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रामगंजमंडी में ‘जागो जगाओ एकता पदयात्रा’ का शुभारंभ, पाटली नदी पुनर्जीवन और एकता का दिया संदेश
कोटा जिले के रामगंजमंडी क्षेत्र में पाटली नदी के माधव घाट से ‘जागो, जगाओ एकता पदयात्रा’ की शुरुआत कृषि मंत्री डॉ. किरोड़ी लाल मीणा और शिक्षा मंत्री मदन दिलावर ने...

कोटा जिले की रामगंज मंडी विधानसभा क्षेत्र के ग्राम पंचायत जुल्मी स्थित पाटली नदी के माधव घाट से सोमवार को ‘जागो, जगाओ एकता पदयात्रा’ का शुभारंभ किया गया। लौह पुरुष सरदार वल्लभ भाई पटेल की 150वीं जयंती के उपलक्ष्य में आयोजित तीन दिवसीय पदयात्रा का आरंभ कृषि मंत्री डॉ. किरोड़ी लाल मीणा और शिक्षा मंत्री मदन दिलावर ने गंगा पूजन और चुनरी अर्पण कर किया।
पदयात्रा में बच्चे, युवा, बुजुर्ग और महिलाएं हाथों में तिरंगा लेकर उत्साह के साथ शामिल हुए।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कृषि एवं आपदा प्रबंधन मंत्री डॉ. किरोड़ी लाल मीणा ने कहा कि सरदार पटेल ने रियासतों को एक सूत्र में जोड़कर अखंड भारत की आधारशिला रखी। उन्होंने बिरसा मुंडा की 150वीं जयंती का उल्लेख करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में पूरे देश ने उन्हें सम्मानपूर्वक याद किया है।
उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार गरीबों के उत्थान और आर्थिक असमानता को खत्म करने के लिए निरंतर काम कर रही है।

शिक्षा मंत्री मदन दिलावर की सराहना करते हुए डॉ. मीणा ने कहा कि उन्होंने रामगंजमंडी क्षेत्र में सड़क, पानी, बिजली, शिक्षा और स्वास्थ्य जैसी बुनियादी सुविधाओं के विकास में उल्लेखनीय कार्य किए हैं।
उन्होंने बताया कि एक समय पूरी तरह विलुप्त हो चुकी पाटली नदी को श्री मदन दिलावर ने भागीरथ प्रयास करते हुए पुनर्जीवित किया है।

अपने संबोधन में शिक्षा एवं पंचायत राज मंत्री मदन दिलावर ने कहा कि सरदार पटेल ने रियासतों का एकीकरण कर देश को एकता के सूत्र में बांधा। उन्होंने बताया कि वंदे मातरम के 150 वर्ष और बिरसा मुंडा की 150वीं जयंती पर पूरा देश गौरव महसूस कर रहा है।
उन्होंने कहा कि पाटली नदी को 5 करोड़ रुपये की लागत से पुनर्जीवित किया गया है, जिससे अब 50 हजार बीघा भूमि सिंचित होगी।
दिलावर ने कहा कि रामगंजमंडी में देश की सबसे चौड़ी टनल बन रही है और यहां पहला सैनिक स्कूल भी खुलेगा। इसके साथ ही वेद पाठशाला और संस्कृत कॉलेज क्षेत्र की शिक्षा व्यवस्था को नई ऊंचाई देंगे।

शुभारंभ समारोह में दोनों मंत्रियों ने संतों और स्वच्छकारों पर पुष्प वर्षा कर सम्मान व्यक्त किया तथा चरण प्रक्षालन कर सामाजिक समरसता का संदेश दिया।