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मारवाड़ महोत्सव सांस्कृतिक एकता और लोक परंपरा का अद्वितीय संगम – मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा
मारवाड़ी समाज की पहचान है सेवा, त्याग और समर्पण - लोकसभा अध्यक्ष श्री ओम बिरला मारवाड़ महोत्सव के आयोजन से सांस्कृतिक विरासत बढ़ेगी आगे - केन्द्रीय शिक्षा मंत्री श्री धर्मेन्द्र...

जयपुर, 22 दिसम्बर।मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने सोमवार को ओडिशा के संबलपुर में मारवाड़ महोत्सव को संबोधित करते हुए कहा कि देश-दुनिया में मारवाड़ी अपनी संस्कृति को संरक्षित कर एक भारत-श्रेष्ठ भारत की संकल्पना को साकार कर रहे हैं। मारवाड़ी समाज शिक्षा, चिकित्सा जैसे क्षेत्रों में सामाजिक सरोकार के कार्य कर सभी जगह मेहनत व ईमानदारी से राजस्थान की मिट्टी की खुशबू को फैला रहे हैं।  

लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने कहा कि भगवान जगन्नाथ की धरती ओडिशा अध्यात्म, धर्म, संस्कृति, संस्कार, साहित्य और देश की आजादी के लिए लड़ने वालों की भूमि है। उन्होंने कहा कि शौर्य और वीरता की धरती राजस्थान से यहां आए मारवाड़ी समाज का अपनी मातृभूमि से गहरा जुड़ाव है।

बिरला ने कहा कि मारवाड़ी समाज ओडिशा की धरती पर अपने कर्म और श्रम से अमूल्य योगदान दे रहे हैं। उन्होंने कहा कि राजस्थान और ओडिशा का गहरा संबंध भी है। दोनों की आध्यात्मिक आस्था, संस्कृति और विचारों में समानता है। मारवाड़ी समाज ने कड़ी मेहनत से यहां के लोगों को भी अपना बनाया है। उन्होंने कहा कि देश-दुनिया में मारवाड़ी समाज त्याग, सेवा और समर्पण से अपनी पहचान बना रहे हैं। 

लोकसभा अध्यक्ष ने कहा कि मारवाड़ी समाज जन्मस्थली से जुड़कर कर्मस्थली पर सामाजिक दायित्वों को निभाते हैं। आपदा और संकट की घड़ी में मारवाड़ी समाज सदैव सहयोग के लिए आगे रहता है। इन्होंने शिक्षा के लिए विद्यालय खोले, चिकित्सालय और धर्मशालाएं भी बनाई। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा ने प्रवासी राजस्थानियों को अपनी जन्मस्थली से जोड़ने का सराहनीय कार्य किया है। इसी कड़ी में प्रवासी राजस्थानी दिवस का आयोजन किया। उन्होंने आह्वान किया कि विकसित भारत के सपने को साकार करने में सभी अपना सकारात्मक सहयोग दें। 

केन्द्रीय शिक्षा मंत्री श्री धर्मेन्द्र प्रधान ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में राजस्थान और ओडिशा तेजी से आगे बढ़ रहे हैं। एक भारत और श्रेष्ठ भारत के लिए राजस्थान और ओडिशा में निवेश के अवसर बढ़ रहे हैं। उन्होंने कहा कि मारवाड़ महोत्सव के आयोजन से हमारी सांस्कृतिक विरासत आगे बढ़ेगी।

मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा कि देश-दुनिया में मारवाड़ी अपनी संस्कृति को संरक्षित कर एक भारत-श्रेष्ठ भारत की संकल्पना को साकार कर रहे हैं। मारवाड़ी समाज शिक्षा, चिकित्सा जैसे क्षेत्रों में सामाजिक सरोकार के कार्य कर सभी जगह मेहनत व ईमानदारी से राजस्थान की मिट्टी की खुशबू को फैला रहे हैं।  

भजनलाल शर्मा ने कहा कि मारवाड़ी युवा मंच द्वारा आयोजित यह महोत्सव सांस्कृतिक एकता, लोक परंपरा और भारतीय गौरव का अद्वितीय संगम है। साथ ही, राजस्थान की लोक कला, संगीत, नृत्य, हस्तशिल्प और खानपान को एक मंच पर लाकर भारत की सांस्कृतिक आत्मा को एक माला में पिरोने का सशक्त प्रयास है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार ने 10 दिसम्बर को प्रवासी राजस्थानी दिवस का आयोजन किया जिसमें राजस्थान फाउंडेशन के माध्यम से प्रवासी राजस्थानियों को आमंत्रित किया गया। उन्होंने कहा कि राजस्थान फाउंडेशन के चैप्टर्स की संख्या बढ़कर अब 40 हो गई है। मारवाड़ी समाज अपनी कर्मभूमि के साथ ही मातृभूमि के लिए भी काम करें। उन्होंने कहा कि प्रवासी राजस्थानियों की मदद के लिए हमारी सरकार ने सभी जिलों में अतिरिक्त जिला कलक्टर को नोडल अधिकारी नियुक्त किया है। 

श्री शर्मा ने कहा कि राजस्थानी भाई-बहन चाहे दुनिया के किसी भी कोने में हों, मारवाड़ की अजेय भावना, शेखावाटी का उद्यमी जज्बा, मेवाड़ का गौरव, ढूंढाड़ की विनम्रता और बृज की मधुरता साथ लिए चलते हैं। उन्होंने कहा कि मारवाड़ी समाज के परिश्रम से राजस्थान और ओडिशा साथ-साथ आगे बढ़ेंगे। 

इस अवसर पर ओडिशा के मंत्री श्री रबी नारायण नाइक, राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्री सूर्यबंशी सूरज, अन्य विधायकगण सहित मारवाड़ी समाज के गणमान्यजन उपस्थित रहे। 

सड़क सुरक्षा के प्रति रहें जागरूक, यातायात नियमों का करें पालन : मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा
मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा ने ‘रन फॉर जयपुर’ को -हरी झंडी दिखाकर किया रवाना

जयपुर, 21 दिसम्बर। मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा ने रविवार को जयपुर स्थित अल्बर्ट हॉल से “रन फॉर जयपुर” मैराथन को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इस अवसर पर श्री शर्मा ने अपने उद्बोधन में कहा कि दैनिक भास्कर द्वारा आयोजित यह आयोजन सड़क सुरक्षा एवं स्वस्थ जीवन शैली की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि सड़क दुर्घटनाओं की रोकथाम के लिए यातायात नियमों का पालन अत्यंत आवश्यक है। हमारी छोटी सी लापरवाही सड़क दुर्घटनाओं को अंजाम दे सकती है। उन्होंने कहा कि हमारा जीवन अमूल्य है। हमें वाहन चलाते समय हेलमेट, सीट बेल्ट का अनिवार्य रुप से उपयोग करना चाहिए, जिससे दुर्घटनाओं से बचा जा सके। 

श्री शर्मा ने राज्य सरकार के सड़क सुरक्षा के कार्यक्रमों में सहयोग देने के लिए दैनिक भास्कर का धन्यवाद देते हुए कहा कि ऐसे कार्यक्रम समाज में यातायात नियमों के प्रति जागरूकता के लिए महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। साथ ही, ऐसे आयोजनों में युवाओं की सक्रिय भागीदारी से सड़क सुरक्षा का संदेश जन-जन तक और अधिक प्रभावी रूप से पहुंचेगा।

इस दौरान श्री शर्मा ने दौड़ में भाग ले रहे प्रतिभागियों से मिलकर उनका उत्साहवर्धन भी किया। इस अवसर पर विभिन्न गणमान्य एवं बड़ी संख्या में प्रतिभागी उपस्थित रहे।

दो वर्ष के कार्यकाल में ऐतिहासिक उपलब्धियां हुई हासिल, हर क्षेत्र तथा हर वर्ग के उत्थान के लिए किए गए निर्णय – मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा
राज्य सरकार के 2 वर्ष के उपलक्ष्य पर ‘रन फॉर विकसित राजस्थान’, नव उत्थान-नई पहचान, बढ़ता राजस्थान-हमारा राजस्थान, मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने ‘रन फॉर विकसित राजस्थान’ को दिखाई हरी झंडी

जयपुर, 21 दिसम्बर। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा कि हमारी सरकार ने दो वर्ष के कार्यकाल में ऐतिहासिक उपलब्धियां हासिल की हैं। राज्य सरकार ने हर क्षेत्र और हर वर्ग के उत्थान के लिए निर्णय लिए हैं। विशेषकर युवाओं के सशक्तीकरण के लिए ठोस कदम उठाए गए हैं। उन्होंने युवाओं से स्वस्थ दिनचर्या का पालन करते हुए फिट रहने तथा प्रदेश के विकास में सक्रिय योगदान देने की अपील की जिससे प्रदेश नई ऊंचाइयों को छू सके। उन्होंने कहा कि अगर प्रदेशवासी एक कदम आगे बढ़ेंगे तो राजस्थान कई गुना आगे बढ़ेगा। 

शर्मा राज्य सरकार के दो वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य पर आयोजित हो रहे कार्यक्रमों की श्रृंखला में रविवार को ‘रन फॉर विकसित राजस्थान’ कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। इस अवसर पर उन्होंने अमर जवान ज्योति से ‘रन फॉर विकसित राजस्थान’ को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। उन्होंने कहा कि गत सरकार के समय युवाओं के सपनों को रौंदते हुए  पेपरलीक के अनेक प्रकरण हुए थे जबकि हमारी सरकार के कार्यकाल में 296 भर्ती परीक्षाएं आयोजित की गई, उनमें से एक भी पेपरलीक नहीं हुआ है। हमारा लक्ष्य है कि युवाओं को पांच साल में चार लाख सरकारी नौकरियां दी जाएं। इसी क्रम में राज्य सरकार ने दो वर्ष के कार्यकाल में अब तक 92 हजार से अधिक नियुक्तियां प्रदान की हैं तथा 1.53 लाख पदों पर भर्ती प्रक्रियाधीन है। साथ ही, इस माह भी लगभग 20 हजार पदों पर युवाओं को नियुक्ति पत्र दिए जाएंगे। उन्होंने कहा कि राइजिंग राजस्थान ग्लोबल इन्वेस्टमेंट समिट के तहत हुए 35 लाख करोड़ रुपये के एमओयू में से 8 लाख करोड़ रुपये की ग्राउंड ब्रेकिंग की जा चुकी है। राज्य सरकार युवाओं को कौशल प्रशिक्षण दे रही है, जिससे वे अब रोजगार प्रदाता भी बन रहे हैं। 

मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारी सरकार ने जब एक वर्ष का कार्यकाल पूरा किया था, तब अपने कार्यों का रिकॉर्ड लेकर जनता के बीच गए थे तथा अब भी राज्य सरकार के दो साल पूरे होने पर हम अपने कार्यों का रिपोर्ट कार्ड लेकर जनता के सामने जा रहे है। गांव-गांव, ढाणी-ढाणी तक विकास कार्यों की जानकारी पहुंचाई जा रही है। उन्होंने कहा कि हमारी सरकार ने राज्य के विकास के लिए रौडमैप बनाकर कार्य किया है। हमने प्रदेश में बिजली, पानी, उद्योग सहित विभिन्न क्षेत्रों में अनेक अभूतपूर्व निर्णय लिए हैं। साथ ही, राज्य सरकार किसान, महिला, युवा, मजदूर सहित सभी वर्गों के सशक्तीकरण के लिए भी निरंतर कार्य कर रही है।

इस अवसर पर युवा मामले और खेल मंत्री कर्नल राज्यवर्धन राठौड़ ने कहा कि मुख्यमंत्री के नेतृत्व में राज्य सरकार ने दो वर्ष में हर क्षेत्र में काम किया हैं, जिससे युवाओं को रोजगार के अनेक अवसर मिले हैं। हमारी सरकार राज्य को भारत में अग्रणी स्टेट बनाने की दिशा में प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है।

इस दौरान मुख्यमंत्री ने प्रतिभागियों के साथ दौड़ में हिस्सा लेकर उनका उत्साहवर्धन भी किया। इससे पहले शर्मा ने खेलो इंडिया यूनिवर्सिटी गेम्स के पदक विजेताओं का सम्मान भी किया। इस दौरान विधायक श्री कुलदीप, मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास, पुलिस महानिदेशक राजीव कुमार शर्मा, शासन सचिव युवा मामले एवं खेल नीरज के. पवन सहित बड़ी संख्या में प्रतिभागी मौजूद रहे।

राज्य स्तरीय प्रदर्शनी में एक छत के नीचे मिली सभी विभागीय योजनाओं की जानकारी
समापन दिवस पर आमजन की रही व्यापक सहभागिता, डीआईपीआर डायलॉग में संगीत एवं तकनीक पर चर्चा - कालिका पेट्रोलिंग यूनिट ने आत्मरक्षा के गुरों से अवगत कराया

जयपुर, 18 दिसंबर। राज्य सरकार के कार्यकाल के दो वर्ष पूर्ण होने के अवसर पर जवाहर कला केंद्र, जयपुर में आयोजित 4 दिवसीय राज्य स्तरीय प्रदर्शनी “नव उत्थान–नई पहचान, बढ़ता राजस्थान–हमारा राजस्थान” के समापन दिवस पर गुरुवार को बड़ी संख्या में युवाओं, विद्यार्थियों और आम नागरिकों की सक्रिय भागीदारी रही।

प्रदर्शनी में सभी विभागों की योजनाओं को प्रदर्शित करने के साथ संवाद, तकनीक और प्रत्यक्ष सहभागिता के माध्यम से आमजन तक पहुंचाया गया। विभागीय स्टॉल्स, डिजिटल प्रस्तुतियों और इंटरएक्टिव गतिविधियों के जरिए आगंतुकों को जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी मिली ।

इंटरएक्टिव गतिविधियों ने बनाया सहभागिता आधारित अनुभव-

सूचना एवं जनसंपर्क विभाग द्वारा आयोजित चिलैक्स इंटरएक्टिव गेम चारों दिन युवाओं और आम नागरिकों के आकर्षण का केंद्र रहा। बहुविकल्पीय प्रश्नों के माध्यम से प्रतिभागियों ने योजनाओं और समसामयिक विषयों से जुड़ी अपनी समझ परखी, वहीं सही उत्तर देने वालों को प्रोत्साहन स्वरूप पुरस्कार प्रदान किए गए।

परिवहन विभाग की स्टॉल पर सिम्युलेटेड ड्राइविंग अनुभव के जरिए सड़क सुरक्षा और यातायात नियमों की व्यवहारिक जानकारी दी गई, जिससे आमजन सुरक्षित एवं जिम्मेदार ड्राइविंग के प्रति जागरूकता हुए।

डीआईपीआर डायलॉग में विशेषज्ञों से संवाद और आत्मरक्षा तकनीकों का प्रदर्शन-

प्रदर्शनी में आयोजित डीआईपीआर डायलॉग सत्रों में युवाओं को विशेषज्ञों से सीधे संवाद का अवसर प्रदान किया। “संगीत क्षेत्र में युवाओं के लिए करियर अवसर एवं चुनौतियां” विषय पर आयोजित सत्र में डॉ. शारदा देवड़ा, एसोसिएट प्रोफेसर, आईएएसई टीटी कॉलेज, अजमेर ने रचनात्मकता, प्रशिक्षण और निरंतर अभ्यास को सफलता की कुंजी बताया।

इसी श्रृंखला में सूचना एवं जनसंपर्क विभाग के उपनिदेशक डॉ. आशीष खंडेलवाल ने डिजिटल तकनीक, स्मार्ट गैजेट्स और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के बढ़ते उपयोग पर जानकारी साझा की। उन्होंने बताया कि किस प्रकार आधुनिक तकनीकें संचार, दैनिक कार्यों और सूचना के त्वरित एवं विश्वसनीय प्रसार को अधिक प्रभावी और सरल बना रही हैं।

इसके बाद कराटे प्रशिक्षक श्री महेश कायथ के निर्देशन में आत्मरक्षा एवं हथियार संचालन से संबंधित प्रभावशाली प्रदर्शन प्रस्तुत किए गए। कार्यक्रम में लिम्का बुक ऑफ रिकॉर्ड्स विजेता चार वर्षीय मनु श्री ने विभिन्न आत्मरक्षा तकनीकों का प्रदर्शन कर बालिकाओं एवं महिलाओं को आत्मरक्षा के गुरों से अवगत कराया। इन प्रदर्शनों के माध्यम से महिला सुरक्षा, आत्मविश्वास और सजगता का संदेश दिया गया।

इसी क्रम में कालिका पेट्रोलिंग यूनिट ने आमजन को राजकोप सिटीजन ऐप की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि हर महिला इस ऐप के जरिए पुलिस की मदद मांग सकती है। यूनिट ने चैन पर्स स्नैचिंग, छेड़छाड़ जैसी स्थिति से बचाव के गुर सिखाए।

छात्र छात्राओं ने जानी सरकार की योजनाएं-

प्रदर्शनी में बड़ी संख्या में विद्यालयों के विद्यार्थियों ने सहभागिता की। कई विद्यालयों के विद्यार्थियों ने विभागों की स्टॉल्स के माध्यम से राज्य सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं, नागरिक सुविधाओं एवं तकनीकी पहलों की जानकारी प्राप्त की, जिससे उनमें जागरूक नागरिक के रूप में समझ विकसित हुई।

राजस्थान देश में अग्रणी राज्यों में शामिल, निवेश प्रोत्साहन के लिए 23 क्षेत्रों में प्रक्रिया को किया आसान
ईज ऑफ डूइंग बिजनेस

जयपुर, 18 दिसंबर। देश के यशस्वी प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के निर्देश पर केंद्र सरकार द्वारा सभी राज्यों में निवेश को बढ़ावा देने के लिए प्रक्रिया को आसान बनाने और अनावश्यक प्रावधानों को हटाने की प्रक्रिया शुरू की गई है। इसके क्रम में राज्य के मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा ने इस संबंध में लगातार मॉनिटरिंग की और बैठकों में समीक्षा की। इसके परिणामस्वरूप आज राजस्थान ‘ईज ऑफ डूइंग बिजनेस’ के मामले में देश के अग्रणी राज्यों में शामिल हो गया है। केंद्र सरकार द्वारा चिन्हित सभी 23 प्राथमिक क्षेत्रों में राज्य सरकार ने बेहतर कार्य किया है।

उद्योग एवं वाणिज्य विभाग और निवेश संवर्धन ब्यूरो के आयुक्त श्री सुरेश कुमार ओला ने बताया कि राज्य सरकार ने निवेश से जुड़ी प्रक्रिया को काफी आसान बना दिया है। कागजी प्रक्रिया को खत्म कर, पूरी प्रक्रिया को ऑनलाइन किया गया है। इसके साथ ही, कई कानूनों और प्रावधानों में संशोधन भी किया गया है। राज्य सरकार द्वारा ईज ऑफ डूइंग बिजनेस की दिशा में उठाए गए इन कदमों से प्रदेश को बेहतर निवेश गंतव्य बनाने का संकल्प और सशक्त हुआ है।

श्री ओला ने बताया कि ‘राइजिंग राजस्थान ग्लोबल इन्वेस्टमेंट समिट’ के तहत किए गए 35 लाख करोड़ रुपये के निवेश समझौतों में से 8 लाख करोड़ रुपये से अधिक के समझौतों पर कार्य प्रारंभ हो गया है। एक साल की अवधि में 20 प्रतिशत से अधिक समझौतों का धरातल पर उतरना, निवेश प्रक्रिया के सरलीकरण पर मुहर लगाता है।

एमएसएमई: ऑटो अप्रूवल अब 30 दिन में —

एमएसएमई सेक्टर को बढ़ावा देने के लिए, राज्य ने संशोधन कर शहरी क्षेत्रों में भूमि रूपांतरण प्रक्रिया को सरल बनाया है। आवेदन के ऑटोमेटिक स्वीकृति की समयसीमा को कम किया गया है। अब 60 कार्यदिवस के बजाय मात्र 30 कार्यदिवस में ही आवेदन स्वतः स्वीकृत हो जाएगा। इससे परियोजनाओं में होने वाली देरी में कमी आएगी और नए उद्यमों की स्थापना तेजी से होगी।

877 सेक्टर अप्रदूषणकारी उद्योगों की सूची में शामिल —

एमएसएमई के लिए ‘कंसेंट टू एस्टेब्लिश’ (सीटीई) और ‘कंसेंट टू ऑपरेट’ (सीटीओ) के लिए समयसीमा 120 दिनों से घटाकर 21 दिन की गई है। इसके साथ ही, रेड और वृहद् श्रेणी के उद्यमों के लिए यह अवधि घटाकर 60 दिन कर दी गई है। प्रदूषण नियंत्रण मंडल ने सेल्फ सर्टिफिकेशन के आधार पर पर्यावरण अधिनियमों के तहत अनुपालना कर रही इकाइयों के लिए सीटीओ का सिस्टम-जनरेटेड ऑटो रिन्यूवल प्रारंभ किया है। साथ ही, वाटर एण्ड एयर पॉल्यूशन रूल्स में संशोधन के माध्यम से अप्रदूषणकारी ‘व्हाइट कैटेगरी’ उद्योगों की सूची को 104 सेक्टर से बढ़ाकर 877 कर दिया गया है। राज्य सरकार के इस निर्णय से अधिक गैर-प्रदूषणकारी उद्योगों को छूट मिलने से परियोजना अनुमोदनों में तेजी आएगी और औद्योगिक वृद्धि को बढ़ावा मिलेगा।

6 घंटे कार्य के बाद 30 मिनट का विश्राम आवश्यक —

सूक्ष्म उद्यमों पर नियामक भार कम करने के उद्देश्य से ‘राजस्थान शॉप्स एंड कॉमर्शियल एस्टाब्लिशमेंट एक्ट, 1958’ के तहत कर्मचारी संख्या की सीमा 0 से बढ़ाकर 10 कर दी गई है। प्रतिष्ठानों को अधिक सुविधाजनक बनाने के लिए राज्य ने एक अध्यादेश जारी कर अधिनियम के तहत अनुमत कार्य घंटों में वृद्धि की है। अध्यादेश के अनुसार दैनिक कार्य समय 9 घंटे से बढ़ाकर 10 घंटे कर दिया गया है। अधिकतम 6 घंटे के कार्य के पश्चात न्यूनतम 30 मिनट के विश्राम का प्रावधान किया गया है तथा तिमाही ओवरटाइम सीमा 144 घंटे कर दी गई है। ‘राजस्थान फैक्ट्री रूल्स, 1951’ के नियम 100 में संशोधन किया गया है, जिसके तहत गर्भवती महिलाओं एवं माताओं को छोड़कर, महिला श्रमिकों को सभी जोखिम पूर्ण कार्यों में कार्य करने की अनुमति दी गई है, जिनमें वे 15 कार्य भी शामिल हैं जो पूर्व में महिलाओं के लिए निषिद्ध थे।

थर्ड पार्टी फायर इंस्पेक्शन का प्रावधान —

फायर सेफ्टी कंप्लायंस को भी सुव्यवस्थित किया गया है। इसके तहत एम्पैनल्ड एजेंसियों के माध्यम से थर्ड पार्टी फायर इंस्पेक्शन का प्रावधान लागू किया गया है तथा फायर एनओसी सर्टिफिकेट की वैधता अवधि बढ़ाई गई है। इससे सुरक्षा मानकों को सुनिश्चित करते हुए अनुमति में तेजी आएगी।

ग्रामीण क्षेत्रों में अधिक उद्योग स्थापना के लिए कई प्रावधान —

राज्य सरकार ने ग्रामीण क्षेत्रों में उद्योग स्थापित करने के नियमों में ढील दी है, ताकि कम चौड़ाई वाली सड़कों वाले इलाकों में भी छोटे और मध्यम उद्योग बिना किसी कानूनी बाधा के शुरू किए जा सकें। इस मामले में राजस्थान अग्रणी राज्यों में शामिल है। लेआउट प्लान वाले क्षेत्रों में सड़क चौड़ाई 9 मीटर और बिना लेआउट वाले क्षेत्रों में 4.5 मीटर निर्धारित की गई है। राज्य ने औद्योगिक एवं वाणिज्यिक क्षेत्रों में भूमि उपयोग को अनुकूलित करने के लिए भी महत्वपूर्ण सुधार लागू किए हैं।

वाणिज्यिक भूखण्डों पर 50 प्रतिशत ग्राउंड कवरेज की सीमा समाप्त —

नगरीय विकास एवं आवासन विभाग एवं रीको ने भवन मानकों में संशोधन कर भूमि के सदुपयोग को सुनिश्चित किया है और पार्किंग मानकों को तर्कसंगत बनाया है। पूर्व में वाणिज्यिक भूखण्डों पर 50 प्रतिशत ग्राउंड कवरेज की सीमा को अब समाप्त कर दिया गया है, जिससे नगरीय योजना में अधिक लचीलापन सुनिश्चित हुआ है। नगरीय विकास के क्षेत्र में, राजस्थान सरकार द्वारा ‘ट्रांजिट ओरिएंटेड डेवलपमेंट पॉलिसी’ जारी की गई है। यह नीति मेट्रो कॉरिडोर, बीआरटीएस तथा प्रमुख परिवहन मार्गों के आसपास उच्च घनत्व मिश्रित उपयोग विकास को बढ़ावा देती है, जिससे यातायात भीड़ में कमी, क्षैतिज शहरी विस्तार पर नियंत्रण, सार्वजनिक परिवहन के उपयोग में वृद्धि तथा स्वच्छ शहरों का निर्माण संभव हो सकेगा।

अपराध में कमी आई, व्यापार करना आसान हुआ —

डी-क्रिमिनलाइज़ेशन के क्षेत्र में राज्य ने ‘राजस्थान जन विश्वास (प्रावधानों का संशोधन) अध्यादेश, 2025’ अधिसूचित किया है। 11 राज्य अधिनियमों के प्रावधानों में संशोधन कर छोटे अपराधों को अपराधमुक्त किया गया है। इस अध्यादेश के तहत आपराधिक प्रावधानों को आर्थिक दंड से प्रतिस्थापित किया गया है। इससे अपराध में कमी आई है और प्रदेश में व्यापार करना आसान हुआ है।

राजनिवेश पोर्टल पर चैटबॉट —

निवेशक सुविधा को और सुदृढ़ करने के लिए राज्य की सिंगल विंडो प्रणाली ‘राजनिवेश’ को एआई चैटबॉट के साथ सशक्त किया गया है, जो विभिन्न विभागों की सूचनाओं को एकत्रित कर निवेशकों को सहज एवं प्रभावी सहायता प्रदान करता है।

आमजन की समस्याओं का त्वरित समाधान करें अधिकारी: मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा
मुख्यमंत्री निवास पर नियमित जनसुनवाई -अन्त्योदय राज्य सरकार की योजनाओं का प्रमुख लक्ष्य

जयपुर, 24 नवम्बर। मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में राज्य सरकार जवाबदेहिता एवं पारदर्शिता से कार्य करते हुए सुशासन की ओर अग्रसर है। सरकार के द्वारा किए जा रहे कार्यक्रमों, नवाचारों एवं योजनाओं का प्रमुख ध्येय अंतिम पायदान पर बैठे व्यक्ति तक योजनाओं का लाभ पहुंचाना है। जनसुनवाई भी इसी लक्ष्य की ओर बढ़ता एक मजबूत कदम है। मुख्यमंत्री नियमित रूप से इस जनसुनवाई में लोगों की समस्याओं का समाधान कर उन्हें राहत दे रहे हैं।

                श्री शर्मा ने सोमवार को मुख्यमंत्री निवास पर जनसुनवाई की। उन्होंने इस दौरान आमजन की परिवेदनाओं को संवेदनशीलता के साथ सुनते हुए अधिकारियों को उन समस्याओं के त्वरित निस्तारण के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि जनसुनवाई में परिवादी उम्मीद के साथ आते हैं। ऐसे में अधिकारी इन प्रकरणों को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए इनका शीघ्र निस्तारण करें।

                श्री शर्मा ने जनसुनवाई में बड़ी संख्या में आई महिलाओं, दिव्यांगों, बुजुर्गों सहित विभिन्न लोगां की समस्याओं का मौके पर ही निस्तारण किया। आमजन अपनी परिवेदनाओं के निस्तारण से बेहद संतुष्ट नजर आए। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि परिवादियों को जल्द से जल्द राहत दी जाए। साथ ही, लंबित प्रकरणों की नियमित मॉनिटरिंग करते हुए इसका शीघ्र समाधान करें। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि प्रकरणों के निस्तारण में किसी भी तरह की लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों पर सख्त कार्यवाही की जाए।

                मुख्यमंत्री ने इस दौरान सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता, ग्रामीण विकास एवं पंचायतीराज, श्रम, कृषि, गृह, राजस्व, पशुपालन, जयपुर विकास प्राधिकरण, नगर निगम, शिक्षा, चिकित्सा, पेयजल सहित विभिन्न विभागों की आमजन से जुड़ी परिवेदनाओं को सुना और उनका मौके पर ही निस्तारण किया। इस दौरान श्री शर्मा ने विभिन्न संस्थाओं द्वारा आयोजित किए जाने वाले कार्यक्रमों के पोस्टर विमोचन भी किए।

                इस अवसर पर बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि और आमजन उपस्थित रहे।

दुर्लभ बीमारियों से पीड़ित बच्चों के लिए वरदान बनी मुख्यमंत्री आयुष्मान बाल सम्बल योजना
50 लाख रुपये तक नि:शुल्क उपचार का प्रावधान, 5 हजार रुपये प्रतिमाह की अतिरिक्त सहायता

मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में राज्य सरकार वंचितों को वरीयता देते हुए अन्त्योदय के संकल्प को साकार रूप प्रदान कर रही है। इसी दिशा में मुख्यमंत्री श्री शर्मा की पहल पर शुरू की गई मुख्यमंत्री आयुष्मान बाल सम्बल योजना दुर्लभ बीमारियों से पीड़ित बालक-बालिकाओं के लिए वरदान बनकर आई है। प्रदेश के ऐसे बच्चे जो दुर्लभ बीमारियों से ग्रसित होने के बाद आर्थिक अभाव में उपचार की उम्मीद छोड़ देते थे, उन्हें अब योजना के माध्यम से 50 लाख रुपये तक का निशुल्क इलाज एवं आर्थिक सहायता उपलब्ध कराए जाने का प्रावधान किया गया है। 

स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय, भारत सरकार की राष्ट्रीय नीति 2021 के तहत सूचीबद्ध बीमारी से पीड़ित 18 वर्ष से कम आयु के बच्चों को समुचित इलाज, देखभाल एवं अन्य आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध करवाना इस योजना का प्रमुख उद्देश्य है। राज्य सरकार ने इन बच्चों के लिए आर्थिक सहायता की प्रक्रिया को सुगम, पारदर्शी और प्रभावी बनाया है। 

निशुल्क इलाज के साथ 5 हजार रुपये प्रतिमाह की आर्थिक मदद—

मुख्यमंत्री आयुष्मान बाल सम्बल योजना के अन्तर्गत दुर्लभ बीमारी से पीड़ित बालक या बालिका को 50 लाख रुपए तक का उपचार निशुल्क उपलब्ध कराने का प्रावधान है। इसके अतिरिक्त इन्हें 5 हजार रुपए प्रतिमाह की आर्थिक सहायता राशि देय है। 

पीड़ित 18 वर्ष से कम और प्रदेश का निवासी होना जरूरी—

मुख्यमंत्री आयुष्मान बाल सम्बल योजना के तहत अनुदान प्राप्त करने की पात्रता के अनुसार पीड़ित बालक या बालिका की उम्र 18 वर्ष से कम होनी चाहिए। आवेदक राजस्थान राज्य का मूल निवासी हो अथवा तीन वर्ष से अधिक समय से राज्य में निवासरत होना चाहिए।

ऑनलाइन आवेदन, सहज प्रक्रिया—

बालक या बालिका के दुर्लभ बीमारी से पीडित होने की स्थिति में पालनकर्ता द्वारा जनाधार नम्बर से ई-मित्र अथवा स्वयं की एसएसओ आईडी से बायोमेट्रिक या ओटीपी के माध्यम से ऑनलाइन आवेदन किया जा सकता है। प्राधिकृत चिकित्सा अधिकारी नोडल अधिकारी, एम्स जोधपुर एवं जेके लॉन अस्पताल, जयपुर द्वारा दुर्लभ बीमारी से पीड़ित होने का ऑनलाइन प्रमाण पत्र जारी किया जाएगा।

उद्योग, शिक्षा, पर्यटन, स्वास्थ्य, जल पर आयोजित किए जाएँगे सेक्टोरल सेशंस
प्रवासी राजस्थान दिवस जयपुर, 13 नवंबर।  राजस्थान के वैश्विक जुड़ाव को मज़बूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए, राज्य सरकार 10 दिसंबर 2025 को जेईसीसी, जयपुर में...

प्रवासी राजस्थान दिवस


जयपुर, 13 नवंबर।  राजस्थान के वैश्विक जुड़ाव को मज़बूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए, राज्य सरकार 10 दिसंबर 2025 को जेईसीसी, जयपुर में आयोजित होने वाले पहले ‘प्रवासी राजस्थानी दिवस’ के दौरान प्रवासी राजस्थानियों के साथ सेक्टोरल सेशंस आयोजित करेगी।

मुख्यमंत्री श्री भजन लाल शर्मा के दूरदर्शी नेतृत्व में आयोजित इस सेक्टोरल सेशंस में प्रवासी राजस्थानी, उद्योग जगत के प्र​तिनिधि और उद्योग, शिक्षा, पर्यटन, स्वास्थ्य और जल जैसे विभिन्न क्षेत्रों के नीति निर्माता NRR राउंडटेबल  के साथ-साथ शामिल होंगे।

प्रगतिशील नीतियों द्वारा समर्थित, राजस्थान का तेज़ी से बढ़ता औद्योगिक परिदृश्य निवेश और नवाचार के नए अवसर प्रदान करता है। उद्योग को समर्पित एक सत्र में NRR को राजस्थान की वैश्विक प्रतिस्पर्धात्मकता और उद्यमशीलता पारिस्थितिकी तंत्र को मजबूत करने पर अपने विचार साझा करने के लिए आमंत्रित किया जाएगा।

राजस्थान के सबसे मजबूत आर्थिक स्तंभों में से एक पर्यटन, विरासत, सांस्कृतिक और पर्यावरणीय पर्यटन में नए आयाम खोलने पर केंद्रित होगा, जिसमें शेखावाटी और उसकी प्रतिष्ठित हवेलियों जैसे क्षेत्रों पर विशेष जोर दिया जाएगा।

शिक्षा सेशन में डिजिटल पहुँच, कौशल प्रशिक्षण और उच्च शिक्षा को बढ़ाने के लिए पहलों पर प्रकाश डाला जाएगा और सहयोग की संभावनाओं का पता लगाया जाएगा। इसी प्रकार, स्वास्थ्य सेशन में बेहतर स्वास्थ्य सेवा प्रदान करने के लिए साझेदारी बनाने हेतु चिकित्सा अवसंरचना, प्रौद्योगिकी और शिक्षा के विशेषज्ञ एक साथ आएंगे।

जल पर सेशन में, सतत जल प्रबंधन, पारंपरिक जल संरचना पुनरुद्धार और रामजल सेतु लिंक परियोजना जैसी परियोजनाओं पर चर्चा होगी, जो दीर्घकालिक जल सुरक्षा के प्रति राज्य की प्रतिबद्धता को प्रदर्शित करेगी।

इन संवादों के अलावा, राज्य भर में उद्योग, परोपकार और सामुदायिक विकास के अवसरों से प्रवासी राजस्थानियों को जोड़ने के लिए एक विशेष NRR राउंडटेबल  का भी आयोजन किया जाएगा।

ये सेक्टोरल सेशंस केवल चर्चा के लिए ही नहीं, बल्कि साझेदारी के मंच के रूप में भी तैयार किए गए हैं। वे प्रवासी राजस्थानियों को राज्य सरकार के साथ अपने अनुभव, दृष्टिकोण और सुझाव साझा करने का अवसर प्रदान करेंगे।

विभागीय अधिकारियों, कार्मिकों के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति के तहत होगी कार्रवाई-मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा
शराब पीकर वाहन चलाने वाले का हो लाइसेंस रद्द, हाईवे के आस-पास अतिक्रमण तुरंत हटाएं, प्रदेश में अवैध कटों को बंद किया जाए, ओवरलोडिंग के खिलाफ हो सख्त कार्रवाई- समय...


जयपुर, 03 नवम्बर। मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा ने कहा कि राज्य सरकार प्रदेश में यातायात एवं सड़क सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत और प्रभावी बनाने के लिए निरंतर कार्य कर रही है। उन्होंने परिवहन, पुलिस और सार्वजनिक निर्माण विभाग को संयुक्त रूप से प्रदेशभर में मंगलवार (4 नवम्बर) से आगामी 15 दिन तक सड़क सुरक्षा अभियान चलाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि यातायात नियमों की पालना सुनिश्चित करवाने के साथ ही दुर्घटनाओं में जनहानि को रोकने के लिए सभी संबंधित विभाग मिलकर कार्य करें। 

श्री शर्मा सोमवार को मुख्यमंत्री निवास पर टैªफिक एवं सड़क सुरक्षा को लेकर उच्च स्तरीय बैठक की अध्यक्षता कर रहे थे। उन्होंने जिला सड़क सुरक्षा समिति की नियमित बैठक नहीं लेने वाले जिला कलक्टर्स से जवाब लेने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि भारी वाहन लाइसेंस नवीनीकरण के समय प्रस्तुत की जाने वाली आंखों की जांच रिपोर्ट गलत पाए जाने पर उसे जारी करने वाले संबंधित डॉक्टर के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाए। 

ओवरस्पीड के बार-बार चालान होने पर लाइसेंस हो निरस्त-

मुख्यमंत्री ने परिवहन और पुलिस विभाग को निर्देश दिए कि शराब पीकर वाहन चलाने और ओवरस्पीड के बार-बार चालान होने पर वाहन चालक का लाइसेंस निरस्त किया जाए। उन्होंने सड़क सुरक्षा अभियान के तहत प्रदेश में चिन्हित ब्लैक स्पॉटों को शीघ्र ठीक करवाने एवं राष्ट्रीय व राज्य राजमार्गाें पर अवैध कट को शीघ्र बंद करने के लिए अधिकारियों को निर्देशित किया। उन्होंने जयपुर-कोटा, जयपुर-दिल्ली, जयपुर-अजमेर व जयपुर-भरतपुर हाईवे पर वाहन चालकों के लिए नवीन आरामस्थलों के लिए जमीन चिन्हित कर बनवाने के निर्देश दिए। 

अवैध ढाबों व पार्किंग के खिलाफ हो कठोरतम कार्रवाई- 

श्री शर्मा ने एनएचएआई के अधिकारियों को राजस्थान में भारतमाला राष्ट्रीय राजमार्ग और दिल्ली-मुंबई औद्योगिक कॉरिडोर के किनारे समस्त अवैध निर्माणों व ढाबों को शीघ्र हटाने के निर्देश दिए। उन्होंने सभी राष्ट्रीय एवं राज्य राजमार्गों पर सभी संकेतक तथा विशेष रूप से राष्ट्रीय राजमार्गाें पर आराम स्थल, ट्रक ले-बाई और स्लिप लाइन के संकेतकों के निश्चित स्थान पर लगे होने को सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि हाईवे पर तय स्थानों को छोड़कर वाहन रोकने वाले चालकों के खिलाफ चालान की कार्रवाई की जाए। उन्होंने कहा कि इन कार्यों की निगरानी अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक स्तर के अधिकारी करें।

चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग दुर्घटना में इमरजेंसी केयर व्यवस्था को बनाए सुदृढ़-

मुख्यमंत्री ने चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग को निर्देशित किया कि दुर्घटना की स्थिति में घायलों को एडवांस लाइफ सपोर्ट एम्बुलेंस के जरिए अस्पताल तक पहुंचाया जाए। उन्होंने आगामी 15 नवम्बर से 15 फरवरी तक प्रदेश में ट्रक चालकों की आंखों की जांच करने के भी निर्देश दिए। उन्होंने परिवहन विभाग को वाहन चालकों से ओवरटाइम ड्राइविंग करवाने पर ट्रांसपोर्ट कम्पनियों की जिम्मेदारी तय कर कठोरतम कार्रवाई करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि आगामी सर्दी के मौसम में कोहरे के कारण सड़क पर वाहन चालकों के लिए जरूरी स्थानों पर रिफलक्टर्स लगाए जाएं। साथ ही, सड़क किनारे पेड़ और झाड़ियों की कटाई भी की जाए। 

यातायात नियमों का उल्लंघन करने वाले मार्गों पर तैनात करें इंटरसेप्टर-

श्री शर्मा ने कहा कि सभी जिला कलक्टर और जिला पुलिस अधीक्षक अवैध कटों को बंद कराने के लिए विशेष कार्रवाई करें एवं सार्वजनिक निर्माण विभाग सभी व्यस्ततम राज्य राजमार्गों के अवैध कटों पर रेलिंग लगाए। उन्होंने परिवहन विभाग को हाईवे पर गलत दिशा से आने वाले वाहनों पर कठोरतम कार्रवाई करने के लिए निर्देशित किया। उन्होंने कहा कि हाईवे पर इंटरसेप्टर तैनात कर यातायात नियमों का उल्लंघन करने वाले चालकों के खिलाफ कार्रवाई की जाए। 

नो एंट्री जोन में भारी वाहन आने पर हो सख्त कार्रवाई- 

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में नो एंट्री जोन में गलत समय पर भारी वाहन आने पर सख्त कार्रवाई की जाए तथा नो एंट्री जोन के क्षेत्र व समय की पुनः समीक्षा की जाए। उन्होंने जयपुर पुलिस आयुक्त को रात्रि के समय ट्रेफिक व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ व प्रभावी बनाने के लिए कार्ययोजना बनाकर शीघ्र मुख्यमंत्री कार्यालय भिजवाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जयपुर की यातायात व्यवस्था को मजबूत बनाने के लिए यातायात पुलिस के संख्याबल को आवश्यकतानुसार बढ़ाया जाए। 

श्री शर्मा ने कहा कि परिवहन, पुलिस और सार्वजनिक निर्माण विभाग संयुक्त रूप से समय-समय पर यातायात नियमों की पालना सुनिश्चित करवाने के लिए जागरूकता अभियान चलाएं एवं संबंधित विभागों के कार्मिकों की कार्यशाला आयोजित कर प्रशिक्षण दिलवाएं। उन्होंने कहा कि सड़क दुर्घटनाओं में घायलों की मदद करने वाले नागरिकों को भी सम्मानित किया जाए। उन्होंने प्रदेश में पैदलयात्री मार्ग पर अवरोधकों एवं अतिक्रमणों को हटाने के निर्देश दिए। उन्होंने निर्देश दिए कि नवीन लाइसेंस बनाने एवं लाइसेंस नवीनीकरण के समय नियमों की पालना सुनिश्चित की जाए। उन्होंने गृह विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव को इन कार्यों की मॉनिटरिंग करने के निर्देश दिए।  

बैठक में परिवहन, गृह, पुलिस, सार्वजनिक निर्माण, चिकित्सा एवं स्वास्थ्य, नगरीय विकास, जेडीए, एनएचएआई सहित संबंधित विभागों के अधिकारीगण उपस्थित रहे।

राजस्थान में बारिश 6 जिलों में भारी बारिश का अलर्ट
जयपुर। राजस्थान में एक बार फिर मौसम ने करवट ली है। कार्तिक माह में भी सावन जैसी झमाझम बारिश हो रही है। कोटा में रविवार रातभर बारिश का सिलसिला जारी...

जयपुर। राजस्थान में एक बार फिर मौसम ने करवट ली है। कार्तिक माह में भी सावन जैसी झमाझम बारिश हो रही है। कोटा में रविवार रातभर बारिश का सिलसिला जारी रहा, जबकि सवाई माधोपुर में सोमवार अलसुबह बूंदाबांदी हुई। उदयपुर जिले के खेरवाड़ा और आसपास के इलाकों में भी सुबह बारिश दर्ज की गई। चित्तौड़गढ़, टोंक और आसपास के क्षेत्रों में हल्की रिमझिम जारी है, जिससे मौसम सुहावना हो गया है। राजधानी जयपुर में सुबह से ही बूंदाबांदी का दौर जारी है। मौसम विभाग ने सोमवार और मंगलवार को बारिश को लेकर अलर्ट जारी किया गया है। विभाग ने उदयपुर और कोटा संभाग के छह जिलों में ऑरेंज अलर्ट, जबकि अन्य 17 जिलों में येलो अलर्ट जारी किया है। अगले चार दिनों तक राज्य के कई हिस्सों में तेज बारिश और आंधी की संभावना जताई गई है। मौसम विभाग का कहना है कि वेस्टर्न डिस्टर्बेंस के असर से यह बदलाव देखने को मिल रहा है।