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शिक्षा मानवीय मूल्यों एवं चरित्र निर्माण का आधार – शिक्षा एवं पंचायतीराज मंत्री
टोंक के एक निजी रिसोर्ट में पीएम श्री विद्यालयों के प्रधानाचार्यो के आमुखीकरण कार्यशाला में मुख्य अतिथि

 शिक्षा एवं पंचायतीराज मंत्री श्री मदन दिलावर ने कहा कि शिक्षा मानवीय मूल्यों एवं चरित्र निर्माण का आधार होना चाहिए। शिक्षकों को किताबी ज्ञान के साथ बच्चों में व्यवहारिक ज्ञान देने के लिए सार्थक प्रयास करने होगें, ताकि हमारे बच्चे किसी भी स्तर पर पीछे नही रहें। हमारा दायित्व है कि बच्चों में सर्वांगीण शिक्षा का विकास हो तथा वह जिस क्षेत्र में भी जाये वहां अपने देश, समाज एवं परिवार का नाम रोशन करें। 

श्री दिलावर शनिवार को जिला मुख्यालय टोंक के एक निजी रिसोर्ट में पीएम श्री विद्यालयों के प्रधानाचार्यो के आमुखीकरण कार्यशाला में मुख्य अतिथि के रुप में संबोधित कर रहे थे। इस दौरान उन्होंने कहा कि राजस्थान में विगत दो वर्ष में शिक्षा में कई नवाचार किये गये है। इससे न केवल शिक्षा के स्तर में सुधार आया है, बल्कि बच्चों के नैतिक एवं व्यवहारिक ज्ञान में भी बढ़ोतरी हुई है। देश में राज्य ने शिक्षा के स्तर में सुधार को लेकर लंबी छलांग लगाई है। पहले यह 12 वें स्थान पर था, अब तीसरे स्थान पर पहुंच गया है। यह हमारी सरकार की शिक्षा के प्रति प्रतिबद्धता एवं संकल्प को दर्शाता है। 

उन्होंने शिक्षकों को संबोधित करते हुए कहा कि इस तीन दिवसीय आमुखीकरण कार्यशाला में समाज की अनेक प्रकार की समस्याओं के समाधान में मानवीय मूल्यों की आवश्यकता के बारे में बताया जाएगा। मानवीय मूल्यों की शिक्षा का उद्देश्य व्यक्तियों में प्रेम, करुणा, सत्य, अंहिसा, सम्मान और जिम्मेदारी जैसे गुणोें का विकास करना है, ताकि बच्चे नैतिक निर्णय ले सके। साथ ही भावनात्मक रुप से बुद्धिमान बनकर समाज व पर्यावरण के प्रति सकारात्मक योगदान दे सकें। 

इससे पूर्व कार्यशाला की शुरुआत मां शारदे की तस्वीर पर माल्यार्पण एवं वंदेमातरम गीत के साथ हुई। इस दौरान मुख्य कार्यकारी अधिकारी परशुराम धानका, जिलाध्यक्ष चन्दवीर सिंह चौहान, शिक्षा मंत्री के विशेषाधिकारी ओएसडी सतीश गुप्ता, दक्ष प्रशिक्षक डॉ. एसडी चारण, बृजकिशोर शर्मा, सीडीईओ सुबे सिंह यादव, जिला शिक्षा अधिकारी राजेश कुमार शर्मा समेत अजमेर एवं जयपुर संभाग के प्रधानाचार्य मौजूद रहें।  

रामगंजमंडी में ‘जागो जगाओ एकता पदयात्रा’ का शुभारंभ, पाटली नदी पुनर्जीवन और एकता का दिया संदेश
कोटा जिले के रामगंजमंडी क्षेत्र में पाटली नदी के माधव घाट से ‘जागो, जगाओ एकता पदयात्रा’ की शुरुआत कृषि मंत्री डॉ. किरोड़ी लाल मीणा और शिक्षा मंत्री मदन दिलावर ने...

कोटा जिले की रामगंज मंडी विधानसभा क्षेत्र के ग्राम पंचायत जुल्मी स्थित पाटली नदी के माधव घाट से सोमवार को ‘जागो, जगाओ एकता पदयात्रा’ का शुभारंभ किया गया। लौह पुरुष सरदार वल्लभ भाई पटेल की 150वीं जयंती के उपलक्ष्य में आयोजित तीन दिवसीय पदयात्रा का आरंभ कृषि मंत्री डॉ. किरोड़ी लाल मीणा और शिक्षा मंत्री मदन दिलावर ने गंगा पूजन और चुनरी अर्पण कर किया।
पदयात्रा में बच्चे, युवा, बुजुर्ग और महिलाएं हाथों में तिरंगा लेकर उत्साह के साथ शामिल हुए।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कृषि एवं आपदा प्रबंधन मंत्री डॉ. किरोड़ी लाल मीणा ने कहा कि सरदार पटेल ने रियासतों को एक सूत्र में जोड़कर अखंड भारत की आधारशिला रखी। उन्होंने बिरसा मुंडा की 150वीं जयंती का उल्लेख करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में पूरे देश ने उन्हें सम्मानपूर्वक याद किया है।
उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार गरीबों के उत्थान और आर्थिक असमानता को खत्म करने के लिए निरंतर काम कर रही है।

शिक्षा मंत्री मदन दिलावर की सराहना करते हुए डॉ. मीणा ने कहा कि उन्होंने रामगंजमंडी क्षेत्र में सड़क, पानी, बिजली, शिक्षा और स्वास्थ्य जैसी बुनियादी सुविधाओं के विकास में उल्लेखनीय कार्य किए हैं।
उन्होंने बताया कि एक समय पूरी तरह विलुप्त हो चुकी पाटली नदी को श्री मदन दिलावर ने भागीरथ प्रयास करते हुए पुनर्जीवित किया है।

अपने संबोधन में शिक्षा एवं पंचायत राज मंत्री मदन दिलावर ने कहा कि सरदार पटेल ने रियासतों का एकीकरण कर देश को एकता के सूत्र में बांधा। उन्होंने बताया कि वंदे मातरम के 150 वर्ष और बिरसा मुंडा की 150वीं जयंती पर पूरा देश गौरव महसूस कर रहा है।
उन्होंने कहा कि पाटली नदी को 5 करोड़ रुपये की लागत से पुनर्जीवित किया गया है, जिससे अब 50 हजार बीघा भूमि सिंचित होगी।
दिलावर ने कहा कि रामगंजमंडी में देश की सबसे चौड़ी टनल बन रही है और यहां पहला सैनिक स्कूल भी खुलेगा। इसके साथ ही वेद पाठशाला और संस्कृत कॉलेज क्षेत्र की शिक्षा व्यवस्था को नई ऊंचाई देंगे।

शुभारंभ समारोह में दोनों मंत्रियों ने संतों और स्वच्छकारों पर पुष्प वर्षा कर सम्मान व्यक्त किया तथा चरण प्रक्षालन कर सामाजिक समरसता का संदेश दिया।

पंचायती राज मंत्री ने ली समीक्षा बैठक- स्वच्छ भारत मिशन ग्रामीण और निरीक्षण दौरों की ली गहन जानकारी
पंचायती राज मंत्री श्री मदन दिलावर की अध्यक्षता में मंगलवार को शासन सचिवालय स्थित पंचायती राज विभाग के सभागार में स्वच्छ भारत मिशन ग्रामीण, निरीक्षण दौरों और लंबित प्रकरणों की समीक्षा...

पंचायती राज मंत्री श्री मदन दिलावर की अध्यक्षता में मंगलवार को शासन सचिवालय स्थित पंचायती राज विभाग के सभागार में स्वच्छ भारत मिशन ग्रामीण, निरीक्षण दौरों और लंबित प्रकरणों की समीक्षा बैठक आयोजित की गई।

श्री दिलावर ने राष्ट्रगीत वंदे मातरम के 150वर्ष पूर्ण होने के अवसर पर विभाग के समस्त कार्यालयों ग्राम पंचायतों,  पंचायत समिति, जिला परिषद आदि में राष्ट्रगीत का गायन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए । उन्होंने कहा कि प्रतिदिन कार्यालय प्रारंभ होने के साथ राष्ट्रगीत का अनिवार्य रूप से वाचन किया जाए। उन्होंने  7 नवंबर को आयोजित होने वाले राज्य स्तरीय कार्यक्रम के तहत सभी पंचायती राज संस्थानों में राष्ट्रगीत के सामूहिक वाचन के निर्देश दिए।

बैठक में श्री दिलावर ने 17 सितंबर से प्रारंभ हुए स्वच्छता ही सेवा 2025 अभियान की उपलब्धियों की जानकारी ली। उन्होंने बताया कि  स्वच्छ भारत मिशन ग्रामीण के तहत राजस्थान ने ’क्लीनिंगनेस टारगेट यूनिट्स’ (ब्समंदसपदमेे ज्ंतहमज न्दपजे) के क्षेत्र में देश में प्रथम स्थान पर है।  उन्होंने कहा कि गावों में साफ सफाई राज्य सरकार की  प्राथमिकता है। इसलिए गांवों की साफ सफाई सुनिश्चित और नियमित होनी चाहिए।  उन्होंने कहा कि गांवों की सफाई में सुधार हुआ है लेकिन अभी तक आपेक्षिक सफाई नहीं हुई है। साथ ही उन्होंने अधिकारियों को लंबित प्रकरणों के जीरो पेंडेंसी के निर्देश दिए।

बैठक में ही मंत्री ने ग्राम पंचायतों में निरीक्षण दौरों की स्थिति, समस्याएँ एवं सुधार के प्रस्तावों पर चर्चा की गई और आवश्यक निर्देश प्रदान किए गए।

उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि माह के 4 दिन रात्रि विश्राम करना ही होगा। उन्होंने जिला प्रभारियों को अपने जिलों की साफ सफाई के लिए चार माह का टारगेट दिया है। मंत्री ने कहा कि ग्राम पंचायतों का निरीक्षण करने वाले अधिकारी दिन में गांवों का निरीक्षण करेंगे और रात में गांव में ही रात्रि विश्राम करेंगे। उन्होंने रात्रि विश्राम करने वाले अधिकारियों को ग्रामवासियों से संवाद स्थापित करने, उनकी समस्याएँ सुनने, एवं उन समस्याओं का समाधान सुनिश्चित करने की व्यवस्था करने को कहा गया। साथ ही रिकॉर्डिंग एवं दस्तावेजीकरण की आवश्यकता पर बल दिया गया है ताकि पारदर्शिता बनी रहे।

श्री दिलावर ने गांवों में रोजमर्रा की सफाई सुनिश्चित करने, ग्राम पंचायतों को पूरी तरह स्वच्छ बनाने एवं प्लास्टिक उपयोग को कम करने के निर्देश दिए।

उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि निरीक्षण की रिपोर्ट विभागीय पोर्टल पर समयबद्ध रूप से अपलोड करें और रिपोर्ट में किसी भी प्रकार की अनियमितता पाए जाने पर संबंधित के खिलाफ प्रस्ताव तैयार कर संबंधित प्रभारी को प्रस्तुत करें।

बैठक में डॉ. जोगाराम, शासन सचिव एवं आयुक्त पंचायती राज विभाग, सुश्री सलोनी खेमका, निदेशक स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण), श्री बृजेश चंदोलिया, अतिरिक्त आयुक्त एवं संयुक्त निदेशक (प्रथम) सहित विभागीय अधिकारीगण उपस्थित रहे।