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राज्य स्तरीय प्रदर्शनी का तीसरा दिन, प्रदेश की समृद्ध लोक-संगीत और संस्कृति को समर्पित रही सांस्कृतिक संध्या
भपंग वादन, चंग की थाप, बांसुरी की सुरीली धुन और कठपुतली शो रहे आकर्षण का केंद्र —बॉलीवुड एक्टर, राइटर और डायरेक्टर मकरंद देशपांडे ने कठपुतली कलाकारी के अद्भुत हुनर की...

जयपुर, 17 दिसम्बर। सूचना एवं जनसम्पर्क विभाग की ओर से राज्य सरकार के कार्यकाल के शानदार दो वर्ष पूर्ण होने के अवसर पर जवाहर कला केन्द्र में 15 दिसम्बर से आयोजित की जा रही राज्य स्तरीय प्रदर्शनी में तीसरे दिन बुधवार को सांस्कृतिक संध्या में भपंग वादन, चंग की थाप, बांसुरी की सुरीली धुनों और काठ की पुतलियों की जीवंत अदाओं ने पूरे वातावरण को उत्सवमय बना दिया।

पर्यटन विभाग के सहयोग से सुसज्जित सांस्कृतिक संध्या में यूसुफ खाँ एवं उनके समूह ने भपंग वादन के माध्यम से “कैसो आ गयो जमानो रे” और “दुनिया में भाया देख ले” जैसे लोकगीतों की प्रस्तुति देकर खूब तालियाँ बटोरीं। वहीं चूरू के श्याम मित्र मण्डल ने चंग की जोशीली थाप और बांसुरी की मधुर तान के साथ लोकधुनों से श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर दिया।

कार्यक्रम का विशेष आकर्षण कठपुतली लोक कलाकार राजू भाट रहे, जिन्होंने ढोलक की थाप पर उंगलियों पर काठ की पुतलियों को नचाते हुए महाराजा अमरसिंह की कहानी प्रस्तुत कर दर्शकों को जीवंत अनुभूति कराई।

बॉलीवुड की प्रसिद्ध हस्ती मकरंद देशपांडे ने बताया कठपुतली कला को अद्भुत और अलौकिक-

प्रदर्शनी देखने पहुंचे बॉलीवुड एक्टर, राइटर और डायरेक्टर मकरंद देशपांडे ने कठपुतली कलाकारी के अद्भुत हुनर की जोरदार प्रशंसा करते हुए कहा कि लोक कलाओं को संजोकर रखा जाए, यह कलाएं हमारी धरोहर हैं। सूचना एवं जनसंपर्क विभाग की ओर से यह नि:शुल्क कला प्रदर्शन है किन्तु कठपुतली कला अद्भुत और अलौकिक है। 

सूचना एवं जनसम्पर्क विभाग की संयुक्त निदेशक क्षिप्रा भटनागर ने श्री मकरंद देशपांडे को डीआईपीआर की ओर से किट ​गिफ्ट किया, उनका स्वागत किया, वहीं कलाकारों को भी मंच पर सम्मानित किया। 

इससे पूर्व राजस्थान प्रशासनिक सेवा की अधिकारी क्षिप्रा शर्मा किस्सागोई कला के अंतर्गत मोर और मोरनी की लोककथा सुनाकर श्रोताओं को कथाओं की दुनिया में ले गईं। वहीं “टीवी, रेडियो और सोशल मीडिया के क्षेत्र में अवसर और चुनौतियाँ” विषय पर आयोजित पैनल डिस्कशन में थिएटर आर्टिस्ट एवं आरजे प्रियदर्शिनी मिश्रा, निधीश गोयल एवं सुमित ने युवाओं को अपनी प्रतिभा पहचानकर उसी अनुरूप करियर चुनने का संदेश दिया।

कार्यक्रम में सूचना एवं जनसम्पर्क विभाग की ओर से सभी कलाकारों को सम्मानित किया गया। इस अवसर पर विभाग की सहायक निदेशक श्रीमती कविता जोशी ने प्रदर्शनी के बारे में विस्तार से जानकारी दी। 

मुख्य सचिव ने की विकास रथ यात्रा की प्रगति की समीक्षा
विकास कार्यों एवं कल्याणकारी योजनाओं को सोशल मीडिया पर प्रचारित करने के दिए निर्देश

जयपुर, 17 दिसंबर। मुख्य सचिव श्री वी. श्रीनिवासन ने प्रदेश के सभी विधान सभा क्षेत्रों में चल ​र​ही विकास रथ यात्रा की गतिविधियों, जनसमस्याओं के समाधान हेतु आयोजित रात्रि चौपालों और विभिन्न कार्यक्रमों की प्रगति की समीक्षा की।  सभी जिला कलेक्टरों को वी.सी के माध्यम से मुख्य सचिव ने निर्देश दिए कि हर जिले में राज्य सरकार के दो वर्षों की उपलब्धियों एवं कल्याणकारी योजनाओं को अधिक से अधिक आमजन तक प्रभावी ढंग से पहुंचाया जाए। उन्होंने सभी जिला कलेक्टरों को इन गतिविधियों की बेहतर मॉनिटरिंग सुनिश्चित करने के कड़े निर्देश दिए।

मुख्य सचिव बुधवार को शासन सचिवालय में राज्य सरकार के दो वर्ष की उपलब्धियों के प्रचार—प्रसार के लिए हर विधानसभा क्षेत्र में चल रही विकास रथ यात्रा के संबंध में विभागों के वरिष्ठ अधिकारियों साथ समीक्षा बैठक कर रहे थे।

मुख्य सचिव श्री वी.श्रीनिवासन ने प्रत्येक जिले में हुए व निर्माणाधीन विकास कार्यों को अधिक से अधिक सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर शेयर करने के निर्देश भी दिए। उन्होंने सूचना प्रौद्योगिकी विभाग के जिला कार्यालयों के माध्यम से इन कार्यों की लगातार मॉनिटरिंग सुनिश्चित करने तथा संबंधित डेटा को नियमित अपडेट करने पर जोर दिया।

मुख्य सचिव ने निर्देश दिए कि सभी जिलों में आयोजित हो रहे कार्यक्रमों, विकास रथ यात्रा की गतिविधियों सहित अन्य कार्यक्रमों को सोशल मीडिया पर फोटो और वीडियो सहित पोस्ट किया जाए । इससे राज्य सरकार की उपलब्धियों को आमजन तक प्रभावी ढंग से पहुंचाने में सहायता मिलेगी।

बैठक के दौरान मुख्य सचिव ने 18 से 25 दिसम्बर तक प्रदेश में आयोजित होने वाले विभिन्न कार्यक्रमों की समीक्षा भी की। उन्होंने 18 दिसम्बर को पर्यावरण संरक्षण अभियान, 19 दिसम्बर को धौलपुर जिले में महिला सम्मेलन, 20 दिसम्बर को कर्टेन रेजर आर्मी डे परेड, 21 दिसम्बर रन फॉर विकसित राजस्थान, 22 दिसम्बर को महिला सशक्तीकरण सम्मेलन व जनसभा, 23 दिसम्बर को मेड़ता नागौर में किसान सम्मेलन, 24 दिसम्बर को पर्यटन कान्कलेव तथा 25 दिसम्बर को राज्य स्तरीय सुशासन दिवस कार्यक्रम की बेहतर तैयारी, अधिकतम जनभागीदारी व प्रभावी मॉनिटरिंग के निर्देश भी दिये।      

बैठक में श्री प्रवीण गुप्ता, अतिरिक्त मुख्य सचिव, सार्वजनिक निर्माण विभाग, श्री भवानी सिंह देथा, प्रमुख शासन सचिव, महिला एवं बाल विकास विभाग, श्री नवीन जैन, शासन सचिव सामान्य प्रशासन, डॉ. नीरज कुमार पवन, शासन सचिव, युवा मामले एवं खेल विभाग, श्री संदेश नायक, आयुक्त सूचना एवं जनसंपर्क वि​भाग एवं विशिष्ठ सचिव, मुख्यमंत्री सहित अन्य विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।

राज्य स्तरीय प्रदर्शनी में पशुपालन विभाग के स्टॉल में शासन सचिव डॉ. समित शर्मा ने किया अवलोकन
ऊष्ट्र संरक्षण योजना के प्रति लोगों का रुझान

जयपुर, 17 दिसंबर। राज्य सरकार के कार्यकाल के दो वर्ष पूरा होने के उपलक्ष्य में जवाहर कला केंद्र में आयोजित राज्य स्तरीय प्रदर्शनी में पशुपालन विभाग की स्टॉल पर पशुपालन से संबंधित योजनाओं की जानकारी लेने के लिए विजिटर्स खासकर महिलाओं और युवाओं का खासा रुझान दिख रहा है।

विभाग के शासन सचिव डॉ. समित शर्मा ने भी स्टॉल का अवलोकन किया और वहां उपस्थित अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए। उन्होंने बताया कि राज्य सरकार पशुपालकों और किसानों के कल्याण के लिए नई नई योजनाएं ला रही है। प्रदेश का पशुपालक खुशहाल होगा तभी विकसित राजस्थान का सपना साकार होगा। उन्होंने कहा कि पशुपालकों के हितों को ध्यान में रखते हुए पिछले दो सालों में सरकार ने कई कल्याणकारी कदम उठाए हैं।

स्टॉल में पशुपालन, गोपालन और मत्स्य विभागों का स्टॉल लगाया गया है जिसमें सरकार के पिछले दो वर्ष की उपलब्धियों पर आधारित गतिविधियों को फिल्म, मुद्रित सामग्री और कलाकृतियों के माध्यम से प्रदर्शित किया गया है। साथ ही पशुपालन और गोपालन से संबंधित योजनाओं की जानकारी भी लोगों को दी जा रही है। स्टॉल पर गाय के गोबर से बने विभिन्न प्रकार के उत्पाद और सजावटी वस्तुएं तथा मछलियां और सीप से बनाई जाने वाली मोती विशेष आकर्षण का केंद्र रहे।

स्टॉल में आगंतुकों ने मुख्यमंत्री मंगला पशु बीमा योजना, ऊष्ट्र संरक्षण योजना और सेक्स सॉर्टेड सीमन योजना में विशेष दिलचस्पी दिखाई। इनसे संबंधित पठन सामग्री की भी स्टॉल में खूब मांग रही। ऊष्ट्र संरक्षण योजना के तहत ऊंटों के संरक्षण के लिए टोडियों के जन्म पर दो किश्तों में बीस हजार रुपये की सहायता राशि टोडियों के पालन पोषण के लिए दी जाती है। इस योजना के माध्यम से अब तक 16 करोड़ 84 लाख रुपये की आर्थिक सहायता प्रदान कर 9240 ऊँँटपालकों को लाभान्वित किया जा चुका है। इसी प्रकार मंगला पशु बीमा योजना में 6 लाख पशुपालकों के 11 लाख पशुओं का बीमा किया जा चुका है।

प्रदर्शनी में गौरक्षा एवं संवर्द्धन नीति, गोपाल क्रेडिट कार्ड योजना, पशु मेले आदि के अतिरिक्त अन्य जानकारियां भी उपलब्ध करवाई जा रही हैं।