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राज्य स्तरीय प्रदर्शनी में एक छत के नीचे मिली सभी विभागीय योजनाओं की जानकारी
समापन दिवस पर आमजन की रही व्यापक सहभागिता, डीआईपीआर डायलॉग में संगीत एवं तकनीक पर चर्चा - कालिका पेट्रोलिंग यूनिट ने आत्मरक्षा के गुरों से अवगत कराया

जयपुर, 18 दिसंबर। राज्य सरकार के कार्यकाल के दो वर्ष पूर्ण होने के अवसर पर जवाहर कला केंद्र, जयपुर में आयोजित 4 दिवसीय राज्य स्तरीय प्रदर्शनी “नव उत्थान–नई पहचान, बढ़ता राजस्थान–हमारा राजस्थान” के समापन दिवस पर गुरुवार को बड़ी संख्या में युवाओं, विद्यार्थियों और आम नागरिकों की सक्रिय भागीदारी रही।

प्रदर्शनी में सभी विभागों की योजनाओं को प्रदर्शित करने के साथ संवाद, तकनीक और प्रत्यक्ष सहभागिता के माध्यम से आमजन तक पहुंचाया गया। विभागीय स्टॉल्स, डिजिटल प्रस्तुतियों और इंटरएक्टिव गतिविधियों के जरिए आगंतुकों को जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी मिली ।

इंटरएक्टिव गतिविधियों ने बनाया सहभागिता आधारित अनुभव-

सूचना एवं जनसंपर्क विभाग द्वारा आयोजित चिलैक्स इंटरएक्टिव गेम चारों दिन युवाओं और आम नागरिकों के आकर्षण का केंद्र रहा। बहुविकल्पीय प्रश्नों के माध्यम से प्रतिभागियों ने योजनाओं और समसामयिक विषयों से जुड़ी अपनी समझ परखी, वहीं सही उत्तर देने वालों को प्रोत्साहन स्वरूप पुरस्कार प्रदान किए गए।

परिवहन विभाग की स्टॉल पर सिम्युलेटेड ड्राइविंग अनुभव के जरिए सड़क सुरक्षा और यातायात नियमों की व्यवहारिक जानकारी दी गई, जिससे आमजन सुरक्षित एवं जिम्मेदार ड्राइविंग के प्रति जागरूकता हुए।

डीआईपीआर डायलॉग में विशेषज्ञों से संवाद और आत्मरक्षा तकनीकों का प्रदर्शन-

प्रदर्शनी में आयोजित डीआईपीआर डायलॉग सत्रों में युवाओं को विशेषज्ञों से सीधे संवाद का अवसर प्रदान किया। “संगीत क्षेत्र में युवाओं के लिए करियर अवसर एवं चुनौतियां” विषय पर आयोजित सत्र में डॉ. शारदा देवड़ा, एसोसिएट प्रोफेसर, आईएएसई टीटी कॉलेज, अजमेर ने रचनात्मकता, प्रशिक्षण और निरंतर अभ्यास को सफलता की कुंजी बताया।

इसी श्रृंखला में सूचना एवं जनसंपर्क विभाग के उपनिदेशक डॉ. आशीष खंडेलवाल ने डिजिटल तकनीक, स्मार्ट गैजेट्स और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के बढ़ते उपयोग पर जानकारी साझा की। उन्होंने बताया कि किस प्रकार आधुनिक तकनीकें संचार, दैनिक कार्यों और सूचना के त्वरित एवं विश्वसनीय प्रसार को अधिक प्रभावी और सरल बना रही हैं।

इसके बाद कराटे प्रशिक्षक श्री महेश कायथ के निर्देशन में आत्मरक्षा एवं हथियार संचालन से संबंधित प्रभावशाली प्रदर्शन प्रस्तुत किए गए। कार्यक्रम में लिम्का बुक ऑफ रिकॉर्ड्स विजेता चार वर्षीय मनु श्री ने विभिन्न आत्मरक्षा तकनीकों का प्रदर्शन कर बालिकाओं एवं महिलाओं को आत्मरक्षा के गुरों से अवगत कराया। इन प्रदर्शनों के माध्यम से महिला सुरक्षा, आत्मविश्वास और सजगता का संदेश दिया गया।

इसी क्रम में कालिका पेट्रोलिंग यूनिट ने आमजन को राजकोप सिटीजन ऐप की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि हर महिला इस ऐप के जरिए पुलिस की मदद मांग सकती है। यूनिट ने चैन पर्स स्नैचिंग, छेड़छाड़ जैसी स्थिति से बचाव के गुर सिखाए।

छात्र छात्राओं ने जानी सरकार की योजनाएं-

प्रदर्शनी में बड़ी संख्या में विद्यालयों के विद्यार्थियों ने सहभागिता की। कई विद्यालयों के विद्यार्थियों ने विभागों की स्टॉल्स के माध्यम से राज्य सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं, नागरिक सुविधाओं एवं तकनीकी पहलों की जानकारी प्राप्त की, जिससे उनमें जागरूक नागरिक के रूप में समझ विकसित हुई।

राजस्थान, प्रवासी राजस्थानियों और उद्योगपतियों में उत्साह, 8700 से अधिक ने कराया पंजीकरण
मुख्य सचिव और एसीएस उद्योग ने कार्यक्रम स्थल पहुंचकर लिया तैयारियों का जायजा, कार्यक्रम की तैयारियां अंतिम चरण में, जयपुर में सजावट का काम जारी

जयपुर, 6 दिसंबर। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा की पहल पर आयोजित किए जा रहे ‘प्रवासी राजस्थानी दिवस’ कार्यक्रम की तैयारियां अब अंतिम चरण में हैं।  10 दिसंबर को होने वाले इस कार्यक्रम के लिए राजधानी जयपुर में ग्रीनरी, सजावट और साफ-सफाई के कार्य किए जा रहे हैं। राजस्थान मेहमानों के स्वागत के लिए पूरी तरह तैयार है, वहीं देश-विदेश से आने वाले प्रवासी राजस्थानियों और उद्योगपतियों में भारी उत्साह है। अब तक करीब 8,700 से अधिक लोगों ने अपना पंजीकरण कराया है।

मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास और उद्योग एवं वाणिज्य विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव (एसीएस) शिखर अग्रवाल ने कार्यक्रम स्थल (जेईसीसी, सीतापुरा) पहुंचकर तैयारियों का जायजा लिया। इस दौरान उन्होंने मुख्य समारोह, सेक्टोरल सेशन के लिए निर्धारित हॉल के साथ ही राज्य सरकार की उपलब्धियों को दर्शाने के लिए बनाए जा रहे प्रगति पथ का भी निरीक्षण किया। मुख्य सचिव ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सभी कार्यों को अगले 48 घंटे में पूरा कर लिया जाए।

मुख्य सचिव ने कहा कि मुख्यमंत्री की मंशा के अनुसार इस ऐतिहासिक आयोजन की तैयारियां की जा रही हैं। मुख्यमंत्री लगातार तैयारियों की समीक्षा कर रहे हैं, साथ ही, प्रवासी राजस्थानियों से वार्ता कर उन्हें आमंत्रित भी कर रहे हैं।

एसीएस श्री शिखर अग्रवाल ने कहा कि इस आयोजन का मुख्य उद्देश्य प्रवासी राजस्थानियों को अपनी जड़ों से जोड़ते हुए प्रदेश के विकास में उनकी भागीदारी सुनिश्चित करना है। साथ ही, इस प्रक्रिया में आने वाली समस्याओं के समाधान के लिए एक नई नीति भी बनाई गई है। 

उद्योग एवं निवेश संवर्धन ब्यूरो के आयुक्त श्री सुरेश कुमार ओला ने बताया कि मुख्यमंत्री के निर्देशानुसार आयोजन स्थल पर राजस्थान की संस्कृति और विरासत को प्रदर्शित किया गया है, ताकि प्रवासी राजस्थानी अपनापन महसूस करें और यहां से अच्छी यादें लेकर लौटें।

इस दौरान जेडीए आयुक्त श्रीमती आनन्दी, रीको एमडी श्रीमती शिवांगी स्वर्णकार, राजस्थान फाउंडेशन की आयुक्त डॉ. मनीषा अरोड़ा, नगर निगम आयुक्त डॉ. गौरव सैनी, बीआईपी के अतिरिक्त आयुक्त श्री जुगल किशोर मीणा सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।

पर्यटन क्षेत्रों के भ्रमण के लिए नोडल अधिकारी नियुक्त—

इस कार्यक्रम में आने वाले मेहमानों की शहर के पर्यटन क्षेत्रों के भ्रमण की संभावना को देखते हुए भी व्यापक व्यवस्था की गई है। संरक्षित स्मारकों पर आने वाले पर्यटकों के लिए पुरातत्व एवं संग्रहालय विभाग ने नोडल अधिकारी नियुक्त किए हैं। इसके साथ ही, वन एवं वन्यजीव पर्यटन क्षेत्रों की जानकारी उपलब्ध कराने के लिए वन विभाग द्वारा भी नोडल अधिकारी नियुक्त किए गए हैं।

मुख्यमंत्री की घोषणा के बाद पहला प्रवासी राजस्थानी दिवस—

मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने पिछले साल राइजिंग राजस्थान ग्लोबल इन्वेस्टमेंट समिट की प्रवासी राजस्थानी कॉन्क्लेव में 10 दिसंबर को हर वर्ष प्रवासी राजस्थानी दिवस के रूप में मनाने की घोषणा की थी। इस कड़ी में पहला प्रवासी दिवस आगामी 10 दिसंबर को आयोजित किया जा रहा है। इस आयोजन का मुख्य उद्देश्य राजस्थानी डायस्पोरा को साथ लाना और प्रवासियों को अपनी जड़ों से जोड़ना है।

सेक्टोरल सत्रों में प्रदेश के उभरते औद्योगिक परिदृश्य पर होगा मंथन, निवेश की संभावनाओं से प्रवासी राजस्थानी होंगे रूबरू – मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा
प्रवासी राजस्थानियों को जोड़ने के लिए भव्य आयोजन की तैयारी, मुख्यमंत्री ने दिए व्यापक प्रचार-प्रसार के निर्देश

जयपुर, 19 नवम्बर। मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा ने कहा कि प्रवासी राजस्थानी दिवस केवल एक आयोजन नहीं, बल्कि विकसित राजस्थान की यात्रा में हमारे प्रवासी समुदाय के योगदान का एक विस्तृत रोडमैप भी है। उन्होंने कहा कि प्रवासी राजस्थानी दिवस कार्यक्रम में शिक्षा, स्वास्थ्य, उद्योग, पर्यटन और जल जैसे प्रमुख क्षेत्रों पर आयोजित होने वाले सेक्टोरल सत्रों में प्रदेश के उभरते औद्योगिक परिदृश्य और निवेश की संभावनाओं पर गहन मंथन किया जाएगा। हमारा उद्देश्य है कि इन सत्रों के माध्यम से हर प्रवासी राजस्थानी अपने प्रदेश से जुड़ाव महसूस करें और ये इस रोडमैप को व्यवहारिक रूप देने का माध्यम बने।

श्री शर्मा बुधवार को मुख्यमंत्री कार्यालय में प्रवासी राजस्थानी दिवस की तैयारियों को लेकर आयोजित समीक्षा बैठक को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार प्रवासी समुदाय के सम्मान में प्रदेश में पहली बार आगामी 10 दिसम्बर को प्रवासी राजस्थानी दिवस का आयोजन करने जा रही है, ऐसे में इस भव्य आयोजन का विभिन्न माध्यमों से व्यापक प्रचार-प्रसार सुनिश्चित किया जाए, ताकि यह आयोजन हर एक प्रवासी तक पहुंचे तथा यह दुनियाभर में फैले हमारे भाई-बहनों को एक सूत्र में जोड़ने का ऐतिहासिक अवसर साबित हो।

सेक्टोरल सत्रों में विशेषज्ञ एवं प्रतिष्ठित संस्थान करेंगे संवाद —

बैठक में बताया गया कि प्रवासी समुदाय को प्रदेश में उपलब्ध संभावनाओं से अवगत करवाने एवं उनके सुझाव साझा करने के लिए विभिन्न विषयों पर सेक्टोरल सत्र आयोजित होंगे। इन सत्रों में आईआईटी, आईआईएम, उद्योग समूहों, स्वास्थ्य संस्थानों तथा अंतरराष्ट्रीय विशेषज्ञों द्वारा संवाद किया जाएगा। शिक्षा संबंधी सत्र में बिरला संस्थान, आईआईएम, आईआईटी, दिल्ली पब्लिक स्कूल, संयुक्त अरब अमीरात तथा स्वास्थ्य संबंधी सत्रों में यकृत और पित्त विज्ञान संस्थान के निदेशक एवं टाटा 1 एमजी के सीएफओ सहित कई विशेषज्ञ अपने अनुभव साझा करेंगे। इसी तरह उद्योग सत्र में वेलस्पन इंडिया लिमिटेड एवं बोरोसिल रिन्यूएबल्स लिमिटेड, जल सत्र में ईकोलैब इंडिया, नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ अर्बन अफेयर्स जैसे कई संस्थाओं एवं विशेषज्ञों के द्वारा संवाद किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने संबंधित विभागों को सेक्टोरल सत्रों के लिए आमंत्रित वक्ताओं, प्रतिभागियों की सूची को अंतिम रूप देने के निर्देश दिए। 

समृद्ध विरासत और विकास की यात्रा होगी प्रदर्शित —

उन्होंने कहा कि इस आयोजन में राजस्थान की समृद्ध विरासत के साथ ही राजस्थान प्रदेश के विकास की यात्रा भी साझा की जाएगी। ऐसे में विकसित राजस्थान एवं राज्य सरकार की उपलब्धियों, नवाचारों को प्रदर्शनी के माध्यम से दर्शाया जाए तथा सभी व्यवस्थाए गुणवत्तापूर्ण एवं समयबद्ध रूप से पूरी की जाए। उन्होंने सांस्कृतिक कार्यक्रमों में विशेष रूप से प्रदेश की लोक कला एवं संस्कृति से जोड़ने तथा प्रवासी राजस्थानी सम्मान पुरस्कार के लिए चयन प्रक्रिया को पारदर्शी, निष्पक्ष और पूर्व निर्धारित मानकों के अनुरूप सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। 

श्री शर्मा ने कहा कि जयपुर के जेईसीसी में होने वाले इस आयोजन के लिए सुरक्षा, यातायात, पार्किंग, स्वागत एवं प्रोटोकॉल से संबंधित तैयारियों की विस्तृत योजना समय पर लागू की जाए। साथ ही, कार्यक्रम के दौरान आतिथ्य, परिवहन, आवास, चिकित्सा एवं आपात सेवाओं की उपलब्धता के लिए जिम्मेदारियां तय की जाएं।

प्रवासी राजस्थानियों की बढ़ रही सहभागिता —

बैठक में प्रस्तुतीकरण के माध्यम से बताया गया कि आयोजन में अधिकतम सहभागिता सुनिश्चित करने के लिए राजस्थान फाउंडेशन के सभी चैप्टर्स एवं प्रवासी संगठनों के माध्यम से प्रोत्साहित किया जा रहा है। बड़ी संख्या में प्रवासी राजस्थानी इस आयोजन का हिस्सा बनने के लिए अपना पंजीकरण भी करवा रहे हैं। साथ ही, यह भी बताया गया कि प्रवासी राजस्थानी सम्मान अवॉर्ड के लिए प्राप्त आवेदनों का मूल्यांकन भी स्क्रीनिंग कमेटी द्वारा किया जा चुका है। 

प्रवासी राजस्थानी दिवस के बारे में —

उल्लेखनीय है कि मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा ने राइजिंग राजस्थान ग्लोबल इन्वेस्टमेंट समिट के दौरान प्रतिवर्ष 10 दिसंबर को ‘प्रवासी राजस्थानी दिवस’ के रूप में मनाए जाने एवं प्रवासी राजस्थानियों के लिए विभाग के गठन की घोषणा की थी। इसी क्रम में आगामी 10 दिसंबर को आयोजित होने वाले प्रवासी राजस्थानी दिवस पर उद्योग, पर्यटन, शिक्षा, स्वास्थ्य सेवा एवं जल विषय पर सेक्टोरल सत्र के साथ ही प्रवासी राजस्थानी सम्मान पुरस्कार भी प्रदान किए जाएंगे। साथ ही, कार्यक्रम में विशेष एनआरआर ओपन हाउस में प्रदेश में उद्योग एवं अन्य क्षेत्रों में उपलब्ध अवसरों के संबंध में प्रवासी राजस्थानियों से संवाद सत्र भी आयोजित होगा। वहीं, प्रवासी राजस्थानियों और राज्य सरकार के बीच संवाद और सहयोग के लिए मंत्रिमंडल ने ‘राष्ट्रीय एवं अंतर्राष्ट्रीय प्रवासी राजस्थानी मामले विभाग’ के गठन के प्रस्ताव का अनुमोदन कर दिया है।

बैठक में मुख्य सचिव श्री वी. श्रीनिवास सहित संबंधित विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।

44 वां भारतीय अंतर्राष्ट्रीय व्यापार मेला 2025 – राजस्थान दिवस पर सांस्कृतिक संध्या का आयोजन
राजस्थानी नृत्यों सहित असम के बिहु नृत्य ने आगंतुकों को मंत्रमुग्ध किया

जयपुर, 18 नवम्बर। नई दिल्ली के प्रगति मैदान में आयोजित 44वें अन्तर्राष्ट्रीय व्यापार मेला में इस बार की थीम ‘एक भारत श्रेष्ठ भारत‘ के अनुरूप राजस्थान दिवस पर राजस्थानी लोक कलाकारों द्वारा एक ही मंच पर प्रस्तुत राजस्थानी नृत्यों के अतिरिक्त असम के लोक कलाकारों द्वारा प्रसिद्ध बिहु नृत्य ने उपस्थित आगंतुकों को मंत्रामुग्ध कर दिया।

प्रगति मैदान के एमफी थियेटर हॅाल में मंगलवार को आयोजित कार्यक्रम की शुरुआत मुख्य अतिथि राजस्थान की अतिरिक्त आवासीय आयुक्त श्रीमती अंजु ओम प्रकाश ने दीप प्रज्वलित कर किया। राजस्थान पर्यटन स्वागत केन्द्र की उप निदेशक श्रीमती दीपाली शर्मा ने गुलदस्ते भेंट कर उनका और अतिथियों का स्वागत किया।

इस अवसर पर उन्होंने बताया कि एक भारत श्रेष्ठ भारत थीम में राजस्थान-असम राज्य के लोककलाकारों ने अपनी प्रस्तुतियां दी। दो घंटे से भी अधिक चले सांस्कृतिक कार्यक्रम के प्रारंभ  में बाड़मेर से आए भंगुर खां ने अपने खड़ताल वादन और पारंपरिक राजस्थानी गीतों की प्रस्तुति दी। इसके उपरांत जयपुर से आई मोरू सपेरा ने चरी नृत्य, घूमर नृत्य और कालबेलियां नृत्य में उनके दल की नृत्यांगनाओं ने लोम हर्षक प्रस्तुति दी। उन्होंने अपने शरीर को रबर की गुड़ियां की तरह तोड़ मोड़कर गजब की लचक के साथ ऐसा अनूठा नृत्य प्रस्तुत किया कि दर्शक तालियां बजाने को मजबूर हो गये। नृत्यांगनाओं ने मुंह और आंखों की पलको से अंगूठी उठाकर भारी करतल ध्वनि अर्जित की।

जयपुर के श्री महावीर नाथ के ग्रुप ने भवई नृत्य की प्रस्तुति दी। इसके उपरांत असम के ब्रहम्पुत्रा नोर्थ इस्ट ग्रुप जि दरंग ने असम का प्रसिद्ध पांरपरिक ‘बीहू नृत्य‘ की प्रस्तुति देकर सबका खूब मनोरंजन किया। कार्यक्रम के अंत में भरतपुर डीग से श्री विष्णु शर्मा और उनके दल ने मयूर नृत्य से ऐसा रंग जमाया कि दर्शक हर्ष घ्वनि किए बिना नहीं रहे। उनके ग्रुप ने ही ‘‘फूलों की होली से प्रगति मैदान को ‘ब्रजमय‘ बना दिया। 

उद्योग, शिक्षा, पर्यटन, स्वास्थ्य, जल पर आयोजित किए जाएँगे सेक्टोरल सेशंस
प्रवासी राजस्थान दिवस जयपुर, 13 नवंबर।  राजस्थान के वैश्विक जुड़ाव को मज़बूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए, राज्य सरकार 10 दिसंबर 2025 को जेईसीसी, जयपुर में...

प्रवासी राजस्थान दिवस


जयपुर, 13 नवंबर।  राजस्थान के वैश्विक जुड़ाव को मज़बूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए, राज्य सरकार 10 दिसंबर 2025 को जेईसीसी, जयपुर में आयोजित होने वाले पहले ‘प्रवासी राजस्थानी दिवस’ के दौरान प्रवासी राजस्थानियों के साथ सेक्टोरल सेशंस आयोजित करेगी।

मुख्यमंत्री श्री भजन लाल शर्मा के दूरदर्शी नेतृत्व में आयोजित इस सेक्टोरल सेशंस में प्रवासी राजस्थानी, उद्योग जगत के प्र​तिनिधि और उद्योग, शिक्षा, पर्यटन, स्वास्थ्य और जल जैसे विभिन्न क्षेत्रों के नीति निर्माता NRR राउंडटेबल  के साथ-साथ शामिल होंगे।

प्रगतिशील नीतियों द्वारा समर्थित, राजस्थान का तेज़ी से बढ़ता औद्योगिक परिदृश्य निवेश और नवाचार के नए अवसर प्रदान करता है। उद्योग को समर्पित एक सत्र में NRR को राजस्थान की वैश्विक प्रतिस्पर्धात्मकता और उद्यमशीलता पारिस्थितिकी तंत्र को मजबूत करने पर अपने विचार साझा करने के लिए आमंत्रित किया जाएगा।

राजस्थान के सबसे मजबूत आर्थिक स्तंभों में से एक पर्यटन, विरासत, सांस्कृतिक और पर्यावरणीय पर्यटन में नए आयाम खोलने पर केंद्रित होगा, जिसमें शेखावाटी और उसकी प्रतिष्ठित हवेलियों जैसे क्षेत्रों पर विशेष जोर दिया जाएगा।

शिक्षा सेशन में डिजिटल पहुँच, कौशल प्रशिक्षण और उच्च शिक्षा को बढ़ाने के लिए पहलों पर प्रकाश डाला जाएगा और सहयोग की संभावनाओं का पता लगाया जाएगा। इसी प्रकार, स्वास्थ्य सेशन में बेहतर स्वास्थ्य सेवा प्रदान करने के लिए साझेदारी बनाने हेतु चिकित्सा अवसंरचना, प्रौद्योगिकी और शिक्षा के विशेषज्ञ एक साथ आएंगे।

जल पर सेशन में, सतत जल प्रबंधन, पारंपरिक जल संरचना पुनरुद्धार और रामजल सेतु लिंक परियोजना जैसी परियोजनाओं पर चर्चा होगी, जो दीर्घकालिक जल सुरक्षा के प्रति राज्य की प्रतिबद्धता को प्रदर्शित करेगी।

इन संवादों के अलावा, राज्य भर में उद्योग, परोपकार और सामुदायिक विकास के अवसरों से प्रवासी राजस्थानियों को जोड़ने के लिए एक विशेष NRR राउंडटेबल  का भी आयोजन किया जाएगा।

ये सेक्टोरल सेशंस केवल चर्चा के लिए ही नहीं, बल्कि साझेदारी के मंच के रूप में भी तैयार किए गए हैं। वे प्रवासी राजस्थानियों को राज्य सरकार के साथ अपने अनुभव, दृष्टिकोण और सुझाव साझा करने का अवसर प्रदान करेंगे।