Breaking News
अपराधों पर अंकुश के लिए पुलिस थानों का आधुनिकीकरण किया जाए- मुख्य सचिव
जयपुर,16 दिसंबर। मुख्य सचिव श्री वी. श्रीनिवास ने कहा कि प्रदेश में अपराधों के आंकड़ों में कमी शुभ संकेत है। अब मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा की मंशानुरूप प्रदेश को अपराध मुक्त...

जयपुर,16 दिसंबर। मुख्य सचिव श्री वी. श्रीनिवास ने कहा कि प्रदेश में अपराधों के आंकड़ों में कमी शुभ संकेत है। अब मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा की मंशानुरूप प्रदेश को अपराध मुक्त बनाने के लिए और भी प्रयास करने होंगे। उन्होंने कहा कि अपराधों पर अंकुश लगाने के लिए पुलिस के रेस्पोंस टाइम को कम करना, त्वरित अनुसंधान और पुलिस थानों का आधुनिकीकरण सुनिश्चित किया जाए।  


    मुख्य सचिव मंगलवार को शासन सचिवालय में भारतीय न्याय संहिता, भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता एवं भारतीय साक्ष्य अधिनियम के प्रभावी क्रियान्वयन के संबन्ध में आयोजित समीक्षा बैठक की अध्यक्षता कर रहे थे। उन्होंने पुलिस विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए की सभी थानों का डिजिटलाइजेशन करने के साथ-साथ आधुनिक उपकरणों की उपलब्धता सुनिश्चित की जाए। उन्होंने थानों में निर्बाध और स्ट्रोंग वाई-फाई की सुविधा के लिए सभी पुलिस थानों में राज नेट की कनेक्टिविटी सुनिश्चित करने के लिए भी निर्देशित किया।

          उन्होंने कहा कि थानों में महिला कॉन्सटेबल की नियुक्ति सुनिश्चित की जाए, जिससे महिलाओं से संबंधित अपराधों पर अंकुश लगाया जा सकता है। साथ ही पुलिस अधिकारी सुनिश्चित करें कि थानों में दर्ज एफआईआर और चार्जशीट पेश करने के बीच निश्चित समय सीमा से ज्यादा समय नहीं लगे।

    श्री श्रीनिवास ने कहा कि नये कानून के तहत अपराध कहीं भी हो उसकी रिपोर्ट किसी भी पुलिस थाने में ‘ज़ीरो FIR’  के रूप में दर्ज कराई जा सकती है। प्रदेश के सभी नागरिकों के लिए राजकॉप एसओएस अलर्ट उपलब्ध है। महिलाओं के लिए तत्काल सहायता प्रदान करने के लिए प्रदेश में राजकॉप नागरिक मोबाइल एप्लिकेशन पर ‘नीड हैल्प’सुविधा है। उन्होंने कहा कि आम जन को इन नए प्रावधानों और नवाचारों के बारे में जागरूक किया जाए, ताकि उन्हें इसका पूरा लाभ मिले।

    बैठक में पुलिस महानिरीक्षक इंटेलिजेंस श्री प्रफुल्ल कुमार ने कहा कि पुलिस द्वारा ई साक्ष्य एप का प्रयोग किया जा रहा है। इससे पुलिस को घटनास्थल के वीडियो, फोटो और गवाहों के बयान डिजिटल रूप से रिकॉर्ड करने और सुरक्षित रखने की सुविधा मिली है। उन्होंने बताया कि संबंधित केस की सारी जानकारी भी इस एप पर उपलब्ध रहेगी। उन्होंने बताया कि नवीन अपराधिक विधियों के अर्न्तगत दर्ज प्रकरणों में 60 दिवस में निस्तारित किए प्रकरणों की संख्या में इजाफा हुआ है।

    बैठक में चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग की प्रमुख शासन सचिव श्रीमती गायत्री राठौड़, अतिरिक्त महानिदेशक पुलिस श्री हवा सिंह घुमारिया, श्री भूपेन्द्र साहू, महानिरीक्षक पुलिस श्री प्रफुल्ल कुमार, श्री अजयपाल लांबा, उप महानिरीक्षक पुलिस श्री दीपक भार्गव, राजस्थान राज्य फोरेंसिक विज्ञान प्रयोगशाला (SFSL) के निदेशक डॉ. अजय शर्मा तथा गृह एवं विधि विभाग के अधिकारी उपस्थित रहे।

मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास ने संभाला पदभार
मुख्य सचिव श्री वी. श्रीनिवास ने संभाला पदभार- हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता सुशासन, पारदर्शिता और जवाबदेही - मुख्य सचिव

राजस्थान प्रशासन में 17 नवंबर 2025 का दिन ऐतिहासिक रहा, जब राज्य के मुख्य सचिव पद की जिम्मेदारी वरिष्ठ आईएएस अधिकारी श्री वी. श्रीनिवास को सौंप दी गई। इस अवसर पर राज्य के शीर्ष प्रशासनिक पद पर बदलाव के साथ-साथ “विकसित राजस्थान @2047” के विजन को साकार करने की दिशा में प्रशासनिक प्रतिबद्धताओं को नए आयाम मिलने की उम्मीद जताई गई।

इस अवसर पर मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास का राजस्थान आईएएस ऑफिसर्स एसोसिएशन ने स्वागत किया तथा पूर्व मुख्य सचिव श्री सुधांश पंत को भावभीनी विदाई दी। इस अवसर पर मुख्य सचिव श्री श्रीनिवास ने कहा कि उनका प्रशासनिक सेवा का कार्यकाल राजस्थान से ही प्रारम्भ हुआ था। उन्होंने प्रसन्नता व्यक्त की कि वर्षों बाद उन्हें एक बार फिर अपनी कर्मभूमि में लौटकर सेवा का अवसर प्राप्त हो रहा है। श्री श्रीनिवास ने कहा कि वे प्रदेश में सुशासन, पारदर्शिता और जवाबदेही को मजबूत करने के लिए पूरी प्रतिबद्धता से कार्य करेंगे और मुख्य सचिव के रूप में उन्हें सौंपी गई जिम्मेदारियों को पूरी मेहनत, ईमानदारी और निष्ठा के साथ निभाएंगे।

मुख्य सचिव ने कहा कि मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के विकसित राजस्थान@ 2047 के विजन को साकार करने के लिए सभी अधिकारी मिलकर काम करेंगे। उन्होंने कहा कि राजस्थान ने हाल के वर्षों में तकनीक आधारित सुशासन की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बढ़ाए हैं। डेटा एनालिटिक्स और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के उपयोग से शासन में पारदर्शिता बढ़ी है। उन्होंने कहा कि किसान, श्रमिक, महिला और युवाओं को विकास में सहभागी बनाकर प्रदेश की अर्थव्यवस्था को वर्ष 2047 तक 4.3 ट्रिलियन डॉलर तक पहुंचाने के लक्ष्य को पूरा करने के लिए किये जा रहे प्रयासों को और गति देंगे। 

उन्होंने कहा कि ‘मिनिमम गवर्नमेंट -मैक्सिमम गवर्ननेंस’ के विजन के साथ प्रदेश में जनकल्याणकारी योजनाओं की सफल क्रियान्विति सुनिश्चित की जाएगी। इसके साथ ही, प्रदेश में अधिकतम निवेश आकर्षित करने तथा राजस्थान को देश के अग्रणी राज्यों की श्रेणी में शामिल करने के लिए सभी सार्थक प्रयास किए जाएंगे। 

इस अवसर पर विभिन्न विभागों के अतिरिक्त मुख्य सचिव, प्रमुख शासन सचिव, शासन सचिव तथा विभिन्न पदों पर कार्यरत भारतीय प्रशासनिक सेवा के अधिकारी उपस्थित रहे। जिले में कार्यरत अधिकारियों ने वीसी के माध्यम से कार्यक्रम में भाग लिया।

वी. श्रीनिवास: प्रशासनिक जीवन, योग्यता और उपलब्धियाँ

वी. श्रीनिवास 1989 बैच के राजस्थान कैडर के वरिष्ठ आईएएस अधिकारी हैं। उन्होंने ओस्मानिया विश्वविद्यालय से केमिकल इंजीनियरिंग में डिस्टिंक्शन के साथ अध्ययन किया। राजस्थान में जिला प्रशासन से विभागीय सचिव तक, उन्होंने विभिन्न क्षेत्रों में प्रशासनिक सेवा दी। केंद्र सरकार में प्रशासनिक सुधार, ई-गवर्नेंस, पेंशन प्रबंधन और सांस्कृतिक विरासत संरक्षण में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका रही। वे अंतरराष्ट्रीय प्रशासनिक विज्ञान संस्थान (IIAS) के अध्यक्ष हैं, जो वैश्विक स्तर पर उनकी प्रतिष्ठा को दर्शाता है।


मुख्य सचिव का भूमिका और कार्य

मुख्य सचिव राज्य प्रशासन का सबसे वरिष्ठ अधिकारी होता है। अपनी भूमिका में वह:

  • मंत्री के प्रमुख सलाहकार होते हैं; विभागीय नीति निर्धारण और प्रशासनिक निर्णयों में उनका अग्रणी योगदान रहता है।
  • राज्य सिविल सेवा के प्रमुख होते है, नियुक्ति, स्थानांतरण, पदोन्नति और अनुशासनात्मक कार्यवाही में उनकी अंतिम मंजूरी होती है।
  • शासन के विभिन्न विभागों के समन्वयक होते हैं तथा नीतिगत एवं वित्तीय मामलों की समीक्षा, समन्वयन और आंतरिक निरीक्षण की जिम्मेदारियां निभाते हैं।
  • राजकीय योजनाओं, बजट स्वीकृति, सर्विस रूल्स, और जनकल्याणकारी कार्यक्रमों की प्रभावी क्रियान्विति सुनिश्चित करते हैं।

विकसित राजस्थान @2047: राज्य का विजन

राज्य सरकार द्वारा जारी “विकसित राजस्थान-2047” विजन दस्तावेज़ में राज्य की अर्थव्यवस्था को 2047 तक $4.3 ट्रिलियन तक पहुंचाने का लक्ष्य रखा गया है।
इस विजन के मुख्य स्तंभ हैं:

  • समावेशी व सतत विकास: खासतौर पर युवा, महिलाएं, किसान और कमजोर वर्गों को प्राथमिकता देना।
  • आर्थिक, औद्योगिक और सामाजिक सशक्तिकरण: कृषि, पर्यटन, उद्योग और अक्षय ऊर्जा की मजबूती।
  • शासन में पारदर्शिता: डिजिटल तकनीक, डेटा एनालिटिक्स और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के जरिए नीति और प्रशासन में पारदर्शिता लाना।

सुशासन के लिए तकनीकी नवाचार

राजस्थान सरकार ने हाल ही में ई-गवर्नेंस, डेटा एनालिटिक्स, और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस जैसी तकनीकी पहल शुरू की हैं। इससे राज्य के प्रशासनिक तंत्र में पारदर्शिता, जवाबदेही और जनसुविधा में वृद्धि हुई है। इन तकनीकों के उपयोग से सरकारी सेवाएं तेज़, सरल और प्रभावी हुई हैं, जिससे राज्य के नागरिकों के जीवन स्तर में सुधार संभव हुआ है।


राज्य की आर्थिक नीति एवं सामाजिक सरोकार

मुख्य सचिव श्री श्रीनिवास ने शासन की जिम्मेदारियों को पूरी ईमानदारी और निष्ठा से निभाने का संकल्प लिया। उनका कहना है कि अधिकतम निवेश आकर्षित कर राजस्थान को अग्रणी राज्यों में शुमार करना, जनकल्याणकारी योजनाओं का सफल क्रियान्वयन और “मिनिमम गवर्नमेंट, मैक्सिमम गवर्नेंस” के सिद्धांत को लागू करना उनकी प्राथमिकता रहेगी।


प्रशासनिक परिवर्तन, भविष्य की दिशा

राज्य के प्रशासनिक तंत्र में इस बदलाव से नवाचार, कर्मठता और प्रशासनिक उत्कृष्टता की नई मिसाल कायम होने की उम्मीद है। श्री वी. श्रीनिवास की नेतृत्व क्षमताओं और अनुभव से राज्य की राजनीतिक, सामाजिक एवं आर्थिक दिशा में गतिशीलता आएगी। युवाओं, महिलाओं, किसानों व श्रमिकों के सशक्तिकरण की योजनाओं में नई जान आ सकती है।


निष्कर्ष

राजस्थान के मुख्य सचिव के रूप में श्री वी. श्रीनिवास का कार्यकाल प्रशासनिक नवाचार, पारदर्शita, सुशासन और राज्य के सतत विकास की नई दिशा देगा। “विकसित राजस्थान @2047” के लक्ष्य को साकार करने की ओर राज्य ने एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है।