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मोरचंग-खड़ताल की जुगलबंदी ने सांस्कृतिक संध्या में बिखेरे सुरों के जादू
सूचना एवं जनसम्पर्क विभाग की राज्य स्तरीय प्रदर्शनी

जयपुर, 18 दिसम्बर। सूचना एवं जनसम्पर्क विभाग की ओर से राज्य सरकार के कार्यकाल के दो वर्ष पूर्ण होने के अवसर पर जवाहर कला केन्द्र में 15 दिसम्बर से आयोजित की जा रही राज्य स्तरीय प्रदर्शनी के अंतिम दिन गुरुवार को आयोजित सांस्कृतिक संध्या में अंजना शर्मा एंड पार्टी के राजस्थानी संगीत कलकारों द्वारा ‘आओ जी म्हारा प्यारा विनायक….’ वंदना पर सुरीली प्रस्तुति दी गई। 

इसके बाद राजस्थानी चरी नृत्य की प्रस्तुति ने पूरे वातावरण को जोश से भर दिया। अगली कड़ी में राजस्थानी लोक कलकारों ने मोरचंग और खड़ताल की शानदार जुगलबंधी प्रतियोगिता ने श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर दिया।

कार्यक्रम का विशेष आकर्षण रहा राजस्थान का भवाई नृत्य जो अपने साहसी संतुलन करतबों के लिए प्रसिद्ध है, जिसमें नर्तक ने तलवार की धार पर खड़े होते हुए अपने सिर पर कई मिट्टी के बर्तन संतुलित कर बेहतरीन प्रस्तुति दी।

इस दौरान सूचना एवं जनसंपर्क विभाग की ओर से सभी कलाकारों को सम्मानित किया गया। इस अवसर पर विभाग के वरिष्ठ अधिकारीगण, कर्मचारीगण और आमजन उपस्थित रहे।

श्रीमद्भागवत महापुराण में जीवन की हर समस्या का समाधान : मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा
जयपुर, 18 दिसम्बर। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने गुरुवार को मानसरोवर स्थित वीटी रोड मेला मैदान में 15 से 21 दिसम्बर तक आयोजित श्रीमद्भागवत कथा में शामिल होकर कथा का श्रवण...

जयपुर, 18 दिसम्बर। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने गुरुवार को मानसरोवर स्थित वीटी रोड मेला मैदान में 15 से 21 दिसम्बर तक आयोजित श्रीमद्भागवत कथा में शामिल होकर कथा का श्रवण किया। उन्होंने श्रीमद्भागवत महापुराण का पूजन कर उपस्थित संतों-महंतों का आर्शीवाद प्राप्त किया।

शर्मा ने श्रद्धालुओं को संबोधित करते हुए कहा कि सनातन धर्म हमें जीवन जीने की पद्धति सिखाता है। श्रीमद्भागवत महापुराण ऐसा पवित्र ग्रंथ है जिसमें जीवन की हर समस्या व प्रश्न का समाधान विद्यमान है और श्रीमद्भागवत कथा जैसे आयोजन भावी पीढ़ी में संस्कारों का संचार करते हैं। इसके श्रवण मात्र से ही जीवन के सारे कष्ट दूर हो जाते हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि ऋषि, मुनियों और महंतों ने हमारी प्राचीन परंपरा और संस्कृति का संरक्षण और पोषण किया है। पौष के पावन माह में श्रीमद्भागवत कथा के श्रवण से विशेष पुण्य प्राप्त होता है।

इस अवसर पर कथावाचक देवकीनन्दन ठाकुर, काले हनुमान मंदिर के महंत श्री गोपालदास महाराज सहित अन्य संत, महंत, कथा आयोजन समिति के पदाधिकारीगण तथा बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे।

मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने सरस राजसखी राष्ट्रीय मेले का किया शुभारंभ
महिला स्वयं सहायता समूहों से किया संवाद, कहा- ‘ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मिला बल, महिलाएं हो रहीं सशक्त’

जयपुर, 18 दिसम्बर। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने गुरूवार को जवाहर कला केन्द्र में सरस राजसखी राष्ट्रीय मेले का शुभारंभ किया। इस दौरान उन्होंने देश-प्रदेश की महिला स्वयं सहायता समूहों द्वारा लगाई गई विभिन्न स्टॉल्स का अवलोकन कर उत्पादों के बारे में जानकारी ली और उनके हुनर की प्रशंसा की। 

इस अवसर पर श्री शर्मा ने लखपति दीदी एवं स्वयं सहायता समूहों की महिलाओं से आत्मीयता के साथ संवाद किया। उन्होंने कहा कि स्वयं सहायता समूहों के माध्यम से महिलाएं सशक्त हो रही हैं जिससे ग्रामीण व्यवस्था का विस्तार हो रहा है। वे अपना घर संभालने के साथ ही देश की अर्थव्यवस्था में अहम भूमिका निभा रही हैं। 

मुख्यमंत्री ने कहा कि सरस मेला इस बात का प्रमाण है कि जब सही नीति, सशक्त संस्थागत ढांचा और प्रभावी क्रियान्वयन एक साथ आते हैं तो ग्रामीण महिलाओं के जीवन में स्थायी और समावेशी परिवर्तन संभव होता है। यह मेला आत्मनिर्भर राजस्थान-आत्मनिर्भर भारत के हमारे संकल्प का प्रतीक भी है। 

उल्लेखनीय है कि 4 जनवरी तक चलने वाले इस सरस राजसखी राष्ट्रीय मेले में ग्रामीण भारत की समृद्ध परंपराआंे, शिल्प कौशल एवं कलाओं का प्रदर्शन किया जा रहा है। इस मेले में राजस्थान सहित 24 राज्यों की लगभग 300 स्टॉल्स लगाई गई हैं। इनमें देश के विभिन्न हिस्सों की ग्रामीण परंपरा, लोक कला, लोक शिल्प, वस्त्र परंपराएं, हैंडलूम एवं हैंडीक्राफ्ट उत्पादों का प्रदर्शन और विक्रय किया जा रहा है।

इस दौरान मुख्य सचिव श्री वी. श्रीनिवास, अतिरिक्त मुख्य सचिव ग्रामीण विकास श्रेया गुहा, आजीविका परियोजनाएं एवं स्वयं सहायता समूह की स्टेट मिशन निदेशक नेहा गिरी सहित बड़ी संख्या में आमजन उपस्थित रहे।