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मुख्य सचिव ने की विकास रथ यात्रा की प्रगति की समीक्षा
विकास कार्यों एवं कल्याणकारी योजनाओं को सोशल मीडिया पर प्रचारित करने के दिए निर्देश

जयपुर, 17 दिसंबर। मुख्य सचिव श्री वी. श्रीनिवासन ने प्रदेश के सभी विधान सभा क्षेत्रों में चल ​र​ही विकास रथ यात्रा की गतिविधियों, जनसमस्याओं के समाधान हेतु आयोजित रात्रि चौपालों और विभिन्न कार्यक्रमों की प्रगति की समीक्षा की।  सभी जिला कलेक्टरों को वी.सी के माध्यम से मुख्य सचिव ने निर्देश दिए कि हर जिले में राज्य सरकार के दो वर्षों की उपलब्धियों एवं कल्याणकारी योजनाओं को अधिक से अधिक आमजन तक प्रभावी ढंग से पहुंचाया जाए। उन्होंने सभी जिला कलेक्टरों को इन गतिविधियों की बेहतर मॉनिटरिंग सुनिश्चित करने के कड़े निर्देश दिए।

मुख्य सचिव बुधवार को शासन सचिवालय में राज्य सरकार के दो वर्ष की उपलब्धियों के प्रचार—प्रसार के लिए हर विधानसभा क्षेत्र में चल रही विकास रथ यात्रा के संबंध में विभागों के वरिष्ठ अधिकारियों साथ समीक्षा बैठक कर रहे थे।

मुख्य सचिव श्री वी.श्रीनिवासन ने प्रत्येक जिले में हुए व निर्माणाधीन विकास कार्यों को अधिक से अधिक सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर शेयर करने के निर्देश भी दिए। उन्होंने सूचना प्रौद्योगिकी विभाग के जिला कार्यालयों के माध्यम से इन कार्यों की लगातार मॉनिटरिंग सुनिश्चित करने तथा संबंधित डेटा को नियमित अपडेट करने पर जोर दिया।

मुख्य सचिव ने निर्देश दिए कि सभी जिलों में आयोजित हो रहे कार्यक्रमों, विकास रथ यात्रा की गतिविधियों सहित अन्य कार्यक्रमों को सोशल मीडिया पर फोटो और वीडियो सहित पोस्ट किया जाए । इससे राज्य सरकार की उपलब्धियों को आमजन तक प्रभावी ढंग से पहुंचाने में सहायता मिलेगी।

बैठक के दौरान मुख्य सचिव ने 18 से 25 दिसम्बर तक प्रदेश में आयोजित होने वाले विभिन्न कार्यक्रमों की समीक्षा भी की। उन्होंने 18 दिसम्बर को पर्यावरण संरक्षण अभियान, 19 दिसम्बर को धौलपुर जिले में महिला सम्मेलन, 20 दिसम्बर को कर्टेन रेजर आर्मी डे परेड, 21 दिसम्बर रन फॉर विकसित राजस्थान, 22 दिसम्बर को महिला सशक्तीकरण सम्मेलन व जनसभा, 23 दिसम्बर को मेड़ता नागौर में किसान सम्मेलन, 24 दिसम्बर को पर्यटन कान्कलेव तथा 25 दिसम्बर को राज्य स्तरीय सुशासन दिवस कार्यक्रम की बेहतर तैयारी, अधिकतम जनभागीदारी व प्रभावी मॉनिटरिंग के निर्देश भी दिये।      

बैठक में श्री प्रवीण गुप्ता, अतिरिक्त मुख्य सचिव, सार्वजनिक निर्माण विभाग, श्री भवानी सिंह देथा, प्रमुख शासन सचिव, महिला एवं बाल विकास विभाग, श्री नवीन जैन, शासन सचिव सामान्य प्रशासन, डॉ. नीरज कुमार पवन, शासन सचिव, युवा मामले एवं खेल विभाग, श्री संदेश नायक, आयुक्त सूचना एवं जनसंपर्क वि​भाग एवं विशिष्ठ सचिव, मुख्यमंत्री सहित अन्य विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।

अपराधों पर अंकुश के लिए पुलिस थानों का आधुनिकीकरण किया जाए- मुख्य सचिव
जयपुर,16 दिसंबर। मुख्य सचिव श्री वी. श्रीनिवास ने कहा कि प्रदेश में अपराधों के आंकड़ों में कमी शुभ संकेत है। अब मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा की मंशानुरूप प्रदेश को अपराध मुक्त...

जयपुर,16 दिसंबर। मुख्य सचिव श्री वी. श्रीनिवास ने कहा कि प्रदेश में अपराधों के आंकड़ों में कमी शुभ संकेत है। अब मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा की मंशानुरूप प्रदेश को अपराध मुक्त बनाने के लिए और भी प्रयास करने होंगे। उन्होंने कहा कि अपराधों पर अंकुश लगाने के लिए पुलिस के रेस्पोंस टाइम को कम करना, त्वरित अनुसंधान और पुलिस थानों का आधुनिकीकरण सुनिश्चित किया जाए।  


    मुख्य सचिव मंगलवार को शासन सचिवालय में भारतीय न्याय संहिता, भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता एवं भारतीय साक्ष्य अधिनियम के प्रभावी क्रियान्वयन के संबन्ध में आयोजित समीक्षा बैठक की अध्यक्षता कर रहे थे। उन्होंने पुलिस विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए की सभी थानों का डिजिटलाइजेशन करने के साथ-साथ आधुनिक उपकरणों की उपलब्धता सुनिश्चित की जाए। उन्होंने थानों में निर्बाध और स्ट्रोंग वाई-फाई की सुविधा के लिए सभी पुलिस थानों में राज नेट की कनेक्टिविटी सुनिश्चित करने के लिए भी निर्देशित किया।

          उन्होंने कहा कि थानों में महिला कॉन्सटेबल की नियुक्ति सुनिश्चित की जाए, जिससे महिलाओं से संबंधित अपराधों पर अंकुश लगाया जा सकता है। साथ ही पुलिस अधिकारी सुनिश्चित करें कि थानों में दर्ज एफआईआर और चार्जशीट पेश करने के बीच निश्चित समय सीमा से ज्यादा समय नहीं लगे।

    श्री श्रीनिवास ने कहा कि नये कानून के तहत अपराध कहीं भी हो उसकी रिपोर्ट किसी भी पुलिस थाने में ‘ज़ीरो FIR’  के रूप में दर्ज कराई जा सकती है। प्रदेश के सभी नागरिकों के लिए राजकॉप एसओएस अलर्ट उपलब्ध है। महिलाओं के लिए तत्काल सहायता प्रदान करने के लिए प्रदेश में राजकॉप नागरिक मोबाइल एप्लिकेशन पर ‘नीड हैल्प’सुविधा है। उन्होंने कहा कि आम जन को इन नए प्रावधानों और नवाचारों के बारे में जागरूक किया जाए, ताकि उन्हें इसका पूरा लाभ मिले।

    बैठक में पुलिस महानिरीक्षक इंटेलिजेंस श्री प्रफुल्ल कुमार ने कहा कि पुलिस द्वारा ई साक्ष्य एप का प्रयोग किया जा रहा है। इससे पुलिस को घटनास्थल के वीडियो, फोटो और गवाहों के बयान डिजिटल रूप से रिकॉर्ड करने और सुरक्षित रखने की सुविधा मिली है। उन्होंने बताया कि संबंधित केस की सारी जानकारी भी इस एप पर उपलब्ध रहेगी। उन्होंने बताया कि नवीन अपराधिक विधियों के अर्न्तगत दर्ज प्रकरणों में 60 दिवस में निस्तारित किए प्रकरणों की संख्या में इजाफा हुआ है।

    बैठक में चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग की प्रमुख शासन सचिव श्रीमती गायत्री राठौड़, अतिरिक्त महानिदेशक पुलिस श्री हवा सिंह घुमारिया, श्री भूपेन्द्र साहू, महानिरीक्षक पुलिस श्री प्रफुल्ल कुमार, श्री अजयपाल लांबा, उप महानिरीक्षक पुलिस श्री दीपक भार्गव, राजस्थान राज्य फोरेंसिक विज्ञान प्रयोगशाला (SFSL) के निदेशक डॉ. अजय शर्मा तथा गृह एवं विधि विभाग के अधिकारी उपस्थित रहे।