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खाद्य मंत्री गोदारा ने बीकानेर के लूणकरणसर में दर्जनों कार्यों का किया शिलान्यास व लोकार्पण
खाद्य मंत्री श्री गोदारा ने बीकानेर के लूणकरणसर में दर्जनों कार्यों का किया शिलान्यास व लोकार्पण

जयपुर, 27 दिसम्बर। खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति मंत्री श्री सुमित गोदारा शनिवार को बीकानेर के लूणकरणसर क्षेत्र के दौरे पर रहे। उन्होंने विभिन्न विकास कार्यों का लोकार्पण-शिलान्यास कर ग्रामीणों के अनेक सौगातें दी। श्री गोदारा ने पीपेरा में 15 लाख रुपए की लागत से निर्मित सार्वजनिक सामुदायिक भवन, 10 लाख रुपए की लागत से निर्मित नाथ समाज के सामुदायिक भवन व पंचायत परिसर में 11 लाख रुपए से निर्मित टीन शैड मय कोटा स्टोन कार्य का लोकार्पण किया। पीपेरा गांव में ही रेलवे गेट से अंडर ब्रिज तक 18 लाख रुपए की लागत से 1 किलोमीटर सड़क के नवीनीकरण के कार्य व पीपेरा रेलवे गेट से रेलवे अंडरब्रिज तक 34 लाख रुपए से 1 किलोमीटर मिसिंग लिंक सड़क का शिलान्यास किया। 

इस दौरान उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में गत दो वर्षों में प्रदेश में रिकॉर्ड विकास कार्य हुए हैं। जिनसे आमजन को राहत मिली है। उन्होंने कहा कि आज लगातार नई सड़कें बन रही हैं। अस्पतालों में सुविधाओं की बढ़ोतरी हुई है। स्कूलों में संसाधन बढ़े हैं। उन्होंने कहा कि पहली बार लूणकरणसर विधानसभा क्षेत्र के लिए भी अनेक कार्य स्वीकृत हुए हैं।

रामबाग से राणीसर तक बनेगी सड़कश्री गोदारा ने रामबाग में रामबाग से राणीसर तक 2 कि.मी. सड़क का शिलान्यास किया। इस कार्य पर 66.50 लाख रुपए व्यय होंगे। उन्होंने मुख्य गुवाड़ में पार्क का लोकार्पण किया। इस कार्य पर 11 लाख रुपए खर्च किए गए हैं। उन्होंने रामबाग गांव के राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय की चार दीवारी का लोकार्पण किया। इस पर 10 लाख रुपए व्यय हुए हैं। इस दौरान उन्होंने कहा कि लंबे समय से ग्रामीणों द्वारा रामबाग से राणीसर तक की सड़क की मांग की जा रही थी। यह सड़क बनने से आमजन का आवागमन सुलभ होगा। उन्होंने निर्माण कार्य समयबद्ध और गुणवत्तापूर्ण तरीके से करवाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि स्कूलों की आधारभूत सुविधाओं का लाभ बच्चों को मिले, इसके लिए अभिभावकों को चाहिए कि वे बच्चों को अधिक से अधिक पढ़ाएं। उन्होंने कहा कि लूणकरणसर को विकसित बनाने में कोई कसर नहीं आने दी जाएगी।

पानी, बिजली और चिकित्सा सुविधाओं में हुआ इजाफा —

खाद्य मंत्री ने घेसुरा गांव में उप स्वास्थ्य केन्द्र का शिलान्यास किया। इस पर पर 55 लाख रुपए व्यय किए जाएंगे। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार के चिकित्सा के क्षेत्र में सर्वाधिक कार्य किए हैं। जिससे आमजन को बेहतर चिकित्सा सुविधाएं मिलने लगी हैं। उन्होंने महाजन वॉटर वर्क्स डिग्गी सफाई, फिल्टर भवन मरम्मत व सीसी ब्लॉक का लोकार्पण किया। इन कार्यों पर 47 लाख रुपए खर्च किए गए। महाजन के सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र में 25 लाख रुपए से निर्मित मोर्चरी रूम व सीसी ब्लॉक का शिलान्यास किया। सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र में आधुनिक लैब का शिलान्यास किया। इस कार्य पर 77 लाख रुपए खर्च होंगे। श्री गोदारा ने ढाणी छिल्ला में 27 लाख रुपए की लागत से निर्मित ट्यूबवैल का लोकार्पण किया।

इस दौरान उन्होंने कहा कि डबल इंजन सरकार ने विकास के नए आयाम स्थापित किए हैं। आने वाले बजट में जिले को और कई सौगातें मिलेंगी। उन्होंने कहा कि सरकार ने जनता से किए वादे पूरे किए हैं। आज प्रदेश तेजी से आगे बढ़ रहा है। इस दौरान उन्होंने ग्रामीणों की समस्याएं सुनी और उनके समाधान के लिए निर्देशित किया।

बाड़मेर जिला कलक्टर टीना डाबी को जल संचय जन भागीदारी में प्रथम पुरस्कार
विज्ञान भवन में आयोजित कार्यक्रम में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने बाड़मेर जिला कलक्टर टीना डाबी को जल संचय जन भागीदारी में प्रथम पुरस्कार से किया सम्मानित

जयपुर,18 नवंबर। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने  जल संचय—जन भागीदारी में बाड़मेर के प्रथम स्थान पर रहने पर जिला कलेक्टर टीना डाबी को पुरस्कृत किया है। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने नई दिल्ली के विज्ञान भवन में मंगलवार को आयोजित कार्यक्रम में छठे राष्ट्रीय जल पुरस्कार व जल संचय—जन भागीदारी पुरस्कार में उन्हें यह सम्मान प्रदान किया।

   कार्यक्रम में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने कहा कि सभ्यता और जल में सीधा सम्बंध है। दु​नियाभर की सभ्यताएं नदियों, बांधों के किनारे वि​कसित हुई। जल का महत्व इससे आंका जा सकता है कि वंदे मातरम का पहला शब्द सुजलाम है। सरकार के साथ ही व्यक्तिगत, पारिवारिक, सामाजिक प्रयास और समन्वय से ही जल संरक्षण की योजनाओं को सफल बनाया जा सकता है। राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु ने केंद्र और राज्य सरकारों, जिला प्रशासनों, ग्राम पंचायतों और नगर निकायों के स्तर पर जल संरक्षण और उसके सुसंगत प्रबंधन को प्राथमिकता देने पर बल दिया। उन्होंने किसानों और उद्यमियों को जल का उपभोग कम करते हुए उत्पादन को अधिकतम करने के नवोन्मेषी तरीके अपनाने की सलाह दी।

उल्लेखनीय है कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के महत्वपूर्ण अभियान ”कैच द रेन” को बाड़मेर जिले में अपार सफलता मिली है। इसे जन आन्दोलन बनाकर धरातल पर लागू करने के लिए जिला कलेक्टर टीना डाबी ने मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा के निर्देशन में अभूतपूर्व प्रयास किए हैं। इस नवावार को केन्द्र सरकार ने  जल संचय जन भागीदारी अभियान में प्रथम  पुरस्कार के लिए चुना। टांका निर्माण के जरिए बारिश के पानी को सहेजने की अभिनव पहल के तहत प्रथम श्रेणी में चयनित बाड़मेर जिले को 2 करोड़ रुपए के पुरस्कार से सम्मानित किया गया है।

 बाड़मेर जिला कलक्टर टीना डाबी ने इस सफलता का श्रेय बाड़मेर जिले के प्रशासनिक अधिकारियों एवं कार्मिकों की टीम को देते हुए बताया कि टीम वर्क के चलते यह कामयाबी मिल पाई। आगामी समय में बेहतरीन कार्य करने का प्रयास किया जाएगा। उल्लेखनीय है कि बाड़मेर जिले में बारिश के पानी को सहेजने के लिए वृहद स्तर पर टांकों का निर्माण कराया गया है। इसकी बदौलत अब तक व्यर्थ में बहने वाला बारिश के पानी को ग्रामीण पेयजल के बतौर इस्तेमाल कर रहे है। इस अभियान के तहत जल संरक्षण के लिए जल संरचनाओं में भवनों की छतों पर वर्षा जल संचयन के साथ झीलों, तालाबों और बावड़ियों का पुनरुद्धार किया जाता  है। प्रथम जल संचय जन भागीदारी (जेएसजेबी) सम्मान के अंतर्गत इस वर्ष कुल 100 पुरस्कारों की घोषणा की गई। इनमें तीन शीर्ष प्रदर्शन करने वाले राज्य, 67 जिले, छह नगर निगम एक शहरी स्थानीय निकाय, दो सहयोगी मंत्रालय, विभाग, दो उद्योग, तीन गैर सरकारी संगठन, दो परोपकारी और 14 नोडल अधिकारी शामिल हैं।