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प्रदेश के 38 जिलों में 310 नए पशु चिकित्सालय भवनों का होगा निर्माण
पशुपालन मंत्री जोराराम कुमावत के प्रयासों से 144 करोड़ 15 लाख रुपए मंजूर

जयपुर, 28 नवंबर। राजस्थान को विकास के नए आयाम देने के लिए मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा की सार्थक पहल एवं पशुपालन, गोपालन, डेयरी एवं देवस्थान मंत्री श्री जोराराम कुमावत के निर्देशन में प्रदेश की पशु चिकित्सालयों में आधारभूत संरचनाओं के साथ राज्य की पशु चिकित्सा व्यवस्था के समग्र रूप से सुदृढीकरण के लिए निरंतर रूप से प्रभावी कदम उठाए जा रहे हैं। इसी कड़़ी में राजस्थान सरकार ने राज्य के 310 पशु चिकित्सालयों के नए भवनों के निर्माण के लिए 144 करोड़ 15 लाख रुपये की राशि स्वीकृत की है। इन निर्माण कार्यों को प्रारम्भ करने के आदेश जारी करते हुए प्रति पशु चिकित्सालय 46.50 लाख रुपये की राशि स्वीकृत की गई है। इसके तहत अजमेर, अलवर, बालोतरा, बांसवाड़ा, बारां, बाड़मेर, ब्यावर, भरतपुर, भीलवाड़ा, बीकानेर, बूंदी, चितौड़गढ़, चूरू, दौसा, डीग-भरतपुर, डूंगरपुर, जयपुर, जैसलमेर, जालौर, झालावाड़, झुंझुंनू, जोधपुर, करौली, खैरथल-तिजारा, कोटा, कोटपूतली-बहरोड़, कुचामन सिटी, नागौर, पाली, फलौदी, प्रतापगढ़, राजसमंद, सलूंबर, सवाईमाधोपुर, सीकर, सिरौही, श्रीगंगानगर, टोंक व उदयपुर जिले में नए पशु चिकित्सा भवन निर्माण के लिए

 कुल 14415 लाख रुपए की स्वीकृति जारी की गई है। 

पशुपालन मंत्री श्री जोराराम कुमावत ने बताया कि ग्रामीण विकास निधि के तहत 31 मार्च-2029 तक इन भवनों के निर्माण कार्य को पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। उन्होंने बताया कि जयपुर के 26, भीलवाड़ा, पाली और नागौर के 18-18, झुंझुनू के 17, जोधपुर के 16, चित्तौड़ के 14, कोटपूतली- बहरोड़, बीकानेर, सीकर के 11-11 अलवर, बांसवाड़ा, चुरु के 10-10, टोंक, उदयपुर के 09-09, अजमेर, दौसा, जालौर, बालोतरा के 07-07, बाड़मेर, डीग, कोटा, खैरथल- तिजारा, कुचामन के 06-06, डूंगरपुर के 05, प्रतापगढ़, सवाईमाधोपुर के 04-04, बारां, भरतपुर, बूंदी, जैसलमेर, झालावाड़, फलौदी, सिरोही के 03-03 और ब्यावर, करौली, राजसमंद सलूम्बर तथा श्रीगंगानगर के 02-02 स्थानों पर पशु चिकित्सालय भवन निर्मित करने के लिए प्रत्येक जिले को प्रति चिकित्सालय 46.50 लाख रुपये की राशि मंजूर की गई है।

किसानों को उर्वरकों की निर्बाध आपूर्ति हेतु राज्य सरकार के सशक्त प्रयास : कृषि मंत्री
राज्य सरकार किसानों को उर्वरकों की निर्बाध, पर्याप्त एवं समय पर उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए पूर्णतः प्रतिबद्ध

जयपुर, 27 नवम्बर। राज्य के कृषकों को समयबद्ध एवं पर्याप्त मात्रा में उर्वरकों की इलेक्ट्रॉन सुनिश्चित करने के उद्देश्य से कृषि एवं उद्यानिकी मंत्री डॉ. किरोड़ी लाल ने पंत कृषि भवन में मीडिया से रूबरू होकर राज्य सरकार की प्रतिबद्धता दोहराई। उन्होंने बताया कि प्रदेश में उर्वरकों की आपूर्ति नियमित रूप से जारी है। राज्य सरकार किसानों को उर्वरकों की निर्बाध रूप से पर्याप्त एवं समय पर उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए पूर्णतः प्रतिबद्ध हैं तथा जिन जिलों में यूरिया व डीएपी की कमी की स्थिति बनी है वहां तत्काल प्रभाव से पूर्ति करवायी जा रही है।

डॉ. किरोड़ी लाल ने बताया कि प्रदेश में समय पर हुई पर्याप्त वर्षा तथा अक्टूबर माह में दो बार असामयिक वर्षा से भूमि में नमी की उपलब्धता बढ़ी, जिससे कृषकों द्वारा अग्रिम बुवाई में तेजी आई। इस वर्ष 26 नवम्बर तक गत वर्ष की तुलना में 9 लाख हैक्टेयर अधिक क्षेत्र में बुवाई की जा चुकी है। वहीं तिलहनी फसलों में 34 लाख हैक्टेयर एवं खाद्यान्न फसलों में 29 लाख हैक्टेयर क्षेत्रफल में प्रथम सिंचाई के साथ यूरिया की टॉप ड्रेसिंग भी की जा रही है, जिसके परिणामस्वरूप यूरिया की मांग में उल्लेखनीय बढ़ोतरी हुई है।

उन्होंने कहा कि किसानों द्वारा आवश्यकता से अधिक उर्वरक खरीदने की प्रवृत्ति भी मांग में वृद्धि का एक प्रमुख कारण है। बावजूद इसके राज्य सरकार ने उर्वरकों की उपलब्धता सुनिश्चित करने में कोई कमी नहीं रखी। पिछले 2 वर्षों में डीएपी की औसत आपूर्ति 2.53 लाख मैट्रिक टन करायी जा चुकी है, जो पूर्व सरकार के 5 वर्षीय औसत से अधिक है।

कृषि मंत्री ने बताया कि रबी सीजन के पहले दो महीनों अक्टूबर व नवम्बर में 7.53 लाख मैट्रिक टन की मांग के विरुद्ध 9.15 लाख मैट्रिक टन यूरिया उपलब्ध करवा दिया गया है। इसके अतिरिक्त 24 हजार मैट्रिक टन की आपूर्ति जारी है तथा आगामी दो दिनों में 31 हजार मैट्रिक टन यूरिया और उपलब्ध होने से माह के अंत तक कुल उपलब्धता 9.70 लाख मैट्रिक टन से अधिक हो जाएगी, जो मांग से 29 प्रतिशत अधिक है।

प्रदेश में अब तक लगभग 95 लाख हैक्टेयर में रबी फसलों की बुवाई हो चुकी है, जिसके अनुरूप लगभग 7 लाख मैट्रिक टन यूरिया की आवश्यकता है, जबकि 9.15 लाख मैट्रिक टन पहले ही किसानों को उपलब्ध करवा दिया गया है और निरंतर आपूर्ति जारी है।

डॉ. किरोड़ी लाल ने बताया कि विभाग द्वारा उर्वरकों का समान वितरण सुनिश्चित करने हेतु प्रत्येक विक्रय केंद्र पर विभागीय अधिकारियों की ड्यूटी लगाई गई है। किसानों को टोकन सिस्टम के माध्यम से उर्वरक वितरण करवाया जा रहा है। कई जिलों जैसे बांरा, झालावाड़, बूंदी, सवाईमाधोपुर, अलवर, भीलवाड़ा आदि में मांग से अधिक यूरिया की उपलब्धता करवाई गई है। प्रतापगढ़ जिले के धरियावद क्षेत्र में भी 2000 मैट्रिक टन यूरिया की शीघ्र आपूर्ति सुनिश्चित की जा रही है।

कोटपूतली-बहरोड़ में 8500 मैट्रिक टन डीएपी एवं 16 हजार मैट्रिक टन यूरिया उपलब्ध कराया जा चुका है तथा नवम्बर माह के शेष दिनों में लगभग 50 हजार मैट्रिक टन यूरिया की आपूर्ति सुनिश्चित करने हेतु भारत सरकार से समन्वय कर आपूर्तिकर्ता कंपनियों को निर्देशित किया गया है। दिसंबर 2025 हेतु स्वीकृत मांग 3.80 लाख मैट्रिक टन को बढ़ाकर 4.50 लाख मैट्रिक टन करने का आग्रह भी रसायन एवं उर्वरक मंत्रालय को भेज दिया गया है।

उन्होंने बताया कि उर्वरकों की कालाबाजारी एवं अनियमितताओं पर कड़ा शिकंजा कसते हुए वर्तमान सरकार के कार्यकाल में अब तक 90 एफआईआर दर्ज कराई गई हैं, 98 बिक्री प्राधिकार पत्र निलंबित अथवा निरस्त किए गए हैं तथा 1069 कारण बताओ नोटिस जारी कर प्रभावी मॉनिटरिंग सुनिश्चित की जा रही है।

लौह पुरूष ने दूरदर्शी सोच और साहसिक निर्णयों से देश को किया एकजुट : मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा
मुख्यमंत्री ने सरदार@150 के तहत यमुना प्रवाह यात्रा को दिखाई हरी झंडी

जयपुर, 26 नवम्बर। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा कि लौह पुरूष सरदार वल्लभ भाई पटेल ने अपनी दूरदर्शी सोच, दृढ़ इच्छाशक्ति और साहसिक निर्णयों से भारत को एकजुट कर राष्ट्र निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उन्होंने युवाओं से आह्वान किया कि युवा सरदार पटेल के जीवन से प्रेरणा लेकर ‘राष्ट्र प्रथम’ को सर्वोपरि रखें तथा एक मजबूत, एकजुट तथा विकसित भारत के निर्माण में योगदान दें। शर्मा ने सभी को संविधान दिवस की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि डॉ. भीमराव अंबेडकर ने विश्व का सबसे बड़ा संविधान हमें दिया है तथा उसी आधार पर देश आगे बढ़ रहा है।

                 शर्मा ने बुधवार को अमर जवान ज्योति से सरदार@150 यूनिटी मार्च के अंतर्गत यमुना प्रवाह यात्रा के तहत आयोजित समारोह को संबोधित किया। उन्होंने कहा कि यशस्वी प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के आह्वान पर पूरे देशभर में सरदार पटेल की 150वीं जयंती मनाई जा रही है। इसी के तहत यमुना प्रवाह यात्रा भी संचालित की जा रही है। उन्होंने कहा कि इस यात्रा के तहत राजस्थान सहित विभिन्न प्रदेशों से युवा जयपुर से कमरसद तक की यात्रा करेंगे। यह यात्रा युवाओं के लिए सरदार पटेल के जीवन, संघर्ष और देशभक्ति को करीब से जानने का अवसर है। साथ ही, युवाओं को सरदार पटेल के आदर्शों और मूल्यों को समझने का प्रत्यक्ष अनुभव भी मिलेगा।

सरदार पटेल ने कभी नहीं किया सिद्धांतों से समझौता

                मुख्यमंत्री ने कहा कि सरदार पटेल का स्वतंत्रता आंदोलन में अमूल्य योगदान रहा। बारडोली सत्याग्रह में उनकी प्रभावशाली भूमिका के कारण उन्हें सरदार की उपाधि दी गई। उन्होंने स्वतंत्रता आंदोलन में भी बढ़-चढ़कर भाग लिया और किसानों को अपने अधिकारों के लिए लड़ना सिखाया और सरदार पटेल जेल भी गए। लेकिन उन्होंने कभी अपने सिद्धांतों के साथ समझौता नहीं किया।

कूटनीति और दूरदर्शिता से 562 रियासतों का किया एकीकरण

                शर्मा ने कहा कि 15 अगस्त 1947 को भारत को आजादी तो मिली लेकिन विभाजन का दर्द भी सहना पड़ा। उस समय देश सैकड़ों टुकड़ों में बंटा हुआ था। उन्होंने कहा कि देश की 562 रियासतें स्वतंत्र इकाई थी। सरदार पटेल ने अपनी कूटनीति, दूरदर्शिता और कभी-कभी कठोरता का इस्तेमाल करते हुए प्रत्येक रियासत को भारत में मिलाना शुरू किया। उन्होंने कहा कि सरदार पटेल ने ऑपरेशन पोलो चलाकर हैदराबाद तथा जनमत संग्रह कराकर जूनागढ़ को भारत में शामिल कराया। उन्होंने भारत की एकता और अखंडता को अपना सबसे बड़ा लक्ष्य बनाया और उसे पूरा करके दिखाया।

धारा 370 हटाकर प्रधानमंत्री ने सरदार पटेल के अधूरे सपने को किया पूरा

                मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री ने सरदार पटेल की विरासत को आगे बढ़ाने का बीड़ा उठाया है। सरदार पटेल का अधूरा सपना प्रधानमंत्री ने कश्मीर से धारा 370 हटाकर पूरा किया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री भारत को एक सूत्र में बांध रहे हैं। पूरब से पश्चिम तक और उत्तर से दक्षिण तक आज भारत एक हो रहा है। सरदार पटेल के योगदान को सम्मान देते हुए विश्व की सबसे बड़ी प्रतिमा स्टैच्यू ऑफ यूनिटी बनाई गई। प्रधानमंत्री के नेतृत्व में वर्ष 2014 के बाद देश में गरीब कल्याण, विकास योजनाओं, आतंकवाद-नक्सलवाद का खात्मा तथा विश्व पटल पर देश का सम्मान बढ़ने जैसे अभूतपूर्व कार्य हुए हैं। उन्होंने कहा कि पूरा विश्व भारत को उम्मीदों से देख रहा है तथा दुनिया के सबसे बड़े लीडर के नेतृत्व में देश नई ऊचाईयां छू रहा है।

                 शर्मा ने कहा कि सरदार पटेल का जीवन युवाओं और हर भारतीय के लिए प्रेरणा है। युवा पीढ़ी उनके जीवन से कर्तव्यनिष्ठा, ईमानदारी और सत्यनिष्ठा, दृढ़ संकल्प, एकता तथा सादगी की पांच प्रमुख सीख ले सकती है। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने सरदार@150 यूनिटी मार्च के तहत यमुना प्रवाह यात्रा को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इससे पहले श्री शर्मा ने अमर जवान ज्योति पर पुष्पचक्र अर्पित कर शहीदों को नमन भी किया।

                इस दौरान सांसद मदन राठौड़, श्रीमती मंजू शर्मा, विधायक कालीचरण सराफ,  जितेन्द्र गोठवाल,  गोपाल शर्मा,  बालमुकुन्दाचार्य सहित बड़ी संख्या में आमजन उपस्थित रहे।

संविधान दिवस पर मुख्य सचिव सहित वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारियों ने किया संविधान की प्रस्तावना का वाचन
76वें संविधान दिवस के अवसर पर संविधान पर आधारित लघु फिल्म का प्रदर्शन

जयपुर, 26 नवम्बर। 76वें संविधान दिवस के अवसर पर बुधवार को  प्रातः 10 बजे सचिवालय के कॉन्फ्रेंस हॉल में मुख्य सचिव श्री वी. श्रीनिवास  ने वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारियों को संविधान की प्रस्तावना का वाचन करवाया। इस अवसर पर संविधान पर आधारित लघु फिल्म का प्रदर्शन भी किया गया।

      कार्यक्रम कार्यक्रम की शुरूआत में सामान्य प्रशासन विभाग के शासन सचिव डॉ. जोगाराम एवं कार्मिक विभाग शासन सचिव श्रीमती अर्चना सिंह ने मुख्य सचिव का स्वागत किया।

कार्यक्रम में विभिन्न विभागों के अतिरिक्त मुख्य सचिव, प्रमुख शासन सचिव, शासन सचिव, सहित वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी उपस्थित रहे।    

आमजन की समस्याओं का त्वरित समाधान करें अधिकारी: मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा
मुख्यमंत्री निवास पर नियमित जनसुनवाई -अन्त्योदय राज्य सरकार की योजनाओं का प्रमुख लक्ष्य

जयपुर, 24 नवम्बर। मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में राज्य सरकार जवाबदेहिता एवं पारदर्शिता से कार्य करते हुए सुशासन की ओर अग्रसर है। सरकार के द्वारा किए जा रहे कार्यक्रमों, नवाचारों एवं योजनाओं का प्रमुख ध्येय अंतिम पायदान पर बैठे व्यक्ति तक योजनाओं का लाभ पहुंचाना है। जनसुनवाई भी इसी लक्ष्य की ओर बढ़ता एक मजबूत कदम है। मुख्यमंत्री नियमित रूप से इस जनसुनवाई में लोगों की समस्याओं का समाधान कर उन्हें राहत दे रहे हैं।

                श्री शर्मा ने सोमवार को मुख्यमंत्री निवास पर जनसुनवाई की। उन्होंने इस दौरान आमजन की परिवेदनाओं को संवेदनशीलता के साथ सुनते हुए अधिकारियों को उन समस्याओं के त्वरित निस्तारण के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि जनसुनवाई में परिवादी उम्मीद के साथ आते हैं। ऐसे में अधिकारी इन प्रकरणों को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए इनका शीघ्र निस्तारण करें।

                श्री शर्मा ने जनसुनवाई में बड़ी संख्या में आई महिलाओं, दिव्यांगों, बुजुर्गों सहित विभिन्न लोगां की समस्याओं का मौके पर ही निस्तारण किया। आमजन अपनी परिवेदनाओं के निस्तारण से बेहद संतुष्ट नजर आए। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि परिवादियों को जल्द से जल्द राहत दी जाए। साथ ही, लंबित प्रकरणों की नियमित मॉनिटरिंग करते हुए इसका शीघ्र समाधान करें। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि प्रकरणों के निस्तारण में किसी भी तरह की लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों पर सख्त कार्यवाही की जाए।

                मुख्यमंत्री ने इस दौरान सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता, ग्रामीण विकास एवं पंचायतीराज, श्रम, कृषि, गृह, राजस्व, पशुपालन, जयपुर विकास प्राधिकरण, नगर निगम, शिक्षा, चिकित्सा, पेयजल सहित विभिन्न विभागों की आमजन से जुड़ी परिवेदनाओं को सुना और उनका मौके पर ही निस्तारण किया। इस दौरान श्री शर्मा ने विभिन्न संस्थाओं द्वारा आयोजित किए जाने वाले कार्यक्रमों के पोस्टर विमोचन भी किए।

                इस अवसर पर बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि और आमजन उपस्थित रहे।

44 वां भारतीय अंतर्राष्ट्रीय व्यापार मेला 2025 – राजस्थान दिवस पर सांस्कृतिक संध्या का आयोजन
राजस्थानी नृत्यों सहित असम के बिहु नृत्य ने आगंतुकों को मंत्रमुग्ध किया

जयपुर, 18 नवम्बर। नई दिल्ली के प्रगति मैदान में आयोजित 44वें अन्तर्राष्ट्रीय व्यापार मेला में इस बार की थीम ‘एक भारत श्रेष्ठ भारत‘ के अनुरूप राजस्थान दिवस पर राजस्थानी लोक कलाकारों द्वारा एक ही मंच पर प्रस्तुत राजस्थानी नृत्यों के अतिरिक्त असम के लोक कलाकारों द्वारा प्रसिद्ध बिहु नृत्य ने उपस्थित आगंतुकों को मंत्रामुग्ध कर दिया।

प्रगति मैदान के एमफी थियेटर हॅाल में मंगलवार को आयोजित कार्यक्रम की शुरुआत मुख्य अतिथि राजस्थान की अतिरिक्त आवासीय आयुक्त श्रीमती अंजु ओम प्रकाश ने दीप प्रज्वलित कर किया। राजस्थान पर्यटन स्वागत केन्द्र की उप निदेशक श्रीमती दीपाली शर्मा ने गुलदस्ते भेंट कर उनका और अतिथियों का स्वागत किया।

इस अवसर पर उन्होंने बताया कि एक भारत श्रेष्ठ भारत थीम में राजस्थान-असम राज्य के लोककलाकारों ने अपनी प्रस्तुतियां दी। दो घंटे से भी अधिक चले सांस्कृतिक कार्यक्रम के प्रारंभ  में बाड़मेर से आए भंगुर खां ने अपने खड़ताल वादन और पारंपरिक राजस्थानी गीतों की प्रस्तुति दी। इसके उपरांत जयपुर से आई मोरू सपेरा ने चरी नृत्य, घूमर नृत्य और कालबेलियां नृत्य में उनके दल की नृत्यांगनाओं ने लोम हर्षक प्रस्तुति दी। उन्होंने अपने शरीर को रबर की गुड़ियां की तरह तोड़ मोड़कर गजब की लचक के साथ ऐसा अनूठा नृत्य प्रस्तुत किया कि दर्शक तालियां बजाने को मजबूर हो गये। नृत्यांगनाओं ने मुंह और आंखों की पलको से अंगूठी उठाकर भारी करतल ध्वनि अर्जित की।

जयपुर के श्री महावीर नाथ के ग्रुप ने भवई नृत्य की प्रस्तुति दी। इसके उपरांत असम के ब्रहम्पुत्रा नोर्थ इस्ट ग्रुप जि दरंग ने असम का प्रसिद्ध पांरपरिक ‘बीहू नृत्य‘ की प्रस्तुति देकर सबका खूब मनोरंजन किया। कार्यक्रम के अंत में भरतपुर डीग से श्री विष्णु शर्मा और उनके दल ने मयूर नृत्य से ऐसा रंग जमाया कि दर्शक हर्ष घ्वनि किए बिना नहीं रहे। उनके ग्रुप ने ही ‘‘फूलों की होली से प्रगति मैदान को ‘ब्रजमय‘ बना दिया। 

राजस्थान को उत्कृष्ट जल प्रबंधन एवं सामुदायिक भागीदारी के लिए तीसरी बार जल संचय जन भागीदारी पुरस्कार
राष्ट्रपति द्रोपदी मुर्मु ने किया सम्मानित —मुख्यमंत्री शर्मा ने दी बधाई, कहा - प्रदेश जल सरंक्षण और जल संचय के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध

जयपुर, 18 नवम्बर। राजस्थान को उत्कृष्ट जल प्रबंधन एवं सामुदायिक भागीदारी के लिए तीसरी बार ‘जल संचय जन भागीदारी पुरस्कार’ से सम्मानित किया गया है। राज्य ने देश के सर्वश्रेष्ठ राज्यों में तीसरा स्थान प्राप्त किया है।

राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु, केंद्रीय जल शक्ति मंत्री सी. आर. पाटिल, राज्य मंत्री वी. सोमन्ना तथा जल शक्ति राज्य मंत्री राज भूषण चौधरी द्वारा मंगलवार को नई दिल्ली के विज्ञान भवन में आयोजित पुरस्कार वितरण समारोह में प्रदेश को यह सम्मान दिया गया। प्रदेश की ओर से जल संसाधन विभाग के अतिरिक्त सचिव एवं मुख्य अभियंता श्री भुवन भास्कर ने राज्य स्तरीय पुरस्कार ग्रहण किया।

जल संचयन जन भागीदारी 1.0 के अंतर्गत उत्कृष्ट जिलों की श्रेणी में बाड़मेर जिले को जल संरक्षण की दिशा में अतुलनीय कार्यों के लिए राष्ट्रीय स्तर पर पहला स्थान प्राप्त हुआ है। इस अवसर पर प्रदेश के 8 अन्य जिलों भीलवाड़ा, जयपुर, उदयपुर, अलवर, बारां, डूंगरपुर, चित्तौड़गढ़ तथा सीकर को भी जल सुरक्षित भारत के निर्माण हेतु अनुकरणीय प्रतिबद्धता के लिए विभिन्न श्रेणियों में सम्मानित किया गया है। 

मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा ने राज्य की इस उपलब्धि पर बधाई और शुभकामनाएं देते हुए कहा कि राज्य सरकार जल संरक्षण और जल संचयन की दिशा में पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है। प्रदेश में वंदे गंगा जल संरक्षण-जन अभियान और कर्मभूमि से मातृभूमि अभियान से व्यापक जन भागीदारी सुनिश्चित कर जल संरक्षण और भूजल रिचार्ज के लिए अभूतपूर्व कार्य किये गए हैं।

घूमर फेस्टिवल–2025 – बुधवार को सातों संभागों में भव्य आयोजन
उपमुख्यमंत्री दिया कुमारी ने विद्याधर नगर स्टेडियम फुटबॉल ग्राउण्ड में बुधवार शाम आयोजित होने वाले घूमर महोत्सव की तैयारियों का किया निरीक्षण

जयपुर, 18 नवम्बर। उपमुख्यमंत्री पर्यटन और कला एवं संस्कृति मंत्री दिया कुमारी ने जयपुर के  विद्याधर नगर स्टेडियम फुटबॉल ग्राउण्ड में बुधवार शाम 4.30 बजे आयोजित होने जा रहे  राज्य स्तरीय घूमर समारोह की तैयारियों का मंगलवार को निरीक्षण किया।

दिया कुमारी ने बताया कि राजस्थान की लोक- संस्कृति, पारंपरिक कलाओं और जनभागीदारी आधारित सांस्कृतिक मॉडल को नई दिशा देने के उद्देश्य से राज्य सरकार द्वारा घूमर फेस्टिवल–2025 का बुधवार को प्रदेश के सातों संभागीय मुख्यालयों पर एक साथ भव्य आयोजन किया जाएगा।

उपमुख्यमंत्री दिया कुमारी मंगलवार शाम को जयपुर  विद्याधर नगर स्टेडियम के फुटबॉल ग्राउण्ड पर पहुंची और वहां उन्होंने राज्य स्तरीय कार्यक्रम की तैयारियों का गहन अवलोकन किया। 

दिया कुमारी ने मंच व्यवस्था, प्रवेश मार्ग, सुरक्षा प्रबंधन, रिहर्सल, तकनीकी समन्वय और दर्शक सुविधा सहित सभी आवश्यक पहलुओं की विस्तृत समीक्षा की। 

उपमुख्यमंत्री ने सम्बंधित अधिकारियों और टीम को निर्देश दिए  कि पूरे कार्यक्रम को सुगठित, समयबद्ध और राजस्थान की सांस्कृतिक गरिमा के अनुरूप संपादित किया जाए।

उपमुख्यमंत्री ने कहा कि “घूमर नृत्य राजस्थान की आत्मा है। यह उत्सव हमारी लोक-संस्कृति को नई ऊर्जा देगा और भविष्य में पर्यटन से जुड़ी व्यापक संभावनाओं को भी सशक्त करेगा। ”

दिया कुमारी ने कहा कि राज्य सरकार की प्राथमिकता है कि सांस्कृतिक परंपराओं को जनभागीदारी और नवाचारों के साथ जोड़कर एक स्थायी मॉडल तैयार किया जाए।

पर्यटन आयुक्त रुक्मणि रियाड़ ने बताया कि पर्यटन विभाग ने कार्यक्रम की सभी तैयारियाँ पूरी कर ली हैं। घूमर महोत्सव के लिए प्रतिभागियों के साथ स्थानीय समुदाय में भी उत्साह का माहौल है।

पर्यटन आयुक्त ने बताया कि इस वर्ष कार्यक्रम का दायरा उल्लेखनीय रूप से बढ़ाया गया है। जयपुर, जोधपुर, अजमेर, उदयपुर, बीकानेर, कोटा और भरतपुर सातों संभागों में बुधवार शाम एक ही समय पर महोत्सव का शुभारंभ होगा। विभाग के अनुसार कई क्षेत्रों में पंजीकरण संख्या अपेक्षा से काफी अधिक रही है, जिससे प्रतिभागियों का उत्साह स्पष्ट झलकता है।

जयपुर और जोधपुर में 1500 से अधिक पंजीकरण प्राप्त होने पर इन दोनों शहरों को उच्च श्रेणी पुरस्कार श्रेणी में शामिल किया गया है।

—इन दोनों संभागों में—बेस्ट ग्रुप डांस, बेस्ट कॉस्ट्यूम, बेस्ट ज्वेलरी, बेस्ट सिंक्रोनाइजिंग और बेस्ट कोरियोग्राफी—श्रेणियों में कुल ₹2,34,000 के पुरस्कार प्रदान किए जाएंगे।

—अन्य पाँच संभागों के लिए कुल ₹1,04,000 की पुरस्कार राशि निर्धारित की गई है।

सातों संभागों में आयोजन स्थल इस प्रकार हैं—

•जयपुर – फुटबॉल ग्राउंड, विद्याधर नगर स्टेडियम 

•अजमेर – खेल स्टेडियम, सम्राट पृथ्वीराज राजकीय महाविद्यालय

•भरतपुर – विश्वप्रिय शास्त्री पार्क

•बीकानेर – डॉ. करणी सिंह स्टेडियम

•जोधपुर – राजकीय उम्मेद स्टेडियम

•कोटा – शौर्य घाट, चम्बल नदी तट

•उदयपुर – भंडारी दर्शक मंडप

भ्रामक प्रचार रोकने के लिए मीडिया फैक्ट चेक और तकनीक का प्रयोग करें – डीजीपी राजीव शर्मा
फेक न्यूज़ व डीप फेक पर लगाम : आईएसबी और राजस्थान पुलिस की विशेष कार्यशाला

जयपुर, 18 नवंबर। इंटरनेट पर तेज़ी से बढ़ रहे डीप फेक और फ़ेक न्यूज़ की चुनौती से निपटने के लिए इंडियन स्कूल ऑफ बिजनेस (आईएसबी) हैदराबाद और राजस्थान पुलिस के संयुक्त तत्वावधान में मंगलवार को राजस्थान पुलिस अकादमी के नालंदा सभागार में मीडियाकर्मियों के लिए एक महत्वपूर्ण कार्यशाला का आयोजन किया। इस कार्यशाला का उद्देश्य मीडिया और पुलिस को एआई टूल्स की मदद से ऑनलाइन प्रसारित भ्रामक सामग्री को पहचानने और रोकने के तरीकों से अवगत कराना था।

डीजीपी ने फेक न्यूज़ को इनफॉर्मेशन वॉर का टूल बताया—

कार्यक्रम का शुभारंभ करते हुए महानिदेशक पुलिस श्री राजीव शर्मा ने कहा कि आज के दौर में पुरानी घटनाओं को नई के रूप में प्रस्तुत कर चंद सेकंडों में लाखों लोगों तक पहुँचाया जाता है। उन्होंने इनफॉर्मेशन वॉर के टूल के रूप में फ़ेक न्यूज़ के कारण क़ानून और व्यवस्था बिगड़ने, मानसिक प्रताड़ना और फ़ाइनेंशियल फ्रॉड जैसी घटनाओं पर चिंता व्यक्त की।

डीजीपी श्री शर्मा ने बताया कि देश में 9 मिलियन से अधिक इंटरनेट यूज़र हैं, जिनमें से 34 प्रतिशत सोशल मीडिया का उपयोग करते हैं और अक्सर झूठी ख़बरों पर निर्भर हो जाते हैं। उन्होंने कहा कि 18 से 24 वर्ष के युवाओं को इस संबंध में जनजागरूकता की सबसे अधिक ज़रूरत है।

मीडिया से अपेक्षा और सुझाव—

डीजीपी ने मीडिया से ब्रेकिंग न्यूज़ देने की जल्दबाज़ी में फैक्ट चेक (तथ्य जाँच) करने की अपील की, क्योंकि एक ग़लत न्यूज से बड़ा नुक़सान हो सकता है।

उन्होंने मीडिया को भी तकनीक का इस्तेमाल करने और किसी भी स्तर पर शंका होने पर पुलिस के साथ मिलकर प्रयास करने का आह्वान किया। उनका ज़ोर था कि मीडिया और पुलिस अलर्ट रहे और भ्रामक प्रचार को रोकने के लिए मिलकर प्रयास करे ताकि सच्चाई ही आम जन तक पहुंचे और आईटी का इस्तेमाल अच्छे कामों में हो सके।

इस कार्यशाला का आयोजन राजस्थान पुलिस अकादमी के ऑडिटोरियम भवन में किया गया। इसमें मीडियाकर्मियों और सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसरों ने भाग लिया। इंडियन स्कूल ऑफ बिजनेस की तरफ़ से वरिष्ठ फैकल्टी प्रोफेसर मनीष गंगवार, मेजर विनीत कुमार समेत लगभग 10 सदस्यों की टीम ने मीडियाकर्मियों को डीप फेक की पहचान के लिए एआई टूल्स के उपयोग पर प्रशिक्षित किया।

इस अवसर पर डीजी साइबर क्राइम व लॉ एंड आर्डर श्री संजय अग्रवाल, राजस्थान पुलिस अकादमी के निदेशक एवं अतिरिक्त महानिदेशक पुलिस श्री संजीब नार्जारी, अतिरिक्त महानिदेशक (साइबर क्राइम) पुलिस श्री वीके सिंह, महानिरीक्षक पुलिस श्री अजय पाल लांबा, डीआईजी श्री कुंवर राष्ट्रदीप, एसपी राशि डोगरा, श्री शांतनु सिंह सहित बड़ी संख्या में पुलिस अधिकारी उपस्थित रहे।