दक, जयपुर ग्रेटर उप महापौर श्री पुनीत कर्णावत सहित जैन मुनि और बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे। 

लौह पुरूष ने दूरदर्शी सोच और साहसिक निर्णयों से देश को किया एकजुट : मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा
मुख्यमंत्री ने सरदार@150 के तहत यमुना प्रवाह यात्रा को दिखाई हरी झंडी

जयपुर, 26 नवम्बर। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा कि लौह पुरूष सरदार वल्लभ भाई पटेल ने अपनी दूरदर्शी सोच, दृढ़ इच्छाशक्ति और साहसिक निर्णयों से भारत को एकजुट कर राष्ट्र निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उन्होंने युवाओं से आह्वान किया कि युवा सरदार पटेल के जीवन से प्रेरणा लेकर ‘राष्ट्र प्रथम’ को सर्वोपरि रखें तथा एक मजबूत, एकजुट तथा विकसित भारत के निर्माण में योगदान दें। शर्मा ने सभी को संविधान दिवस की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि डॉ. भीमराव अंबेडकर ने विश्व का सबसे बड़ा संविधान हमें दिया है तथा उसी आधार पर देश आगे बढ़ रहा है।

                 शर्मा ने बुधवार को अमर जवान ज्योति से सरदार@150 यूनिटी मार्च के अंतर्गत यमुना प्रवाह यात्रा के तहत आयोजित समारोह को संबोधित किया। उन्होंने कहा कि यशस्वी प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के आह्वान पर पूरे देशभर में सरदार पटेल की 150वीं जयंती मनाई जा रही है। इसी के तहत यमुना प्रवाह यात्रा भी संचालित की जा रही है। उन्होंने कहा कि इस यात्रा के तहत राजस्थान सहित विभिन्न प्रदेशों से युवा जयपुर से कमरसद तक की यात्रा करेंगे। यह यात्रा युवाओं के लिए सरदार पटेल के जीवन, संघर्ष और देशभक्ति को करीब से जानने का अवसर है। साथ ही, युवाओं को सरदार पटेल के आदर्शों और मूल्यों को समझने का प्रत्यक्ष अनुभव भी मिलेगा।

सरदार पटेल ने कभी नहीं किया सिद्धांतों से समझौता

                मुख्यमंत्री ने कहा कि सरदार पटेल का स्वतंत्रता आंदोलन में अमूल्य योगदान रहा। बारडोली सत्याग्रह में उनकी प्रभावशाली भूमिका के कारण उन्हें सरदार की उपाधि दी गई। उन्होंने स्वतंत्रता आंदोलन में भी बढ़-चढ़कर भाग लिया और किसानों को अपने अधिकारों के लिए लड़ना सिखाया और सरदार पटेल जेल भी गए। लेकिन उन्होंने कभी अपने सिद्धांतों के साथ समझौता नहीं किया।

कूटनीति और दूरदर्शिता से 562 रियासतों का किया एकीकरण

                शर्मा ने कहा कि 15 अगस्त 1947 को भारत को आजादी तो मिली लेकिन विभाजन का दर्द भी सहना पड़ा। उस समय देश सैकड़ों टुकड़ों में बंटा हुआ था। उन्होंने कहा कि देश की 562 रियासतें स्वतंत्र इकाई थी। सरदार पटेल ने अपनी कूटनीति, दूरदर्शिता और कभी-कभी कठोरता का इस्तेमाल करते हुए प्रत्येक रियासत को भारत में मिलाना शुरू किया। उन्होंने कहा कि सरदार पटेल ने ऑपरेशन पोलो चलाकर हैदराबाद तथा जनमत संग्रह कराकर जूनागढ़ को भारत में शामिल कराया। उन्होंने भारत की एकता और अखंडता को अपना सबसे बड़ा लक्ष्य बनाया और उसे पूरा करके दिखाया।

धारा 370 हटाकर प्रधानमंत्री ने सरदार पटेल के अधूरे सपने को किया पूरा

                मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री ने सरदार पटेल की विरासत को आगे बढ़ाने का बीड़ा उठाया है। सरदार पटेल का अधूरा सपना प्रधानमंत्री ने कश्मीर से धारा 370 हटाकर पूरा किया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री भारत को एक सूत्र में बांध रहे हैं। पूरब से पश्चिम तक और उत्तर से दक्षिण तक आज भारत एक हो रहा है। सरदार पटेल के योगदान को सम्मान देते हुए विश्व की सबसे बड़ी प्रतिमा स्टैच्यू ऑफ यूनिटी बनाई गई। प्रधानमंत्री के नेतृत्व में वर्ष 2014 के बाद देश में गरीब कल्याण, विकास योजनाओं, आतंकवाद-नक्सलवाद का खात्मा तथा विश्व पटल पर देश का सम्मान बढ़ने जैसे अभूतपूर्व कार्य हुए हैं। उन्होंने कहा कि पूरा विश्व भारत को उम्मीदों से देख रहा है तथा दुनिया के सबसे बड़े लीडर के नेतृत्व में देश नई ऊचाईयां छू रहा है।

                 शर्मा ने कहा कि सरदार पटेल का जीवन युवाओं और हर भारतीय के लिए प्रेरणा है। युवा पीढ़ी उनके जीवन से कर्तव्यनिष्ठा, ईमानदारी और सत्यनिष्ठा, दृढ़ संकल्प, एकता तथा सादगी की पांच प्रमुख सीख ले सकती है। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने सरदार@150 यूनिटी मार्च के तहत यमुना प्रवाह यात्रा को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इससे पहले श्री शर्मा ने अमर जवान ज्योति पर पुष्पचक्र अर्पित कर शहीदों को नमन भी किया।

                इस दौरान सांसद मदन राठौड़, श्रीमती मंजू शर्मा, विधायक कालीचरण सराफ,  जितेन्द्र गोठवाल,  गोपाल शर्मा,  बालमुकुन्दाचार्य सहित बड़ी संख्या में आमजन उपस्थित रहे।

आमजन की समस्याओं का त्वरित समाधान करें अधिकारी: मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा
मुख्यमंत्री निवास पर नियमित जनसुनवाई -अन्त्योदय राज्य सरकार की योजनाओं का प्रमुख लक्ष्य

जयपुर, 24 नवम्बर। मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में राज्य सरकार जवाबदेहिता एवं पारदर्शिता से कार्य करते हुए सुशासन की ओर अग्रसर है। सरकार के द्वारा किए जा रहे कार्यक्रमों, नवाचारों एवं योजनाओं का प्रमुख ध्येय अंतिम पायदान पर बैठे व्यक्ति तक योजनाओं का लाभ पहुंचाना है। जनसुनवाई भी इसी लक्ष्य की ओर बढ़ता एक मजबूत कदम है। मुख्यमंत्री नियमित रूप से इस जनसुनवाई में लोगों की समस्याओं का समाधान कर उन्हें राहत दे रहे हैं।

                श्री शर्मा ने सोमवार को मुख्यमंत्री निवास पर जनसुनवाई की। उन्होंने इस दौरान आमजन की परिवेदनाओं को संवेदनशीलता के साथ सुनते हुए अधिकारियों को उन समस्याओं के त्वरित निस्तारण के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि जनसुनवाई में परिवादी उम्मीद के साथ आते हैं। ऐसे में अधिकारी इन प्रकरणों को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए इनका शीघ्र निस्तारण करें।

                श्री शर्मा ने जनसुनवाई में बड़ी संख्या में आई महिलाओं, दिव्यांगों, बुजुर्गों सहित विभिन्न लोगां की समस्याओं का मौके पर ही निस्तारण किया। आमजन अपनी परिवेदनाओं के निस्तारण से बेहद संतुष्ट नजर आए। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि परिवादियों को जल्द से जल्द राहत दी जाए। साथ ही, लंबित प्रकरणों की नियमित मॉनिटरिंग करते हुए इसका शीघ्र समाधान करें। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि प्रकरणों के निस्तारण में किसी भी तरह की लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों पर सख्त कार्यवाही की जाए।

                मुख्यमंत्री ने इस दौरान सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता, ग्रामीण विकास एवं पंचायतीराज, श्रम, कृषि, गृह, राजस्व, पशुपालन, जयपुर विकास प्राधिकरण, नगर निगम, शिक्षा, चिकित्सा, पेयजल सहित विभिन्न विभागों की आमजन से जुड़ी परिवेदनाओं को सुना और उनका मौके पर ही निस्तारण किया। इस दौरान श्री शर्मा ने विभिन्न संस्थाओं द्वारा आयोजित किए जाने वाले कार्यक्रमों के पोस्टर विमोचन भी किए।

                इस अवसर पर बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि और आमजन उपस्थित रहे।

मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में राजस्थान करेगा ‘खेलो इंडिया यूनिवर्सिटी गेम्स-2025’ की मेजबानी
‘खम्मा घणी’ करेंगे देशभर के खिलाड़ियों का स्वागत, 24 नवम्बर से होगा 24 खेलों का आगाज, 7 शहरों में 7 हजार से ज्यादा प्रतिभागी होंगे शामिल

     जयपुर, 21 नवम्बर। मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में राजस्थान  24 नवम्बर से 5 दिसंबर तक खेलो इंडिया यूनिवर्सिटी गेम्स (केआईयूजी) के 5वें संस्करण की मेजबानी करने जा रहा है। प्रदेश में पहली बार आयोजित होने जा रहे केआईयूजी को भव्य, ऐतिहासिक और सफल बनाने के लिए श्री शर्मा के निर्देशन में जोर-शोर से तैयारियां की जा रही हैं।

                राजस्थान में जयपुर, अजमेर, भरतपुर, कोटा, उदयपुर, जोधपुर और बीकानेर में देशभर के युवा खिलाड़ी विभिन्न खेल प्रतियोगिताओं में अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन करेंगे जिससे स्पोर्ट्समैनशिप का अद्भुत संगम देखने का मिलेगा। केआईयूजी में कुल 24 खेलों में 23 पदक विजेता खेल और एक प्रदर्शन खेल शामिल है। एथलेटिक्स, बैडमिंटन, बास्केटबॉल, हॉकी, तैराकी, टेनिस, फुटबॉल, तीरंदाजी, शूटिंग, मल्लखम्भ, साइकिलिंग, रग्बी, जूडो, बीच वॉलीबॉल, केनोइंग और कयाकिंग, कबड्डी, भारोत्तोलन, टेबल टेनिस, योगासन, तलवारबाजी, वॉलीबॉल, बॉक्सिंग और कुश्ती में पदक जीतने के लिए युवा खिलाड़ी दमखम दिखाएंगे। वहीं, खो-खो खेल का आयोजन एक प्रदर्शन मैच के रूप में होगा।

                जयपुर में 24 नवम्बर से 5 दिसम्बर तक एथलेटिक्स, बैडमिंटन, बास्केटबॉल, हॉकी, तैराकी, टेनिस, फुटबॉल, तीरंदाजी, शूटिंग, मल्लखम्भ, साइकिलिंग में विभिन्न वर्गों में प्रतियोगिता आयोजित होंगी। अजमेर में 26 नवम्बर से 28 नवम्बर तक रग्बी खेल और खो-खो के प्रदर्शन मैच का आयोजन होगा। इसी प्रकार, उदयपुर में 25 नवम्बर से 4 दिसम्बर तक जूडो, बीच वॉलीबाल के साथ विशेष आकर्षण के रूप में केनोइंग और कयाकिंग वाटर स्पोर्ट्स में युवा अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन करेंगे।

                 युवा जोश से भरे इन खेलों में 25 नवम्बर से 5 दिसम्बर तक कबड्डी और भारोत्तोलन का आयोजन बीकानेर में होगा। वहीं, जोधपुर में 25 नवम्बर से 3 दिसम्बर तक योगासन और टेबल टेनिस के खेल में युवा खिलाड़ी अपना कौशल दिखाएंगे। कोटा में 25 नवम्बर से 4 दिसम्बर तक तलवारबाजी और वॉलीबॉल के खेल का आयोजन होगा। इसी प्रकार, भरतपुर में 25 नवम्बर से 5 दिसम्बर तक कुश्ती और बॉक्सिंग में युवा अपना दमखम दिखाएंगे।

                प्रदेश के प्रमुख संभाग स्तरीय 7 शहरों में खेलो इंडिया यूनिवर्सिटी गेम्स-2025 में देश के लगभग 5 हजार खिलाड़ियों सहित 7 हजार से ज्यादा प्रतिभागी शामिल होंगे।

मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में जल संचयन में देशभर में नई पहचान बना रहा जयपुर
राष्ट्रीय जल संचय जन भागीदारी अवॉर्ड्स में जयपुर जिले ने हासिल किया द्वितीय पुरस्कार

मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के दूरदर्शी नेतृत्व और राज्य सरकार की जल संरक्षण के प्रति दृढ़ प्रतिबद्धता के परिणामस्वरूप जयपुर जिला जल संचयन के क्षेत्र में राष्ट्रीय स्तर पर एक अनुकरणीय मॉडल के रूप में उभरा है। मुख्यमंत्री के मार्गदर्शन, स्पष्ट प्राथमिकताओं और जल सुरक्षा को राज्य के विकास एजेंडे के केंद्र में रखने की नीति ने जिला प्रशासन को जल संरक्षण को एक जन आंदोलन के रूप में आगे बढ़ाने की प्रेरणा दी। मुख्यमंत्री के नेतृत्व में जयपुर जिले में जल संचयन की परंपरागत और आधुनिक दोनों पद्धतियों को एकीकृत कर व्यापक स्तर पर कार्य किया गया, जिसके फलस्वरूप जिले को राष्ट्रीय जल संचय जनभागीदारी अवॉर्ड्स में द्वितीय पुरस्कार प्राप्त हुआ है।

मंगलवार को नई दिल्ली स्थित विज्ञान भवन में आयोजित छठे राष्ट्रीय जल संचय जन भागीदारी सम्मान समारोह में केंद्रीय जल शक्ति मंत्री सी. आर. पाटिल ने जयपुर जिले को द्वितीय पुरस्कार से सम्मानित किया और प्रशस्ति पत्र के साथ 1 करोड़ रुपये की प्रोत्साहन राशि प्रदान की। यह राशि जिले में उन्नत जल संरक्षण मॉडल विकसित करने, तकनीकी नवाचारों को बढ़ावा देने और ग्राम स्तर पर जल सुरक्षा परियोजनाओं के विस्तार में उपयोग की जाएगी। जिला कलक्टर डॉ. सोनी के प्रतिनिधित्व में यह पुरस्कार जिला परिषद की मुख्य कार्यकारी अधिकारी श्रीमती प्रतिभा वर्मा ने ग्रहण किया।

जयपुर जिले में जल संरक्षण कार्यों की श्रृंखला व्यापक और प्रभावी रही है। फार्म पॉण्ड, रिचार्ज शाफ्ट, सोक पिट, मैजिक पिट, कंटूर ट्रेंच, परकोलेशन टैंक तथा ग्राम स्तर पर वर्षाजल भंडारण से संबंधित कई नवाचारी संरचनाओं का बड़े पैमाने पर निर्माण किया गया। इन कार्यों ने जिले की जल धारण क्षमता को अनेक गुना बढ़ाया है और भूजल पुनर्भरण में उल्लेखनीय सुधार का मार्ग प्रशस्त किया है। जयपुर जिले द्वारा किए गए कार्यों का सत्यापन केन्द्र सरकार के जल शक्ति मंत्रालय द्वारा नियुक्त केंद्रीय भू-जल बोर्ड के अधिकारियों की टीम द्वारा किया गया। मुख्यमंत्री द्वारा जल संरक्षण कार्यक्रमों को जमीनी स्तर पर सफल बनाने के लिए प्रशासनिक, तकनीकी एवं सामुदायिक सहभागिता को केंद्र में रखने के निर्देशों का बेहतरीन प्रभाव जयपुर में देखने को मिला, जहाँ जिला प्रशासन, पंचायत राज संस्थाओं, जलदाय विभाग, कृषि विभाग, ग्रामीण विकास विभाग और वन विभाग सहित विभिन्न इकाइयों के बीच उत्कृष्ट समन्वय स्थापित हुआ।

जिला कलक्टर डॉ. जितेन्द्र कुमार सोनी के निर्देशन में एक सुव्यवस्थित और परिणाम उन्मुख कार्ययोजना तैयार की गई, जिसके अंतर्गत प्रत्येक ब्लॉक और ग्राम पंचायत में जल संरक्षण अवसंरचना के विस्तार पर बल दिया गया। अभियान के संचालन के दौरान नियमित मॉनिटरिंग, साइट निरीक्षण और प्रगति समीक्षा ने कार्यों की गति और गुणवत्ता दोनों को सुनिश्चित किया। मुख्यमंत्री के ‘जल सुरक्षा -सशक्त राजस्थान’ संकल्प के अनुरूप स्थानीय समुदायों को भी इस अभियान का सक्रिय भागीदार बनाया गया, जिसका सकारात्मक प्रभाव जल संरचनाओं के संरक्षण और उपयोगिता पर दीर्घकालिक रूप से देखने को मिलेगा।

जयपुर की यह राष्ट्रीय उपलब्धि न केवल जिले की प्रशासनिक दक्षता का प्रमाण है, बल्कि मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में जल संरक्षण को राज्यव्यापी प्राथमिकता बनाए जाने की नीति की उल्लेखनीय सफलता भी दर्शाती है। यह उपलब्धि राजस्थान के अन्य जिलों के लिए भी प्रेरणादायक है, जहाँ जयपुर मॉडल को भविष्य में जल सुरक्षा और भूजल प्रबंधन के क्षेत्र में एक सशक्त दृष्टांत के रूप में अपनाया जा सकेगा।

CM भजन लाल शर्मा के कैबिनेट की पहली बैठक
कैबिनेट की बैठक में भजन लाल शर्मा सरकार ने राजस्‍थान प्रशासन‍िक सेवा की मुख्‍य परीक्षा की डेट आगे बढ़ा दी है। हालांकि आरएएस मुख्‍य परीक्षा 2024 की नई तिथि क्‍या...

कैबिनेट की बैठक में भजन लाल शर्मा सरकार ने राजस्‍थान प्रशासन‍िक सेवा की मुख्‍य परीक्षा की डेट आगे बढ़ा दी है। हालांकि आरएएस मुख्‍य परीक्षा 2024 की नई तिथि क्‍या होगी? इसका अभी फैसला नहीं हुआ है।
दरअसल, आरएएस मुख्‍य परीक्षा आगामी 27-28 जनवरी को प्रस्‍तावित थी, मगर अभ्‍यर्थी परीक्षा की डेट बढ़वाने के लिए पिछले कई दिन से धरना-प्रदर्शन कर रहे थे। कैबिनेट की बैठक में आरएएस मुख्‍य परीक्षा की तिथि बढ़ने की घोषणा होने पर जयपुर में राजस्‍थान विश्‍वविद्यालय परिसर में धरना देकर बैठे अभ्‍यर्थियों में खुशी की लहर दौड़ गई। उल्‍लेखनीय है कि कैबिनेट मंत्री किरोड़ी लाल मीणा आंदोलन कर रहे अभ्‍यर्थियों से मुलाकात की थी। उन्‍होंने तिथि बढ़ाने का आश्‍वासन भी दिया था।

उधर, कैबिनेट की बैठक में मीसा बंदियों को प्रतिमाह 20 हजार रुपये पेंशन देना और सीबीआई जांच के लिए इजाजत लेने के नियम को खत्म करना जैसे बड़े फैसले भी लिए गए हैं।

कैबिनेट मंत्री राज्यवर्धन सिंह राठौड़ और किरोड़ी लाल मीणा ने बैठक के बाद संयुक्त रूप से प्रेस कॉन्फ्रेंस करते हुए ये जानकारी साझा की है।

मीडिया की खबरों के अनुसार कैबिनेट मंत्री राज्यवर्धन सिंह राठौड़ ने बताया कि पिछले 6 महीने में पूववर्ती अशोक गहलोत सरकार द्वारा जो निर्णय लिए गए हैं। उसकी एक समिति जांच करेगी। ये समीक्षा 3 महीने के अंदर पूरी की जाएगी और फिर उसकी रिपोर्ट सीएम शर्मा को सौंपी जाएगी।

राज्यवर्धन सिंह राठौड़ के अनुसार प्रदेश में लोकतंत्र सेनानी सम्मान निधि 2008 को फिर से बहाल कर दिया गया है। इससे आपातकाल के अंदर लोकतंत्र की रक्षा के लिए लड़ाई लड़ने वाले मीसा बंदियों को फिर से पेंशन मिल सकेगी। उन्हें 20 हजार रुपए प्रतिमाह की पेंशन के साथ 4 हजार रुपए मासिक की चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी।