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देश में पहली बार आयोजित हुई 200 किमी लंबी वेदांता टूर डी थार अंतरराष्ट्रीय साइक्लिंग रेस
केंद्रीय कानून मंत्री अर्जुन राम मेघवाल ने हरी झंडी दिखाकर की शुरुआत अंतर्राष्ट्रीय ख्याति प्राप्त टूर डी फ्रांस और टूर डी स्विस की तर्ज पर हुआ आयोजन

केंद्रीय कानून मंत्री अर्जुन राम मेघवाल की पहल पर देश में पहली बार 200 किमी लंबी वेदांता टूर डी थार अंतर्राष्ट्रीय साइक्लिंग रेस का आयोजन बीकानेर में किया गया। केंद्रीय कानून मंत्री श्री अर्जुन राम मेघवाल ने रविवार को नौरंगदेसर में साइक्लिंग रेस को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इस अवसर पर खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति मंत्री श्री सुमित गोदारा, खाजूवाला विधायक डॉ विश्वनाथ मेघवाल, श्री डूंगरगढ़ विधायक श्री ताराचंद सारस्वत, फ्रांस से आए श्री पीयर गिरबॉड सहित अनेक गणमान्य लोग मौजूद रहे। 

साइक्लिंग रेस का आयोजन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सांसद खेल महोत्सव 2025 के अंतर्गत जामनगर से अमृतसर भारतमाला एक्सप्रेस वे पर नौरंगदेसर में हुआ। एनएचएआई के सहयोग से नौरंगदेसर से देसलसर तक 50 किलोमीटर की दूरी में सड़क को दोनों साइड से ट्रैफिक फ्री रखा गया। साइकिल रेस का आयोजन युवा मामले और खेल मंत्रालय के फिट इंडिया, वेदांता, साइकिल फेडरेशन ऑफ इंडिया, एसबीआई, नेवली इंडिया, हल्दीराम ग्रुप इत्यादि के संयुक्त तत्वाधान में हुआ।  

बीकानेर में साइकिलिंग इंफ्रास्ट्रक्चर का होगा विकास

इस अवसर पर केंद्रीय कानून मंत्री श्री मेघवाल ने संबोधित करते हुए कहा कि 23 नवंबर का दिन बीकानेर के खेल के इतिहास में स्वर्ण अक्षरों में लिखा जाने वाला सिद्ध होने वाला है। हर साल इस साइक्लिंग रेस का आयोजन इसी स्थान पर होगा। इससे पर्यटन के क्षेत्र में बीकानेर का नाम ना केवल राष्ट्रीय बल्कि अंतरराष्ट्रीय मानचित्र पर भी चमकेगा। साथ ही कहा कि बीकानेर में आगामी बजट में बीकानेर में साइकिल इंफ्रास्ट्रक्चर को लेकर घोषणा होगी। 

उन्होने कहा कि इस साइक्लिंग रेस प्रतियोगिता का आयोजन जामनगर से अमृतसर भारतमाला एक्सप्रेस वे पर उसी स्थान पर हो रहा है जहां 8 जुलाई 2023 को प्रधानमंत्री के नौरंगदेसर आगमन पर बीकानेर के 100 साइकिलिस्टों ने उनकी अगवानी की और बरसात के बीच सभा स्थल तक प्रधानमंत्री के साथ चले। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने भी इस आयोजन को लेकर बधाई दी है।

खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति मंत्री श्री सुमित गोदारा ने कहा कि हमने टूर डी फ्रांस का नाम सुना था लेकिन केन्द्रीय कानून मंत्री श्री अर्जुन राम मेघवाल ने ”टूर दी थार” की सौगात बीकानेर को दी है। ये पहला एडिशन है, उम्मीद करते हैं हर साल इसका आयोजन होगा और हर बार इससे भी बेहतर आयोजन थार के रेगिस्तान में होगा।  

भारत में पहली बार हुआ 200 किमी लंबी अंतर्राष्ट्रीय साइकिल रेस का आयोजन

सीएफआई के श्री वी.एन.सिंह ने बताया कि भारत में साइक्लिंग रेस का आयोजन नोएडा, चेन्नई, बैंगलोर, हैदराबाद, चंडीगढ़ इत्यादि जगहों पर होता है। जो 50-60 किलोमीटर तक ही आयोजित की जाती है। देश में पहली बार 200 किलोमीटर लंबी अंतर्राष्ट्रीय साइक्लिंग रेस का आयोजन हुआ है। 

फ्रांस, स्विजरलैंड समेत देश भर से साइक्लिस्टों ने लिया हिस्सा

श्री सिंह ने बताया कि साइक्लिंग रेस में फ्रांस, स्विजरलैंड, सिंगापुर समेत देश के विभिन्न राज्यों राजस्थान समेत जम्मू कश्मीर, हिमाचल प्रदेश, पंजाब, हरियाणा,उड़ीसा, दिल्ली, उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, बिहार, झारखंड,गुजरात, गोआ, महाराष्ट्र, तमिलनाडु, केरल, तेलंगाना, चंडीगढ़, दमन एवं दीव, दादरा एंड नगर हवेली के राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय साइकिलिस्टों ने हिस्सा लिया। हिस्सा लेने वालों में 16 वर्ष से लेकर 69 वर्ष आयु तक के प्रतिभागी शामिल थे।  

एलिट और एमेच्योर दो कैटेगरी में 100 और 200 किमी लंबी हुई साइकिल रेस

सीएफआई के वी.एन.सिंह ने बताया कि यह साइक्लिंग रेस एलिट और एमेच्योर दो कैटेगरी में आयोजित हुई। एलिट कैटेगरी की साइकिल रेस 100 किमी और एमेच्योर 200 किमी आयोजित की गई। एलिट में टॉप 10 पुरूष और महिला खिलाड़ियों को पुरस्कृत किया गया। वहीं एमेच्योर कैटेगरी में 100 और 200 किमी लंबी साइकिल रेस का आयोजन किया गया। एमेच्योर कैटेगरी में पुरुष और महिला दोनों के लिए 16-30 वर्ष, 31-45 वर्ष और 45 वर्ष से ज्यादा के तीन-तीन अलग अलग वर्ग बनाए गए। इसमें टॉप 03 को और अलग अलग आयु वर्ग में भी टॉप थ्री को पुरस्कृत किया गया।

एलिट पुरूष वर्ग में ये रहे टॉप 10 खिलाड़ी

सीएफआई के वी.एन.सिंह ने बताया कि एलिट कैटेगरी में आयोजित 100 किमी साइक्लिंग रेस में पुरुष वर्ग में टॉप 10 खिलाड़ी क्रमश: साहिल कुमार, विश्वजीत सिंह, सचिन देसाई, मुकेश कुमार कस्वां, सूर्या थट्टू, वैंकप्पा केंगांलागुट्टी, अरशद फरीदी, चिराग सहगल, अदवैथ शंकर एसएस और कृष्णा नायाकोडी रहे। 

दुर्लभ बीमारियों से पीड़ित बच्चों के लिए वरदान बनी मुख्यमंत्री आयुष्मान बाल सम्बल योजना
50 लाख रुपये तक नि:शुल्क उपचार का प्रावधान, 5 हजार रुपये प्रतिमाह की अतिरिक्त सहायता

मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में राज्य सरकार वंचितों को वरीयता देते हुए अन्त्योदय के संकल्प को साकार रूप प्रदान कर रही है। इसी दिशा में मुख्यमंत्री श्री शर्मा की पहल पर शुरू की गई मुख्यमंत्री आयुष्मान बाल सम्बल योजना दुर्लभ बीमारियों से पीड़ित बालक-बालिकाओं के लिए वरदान बनकर आई है। प्रदेश के ऐसे बच्चे जो दुर्लभ बीमारियों से ग्रसित होने के बाद आर्थिक अभाव में उपचार की उम्मीद छोड़ देते थे, उन्हें अब योजना के माध्यम से 50 लाख रुपये तक का निशुल्क इलाज एवं आर्थिक सहायता उपलब्ध कराए जाने का प्रावधान किया गया है। 

स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय, भारत सरकार की राष्ट्रीय नीति 2021 के तहत सूचीबद्ध बीमारी से पीड़ित 18 वर्ष से कम आयु के बच्चों को समुचित इलाज, देखभाल एवं अन्य आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध करवाना इस योजना का प्रमुख उद्देश्य है। राज्य सरकार ने इन बच्चों के लिए आर्थिक सहायता की प्रक्रिया को सुगम, पारदर्शी और प्रभावी बनाया है। 

निशुल्क इलाज के साथ 5 हजार रुपये प्रतिमाह की आर्थिक मदद—

मुख्यमंत्री आयुष्मान बाल सम्बल योजना के अन्तर्गत दुर्लभ बीमारी से पीड़ित बालक या बालिका को 50 लाख रुपए तक का उपचार निशुल्क उपलब्ध कराने का प्रावधान है। इसके अतिरिक्त इन्हें 5 हजार रुपए प्रतिमाह की आर्थिक सहायता राशि देय है। 

पीड़ित 18 वर्ष से कम और प्रदेश का निवासी होना जरूरी—

मुख्यमंत्री आयुष्मान बाल सम्बल योजना के तहत अनुदान प्राप्त करने की पात्रता के अनुसार पीड़ित बालक या बालिका की उम्र 18 वर्ष से कम होनी चाहिए। आवेदक राजस्थान राज्य का मूल निवासी हो अथवा तीन वर्ष से अधिक समय से राज्य में निवासरत होना चाहिए।

ऑनलाइन आवेदन, सहज प्रक्रिया—

बालक या बालिका के दुर्लभ बीमारी से पीडित होने की स्थिति में पालनकर्ता द्वारा जनाधार नम्बर से ई-मित्र अथवा स्वयं की एसएसओ आईडी से बायोमेट्रिक या ओटीपी के माध्यम से ऑनलाइन आवेदन किया जा सकता है। प्राधिकृत चिकित्सा अधिकारी नोडल अधिकारी, एम्स जोधपुर एवं जेके लॉन अस्पताल, जयपुर द्वारा दुर्लभ बीमारी से पीड़ित होने का ऑनलाइन प्रमाण पत्र जारी किया जाएगा।

मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने प्रदेश में उप राष्ट्रीय पल्स पोलियो अभियान का किया शुभारंभ बच्चों को पिलाई पोलियो प्रतिरक्षक दवा
प्रदेशभर में एक करोड़ से अधिक बच्चों को पिलाई जाएगी दवा - ‘दो बूंद हर बार, पोलियो पर जीत रहे बरकरार’ पोस्टर का किया विमोचन

जयपुर, 23 नवम्बर। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने रविवार को मुख्यमंत्री निवास पर बच्चों को पोलियो प्रतिरक्षक दवा पिलाकर राज्यस्तरीय उप राष्ट्रीय पल्स पोलियो अभियान का शुभारंभ किया। उन्होंने इस अभियान के लिए जनसहभागिता का आह्वान करते हुए कहा कि सभी अभिभावक अपने 5 वर्ष तक के बच्चों को पोलियो प्रतिरक्षक दवा अवश्य पिलाएं।

प्रदेशभर में 58 हजार 823 पोलियो बूथ

उल्लेखनीय है कि रविवार (23 नवम्बर) को प्रदेशभर में पोलियो बूथों पर दवा पिलाने की सुविधा उपलब्ध कराई गई है। किसी कारणवश बूथ पर दवा पीने नहीं वाले बच्चों को अगले दो दिन स्वास्थ्यकर्मी घर-घर जाकर दवा पिलाएंगे। लगभग 1 करोड़ 8 लाख बच्चों को पोलियो दवा पिलाने के लिए सम्पूर्ण प्रदेश में 58 हजार 823 पोलियो बूथ स्थापित किए गए हैं। 6 हजार 741 ट्रांजिट टीमें और 8 हजार 989 मोबाइल टीम की व्यवस्था भी की गई है।

शर्मा ने कहा इस अभियान में प्रदेशभर में जन्म से पांच वर्ष तक के बच्चों को पोलियो प्रतिरक्षक दवा पिलाई जाएगी। यह एक अभियान नहीं, बल्कि आने वाली पीढ़ियों कोे सुरक्षित भविष्य देने का माध्यम है। उन्होंने कहा कि पोलियो ऐसा संक्रामक रोग है जो बच्चे के जीवन के लिए घातक हो सकता है। दो बूंद दवा ही पोलियो जैसी गंभीर बीमारी से रक्षा कर सकती है।

मुख्यमंत्री ने इस दौरान ‘दो बूंद हर बार, पोलियो पर जीत रहे बरकरार’ पोस्टर का विमोचन भी किया। इस अवसर पर चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग की प्रमुख शासन सचिव श्रीमती गायत्री ए. राठौड़, बच्चों के अभिभावक सहित संबंधित अधिकारीगण उपस्थित रहे।

मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने केंद्रीय गृहमंत्री व यूपी सीएम का एयरपोर्ट पर किया स्वागत
पाली में सिक्किम के राज्यपाल श्री ओम माथुर के परिवार में वैवाहिक आयोजन

मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा शनिवार को डबोक स्थित महाराणा प्रताप एयरपोर्ट पहुंचे। इस दौरान अधिकारियों व जनप्रतिनिधियों ने उनकी अगवानी की। श्री शर्मा ने एयरपोर्ट पर केंद्रीय गृहमंत्री श्री अमित शाह तथा उत्तरप्रदेश के मुख्यमंत्री श्री योगी आदित्यनाथ की अगवानी की।

रणकपुर, पाली में सिक्किम के राज्यपाल श्री ओम माथुर के परिवार में वैवाहिक आयोजन में भाग लेने के लिए मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा शनिवार दोपहर डबोक एयरपोर्ट पहुंचे। यहां जनजाति क्षेत्रीय विकास मंत्री श्री बाबूलाल खराड़ी, सहकारिता मंत्री गौतम दक, सांसद डॉ मन्नालाल रावत, विधायक उदय लाल डांगी, सलूम्बर विधायक शांतादेवी, निम्बाहेड़ा विधायक श्रीचंद कृपलानी, संभागीय आयुक्त प्रज्ञा केवलरमानी, आईजी गौरव श्रीवास्तव, जिला कलक्टर नमित मेहता, एसपी योगेश गोयल ने उनका स्वागत किया।

इसके पश्चात् उत्तरप्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का डबोक एयरपोर्ट पहुंचने पर मुख्यमंत्री शर्मा ने उनकी अगवानी की। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह विशेष विमान से डबोक एयरपोर्ट पहुंचने पर मुख्यमंत्री शर्मा सहित सभी जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों ने गृहमंत्री का स्वागत किया। श्री शाह और मुख्यमंत्री श्री शर्मा हेलीकॉप्टर से रणकपुर पहुंचे तथा वहां वैवाहिक आयोजन में भाग लेकर पुनः डबोक एयरपोर्ट लौटे। यहां से श्री शाह ने नई दिल्ली के लिए तथा मुख्यमंत्री श्री शर्मा ने जयपुर के लिए प्रस्थान किया।

राजस्थान कांग्रेस में बड़ा बदलाव, पार्टी ने जारी की 45 जिला अध्यक्षों की सूची; कई पूर्व मंत्री भी शामिल
आखिर कांग्रेस ने 45 जिलाध्यक्षों की लिस्ट जारी कर दी. इस सूची में कई पूर्व मंत्री और विधायक शामिल हैं. कई नाम चौंकाने वाले भी हैं. बीकानेर ग्रामीण से विशनाराम...

आखिर कांग्रेस ने 45 जिलाध्यक्षों की लिस्ट जारी कर दी. इस सूची में कई पूर्व मंत्री और विधायक शामिल हैं. कई नाम चौंकाने वाले भी हैं. बीकानेर ग्रामीण से विशनाराम सियाग. बीकानेर शहर से मदन गोपाल मेघवाल. बूंदी से महावीर मीणा. चित्तौड़गढ़ से प्रमोद सिंह सिसोदिया सिंह. चूरू से मनोज से मेघवाल. दौसा से रामजीलाल ओड़ को जिला अध्यक्ष बनाया गया है.

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वहीं डीडवाना कुचामन से जाकिर हुसैन गैसावत. धौलपुर से संजय जाटव. डूंगरपुर से गणेश घोघरा. हनुमानगढ़ से मनीष मक्कासर. जयपुर ग्रामीण पूर्व से गोपाल मीणा. जयपुर ग्रामीण पश्चिम से विद्याधर चौधरी. जयपुर शहर के जिलाध्यक्ष का एलान नहीं हुआ है.  इसके आलावा जैसलमेर से अमर दिन फकीर. जालौर से रमीला मेघवाल. झुंझुनू से रीता चौधरी. जोधपुर ग्रामीण से गीता बरवड़. जोधपुर शहर से ओमकार वर्मा को जिला अध्यक्ष की ज़िम्मेदारी दी गई है.

राज्यपाल बागडे ने उपराष्ट्रपति राधाकृष्णन का सादड़ी में भावपूर्ण स्वागत किया
राज्यपाल श्री हरिभाऊ बागडे ने शनिवार को उपराष्ट्रपति श्री सी.पी. राधाकृष्णन के सादड़ी पहुंचने पर उनकी अगवानी की।

राज्यपाल हरिभाऊ बागडे ने शनिवार को उपराष्ट्रपति सी.पी. राधाकृष्णन की सादड़ी आगमन पर अगवानी की। उपराष्ट्रपति के आगमन पर राज्यपाल ने पुष्पगुच्छ भेंट कर उनका ससम्मान स्वागत किया और औपचारिक अभिवादन प्रस्तुत किया।

उपराष्ट्रपति का यह दौरा पाली जिले के रणकपुर क्षेत्र में आयोजित एक विशेष कार्यक्रम के संदर्भ में था, जहां देशभर के कई राज्यपाल, मुख्यमंत्री और विशिष्ट अतिथि उपस्थित होने वाले हैं। उपराष्ट्रपति के आगमन को देखते हुए प्रशासन और सुरक्षा एजेंसियों ने पूरे क्षेत्र में विशेष सुरक्षा व्यवस्था की है। राज्यपाल बागडे द्वारा उपराष्ट्रपति का स्वागत राजस्थान की परंपरागत आतिथ्य भावना का प्रतीक माना जा रहा है।

डूंगरी बांध से सिंचाई में बड़ा लाभ: 1.25 लाख हेक्टेयर भूमि होगी हरी – मंत्री समूह ने भ्रम से दूर रहने की अपील की
परियोजना किसान हित में, भ्रमित न होने की अपील- सिर्फ 16 गांवों की आबादी ही आएगी डूब क्षेत्र में

जयपुर, 21 नवम्बर। पूर्वी राजस्थान के लिए महत्वपूर्ण संशोधित पार्वती-कालीसिंध-चम्बल लिंक परियोजना के अंतर्गत बनने वाले डूंगरी बांध को लेकर शुक्रवार को शासन सचिवालय में मंत्री समूह ने प्रेस वार्ता की। मीडिया से बातचीत  में कृषि मंत्री डॉ. किरोड़ी लाल मीणा, जल संसाधन मंत्री श्री सुरेश सिंह रावत और गृह राज्यमंत्री श्री जवाहर सिंह बेढ़म ने कहा कि डूंगरी बांध का निर्माण संशोधित पार्वती-कालीसिंध-चम्बल लिंक परियोजना का महत्वपूर्ण अंग है। इस बांध के निर्माण से मुख्यतः सवाई माधोपुर और करौली की 1 लाख 25 हजार हेक्टेयर भूमि को  सिंचाई के लिए पानी और लोगों को भरपूर पेयजल मिलेगा।

डॉ. मीणा ने कहा कि यह बांध संशोधित पार्वती-कालीसिंध-चम्बल लिंक परियोजना के तहत बनाया जाना है। इससे मात्र 16 गांवों की आबादी ही डूब क्षेत्र से प्रभावित होगी जबकि कतिपय लोगों द्वारा भ्रम फैलाया जा रहा है कि 76 गांव प्रभावित होंगे। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार परियोजना से विस्थापित होने वाले परिवारों के पुनर्वास को लेकर गंभीर है। उन्हें नियमानुसार मुआवजा प्रदान कर अन्य सुविधाओं के साथ नजदीक ही बसाया जाएगा।

कृषि मंत्री ने कहा कि यह परियोजना व्यापक प्रदेश हित में है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार इस सम्बंध में किसी भी पक्ष से संवाद के लिए तैयार है। उन्होंने कहा कि बांध निर्माण से क्षेत्र में भूमि सिंचित होने के साथ-साथ रोजगार के अवसर बढ़ेंगे। किसानों की आय बढ़ने से क्षेत्र में खुशहाली आएगी। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में राज्य सरकार खेतों तक पानी पहुंचाने के लिए प्रतिबद्ध है।

जल संसाधन मंत्री श्री सुरेश सिंह रावत ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने पूर्वी राजस्थान के 17 जिलों के लिए संशोधित पीकेसी लिंक परियोजना का शुभारंभ किया था। मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में राज्य सरकार इसे जल्द से जल्द क्रियान्वित करने के लिए संकल्पित है। इसी दिशा में यह बांध महत्वपूर्ण कड़ी है। उन्होंने कहा कि बांध निर्माण से कालीसिंध, पार्वती और चम्बल से समुद्र में व्यर्थ बहकर जाने वाले पानी को रोका जा सकेगा।  

गृह राज्य मंत्री श्री जवाहर सिंह बेढ़म ने कहा कि इस परियोजना की सफलता को रोकने के लिए कुछ लोगों द्वारा भ्रम फैलाया जा रहा है। उन्होंने लोगों से गुमराह न होने की अपील की और राज्य हित में बनाए जा रहे बांध के निर्माण में सहयोग प्रदान करने का आह्वान किया। उन्होंने बताया कि डूब क्षेत्र में आने वाले अधिकतर गांव वर्तमान में मोरेल एवं बनास नदी के बहाव से भी प्रभावित हो रहे हैं। यह बांध बनास और मोरेल के बहाव क्षेत्र में पानी भरने के हिसाब से बनाया जा रहा है इसलिए इनके बहाव क्षेत्र का ही ज्यादा उपयोग होगा। इससे वर्षा के दौरान आने वाली बाढ़ को रोकने में भी सफलता मिलेगी।

मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में राजस्थान करेगा ‘खेलो इंडिया यूनिवर्सिटी गेम्स-2025’ की मेजबानी
‘खम्मा घणी’ करेंगे देशभर के खिलाड़ियों का स्वागत, 24 नवम्बर से होगा 24 खेलों का आगाज, 7 शहरों में 7 हजार से ज्यादा प्रतिभागी होंगे शामिल

     जयपुर, 21 नवम्बर। मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में राजस्थान  24 नवम्बर से 5 दिसंबर तक खेलो इंडिया यूनिवर्सिटी गेम्स (केआईयूजी) के 5वें संस्करण की मेजबानी करने जा रहा है। प्रदेश में पहली बार आयोजित होने जा रहे केआईयूजी को भव्य, ऐतिहासिक और सफल बनाने के लिए श्री शर्मा के निर्देशन में जोर-शोर से तैयारियां की जा रही हैं।

                राजस्थान में जयपुर, अजमेर, भरतपुर, कोटा, उदयपुर, जोधपुर और बीकानेर में देशभर के युवा खिलाड़ी विभिन्न खेल प्रतियोगिताओं में अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन करेंगे जिससे स्पोर्ट्समैनशिप का अद्भुत संगम देखने का मिलेगा। केआईयूजी में कुल 24 खेलों में 23 पदक विजेता खेल और एक प्रदर्शन खेल शामिल है। एथलेटिक्स, बैडमिंटन, बास्केटबॉल, हॉकी, तैराकी, टेनिस, फुटबॉल, तीरंदाजी, शूटिंग, मल्लखम्भ, साइकिलिंग, रग्बी, जूडो, बीच वॉलीबॉल, केनोइंग और कयाकिंग, कबड्डी, भारोत्तोलन, टेबल टेनिस, योगासन, तलवारबाजी, वॉलीबॉल, बॉक्सिंग और कुश्ती में पदक जीतने के लिए युवा खिलाड़ी दमखम दिखाएंगे। वहीं, खो-खो खेल का आयोजन एक प्रदर्शन मैच के रूप में होगा।

                जयपुर में 24 नवम्बर से 5 दिसम्बर तक एथलेटिक्स, बैडमिंटन, बास्केटबॉल, हॉकी, तैराकी, टेनिस, फुटबॉल, तीरंदाजी, शूटिंग, मल्लखम्भ, साइकिलिंग में विभिन्न वर्गों में प्रतियोगिता आयोजित होंगी। अजमेर में 26 नवम्बर से 28 नवम्बर तक रग्बी खेल और खो-खो के प्रदर्शन मैच का आयोजन होगा। इसी प्रकार, उदयपुर में 25 नवम्बर से 4 दिसम्बर तक जूडो, बीच वॉलीबाल के साथ विशेष आकर्षण के रूप में केनोइंग और कयाकिंग वाटर स्पोर्ट्स में युवा अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन करेंगे।

                 युवा जोश से भरे इन खेलों में 25 नवम्बर से 5 दिसम्बर तक कबड्डी और भारोत्तोलन का आयोजन बीकानेर में होगा। वहीं, जोधपुर में 25 नवम्बर से 3 दिसम्बर तक योगासन और टेबल टेनिस के खेल में युवा खिलाड़ी अपना कौशल दिखाएंगे। कोटा में 25 नवम्बर से 4 दिसम्बर तक तलवारबाजी और वॉलीबॉल के खेल का आयोजन होगा। इसी प्रकार, भरतपुर में 25 नवम्बर से 5 दिसम्बर तक कुश्ती और बॉक्सिंग में युवा अपना दमखम दिखाएंगे।

                प्रदेश के प्रमुख संभाग स्तरीय 7 शहरों में खेलो इंडिया यूनिवर्सिटी गेम्स-2025 में देश के लगभग 5 हजार खिलाड़ियों सहित 7 हजार से ज्यादा प्रतिभागी शामिल होंगे।

राजस्थान संपर्क हेल्पलाइन का निरीक्षण: मुख्य सचिव का ‘नेक्स्ट जेन’ प्लेटफॉर्म बनाने पर जोर
हेल्पलाइन को 'नेक्स्ट जेन राजस्थान सम्पर्क' के रूप में तैयार करने के दिए निर्देश

जयपुर, 20 नवम्बर। मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास ने गुरुवार को शासन सचिवालय स्थित राजस्थान संपर्क एवं मुख्यमंत्री हेल्पलाइन 181 के संचालन केंद्र का निरीक्षण किया। उन्होंने यहां विभिन्न डेस्क पर जाकर हेल्पलाइन की कार्यप्रणाली को करीब से समझा और अधिकारियों-कर्मचारियों को त्वरित निस्तारण एवं उत्कृष्ट सेवा सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

मुख्य सचिव ने हेल्पलाइन को ‘नेक्स्ट जेन राजस्थान सम्पर्क’ के रूप में विकसित करने पर जोर देते हुए कहा कि आमजन की शिकायतों के और तेज, प्रभावी और पारदर्शी समाधान के लिए व्यापक सुधारों की आवश्यकता है। उन्होंने सभी अधिकारियों को निर्देशित किया कि हर शिकायत को पूरी गंभीरता से लेकर इसे देश की सबसे नागरिक-केंद्रित हेल्पलाइन बनाने की दिशा में काम किया जाए।


नोडल अधिकारियों की नियमित समीक्षा होगी

मुख्य सचिव ने कहा कि प्रत्येक माह विभागवार शिकायतों का विस्तृत डेटा सचिवों को भेजा जाए, जिससे निस्तारण की गति बढ़ सके। उन्होंने निर्देश दिया कि हर सचिव प्रतिदिन कम से कम 10 लंबित शिकायतों की व्यक्तिगत समीक्षा करके उसकी रिपोर्ट संबंधित मंत्रियों को उपलब्ध कराएं।
नोडल अधिकारियों की समीक्षा बैठक मुख्य सचिव स्तर पर नियमित रूप से आयोजित होगी।


शिकायत निस्तारण में AI की होगी बड़ी भूमिका

मुख्य सचिव ने घोषणा की कि हर माह ‘राजस्थान संपर्क दिवस’ मनाया जाएगा, जिसमें डिजिटल माध्यमों से आमजन से सीधा संवाद किया जाएगा। ई-मित्र/CSC स्तर के उद्यमियों को भी इस प्रक्रिया से जोड़ने की बात कही गई।

उन्होंने निर्देश दिए कि शिकायत निवारण में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) का अधिक उपयोग किया जाए, ताकि मानव संसाधनों का बेहतर इस्तेमाल हो और निस्तारण तेजी से हो सके। इसके लिए IIT जोधपुर तथा MNIT जयपुर के सहयोग से अत्याधुनिक तकनीक को शामिल करने के निर्देश दिए गए।
चैटबॉट को और प्रभावी बनाने पर भी जोर दिया।


प्रतिदिन जारी होंगे इन्फोग्राफिक्स

मुख्य सचिव ने कहा कि रोजाना राजस्थान संपर्क पोर्टल और सोशल मीडिया हैंडल्स पर इन्फोग्राफिक्स जारी किए जाएं। इनमें दर्ज शिकायतें, निस्तारित मामलों की संख्या और अन्य प्रमुख आंकड़े प्रदर्शित किए जाएं।
साथ ही उन्होंने निस्तारित प्रकरणों में नागरिकों की संतुष्टि के स्तर को बढ़ाने पर विशेष ध्यान देने को कहा।


निरीक्षण के दौरान सूचना प्रौद्योगिकी एवं संचार विभाग के शासन सचिव डॉ. रवि कुमार सुरपुर, प्रशासनिक सुधार विभाग के शासन सचिव डॉ. जोगाराम, निदेशक जन सेवाएं हर्ष सावनसुखा, राजस्थान संपर्क के ग्रुप हेड जी.के. शर्मा, प्रभारी अधिकारी पवन कुमार जांगिड़ सहित कई वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।

सेक्टोरल सत्रों में प्रदेश के उभरते औद्योगिक परिदृश्य पर होगा मंथन, निवेश की संभावनाओं से प्रवासी राजस्थानी होंगे रूबरू – मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा
प्रवासी राजस्थानियों को जोड़ने के लिए भव्य आयोजन की तैयारी, मुख्यमंत्री ने दिए व्यापक प्रचार-प्रसार के निर्देश

जयपुर, 19 नवम्बर। मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा ने कहा कि प्रवासी राजस्थानी दिवस केवल एक आयोजन नहीं, बल्कि विकसित राजस्थान की यात्रा में हमारे प्रवासी समुदाय के योगदान का एक विस्तृत रोडमैप भी है। उन्होंने कहा कि प्रवासी राजस्थानी दिवस कार्यक्रम में शिक्षा, स्वास्थ्य, उद्योग, पर्यटन और जल जैसे प्रमुख क्षेत्रों पर आयोजित होने वाले सेक्टोरल सत्रों में प्रदेश के उभरते औद्योगिक परिदृश्य और निवेश की संभावनाओं पर गहन मंथन किया जाएगा। हमारा उद्देश्य है कि इन सत्रों के माध्यम से हर प्रवासी राजस्थानी अपने प्रदेश से जुड़ाव महसूस करें और ये इस रोडमैप को व्यवहारिक रूप देने का माध्यम बने।

श्री शर्मा बुधवार को मुख्यमंत्री कार्यालय में प्रवासी राजस्थानी दिवस की तैयारियों को लेकर आयोजित समीक्षा बैठक को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार प्रवासी समुदाय के सम्मान में प्रदेश में पहली बार आगामी 10 दिसम्बर को प्रवासी राजस्थानी दिवस का आयोजन करने जा रही है, ऐसे में इस भव्य आयोजन का विभिन्न माध्यमों से व्यापक प्रचार-प्रसार सुनिश्चित किया जाए, ताकि यह आयोजन हर एक प्रवासी तक पहुंचे तथा यह दुनियाभर में फैले हमारे भाई-बहनों को एक सूत्र में जोड़ने का ऐतिहासिक अवसर साबित हो।

सेक्टोरल सत्रों में विशेषज्ञ एवं प्रतिष्ठित संस्थान करेंगे संवाद —

बैठक में बताया गया कि प्रवासी समुदाय को प्रदेश में उपलब्ध संभावनाओं से अवगत करवाने एवं उनके सुझाव साझा करने के लिए विभिन्न विषयों पर सेक्टोरल सत्र आयोजित होंगे। इन सत्रों में आईआईटी, आईआईएम, उद्योग समूहों, स्वास्थ्य संस्थानों तथा अंतरराष्ट्रीय विशेषज्ञों द्वारा संवाद किया जाएगा। शिक्षा संबंधी सत्र में बिरला संस्थान, आईआईएम, आईआईटी, दिल्ली पब्लिक स्कूल, संयुक्त अरब अमीरात तथा स्वास्थ्य संबंधी सत्रों में यकृत और पित्त विज्ञान संस्थान के निदेशक एवं टाटा 1 एमजी के सीएफओ सहित कई विशेषज्ञ अपने अनुभव साझा करेंगे। इसी तरह उद्योग सत्र में वेलस्पन इंडिया लिमिटेड एवं बोरोसिल रिन्यूएबल्स लिमिटेड, जल सत्र में ईकोलैब इंडिया, नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ अर्बन अफेयर्स जैसे कई संस्थाओं एवं विशेषज्ञों के द्वारा संवाद किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने संबंधित विभागों को सेक्टोरल सत्रों के लिए आमंत्रित वक्ताओं, प्रतिभागियों की सूची को अंतिम रूप देने के निर्देश दिए। 

समृद्ध विरासत और विकास की यात्रा होगी प्रदर्शित —

उन्होंने कहा कि इस आयोजन में राजस्थान की समृद्ध विरासत के साथ ही राजस्थान प्रदेश के विकास की यात्रा भी साझा की जाएगी। ऐसे में विकसित राजस्थान एवं राज्य सरकार की उपलब्धियों, नवाचारों को प्रदर्शनी के माध्यम से दर्शाया जाए तथा सभी व्यवस्थाए गुणवत्तापूर्ण एवं समयबद्ध रूप से पूरी की जाए। उन्होंने सांस्कृतिक कार्यक्रमों में विशेष रूप से प्रदेश की लोक कला एवं संस्कृति से जोड़ने तथा प्रवासी राजस्थानी सम्मान पुरस्कार के लिए चयन प्रक्रिया को पारदर्शी, निष्पक्ष और पूर्व निर्धारित मानकों के अनुरूप सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। 

श्री शर्मा ने कहा कि जयपुर के जेईसीसी में होने वाले इस आयोजन के लिए सुरक्षा, यातायात, पार्किंग, स्वागत एवं प्रोटोकॉल से संबंधित तैयारियों की विस्तृत योजना समय पर लागू की जाए। साथ ही, कार्यक्रम के दौरान आतिथ्य, परिवहन, आवास, चिकित्सा एवं आपात सेवाओं की उपलब्धता के लिए जिम्मेदारियां तय की जाएं।

प्रवासी राजस्थानियों की बढ़ रही सहभागिता —

बैठक में प्रस्तुतीकरण के माध्यम से बताया गया कि आयोजन में अधिकतम सहभागिता सुनिश्चित करने के लिए राजस्थान फाउंडेशन के सभी चैप्टर्स एवं प्रवासी संगठनों के माध्यम से प्रोत्साहित किया जा रहा है। बड़ी संख्या में प्रवासी राजस्थानी इस आयोजन का हिस्सा बनने के लिए अपना पंजीकरण भी करवा रहे हैं। साथ ही, यह भी बताया गया कि प्रवासी राजस्थानी सम्मान अवॉर्ड के लिए प्राप्त आवेदनों का मूल्यांकन भी स्क्रीनिंग कमेटी द्वारा किया जा चुका है। 

प्रवासी राजस्थानी दिवस के बारे में —

उल्लेखनीय है कि मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा ने राइजिंग राजस्थान ग्लोबल इन्वेस्टमेंट समिट के दौरान प्रतिवर्ष 10 दिसंबर को ‘प्रवासी राजस्थानी दिवस’ के रूप में मनाए जाने एवं प्रवासी राजस्थानियों के लिए विभाग के गठन की घोषणा की थी। इसी क्रम में आगामी 10 दिसंबर को आयोजित होने वाले प्रवासी राजस्थानी दिवस पर उद्योग, पर्यटन, शिक्षा, स्वास्थ्य सेवा एवं जल विषय पर सेक्टोरल सत्र के साथ ही प्रवासी राजस्थानी सम्मान पुरस्कार भी प्रदान किए जाएंगे। साथ ही, कार्यक्रम में विशेष एनआरआर ओपन हाउस में प्रदेश में उद्योग एवं अन्य क्षेत्रों में उपलब्ध अवसरों के संबंध में प्रवासी राजस्थानियों से संवाद सत्र भी आयोजित होगा। वहीं, प्रवासी राजस्थानियों और राज्य सरकार के बीच संवाद और सहयोग के लिए मंत्रिमंडल ने ‘राष्ट्रीय एवं अंतर्राष्ट्रीय प्रवासी राजस्थानी मामले विभाग’ के गठन के प्रस्ताव का अनुमोदन कर दिया है।

बैठक में मुख्य सचिव श्री वी. श्रीनिवास सहित संबंधित विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।