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अलवर जिला प्रभारी मंत्री डॉ. किरोडी लाल मीणा ने सडक सुरक्षा जन जागरूकता अभियान के तहत वाहन रैली
पोस्टर विमोचन एवं शपथ के माध्यम से दिया सडक सुरक्षा का संदेश

जयपुर, 13 दिसम्बर। अलवर जिला प्रभारी मंत्री तथा कृषि एवं उद्यानिकी मंत्री डॉ. किरोड़ी लाल मीणा के मुख्य आतिथ्य में राज्य सरकार के 2 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में आयोजित कार्यक्रमों की श्रृंखला में शनिवार को अलवर जिले में सडक सुरक्षा जनजागरूकता अभियान का जिला स्तरीय कार्यक्रम आयोजित हुआ। इस दौरान प्रभारी मंत्री ने सडक सुरक्षा वाहन रैली को हरी झण्डी दिखाकर रवाना किया तथा सडक सुरक्षा शपथ, नो हैलमेट-नो एंट्री, नो सीट बेल्ट-नो एंट्री पोस्टर का विमोचन किया एवं सडक सुरक्षा से संबंधित संदेश लिखे बैलून को उडाकर सुरक्षा-जीवन रक्षा का संदेश दिया।

                अलवर जिला प्रभारी मंत्री डॉ. मीणा ने अपने संबोधन में कहा कि सडक सुरक्षा हम सभी के लिए पहली प्राथमिकता होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि सडक सुरक्षा केवल नियमों का विषय नहीं बल्कि यह मानव जीवन की सुरक्षा से जुडा हुआ पहलू है। उन्होंने कहा कि सडक सुरक्षा केवल सरकार एवं पुलिस की जिम्मेदारी नहीं है बल्कि हमारा सामूहिक उत्तरदायित्व है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार सडक सुरक्षा एवं सडक तंत्र को मजबूती प्रदान करने हेतु निरन्तर काम कर रही है। उन्होंने कहा कि सरकार ने विगत दो वर्षों में 27 हजार 238 करोड रूपये व्यय कर 39 हजार 891 किलोमीटर की सडकों का विकास किया है। साथ ही एक्सप्रेसवे निर्माण, शहरी एवं ग्रामीण सडकों का संजाल बनाने की दिशा में अभूतपूर्व कार्य किए गए हैं।

वाहन रैली, पोस्टर विमोचन एवं शपथ के माध्यम से दिया सडक सुरक्षा का संदेश

                अलवर जिला प्रभारी मंत्री ने 25 दिसम्बर तक आयोजित हो रहे सडक सुरक्षा जनजागरूकता अभियान के तहत आयोजित सडक सुरक्षा जीवन रक्षा वाहन रैली को हरी झण्डी दिखाकर रवाना किया। रैली प्रताप ऑडिटोरियम से शहर के मुख्य रास्तों से होते हुए आरटीओ कार्यालय पर सम्पन्न हुई। रैली में स्वयं प्रभारी मंत्री ने बाइक पर बैठक सडक सुरक्षा जागरूकता का संदेश दिया। इससे पहले प्रभारी मंत्री ने कार्यक्रम में उपस्थित प्रतिभागियों को सडक सुरक्षा की शपथ दिलाकर सडक सुरक्षा के पोस्टर का विमोचन भी किया।

किसानों को उर्वरकों की निर्बाध आपूर्ति हेतु राज्य सरकार के सशक्त प्रयास : कृषि मंत्री
राज्य सरकार किसानों को उर्वरकों की निर्बाध, पर्याप्त एवं समय पर उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए पूर्णतः प्रतिबद्ध

जयपुर, 27 नवम्बर। राज्य के कृषकों को समयबद्ध एवं पर्याप्त मात्रा में उर्वरकों की इलेक्ट्रॉन सुनिश्चित करने के उद्देश्य से कृषि एवं उद्यानिकी मंत्री डॉ. किरोड़ी लाल ने पंत कृषि भवन में मीडिया से रूबरू होकर राज्य सरकार की प्रतिबद्धता दोहराई। उन्होंने बताया कि प्रदेश में उर्वरकों की आपूर्ति नियमित रूप से जारी है। राज्य सरकार किसानों को उर्वरकों की निर्बाध रूप से पर्याप्त एवं समय पर उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए पूर्णतः प्रतिबद्ध हैं तथा जिन जिलों में यूरिया व डीएपी की कमी की स्थिति बनी है वहां तत्काल प्रभाव से पूर्ति करवायी जा रही है।

डॉ. किरोड़ी लाल ने बताया कि प्रदेश में समय पर हुई पर्याप्त वर्षा तथा अक्टूबर माह में दो बार असामयिक वर्षा से भूमि में नमी की उपलब्धता बढ़ी, जिससे कृषकों द्वारा अग्रिम बुवाई में तेजी आई। इस वर्ष 26 नवम्बर तक गत वर्ष की तुलना में 9 लाख हैक्टेयर अधिक क्षेत्र में बुवाई की जा चुकी है। वहीं तिलहनी फसलों में 34 लाख हैक्टेयर एवं खाद्यान्न फसलों में 29 लाख हैक्टेयर क्षेत्रफल में प्रथम सिंचाई के साथ यूरिया की टॉप ड्रेसिंग भी की जा रही है, जिसके परिणामस्वरूप यूरिया की मांग में उल्लेखनीय बढ़ोतरी हुई है।

उन्होंने कहा कि किसानों द्वारा आवश्यकता से अधिक उर्वरक खरीदने की प्रवृत्ति भी मांग में वृद्धि का एक प्रमुख कारण है। बावजूद इसके राज्य सरकार ने उर्वरकों की उपलब्धता सुनिश्चित करने में कोई कमी नहीं रखी। पिछले 2 वर्षों में डीएपी की औसत आपूर्ति 2.53 लाख मैट्रिक टन करायी जा चुकी है, जो पूर्व सरकार के 5 वर्षीय औसत से अधिक है।

कृषि मंत्री ने बताया कि रबी सीजन के पहले दो महीनों अक्टूबर व नवम्बर में 7.53 लाख मैट्रिक टन की मांग के विरुद्ध 9.15 लाख मैट्रिक टन यूरिया उपलब्ध करवा दिया गया है। इसके अतिरिक्त 24 हजार मैट्रिक टन की आपूर्ति जारी है तथा आगामी दो दिनों में 31 हजार मैट्रिक टन यूरिया और उपलब्ध होने से माह के अंत तक कुल उपलब्धता 9.70 लाख मैट्रिक टन से अधिक हो जाएगी, जो मांग से 29 प्रतिशत अधिक है।

प्रदेश में अब तक लगभग 95 लाख हैक्टेयर में रबी फसलों की बुवाई हो चुकी है, जिसके अनुरूप लगभग 7 लाख मैट्रिक टन यूरिया की आवश्यकता है, जबकि 9.15 लाख मैट्रिक टन पहले ही किसानों को उपलब्ध करवा दिया गया है और निरंतर आपूर्ति जारी है।

डॉ. किरोड़ी लाल ने बताया कि विभाग द्वारा उर्वरकों का समान वितरण सुनिश्चित करने हेतु प्रत्येक विक्रय केंद्र पर विभागीय अधिकारियों की ड्यूटी लगाई गई है। किसानों को टोकन सिस्टम के माध्यम से उर्वरक वितरण करवाया जा रहा है। कई जिलों जैसे बांरा, झालावाड़, बूंदी, सवाईमाधोपुर, अलवर, भीलवाड़ा आदि में मांग से अधिक यूरिया की उपलब्धता करवाई गई है। प्रतापगढ़ जिले के धरियावद क्षेत्र में भी 2000 मैट्रिक टन यूरिया की शीघ्र आपूर्ति सुनिश्चित की जा रही है।

कोटपूतली-बहरोड़ में 8500 मैट्रिक टन डीएपी एवं 16 हजार मैट्रिक टन यूरिया उपलब्ध कराया जा चुका है तथा नवम्बर माह के शेष दिनों में लगभग 50 हजार मैट्रिक टन यूरिया की आपूर्ति सुनिश्चित करने हेतु भारत सरकार से समन्वय कर आपूर्तिकर्ता कंपनियों को निर्देशित किया गया है। दिसंबर 2025 हेतु स्वीकृत मांग 3.80 लाख मैट्रिक टन को बढ़ाकर 4.50 लाख मैट्रिक टन करने का आग्रह भी रसायन एवं उर्वरक मंत्रालय को भेज दिया गया है।

उन्होंने बताया कि उर्वरकों की कालाबाजारी एवं अनियमितताओं पर कड़ा शिकंजा कसते हुए वर्तमान सरकार के कार्यकाल में अब तक 90 एफआईआर दर्ज कराई गई हैं, 98 बिक्री प्राधिकार पत्र निलंबित अथवा निरस्त किए गए हैं तथा 1069 कारण बताओ नोटिस जारी कर प्रभावी मॉनिटरिंग सुनिश्चित की जा रही है।