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राजस्थान हाईकोर्ट को ई-मेल पर मिली बम से उड़ाने की धमकी, कोर्ट परिसर खाली, जांच में जुटी पुलिस
राजस्थान हाईकोर्ट की जयपुर बेंच को शुक्रवार सुबह एक अज्ञात व्यक्ति द्वारा ई-मेल के जरिए बम से उड़ाने की धमकी दी गई। मेल में तमिलनाडु सरकार और नाबालिगों से रेप...

राजस्थान हाईकोर्ट की जयपुर बेंच को शुक्रवार सुबह एक अज्ञात व्यक्ति द्वारा ई-मेल के जरिए बम से उड़ाने की धमकी दी गई। मेल में तमिलनाडु सरकार और नाबालिगों से रेप की घटनाओं को लेकर गुस्सा जताते हुए तुरंत बिल्डिंग खाली कराने की चेतावनी दी गई थी। इस धमकी भरे मेल के सामने आते ही कोर्ट परिसर में अफरा-तफरी मच गई।

प्रशासन ने तत्काल प्रभाव से कोर्ट परिसर को खाली कराया। वकील, न्यायाधीश और स्टाफ को सुरक्षा के लिहाज से बाहर भेज दिया गया। कोर्ट के बाहर सैकड़ों लोग जमा हो गए, जिससे सुरक्षा बलों को भीड़ नियंत्रित करने में मशक्कत करनी पड़ी।

डीसीपी राजर्षि राज के अनुसार सूचना मिलते ही पुलिस, बम निरोधक दस्ते और डॉग स्क्वॉड की टीम मौके पर पहुंची और पूरे परिसर की तलाशी शुरू कर दी। फिलहाल कोई संदिग्ध वस्तु नहीं मिली है लेकिन एहतियात के तौर पर तलाशी जारी है।

साइबर सेल की टीम धमकी भरे ई-मेल की जांच कर रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि संदेश किस आईपी एड्रेस से भेजा गया और क्या यह किसी शरारती तत्व का काम है। पुलिस का कहना है कि प्रारंभिक जांच के बाद ही स्पष्ट होगा कि मेल के पीछे की मंशा क्या थी।

गौरतलब है कि जयपुर में यह पहली बार नहीं है जब किसी संस्था या सरकारी भवन को बम धमकी मिली हो। इससे पहले 30 सितंबर को भांकरोटा स्थित माय ओवन स्कूल को इसी तरह की धमकी मिली थी। हालांकि उस समय स्कूल खाली था और जांच में कुछ नहीं मिला। इसके अलावा 8 सितंबर को मानसरोवर स्थित स्प्रिंगफील्ड स्कूल और शिवदासपुरा के एक निजी स्कूल को भी इसी प्रकार का ई-मेल भेजा गया था।

जयपुर की सिविल कोर्ट को भी पहले बम से उड़ाने की धमकी मिल चुकी है। लगातार हो रही इन घटनाओं ने सुरक्षा एजेंसियों को अलर्ट मोड पर ला दिया है। फिलहाल पुलिस और साइबर विशेषज्ञ मामले की गंभीरता से जांच कर रहे हैं ताकि आरोपी की पहचान जल्द हो सके।

जयपुर में दमखम दिखाएंगे देशभर के 4 हजार से अधिक खिलाड़ी
खेलो इंडिया यूनिवर्सिटी गेम्स-2025 से राजस्थान बनेगा खेलों का हब - मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में ऐतिहासिक आयोजन की तैयारियां जोरों पर - जयपुर में दमखम दिखाएंगे देशभर...

जयपुर, 31 अक्टूबर। मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में राज्य में खेलों को बढ़ावा देने के उद्देश्य से राजस्थान पहली बार खेलो इंडिया यूनिवर्सिटी गेम्स-2025 की मेजबानी करने जा रहा है। यह आयोजन 24 नवम्बर से 5 दिसम्बर 2025 तक प्रदेश के सभी संभागीय मुख्यालयों सहित जयपुर में आयोजित होगा। मुख्यमंत्री श्री शर्मा के दूरदर्शी मार्गदर्शन और खेलों के प्रति प्रतिबद्धता के चलते प्रदेश अब राष्ट्रीय खेल आयोजनों के अग्रणी राज्यों में शामिल हो रहा है।

खेल विभाग के शासन सचिव डॉ. नीरज के पवन की अध्यक्षता में शुक्रवार को कलेक्ट्रेट सभागार, जयपुर में हुई बैठक में तैयारियों की समीक्षा की गई। डॉ. नीरज के पवन ने बताया कि खेलो इंडिया यूनिवर्सिटी गेम्स में देश के सभी राज्यों एवं केंद्र शासित प्रदेशों के लगभग 200 विश्वविद्यालयों से करीब 4000 खिलाड़ी तथा लगभग 2000 प्रशिक्षक, प्रबंधक, रेफरी और सहयोगी स्टाफ भाग लेंगे। कुल 21 खेल विधाओं में आयोजित होने वाले इन खेलों का भव्य उद्घाटन समारोह 24 नवम्बर 2025 को किया जाएगा।

उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में राजस्थान में खेल अधोसंरचना को सुदृढ़ करने और खिलाड़ियों को विश्वस्तरीय सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए निरंतर कार्य किए जा रहे हैं। खेलो इंडिया यूनिवर्सिटी गेम्स का यह आयोजन राजस्थान की खेल यात्रा में एक नया मील का पत्थर सिद्ध होगा।

डॉ. नीरज के पवन ने बताया कि जयपुर में कुल 11 खेल प्रतियोगिताएं आयोजित होंगी, जिनमें तीरंदाजी और शूटिंग का आयोजन जगतपुरा शूटिंग रेंज में, एथलेटिक्स, बैडमिंटन, बास्केटबॉल, तैराकी, टेनिस, हॉकी और साइक्लिंग प्रतियोगिताएं सवाई मानसिंह स्टेडियम में, फुटबॉल प्रतियोगिता पूर्णिमा विश्वविद्यालय में और मलखम्ब प्रतियोगिता राजस्थान विश्वविद्यालय परिसर में आयोजित की जाएगी।

जिला कलक्टर डॉ. जितेन्द्र कुमार सोनी ने आयोजन की प्रभावी तैयारियां एवं आवश्यक इंतजाम सुनिश्चित करने के लिए अधिकारियों को निर्देश दिये हैं। बैठक में बताया गया कि मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा की मंशानुसार जयपुर में आने वाले देशभर के खिलाड़ियों को उत्कृष्ट आतिथ्य, भोजन, परिवहन, आवास और चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराने हेतु 12 समितियां गठित की गई हैं, जिनमें उद्घाटन एवं समापन समारोह, पारितोषिक वितरण, कानून व्यवस्था, यातायात एवं परिवहन प्रबंधन, खेल आयोजन, आवास, भोजन, नियंत्रण कक्ष, चिकित्सा व्यवस्था, प्रचार-प्रसार तथा सफाई व्यवस्था समितियां शामिल हैं।

जिला कलक्टर डॉ. जितेन्द्र कुमार सोनी ने निर्देश दिये कि मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा की प्राथमिकता के अनुरूप जयपुर जिला प्रशासन द्वारा इस आयोजन को सफल, भव्य और यादगार बनाने के लिए सभी विभागों के समन्वय से कार्ययोजना तैयार करें। देशभर से आने वाले खिलाड़ियों को न केवल श्रेष्ठ खेल अनुभव प्रदान किया जाएगा, बल्कि उन्हें जयपुर के प्रमुख पर्यटन स्थलों का भ्रमण भी कराया जाएगा ताकि वे राजस्थान की समृद्ध संस्कृति और परंपराओं से परिचित हो सकें।

बैठक में नगर निगम जयपुर ग्रेटर आयुक्त श्री गौरव सैनी सहित संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।

लौह पुरुष सरदार पटेल की 150वीं जयंती: भारत के एकता और अखंडता के प्रतीक की महान गाथा
भारत महान विरासत, समृद्ध संस्कृति और अटूट एकता का देश है। ऐसे देश की नींव रखने वाले अनेक महापुरुषों में से एक महान विभूति थे भारत के लौह पुरुष, सरदार...

भारत महान विरासत, समृद्ध संस्कृति और अटूट एकता का देश है। ऐसे देश की नींव रखने वाले अनेक महापुरुषों में से एक महान विभूति थे भारत के लौह पुरुष, सरदार वल्लभभाई पटेल। वर्ष 2025 में भारत देश ने उनके 150वें जन्मदिन की जयंती धूमधाम से मनाई, जिसमें उनके देशभक्ति, एकता और विश्वसनीय नेतृत्व को श्रद्धांजलि दी गई। यह जयंती न केवल उनके व्यक्तित्व और कार्यों के प्रति सम्मान का दिवस थी, बल्कि आधुनिक भारत के उन मूलभूत स्तंभों को याद रखने का भी अवसर है जिनपर हमारे राष्ट्र की नींव टिकी हुई है।

प्रारंभिक जीवन और पृष्ठभूमि

सरदार वल्लभभाई भाई पटेल का जन्म 31 अक्टूबर 1875 को गुजरात के नडियाद जिले के नाड़ा गांव में हुआ था। वे एक साधारण परिवार से थे, परन्तु बचपन से ही उनमें अदम्य आत्मविश्वास, कर्तव्यपरायणता और न्यायप्रियता का गुण दिखाई देता था। अपने प्रारंभिक शिक्षा के बाद सरदार पटेल ने विधि की पढ़ाई की और एक सफल वकील के रूप में प्रतिष्ठा पायी। परंतु, उनकी असली प्रतिभा और पहचान उन्हें मिली भारतीय स्वतंत्रता संग्राम के दौरान, जब उन्होंने देश के साझा हितों के लिए अपना जीवन समर्पित कर दिया।

स्वतंत्रता संग्राम में योगदान

सरदार पटेल का स्वतंत्रता संग्राम में योगदान अतुलनीय और प्रेरणादायक रहा है। महात्मा गांधी के सिद्धांतों से प्रेरित होकर पटेल ने अहिंसा और सत्याग्रह के माध्यम से ब्रिटिश शासन के खिलाफ संघर्ष किया। उनके नेतृत्व में गुजरात में कई संगठित आंदोलनों का आयोजन हुआ। सविनय अवज्ञा आंदोलन, असहयोग आंदोलन, और खिलाफत आंदोलन में उनकी भूमिका निर्णायक और प्रभावशाली थी।

सरदार पटेल न केवल एक राजनीतिक नेता थे, बल्कि एक कुशल प्रशासक और दर्शनीय वक्ता भी थे। उन्होंने भारतीय नागरिकों को एकजुट करने और राष्ट्रीय जागरूकता फैलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उनकी दूरदृष्टि और प्रबंधन कौशल ने स्वतंत्रता संग्राम को नई दिशा दी।

भारत की एकता के वास्तुकार

स्वतंत्रता प्राप्ति के बाद भारत के सामने बड़ा प्रश्न था—कैसे विभिन्न रियासतों, जो ब्रिटिश साम्राज्य के अधीन थीं, को एकसाथ जोड़कर अखंड भारत का निर्माण किया जाए। यहां सरदार पटेल ने अपनी महान प्रतिभा का परिचय दिया।

लगभग 565 रियासतें स्वतंत्र होकर अलग-अलग रास्ते अपनाने वाली थीं, उनमें से कई तो अलगाववाद पर आसरे दे रही थीं। परंतु सरदार पटेल की आंतरिक समझ, कूटनीतिक कौशल और कठोर निर्णय क्षमता ने इस खतरे को अवसर में बदला। उन्होंने सुकन्या के साथ मुलाकात करके, समझौते कर के, साहसिक और दूरदर्शी कूटनीति के तहत इन रियासतों का भारत संघ में विलय सुनिश्चित किया।

इस काम में उनकी भूमिका इतनी उल्लेखनीय थी कि उन्हें “भारतीय एकता के वास्तुकार” और “लौह पुरुष” कहा जाने लगा। उन्होंने देश की एकता पर अपना जीवन न्योछावर कर दिया, जिससे आज भारत एक सशक्त, अखंड राष्ट्र के रूप में विश्व के मानचित्र पर चमक रहा है।

सामाजिक सुधारों में योगदान

सरदार पटेल ने केवल राजनीतिक क्षेत्र में ही नहीं, बल्कि सामाजिक सुधारों में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। वह जातीय भेदभाव, अस्पृश्यता और सामाजिक अन्याय के खिलाफ संघर्ष करते रहे। समय-समय पर उन्होंने किसानों के अधिकारों के लिए आवाज उठाई और उन्हें न्याय दिलाने के लिए आंदोलन चलाए।

उनका मानना था कि देश की सामाजिक एकता के लिए आर्थिक और सामाजिक सुधार अत्यंत आवश्यक हैं। आज की भारत की सामाजिक प्रगति में उनकी अग्रणी भूमिका को हमेशा याद किया जाएगा।

नवनिर्मित भारत के प्रथम उप प्रधानमंत्री और गृहमंत्री

स्वतंत्र भारत के निर्माण के बाद, जवाहरलाल नेहरू के साथ सरदार पटेल ने भारत के पहले उप प्रधानमंत्री और गृहमंत्री के रूप में काम किया। इस विशाल पद पर रहते हुए उन्होंने देश की अंदरूनी सुरक्षा, प्रशासनिक व्यवस्था, और राजस्व प्रबंधन को प्रभावी बनाया।

उनके अथक प्रयासों से देश में स्थिरता बनी और विकास की नींव पुख्ता हुई। उन्होंने बर्फीली पहाड़ियों से लेकर मैदानी इलाकों तक सुरक्षा के मजबूत दावे स्थापित किए।

लोही पुरुष की विरासत और आधुनिक भारत

सरदार पटेल की मृत्यु 1950 में हो गई, लेकिन उन्होंने जो युवकों के लिए आदर्श, नेतृत्व के नियम, और देशभक्ति का मंत्र स्थापित किया, वे आज भी प्रासंगिक हैं। भारत सरकार ने 2014 में उनकी 141वीं जयंती पर भारत का सबसे ऊंचा स्मारक “स्टैच्यू ऑफ़ यूनिटी” बनाया, जो नर्मदा नदी के किनारे स्थित है और उनकी महत्ता को दर्शाता है।

भारत के लौह पुरुष की 150वीं जयंती पर देश भर में उनके सम्मान में कार्यक्रम आयोजित किए गए, जिनमें राष्ट्र के सभी वर्गों ने भाग लिया। उनके जीवन और कार्यों से प्रेरणा लेकर युवा पीढ़ी राष्ट्रीय सेवा और देशभक्ति के लिए प्रतिबद्ध हो रही है।

सरदार वल्लभभाई पटेल का व्यक्तित्व, उनके कार्य, और उनकी विरासत भारतीय इतिहास की अमूल्य धरोहर हैं। उनकी 150वीं जयंती केवल एक उत्सव नहीं, बल्कि एक स्मरण है उस दृढ़ निश्चय का, जिसने भारत को सम्पूर्णता, बल और गौरव प्रदान किया। लौह पुरुष ने देश को इकाई और अखंडता की मिसाल दी, जिसकी गूंज सदियों तक सुनाई देगी।

भारतीय महिला क्रिकेट टीम ने रचा इतिहास
सेमीफाइनल में ऑस्ट्रेलिया के पहाड़ से स्कोर को किया पार, किया ,फाइनल में किया शानदार प्रवेश भारत ने महिलाओं के ICC वर्ल्ड कप 2025 के सेमीफाइनल में ऑस्ट्रेलिया को 5...

सेमीफाइनल में ऑस्ट्रेलिया के पहाड़ से स्कोर को किया पार, किया ,फाइनल में किया शानदार प्रवेश

भारत ने महिलाओं के ICC वर्ल्ड कप 2025 के सेमीफाइनल में ऑस्ट्रेलिया को 5 विकेट से हराकर एक शानदार जीत दर्ज की है। यह मुकाबला मुंबई के DY पाटिल स्टेडियम में खेला गया, जहां भारतीय महिला क्रिकेट टीम ने दर्शकों के सामने एक यादगार प्रदर्शन किया।

ऑस्ट्रेलिया ने पहले बल्लेबाजी करते हुए बड़े स्कोर 338 रन बनाए। उनकी पारी में फोबी लिचफील्ड ने शानदार 119 रन बनाए, वहीं एलीस पेरी ने भी 77 रन की अहम पारी खेली। हालांकि, भारत की गेंदबाजी ने संघर्ष किया लेकिन आखिरी ओवरों मेंदीप्त शर्मा की गेंदबाजी ने ऑस्ट्रेलिया के स्कोर को थोड़ा सीमित किया।

जब भारत ने लक्ष्य का पीछा शुरू किया, तो शफाली वर्मा ने अच्छी शुरुआत दी, लेकिन जल्दी आउट हो गईं। इसके बाद स्मृति मंधाना और जेमिमा रोड्रिग्स ने पारी संभाली। खासतौर पर स्मृति ने 127 रन की धमाकेदार पारी खेली, जो भारत की जीत में अहम रही। दोनों बल्लेबाजों ने जबरदस्त संयम और आक्रामकता का परिचय दिया और लगातार चौके-छक्के लगाकर लक्ष्य की ओर बढ़ते रहे।

भारतीय टीम की कप्तान हरमनप्रीत कौर ने भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई, और गेंदबाजों ने ठोस प्रदर्शन करते हुए ऑस्ट्रेलिया की आक्रामक बल्लेबाजी को काबू किया। भारत ने आखिरी तक धैर्य बनाए रखा और अंत में 5 विकेट से इस महत्त्वपूर्ण मुकाबले को अपने नाम किया।

https://youtu.be/lIgoSbiv7g0?si=iqSPn4h9Y642eJNh

यह जीत भारत के लिए बहुत मायने रखती है क्योंकि उन्होंने विश्व की सात बार की चैंपियन ऑस्ट्रेलिया को हराकर फाइनल में प्रवेश किया। भारतीय महिला क्रिकेट की यह उपलब्धि देश में महिला खेलों के प्रति उत्साह और समर्थन को और बढ़ाएगी।

मुकाबले के बाद भारतीय खिलाड़ियों और कोचिंग स्टाफ ने खुशी जताई और कहा कि यह जीत समर्पण, कड़ी मेहनत और टीम भावना का नतीजा है। भारतीय टीम अब फाइनल में दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ विश्व कप का फ़ैसला करेगी।

यह मैच महिला क्रिकेट के इतिहास में एक उदाहरण बन गया है कि भारत किसी भी बड़ी चुनौती का सामना कर सकता है और विश्व कप जैसी महा प्रतियोगिताओं में शीर्ष स्थान हासिल कर सकता है।

इस शानदार जीत ने पूरे देश को गर्व से भर दिया है और महिला क्रिकेट को एक नई ऊँचाई दी है।


मुख्य अंकों का सारांश:

  • स्थान: DY पाटिल स्टेडियम, मुंबई
  • मैच: ICC महिला विश्व कप 2025 सेमीफाइनल
  • ऑस्ट्रेलिया की पारी: 338 रन
  • भारत का लक्ष्य: 339 रन
  • प्रमुख प्रदर्शन: स्मृति मंधाना 127* रन, फोबी लिचफील्ड 119 रन (ऑस्ट्रेलिया)
  • परिणाम: भारत ने 5 विकेट से जीता
  • भारत अब फाइनल में पहुँचा है

यह मैच महिला क्रिकेट में भारतीय टीम की बढ़ती ताकत और चुनौती देने की क्षमता का जीता-जागता प्रमाण है। सभी भारतीय क्रिकेट प्रेमियों के लिए यह गर्व का विषय है।

अंता उपचुनाव :: भाया,नरेश मीणा और सुमन के अलावा 15 प्रत्याशी
बारां: अंता विधानसभा सीट पर 11 नवंबर को होने वाले उपचुनाव के प्रत्याशियों की आज सोमवार को पिक्चर क्लियर हो गई है। चुनावी मैदान में 15 प्रत्याशी नाम वापसी के...

बारां: अंता विधानसभा सीट पर 11 नवंबर को होने वाले उपचुनाव के प्रत्याशियों की आज सोमवार को पिक्चर क्लियर हो गई है। चुनावी मैदान में 15 प्रत्याशी नाम वापसी के बाद बचे हैं। पांच प्रत्याशियों ने अपना नामांकन पत्र वापस ले लिया है। इनमें भाजपा से बागी पूर्व विधायक रामपाल मेघवाल और संतोष बाई सुमन ने भाजपा प्रत्याशी मोरपाल सुमन के समर्थन में अपना नाम वापस ले लिया। ऐसे में बीजेपी ने बड़ी राहत की सांस ली है। चुनाव में 3 कैंडिडेट के बीच घमासान होगा। उनमें कांग्रेस के पूर्व मंत्री प्रमोद जैन भाया, बीजेपी के प्रत्याशी मोरपाल सुमन और नरेश मीणा के बीच त्रिकोणीय मुकाबला होगा है। लेकिन नरेश मीणा के लिए कड़ी चुनौती एक और नरेश नाम का प्रत्याशी देगा।

इन प्रत्याशियों ने लिया नाम वापस

आज सोमवार को 27 अक्टूबर को नाम वापसी का दिन रहा। ऐसे में पूर्व विधायक रामपाल मेघवाल, जिन्होंने निर्दलीय नामांकन पत्र दाखिल किया था। वही भारतीय आमजन पार्टी से अभय दास जांगिड़ और निर्दलीय नरोत्तम, संतोष सुमन और सुनीता मीणा ने अपना नामांकन वापस लिया है।
कांग्रेस प्रत्याशी प्रमोद जैन भाया की पत्नी उर्मिला जैन भाया से कांग्रेस पार्टी ने डमी कैंडिडेट के रूप में सिंबल देकर नामांकन पत्र भरवारा था। मगर उर्मिला का नामांकन जांच के दौरान खारिज हो गया था। 21 प्रत्याशियों ने आवेदन किया था। ऐसे में अब सिर्फ 15 प्रत्याशी चुनावी मैदान में डटे हैं।

यह है 15 प्रत्याशी

कांग्रेस से प्रमोद जैन भाया, बीजेपी से मोरपाल सुमन, निर्दलीय नरेश कुमार मीणा, निर्दलीय पंकज कुमार, निर्दलीय पुखराज सोनल, निर्दलीय जमील अहमद, निर्दलीय मंजूर आलम, निर्दलीय नरेश, निर्दलीय दिलदार, राइट टू रिकॉल पार्टी से योगेश कुमार शर्मा, निर्दलीय बिलाल खान, निर्दलीय नौशाद, निर्दलीय बंशीलाल, परिवार पार्टी ऑफ इंडिया से राजपाल सिंह शेखावत और निर्दलीय धर्मवीर।

इसलिए हो रहा है उपचुनाव अंता विधानसभा सीट

राजस्थान की 200 विधानसभा सीटों के साथ साल 2023 में अंता विधानसभा पर भी उपचुनाव हुआ था। लेकिन साल 2005 में सरपंच उपचुनाव के दौरान एसडीएम पर पिस्टल तान देने के मामले में 20 साल बाद अंता के बीजेपी निर्वाचित विधायक कंवरलाल मीणा को 3 साल की सजा काटने के लिए जेल जाना पड़ा। इसके बाद उनकी विधायकी समाप्त की गई। इसके बाद विधानसभा उपचुनाव अंता में हो रहा है।

कालीबाई भील स्कूटी योजना -आवेदन की अंतिम तिथि 31 अक्टूबर 
अल्पसंख्यक समुदाय ( मुस्लिम, सिख, ईसाई, बौद्व, पारसी एवं जैन) की छात्राओं को शिक्षा के प्रति प्रोत्साहित करने वाली कालीबाई भील मेधावी छात्रा स्कूटी योजना सत्र 2025-26 अन्तर्गत आवेदन 31...

अल्पसंख्यक समुदाय ( मुस्लिम, सिख, ईसाई, बौद्व, पारसी एवं जैन) की छात्राओं को शिक्षा के प्रति प्रोत्साहित करने वाली कालीबाई भील मेधावी छात्रा स्कूटी योजना सत्र 2025-26 अन्तर्गत आवेदन 31 अक्टूबर तक किए जा सकते हैं।  

कालीबाई भील मेधावी छात्रा स्कूटी योजना राजस्थान सरकार की योजना है, जिसमें अल्पसंख्यक समुदाय की मेधावी छात्राओं को शिक्षा के प्रोत्साहन हेतु स्कूटी प्रदान की जाती है। इस योजना का उद्देश्य अल्पसंख्यक समुदाय की छात्राओं को उच्च शिक्षा के लिए प्रेरित करना है।

टोल बचाने के चक्कर में चढ़ा दी 3 सवारियों की बलि! जयपुर बस हादसे में सामने आई बड़ी लापरवाही
राजस्थान के जयपुर जिले के मनोहरपुर में रविवार सुबह एक दर्दनाक हादसा हुआ. 100 रुपये का टोल बचाने के चक्कर में एक स्लीपर बस जलकर राख हो गई यह बस उत्तर...

राजस्थान के जयपुर जिले के मनोहरपुर में रविवार सुबह एक दर्दनाक हादसा हुआ. 100 रुपये का टोल बचाने के चक्कर में एक स्लीपर बस जलकर राख हो गई यह बस उत्तर प्रदेश के पीलीभीत के पूरनपुर गांव से 77 मजदूरों को लेकर जयपुर आई थी. सभी मजदूर ईंट भट्टे पर काम करने के लिए आए थे. बस में मजदूरों के साथ 15 गैस सिलेंडर, छह बाइक, बकरियां और मुर्गियां भी थीं. हादसा सुबह करीब आठ बजे टोडी गांव के पास हुआ बस के ऊपर रखे सामान से 1100 kv का हाईटेंशन बिजली का तार टकरा गया. तार बाइक से सटा और फिर आग सिलेंडर तक पहुंच गई. देखते ही देखते एक-एक कर सिलेंडर फटने लगे और पूरी बस जलकर राख हो गई.

जांच में सामने आया कि स्लीपर बस को मॉडिफाई किया गया था. उसमें ऊपर कैरियर बनाकर बाइक और सिलेंडर रखे गए थे. इमरजेंसी गेटको भी अंदर से वेल्डिंग कर बंद कर दिया गया था. हादसे के वक्त ड्राइवर ने पक्की टोल रोड छोड़कर गांव के कच्चे रास्ते पर बस उतारी थी ताकि 100 रुपये का टोलबच सके.

राजस्थान में बारिश 6 जिलों में भारी बारिश का अलर्ट
जयपुर। राजस्थान में एक बार फिर मौसम ने करवट ली है। कार्तिक माह में भी सावन जैसी झमाझम बारिश हो रही है। कोटा में रविवार रातभर बारिश का सिलसिला जारी...

जयपुर। राजस्थान में एक बार फिर मौसम ने करवट ली है। कार्तिक माह में भी सावन जैसी झमाझम बारिश हो रही है। कोटा में रविवार रातभर बारिश का सिलसिला जारी रहा, जबकि सवाई माधोपुर में सोमवार अलसुबह बूंदाबांदी हुई। उदयपुर जिले के खेरवाड़ा और आसपास के इलाकों में भी सुबह बारिश दर्ज की गई। चित्तौड़गढ़, टोंक और आसपास के क्षेत्रों में हल्की रिमझिम जारी है, जिससे मौसम सुहावना हो गया है। राजधानी जयपुर में सुबह से ही बूंदाबांदी का दौर जारी है। मौसम विभाग ने सोमवार और मंगलवार को बारिश को लेकर अलर्ट जारी किया गया है। विभाग ने उदयपुर और कोटा संभाग के छह जिलों में ऑरेंज अलर्ट, जबकि अन्य 17 जिलों में येलो अलर्ट जारी किया है। अगले चार दिनों तक राज्य के कई हिस्सों में तेज बारिश और आंधी की संभावना जताई गई है। मौसम विभाग का कहना है कि वेस्टर्न डिस्टर्बेंस के असर से यह बदलाव देखने को मिल रहा है।