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मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास ने मानसरोवर थाना में नवीन आपराधिक कानूनों के क्रियान्वयन को सराहा
डिजिटल पुलिसिंग के नवाचारों की प्रशंसा की

जयपुर,21 दिसंबर। मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास ने डीजीपी श्री राजीव कुमार शर्मा के साथ रविवार को जयपुर के मानसरोवर पुलिस स्टेशन का दौरा कर पुलिसिंग की आधुनिक कार्यप्रणाली और डिजिटल नवाचारों का अवलोकन किया।

दौरे के दौरान मुख्य सचिव ने थाना स्तर पर संचालित ई-एफआईआर, ई-साक्ष्य, ई-समन, साइबर अपराधों व महिला अपराधों की ऐप आधारित निगरानी सहित विभिन्न डिजिटल व्यवस्थाओं की जानकारी ली। निरीक्षण के उपरांत उन्होंने मानसरोवर पुलिस स्टेशन को राजस्थान का पूर्णतः डिजिटल “मॉडल पुलिस स्टेशन” बताते हुए इसकी सराहना की।

मुख्य सचिव ने कहा कि मानसरोवर थाना डिजिटल परिवर्तन की दिशा में पुलिस सुधारों का उत्कृष्ट उदाहरण है। उन्होंने राजस्थान पुलिस के नेतृत्व को बधाई देते हुए कहा कि तकनीक के प्रभावी उपयोग से पारदर्शिता, त्वरित सेवा और नागरिक-केंद्रित पुलिसिंग को नई गति मिली है।

उन्होंने पुलिस महानिदेशक राजीव कुमार शर्मा, जयपुर पुलिस आयुक्त सचिन मित्तल, पुलिस महानिरीक्षक(स्पेशल ऑपरेशंस) राहुल प्रकाश तथा राजस्थान पुलिस की नेतृत्व टीम को डिजिटल पुलिस सुधारों को सफलतापूर्वक लागू करने पर बधाई दी। उन्होंने अधिकारियों तथा कार्मिकों के साथ पुलिस मेस में भोजन ग्रहण किया ।

दौरे के अंत में मुख्य सचिव ने विश्वास जताया कि ऐसे नवाचारों से प्रदेश में कानून-व्यवस्था और नागरिक सेवाओं की गुणवत्ता में निरंतर सुधार होगा।

राजस्थान, प्रवासी राजस्थानियों और उद्योगपतियों में उत्साह, 8700 से अधिक ने कराया पंजीकरण
मुख्य सचिव और एसीएस उद्योग ने कार्यक्रम स्थल पहुंचकर लिया तैयारियों का जायजा, कार्यक्रम की तैयारियां अंतिम चरण में, जयपुर में सजावट का काम जारी

जयपुर, 6 दिसंबर। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा की पहल पर आयोजित किए जा रहे ‘प्रवासी राजस्थानी दिवस’ कार्यक्रम की तैयारियां अब अंतिम चरण में हैं।  10 दिसंबर को होने वाले इस कार्यक्रम के लिए राजधानी जयपुर में ग्रीनरी, सजावट और साफ-सफाई के कार्य किए जा रहे हैं। राजस्थान मेहमानों के स्वागत के लिए पूरी तरह तैयार है, वहीं देश-विदेश से आने वाले प्रवासी राजस्थानियों और उद्योगपतियों में भारी उत्साह है। अब तक करीब 8,700 से अधिक लोगों ने अपना पंजीकरण कराया है।

मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास और उद्योग एवं वाणिज्य विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव (एसीएस) शिखर अग्रवाल ने कार्यक्रम स्थल (जेईसीसी, सीतापुरा) पहुंचकर तैयारियों का जायजा लिया। इस दौरान उन्होंने मुख्य समारोह, सेक्टोरल सेशन के लिए निर्धारित हॉल के साथ ही राज्य सरकार की उपलब्धियों को दर्शाने के लिए बनाए जा रहे प्रगति पथ का भी निरीक्षण किया। मुख्य सचिव ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सभी कार्यों को अगले 48 घंटे में पूरा कर लिया जाए।

मुख्य सचिव ने कहा कि मुख्यमंत्री की मंशा के अनुसार इस ऐतिहासिक आयोजन की तैयारियां की जा रही हैं। मुख्यमंत्री लगातार तैयारियों की समीक्षा कर रहे हैं, साथ ही, प्रवासी राजस्थानियों से वार्ता कर उन्हें आमंत्रित भी कर रहे हैं।

एसीएस श्री शिखर अग्रवाल ने कहा कि इस आयोजन का मुख्य उद्देश्य प्रवासी राजस्थानियों को अपनी जड़ों से जोड़ते हुए प्रदेश के विकास में उनकी भागीदारी सुनिश्चित करना है। साथ ही, इस प्रक्रिया में आने वाली समस्याओं के समाधान के लिए एक नई नीति भी बनाई गई है। 

उद्योग एवं निवेश संवर्धन ब्यूरो के आयुक्त श्री सुरेश कुमार ओला ने बताया कि मुख्यमंत्री के निर्देशानुसार आयोजन स्थल पर राजस्थान की संस्कृति और विरासत को प्रदर्शित किया गया है, ताकि प्रवासी राजस्थानी अपनापन महसूस करें और यहां से अच्छी यादें लेकर लौटें।

इस दौरान जेडीए आयुक्त श्रीमती आनन्दी, रीको एमडी श्रीमती शिवांगी स्वर्णकार, राजस्थान फाउंडेशन की आयुक्त डॉ. मनीषा अरोड़ा, नगर निगम आयुक्त डॉ. गौरव सैनी, बीआईपी के अतिरिक्त आयुक्त श्री जुगल किशोर मीणा सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।

पर्यटन क्षेत्रों के भ्रमण के लिए नोडल अधिकारी नियुक्त—

इस कार्यक्रम में आने वाले मेहमानों की शहर के पर्यटन क्षेत्रों के भ्रमण की संभावना को देखते हुए भी व्यापक व्यवस्था की गई है। संरक्षित स्मारकों पर आने वाले पर्यटकों के लिए पुरातत्व एवं संग्रहालय विभाग ने नोडल अधिकारी नियुक्त किए हैं। इसके साथ ही, वन एवं वन्यजीव पर्यटन क्षेत्रों की जानकारी उपलब्ध कराने के लिए वन विभाग द्वारा भी नोडल अधिकारी नियुक्त किए गए हैं।

मुख्यमंत्री की घोषणा के बाद पहला प्रवासी राजस्थानी दिवस—

मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने पिछले साल राइजिंग राजस्थान ग्लोबल इन्वेस्टमेंट समिट की प्रवासी राजस्थानी कॉन्क्लेव में 10 दिसंबर को हर वर्ष प्रवासी राजस्थानी दिवस के रूप में मनाने की घोषणा की थी। इस कड़ी में पहला प्रवासी दिवस आगामी 10 दिसंबर को आयोजित किया जा रहा है। इस आयोजन का मुख्य उद्देश्य राजस्थानी डायस्पोरा को साथ लाना और प्रवासियों को अपनी जड़ों से जोड़ना है।

राजस्थान संपर्क हेल्पलाइन का निरीक्षण: मुख्य सचिव का ‘नेक्स्ट जेन’ प्लेटफॉर्म बनाने पर जोर
हेल्पलाइन को 'नेक्स्ट जेन राजस्थान सम्पर्क' के रूप में तैयार करने के दिए निर्देश

जयपुर, 20 नवम्बर। मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास ने गुरुवार को शासन सचिवालय स्थित राजस्थान संपर्क एवं मुख्यमंत्री हेल्पलाइन 181 के संचालन केंद्र का निरीक्षण किया। उन्होंने यहां विभिन्न डेस्क पर जाकर हेल्पलाइन की कार्यप्रणाली को करीब से समझा और अधिकारियों-कर्मचारियों को त्वरित निस्तारण एवं उत्कृष्ट सेवा सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

मुख्य सचिव ने हेल्पलाइन को ‘नेक्स्ट जेन राजस्थान सम्पर्क’ के रूप में विकसित करने पर जोर देते हुए कहा कि आमजन की शिकायतों के और तेज, प्रभावी और पारदर्शी समाधान के लिए व्यापक सुधारों की आवश्यकता है। उन्होंने सभी अधिकारियों को निर्देशित किया कि हर शिकायत को पूरी गंभीरता से लेकर इसे देश की सबसे नागरिक-केंद्रित हेल्पलाइन बनाने की दिशा में काम किया जाए।


नोडल अधिकारियों की नियमित समीक्षा होगी

मुख्य सचिव ने कहा कि प्रत्येक माह विभागवार शिकायतों का विस्तृत डेटा सचिवों को भेजा जाए, जिससे निस्तारण की गति बढ़ सके। उन्होंने निर्देश दिया कि हर सचिव प्रतिदिन कम से कम 10 लंबित शिकायतों की व्यक्तिगत समीक्षा करके उसकी रिपोर्ट संबंधित मंत्रियों को उपलब्ध कराएं।
नोडल अधिकारियों की समीक्षा बैठक मुख्य सचिव स्तर पर नियमित रूप से आयोजित होगी।


शिकायत निस्तारण में AI की होगी बड़ी भूमिका

मुख्य सचिव ने घोषणा की कि हर माह ‘राजस्थान संपर्क दिवस’ मनाया जाएगा, जिसमें डिजिटल माध्यमों से आमजन से सीधा संवाद किया जाएगा। ई-मित्र/CSC स्तर के उद्यमियों को भी इस प्रक्रिया से जोड़ने की बात कही गई।

उन्होंने निर्देश दिए कि शिकायत निवारण में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) का अधिक उपयोग किया जाए, ताकि मानव संसाधनों का बेहतर इस्तेमाल हो और निस्तारण तेजी से हो सके। इसके लिए IIT जोधपुर तथा MNIT जयपुर के सहयोग से अत्याधुनिक तकनीक को शामिल करने के निर्देश दिए गए।
चैटबॉट को और प्रभावी बनाने पर भी जोर दिया।


प्रतिदिन जारी होंगे इन्फोग्राफिक्स

मुख्य सचिव ने कहा कि रोजाना राजस्थान संपर्क पोर्टल और सोशल मीडिया हैंडल्स पर इन्फोग्राफिक्स जारी किए जाएं। इनमें दर्ज शिकायतें, निस्तारित मामलों की संख्या और अन्य प्रमुख आंकड़े प्रदर्शित किए जाएं।
साथ ही उन्होंने निस्तारित प्रकरणों में नागरिकों की संतुष्टि के स्तर को बढ़ाने पर विशेष ध्यान देने को कहा।


निरीक्षण के दौरान सूचना प्रौद्योगिकी एवं संचार विभाग के शासन सचिव डॉ. रवि कुमार सुरपुर, प्रशासनिक सुधार विभाग के शासन सचिव डॉ. जोगाराम, निदेशक जन सेवाएं हर्ष सावनसुखा, राजस्थान संपर्क के ग्रुप हेड जी.के. शर्मा, प्रभारी अधिकारी पवन कुमार जांगिड़ सहित कई वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।