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राजस्थान के 14वें मुख्यमंत्री बने भजनलाल शर्मा, दिया कुमारी और प्रेमचंद बैरवा बने डिप्टी सीएम, राज्यपाल ने दिलाई शपथ
राजस्थान की सत्ता में 5 साल बाद पूर्ण बहुमत के साथ वापसी करने वाली भारतीय जनता पार्टी (BJP) आज प्रदेश में नई सरकार का गठन कर लिया है. बीजेपी विधायक...

राजस्थान की सत्ता में 5 साल बाद पूर्ण बहुमत के साथ वापसी करने वाली भारतीय जनता पार्टी (BJP) आज प्रदेश में नई सरकार का गठन कर लिया है. बीजेपी विधायक भजनलाल शर्मा (Bhajan Lal Sharma) ने आज अपने जन्मदिन के मौके पर मुख्यमंत्री पद की शपथ ली. उनके साथ-साथ दिया कुमारी (Diya Kumari) और प्रेम चंद बैरवा (Premchand Bairwa) उपमुख्यमंत्री पद की शपथ ली. शपथ ग्रहण समारोह राजधानी जयपुर के ऐतिहासिक अल्बर्ट हॉल के बाहर 1:04 मिनट पर शुरू हुआ जो करीब 19 मिनट तक चला. इस समारोह में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा सहित 16 केंद्रीय मंत्री, 17 मुख्यमंत्री और उपमुख्यमंत्री शामिल हुए.

राजस्थान के मुख्यमंत्री होंगे भजन लाल शर्मा, विधायक दल की बैठक में हुआ ऐलान
बीजेपी ने छत्तीसगढ़ और मध्य प्रदेश के बाद राजस्थान के सीएम के नाम का सस्पेंस खत्म कर दिया। भजन लाल शर्मा को राजस्थान का नया मुख्यमंत्री बनाया गया। सांगानेर से...

बीजेपी ने छत्तीसगढ़ और मध्य प्रदेश के बाद राजस्थान के सीएम के नाम का सस्पेंस खत्म कर दिया। भजन लाल शर्मा को राजस्थान का नया मुख्यमंत्री बनाया गया। सांगानेर से विधायक हैं भजन लाल शर्मा। भजनलाल शर्मा संघ की पृष्ठभूमि से आते हैं। इसके साथ ही वे पहली बार विधायक बने थे।

कौन हैं भजनलाल

दिल्ली से आए पर्यवेक्षकों ने विधायक दल की बैठक के बाद भजनलाल का ना तय किया। भाजपा के आलाकमान ने केंद्रीय मंत्री राजनाथ सिंह, विनोद तावड़े और सरोज पांडेय को राज्य में पर्यवेक्षक बना कर भेजा था। बता दें, भजन लाल शर्मा भरतपुर के रहने वाले हैं। भजनलाल ने सांगानेर से कांग्रेस के पुष्पेंद्र भारद्वाज को 48081 वोटों से हराया था। भजनलाल संघ और संघठन दोनों के करीबी माने जाते हैं। साथ ही ये ब्राह्मण समाज से आते हैं।

ये थे सीएम पद के दावेदार

राजस्थान में बीजेपी की जीत के बाद पार्टी के सामने सबसे बड़ी चुनौती यही थी कि किसे राज्य का सीएम बनाया जाए। क्योंकि राजस्थान में सीएम की रेस में कई सारे दावेदार थे। इस रेस में सबसे आगे नाम वसुंधरा राजे का चल रहा था। ऐसा इसलिए क्योंकि वो राज्य में दो बार मुख्यमंत्री की कुर्सी पर बैठ चुकी हैं। वसुंधरा राजे के अलावा राजस्थान में हिंदुत्व नेता बाबा बालकनाथ के नाम पर भी चर्चा थी। वहीं गजेंद्र शेखावत, सीपी जोशी, दीया कुमारी और राजवर्धन राठौड़ जैसे नाम भी सीएम रेस में शामिल थे।

नगर सीट पर बीजेपी के जवाहर सिंह बेडम जीते, कांग्रेस हुई चित
राजस्थान के भरतपुर जिले के तहत 6 विधानसभा सीटें आती हैं. वहीं, नगर विधानसभा सीट पर त्रिकोणीय मुकाबला नजर आया. इस सीट पर इस बार कांग्रेस की टिकट पर वाजिब...

राजस्थान में विधानसभा चुनाव में सत्तारूढ़ कांग्रेस और भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के बीच एक बार फिर से कड़ा मुकाबला देखने को मिला है. भरतपुर जिले में भी सियासी पारा चढ़ा हुआ था. नगर विधानसभा सीट पर त्रिकोणीय मुकाबला नजर आया. हालांकि सत्तारूढ़ कांग्रेस और बीजेपी के बीच मुख्य लड़ाई थी. राजस्थान के भरतपुर जिले के तहत 6 विधानसभा सीटें आती हैं, जिसमें बीजेपी का खाता तक नहीं खुल सका था. इस बार बीजेपी ने सभी को चौंका दिया है. उसने नगर सीट पर भी कब्जा जमा लिया. बीजेपी उम्मीदवार जवाहर सिंह बेडम ने कांग्रेस उम्मीदवार वाजिब अली को हराया.प्रदेश में 25 नवंबर को चुनाव मतदान करवाया गया था.नगर विधानसभा सीट पर इस बार कांग्रेस की टिकट पर वाजिब अली चुनाव लड़ रहे थे, जबकि बीजेपी ने जवाहर सिंह बेडम को उम्मीदवार बनाया था. आजाद समाज पार्टी के नेम सिंह ने भी ताल ठोकी थी. 2018 के विधानसभा चुनाव में नगर सीट पर रोमांचक फाइट देखने को मिली थी. यहां, बहुजन समाज पार्टी के वाजिब अली ने जीत हासिल की थी. उन्होंने बाद में बीएसपी का साथ छोड़कर कांग्रेस का दामन थाम लिया था.