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देश ने 357 मिलियन टन खाद्यान्न उत्पादन का बनाया ऐतिहासिक रिकॉर्ड
वोकल फॉर लोकल की भावना बनी देश के करोड़ों लोगों के जीवन का हिस्सा

 प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने रविवार को ‘मन की बात‘ कार्यक्रम की 128वीं कड़ी में देशवासियों को संबोधित किया। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने सांगानेर कैंप कार्यालय में आमजन के साथ ‘मन की बात‘ कार्यक्रम को सुना। 

प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन में कहा कि कृषि क्षेत्र में भारत ने बड़ी उपलब्धि हासिल करते हुए 357 मिलियन टन के खाद्यान्न उत्पादन का ऐतिहासिक रिकॉर्ड बनाया है। उन्होंने कहा कि 10 साल पहले की तुलना में भारत का खाद्यान्न उत्पादन 100 मिलियन टन और बढ़ गया है। 

मोदी ने कहा कि देश में डेढ़ लाख मीट्रिक टन से भी ज्यादा शहद का उत्पादन हो रहा है और शहद का निर्यात भी तीन गुना से ज्यादा बढ़ गया है। उन्होंने देश के विभिन्न इलाकों में स्थानीय लोगों एवं संस्थाओं द्वारा शहद उत्पादन की भी चर्चा की। उन्होंने कोयम्बटूर में आयोजित विशाल नैचुरल फार्मिंग सम्मेलन को भारत की प्राचीन परंपराओं का हिस्सा बताते हुए इसे निरंतर बढ़ावा देने की अपील की।

प्रधानमंत्री ने जी-20 शिखर सम्मेलन के बारे में भी बात की। उन्होंने कहा कि देशवासियों की ओर से उन्होंने विश्व के नेताओं को जो उपहार भेंट किए, उसमें वोकल फॉर लोकल की भावना का विशेष ध्यान रखा। श्री मोदी ने बताया कि उन्होंने कनाडा के प्रधानमंत्री को चांदी के अश्व की प्रतिकृति भेंट की जो राजस्थान के उदयपुर की बेहतरीन शिल्पकला को दर्शाती है। उन्होंने इस बात पर प्रसन्नता जताई कि वोकल फॉर लोकल की भावना को देश के करोड़ों लोगों ने अपने जीवन का हिस्सा बना लिया है। 

प्रधानमंत्री ने हरियाणा के कुरुक्षेत्र में महाभारत अनुभव केंद्र में 3डी लाइट एण्ड साउण्ड शो के माध्यम से महाभारत की गाथा के प्रस्तुतीकरण के बारे में भी बात की। उन्होंने कहा कि कुरुक्षेत्र में ब्रह्म सरोवर पर आयोजित अंतर्राष्ट्रीय गीता महोत्सव में यूरोप और मध्य एशिया सहित विश्व के कई देशों के लोगों ने बढ़ चढ़कर हिस्सा लिया। श्री मोदी ने काशी के नमो घाट पर आयोजित होने वाले चौथे काशी-तमिल संगमम में अधिक से अधिक भागीदारी कर ‘एक भारत-श्रेष्ठ भारत’ की भावना मजबूत करने का आह्वान किया।

प्रधानमंत्री ने विभिन्न खेलों में भारतीय खिलाड़ियों के प्रदर्शन की चर्चा करते हुए कहा कि भारतीय महिला क्रिकेट टीम द्वारा आईसीसी महिला विश्व कप, महिला कबड्डी खिलाड़ियों द्वारा कबड्डी वर्ल्ड कप तथा महिला टीम द्वारा ब्लाइंड क्रिकेट वर्ल्ड कप जीतना ऐतिहासिक उपलब्धि है। उन्होंने डेफलिम्पिक्स तथा वर्ल्ड बॉक्सिंग कप फाइनल में भी भारतीय खिलाड़ियों के प्रदर्शन की भरपूर सराहना की।

मोदी ने कहा कि 4 दिसम्बर को मनाया जाने वाला नौसेना दिवस हमारे सैनिकों के अदम्य साहस और पराक्रम को सम्मान देने का एक खास दिन है। उन्होंने कहा कि देश में विभिन्न स्थानों पर नौसेना से संबंधित संग्रहालय है जहां नौसेना के इतिहास के बारे में जानकारी मिलती है। उन्होंने आईएनएस ‘माहे’ को भारतीय नौसेना में शामिल करने, हैदराबाद में दुनिया की सबसे बड़ी लीप इंजन एमआरओ फैसिलिटी शुरू होने तथा स्काईरूट स्टार्टअप के इन्फिनिटी कैम्पस की स्थापना को भारत की नई सोच, इनोवेशन और युवा शक्ति का प्रतिबिम्ब बताया।

प्रधानमंत्री ने कहा कि दुनिया के कई देशों में विन्टर टूरिज्म अर्थव्यवस्था का महत्वपूर्ण हिस्सा है। भारत में भी उत्तराखण्ड जैसे राज्यों में इसकी अपार संभावनाएं है। उन्होंने कहा कि हिमालय की वादियां एडवेन्चर्स गेम्स और डेस्टिनेशन वेडिंग के लिए प्रसिद्ध हो रही हैं। 

मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा कि मन की बात कार्यक्रम प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के देशवासियों से आत्मीय जुड़ाव का प्रतीक है। इस कार्यक्रम के माध्यम से प्रधानमंत्री देश की गौरवशाली उपलब्धियों के बारे में हमें बताते हैं। वे हमेशा स्वदेशी उत्पादों को प्रोत्साहित करने के साथ ही देशवासियों में एक भारत श्रेष्ठ भारत की भावना को प्रबल करते हैं।

मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में राज्य सरकार के फ्लैगशिप प्रोग्राम में सर्वजन हिताय
सर्वजन सुखाय की भावना हो रही साकार - 25 फ्लैगशिप योजनाओं के माध्यम से राजस्थान का चहुंमुखी विकास हो रहा सुनिश्चित


जयपुर, 29 नवम्बर। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के कुशल नेतृत्व में राज्य सरकार ‘आपणो अग्रणी राजस्थान’ के संकल्प को साकार करने के लिए कृत संकल्पित होकर कार्य कर रही है। राज्य के योजनाबद्ध विकास और प्रत्येक वर्ग के उत्थान के लिए विजन डॉक्यूमेंट तैयार करने के साथ ही, सरकार ने केन्द्र सरकार द्वारा प्रवर्तित एवं राज्य निधि से संचालित 25 प्रमुख योजनाओं को राज्य सरकार के फ्लैगशिप प्रोग्राम में शामिल किया है। इस फ्लैगशिप प्रोग्राम में ग्रामीण और शहरी विकास से लेकर कृषि, स्वास्थ्य, महिला सशक्तिकरण और राष्ट्र निर्माण से जुड़ी महत्वपूर्ण योजनाएं शामिल हैं। राज्य की तरक्की का ताना-बाना इन्हीं प्रमुख योजनाओं के इर्द-गिर्द बुना जा रहा है और इससे सर्वजन हिताय – सर्वजन सुखाय की भावना साकार हो रही है। 

राज्य की आधी आबादी का हो रहा सर्वांगीण विकास —

राज्य सरकार ने प्रदेश की आधी आबादी महिलाओं के सर्वांगीण विकास के लिए अपने फ्लैगशिप प्रोग्राम में कई योजनाओं को शामिल किया है। लाड़ो प्रोत्साहन योजना सशक्तीकरण की दिशा में राज्य सरकार का एक बड़ा कदम है। योजना में गरीब परिवारों की बालिकाओं को जन्म से लेकर शिक्षा हासिल करने तक विभिन्न चरणों में डेढ़ लाख रुपये की सहायता दी जाती है। इसी प्रकार महिलाओं को विभिन्न प्रशिक्षण देकर उन्हें आत्मनिर्भर बनाने के उद्देश्य से नमो ड्रोन दीदी, सोलर दीदी, लखपति दीदी, बैंक सखी, कृषि सखी एवं पशु सखी बनाने का कार्य प्राथमिकता के साथ किया जा रहा है।

वंचित वर्ग के कल्याण को समर्पित राज्य सरकार —

पंडित दीनदयाल उपाध्याय के अंत्योदय के संकल्प को साकार करने के लिए राज्य सरकार ने फ्लैगशिप योजनाओं के माध्यम से वंचित वर्ग का कल्याण सुनिश्चित किया है। मुख्यमंत्री स्वनिधि योजना के तहत राज्य के शहरी क्षेत्रों में जरूरतमंद एवं असहाय परिवार के असंगठित श्रमिकों के साथ भवन निर्माण श्रमिक, हस्तशिल्प श्रमिक, गिग वर्कर, ट्रांसपोर्ट वर्कर, केयर वर्कर, सफाई श्रमिक, घरेलू श्रमिक आदि को विशेष अल्पावधि ऋण उपलब्ध करवाकर आर्थिक संबल दिया जा रहा है। इसके साथ ही पात्र परिवारों को खाद्य सुरक्षा से जोड़ने के अभियान के तहत खाद्य सुरक्षा पोर्टल को पुनः शुरू करते हुए अपात्र लाभार्थियों को सूची से हटाने और नए पात्र लोगों को जोड़ने का व्यापक कार्य किया गया है। प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) के अंतर्गत आर्थिक दृष्टि से कमजोर आय वर्ग के परिवारों को रियायती आवास उपलब्ध करवाए जा रहे हैं। 

स्वास्थ्य सेवाओं का हो रहा विस्तार, ऊर्जा क्षेत्र में भी ठोस कार्य —

केंद्र सरकार द्वारा शुरू किए गए प्रधानमंत्री आयुष्मान भारत स्वास्थ्य अवसंरचना मिशन का उद्देश्य देश में स्वास्थ्य सेवाओं का विस्तार और चिकित्सा ढांचे का सुदृढ़ीकरण करना है। इस अभियान को फ्लैगशिप योजना घोषित करते हुए राज्य सरकार प्रदेश में चिकित्सा एवं स्वास्थ्य सेवाओं का विस्तार कर रही है। नये स्वास्थ्य केन्द्रों का निर्माण तथा क्रिटिकल केयर अस्पताल एवं प्रयोगशालाओं की स्थापना की जा रही है। वहीं ऊर्जा के क्षेत्र में भी राज्य में उल्लेखनीय कार्य किया जा रहा है। पीएम-कुसुम योजना के कम्पोनेंट-ए एवं कम्पोनेंट-सी में प्रदेश में धरातल पर तेजी से काम हो रहा है। कम्पोनेंट ए के अन्तर्गत 2 मेगावाट क्षमता तक के सौर ऊर्जा संयंत्रों की स्थापना कर उन्हें ग्रिड से जोड़ा जा रहा है, वहीं, कम्पोनेंट बी में 7.5 एचपी क्षमता तक के स्वतंत्र सौर कृषि पंपों की स्थापना की जा रही है। कम्पोनेंट सी के तहत ग्रिड से जुड़े 7.5 एचपी क्षमता तक के मौजूदा कृषि पंपों का सौर ऊर्जा से संचालन किया जा रहा है। इसके साथ ही प्रदेश के हर उपभोक्ता को निर्बाध विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित करने के उद्देश्य से संशोधित वितरण क्षेत्र योजना (आरडीएसएस) के अंतर्गत विद्युत वितरण ढांचे को सुदृढ़ करने पर कार्य किया जा रहा है।

पर्यावरण एवं जल संरक्षण के लिए विशेष अभियान —

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान से प्रेरणा लेकर मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा की पहल पर राज्य सरकार ने प्रदेश में मिशन हरियालो राजस्थान की शुरुआत की है। इस अभियान के तहत राज्य में पांच साल में 50 करोड़ पौधे लगाए जाएंगे। इसके साथ ही वर्षाजल सहेजने की परम्परा को पुनर्जीवित करने के लिए शुरू किया गया “कर्मभूमि से मातृभूमि“ अभियान प्रदेश में भूजल स्तर की गिरावट को रोकने में महती भूमिका निभा रहा है। इस अभियान के अंतर्गत राज्य सरकार भामाशाहों और प्रवासी राजस्थानियों को साथ लेकर ग्रामीण क्षेत्रों में रिचार्ज शाफ्ट संरचनाओं का निर्माण करवा रही है। वहीं मुख्यमंत्री जल स्वावलम्बन अभियान 2.0 के तहत पंचायती राज विभाग द्वारा प्रदेश के 4 हजार 700 से अधिक गांवों में वाटर हार्वेस्टिंग स्ट्रक्चर का निर्माण किया जा रहा है। अभियान के तहत एक लाख 10 हजार कार्य करवाने का लक्ष्य है। 

गांवों में बुनियादी सुविधाओं को किया जा रहा मजबूत —

प्रदेश के ग्रामीण क्षेत्रों के विकास के लिए राज्य सरकार ने कई योजनाओं को अपने फ्लैगशिप प्रोग्राम में शामिल किया है। गांवों को गरीबी मुक्त करने के लिए पंडित दीनदयाल उपाध्याय गरीबी मुक्त गांव योजना के तहत चिन्हित गांवों के सभी बीपीएल परिवारों को गरीबी रेखा से ऊपर लाए जाने हेतु विभिन्न गतिविधियां संचालित की जा रही हैं। बुनियादी सुविधाओं का विस्तार करने के लिए राज्य के 5 हजार से अधिक आबादी वाले ग्रामीण कस्बों में अटल प्रगति पथ के तहत सीमेंट कंक्रीट की सड़कों का निर्माण किया जा रहा है। वहीं प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के माध्यम से गांवों को मुख्य सड़कों से जोड़ा जा रहा है। जनजातीय और रेगिस्तानी क्षेत्रों में 250 तक की आबादी वाले गांवों तथा अन्य क्षेत्रों में 500 तक की आबादी वाले गांवों को सड़क-पुल निर्माण द्वारा मुख्य मार्गों से जोड़ा जा रहा है। प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के तहत बेघर परिवारों तथा कच्चे एवं टूटे-फूटे मकानों में रहने वाले ग्रामीण परिवारों को पक्का मकान उपलब्ध कराने हेतु आर्थिक सहायता दी जा रही है। गांवों के हर घर को नल से जल उपलब्ध कराने के लिए जल-जीवन मिशन के तहत पेयजल कनेक्शन दिए जा रहे हैं। गांवों को खुले में शौच से मुक्त करने के लिए स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) को भी फ्लैगशिप योजना घोषित किया गया है। 

ग्रामीणों का जीवन स्तर हो रहा बेहतर —

राज्य सरकार ने प्रदेश की ग्रामीण आबादी को बेहतर जीवन स्तर उपलब्ध कराने के लिए विभिन्न योजनाओं के माध्यम से उन्हें लाभान्वित कर रही है। केन्द्र प्रवर्तित प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना के तहत किसानों को तारबंदी, डिग्गी, फार्मपौण्ड, जलहोज निर्माण, ग्रीन हाउस, पॉली हाउस, शेड नेट, प्लास्टिक मल्चिंग, लो-टनल एवं ड्रिप-स्प्रिंकलर की स्थापना के लिए अनुदान दिया जा रहा है। साथ ही, भूमिहीन कृषि श्रमिकों को 5 हजार रुपये लागत तक के कृषि यंत्र एवं उपकरण भी दिए जा रहे हैं। वहीं, स्वामित्व योजना में ड्रोन तकनीक से गांव के आबादी क्षेत्र का सर्वेक्षण कर डिजिटल मैप के आधार पर भू-स्वामित्व धारकों को स्वामित्व कार्ड और पट्टा दिया जा रहा है। इन संपत्ति कार्डों ने ग्रामीण परिवारों को उनकी संपत्ति का कानूनी अधिकार प्रदान कर उनके लिए ऋण लेना आसान बना दिया है, जिससे ग्रामीण नागरिक सशक्त हो रहे हैं। 

शिक्षित राजस्थान – विकसित राजस्थान —

राज्य सरकार ने नवीन शिक्षा नीति को प्रभावी रूप से लागू करने तथा विद्यालयों में बेहतर गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराने के उद्देश्य से मुख्यमंत्री शिक्षित राजस्थान अभियान को फ्लैगशिप प्रोग्राम में शामिल किया है। इसके साथ ही, ग्रामीण युवाओं को जागरूक कर उन्हें प्रशिक्षण सुविधायें उपलब्ध कराने के लिए प्रत्येक ग्राम पंचायत पर चरणबद्ध रूप से अटल ज्ञान केन्द्र की स्थापना की जा रही है। इस पहल का उद्देश्य 3 हजार से अधिक आबादी वाले ग्राम पंचायत मुख्यालयों में प्रेरकों द्वारा युवाओं को रोजगारपरक प्रशिक्षण देना है।

शहरों का सुनियोजित विकास हो रहा सुनिश्चित —

गांवों के विकास के साथ ही शहरों का भी सुनियोजित विकास राज्य सरकार की प्राथमिकता है। इसलिए स्वच्छ भारत मिशन (शहरी) को फ्लैगशिप योजनाओं में शामिल किया गया है। इससे शहरी क्षेत्रों के कचरा एवं सीवरेज प्रबंधन कर उन्हें स्वच्छ बनाया जा रहा है। शहरी आबादी को पेयजल आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए अमृत योजना पर तेजी से कार्य हो रहा है।

स्थानीय उत्पादों को मिल रही पहचान, हस्त शिल्प को दिया जा रहा बढ़ावा —

मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में राज्य सरकार ने प्रदेश के स्थानीय उत्पादों को लोकल से लेकर ग्लोबल तक नई पहचान दिलाने के लिए पंच गौरव कार्यक्रम की पहल की है, जिसके माध्यम से प्रदेश के प्रत्येक जिले में एक उपज, एक वानस्पतिक प्रजाति, एक उत्पाद, एक पर्यटन स्थल एवं एक खेल को प्रोत्साहन दिया जा रहा है। इसी के साथ प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी द्वारा देश के हस्तशिल्पियों और कलाकारों की कला को सम्मानित करने के लिए शुरू की गई पीएम विश्वकर्मा योजना के तहत 18 व्यवसायों के दस्तकारों को सर्टिफिकेट एवं आई कार्ड तथा टूलकिट के लिए 15 हजार रुपये की सहायता दी जा रही है। साथ ही, 2 लाख रुपये तक का ऋण एवं  ब्याज अनुदान भी दिया जा रहा है। 

प्रदेश के रोड नेटवर्क की मजबूती और विस्तार हमारी प्राथमिकता: मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा
जयपुर रिंग रोड के उत्तरी हिस्से के निर्माण की तीव्र कार्यवाही करें — प्रस्तावित ग्रीन फील्ड एक्सप्रेसवे के जमीन अधिग्रहण को करें शीघ्र प्रारंभ

जयपुर, 27 नवम्बर। मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा ने कहा कि राजस्थान में सड़क तंत्र को मजबूत व सुरक्षित बनाने एवं विस्तार देने के लिए डबल इंजन की सरकार बड़ी परियोजनाओं पर कार्य कर रही है। उन्होंने भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण एवं सार्वजनिक निर्माण विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए कि गुणवत्ता का ध्यान रखते हुए आपसी समन्वय से समय-सीमा में प्रगतिरत परियोजनाओं को पूरा किया जाए।

श्री शर्मा गुरुवार को मुख्यमंत्री कार्यालय में एनएचएआई के कार्यों की समीक्षा बैठक की अध्यक्षता कर रहे थे। उन्होंने प्रस्तावित ग्रीन फील्ड एक्सप्रेसवे की जमीन अधिग्रहण के संबंध में एनएचएआई को निर्देश दिए कि इस कार्य को शीघ्र प्रारंभ किया जाए। साथ ही, उन्होंने अधिकारियों को जयपुर शहर की यातायात व्यवस्था को सुदृढ़ बनाने के लिए रिंग रोड के उत्तरी हिस्से का निर्माण शीघ्र प्रारंभ करने के लिए जमीन अधिग्रहण के कार्य को प्राथमिकता से पूरा करने के संबंध में निर्देशित किया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि जिला कलक्टर जयपुर, जयपुर विकास प्राधिकरण, भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण एवं सार्वजनिक निर्माण विभाग मिलकर जयपुर से जुड़े महत्वपूर्ण सड़क नेटवर्क पर लॉजिस्टिक पार्क, गोदाम और वेयरहाउस विकसित करने के संबंध में तथ्यात्मक रिपोर्ट प्रस्तुत करें। उन्होंने 200 फीट चौराहे पर एनएचएआई द्वारा किए जाने वाले विकास कार्यों को शीघ्र प्रारंभ करने के निर्देश दिए।

शर्मा को जयपुर-ब्यावर-पचपदरा, जयपुर-किशनगढ़, चितौड़गढ़ बायपास और अलवर-भरतपुर-आगरा सड़क निर्माण के विकास के संबंध में एनएचएआई के अधिकारियों ने जानकारी दी। बैठक में मुख्य सचिव श्री वी. श्रीनिवास सहित मुख्यमंत्री कार्यालय, सार्वजनिक निर्माण विभाग और एनएचएआई के अधिकारी उपस्थित रहे।   

आचार्य सुंदर सागर जी महाराज की दिव्य देशना कार्यक्रम में मुख्यमंत्री हुए शामिल
मुख्यमंत्री को ‘मातृ भू-सेवक’ की मानद उपाधि से किया गया अलंकृत राज्य सरकार जैन तीर्थाें के विकास के लिए प्रतिबद्ध

जयपुर, 27 नवम्बर। मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा ने कहा कि परम पूज्य श्री सुंदर सागर जी महाराज ज्ञान और अहिंसा का दीपक जलाते हुए समाज का मार्ग प्रशस्त कर रहे हैं। उनका जीवन त्याग, तपस्या और करूणा का अद्भुत समन्वय है। उन्होंने कहा कि हमारी सरकार सभी धर्मों के विकास और संरक्षण के लिए समर्पित है। उन्होंने आमजन से आह्वान किया कि वे जैन मुनियों के उपदेशों को न केवल सुने, बल्कि उन्हें अपने जीवन में भी उतारें।  

श्री शर्मा गुरूवार को सांगानेर कैम्प कार्यालय में आयोजित आचार्य श्री सुंदर सागर जी महाराज की दिव्य देशना कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि जैन मुनियों का जीवन साधना से पूर्ण है, वे सांसारिक सुखों को त्याग कर आध्यात्मिक मार्ग पर चलते हैं। उन्होंने कहा कि परम पूज्य श्री सुंदर सागर जी महाराज के जीवन से हमें यह शिक्षा मिलती है कि सच्ची महानता विनम्रता, सच्ची शक्ति अहिंसा और सच्चा सुख त्याग में है।

मुख्यमंत्री द्वारा जैन मुनियों की पद वंदना

मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा ने सभी संतो की पद वंदना करते हुए उनका हाथ थामे एसएफएस मानसरोवर स्थित आदिनाथ मंदिर से सांगानेर कैम्प कार्यालय के कार्यक्रम में लेकर आए। इस दौरान मार्ग में पुष्प वर्षा एवं बैंड वादन कर उनका स्वागत-अभिनंदन किया गया। कार्यक्रम में श्री शर्मा को ‘मातृ भू सेवक’ की मानद उपाधि से अलंकृत भी किया गया। इससे पहले श्री शर्मा ने एसएफएस मानसरोवर स्थित श्री आदिनाथ मंदिर में दर्शन कर प्रदेश की सुख समृद्धि एवं खुशहाली की कामना की। 

जैन धर्म के पंच महाव्रत ने दुनिया को दिया महत्वपूर्ण संदेश

मुख्यमंत्री ने कहा कि जैन धर्म हमें जीवन जीने की कला सिखाता है। इस धर्म के 24 तीर्थंकरों ने समय-समय पर मानव जाति को सही मार्ग दिखाया है। उन्होंने कहा कि जैन धर्म की सबसे बड़ी विशेषता ‘अहिंसा परमो धर्म’ है। ये एक वाक्य नहीं बल्कि सम्पूर्ण जीवन दर्शन है। आज पूरी दुनिया हिंसा से जूझ रही है और जैन धर्म का यह संदेश वर्तमान परिवेश में और अधिक प्रासंगिक हो जाता है। उन्होंने कहा कि जैन धर्म के पंच महाव्रत- अहिंसा, सत्य, अस्तेय, ब्रह्मचर्य, अपरिग्रह आज की भौतिकतावादी दुनिया में महत्वपूर्ण संदेश देते हैं। जैन धर्म हमें बताता है कि सच्चा सुख बाहरी वस्तुओं में नहीं, आन्तरिक संतोष में है। 

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार जैन धर्म के मूल्यों एवं शिक्षाओं को प्रसारित करने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार जैन समाज के तीर्थ स्थलों पर श्रद्धालुओं के लिए सड़कें, पेयजल, स्वच्छता और सुरक्षा सुनिश्चित करते हुए विकास कार्यों को प्राथमिकता दे रही है। कार्यक्रम में श्री शर्मा ने आचार्य श्री सुंदर सागर महाराज के प्रवचनों का श्रवण भी किया।  

इस अवसर पर आचार्य श्री सुंदर सागर जी महाराज, आचार्य शंशाक जी महाराज, सहकारिता राज्यमंत्री श्री गौतम कुमार दक, जयपुर ग्रेटर उप महापौर श्री पुनीत कर्णावत सहित जैन मुनि और बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे। 

लौह पुरूष ने दूरदर्शी सोच और साहसिक निर्णयों से देश को किया एकजुट : मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा
मुख्यमंत्री ने सरदार@150 के तहत यमुना प्रवाह यात्रा को दिखाई हरी झंडी

जयपुर, 26 नवम्बर। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा कि लौह पुरूष सरदार वल्लभ भाई पटेल ने अपनी दूरदर्शी सोच, दृढ़ इच्छाशक्ति और साहसिक निर्णयों से भारत को एकजुट कर राष्ट्र निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उन्होंने युवाओं से आह्वान किया कि युवा सरदार पटेल के जीवन से प्रेरणा लेकर ‘राष्ट्र प्रथम’ को सर्वोपरि रखें तथा एक मजबूत, एकजुट तथा विकसित भारत के निर्माण में योगदान दें। शर्मा ने सभी को संविधान दिवस की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि डॉ. भीमराव अंबेडकर ने विश्व का सबसे बड़ा संविधान हमें दिया है तथा उसी आधार पर देश आगे बढ़ रहा है।

                 शर्मा ने बुधवार को अमर जवान ज्योति से सरदार@150 यूनिटी मार्च के अंतर्गत यमुना प्रवाह यात्रा के तहत आयोजित समारोह को संबोधित किया। उन्होंने कहा कि यशस्वी प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के आह्वान पर पूरे देशभर में सरदार पटेल की 150वीं जयंती मनाई जा रही है। इसी के तहत यमुना प्रवाह यात्रा भी संचालित की जा रही है। उन्होंने कहा कि इस यात्रा के तहत राजस्थान सहित विभिन्न प्रदेशों से युवा जयपुर से कमरसद तक की यात्रा करेंगे। यह यात्रा युवाओं के लिए सरदार पटेल के जीवन, संघर्ष और देशभक्ति को करीब से जानने का अवसर है। साथ ही, युवाओं को सरदार पटेल के आदर्शों और मूल्यों को समझने का प्रत्यक्ष अनुभव भी मिलेगा।

सरदार पटेल ने कभी नहीं किया सिद्धांतों से समझौता

                मुख्यमंत्री ने कहा कि सरदार पटेल का स्वतंत्रता आंदोलन में अमूल्य योगदान रहा। बारडोली सत्याग्रह में उनकी प्रभावशाली भूमिका के कारण उन्हें सरदार की उपाधि दी गई। उन्होंने स्वतंत्रता आंदोलन में भी बढ़-चढ़कर भाग लिया और किसानों को अपने अधिकारों के लिए लड़ना सिखाया और सरदार पटेल जेल भी गए। लेकिन उन्होंने कभी अपने सिद्धांतों के साथ समझौता नहीं किया।

कूटनीति और दूरदर्शिता से 562 रियासतों का किया एकीकरण

                शर्मा ने कहा कि 15 अगस्त 1947 को भारत को आजादी तो मिली लेकिन विभाजन का दर्द भी सहना पड़ा। उस समय देश सैकड़ों टुकड़ों में बंटा हुआ था। उन्होंने कहा कि देश की 562 रियासतें स्वतंत्र इकाई थी। सरदार पटेल ने अपनी कूटनीति, दूरदर्शिता और कभी-कभी कठोरता का इस्तेमाल करते हुए प्रत्येक रियासत को भारत में मिलाना शुरू किया। उन्होंने कहा कि सरदार पटेल ने ऑपरेशन पोलो चलाकर हैदराबाद तथा जनमत संग्रह कराकर जूनागढ़ को भारत में शामिल कराया। उन्होंने भारत की एकता और अखंडता को अपना सबसे बड़ा लक्ष्य बनाया और उसे पूरा करके दिखाया।

धारा 370 हटाकर प्रधानमंत्री ने सरदार पटेल के अधूरे सपने को किया पूरा

                मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री ने सरदार पटेल की विरासत को आगे बढ़ाने का बीड़ा उठाया है। सरदार पटेल का अधूरा सपना प्रधानमंत्री ने कश्मीर से धारा 370 हटाकर पूरा किया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री भारत को एक सूत्र में बांध रहे हैं। पूरब से पश्चिम तक और उत्तर से दक्षिण तक आज भारत एक हो रहा है। सरदार पटेल के योगदान को सम्मान देते हुए विश्व की सबसे बड़ी प्रतिमा स्टैच्यू ऑफ यूनिटी बनाई गई। प्रधानमंत्री के नेतृत्व में वर्ष 2014 के बाद देश में गरीब कल्याण, विकास योजनाओं, आतंकवाद-नक्सलवाद का खात्मा तथा विश्व पटल पर देश का सम्मान बढ़ने जैसे अभूतपूर्व कार्य हुए हैं। उन्होंने कहा कि पूरा विश्व भारत को उम्मीदों से देख रहा है तथा दुनिया के सबसे बड़े लीडर के नेतृत्व में देश नई ऊचाईयां छू रहा है।

                 शर्मा ने कहा कि सरदार पटेल का जीवन युवाओं और हर भारतीय के लिए प्रेरणा है। युवा पीढ़ी उनके जीवन से कर्तव्यनिष्ठा, ईमानदारी और सत्यनिष्ठा, दृढ़ संकल्प, एकता तथा सादगी की पांच प्रमुख सीख ले सकती है। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने सरदार@150 यूनिटी मार्च के तहत यमुना प्रवाह यात्रा को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इससे पहले श्री शर्मा ने अमर जवान ज्योति पर पुष्पचक्र अर्पित कर शहीदों को नमन भी किया।

                इस दौरान सांसद मदन राठौड़, श्रीमती मंजू शर्मा, विधायक कालीचरण सराफ,  जितेन्द्र गोठवाल,  गोपाल शर्मा,  बालमुकुन्दाचार्य सहित बड़ी संख्या में आमजन उपस्थित रहे।

आमजन की समस्याओं का त्वरित समाधान करें अधिकारी: मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा
मुख्यमंत्री निवास पर नियमित जनसुनवाई -अन्त्योदय राज्य सरकार की योजनाओं का प्रमुख लक्ष्य

जयपुर, 24 नवम्बर। मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में राज्य सरकार जवाबदेहिता एवं पारदर्शिता से कार्य करते हुए सुशासन की ओर अग्रसर है। सरकार के द्वारा किए जा रहे कार्यक्रमों, नवाचारों एवं योजनाओं का प्रमुख ध्येय अंतिम पायदान पर बैठे व्यक्ति तक योजनाओं का लाभ पहुंचाना है। जनसुनवाई भी इसी लक्ष्य की ओर बढ़ता एक मजबूत कदम है। मुख्यमंत्री नियमित रूप से इस जनसुनवाई में लोगों की समस्याओं का समाधान कर उन्हें राहत दे रहे हैं।

                श्री शर्मा ने सोमवार को मुख्यमंत्री निवास पर जनसुनवाई की। उन्होंने इस दौरान आमजन की परिवेदनाओं को संवेदनशीलता के साथ सुनते हुए अधिकारियों को उन समस्याओं के त्वरित निस्तारण के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि जनसुनवाई में परिवादी उम्मीद के साथ आते हैं। ऐसे में अधिकारी इन प्रकरणों को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए इनका शीघ्र निस्तारण करें।

                श्री शर्मा ने जनसुनवाई में बड़ी संख्या में आई महिलाओं, दिव्यांगों, बुजुर्गों सहित विभिन्न लोगां की समस्याओं का मौके पर ही निस्तारण किया। आमजन अपनी परिवेदनाओं के निस्तारण से बेहद संतुष्ट नजर आए। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि परिवादियों को जल्द से जल्द राहत दी जाए। साथ ही, लंबित प्रकरणों की नियमित मॉनिटरिंग करते हुए इसका शीघ्र समाधान करें। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि प्रकरणों के निस्तारण में किसी भी तरह की लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों पर सख्त कार्यवाही की जाए।

                मुख्यमंत्री ने इस दौरान सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता, ग्रामीण विकास एवं पंचायतीराज, श्रम, कृषि, गृह, राजस्व, पशुपालन, जयपुर विकास प्राधिकरण, नगर निगम, शिक्षा, चिकित्सा, पेयजल सहित विभिन्न विभागों की आमजन से जुड़ी परिवेदनाओं को सुना और उनका मौके पर ही निस्तारण किया। इस दौरान श्री शर्मा ने विभिन्न संस्थाओं द्वारा आयोजित किए जाने वाले कार्यक्रमों के पोस्टर विमोचन भी किए।

                इस अवसर पर बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि और आमजन उपस्थित रहे।

मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने प्रदेश में उप राष्ट्रीय पल्स पोलियो अभियान का किया शुभारंभ बच्चों को पिलाई पोलियो प्रतिरक्षक दवा
प्रदेशभर में एक करोड़ से अधिक बच्चों को पिलाई जाएगी दवा - ‘दो बूंद हर बार, पोलियो पर जीत रहे बरकरार’ पोस्टर का किया विमोचन

जयपुर, 23 नवम्बर। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने रविवार को मुख्यमंत्री निवास पर बच्चों को पोलियो प्रतिरक्षक दवा पिलाकर राज्यस्तरीय उप राष्ट्रीय पल्स पोलियो अभियान का शुभारंभ किया। उन्होंने इस अभियान के लिए जनसहभागिता का आह्वान करते हुए कहा कि सभी अभिभावक अपने 5 वर्ष तक के बच्चों को पोलियो प्रतिरक्षक दवा अवश्य पिलाएं।

प्रदेशभर में 58 हजार 823 पोलियो बूथ

उल्लेखनीय है कि रविवार (23 नवम्बर) को प्रदेशभर में पोलियो बूथों पर दवा पिलाने की सुविधा उपलब्ध कराई गई है। किसी कारणवश बूथ पर दवा पीने नहीं वाले बच्चों को अगले दो दिन स्वास्थ्यकर्मी घर-घर जाकर दवा पिलाएंगे। लगभग 1 करोड़ 8 लाख बच्चों को पोलियो दवा पिलाने के लिए सम्पूर्ण प्रदेश में 58 हजार 823 पोलियो बूथ स्थापित किए गए हैं। 6 हजार 741 ट्रांजिट टीमें और 8 हजार 989 मोबाइल टीम की व्यवस्था भी की गई है।

शर्मा ने कहा इस अभियान में प्रदेशभर में जन्म से पांच वर्ष तक के बच्चों को पोलियो प्रतिरक्षक दवा पिलाई जाएगी। यह एक अभियान नहीं, बल्कि आने वाली पीढ़ियों कोे सुरक्षित भविष्य देने का माध्यम है। उन्होंने कहा कि पोलियो ऐसा संक्रामक रोग है जो बच्चे के जीवन के लिए घातक हो सकता है। दो बूंद दवा ही पोलियो जैसी गंभीर बीमारी से रक्षा कर सकती है।

मुख्यमंत्री ने इस दौरान ‘दो बूंद हर बार, पोलियो पर जीत रहे बरकरार’ पोस्टर का विमोचन भी किया। इस अवसर पर चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग की प्रमुख शासन सचिव श्रीमती गायत्री ए. राठौड़, बच्चों के अभिभावक सहित संबंधित अधिकारीगण उपस्थित रहे।

मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में राजस्थान करेगा ‘खेलो इंडिया यूनिवर्सिटी गेम्स-2025’ की मेजबानी
‘खम्मा घणी’ करेंगे देशभर के खिलाड़ियों का स्वागत, 24 नवम्बर से होगा 24 खेलों का आगाज, 7 शहरों में 7 हजार से ज्यादा प्रतिभागी होंगे शामिल

     जयपुर, 21 नवम्बर। मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में राजस्थान  24 नवम्बर से 5 दिसंबर तक खेलो इंडिया यूनिवर्सिटी गेम्स (केआईयूजी) के 5वें संस्करण की मेजबानी करने जा रहा है। प्रदेश में पहली बार आयोजित होने जा रहे केआईयूजी को भव्य, ऐतिहासिक और सफल बनाने के लिए श्री शर्मा के निर्देशन में जोर-शोर से तैयारियां की जा रही हैं।

                राजस्थान में जयपुर, अजमेर, भरतपुर, कोटा, उदयपुर, जोधपुर और बीकानेर में देशभर के युवा खिलाड़ी विभिन्न खेल प्रतियोगिताओं में अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन करेंगे जिससे स्पोर्ट्समैनशिप का अद्भुत संगम देखने का मिलेगा। केआईयूजी में कुल 24 खेलों में 23 पदक विजेता खेल और एक प्रदर्शन खेल शामिल है। एथलेटिक्स, बैडमिंटन, बास्केटबॉल, हॉकी, तैराकी, टेनिस, फुटबॉल, तीरंदाजी, शूटिंग, मल्लखम्भ, साइकिलिंग, रग्बी, जूडो, बीच वॉलीबॉल, केनोइंग और कयाकिंग, कबड्डी, भारोत्तोलन, टेबल टेनिस, योगासन, तलवारबाजी, वॉलीबॉल, बॉक्सिंग और कुश्ती में पदक जीतने के लिए युवा खिलाड़ी दमखम दिखाएंगे। वहीं, खो-खो खेल का आयोजन एक प्रदर्शन मैच के रूप में होगा।

                जयपुर में 24 नवम्बर से 5 दिसम्बर तक एथलेटिक्स, बैडमिंटन, बास्केटबॉल, हॉकी, तैराकी, टेनिस, फुटबॉल, तीरंदाजी, शूटिंग, मल्लखम्भ, साइकिलिंग में विभिन्न वर्गों में प्रतियोगिता आयोजित होंगी। अजमेर में 26 नवम्बर से 28 नवम्बर तक रग्बी खेल और खो-खो के प्रदर्शन मैच का आयोजन होगा। इसी प्रकार, उदयपुर में 25 नवम्बर से 4 दिसम्बर तक जूडो, बीच वॉलीबाल के साथ विशेष आकर्षण के रूप में केनोइंग और कयाकिंग वाटर स्पोर्ट्स में युवा अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन करेंगे।

                 युवा जोश से भरे इन खेलों में 25 नवम्बर से 5 दिसम्बर तक कबड्डी और भारोत्तोलन का आयोजन बीकानेर में होगा। वहीं, जोधपुर में 25 नवम्बर से 3 दिसम्बर तक योगासन और टेबल टेनिस के खेल में युवा खिलाड़ी अपना कौशल दिखाएंगे। कोटा में 25 नवम्बर से 4 दिसम्बर तक तलवारबाजी और वॉलीबॉल के खेल का आयोजन होगा। इसी प्रकार, भरतपुर में 25 नवम्बर से 5 दिसम्बर तक कुश्ती और बॉक्सिंग में युवा अपना दमखम दिखाएंगे।

                प्रदेश के प्रमुख संभाग स्तरीय 7 शहरों में खेलो इंडिया यूनिवर्सिटी गेम्स-2025 में देश के लगभग 5 हजार खिलाड़ियों सहित 7 हजार से ज्यादा प्रतिभागी शामिल होंगे।

सेक्टोरल सत्रों में प्रदेश के उभरते औद्योगिक परिदृश्य पर होगा मंथन, निवेश की संभावनाओं से प्रवासी राजस्थानी होंगे रूबरू – मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा
प्रवासी राजस्थानियों को जोड़ने के लिए भव्य आयोजन की तैयारी, मुख्यमंत्री ने दिए व्यापक प्रचार-प्रसार के निर्देश

जयपुर, 19 नवम्बर। मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा ने कहा कि प्रवासी राजस्थानी दिवस केवल एक आयोजन नहीं, बल्कि विकसित राजस्थान की यात्रा में हमारे प्रवासी समुदाय के योगदान का एक विस्तृत रोडमैप भी है। उन्होंने कहा कि प्रवासी राजस्थानी दिवस कार्यक्रम में शिक्षा, स्वास्थ्य, उद्योग, पर्यटन और जल जैसे प्रमुख क्षेत्रों पर आयोजित होने वाले सेक्टोरल सत्रों में प्रदेश के उभरते औद्योगिक परिदृश्य और निवेश की संभावनाओं पर गहन मंथन किया जाएगा। हमारा उद्देश्य है कि इन सत्रों के माध्यम से हर प्रवासी राजस्थानी अपने प्रदेश से जुड़ाव महसूस करें और ये इस रोडमैप को व्यवहारिक रूप देने का माध्यम बने।

श्री शर्मा बुधवार को मुख्यमंत्री कार्यालय में प्रवासी राजस्थानी दिवस की तैयारियों को लेकर आयोजित समीक्षा बैठक को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार प्रवासी समुदाय के सम्मान में प्रदेश में पहली बार आगामी 10 दिसम्बर को प्रवासी राजस्थानी दिवस का आयोजन करने जा रही है, ऐसे में इस भव्य आयोजन का विभिन्न माध्यमों से व्यापक प्रचार-प्रसार सुनिश्चित किया जाए, ताकि यह आयोजन हर एक प्रवासी तक पहुंचे तथा यह दुनियाभर में फैले हमारे भाई-बहनों को एक सूत्र में जोड़ने का ऐतिहासिक अवसर साबित हो।

सेक्टोरल सत्रों में विशेषज्ञ एवं प्रतिष्ठित संस्थान करेंगे संवाद —

बैठक में बताया गया कि प्रवासी समुदाय को प्रदेश में उपलब्ध संभावनाओं से अवगत करवाने एवं उनके सुझाव साझा करने के लिए विभिन्न विषयों पर सेक्टोरल सत्र आयोजित होंगे। इन सत्रों में आईआईटी, आईआईएम, उद्योग समूहों, स्वास्थ्य संस्थानों तथा अंतरराष्ट्रीय विशेषज्ञों द्वारा संवाद किया जाएगा। शिक्षा संबंधी सत्र में बिरला संस्थान, आईआईएम, आईआईटी, दिल्ली पब्लिक स्कूल, संयुक्त अरब अमीरात तथा स्वास्थ्य संबंधी सत्रों में यकृत और पित्त विज्ञान संस्थान के निदेशक एवं टाटा 1 एमजी के सीएफओ सहित कई विशेषज्ञ अपने अनुभव साझा करेंगे। इसी तरह उद्योग सत्र में वेलस्पन इंडिया लिमिटेड एवं बोरोसिल रिन्यूएबल्स लिमिटेड, जल सत्र में ईकोलैब इंडिया, नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ अर्बन अफेयर्स जैसे कई संस्थाओं एवं विशेषज्ञों के द्वारा संवाद किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने संबंधित विभागों को सेक्टोरल सत्रों के लिए आमंत्रित वक्ताओं, प्रतिभागियों की सूची को अंतिम रूप देने के निर्देश दिए। 

समृद्ध विरासत और विकास की यात्रा होगी प्रदर्शित —

उन्होंने कहा कि इस आयोजन में राजस्थान की समृद्ध विरासत के साथ ही राजस्थान प्रदेश के विकास की यात्रा भी साझा की जाएगी। ऐसे में विकसित राजस्थान एवं राज्य सरकार की उपलब्धियों, नवाचारों को प्रदर्शनी के माध्यम से दर्शाया जाए तथा सभी व्यवस्थाए गुणवत्तापूर्ण एवं समयबद्ध रूप से पूरी की जाए। उन्होंने सांस्कृतिक कार्यक्रमों में विशेष रूप से प्रदेश की लोक कला एवं संस्कृति से जोड़ने तथा प्रवासी राजस्थानी सम्मान पुरस्कार के लिए चयन प्रक्रिया को पारदर्शी, निष्पक्ष और पूर्व निर्धारित मानकों के अनुरूप सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। 

श्री शर्मा ने कहा कि जयपुर के जेईसीसी में होने वाले इस आयोजन के लिए सुरक्षा, यातायात, पार्किंग, स्वागत एवं प्रोटोकॉल से संबंधित तैयारियों की विस्तृत योजना समय पर लागू की जाए। साथ ही, कार्यक्रम के दौरान आतिथ्य, परिवहन, आवास, चिकित्सा एवं आपात सेवाओं की उपलब्धता के लिए जिम्मेदारियां तय की जाएं।

प्रवासी राजस्थानियों की बढ़ रही सहभागिता —

बैठक में प्रस्तुतीकरण के माध्यम से बताया गया कि आयोजन में अधिकतम सहभागिता सुनिश्चित करने के लिए राजस्थान फाउंडेशन के सभी चैप्टर्स एवं प्रवासी संगठनों के माध्यम से प्रोत्साहित किया जा रहा है। बड़ी संख्या में प्रवासी राजस्थानी इस आयोजन का हिस्सा बनने के लिए अपना पंजीकरण भी करवा रहे हैं। साथ ही, यह भी बताया गया कि प्रवासी राजस्थानी सम्मान अवॉर्ड के लिए प्राप्त आवेदनों का मूल्यांकन भी स्क्रीनिंग कमेटी द्वारा किया जा चुका है। 

प्रवासी राजस्थानी दिवस के बारे में —

उल्लेखनीय है कि मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा ने राइजिंग राजस्थान ग्लोबल इन्वेस्टमेंट समिट के दौरान प्रतिवर्ष 10 दिसंबर को ‘प्रवासी राजस्थानी दिवस’ के रूप में मनाए जाने एवं प्रवासी राजस्थानियों के लिए विभाग के गठन की घोषणा की थी। इसी क्रम में आगामी 10 दिसंबर को आयोजित होने वाले प्रवासी राजस्थानी दिवस पर उद्योग, पर्यटन, शिक्षा, स्वास्थ्य सेवा एवं जल विषय पर सेक्टोरल सत्र के साथ ही प्रवासी राजस्थानी सम्मान पुरस्कार भी प्रदान किए जाएंगे। साथ ही, कार्यक्रम में विशेष एनआरआर ओपन हाउस में प्रदेश में उद्योग एवं अन्य क्षेत्रों में उपलब्ध अवसरों के संबंध में प्रवासी राजस्थानियों से संवाद सत्र भी आयोजित होगा। वहीं, प्रवासी राजस्थानियों और राज्य सरकार के बीच संवाद और सहयोग के लिए मंत्रिमंडल ने ‘राष्ट्रीय एवं अंतर्राष्ट्रीय प्रवासी राजस्थानी मामले विभाग’ के गठन के प्रस्ताव का अनुमोदन कर दिया है।

बैठक में मुख्य सचिव श्री वी. श्रीनिवास सहित संबंधित विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।

राजस्थान में सहकार से समृद्धि का विजन हो रहा साकार – मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा 
प्रदेश में किसानों के खातों में पीएम किसान सम्मान निधि की 21वीं किस्त के तहत लगभग 1400 करोड़ रुपये हुए हस्तान्तरित

जयपुर, 19 नवम्बर। मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी का विजन देश के किसान, मजदूर, युवा और महिलाओं के विकास से जुड़ा है। पंडित दीनदयाल उपाध्याय और बाबा साहेब भीमराव अम्बेडकर के विचारों के अनुरूप अंतिम पायदान पर खड़े व्यक्ति के विकास तथा जरूरतमंद तक सरकार की योजनाओं का लाभ पहुंचाकर उसके जीवन स्तर को उठाने के लिए हमारी सरकार काम कर रही है। उन्होंने कहा कि इसी क्रम में प्रधानमंत्री ने किसान सम्मान निधि की 21वीं किस्त जारी की है। यह कदम हमारी सरकार का किसान कल्याण के प्रति प्रतिबद्धता का प्रतीक है।

प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने बुधवार को तमिलनाडु के कोयम्बटूर में पीएम किसान सम्मान निधि की 21वीं किस्त के हस्तान्तरण कार्यक्रम एवं दक्षिण भारत प्राकृतिक कृषि शिखर सम्मेलन के उद्घाटन समारोह को संबोधित किया। प्रधानमंत्री की गरिमामय उपस्थिति में आयोजित हुए इस कार्यक्रम से मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा वीसी के माध्यम से जुड़े और प्रधानमंत्री के संबोधन को सुना। 

इसी कड़ी में श्री शर्मा ने दुर्गापुरा के राज्य कृषि प्रबंधन संस्थान में आयोजित राज्य स्तरीय कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि किसान हमारे देश की रीढ़ है। मेहनत, लगन और समर्पण से ये अनाज उपजाते हैं। प्राकृतिक आपदा, चिलचिलाती धूप, कपकपाती ठंड और अन्य विपदाओं में भी किसान खेत में निरन्तर कार्य करता है।  

योजनाओं से किसान लाभान्वित, राजस्थान का देश में पांचवां स्थान-

मुख्यमंत्री ने कहा कि किसानों से किए वायदों को पूरा किया जा रहा है। राज्य के किसानों की आर्थिक सुरक्षा मजबूत करने के लिए धनतेरस पर मुख्यमंत्री किसान सम्मान निधि की किस्त दी। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि की अब तक 20 किस्त जारी हुई हैं जिससे राजस्थान के किसानों के खातों में 25 हजार करोड़ रुपये से अधिक की राशि हस्तांतरित की जा चुकी है। 21वीं किस्त में लगभग 1400 करोड़ की राशि किसानों के खातों में जमा करने का काम किया गया है। उन्होंने कहा कि किसानों को लाभान्वित करने की संख्या की दृष्टि से राजस्थान का देश में पांचवां स्थान है।

पेपरलीक पर लगी लगाम, 92 हजार युवाओं को मिला नियुक्ति का सम्मान-

श्री शर्मा ने कहा कि पूर्ववर्ती सरकार में पेपरलीक की घटनाओं से युवाओं के सपनों पर कुठाराघात हुआ, लेकिन हमारी सरकार के कार्यकाल में एक भी पेपरलीक नहीं हुआ। मुख्यमंत्री रोजगार उत्सव का निरंतर आयोजन किया जा रहा है। अब तक लगभग 92 हजार युवाओं को नियुक्ति पत्र प्रदान किए जा चुके हैं। 5 साल में 4 लाख सरकारी नौकरी देने के वादे को पूरा किया जाएगा। उन्होंने कहा कि हमारी सरकार ने राइजिंग राजस्थान ग्लोबल इन्वेस्टमेंट समिट का आयोजन किया। अब तक 7 लाख करोड़ रुपये के एमओयू की ग्राउण्ड ब्रेकिंग हो चुकी है, जिससे निजी क्षेत्र में भी प्रदेश के युवाओं को रोजगार मिलेगा तथा स्वरोजगार के नवीन अवसर सृजित होंगे।

राज्य सरकार किसानों के कल्याण के लिए प्रतिबद्ध-

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार किसानों के कल्याण के लिए प्रतिबद्ध है। किसानों की आर्थिक सुरक्षा मजबूत करने के लिए राज्य में मुख्यमंत्री किसान सम्मान निधि के तहत सरकार 3 हजार रुपये की राशि अलग से दे रही है। इससे किसानों को केन्द्र व राज्य सरकार से अब 9 हजार रुपये प्रतिवर्ष सम्मान निधि की राशि मिल रही है, जिसे चरणबद्ध तरीके से 12 हजार रुपये तक किया जाएगा। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार प्रदेश में जल व्यवस्था के लिए निरन्तर कार्य कर रही है। हमारी सरकार ने 17 जिलों के लिए राम जल सेतु लिंक परियोजना, शेखावाटी के लिए यमुना जल समझौता, इंदिरा गांधी नहर परियोजना, गंगनहर, माही बांध एवं देवास परियोजना का विस्तार, जल संरक्षण एवं संचय के लिए कर्मभूमि से मातृभूमि अभियान जैसे महत्वपूर्ण निर्णय लिए हैं। उन्होंने कहा कि दो वर्षों में अच्छी वर्षा से प्रदेश के बड़े बांधों, डिग्गी, तालाबों में जल स्तर बढ़ा है।

किसानों को दिन में बिजली, पशुपालकों को ब्याज मुक्त ऋण की सुविधा-

श्री शर्मा ने कहा कि किसानों को बिजली के बिलों में 41 हजार करोड़ रुपये से अधिक का अनुदान दिया गया है। प्रदेश के किसानों को वर्ष 2027 तक दिन में बिजली देने का काम करेंगे। फिलहाल 22 जिलों में किसानों को दिन में बिजली देना प्रारंभ कर दिया गया है। उन्होंने कहा कि पीएम कुसुम योजना में राज्य के करीब 2 लाख किसानों को सोलर ऊर्जा से बिजली प्रदान कर लाभान्वित किया गया है। पशुपालन हमारे किसानों की आय का प्रमुख स्रोत है। राज्य सरकार किसान पशुपालकों को दूध पर 5 रुपये प्रति लीटर का बोनस दे रही है। उन्होंने कहा कि पशुओं के उपचार के लिए मोबाइल पशु चिकित्सा यूनिट की सुविधा दी जा रही है। स्कूलों के नौनिहालों को पोषण के लिए दूध भी उपलब्ध करवाया जा रहा है। गोपाल क्रेडिट कार्ड योजना के तहत पशुपालक को ब्याज मुक्त ऋण दिया जाता है। वहीं, किसानों को अच्छी खेती व पैदावार के लिए गुणवत्तापूर्ण बीज के किट भी दिए गए हैं। 

प्रदेश में तेज गति से हो रहा पैक्स कम्प्यूटराइजेशन का कार्य- 

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में 77 लाख से अधिक किसानों को 43 हजार करोड़ रुपये से अधिक अल्पकालीन ब्याजमुक्त फसली ऋण वितरित किए गए हैं। उन्होंने कहा कि हर ग्राम पंचायत पर सहकारी समिति की स्थापना के लिए हमारी सरकार काम कर रही है। साथ ही, राज्य में पैक्स कम्प्यूटराइजेशन का कार्य तेज गति से चल रहा है। राजस्थान में 41 हजार से अधिक सहकारी समितियों से जुड़े 1 करोड़ 17 लाख से अधिक सदस्य सहकारिता से सीधे लाभान्वित हो रहे हैं। वहीं, किसानों को पर्याप्त उवर्रक उपलब्ध करवाया जा रहा है।

श्री शर्मा ने कहा कि राज्य में सहकारिता के क्षेत्र में तेजी से कार्य किया जा रहा है। अब तक लगभग 5 हजार 735 पैक्स गो-लाइव किया जा चुका है। 97 हजार से अधिक कृषि यंत्रों पर 546 करोड़ रुपये का अनुदान दिया गया। उन्होंने कहा कि फसलों के नुकसान को रोकने के लिए 28 हजार किलोमीटर की तारबंदी भी की गई है। प्रदेश में 9 हजार से अधिक पीएम किसान समृद्धि केन्द्र स्थापित किए गए हैं। कृषि शिक्षा में हमारी बेटियों को प्रोत्साहन देने के लिए कक्षा 12, स्नातक, स्नातकोत्तर एवं पीएचडी की छात्राओं को 97 करोड़ से अधिक की प्रोत्साहन राशि वितरित की गयी है जो पिछले सरकार से 5 गुणा अधिक है। मोटे अनाज यानि श्री अन्न के उत्पादन में राजस्थान अग्रणी है। 

मुख्यमंत्री ने कहा कि पूर्ववर्ती सरकार ने 5 साल में 29 हजार 430 फार्म पौण्ड बनाए जबकि हमारी सरकार ने 21 माह में 35 हजार 368 फार्म पौण्ड बनाए हैं। पूर्ववर्ती सरकार के समय खेतों पर 113 लाख मीटर तारबंदी हुई, जबकि हमारे 21 माह के कार्यकाल में 280 लाख मीटर खेतों पर तारबंदी की गई है। पूर्ववर्ती सरकार के सम्पूर्ण कार्यकाल में 49 पशु चिकित्सालय का प्रथम श्रेणी पशु चिकित्सालय में क्रमोन्नयन हुआ। वहीं, हमारी सरकार के अब तक के समय में ही 101 प्रथम श्रेणी पशु चिकित्सालयों में क्रमोन्नयन हो चुके हैं। इसी प्रकार, पूर्ववर्ती सरकार के 5 साल के कार्यकाल में बहुउद्देशीय पशु चिकित्सालयों में क्रमोन्नयन की कुल संख्या 13 थी, जबकि हमनें 21 माह में ही 50 बहुउद्देशीय पशु चिकित्सालयों में क्रमोन्नयन की उपलब्धि प्राप्त की है। 

कृषि मंत्री डॉ. किरोड़ी लाल मीना ने कहा कि कृषि और सहकारिता एक-दूसरे से जुड़े हुए हैं। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने किसानों की खेती से जुड़ी आवश्यकताओं को समझते हुए प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि की सौगात दी। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा ने भी किसानों को 3 हजार रुपये की सम्मान निधि देने का काम किया है। जिससे केन्द्र और राज्य की किसान सम्मान निधि की राशि कुल 9 हजार रुपये हो गई है। यह राशि किसानों की आवश्यकताओं की पूर्ति के लिए महत्वपूर्ण साबित हो रही है। 

सहकारिता राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्री गौतम कुमार दक ने कहा कि किसान हमारे समाज और अर्थव्यवस्था के मजबूत स्तंभ है। किसानों को आधुनिक तकनीक, प्रशिक्षण, सामाजिक सुरक्षा और बाजार तक सीधी पहुंच मिले, इसके लिए यशस्वी प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने अनेक ऐतिहासिक कदम उठाए हैं।

इस दौरान सहकारिता से संबंधित लघु फिल्म का प्रदर्शन किया गया। इस अवसर पर संसदीय कार्य मंत्री श्री जोगाराम पटेल, शासन सचिव कृषि श्री राजन विशाल सहित संबंधित विभाग के उच्चाधिकारी एवं बड़ी संख्या में किसान उपस्थित रहे।