7 दिवसीय शहरी समस्या समाधान शिविर 2025 17 से 24 दिसम्बर तक
जयपुर, 4 दिसम्बर। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के कुशल नेतृत्व एवं नगरीय विकास एवं आवासन मंत्री श्री झाबर सिंह खर्रा के निर्देशन में राज्य सरकार द्वारा शहरी नागरिकों की समस्याओं के त्वरित एवं प्रभावी निस्तारण के उद्देश्य से 17 से 24 दिसम्बर तक 7 दिवसीय “शहरी समस्या समाधान शिविर-2025” आयोजित किए जाएंगे। शिविरों की तैयारियों को लेकर गुरुवार को नगरीय विकास एवं आवासन विभाग के प्रमुख शासन सचिव श्री देबाशीष पृष्टि तथा स्वायत्त शासन विभाग के शासन सचिव श्री रवि जैन ने डीएलबी मुख्यालय के सभागार में संयुक्त बैठक ली।
बैठक में दोनों विभागों के वरिष्ठ अधिकारियों ने शिविरों की रूपरेखा, क्रियान्वयन, मॉनिटरिंग तथा जनसुविधाओं को सुचारु रूप से सुनिश्चित करने संबंधी सभी बिंदुओं पर विस्तृत चर्चा कर आवश्यक दिशा निर्देश दिए ।उल्लेखनीय है कि इन शिविरों में शहरी सेवा शिविर-2025 के तहत दी गई सभी छूट एवं शिथिलताएँ यथावत लागू रहेंगी।
बैठक के दौरान प्रमुख शासन सचिव देबाशीष पृष्टि ने निर्देश दिए कि राज्य सरकार की मंशानुसार शहरी समस्या समाधान शिविर-2025 का आयोजन राज्य की प्रत्येक नगरीय निकाय एवं प्राधिकरण पर अनिवार्य रूप से किया जाए। उन्होंने स्पष्ट किया कि शिविरों में लंबित प्रकरणों के साथ-साथ प्राप्त होने वाले सभी नए आवेदनों का निस्तारण मौके पर किया जाना सुनिश्चित किया जाए। शिविर का समय प्रातः 10 बजे से सायं 5 बजे तक निर्धारित रहेगा और यदि किसी प्रकरण का कार्य निर्धारित समय तक लंबित रहता है तो शिविर को कार्य पूर्ण होने तक जारी रखा जाएगा।
शासन सचिव रवि जैन ने सभी नगरीय निकायों को निर्देशित किया कि शिविरों को अधिकतम परिणामकारी बनाने हेतु पूर्व-तैयारी से लेकर अंतिम निस्तारण तक सभी व्यवस्थाएँ मजबूत रखें। साथ ही अपने क्षेत्र से जुड़े जनप्रतिनिधियों से संवाद कर उस क्षेत्र के निवासियों की समस्याओं को दूर करने की कार्ययोजना तैयार करें ।
उन्होंने बताया की प्रमुख एवं फाॅलो अप शिविर में पट्टों से संबंधित प्रकरणों में 39 हजार 800 प्रकरणों का निस्तारण किया गया था इसी के साथ ही अन्य भूमि से संबंधित प्रकरणों में 20 हजार 888 प्रकरणों का निस्तारण भी किया गया। जिनमें नाम हस्तान्तरण के 10 हजार 30 प्रकरण, यू.डी. टैक्स के 3 हजार 987 प्रकरण, भवन मानचित्र के 3 हजार 554 प्रकरण, भूखण्डों के उप विभाजन एवं पुर्नगठन के 1 हजार 753 प्रकरण, निर्माण अवधि विस्तार के 776 प्रकरण, नगरीय विकास एवं आवासन मण्डल द्वारा ब्याज छूट देकर की गई वसूली के 365 प्रकरण तथा भू-उपयोग परिवर्तन के 423 प्रकरणों स्वीकृत किया गया तथा घर-घर कचरा संग्रहण के 43 हजार 269 प्रकरणों का भी निस्तारण एवं व्यक्तिगत घरेलू शौचालय के 4 हजार 977 आवेदनो का अनुमोदन कर प्रथम किश्त जारी करने के प्रकरण शामिल है।
बैठक में स्वायत्त शासन विभाग के निदेशक श्री प्रतीक जुईकर, अतिरिक्त निदेशक श्रीमती सीमा, मुख्य अभियंता श्री अरुण व्यास सहित सभी नगरीय निकायों और नगरीय विकास न्यास के उच्च अधिकारी उपस्थित रहे ।

