Breaking News
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने केन्द्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा और केंद्रीय ऊर्जा मंत्री मनोहर लाल से की मुलाकात
स्वास्थ्य सेवाओं, मेट्रो विस्तार एवं ऊर्जा से जुड़े विषयों पर की अहम चर्चा

जयपुर, 28 जनवरी। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने बुधवार को नई दिल्ली में केंद्रीय स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्री जेपी नड्डा एवं केंद्रीय आवासन, शहरी कार्य एवं ऊर्जा मंत्री मनोहर लाल से शिष्टाचार भेंट की। 

मुख्यमंत्री ने केंद्रीय स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्री श्री नड्डा से मुलाकात के दौरान प्रदेश में स्वास्थ्य सेवाओं के सुदृढ़ीकरण, आधारभूत स्वास्थ्य ढांचे के विस्तार एवं राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के प्रभावी क्रियान्वयन पर विस्तृत चर्चा की। साथ ही, उन्होंने प्रदेशवासियों को सुलभ और बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने के संबंध में भी सार्थक संवाद किया।

मुख्यमंत्री श्री शर्मा ने केंद्रीय आवासन, शहरी कार्य एवं ऊर्जा मंत्री मनोहर लाल से मेट्रो विस्तार, शहरी यातायात एवं ऊर्जा से जुड़े विभिन्न विषयों को लेकर मुलाकात की। इस दौरान उन्होंने प्रदेश को ऊर्जा आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में विकसित किए जा रहे बैटरी एनर्जी स्टोरेज सिस्टम एवं नवीन ट्रांसमिशन तंत्र के सुदृढ़ीकरण सहित ऊर्जा क्षेत्र के अन्य पहलुओं पर अहम चर्चा की।

युवा राष्ट्र के कर्णधार, भविष्य की सबसे बड़ी उम्मीद : मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा
देश के 44 युवा विकसित भारत यंग लीडर्स डायलॉग एवं 29 युवा सांस्कृतिक प्रतियोगिता के लिए चयनित

जयपुर, 7 जनवरी। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने स्वामी विवेकानंद के आदर्शों के अनुरूप एक भारत-श्रेष्ठ भारत, आत्मनिर्भर भारत और विकसित भारत बनाने का संकल्प लिया है। प्रधानमंत्री के इसी संकल्प से प्रदेश के युवा रूबरू होंगे, जब वे नई दिल्ली में आयोजित होने वाले 29वें राष्ट्रीय युवा महोत्सव में सहभागिता करेंगे। 

शर्मा बुधवार को 29वें राष्ट्रीय युवा महोत्सव में शामिल होने वाले प्रदेश के युवा प्रतिभागियों से मुख्यमंत्री कार्यालय में संवाद कर रहे थे। उन्होंने कहा कि युवा राष्ट्र के कर्णधार हैं और वही भविष्य की सबसे बड़ी उम्मीद भी हैं। युवा-मन के विश्वास एवं जिज्ञासा से ही नेतृत्व क्षमता का विकास होता है। उन्होंने प्रतिभागी युवाओं को प्रदेश के ब्रांड एंबेसडर बताते हुए विश्वास व्यक्त किया कि सभी प्रतिभागी महोत्सव में प्रदेश का परचम फहराएंगे और और पूरे प्रदेश के लिए प्रेरणास्रोत बनेंगे।

मुख्यमंत्री ने कहा कि स्वामी विवेकानंद ने युवाओं से ‘उठो, जागो और तब तक मत रुको जब तक मंजिल प्राप्त न हो जाए’ का आह्वान किया था। उन्होंने कहा था कि 21वीं सदी भारत की होगी और आज प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में भारत दुनिया का नेतृत्व करने की ओर अग्रसर है।

प्रदेश, संभाग एवं जिला स्तर पर हो रहा युवा महोत्सवों का आयोजन

शर्मा ने कहा कि राज्य सरकार ने युवा कल्याण के लिए महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं। राज्य सरकार स्वामी विवेकानंद की जयंती के अवसर पर 7 से 12 जनवरी तक युवा एवं खेल महोत्सवों का प्रदेश, संभाग एवं जिला स्तर पर आयोजन कर रही है। इसके अंतर्गत युवा कलाकारों को जिला स्तर पर 1 हजार रुपये, संभाग स्तर डेढ़ हजार और राज्य स्तर पर 50 हजार रुपये तक के पुरस्कार दिए जा रहे हैं। राष्ट्रीय यूथ आइकॉन पुरस्कार की भांति प्रदेश में राजस्थान युवा आइकॉन पुरस्कार और एक लाख रुपये की नकद राशि से सम्मानित किया जा रहा है।

92 हजार युवाओं को सरकारी नौकरी, डेढ लाख से अधिक भर्ती प्रक्रियाधीन

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार ने लगभग 92 हजार युवाओं को सरकारी नौकरी दी है और डेढ़ लाख से अधिक पदों पर भर्तियां प्रक्रियाधीन है। निजी क्षेत्र में भी तीन लाख से अधिक युवाओं को कौशल प्रशिक्षण देने के साथ ही करीब ढाई लाख युवाओं को रोजगार दिया गया है। उन्होंने कहा कि खिलाड़ियों को आगे बढ़ाने के लिए हाल ही में खेलो इंडिया यूनिवर्सिटी गेम्स का सफल आयोजन किया गया है। वहीं, राजस्थान डिजिफेस्ट टाई ग्लोबल समिट में प्रदेश के युवाओं ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया और नई तकनीक को समझा। उन्होंने कहा कि युवा रोजगार चाहने वाले की जगह रोजगार प्रदाता बनें।

मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में हर्षिता शर्मा का जिक्र किया जिन्होंने राष्ट्रीय युवा संसद में प्रथम पुरस्कार जीता था। साथ ही, उन्होंने सुुश्री काव्या सिंह के बारे में भी बताया  जिन्होंने पिछले वर्ष विकसित भारत यंग लीडर्स डायलॉग में प्रधानमंत्री से भेंट की थी। 

कार्यक्रम में युवा मामले एवं खेल मंत्री कर्नल राज्यवर्धन राठौड़ ने कहा कि युवाओं को राष्ट्रीय मंच पर राजस्थान का प्रतिनिधित्व करने का अवसर मिला है। उन्होंने कहा कि सभी प्रतियोगी इस अवसर को अन्य प्रदेशों के बारे में जानने का माध्यम बनाएं।

युवा प्रतिभागियों ने मुख्यमंत्री से अपने विचारों को साझा करते हुए कहा कि युवा देश के विकास का इंजन है और वे सभी शिक्षा, स्वास्थ्य, तकनीक सहित विभिन्न क्षेत्रों में अपना योगदान देकर विकसित भारत के निर्माण में अपनी सक्रिय भूमिका निभाएंगे। मुख्यमंत्री ने सभी प्रतिभागियों को राष्ट्रीय युवा महोत्सव में सफल सहभागिता के लिए हार्दिक शुभकामनाएं दीं। संवाद के दौरान मुख्यमंत्री ने युवाओं के साथ वन-टू-वन बातचीत की और उनके साथ सेल्फी भी ली।

उल्लेखनीय है कि राष्ट्रीय युवा महोत्सव में भागीदारी के लिए विकसित भारत यंग लीडर्स डायलॉग के लिए आयोजित प्रतियोगिता में प्रदेश के 44 युवाओं का चयन किया गया है। साथ ही, प्रदेश के 29 युवाओं को सामूहिक लोक नृत्य, लोक गायन, कहानी लेखन, पेंटिंग और भाषण जैसी प्रतियोगिता एवं 02 युवाओं को हैक फॉर सोशल कॉज इवेंट के लिए चुना गया है।

इस अवसर पर मुख्य सचिव श्री वी. श्रीनिवास, अतिरिक्त मुख्य सचिव (मुख्यमंत्री) अखिल अरोड़ा, युवा मामले एवं खेल विभाग के शासन सचिव डॉ. नीरज के. पवन सहित अन्य अधिकारीगण एवं प्रतिभागी युवा उपस्थित रहे। 

मुख्यमंत्री जल स्वावलंबन अभियान मोबाइल ऐप पर कर्मयोगी वाटरशेड मॉड्यूल लॉन्च
जलग्रहण विकास एवं भू संरक्षण विभाग की समीक्षा बैठक आयोजित

जयपुर, 5 जनवरी। पंचायती राज मंत्री मदन दिलावर ने सोमवार को जलग्रहण विकास एवं भू संरक्षण विभाग की विभिन्न योजनाओं की समीक्षा की। सचिवालय में आयोजित बैठक में पंचायती राज राज्य मंत्री श्री ओटाराम देवासी भी उपस्थित रहे।

मुख्यमंत्री जल स्वावलंबन अभियान मोबाइल ऐप पर कर्मयोगी वाटरशेड मॉड्यूल लॉन्च

पंचायती राज मंत्री मदन दिलावर ने बैठक के दौरान मुख्यमंत्री जल स्वावलंबन अभियान मोबाइल ऐप पर कर्मयोगी वाटरशेड मॉड्यूल  लॉन्च किया। 

दिलावर ने कहा कि विशेषज्ञों द्वारा निर्मित प्रशिक्षण वीडियोयुक्त यह ऐप विभागीय कार्मिकों के लिए उपयोगी होगा और जल संरक्षण को नई दिशा देगा। यह जल स्वावलंबन की ओर एक सशक्त कदम है। उन्होंने इस अभिनव पहल के लिए सभी को बधाई दी। उन्होंने मॉड्यूल निर्माण में सहयोग देने वाले 14 व्यक्तियों को सर्टिफिकेट भी प्रदान किया। 

क्या है कर्मयोगी वाटरशेड मॉड्यूल—

विभाग द्वारा संचालित योजनाओं में ली जाने वाली विभिन्न गतिविधियों जैसे अभियांत्रिकी ढांचे, डीपीआर MIS, गुणवत्ता, टेंडर, RTPP Rule आदि विषय वस्तुओं का सुलभ सरल भाषा में प्रशिक्षण सामग्री वीडियो के रूप में तैयार की गई है। यह सामग्री ई— लर्निंग का भाग है जो MJSA APP, विभाग के यूट्यूब चैनल पर सर्व सुलभ रहेगा।

विभाग ने अभी तक 38 वीडियो विभिन्न विषय वस्तु पर तैयार कर पोर्टल पर अपलोड किए हैं। भारत सरकार की PMKSY वेबसाइट के 13 वीडियो एवं आईआईटी रुड़की खड़गपुर आदि संस्थाओं के 77 वीडियो और विभाग द्वारा संपादित विभिन्न सफलताओं की कहानियां आदि इस प्लेटफार्म पर एक साथ उपलब्ध रहेगी ।

यह विभागीय अभियंताओं की क्षमता, दक्षता एवं जानकारी बढ़ाने में सहयोगी सिद्ध होगा, जिससे कार्य संपादन में सुगमता का गुणवत्ता में भी अभिवृद्धि होगी। जल संरक्षण एवं भू संरक्षण में अभिरुचि रखने वाले लाभान्वितों के ज्ञान वर्धन तथा जागरूकता पैदा करने में भी मिल का पत्थर साबित होगा। विभिन्न प्रशिक्षण संस्थानों द्वारा जल एवं भू संरक्षण में प्रशिक्षण के लिए इस सामग्री का सीधा उपयोग भी किया जा सकेगा। 

उल्लेखनीय है कि मिशन ज्ञान एवं आईपीसीए फाउंडेशन के साथ एक नॉन फाइनेंशियल करार एक वर्ष हेतु किया गया था। इसमें सेवानिवृत्त अभियंताओं के अनुभव एवं ज्ञान के साथ विभागीय अभियंताओं का निशुल्क सहयोग लिया गया है।

दिलावर ने प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना 2.0, ऑडिट पेरा तथा विभाग की अन्य योजनाओं की समीक्षा की। 

बैठक में पंचायती राज विभाग के शासन सचिव एवं आयुक्त डॉ. जोगाराम, जलग्रहण विकास एवं भू संरक्षण विभाग के निदेशक श्री मुहम्मद जुनैद  एवं अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।

गंभीर रोगियों को उपचार के लिए मिलेंगे बेहतर विकल्प
इलाज सबके लिए—सब जगह मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा की ऐतिहासिक एवं संवेदनशील पहल— मा योजना में अब पूरे देश में इलाज की सुविधा

जयपुर, 3 जनवरी। मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा की पहल पर प्रदेश में लागू की गई मुख्यमंत्री आयुष्मान आरोग्य योजना अब पूरे देश के लिए मिसाल बन गई है। योजना में शामिल करोड़ों परिवार अब देश के दूसरे राज्यों में भी निःशुल्क उपचार ले सकेंगे। मुख्यमंत्री की ऐतिहासिक पहल एवं चिकित्सा मंत्री गजेन्द्र सिंह खींवसर के प्रयासों से अब इस योजना में देश के 30 हजार से अधिक अस्पतालों का बड़ा नेटवर्क शामिल हो गया है। इससे प्रदेश के नागरिकों को देश के नामी अस्पतालों में गुणवत्तापूर्ण उपचार मिल सकेगा। नि:शुल्क उपचार की दिशा में राज्य सरकार का यह बड़ा कदम है, जो यूनिवर्सल हेल्थ कवरेज के लक्ष्य को हासिल करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। 

चिकित्सा एवं स्वास्थ्य मंत्री ने बताया कि मुख्यमंत्री आयुष्मान आरोग्य योजना (मा) प्रदेश के करोड़ों परिवारों की स्वास्थ्य सुरक्षा सुनिश्चित कर रही है। केन्द्र सरकार की प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना (पीएमजेएवाई) को एकीकृत कर वृहद रूप में संचालित की गई यह योजना आज न केवल प्रदेश के भीतर, बल्कि प्रदेश की सीमाओं के बाहर भी निःशुल्क और कैशलेस इलाज की गारंटी बन चुकी है। राज्य सरकार ने इस योजना में करीब 6 माह पहले इंटर स्टेट पोर्टेबिलिटी लागू की थी, जिसके पहले चरण में इन बाउण्ड पोर्टेबिलिटी लागू की गई थी, जिसके तहत दूसरे राज्यों के नागरिकों को राजस्थान में इलाज की सुविधा उपलब्ध करवाई गई थी। अब 19 दिसम्बर से इस योजना में आउट बाउण्ड पोर्टेबिलिटी की सुविधा प्रारंभ कर दी गई है। इससे प्रदेश के नागरिकों को देश के अन्य राज्यों में निःशुल्क उपचार की सुविधा मिल सकेगी।  

गंभीर रोगियों की पीड़ा होगी दूर—

चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग की प्रमुख शासन सचिव श्रीमती गायत्री राठौड़ ने बताया कि अब तक गंभीर बीमारियों के उपचार के लिए कई मरीजों को मजबूरी में गुजरात, दिल्ली जैसे अन्य राज्यों में जाकर इलाज कराना पड़ता था, जहां उन्हें अपनी जेब से भारी खर्च वहन करना पड़ता था। इस पीड़ा को समझते हुए राज्य सरकार ने एक ऐतिहासिक और जनहितकारी निर्णय लेते हुए आउटबाउंड पोर्टिबिलिटी को लागू कर दिया है। इस नई व्यवस्था के तहत अब राजस्थान के पात्र परिवार प्रदेश के बाहर भी एम्पैनल्ड अस्पतालों में कैशलेस इलाज प्राप्त कर सकेंगे। आउटबाउंड पोर्टिबिलिटी का लाभ न केवल पीएमजेएवाई के पात्र परिवारों को मिलेगा बल्कि मुख्यमंत्री आयुष्मान आरोग्य योजना के सभी पात्र परिवारों को भी देश के अन्य राज्यों में 25 लाख रुपये तक का निःशुल्क उपचार उपलब्ध होगा।

नामी अस्पतालों में मिलेगा गुणवत्तापूर्ण इलाज—

श्रीमती राठौड़ ने बताया कि आउट बाउण्ड पोर्टेबिलिटी के अंतर्गत देश के विभिन्न राज्यों (तमिलनाडु और कर्नाटक को छोड़कर) में स्थित लगभग 16 हजार सरकारी और 14 हजार निजी अस्पतालों में इलाज की सुविधा मिलेगी। इसमें पड़ोसी राज्यों के प्रमुख अस्पताल भी शामिल हैं। दिल्ली के 184, गुजरात के 2067, हरियाणा के 1366, मध्य प्रदेश के 1622, महाराष्ट्र के 1709, पंजाब के 823 और उत्तर प्रदेश के 6182 अस्पताल इस योजना में सूचीबद्ध हैं। इसमें दिल्ली एवं भोपाल के एम्स, मेदांता, चंडीगढ़ का पीजीआई, लखनउ का केएमपीयू, गुजरात के यूएन मेहता इंस्टीट्यूट ऑफ कार्डियोलॉजी एण्ड रिसर्च सेंटर, द गुजरात कैंसर एण्ड रिसर्च सेंटर, बनास मेडिकल कॉलेज एण्ड रिसर्च इंस्टीट्यूट, पालनपुर सहित कई नामी अस्पताल शामिल हैं।

अब तक 7100 करोड़ का कैशलेस इलाज, दूसरे राज्यों में 15 दिन में लगभग 350 रोगियों ने लिया उपचार—

राजस्थान स्टेट हेल्थ एश्योरेंस एजेंसी के मुख्य कार्यकारी अधिकारी श्री हरजीलाल अटल ने बताया कि आउट बाउण्ड पोर्टिबिलिटी के तहत अब तक लगभग 350 रोगियों ने उपचार प्राप्त कर लिया है। वर्तमान में इस योजना के अंतर्गत प्रदेश के 1.36 करोड़ पात्र परिवारों को 25 लाख रुपये तक का कैशलेस उपचार उपलब्ध कराया जा रहा है। योजना में करीब 2200 प्रकार के उपचार पैकेज शामिल हैं, जिनमें सामान्य रोगों से लेकर कैंसर, हृदय रोग, किडनी रोग, अंग प्रत्यारोपण जैसी गंभीर और खर्चीली बीमारियों का इलाज शामिल है। गत दो वर्ष में योजना के तहत 37 लाख से अधिक मरीजों को 7100 करोड़ रुपये से अधिक का निःशुल्क उपचार दिया जा चुका है। इनमें ढाई लाख ऐसी गंभीर रोगी शामिल हैं, जो जीवन और मौत से संघर्ष कर रहे थे। इस योजना से उन्हें नया जीवन मिला है। 

आउट बाउण्ड पोर्टिबिलिटी का निर्णय उन लाखों मरीजों और उनके परिवारों के लिए बड़ी राहत है, जिन्हें गंभीर बीमारियों के इलाज के लिए बड़े शहरों और विशेष अस्पतालों की आवश्यकता होती है। मुख्यमंत्री आयुष्मान आरोग्य योजना के माध्यम से राजस्थान सरकार ने यह स्पष्ट कर दिया है कि स्वास्थ्य सेवाओं में न तो दूरी बाधा बनेगी और न ही आर्थिक स्थिति। यह पहल “इलाज सबके लिए” के संकल्प को साकार करती है।

स्थानीय उत्पाद प्रदेश की आर्थिक समृद्धि के आधार, पंच गौरव कार्यक्रम में जन सहभागिता एवं जागरुकता बढ़ाएं : मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा
विद्यार्थियों को मिले पंच गौरव कार्यक्रम की विस्तृत जानकारी, आमजन का गतिविधियों से बढ़े जुड़ाव

 मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा कि जिला आधारित स्थानीय उत्पाद प्रदेश की आर्थिक समृद्धि के मूल आधार हैं। इसी दिशा में हमारी सरकार ने प्रत्येक जिले में स्थानीय विशिष्टता एवं विरासत के संरक्षण व संवर्धन के लिए पंच गौरव कार्यक्रम की अभिनव पहल की है।

शर्मा ने गुरुवार को मुख्यमंत्री कार्यालय में आयोजित बैठक में निर्देश दिए कि पंच गौरव कार्यक्रम में प्रत्येक जिले के चिन्हित तत्वों का प्राथमिकता के अनुसार दीर्घकालीन कार्य योजना तैयार कर विकास एवं संरक्षण के कार्य किए जाएं तथा संबंधित नोडल विभाग इसकी नियमित समीक्षा भी करें।

मुख्यमंत्री ने कहा कि विद्यालयों में विद्यार्थियों को भी पंच गौरव कार्यक्रम की जानकारी दी जाए, जिससे उन्हें भी जिले की विशिष्ट पहचान की जानकारी मिल सके। साथ ही, उन्होंने इस कार्यक्रम की गतिविधियों में अधिकाधिक जन सहभागिता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए ताकि आमजन का इससे सीधा जुड़ाव हो सके।

नवाचारों से उत्पादों की करें ब्रांडिंग-

श्री शर्मा ने कहा कि सभी जिलों के चयनित कृषि उत्पादों की नवाचारों के साथ ब्रांडिंग की जाए ताकि इन उत्पादों को नई पहचान मिल सके। उन्होंने वन विभाग को स्थानीय विशेषता के आधार पर पौधे तैयार करने एवं वृक्ष मित्र नियुक्त करने के निर्देश दिए। उन्होंने खेल विभाग को प्रत्येक जिले में स्थानीय युवाओं को खेलों से जोड़ने के निर्देश दिए।

पर्यटन सुविधाएं बनें बेहतर, स्थानीय रोजगार के बढ़े अवसर-

मुख्यमंत्री ने कहा कि एक जिला एक पर्यटन स्थल के अर्न्तगत पर्यटन स्थलों पर सड़क व पार्किंग सहित अन्य मूलभूत सुविधाएं विकसित की जाएं ताकि पर्यटकों को बेहतर सुविधाएं मिलने के साथ ही स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर सृजित हो सकें। उन्होंने पर्यटन क्षेत्र से जुड़े गाइड एवं विभिन्न हितधारकों के क्षमतावर्द्धन के लिए भी नीति निर्धारण के निर्देश दिए।

उल्लेखनीय है कि पंच गौरव के अन्तर्गत प्रत्येक जिले में एक उत्पाद, एक उपज, एक खेल, एक वनस्पति और एक पर्यटन स्थल को प्रोत्साहित किया जा रहा है। इसके माध्यम से स्थानीय एवं विशिष्ट उत्पादों के संरक्षण, संर्वधन, प्रोत्साहन एवं पहचान को बढ़ावा मिल रहा है। बैठक में अधिकारियों ने इस कार्यक्रम के अंतर्गत संचालित की जा रही गतिविधियों की विस्तार से जानकारी दी।

बैठक में मुख्य सचिव श्री वी. श्रीनिवास, मुख्यमंत्री कार्यालय, उद्योग, वन एवं पर्यावरण, पर्यटन, कृषि, खेल एवं आयोजना विभाग सहित विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।

नव वर्ष के पहले दिन सरस राजसखी राष्ट्रीय मेला 2025 में उमड़ा जनसैलाब, एसएचजी दीदियों ने की रिकॉर्ड बिक्री
जयपुर, एक जनवरी। नव वर्ष के पहले दिन गुरुवार को सरस राजसखी राष्ट्रीय मेला 2025 में उत्साह, उमंग और उल्लास देखते ही बनता था। साल की पहली सुबह से ही...

जयपुर, एक जनवरी। नव वर्ष के पहले दिन गुरुवार को सरस राजसखी राष्ट्रीय मेला 2025 में उत्साह, उमंग और उल्लास देखते ही बनता था। साल की पहली सुबह से ही मेला आगंतुकों से गुलज़ार रहा और हर ओर रौनक का माहौल दिखाई दिया। रंग-बिरंगे स्टॉल्स, हस्तशिल्प की खुशबू, पारंपरिक संगीत और लोगों की चहल-पहल ने मेले को एक जीवंत उत्सव में बदल दिया।

भरतपुर के जय शिव शंकर एसएचजी ने अब तक सबसे ज्यादा बिक्री की है। एसएचजी दीदी नीलम ने बताया कि ग्राहक उनके जूट प्रोडक्टस को बहुत पसंद कर रहे हैं। बाड़मेर का दिनुवानी एसएचजी बिक्री के मामले में दूसरे स्थान पर रहा और इनके कशीदाकारी के उत्पाद सभी को लुभा रहे हैँ। बाड़मेर का ही जोगमाया एसएचजी भी रिकॉर्ड बिक्री कर रहा हैं, उनके बनाए अजरक प्रिंट कपड़े बेहद लोकप्रिय हो रहे हैँ। समूह सदस्य गंगादेवी ने इसके लिए राजीविका के इस मंच का आभार जताया।  

फ़ूड स्टाल्स में जयपुर के राधास्वामी एसएचजी ने सबसे ज्यादा सेल की है, उनकी पाव भाजी लोगों को बहुत पसंद आ रही है। सवाई माधोपुर का सरस्वती एसएचजी के व्यंजनों का स्वाद भी लोगों को बहुत लुभा रहा है और बिक्री में ये दूसरे स्थान पर हैं।

इन समूहों से जुड़ी महिलाओं के चेहरों पर सजी मुस्कान इस बात का प्रमाण है कि यह मेला उनके लिए केवल एक बाजार नहीं बल्कि सपनों को साकार करने का मंच है। एसएचजी दीदियों ने बताया कि उनके द्वारा तैयार किए गए उत्पादों को ग्राहकों से भरपूर सराहना मिल रही है। कई स्टॉल्स पर तो ग्राहक दोबारा लौटकर खरीदारी कर रहे हैं, जिससे उनके उत्पादों को न केवल बेहतर बिक्री मिल रही है बल्कि राष्ट्रीय स्तर पर पहचान भी मिल रही है। एक एसएचजी दीदी ने भावुक होकर बताया कि राजीविका के सहयोग से आज वह आत्मनिर्भर बन पाई हैं। सरस मेले ने उन्हें आजीविका का एक सशक्त माध्यम दिया है, जिसने उनकी कला को मंच प्रदान किया और उनके आर्थिक सशक्तिकरण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

मेले में भाग ले रहीं आंध्र प्रदेश से आई एक एसएचजी दीदी ने बताया कि वह पहली बार इतने बड़े राष्ट्रीय मंच पर अपने हाथ से बने उत्पाद लेकर आई हैं। उन्होंने कहा कि “यहाँ लोगों की सराहना और भरोसा देखकर आत्मविश्वास कई गुना बढ़ गया है। पहले हम अपने गांव तक ही सीमित थे, लेकिन अब हमारे उत्पाद पूरे देश तक पहुँच रहे हैं।”

वहीं हरियाणा से आई एक अन्य एसएचजी सदस्य ने बताया कि उनके हैंडलूम उत्पादों की मांग इतनी अधिक है कि कई बार स्टॉक खत्म होने की स्थिति बन गई। उन्होंने खुशी जताते हुए कहा कि “सरस मेला हमारे लिए सिर्फ कमाई का जरिया नहीं बल्कि सीखने और आगे बढ़ने का अवसर भी है।

राजस्थान की एक एसएचजी दीदी, जो पारंपरिक परिधान लेकर आई हैं, ने बताया कि कई ग्राहकों ने उनके काम की बारीकी और डिज़ाइन की जमकर तारीफ की। कुछ ग्राहकों ने तो भविष्य में सीधे ऑर्डर देने की भी बात की, जिससे उन्हें लंबे समय तक आजीविका का भरोसा मिला है।

मेले में पहुंचे ग्राहक भी कम उत्साहित नहीं दिखे और उनके अनुभव भी उतने ही सकारात्मक रहे। जयपुर की गृहिणी कविता ने बताया कि उन्हें यहां एक ही जगह देश के अलग-अलग राज्यों के उत्पाद देखने और खरीदने का मौका मिला। उन्होंने कहा कि यहां की चीज़ों में अपनापन और मेहनत साफ झलकती है, इसलिए शॉपिंग करते हुए अच्छा लगता है।

अजमेर से आए कॉलेज छात्र राहुल ने बताया कि वह अपने दोस्तों के साथ मेले में आया और यहां की सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने उन्हें खासा प्रभावित किया। “लाइव परफॉर्मेंस और अलग-अलग राज्यों के लोकनृत्य देखकर ऐसा लगा जैसे पूरा भारत एक मंच पर उतर आया हो”।

वहीं जयपुर घूमने आई एक विदेशी पर्यटक सारा ने बताया कि उन्हें भारतीय हस्तशिल्प और पारंपरिक वस्त्र बेहद आकर्षक लगे। उन्होंने कहा, “यह मेला भारत की विविधता को बहुत खूबसूरती से दर्शाता है और यहां की हस्तनिर्मित वस्तुएं यादगार हैं।”

जयपुर की आयुषी अपने दोस्तों के साथ मेले में पहुंचीं और बताया कि यहां यंगस्टर्स के लिए भी बहुत कुछ खास है। उन्हें विशेष रूप से स्टाइलिश बैग्स, पर्स, विंटर वियर और सिल्क के स्टोल्स बेहद पसंद आए। वहीं जयपुर के ही नरेश अपने परिवार के साथ मेला देखने आए। उन्होंने बताया कि फूड कोर्ट और लाइव क्लासेज उनके बच्चों को इतनी पसंद आईं कि वे तीसरी बार मेला देखने आए हैं।

कई आगंतुकों ने बताया कि सांस्कृतिक संध्या के कार्यक्रम इतने आकर्षक हैं कि उन्हें देखने के लिए वे बार-बार मेले में आ रहे हैं। देसी ही नहीं, बल्कि विदेशी पर्यटक और अन्य शहरों से जयपुर घूमने आए सैलानी भी मेले का भरपूर आनंद लेते नजर आए। दिल्ली से आए युवा अंकित ने बताया कि वे अपनी फैमिली के साथ मेला देखने आए हैं और उन्हें यहां के टेक्सटाइल से सजे स्टॉल्स बेहद पसंद आए। उन्होंने जमकर खरीदारी की और कहा कि इस तरह के आयोजन भविष्य में लगातार होते रहने चाहिए, क्योंकि इससे एक ही स्थान पर पूरे भारत की संस्कृति, कला और स्वाद का अनुभव मिलता है।

इन सभी अनुभवों से स्पष्ट है कि सरस राजसखी राष्ट्रीय मेला 2025 केवल एक व्यापारिक आयोजन नहीं, बल्कि यह महिलाओं की मेहनत, आत्मनिर्भरता और भारत की सांस्कृतिक विरासत को जोड़ने वाला एक सशक्त मंच बनकर उभरा है।

CM IN GOVERDHAN:मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने श्रीनाथजी मंदिर में की पूजा-अर्चना- प्रदेश की सुख-समृद्धि एवं कल्याण की कामना की
मुख्यमंत्री ने श्रीनाथजी मंदिर परिसर में नवनिर्मित पक्षी-घर का किया उद्घाटन

जयपुर, 01 जनवरी। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने गुरुवार को डीग स्थित श्रीनाथ जी मंदिर में दर्शन कर पूजा-अर्चना की तथा प्रदेश की प्रगति, सुख-समृद्धि एवं खुशहाली के लिए कामना की। 

शर्मा ने सपरिवार श्रीनाथ जी महाराज का पंचामृत अभिषेक किया। उन्होंने दूध, दही, घी, शहद और शर्करा से श्रीनाथजी का अभिषेक किया। इससे पहले मुख्यमंत्री ने मंत्रोच्चार के बीच संपन्न हुए अनुष्ठान में श्रीनाथ जी के मुकुट मुखारबिंद का विशेष श्रृंगार और पूजन किया। इससे पहले उन्होंने जतिपुरा पर संत-साधुओं को भोजन प्रसादी भी ग्रहण करवाई।

मुख्यमंत्री ने पक्षी-घर का किया उद्घाटन

इस दौरान मुख्यमंत्री ने मंदिर परिसर में नवनिर्मित पक्षी-घर का विधिवत उद्घाटन किया। उन्होंने कहा कि प्रकृति और मूक प्राणियों का संरक्षण मानव का परम धर्म है। यह पक्षी-घर क्षेत्र के पक्षियों के लिए दाना-पानी और सुरक्षित आश्रय का केंद्र बनेगा। 

इस अवसर पर गृह राज्य मंत्री श्री जवाहर सिंह बेढ़म सहित जनप्रतिनिधिगण एवं अधिकारीगण एवं बड़ी संख्या में आमजन मौजूद रहे। 

मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने की गिरिराज महाराज की सप्तकोसीय परिक्रमा
श्रीनाथजी मंदिर में पूजा-अर्चना कर प्रदेश की खुशहाली के लिए प्रार्थना की, परिक्रमा मार्ग में उमड़ा जनसैलाब, गिरिराज जी महाराज के लगे जयकारे

    जयपुर, 31 दिसम्बर। मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा ने बुधवार को सपरिवार डीग स्थित श्रीनाथजी मंदिर में पूजा-अर्चना कर प्रदेश की सुख-समृद्धि एवं खुशहाली की प्रार्थना की। इसके बाद मुख्यमंत्री ने मंदिर परिसर से गोवर्धन पर्वत की लगभग 21 किलोमीटर की सप्तकोसीय परिक्रमा भक्तिभाव से पूरी की।

                मुख्यमंत्री ने ‘पांच दंडवती’ (साष्टांग प्रणाम) लगाकर ब्रज की पावन धरा पर आराध्य देव गोवर्धन गिरिराज जी महाराज की सप्तकोसीय परिक्रमा प्रारंभ की। इस दौरान उन्होंने मुखारविंद, मानसी गंगा एवं दानघाटी मंदिर सहित विभिन्न मंदिरों में पूजा-अर्चना की।

                परिक्रमा के दौरान श्री शर्मा का जगह-जगह स्थानीय नागरिकों, साधु-संतों और श्रद्धालुओं ने भव्य स्वागत और अभिनंदन किया। मुख्यमंत्री ने हाथ जोड़कर सभी से आत्मीयता के साथ रामा-श्यामा की। पूरा परिक्रमा मार्ग ‘बोलो गिरिराज महाराज की जय’ के जयकारों से गुंजायमान हो उठा।

                इससे पहले गृह राज्य मंत्री श्री जवाहर सिंह बेढम सहित जनप्रतिनिधिगण एवं अधिकारीगणों ने पूंछरी का लौठा स्थित हैलीपेड पर मुख्यमंत्री की अगवानी की।

जल क्षेत्र में आत्मनिर्भर राजस्थान राज्य सरकार की शीर्ष प्राथमिकता,आमजन व किसानों को निर्बाध जलापूर्ति सुनिश्चित करना हमारा संकल्प : मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा
रामजल सेतु लिंक परियोजना सहित अन्य कार्यों में लाएं तेजी

जयपुर, 29 दिसम्बर। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा कि प्रदेश को जल क्षेत्र में पूर्ण आत्मनिर्भर बनाना राज्य सरकार की शीर्ष प्राथमिकता है। इसी उद्देश्य से सरकार ने कार्यकाल की शुरुआत से ही अनेक महत्वपूर्ण जल एवं सिंचाई परियोजनाओं की पहल की है ताकि प्रदेशवासियों को पर्याप्त जल उपलब्धता सुनिश्चित हो सके। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि रामजल सेतु लिंक परियोजना सहित अन्य कार्यों में और तेजी लाई जाए।

मुख्यमंत्री शर्मा सोमवार को मुख्यमंत्री कार्यालय में आयोजित जल संसाधन विभाग की समीक्षा बैठक की अध्यक्षता कर रहे थे। उन्होंने कहा कि आमजन और किसानों तक जल की उपलब्धता बढ़ाने के लिए राज्य सरकार पूर्ण प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है। सिंचाई परियोजनाओं एवं विकास कार्यों को नियमित मॉनिटरिंग के माध्यम से समयबद्ध रूप से पूर्ण किया जाए।

रामजल सेतु लिंक परियोजना के कार्यों में आए तेजी—

श्री शर्मा ने कहा कि राज्य के समग्र विकास में जल एक मूलभूत आवश्यकता है। इसी दृष्टि से सरकार ने जल स्रोतों के विकास, उनकी संग्रहण क्षमता बढ़ाने तथा जल प्रबंधन को सुदृढ़ करने से जुड़े अनेक महत्वपूर्ण निर्णय लिए हैं। उन्होंने कहा कि रामजल सेतु लिंक परियोजना के माध्यम से प्रदेश की बड़ी आबादी को निर्बाध जलापूर्ति सुनिश्चित की जाएगी। परियोजना के चरणबद्ध कार्यों को निर्धारित कार्ययोजना के अनुरूप पूर्ण करने के लिए संबंधित अधिकारी पूर्ण जिम्मेदारी के साथ कार्य करें। 

बैठक में जल संसाधन विभाग के अधिकारियों ने मुख्यमंत्री को बताया कि परियोजना के अन्तर्गत लगभग 9400 करोड़ रुपये की लागत के 3 प्रगतिरत कार्यों में से रामगढ बैराज एवं महलपुर बैराज के काफर डेम एवं ड्रेनेज चैनल का कार्य पूर्ण किया जा चुका है। नवनेरा बैराज से पानी को बीसलपुर एवं ईसरदा बांध में अपवर्तन करने के लिए चम्बल नदी पर एक्वाडेक्ट तथा मेज से गलवा, गलवा से ईसरदा बीसलपुर फीडर के कार्य भी प्रगतिरत हैं।

उन्होंने बताया कि रामजल सेतु परियोजना के अन्तर्गत बीसलपुर से मोर सागर (अजमेर),  ईसरदा से बंध बारैठा (भरतपुर), ईसरदा से रामगढ (जयपुर), खुरा चैनपुुरा से जयसमंद (अलवर) एवं ब्राह्मणी बैराज के लगभग 14 हजार 600 करोड़ रुपये के पांच कार्य भी शीघ्र आरम्भ किए जाएंगे। 

मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को अन्य परियोजनाओं के संबंध में भी आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। इस दौरान जल संसाधन विभाग एवं मुख्यमंत्री कार्यालय के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।

अरावली क्षेत्र में अवैध खनन एवं परिवहन के खिलाफ जयपुर में बड़ी कार्रवाई
2 एक्सकेवेटर सहित 16 वाहन किए जब्त

जयपुर, 29 दिसंबर। जयपुर जिले में अरावली पर्वतमाला क्षेत्र में अवैध खनन एवं खनिजों के अवैध परिवहन पर प्रभावी नियंत्रण के उद्देश्य से जिला कलक्टर डॉ. जितेन्द्र कुमार सोनी के नेतृत्व में चलाए जा रहे संयुक्त अभियान के तहत सोमवार को बड़ी कार्रवाई की गई।

खनिज अभियंता श्याम चौधरी ने बताया कि जिला प्रशासन, खनिज विभाग एवं पुलिस विभाग की समन्वित टीमों ने विभिन्न थाना क्षेत्रों में एक साथ कार्रवाई कर अवैध खनन में प्रयुक्त भारी मशीनरी एवं परिवहन वाहनों को जब्त किया गया। अवैध खनन एवं खनिजों के अवैध परिवहन के विरुद्ध की गई कार्रवाई में दो एक्सकेवेटर मशीन सहित 16 वाहन जब्त किए गए हैं।

पुलिस थाना खोड़ा विश्ल क्षेत्र के ग्राम बावड़ी, तहसील कालवाड़ में चुनाई पत्थर का अवैध खनन करते पाए गए दो एक्सकवेटर मशीन एवं तीन ट्रैक्टर-ट्रॉली जब्त की गई।  पुलिस थाना शिवदासपुरा क्षेत्र में बजरी का अवैध परिवहन करते हुए एक डंपर तथा चुनाई पत्थर का अवैध परिवहन करते हुए दो ट्रैक्टर-ट्रॉली जब्त की गई।

उन्होंने बताया कि पुलिस थाना कोटखावदा क्षेत्र में चुनाई पत्थर का अवैध परिवहन करते हुए दो ट्रैक्टर-ट्रॉली, पुलिस थाना फागी क्षेत्र में खनिज के अवैध परिवहन में लिप्त एक ट्रैक्टर-ट्रॉली को जब्त किया गया। इसके अतिरिक्त पुलिस थाना मोखमपुरा क्षेत्र में बजरी के अवैध परिवहन में संलग्न दो ट्रैक्टर-ट्रॉली तथा चुनाई पत्थर के अवैध परिवहन में प्रयुक्त एक ट्रैक्टर-ट्रॉली को जब्त किया गया ।

अवैध खनिज परिवहन के विरुद्ध चलाए जा रहे अभियान के अंतर्गत पुलिस थाना गलता गेट क्षेत्र में चुनाई पत्थर का अवैध परिवहन करते हुए एक ट्रैक्टर-ट्रॉली, पुलिस थाना खोड़ा विश्ल क्षेत्र में बजरी का अवैध परिवहन करते हुए एक ट्रैक्टर-ट्रॉली को जब्त किया गया ।

जिला कलक्टर डॉ. जितेन्द्र कुमार सोनी ने रविवार को सम्बंधित अधिकारियों की बैठक में सख्त निर्देश दिए कि अरावली क्षेत्र की पारिस्थितिकी को नुकसान पहुंचाने वाले किसी भी प्रकार के अवैध खनन को किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं करें, कठोर कार्रवाई करें। अवैध खनन में लिप्त व्यक्तियों के विरुद्ध नियमानुसार कठोर कार्रवाई जारी रहेगी तथा आगे भी इस प्रकार के संयुक्त अभियान लगातार चलाए जाएंगे ।