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करौली में गृह राज्यमंत्री जवाहर सिंह बेढम की अध्यक्षता में प्रेस वार्ता आयोजित नो हेलमेट नो एंट्री, नो सीट बेल्ट नो एंट्री पोस्टर का किया विमोचन
राज्य सरकार के दो वर्ष पूर्ण

 जयपुर, 11 दिसम्बर। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में राज्य सरकार द्वारा गत दो वर्षों में जनकल्याणकारी योजनाओं और विकास कार्यों के प्रभावी क्रियान्वयन से करौली जिले में महिला सशक्तीकरण किसान समृद्धि, युवा, श्रमिक उन्नयन तथा आमजन को सशक्त बनाने की दिशा में उल्लेखनीय उपलब्धियाँ प्राप्त हुई हैं। गृह राज्य एवं करौली जिला प्रभारी मंत्री जवाहर सिंह बेढम ने गुरूवार को आयोजित प्रेस वार्ता में बताया कि जिला प्रशासन एवं विभागीय समन्वय के माध्यम से योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने के संकल्प को प्रदेश ने जमीनी स्तर पर साकार किया है।

समृद्ध महिला – सशक्त महिलाः-

      जिले में महिलाओं और बालिकाओं के सर्वांगीण विकास के लिए संचालित योजनाओं ने ठोस परिणाम दिए हैं। प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना के अंतर्गत दो वर्षों में 22 हजार 561 महिलाओं को 7.33 करोड़ रुपये की राशि हस्तांतरित की गई, वहीं मुख्यमंत्री मातृत्व योजना में 11 हजार 567 महिलाएं 2.15 करोड़ रुपये की सहायता से लाभान्वित हुईं। लाड़ो प्रोत्साहन योजना में 9 हजार 315 बालिकाओं को 2 करोड़ 32 लाख 87 हजार 500 रुपये की राशि प्रदान की गई। बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ अभियान के अंतर्गत 900 प्रसूताओं को चादर वितरित की गई तथा बेटी जन्मोत्सव कार्यक्रम में प्रथम कक्षा में प्रवेश लेने वाली 400 बालिकाओं को बेबी किट प्रदान कर उनका प्रोत्साहन किया गया। सामूहिक विवाह एवं अनुदान योजना से 61 जोड़े लाभान्वित हुए। मुख्यमंत्री नारी शक्ति प्रशिक्षण एवं कौशल संवर्धन योजना में 1 हजार 443 बालिकाओं को प्रशिक्षण उपलब्ध कराया गया तथा नारी शक्ति योजना के अंतर्गत 25 लाख रुपये का अनुदान जारी हुआ। लखपति दीदी योजना में 23 हजार 722 महिलाएं लाभान्वित हुईं और मुख्यमंत्री कन्यादान योजना के अंतर्गत 348 कन्याओं को 1.28 करोड़ रुपये की आर्थिक सहायता प्रदान की गई। मुख्यमंत्री एकल नारी सम्मान पेंशन योजना के तहत दो वर्ष में 43 हजार 945 महिलाओं को 131.83 करोड़ रुपये से अधिक की राशि वितरित की गई, जबकि जननी सुरक्षा योजना में 32 हजार 661 महिलाओं को 4.48 करोड़ रुपये से अधिक की राशि प्रदान की गई। बीपीएल देशी घी योजना के अंतर्गत 1 हजार 975 माताएं तथा मां वाउचर योजना में 4 हजार 570 महिलाएं लाभान्वित हुईं।

कृषि एवं पशुपालन क्षेत्र में गत दो वर्षों की प्रगति—

     कृषि एवं पशुपालन के क्षेत्र में भी जिले में महत्वपूर्ण प्रगति दर्ज की गई है। प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना के माध्यम से 476 हेक्टेयर भूमि को फव्वारा, ड्रिप एवं मिनी स्प्रिंकलर जैसी आधुनिक सिंचाई सुविधाओं से जोड़ते हुए 88 लाख रुपये व्यय किए गए। किसानों के खेतों पर 194 सोलर पंप स्थापित किए गए। पात्र किसानों को 45 हजार 536 वर्गमीटर ग्रीन हाउस स्थापित करने हेतु 215.08 लाख रुपये का अनुदान प्रदान किया गया तथा 11 हेक्टेयर में फल बगीचों की स्थापना के लिए 0.508 लाख रुपये की सहायता दी गई। 16 हजार 160 वर्गमीटर शेडनेट हाउस के लिए 56.42 लाख रुपये का अनुदान दिया गया। प्रधानमंत्री कुसुम योजना के अंतर्गत 126 कृषकों को लाभान्वित किया गया, जल संरक्षण हेतु जलहौज एवं फार्म पॉण्ड के 248 कार्य पूर्ण किए गए तथा प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना में 614 कृषकों को 1.27 करोड़ रुपये की दावा राशि उपलब्ध कराई गई। किसानों की फसलों की सुरक्षा के लिए 2.27 लाख मीटर तारबंदी करवाई गई और मृदा स्वास्थ्य कार्ड योजना के तहत 23 हजार 574 किसानों को कार्ड वितरित किए गए। वर्मी कम्पोस्ट योजना में 600 इकाइयां तथा गोवर्धन जैव उर्वरक योजना में 169 इकाइयां स्थापित की गईं। जिले में 63 पीएम किसान समृद्धि केन्द्र स्थापित किए गए। पशु चिकित्सा सेवाओं के विस्तार हेतु 18 नए उपकेन्द्र स्थापित किए गए, मुख्यमंत्री मंगला पशु बीमा योजना के अंतर्गत 24 हजार 556 पशुओं का बीमा किया गया तथा एनएडीसीपी एफएमडी टीकाकरण अभियान में 8.57 लाख पशुओं का टीकाकरण कर पशुधन को रोगों से सुरक्षित किया गया। कृत्रिम गर्भाधान कार्यक्रम के तहत 1 लाख 55 हजार 859 पशुओं में कृत्रिम गर्भाधान कर नस्ल सुधार सुनिश्चित किया गया, गोपाल क्रेडिट कार्ड योजना से पशुपालकों को 1.58 करोड़ रुपये का ऋण उपलब्ध कराया गया तथा कृषि विद्युत कनेक्शनों के अंतर्गत 2 हजार 166 किसानों को नए कनेक्शन प्रदान किए गए। बिजली बिल अनुदान योजना में किसानों को 939 करोड़ रुपये की राहत दी गई और मुख्यमंत्री निशुल्क दवा योजना के अंतर्गत 21 लाख 7 हजार 36 पशुओं को निःशुल्क दवाइयों का लाभ प्रदान किया गया।

रोजगार और कौशल विकास के माध्यम से युवा एवं श्रमिक सशक्तीकरण की दिशा में अग्रसर राज्य सरकार—

      युवा एवं श्रमिक सशक्तिकरण की दिशा में भी राज्य सरकार ने जिले में सार्थक पहल की है। दीनदयाल उपाध्याय ग्रामीण कौशल योजना में 314 युवाओं को रोजगारपरक प्रशिक्षण प्रदान किया गया। मुख्यमंत्री कौशल विकास योजनाओं के तहत 951 से अधिक युवाओं को प्रशिक्षित कर लाभान्वित किया गया। सॉफ्ट स्किल प्रशिक्षण कार्यक्रम के माध्यम से 2 हजार 494 युवाओं के व्यक्तित्व विकास एवं रोजगार योग्यता को सुदृढ़ किया गया। निर्माण श्रमिक शिक्षा एवं कौशल विकास योजना के अंतर्गत 16 हजार 625 श्रमिकों को 15.81 करोड़ रुपये से अधिक की आर्थिक सहायता प्रदान की गई। प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम के अंतर्गत 112 युवाओं एवं आवेदकों को स्वरोजगार हेतु 4.44 करोड़ रुपये की वित्तीय सहायता स्वीकृत की गई। विश्वकर्मा योजनाओं में 20 हजार 439 पारंपरिक कारीगरों एवं श्रमिकों को पहचान पत्र, प्रशिक्षण, टूलकिट एवं ऋण सुविधा उपलब्ध कराकर आत्मनिर्भर बनाया गया। राजस्थान निवेश प्रोत्साहन योजना के माध्यम से 323 युवाओं के लिए रोजगार अवसर प्रस्तावित किए गए।

वंदे गंगा जल संरक्षण जन अभियान बना जन-आंदोलन की मिसाल—

   राज्य सरकार द्वारा गत 5 से 20 जून तक संचालित वंदे गंगा जल संरक्षण जन अभियान जिले में जन-आंदोलन की मिसाल साबित हुआ। जिले में कुल 5 हजार 13 कार्य संपन्न हुए, जिनमें हरियालो राजस्थान के 594, साफ-सफाई के 1 हजार 770, भूमि एवं जल पूजन के 333, नए कार्यारंभ के 64 तथा 205 पूर्ण कार्यों का लोकार्पण शामिल रहा। इस अवधि में 571 श्रमदान कार्यक्रम, 1 हजार 15 आईईसी गतिविधियाँ, 103 कार्यशालाएँ एवं 357 अन्य गतिविधियाँ आयोजित की गईं। अभियान के दौरान कुल 5 हजार 625 कार्यक्रम आयोजित हुए, जिनमें 69 हजार 52 पुरुष एवं 69 हजार 202 महिलाओं ने सहभागिता निभाई। जल संकटग्रस्त क्षेत्रों में इस अभियान ने जल संरक्षण, हरियाली विस्तार और जनजागरण को नई गति प्रदान की है और यह जन-आंदोलन के रूप में स्थापित हो चुका है।

ग्रामीण सेवा शिविर एवं शहरी सेवा शिविर: प्रमुख उपलब्धियां—

ग्रामीण एवं शहरी सेवा शिविरों ने जिले में सेवा वितरण प्रणाली को मजबूत किया। ग्रामीण सेवा शिविरों में राजस्व विभाग द्वारा नामांतरण, सीमाज्ञान, रास्ता एवं बंटवारा संबंधी 21 हजार 800 से अधिक प्रकरणों का निस्तारण किया गया। बीपीएल सर्वेक्षण अभियान के अंतर्गत 9 हजार 500 से अधिक परिवारों का सत्यापन हुआ तथा 13 हजार 300 से अधिक परिवारों से आवेदन प्राप्त हुए। मनरेगा एवं पंचायती राज योजनाओं के अन्तर्गत 5 हजार 400 से अधिक विकास कार्य स्वीकृत किए गए। चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग ने 1 लाख 93 हजार 444 लाभार्थियों की विभिन्न स्वास्थ्य योजनाओं के तहत जाँच एवं उपचार कर उन्हें लाभान्वित किया। शहरी सेवा शिविरों में नगर क्षेत्रों में नागरिक सेवाओं की डोर-स्टेप डिलीवरी सुनिश्चित की गई, जिसके माध्यम से स्वास्थ्य विभाग ने 11 हजार 396 लोगों का उपचार किया, 6 हजार 718 की एनसीडी स्क्रीनिंग तथा 3 हजार 678 लोगों की टीबी स्क्रीनिंग की गई। प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना में 38 कार्ड जारी किए गए और 100 पात्रों की केवाईसी की गई। खाद्य विभाग द्वारा 1 हजार 230 एनएफएसए परिवारों की ई-केवाईसी एवं 1 हजार 248 परिवारों की आधार सीडिंग की गई। राजस्व विभाग ने 90ए के 4 मामलों, 105 पट्टा आवेदनों, 34 नामांतरण, 13 भवन मानचित्र अनुमोदन तथा 9 भूखण्ड उपविभाजन प्रकरणों का निस्तारण किया। नगर निकायों द्वारा जन्म, मृत्यु एवं विवाह पंजीकरण के 1 हजार 826 मामलों, बेसहारा पशु पकड़ने की 448 तथा स्ट्रीट लाइट मरम्मत की 694 शिकायतों का मौके पर निस्तारण किया गया।

पंडित दीनदयाल उपाध्याय अन्त्योदय संबल पखवाड़ा (24 जून-09 जुलाई 2025)

24 जून से 9 जुलाई 2025 तक आयोजित पंडित दीनदयाल उपाध्याय अन्त्योदय संबल पखवाड़ा जिले में सेवा वितरण का सशक्त माध्यम बना। इस दौरान 24 हजार से अधिक व्यक्तियों की एनसीडी जांच, 20 हजार से अधिक लोगों की टीबी स्क्रीनिंग, पशु स्वास्थ्य सेवाओं के अंतर्गत 81 हजार से अधिक पशुओं का उपचार एवं टीकाकरण और 17 हजार से अधिक पशुपालकों को लाभ प्रदान किया गया। हरियालो राजस्थान अभियान के अंतर्गत 2.04 लाख गड्ढों का निर्माण एवं 2.49 लाख से अधिक पौधरोपण किया गया। सामाजिक सुरक्षा एवं कल्याण योजनाओं के अंतर्गत 2 हजार 800 से अधिक पेंशनधारियों का सत्यापन तथा मातृ वंदना योजना के 2 हजार पंजीकरण किए गए। पखवाड़े के दौरान सतत् मॉनिटरिंग एवं ग्राउंड लेवल समीक्षा से समयबद्ध एवं प्रभावी लाभ वितरण सुनिश्चित किया गया और जिलेवासियों को उनके द्वार पर ही त्वरित राहत प्रदान की गई।

इस अवसर पर जिला प्रभारी मंत्री ने सडक सुरक्षा से संबंधित पोस्टर नो हेलमेट नो एंट्री, नो सीट बेल्ट नो एंट्री पोस्टर का विमोचन किया गया। 

नई राजस्थान पर्यटन नीति एक दूरदर्शी दस्तावेज : भजनलाल शर्मा
जयपुर, 10 दिसम्बर। राजस्थान सरकार ने बुधवार को प्रवासी राजस्थानी दिवस के अवसर पर राज्य की महत्वाकांक्षी राजस्थान पर्यटन नीति–2025 औपचारिक रूप से जारी की। मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा ने...

जयपुर, 10 दिसम्बर। राजस्थान सरकार ने बुधवार को प्रवासी राजस्थानी दिवस के अवसर पर राज्य की महत्वाकांक्षी राजस्थान पर्यटन नीति–2025 औपचारिक रूप से जारी की। मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा ने सीतापुरा स्थित जेईसीसी परिसर में आयोजित पर्यटन सत्र के दौरान इस नीति का विमोचन किया। इस अवसर पर उपमुख्यमंत्री दिया कुमारी, पर्यटन विभाग के वरिष्ठ अधिकारी, प्रवासी राजस्थानी समुदाय तथा पर्यटन क्षेत्र से जुड़े प्रमुख हितधारक उपस्थित थे।

मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा ने कहा कि यह नीति राजस्थान के पर्यटन विकास को नई दिशा देने वाला एक दूरदर्शी दस्तावेज़ है, जो राज्य को राष्ट्रीय ही नहीं बल्कि वैश्विक पर्यटन मानचित्र पर अग्रणी स्थान दिलाने में सहायक सिद्ध होगी। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि नई पर्यटन नीति निवेश, नवाचार, रोजगार और सामुदायिक सहभागिता को नई गति देगी। यह नीति विकसित राजस्थान 2047 के लक्ष्यों को प्राप्त करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। मुख्यमंत्री ने सभी विभागों एवं हितधारकों से इस नीति को सफल बनाने के लिए सक्रिय सहयोग का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि पर्यटन नीति की अनुपालना हेतु एक समर्पित नीति कार्यान्वयन इकाई स्थापित की जाएगी ताकि पर्यटन नीति में उल्लेखित सभी बिंदुओं पर त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित की जा सके। राज्य सरकार ने पर्यटन परियोजनाओं को तेजी से गति देने के लिए पीपीपी मॉडल और इज ऑफ डूइंग बिजनेस को केंद्र में रखा है। सभी अनुमतियों के लिए सिंगल वेब पोर्टल, पर्यटन व्यवसायों की ग्रेडिंग और गतिविधि निगरानी के लिए एकीकृत डिजिटल प्लेटफॉर्म विकसित किया जाएगा। पर्यटन व्यवसायियों को प्रोत्साहित करने के लिए प्रतिवर्ष राजस्थान पर्यटन पुरस्कार दिए जाएंगे। विद्यार्थियों को पर्यटन कोर्स व कौशल कार्यक्रमों के लिए स्कॉलरशिप तथा पर्यटन उद्यमों को ट्रेनिंग–स्किल इंसेंटिव उपलब्ध कराया जाएगा।

इस अवसर पर उपमुख्यमंत्री दिया कुमारी ने कहा कि राजस्थान पर्यटन नीति–2025 के जरिए राज्य सरकार का लक्ष्य आगामी वर्षों में राजस्थान को विश्वस्तर पर प्रतिस्पर्धी, सुरक्षित और पर्यटक–अनुकूल राज्य के रूप में स्थापित करना है। उन्होंने कहा कि राजस्थान की संस्कृति, विरासत, कला और प्राकृतिक विविधता को नए युग की पर्यटन आवश्यकताओं से जोड़कर विश्वस्तरीय अनुभव देना हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है। यह नीति पर्यटन विकास को नयी गति और दिशा देगी।

उपमुख्यमंत्री ने कहा कि नई नीति राजस्थान को भारत का सबसे मजबूत, आधुनिक और आकर्षक पर्यटन राज्य बनाने का संकल्प है। सरकार चाहती है कि हर पर्यटक राजस्थान की संस्कृति, मेहमाननवाज़ी और विविधता भरे अनुभवों से समृद्ध होकर लौटे। यह नीति राज्य में पर्यटन के विस्तार, रोजगार सृजन, डिजिटल सुविधा, धार्मिक–सांस्कृतिक सर्किट, एस्ट्रो–टूरिज्म, एडवेंचर और वेलनेस टूरिज्म जैसे नए क्षेत्रों को गति देने वाला व्यापक रोडमैप साबित होगी। नई नीति के तहत राज्य सरकार ने पर्यटन ढांचे को पूर्णतया आधुनिक, सुरक्षित, निवेश–अनुकूल और तकनीकी रूप से सक्षम बनाने के लक्ष्य निर्धारित किए हैं। यह नीति सिर्फ एक नीतिगत डॉक्यूमेंट ही नहीं बल्कि यह हमारे राज्य को एक वैश्विक पर्यटन महाशक्ति में बदलने का हमारा रोडमैप है। उन्होंने कहा कि हमारा दृष्टिकोण स्पष्ट है की पर्यटन के आधारभूत ढांचे को सुदृढ़ करने के लिए पर्यटन के सभी आयामों जैसे पर्यटक सुविधाओं, मार्केटिंग एवं प्रमोशन, मेले एवं त्योहार, पर्यटन निवेश, पर्यटन में आईटी, डिजिटल एवं एआई, कौशल विकास, युवाओं को पर्यटन क्षेत्र में रोजगार आदि पर लक्ष्य निर्धारित कर कार्य किया जाएगा। 

विशेष पर्यटन क्षेत्र और धार्मिक सर्किट-

चुनिंदा जिलों में स्पेशल टूरिज्म जोन (एसटीजेड) प्लग–एंड–प्ले मॉडल पर स्थापित किए जाएंगे, जहाँ आधारभूत संरचना सरकार और आतिथ्य सेवाएँ निजी क्षेत्र विकसित करेगा।

कृष्ण गमन पथ और बृज–द्वारका तीर्थ मार्ग के तहत राजस्थान के प्रमुख मंदिरों में यात्री सुविधाएँ बढ़ाई जाएँगी। वन विभाग और देवस्थान विभाग के सहयोग से धार्मिक और वन्यजीव–आधारित टूरिज्म हब भी विकसित किए जाएंगे।

डिजिटल और अनुभव आधारित पर्यटन-

सरकार ऐतिहासिक स्मारकों का थ्रीडी लेजर स्कैन, वीआऱ अनुभव, डिजिटल संग्रहालय और लाइट–एंड–साउंड शो विकसित करेगी। नई पर्यटन फ़िल्में, सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर सहयोग और डिजिटल प्रचार पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। पर्यटकों को बेहतर डिजिटल सुविधा देने के लिए नया राजस्थान पर्यटन वेब पोर्टल, मोबाइल ऐप, चैटबॉट, डिजिटल मैप व गाइडबुक लॉन्च किए जाएंगे।

जिला स्तर पर प्रबंधन-

प्रत्येक जिले में कलेक्टर की अध्यक्षता में जिला पर्यटन विकास समिति (डीटीडीसी) द्वारा पर्यटन स्थलों के संचालन और प्रबंधन के लिए डेस्टिनेशन मैनेजमेंट ऑर्गेनाइजेशन (डीएमओ)  के रूप में भी कार्य किया जाएगा। पीक सीजन में समस्याओं के त्वरित समाधान के लिए ये समितियाँ नियमित बैठकें आयोजित करेंगी।

पर्यटक सुविधा और कनेक्टिविटी- 

राज्य के प्रमुख पर्यटन शहरों में हॉप ऑन–हॉप ऑफ बस सेवा, एयरपोर्ट–रेलवे–बस स्टैंड पर प्रीपेड टैक्सी बूथ, ई-सेगवे, रेंटल साइकिल और गाइडेड ई–वाहन सेवाएँ शुरू की जाएँगी। पर्यटकों को सभी परिवहन साधनों में एकीकृत सुविधा देने के लिए राजस्थान ट्रैवल कार्ड भी लाया जाएगा।

थीम आधारित पर्यटन को बढ़ावा-

एस्ट्रो टूरिज्म, फूड फेस्टिवल, एडवेंचर स्पोर्ट्स, ईको–टूरिज्म, फिल्म सिटी, मल्टी–परपज़ इवेंट स्टेडियम, बर्ड–वॉचिंग सर्किट, शौर्य पर्यटन सर्किट जैसे नए क्षेत्रों को बढ़ावा देकर राज्य में पर्यटन के अवसरों का दायरा व्यापक किया जाएगा। पुष्कर, मरु महोत्सव, झील महोत्सव जैसे आयोजनों को और अधिक भव्य स्वरूप देने की तैयारी भी नीति में शामिल है।

विरासत, शिल्प और वेलनेस टूरिज्म-

विरासत संरक्षण के लिए मैन्युस्क्रिप्ट, जनजातीय संस्कृति, वस्त्र और पारंपरिक शिल्प पर आधारित क्राफ्ट म्यूज़ियम स्थापित किए जाएंगे। योग, आयुर्वेद और नेचुरोपैथी पर आधारित वेलनेस टूरिज्म हब विकसित किए जाएंगे।

पर्यटक सुरक्षा—24×7 सहायता प्रणाली-

राज्य में 24×7 टूरिज्म कॉल सेंटर, मजबूत टूरिस्ट असिस्टेंस फोर्स, पर्यटक वाहनों में पैनिक बटन, क्यूआर आधारित फीडबैक सिस्टम, सीसीटीवी और आईईसी गतिविधियों से सुरक्षा तंत्र को मजबूत किया जाएगा।

इस अवसर पर श्री झाबर सिंह खर्रा, राज्य मंत्री (नगरीय विकास एवं स्वायत्त शासन), श्री जोराराम कुमावत, मंत्री (पशुपालन, डेयरी, गोपालन एवं देवस्थान), श्रीमती मुग्धा सिन्हा, एमडी आईटीडीसी, श्री प्रवीन गुप्ता, अतिरिक्त मुख्य सचिव (पर्यटन), श्रीमती रुक्मणी रियार, पर्यटन आयुक्त तथा देश–विदेश से जुड़े अनेक पर्यटन उद्यमी, विशेषज्ञ एवं प्रवासी राजस्थानी प्रतिनिधि उपस्थित थे

राजस्थान की जल सुरक्षा को मजबूत करने के लिए व्यावहारिक और टेक्नोलॉजीआधारित समाधानों पर हुई चर्चा: मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा
प्रवासी राजस्थानी दिवस’ 2025 में सस्टेनेबल वाटर इंफ्रास्ट्रक्चर पर सत्र :राज्य मंत्री भागीरथ चौधरी, कृषि मंत्री श्किरोड़ी लाल मीणा रहे मौजूद

जयपुर, 10 दिसम्बर। ‘प्रवासी राजस्थानी दिवस’ 2025 मे जेईसीसी, जयपुर में “राजस्थान में सस्टेनेबल वाटर इंफ्रास्ट्रक्चर का विकासरू एक जिम्मेदारी और एक अवसर” विषय पर सत्र आयोजित किया गया। इस सत्र में राजस्थान की जल सुरक्षा को मजबूत करने के लिए व्यावहारिक, बड़े पैमाने पर लागू होने वाले और टेक्नोलॉजी-आधारित समाधानों पर चर्चा करने के लिए प्रमुख विशेषज्ञ और इंडस्ट्री के इनोवेटर एक साथ आए।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री भजन लाल शर्मा ने कहा कि पिछले दो सालों में, हमारी सरकार प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में पानी को प्राथमिकता देते हुए अलग-अलग प्रोजेक्ट्स पर काम कर रही है। हमने राजस्थान के लिए एक विस्तृत योजना तैयार की है ताकि सिंचाई, उद्योग, पशुधन और घरेलू पानी की जरूरतें पूरी हो सकें।

केंद्रीय कृषि और किसान कल्याण राज्य मंत्री भागीरथ चौधरी ने कहा कि ईस्टर्न राजस्थान कैनाल प्रोजेक्ट जैसी बड़ी परियोजनाएं और पानी बचाने के पारंपरिक तरीकों का इस्तेमाल राजस्थान को एक हरा-भरा और ज्यादा सस्टेनेबल राज्य बना रहा है।

कृषि एवं ग्रामीण विकास मंत्री किरोड़ी लाल मीणा ने कहा कि आर.आर.आर. सिद्धांत ‘रियूज, रिड्यूस और रीसायकल’  में राजस्थान में बहुत ज्यादा संभावना है। इस सिद्धांत को व्यवहार में लाने के लिए हमें प्रवासी राजस्थानियों के समर्थन की जरूरत है। उन्होंने कहा कि आपके सहयोग से, हम इस तरीके का इस्तेमाल करके पूरे राजस्थान में कृषि के क्षेत्र में एक बड़ा बदलाव ला सकते हैं।

जल संसाधन मंत्री श्री सुरेश सिंह रावत ने कहा कि पानी बचाना राजस्थान के लोगों की एक पुरानी परंपरा रही है। उन्होंने बजट में वाटर ग्रिड की घोषणा के लिए मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा को धन्यवाद भी दिया।

जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग मंत्री कन्हैया लाल ने कहा कि प्रवासन बढ़ने का कारण राजस्थान में पानी की कमी थी। हालांकि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में राजस्थान बदल रहा है और पूरे राज्य में पानी की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए बड़ी प्रगति की जा रही है।

इस सत्र मे अतिरिक्त मुख्य सचिव जल संसाधन अभय कुमार, संयुक्त सचिव, पीएचईडी और मिशन निदेशक जल जीवन मिशन डॉ. रवींद्र गोस्वामी, पूर्व अध्यक्ष, सीआईआई राजस्थान और सीईओ हिंदुस्तान जिंक लिमिटेड अरुण मिश्रा, इंद्रनील दत्त सहित कई विषय विशेषज्ञ एवं गणमान्य जन शामिल हुए।

विशेषज्ञों ने राजस्थान के लिए एक प्रगतिशील और सहयोगी विजन बनाने की जरूरत पर जोर दिया, जो जिम्मेदारी को अवसर में बदले और आने वाली पीढ़ियों के लिए राज्य के जल इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करे। चर्चाओं में टिकाऊ जल इंफ्रास्ट्रक्चर के विकास, सुधार और प्रभावी जल संसाधन प्रबंधन पर ध्यान केंद्रित किया गया।

सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता निदेशक ने की राजस्थान संपर्क पोर्टल पर प्राप्त होने वाले प्रकरणों की समीक्षा
शिकायतों के त्वरित निस्तारण के दिए निर्देश

जयपुर, 11 दिसंबर। सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता निदेशक आशीष मोदी ने गुरुवार को राजस्थान सम्पर्क पोर्टल पर विभाग से संबंधित प्राप्त होने वाले प्रकरणों की समीक्षा बैठक की और पोर्टल पर आने वाली शिकायतों के त्वरित निस्तारण के निर्देश दिए।

मोदी ने मुख्यालय अंबेडकर भवन के कांफ्रेंस हॉल में आयोजित बैठक में कहा कि विभाग संपर्क पोर्टल के माध्यम से संवेदनशीलता, पारदर्शिता और जवाबदेहिता के साथ परिवेदना के समयबद्ध निस्तारण के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि अधिकारीगण पोर्टल पर आने वाली किसी भी शिकायत या परिवेदना के निस्तारण में पूर्ण संवेदनशीलता दिखाए और प्राथमिकता के साथ उसे निस्तारित करवाए। 

निर्देशक ने पोर्टल पर दर्ज सभी शिकायतों की श्रेणी और उनमें लगने वाले समय की जानकारी ली। इस दौरान वृद्धजन पेंशन, नशामुक्ति, पालनहार, कन्यादान, अंतरजातीय विवाह, एट्रोसिटी, पोस्ट मैट्रिक छात्रवृत्ति सहित विभिन्न योजनाओं में 90 दिनों से अधिक लंबित प्रकरणों की जानकारी ली। उन्होंने कहा कि अधिकारी संवेदनशीलता के साथ संपर्क पोर्टल पर प्राप्त शिकायतों में संतुष्टि के स्तर को बढ़ाने के प्रयास करें। उन्होंने कहा कि अधिकारीगण प्रकरणों में अस्पष्ट जवाब ना दे, दस्तावेज, नियमों या किसी अन्य कारण से होने की कमी पर स्पष्ट लिखें। उन्होंने कहा कि 45 दिनों के बाद शिकायतों के निस्तारण नहीं होने पर व्यक्तिगत तौर पर आवेदक से संपर्क करें, ताकि समस्या का समाधान त्वरित हो सके।

मोदी ने अधिकारियों से कहा कि वे संपर्क पोर्टल पर मिल रही समस्याओं की निरंतर मॉनिटरिंग करें, जिससे परिवादी की समस्या का समयबद्ध निस्तारण हो सके तथा उसे राहत मिले। उन्होंने कहा कि राजस्थान जनसंपर्क पोर्टल पर आने वाली शिकायतों को सक्षम स्तर पर मॉनिटरिंग की जा रही है। इनके निस्तारण में किसी भी तरह की देरी या लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

 बैठक में अतिरिक्त निदेशक जेपी बैरवा, अतिरिक्त निदेशक श्रीमती रीना शर्मा, अतिरिक्त निदेशक रामेश्वर परसोया, अतिरिक्त निदेशक अरविंद सैनी सहित विभागीय अधिकारीगण उपस्थित रहे।