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राजस्थान पुलिस और राष्ट्रीय रक्षा विश्वविद्यालय के मध्य हुआ एमओयू
प्रदेश में स्मार्ट पुलिसिंग को मिलेगा बढ़ावा- डीजीपी श्री राजीव कुमार शर्मा - राज्य की आंतरिक व सार्वजनिक सुरक्षा व्यवस्था होगी और अधिक मजबूत

जयपुर, 24 नवम्बर। राजस्थान पुलिस और राष्ट्रीय रक्षा विश्वविद्यालय, गुजरात के बीच सोमवार को पुलिस मुख्यालय में राष्ट्रीय एवं आंतरिक सुरक्षा के क्षेत्र में अकादमिक, प्रशिक्षण और अनुसंधान सहयोग को मजबूत करने के लिए एक महत्वपूर्ण समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए गए। यह पुलिसिंग में अनुसंधान-आधारित सुधारों और फील्ड स्तर की क्षमताओं को बढ़ाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। एमओयू के तहत स्मार्ट पुलिसिंग, सुरक्षा नवाचार और पेशेवर क्षमता-विकास के लिए संयुक्त कार्यक्रमों को बढ़ावा दिया जाएगा, जिससे राज्य की आंतरिक और सार्वजनिक सुरक्षा प्रणाली को और अधिक सुदृढ़ बनाया जा सकेगा।

महानिदेशक पुलिस श्री राजीव कुमार शर्मा ने कहा कि राज्य में पुलिसिंग की उत्कृष्टतम प्रथाओं को लगातार अपनाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि रक्षा विश्वविद्यालय द्वारा किए गए नवाचार पूरे देश के लिए उपयोगी सिद्ध हो रहे हैं। विश्वविद्यालय के सहयोग से राजस्थान पुलिस भी और अधिक कुशलता के साथ कार्य कर सकेगी। साथ ही, प्रदेश में पुलिस की कार्यकुशलता और पेशेवर क्षमता में भी उल्लेखनीय वृद्धि होगी।

उन्होंने कहा कि इस एमओयू के माध्यम से स्मार्ट पुलिसिंग, साइबर सुरक्षा, डिजिटल फॉरेंसिक तथा आंतरिक सुरक्षा जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों में कार्य और अधिक संगठित तथा प्रभावी ढंग से संपादित किए जा सकेंगे। साथ ही, बड़ी घटनाओं के दौरान आवश्यकता पड़ने पर विशेषज्ञों की विशेषज्ञता का लाभ भी लिया जा सकेगा। श्री शर्मा ने कहा कि राज्य में पुलिस शिक्षा और प्रशिक्षण की गुणवत्ता को राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप बनाने में रक्षा विश्वविद्यालय महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। 

राष्ट्रीय रक्षा विश्वविद्यालय, गुजरात के वाइस चांसलर प्रो. डॉ. बिमल एन. पटेल ने कहा कि साइबर सुरक्षा के क्षेत्र में विश्वविद्यालय ने आत्मनिर्भरता के साथ कई ऐतिहासिक उपलब्धियाँ हासिल की हैं। उन्होंने कहा कि आरआरयू की अकादमिक और विश्लेषणात्मक विशेषज्ञता, राजस्थान पुलिस की रणनीतिक तथा परिचालन क्षमताओं को और अधिक मजबूत एवं उन्नत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।

डॉ. पटेल ने बताया कि अब तक विश्वविद्यालय द्वारा 82 से अधिक देशों के प्रतिनिधियों को प्रशिक्षण प्रदान किया जा चुका है तथा विश्वभर में अनेक प्रशिक्षण कार्यक्रम सफलतापूर्वक आयोजित किए गए हैं। उन्होंने कहा कि एमओयू के बाद राजस्थान पुलिस भी आरआरयू के विभिन्न प्रशिक्षण कार्यक्रमों और कोर्सों का लाभ आसानी से ले सकेगी। इस दौरान उन्होंने विश्वविद्यालय के कार्यों, अनुसंधान गतिविधियों तथा संचालित विभिन्न कार्यक्रमों के बारे में विस्तृत जानकारी भी साझा की।

कार्यक्रम में महानिदेशक पुलिस( प्रशिक्षण एवं यातायात) श्री अनिल पालीवाल ने स्वागत उद्बोधन देते हुए एमओयू के माध्यम से प्राप्त होने वाले लाभों का विस्तृत और सारगर्भित विवरण प्रस्तुत किया।

एमओयू पर राजस्थान पुलिस की ओर से उप महानिरीक्षक पुलिस, प्रशिक्षण, श्री शरद चौधरी तथा राष्ट्रीय रक्षा विश्वविद्यालय की ओर से डीन श्री अविनाश खारेल ने हस्ताक्षर किए।

इस दौरान महानिदेशक पुलिस, कानून एवं व्यवस्था श्री संजय कुमार अग्रवाल सहित वरिष्ठ पुलिस अधिकारी उपस्थित रहे।

उल्लेखनीय है कि राष्ट्रीय रक्षा विश्वविद्यालय, गुजरात राष्ट्रीय सुरक्षा, आंतरिक सुरक्षा, पुलिस प्रशासन, साइबर सुरक्षा एवं डिजिटल फॉरेंसिक जैसे क्षेत्रों में अग्रणी भूमिका निभा रहा है। इस एमओयू से पुलिस शिक्षा की गुणवत्ता तथा प्रशिक्षण प्रणाली और अधिक सुदृढ़ हो सकेगी। विशेष प्रशिक्षण और विभिन्न कार्यक्रमों के माध्यम से पुलिस प्रशिक्षकों और अधिकारियों की दक्षता और कौशल को और अधिक सुदृढ़ किया जा सकेगा।

विशेषज्ञता का हो सकेगा आदान-प्रदान-

इस समझौते से फैकल्टी सदस्यों, पुलिस अधिकारियों एवं शोधकर्ताओं के लिए विनिमय कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे, जिससे साइबर सुरक्षा, डिजिटल फॉरेंसिक, आतंकवाद विरोधी रणनीति तथा खुफिया प्रबंधन जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों में ज्ञान एवं सर्वाेत्तम प्रथाओं को साझा किया जा सकेगा।

संयुक्त अनुसंधान एवं नवाचार-

संयुक्त अनुसंधान परियोजनाओं एवं नवाचारों से साक्ष्य आधारित पुलिसिंग, डेटा-आधारित रणनीतियों और नीति निर्माण को बढ़ावा मिल सकेगा।

कौशल विकास एवं उच्च शिक्षा-

राजस्थान पुलिस के अधिकारी एवं कर्मचारी आरआरयू के अकादमिक कार्यक्रमों के माध्यम से उच्च शिक्षा के अवसर प्राप्त कर सकेंगे, जिससे उनके व्यावसायिक विकास एवं कैरियर उन्नति में सहायता मिलेगी।

भ्रामक प्रचार रोकने के लिए मीडिया फैक्ट चेक और तकनीक का प्रयोग करें – डीजीपी राजीव शर्मा
फेक न्यूज़ व डीप फेक पर लगाम : आईएसबी और राजस्थान पुलिस की विशेष कार्यशाला

जयपुर, 18 नवंबर। इंटरनेट पर तेज़ी से बढ़ रहे डीप फेक और फ़ेक न्यूज़ की चुनौती से निपटने के लिए इंडियन स्कूल ऑफ बिजनेस (आईएसबी) हैदराबाद और राजस्थान पुलिस के संयुक्त तत्वावधान में मंगलवार को राजस्थान पुलिस अकादमी के नालंदा सभागार में मीडियाकर्मियों के लिए एक महत्वपूर्ण कार्यशाला का आयोजन किया। इस कार्यशाला का उद्देश्य मीडिया और पुलिस को एआई टूल्स की मदद से ऑनलाइन प्रसारित भ्रामक सामग्री को पहचानने और रोकने के तरीकों से अवगत कराना था।

डीजीपी ने फेक न्यूज़ को इनफॉर्मेशन वॉर का टूल बताया—

कार्यक्रम का शुभारंभ करते हुए महानिदेशक पुलिस श्री राजीव शर्मा ने कहा कि आज के दौर में पुरानी घटनाओं को नई के रूप में प्रस्तुत कर चंद सेकंडों में लाखों लोगों तक पहुँचाया जाता है। उन्होंने इनफॉर्मेशन वॉर के टूल के रूप में फ़ेक न्यूज़ के कारण क़ानून और व्यवस्था बिगड़ने, मानसिक प्रताड़ना और फ़ाइनेंशियल फ्रॉड जैसी घटनाओं पर चिंता व्यक्त की।

डीजीपी श्री शर्मा ने बताया कि देश में 9 मिलियन से अधिक इंटरनेट यूज़र हैं, जिनमें से 34 प्रतिशत सोशल मीडिया का उपयोग करते हैं और अक्सर झूठी ख़बरों पर निर्भर हो जाते हैं। उन्होंने कहा कि 18 से 24 वर्ष के युवाओं को इस संबंध में जनजागरूकता की सबसे अधिक ज़रूरत है।

मीडिया से अपेक्षा और सुझाव—

डीजीपी ने मीडिया से ब्रेकिंग न्यूज़ देने की जल्दबाज़ी में फैक्ट चेक (तथ्य जाँच) करने की अपील की, क्योंकि एक ग़लत न्यूज से बड़ा नुक़सान हो सकता है।

उन्होंने मीडिया को भी तकनीक का इस्तेमाल करने और किसी भी स्तर पर शंका होने पर पुलिस के साथ मिलकर प्रयास करने का आह्वान किया। उनका ज़ोर था कि मीडिया और पुलिस अलर्ट रहे और भ्रामक प्रचार को रोकने के लिए मिलकर प्रयास करे ताकि सच्चाई ही आम जन तक पहुंचे और आईटी का इस्तेमाल अच्छे कामों में हो सके।

इस कार्यशाला का आयोजन राजस्थान पुलिस अकादमी के ऑडिटोरियम भवन में किया गया। इसमें मीडियाकर्मियों और सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसरों ने भाग लिया। इंडियन स्कूल ऑफ बिजनेस की तरफ़ से वरिष्ठ फैकल्टी प्रोफेसर मनीष गंगवार, मेजर विनीत कुमार समेत लगभग 10 सदस्यों की टीम ने मीडियाकर्मियों को डीप फेक की पहचान के लिए एआई टूल्स के उपयोग पर प्रशिक्षित किया।

इस अवसर पर डीजी साइबर क्राइम व लॉ एंड आर्डर श्री संजय अग्रवाल, राजस्थान पुलिस अकादमी के निदेशक एवं अतिरिक्त महानिदेशक पुलिस श्री संजीब नार्जारी, अतिरिक्त महानिदेशक (साइबर क्राइम) पुलिस श्री वीके सिंह, महानिरीक्षक पुलिस श्री अजय पाल लांबा, डीआईजी श्री कुंवर राष्ट्रदीप, एसपी राशि डोगरा, श्री शांतनु सिंह सहित बड़ी संख्या में पुलिस अधिकारी उपस्थित रहे।