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छत्तीसगढ़ के पत्रकारों और जनसंपर्क अधिकारियों के दल का राजस्थान विधानसभा का दौरा 
विधानसभा अध्यक्ष से की शिष्टाचार भेंट — राजस्थान के इतिहास और संसदीय परंपराओं से हुए रूबरू

जयपुर, 16 दिसंबर। छत्तीसगढ़ से आए पत्रकारों और जनसंपर्क अधिकारियों के एक प्रतिनिधिमंडल ने अपने शैक्षणिक एवं अध्ययन भ्रमण के अंतर्गत मंगलवार को जयपुर में राजस्थान विधानसभा का दौरा किया। इस अवसर पर पत्रकारों ने राजस्थान विधानसभा के अध्यक्ष वासुदेव देवनानी से भेंट कर लोकतंत्र में मीडिया की भूमिका पर संक्षिप्त संवाद किया तथा उनके साथ सामूहिक फोटो भी खिंचवाई।

पत्रकारों के दल ने विधानसभा परिसर स्थित म्यूजियम का अवलोकन कर राजस्थान राज्य के गठन, लोकतांत्रिक परंपराओं तथा विधानसभा के गौरवशाली इतिहास की विस्तृत जानकारी प्राप्त की। भ्रमण के दौरान पत्रकारों ने विधानसभा की दर्शक दीर्घा में बैठकर सदन  को नजदीक से देखा और  सदन के संचालन की प्रक्रिया के बारे में जानकारी हासिल की। 

अधिकारियों द्वारा संसदीय कार्यप्रणाली, विधायी प्रक्रियाओं एवं सदस्यों की भूमिका पर भी प्रकाश डाला गया। भ्रमण के अंत में पत्रकारों ने इस अध्ययन यात्रा को ज्ञानवर्धक बताते हुए कहा कि इससे संसदीय व्यवस्था की समझ और अधिक मजबूत हुई है, जो उनके पत्रकारिता कार्य में सहायक सिद्ध होगी।

इस अवसर पर राजस्थान विधानसभा के प्रमुख सचिव श्री भारत भूषण शर्मा, विशिष्ठ सहायक श्री के. के. शर्मा, परामर्शदाता गोपेंद्र नाथ भट्ट, छत्तीसगढ़ जनसंपर्क विभाग के संयुक्त निदेशक जितेंद्र नागेश, उप निदेशक राहुल सोन, सहायक निदेशक श्री मनोज कुमार सिंह, सहायक निदेशक श्री रमेश भार्गव तथा सहायक जनसंपर्क अधिकारी श्री ओम प्रकाश डहरिया उपस्थित थे।

राज्य स्तरीय प्रदर्शनी में महिला एवं बाल विकास विभाग की योजनाओं के प्रति दिख रहा उत्साह
जयपुर, 16 दिसम्बर। राज्य सरकार के कार्यकाल के शानदार दो वर्ष पूर्ण होने के अवसर पर जयपुर स्थित जवाहर कला केन्द्र में सूचना एवं जनसम्पर्क विभाग की ओर से 15...

जयपुर, 16 दिसम्बर। राज्य सरकार के कार्यकाल के शानदार दो वर्ष पूर्ण होने के अवसर पर जयपुर स्थित जवाहर कला केन्द्र में सूचना एवं जनसम्पर्क विभाग की ओर से 15 दिसम्बर से आयोजित राज्य स्तरीय प्रदर्शनी में महिला एवं बाल विकास विभाग की स्टॉल पर योजनाओं की जानकारी लेने के लिए विजिटर्स की ओर से अच्छा उत्साह दिखाया जा रहा है। 

महिला बाल विकास विभाग (निदेशालय समेकित बाल विकास सेवाएं और महिला अधिकारिता) की स्टॉल पर आम जन को विभाग की महत्वपूर्ण योजनाओं की जानकारी दी जा रही है। 

जिसमें ‘लाडो प्रोत्साहन योजना’ के तहत अब तक 4 लाख 60 हजार बालिकाएं लाभान्वित हो चुकी है। इसी प्रकार मुख्यमंत्री अमृत आहार योजना के अंतर्गत आंगनबाड़ी केंद्रों पर प्रतिदिन आने वाले 3 से 6 वर्ष के लगभग 16 लाख बच्चों को स्किम्ड मिल्क पाउडर निर्मित ताजा गरम दूध सप्ताह में पांच दिन दिया जाने की  जानकारी दी जा रही है। “प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना में जिसमें देय राशि बढ़ाकर 5 हजार से 6 हजार 500 रुपये की गई है। अब तक 9 लाख 92 हजार गर्भवती महिलाओं को 531 करोड़ रुपये की राशि प्रदान की जा चुकी है। वहीं दूसरी बार बच्चे के जन्म पर मुख्यमंत्री मातृत्व पोषण योजना के तहत 5 लाख से अधिक लाभार्थियों को लगभग 170 करोड़ रुपये का लाभ दिए जाने की जानकारी भी प्रदान की गई।

प्रदर्शनी में आंगनबाड़ी केंद्रों पर प्रदान की जा रही पोषाहार, शाला पूर्व शिक्षा,स्वास्थ्य एवं पोषण शिक्षा के अतिरिक्त अन्य जानकारियां भी प्रदान की गई।

अपराधों पर अंकुश के लिए पुलिस थानों का आधुनिकीकरण किया जाए- मुख्य सचिव
जयपुर,16 दिसंबर। मुख्य सचिव श्री वी. श्रीनिवास ने कहा कि प्रदेश में अपराधों के आंकड़ों में कमी शुभ संकेत है। अब मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा की मंशानुरूप प्रदेश को अपराध मुक्त...

जयपुर,16 दिसंबर। मुख्य सचिव श्री वी. श्रीनिवास ने कहा कि प्रदेश में अपराधों के आंकड़ों में कमी शुभ संकेत है। अब मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा की मंशानुरूप प्रदेश को अपराध मुक्त बनाने के लिए और भी प्रयास करने होंगे। उन्होंने कहा कि अपराधों पर अंकुश लगाने के लिए पुलिस के रेस्पोंस टाइम को कम करना, त्वरित अनुसंधान और पुलिस थानों का आधुनिकीकरण सुनिश्चित किया जाए।  


    मुख्य सचिव मंगलवार को शासन सचिवालय में भारतीय न्याय संहिता, भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता एवं भारतीय साक्ष्य अधिनियम के प्रभावी क्रियान्वयन के संबन्ध में आयोजित समीक्षा बैठक की अध्यक्षता कर रहे थे। उन्होंने पुलिस विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए की सभी थानों का डिजिटलाइजेशन करने के साथ-साथ आधुनिक उपकरणों की उपलब्धता सुनिश्चित की जाए। उन्होंने थानों में निर्बाध और स्ट्रोंग वाई-फाई की सुविधा के लिए सभी पुलिस थानों में राज नेट की कनेक्टिविटी सुनिश्चित करने के लिए भी निर्देशित किया।

          उन्होंने कहा कि थानों में महिला कॉन्सटेबल की नियुक्ति सुनिश्चित की जाए, जिससे महिलाओं से संबंधित अपराधों पर अंकुश लगाया जा सकता है। साथ ही पुलिस अधिकारी सुनिश्चित करें कि थानों में दर्ज एफआईआर और चार्जशीट पेश करने के बीच निश्चित समय सीमा से ज्यादा समय नहीं लगे।

    श्री श्रीनिवास ने कहा कि नये कानून के तहत अपराध कहीं भी हो उसकी रिपोर्ट किसी भी पुलिस थाने में ‘ज़ीरो FIR’  के रूप में दर्ज कराई जा सकती है। प्रदेश के सभी नागरिकों के लिए राजकॉप एसओएस अलर्ट उपलब्ध है। महिलाओं के लिए तत्काल सहायता प्रदान करने के लिए प्रदेश में राजकॉप नागरिक मोबाइल एप्लिकेशन पर ‘नीड हैल्प’सुविधा है। उन्होंने कहा कि आम जन को इन नए प्रावधानों और नवाचारों के बारे में जागरूक किया जाए, ताकि उन्हें इसका पूरा लाभ मिले।

    बैठक में पुलिस महानिरीक्षक इंटेलिजेंस श्री प्रफुल्ल कुमार ने कहा कि पुलिस द्वारा ई साक्ष्य एप का प्रयोग किया जा रहा है। इससे पुलिस को घटनास्थल के वीडियो, फोटो और गवाहों के बयान डिजिटल रूप से रिकॉर्ड करने और सुरक्षित रखने की सुविधा मिली है। उन्होंने बताया कि संबंधित केस की सारी जानकारी भी इस एप पर उपलब्ध रहेगी। उन्होंने बताया कि नवीन अपराधिक विधियों के अर्न्तगत दर्ज प्रकरणों में 60 दिवस में निस्तारित किए प्रकरणों की संख्या में इजाफा हुआ है।

    बैठक में चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग की प्रमुख शासन सचिव श्रीमती गायत्री राठौड़, अतिरिक्त महानिदेशक पुलिस श्री हवा सिंह घुमारिया, श्री भूपेन्द्र साहू, महानिरीक्षक पुलिस श्री प्रफुल्ल कुमार, श्री अजयपाल लांबा, उप महानिरीक्षक पुलिस श्री दीपक भार्गव, राजस्थान राज्य फोरेंसिक विज्ञान प्रयोगशाला (SFSL) के निदेशक डॉ. अजय शर्मा तथा गृह एवं विधि विभाग के अधिकारी उपस्थित रहे।

पशुपालन विभाग द्वारा राष्ट्रीय पशुधन मिशन के तहत राज्य स्तरीय मास्टर ट्रेनर प्रशिक्षण कार्यशाला का आयोजन
राष्ट्रीय पशुधन मिशन पशुपालकों की आय बढ़ाने का प्रभावी माध्यमः निदेशक,पशुपालन विभाग

जयपुर, 16 दिसम्बर। पशुपालन विभाग द्वारा राष्ट्रीय पशुधन मिशन के तहत राज्य स्तरीय मास्टर ट्रेनर प्रशिक्षण कार्यशाला का आयोजन मंगलवार को आगरा रोड स्थित राजस्थान राज्य पशुधन प्रबंधन एवं प्रशिक्षण संस्थान में किया गया। कार्यशाला में प्रदेश के सभी जिलों से 150 संभागियों ने भाग लिया जिसमें राष्ट्रीय पशुधन से जुड़े विभिन्न विषयों पर सत्र आयोजित किए जाएंगे।

कार्यशाला के उद्घाटन सत्र में मुख्य अतिथि केंद्रीय भेड़ एवं ऊन अनुसंधान संस्थान के निदेशक डॉ अरुण तोमर ने कहा कि राष्ट्रीय पशुधन मिशन हिंदुस्तान की आवश्यकता है। जिसे पशुपालन के क्षेत्र में बड़े उद्यमी तैयार करने की जिम्मेदारी दी गई है। पशुपालन के क्षेत्र में हम आज कई मामलों में नंबर एक पर हैं लेकिन अभी भी काफी कुछ किए जाने की संभावना शेष है। उन्होंने कहा कि हमारा लक्ष्य है प्रति पशु उत्पादन बढ़ाना। उत्पादन बढ़ाने के लिए एक फार्मूला जी प्लस ई की व्याख्या करते हुए उन्होंने कहा कि अच्छे प्रदर्शन के लिए पशुओं की नस्ल और उसके आधार पर उनका रखरखाव बहुत आवश्यक है। हमें अपने किसानों और पशुपालकों को यह बताना बहुत आवश्यक है कि किस जलवायु के लिए कौन सी नस्ल उपयुक्त है और किससे हम उत्तम उत्पादन ले सकते हैं। उन्होंने कहा कि पशु चिकित्सा अधिकारियों को केवल पशुओं की चिकित्सा तक ही खुद को सीमित नहीं करना चाहिए बल्कि हमें पशुधन के संपूर्ण विकास की बात करनी चाहिए और अपनी भूमिका को विस्तार देना चाहिए। हमें प्रयास करना चाहिए कि हमारा पशु बीमार ही न हो। उन्होंने कहा कि पशुधन गणना एक बहुत ही महत्वपूर्ण विषय है, जिसके आधार पर सारी योजनाओं का निर्माण होता है। उन्होंने समय समय पर होने वाले इस तरह के प्रशिक्षण को पशु चिकित्सकों के साथ विभाग के लिए भी बहुत उपयोगी बताया।

पशुपालन विभाग के निदेशक डॉ सुरेशचंद मीना ने कहा कि राष्ट्रीय पशुधन मिशन पशुपालकों की आय बढ़ाने का प्रभावी माध्यम है। उन्होंने कहा कि इस प्रशिक्षण में मास्टर ट्रेनर्स के रूप में जो भी जानकारी लेकर यहां से जाएं उसे और लोगों तक भी पहुंचाएं और इसका लाभ अधिक से अधिक पशुपालकों को मिल सके ऐसा प्रयास सभी करें। उन्होंने कहा कियदि सही जानकारी सही समय पर पशुपालक तक पहुंच जाए तो उसका सीधा लाभ स्वास्थ्य, उत्पादन और आय बढ़ोतरी के रूप में मिलता है। 

विभाग के अतिरिक्त निदेशक डॉ प्रवीण कुमार सेन ने सभी का स्वागत करते हुए कहा कि इस प्रशिक्षण कार्यक्रम का उदेश्य राष्ट्रीय पशुधन मिशन के विषय में सभी को संपूर्ण जानकारी उपलब्ध कराना है जिससे फील्ड के लोगों तक भी यह जानकारी पहुंचे।

उल्लेखनीय है कि राष्ट्रीय पशुधन मिशन (छस्ड) योजना भारत सरकार की एक पहल है जिसका उद्देश्य पशुधन क्षेत्र (जैसे डेयरी, पोल्ट्री, भेड़, बकरी, सूअर) के सतत विकास के माध्यम से किसानों और पशुपालकों की आय और जीवन स्तर में सुधार करना है, जिसमें उद्यमिता विकास, नस्ल सुधार, चारा और स्वास्थ्य सेवाओं को बढ़ावा देना और बाजार तक पहुंच बढ़ाना शामिल है, जिसके लिए सब्सिडी और प्रशिक्षण प्रदान किया जाता है।

लोक संस्कृति और संगीत के साथ विकास और विश्वास का जश्न- राज्य सरकार के ऐतिहासिक दो वर्ष पूर्ण होने पर राज्य स्तरीय प्रदर्शनी
संगीत और कालबेलिया नृत्य के रंगों से सराबोर हुआ जेकेके परिसर

राज्य सरकार के ऐतिहासिक और विकास, उपलब्धि व विश्वास से सरोबार दो वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में सूचना एवं जनसंपर्क विभाग द्वारा सोमवार से जवाहर कला केंद्र, जयपुर में आयोजित 4 दिवसीय राज्य स्तरीय प्रदर्शनी की सांस्कृतिक संध्या राजस्थानी लोक संगीत और नृत्य के रंगों से सराबोर रही। कार्यक्रम का बड़ी संख्या में लोगों विशेषकर युवाओं ने लुफ्त लिया। 

कार्यक्रम में राजस्थान की समृद्ध लोककला परंपरा का सजीव चित्रण किया गया। सांस्कृतिक संध्या में लोक कलाकारों की मनमोहक प्रस्तुतियों ने दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया।

सांस्कृतिक कार्यक्रम की शुरुआत गणेश वंदना से हुई। प्रसिद्ध लोक कलाकार राजकी पूरण नाथ सपेरा एवं उनके दल ने कालबेलिया नृत्य और संगीत की शानदार प्रस्तुति देकर समा बांध दिया। “चिरमी म्हारीं चिरमली, चिरमी रा डाला चार” और “लैता जाइजो रे दिलड़ौ, दैता जाइजो” जैसे लोकप्रिय लोकगीतों पर प्रस्तुत कालबेलिया नृत्य ने दर्शकों की भरपूर सराहना प्राप्त की।

कार्यक्रम में गायक बनवारी के साथ ढोलक पर अरुण, बीन पर कैलाश नाथ सपेरा तथा खंजरी पर पूरण नाथ ने संगत दी। इसके अतिरिक्त सांस्कृतिक संध्या में चरी और भंवरी नृत्य की आकर्षक प्रस्तुतियों ने भी दर्शकों का विशेष ध्यान खींचा।

लोक संगीत, नृत्य और सरकार की उपलब्धियों के समन्वय से सजी यह सांस्कृतिक संध्या दर्शकों के लिए यादगार बन गई। सांस्कृतिक संध्या में सूचना एवं जनसंपर्क व अन्य विभागों के वरिष्ठ अधिकारी, अन्य कार्मिक व आमजन उपस्थित रहे। 

डीआईपीआर स्टॉल पर विद्यार्थियों ने ली पीएम और सीएम के साथ सेल्फी, साहित्य में दिखाई रूचि-

प्रदर्शनी स्थल पर सूचना एवं जनसंपर्क विभाग के स्टॉल पर राज्य सरकार की प्रमुख उपलब्धियों एवं जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी दी गई है। बड़ी संख्या में लोगों विशेषकर विद्यार्थियों ने यहां विभिन्न विभागों की योजनाओं, उपलब्धियों के सम्बंध में प्रकाशित साहित्य निःशुल्क प्राप्त किया तथा इसके लिए राज्य सरकार का आभार प्रकट किया। उन्होंने प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी और मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के साथ वर्चुअल सेल्फी ली। यह सेल्फी लेने पर मोबाइल नम्बर अंकित किया जाता है तथा उस नम्बर पर मैसेज आता है। मैसेज क्लिक करते ही सेल्फी डाउनलोड का ऑप्शन आता है। सेल्फी लेने वालों ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी और मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा ने राज्य के विकास को नई गति दी है। उनके साथ सेल्फी यादगार क्षण हैं।

जयपुर शासन सचिवालय में स्वच्छता अभियान का आयोजन
मुख्य सचिव सहित अधिकारी-कर्मचारियों ने झाडू लगाकर अभियान की शुरूआत की

जयपुर, 12 दिसंबर।  राज्य सरकार के दो वर्ष का कार्यकाल पूर्ण होने के उपलक्ष्य में मंगलवार को शासन सचिवालय में स्वच्छता अभियान कार्यक्रम का आयोजन किया गया। अभियान का शुभारंभ शासन सचिवालय परिसर में कर्मचारी संघ कैंटीन के समीप से किया गया। यहां मुख्य सचिव श्री वी. श्रीनिवास के साथ वरिष्ठ अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने झाडू लगाकर साफ सफाई की। अभियान के अंतर्गत शासन सचिवालय में स्थित विभिन्न कार्यालयों सहित सभी राजकीय कार्यालयों में भी अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने साफ-सफाई की।

 मुख्य सचिव ने कहा कि सरकारी कार्यालय परिसरों में स्वच्छता बनाए रखने की संस्कृति विकसित की जानी चाहिए। इसके लिए नियमित रूप से स्वच्छता अभियान चलाए जाएं। उन्होंने कहा कि स्वच्छ वातावरण न केवल कार्यक्षमता बढ़ाता है, बल्कि सकारात्मक कार्य-संस्कृति को भी प्रोत्साहित करता है।

  उन्होंने कहा कि फाइलों और रिकॉर्ड्स का प्रबंधन अत्यंत आवश्यक है। सरकारी कार्यालयों में रिकॉर्ड्स की समय-समय पर समीक्षा (रिव्यू) एवं छंटनी (टाइमली वीडिंग ऑफ रिकॉर्ड्स) की जानी चाहिये। साथ ही पुराने फर्नीचर, अनुपयोगी वाहन स्क्रैप का समय पर निस्तारण किया जाना चाहिये। उन्होंने कहा कि पुराने और बेकार लैपटॉप, डेस्कटॉप, फोटोकॉपी मशीन आदि डिजिटल स्क्रैप का भी नियमानुसार निपटान किया जाना चाहिए।

 कार्यक्रम में अतिरिक्त मुख्य सचिव जल संसाधन विभाग श्री अभय कुमार, शासन सचिव कार्मिक विभाग श्रीमती अर्चना सिंह, शासन सचिव युवा मामले एवं खेल विभाग डॉ. नीरज के पवन, शासन सचिव सूचना प्रौद्योगिकी एवं संचार विभाग डॉ. रवि कुमार सुरपुर सहित अन्य अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।