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प्रो. राजेंद्र सिंह (रज्जू भैय्या) जयंती विशेष: संघ के चतुर्थ सरसंघचालक की अमर गाथा
आज 29 जनवरी 2026 को राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के चतुर्थ सरसंघचालक प्रो. राजेंद्र सिंह जी की 104वीं जयंती है।

आज 29 जनवरी 2026 को राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के चतुर्थ सरसंघचालक प्रो. राजेंद्र सिंह जी की 104वीं जयंती है। प्रयागराज में जन्मे रज्जू भैय्या के नाम से विख्यात इस महान व्यक्तित्व ने विज्ञान के क्षेत्र में अपनी विद्वता के साथ-साथ राष्ट्र निर्माण में अद्वितीय योगदान दिया।

प्रारंभिक जीवन और शिक्षा

प्रो. राजेंद्र सिंह का जन्म 29 जनवरी 1922 को प्रयागराज के बेलका गाँव में एक प्रतिष्ठित परिवार में हुआ था। इलाहाबाद विश्वविद्यालय से भौतिकी में एमएससी करने वाले रज्जू भैय्या प्रख्यात गणितज्ञ हरिशचंद्र के सहपाठी रहे। 1943 से 1967 तक वे उसी विश्वविद्यालय में भौतिकी विभाग के प्राध्यापक व बाद में विभागाध्यक्ष रहे। डॉ. होमी भाभा ने उन्हें परमाणु अनुसंधान के लिए आमंत्रित किया, किंतु उन्होंने संघ कार्य को प्राथमिकता दी।

संघ संगठन में योगदान

1942 में भारत छोड़ो आंदोलन के दौरान संघ से जुड़े रज्जू भैय्या ने तीव्र गति से संगठन में प्रगति की। 1946 में प्रयाग विभाग कार्यवाह, 1949 में संभाग कार्यवाह, 1954 में उत्तर प्रदेश प्रांत प्रचारक बने। आपातकाल (1975-77) में भूमिगत रहकर लोकतंत्र पुनर्स्थापना आंदोलन चलाया। 11 मार्च 1994 को डॉ. बालासाहेब देवरस ने उन्हें सरसंघचालक पद सौंपा। 10 वर्षों तक इस दायित्व का निर्वहन करते हुए 2000 में श्री कुप्पाहल्ली सीताराम सुदर्शन को उत्तराधिकारी घोषित किया।

विशेष उपलब्धियाँ

रज्जू भैय्या संघ के पहले गैर-मराठी, गैर-ब्राह्मण सरसंघचालक थे। अयोध्या आंदोलन के दौरान स्वयंसेवकों को दृढ़ रहने का संदेश दिया। नानाजी देशमुख को मंत्री पद त्यागकर जनता पार्टी महासचिव बनने की प्रेरणा दी। वैज्ञानिक दृष्टिकोण से जटिल सामाजिक समस्याओं का सरल समाधान प्रस्तुत करते थे। लाल बहादुर शास्त्री से निकट संपर्क रहने पर भी संघ को चुना।

निधन और स्मृति

14 जुलाई 2003 को पुणे में इनका स्वर्गवास हुआ। प्रयागराज में प्रो. राजेंद्र सिंह (रज्जू भैय्या) स्मृति सेवा न्यास इनकी स्मृति को जीवंत रखता है। आज संघ परिवार सहित राष्ट्रभक्त उनके चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित कर रहा है। रज्जू भैय्या का संदेश – “व्यवस्था परिवर्तन ही राष्ट्र परिवर्तन का आधार है” – आज भी प्रासंगिक है।

जनकल्याण, राष्ट्रप्रेम व धर्मरक्षा के लिए संपूर्ण जीवन समर्पित करने वाले कुशल संगठनकर्ता, समाज सुधारक तथा ‘राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ’ के चौथे सरसंघचालक परम पूज्य प्रो० राजेन्द्र सिंह ‘रज्जू भैया’ जी की जयंती पर उन्हें शत-शत नमन |

मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने केन्द्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा और केंद्रीय ऊर्जा मंत्री मनोहर लाल से की मुलाकात
स्वास्थ्य सेवाओं, मेट्रो विस्तार एवं ऊर्जा से जुड़े विषयों पर की अहम चर्चा

जयपुर, 28 जनवरी। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने बुधवार को नई दिल्ली में केंद्रीय स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्री जेपी नड्डा एवं केंद्रीय आवासन, शहरी कार्य एवं ऊर्जा मंत्री मनोहर लाल से शिष्टाचार भेंट की। 

मुख्यमंत्री ने केंद्रीय स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्री श्री नड्डा से मुलाकात के दौरान प्रदेश में स्वास्थ्य सेवाओं के सुदृढ़ीकरण, आधारभूत स्वास्थ्य ढांचे के विस्तार एवं राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के प्रभावी क्रियान्वयन पर विस्तृत चर्चा की। साथ ही, उन्होंने प्रदेशवासियों को सुलभ और बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने के संबंध में भी सार्थक संवाद किया।

मुख्यमंत्री श्री शर्मा ने केंद्रीय आवासन, शहरी कार्य एवं ऊर्जा मंत्री मनोहर लाल से मेट्रो विस्तार, शहरी यातायात एवं ऊर्जा से जुड़े विभिन्न विषयों को लेकर मुलाकात की। इस दौरान उन्होंने प्रदेश को ऊर्जा आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में विकसित किए जा रहे बैटरी एनर्जी स्टोरेज सिस्टम एवं नवीन ट्रांसमिशन तंत्र के सुदृढ़ीकरण सहित ऊर्जा क्षेत्र के अन्य पहलुओं पर अहम चर्चा की।

UGC Bill 2026: उच्च शिक्षा में बड़े बदलाव की तैयारी, कॉलेजों में भेदभाव रोकने के लिए लागू हुए सख्त नियम; जानें सब कुछ
नई दिल्ली/राजस्थान। भारत सरकार और विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (UGC) ने देश की उच्च शिक्षा व्यवस्था में क्रांतिकारी बदलाव लाने के उद्देश्य से “उच्च शिक्षा संस्थानों में समानता को बढ़ावा देने...

नई दिल्ली/राजस्थान। भारत सरकार और विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (UGC) ने देश की उच्च शिक्षा व्यवस्था में क्रांतिकारी बदलाव लाने के उद्देश्य से “उच्च शिक्षा संस्थानों में समानता को बढ़ावा देने संबंधी विनियम, 2026” (Promotion of Equity in Higher Education Institutions Regulations, 2026) को प्रभावी कर दिया है। 13 जनवरी 2026 को अधिसूचित ये नियम अब देश के सभी विश्वविद्यालयों और कॉलेजों के लिए अनिवार्य होंगे।

इन नए नियमों का मुख्य लक्ष्य कैंपस में होने वाले जातिगत, धार्मिक और लैंगिक भेदभाव को जड़ से खत्म करना है। हालांकि, इन प्रावधानों को लेकर देशभर में बहस और विरोध का सिलसिला भी शुरू हो गया है।

UGC Bill 2026 की मुख्य विशेषताएं

यूजीसी के इन नए दिशा-निर्देशों में कई ऐसे प्रावधान किए गए हैं जो छात्रों की सुरक्षा और समानता को सुनिश्चित करते हैं:

  • समान अवसर केंद्र (Equal Opportunity Centre): अब हर कॉलेज और यूनिवर्सिटी में एक ‘इक्वल ऑपर्च्युनिटी सेंटर’ बनाना अनिवार्य होगा। यह केंद्र वंचित वर्गों (SC, ST, OBC, महिला, दिव्यांग) के छात्रों और कर्मचारियों को मार्गदर्शन प्रदान करेगा।
  • इक्विटी कमेटी का गठन: प्रत्येक संस्थान में एक विशेष समिति होगी जिसमें आरक्षित वर्गों और महिलाओं का प्रतिनिधित्व अनिवार्य होगा। यह समिति भेदभाव की शिकायतों की जांच करेगी।
  • 24×7 हेल्पलाइन: छात्रों की समस्याओं के त्वरित समाधान के लिए चौबीसों घंटे चलने वाली हेल्पलाइन और ऑनलाइन शिकायत प्रणाली शुरू की जाएगी।
  • कड़ी कार्रवाई का प्रावधान: यदि कोई संस्थान इन नियमों का उल्लंघन करता है, तो यूजीसी उसकी फंडिंग (Grant) रोक सकता है या उसकी मान्यता भी रद्द कर सकता है।
  • OBC को भी मिला दायरा: 2012 के पुराने नियमों की तुलना में, 2026 के नए नियमों में अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC) को भी जाति-आधारित भेदभाव के सुरक्षा दायरे में स्पष्ट रूप से शामिल किया गया है।

क्यों हो रहा है विरोध?

जहाँ सरकार इसे ‘सामाजिक न्याय’ की दिशा में बड़ा कदम बता रही है, वहीं कई संगठन और छात्र समूह इसका विरोध कर रहे हैं। विरोध के मुख्य बिंदु निम्नलिखित हैं:

  1. सामान्य वर्ग की चिंताएं: आलोचकों का तर्क है कि इन नियमों में सामान्य श्रेणी (General Category) के छात्रों के लिए पर्याप्त सुरक्षा उपाय नहीं हैं।
  2. दुरुपयोग का डर: कुछ शिक्षाविदों का मानना है कि नियमों की अस्पष्ट परिभाषा के कारण इनका गलत इस्तेमाल हो सकता है, जिससे कैंपस का माहौल तनावपूर्ण होने की आशंका है।
  3. रोलेट एक्ट से तुलना: कुछ प्रदर्शनकारियों ने इन सख्त नियमों की तुलना ब्रिटिश काल के ‘रोलेट एक्ट’ से की है, उनका कहना है कि यह संस्थानों की स्वायत्तता पर हमला है।
  4. न्यायालय में चुनौती: सुप्रीम कोर्ट ने इन नियमों के खिलाफ दायर याचिकाओं पर सुनवाई करने के लिए सहमति दे दी है, जिससे आने वाले दिनों में यह कानूनी मोड़ ले सकता है।

राजस्थान पर असर

राजस्थान के प्रमुख विश्वविद्यालयों जैसे राजस्थान विश्वविद्यालय (Jaipur), JNVU (Jodhpur) और मोहनलाल सुखाड़िया विश्वविद्यालय (Udaipur) में भी इन नियमों को लागू करने की प्रक्रिया शुरू हो गई है। राज्य के हजारों छात्रों के लिए अब शिकायत निवारण का एक मजबूत तंत्र उपलब्ध होगा।

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एयर कनेक्टिविटी के विस्तार से राज्य में पर्यटक आगमन को लग सकते हैं पंख- उपमुख्यमंत्री दिया कुमारी
हेरिटेज बावड़ियों का संरक्षण राज्य की प्राथमिकता- शेखावाटी की हवेलियों का होगा संरक्षण और मंडावा को इसके मॉडल के रूप में किया जाएगा विकसित

जयपुर, 22 जनवरी। उपमुख्यमंत्री तथा पर्यटन व कला एवं संस्कृति मंत्री दिया कुमारी की अध्यक्षता में पर्यटन आयुक्त रुक्मणि रियाड़ की उपस्थिति में गुरुवार को पर्यटन भवन में पर्यटन व कला एवं संस्कृति विभाग के लंबित प्रकरणों की समीक्षा बैठक आयोजित की गई। 

उपमुख्यमंत्री दिया कुमारी ने फोन ऐप, आमेर मास्टर प्लान, पुरालेखों का डिजिटलीकरण,मीडिया बाईन्ग, प्रताप टूरिस्ट सर्किट, पुष्कर कोरिडोर, जेकेके टेंडर, रवीन्द्र रंगमंच रिनोवेशन, RTICE बोर्ड, माइस सेंटर के लिए भूमि आवंटन, अल्बर्ट हॉल टेंडर आदि प्रोजेक्ट्स पर प्रगति की जानकारी ली तथा इन कार्यों को टाइम लाइन्स के आधार पर त्वरित गति से क्रियान्वित करने के निर्देश दिए।

उपमुख्यमंत्री दिया कुमारी ने शेखावाटी की हवेलियों के संरक्षण के संबंध में प्रगति की जानकारी ली तथा मंडावा को विरासत संरक्षण के मॉडल के रूप में विकसित करने के लिए कार्य योजना बनाने के निर्देश दिए।

दिया कुमारी ने राज्य की बावड़ियों के संरक्षण के लिए भी समग्र कार्य योजना बनाकर कार्य किये जाने के निर्देश दिए। उन्होंने इस क्षेत्र में अन्य अच्छे कार्यों का अनुसरण करने के ​भी निर्देश दिए। 

उपमुख्यमंत्री दिया कुमारी की अध्यक्षता में यूडीएच एवं एलएसजी विभाग के अधिकारियों की उपस्थिति में होटल इण्डस्ट्री के प्रतिनिधियों से होटल इण्डस्ट्री को सुविधाएं दिए जाने तथा उनको आने वाली समस्याओं के निराकरण पर भी चर्चा की गई।

उपमुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि राज्य में होटल इण्डस्ट्री को भूमि आवंटन तथा नई होटल यूनिट स्थापित करने,  उन्हें लाईसेंस दिए जाने, फायर एनओसी दिए जाने तथा अन्य सरकारी प्रक्रिया में आसानी से अनुमति मिल सकेगी तो वे राज्य पर्यटन विकास में अपना योगदान बेहतर रूप में दे सकेंगे। उन्होंने कहा कि इसके लिए सिंगल विंडों क्लिरियंस को प्राथमिकता देनी होगी। 

उपमुख्यमंत्री ने बैठक के पश्चात पत्रकारों से बात करते हुए कहा कि राजस्थान में बावड़ियों के संरक्षण के लिए बेहतरीन कार्य ​किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि हमारी कई बावड़ियों पर पहले से ही संरक्षण के काम किये जा रहे हैं। जिनमें से कुछ काम हो भी चुके हैं। बावड़ियों के संरक्षण के लिए हम उन सब कार्यों का एक पूरा डॉक्युमेंटेशन तैयार कर रहे हैं। जिसके आधार पर राज्य में आगे और कौन-कौन सी बावड़ियों का संरक्षण किया जा सकता है इसके लिए भी कार्य योजना बनाकर कार्य किया जाएगा। 

दिया कुमारी ने कहा कि पांडुलिपियाँ हैं, मैन्युस्क्रिप्ट्स हैं जो हमारी विरासत है उन पर काम चल रहें हैं उसके बारे में भी चर्चा हुई हैं और आवश्यक निर्देश दिए गए हैं। 

उपमुख्यमंत्री ने कहा कि हमने इस वित्तीय वर्ष की बजट घोषणाओं की बेहतर क्रियान्विति की है। इसके साथ ही आने वाले बजट में कौन-कौन से महत्वपूर्ण बिंदुओं को शामिल किया जा सकता है इस पर भी चर्चा की गईं है।

उपमुख्यमंत्री ने कहा कि राजस्थान में आने वाले पर्यटकों के लिए सभी तरीके की पर्यटन सुविधाओं का विकास हो इस पर केंद्रित होकर कार्य किये जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि हमारे प्रदेश में एयर कनेक्टिविटी को बढ़ाने की आवश्यकता है, जिससे कि राजस्थान में देशी-विदेशी पर्यटकों को आने में ज्यादा सुविधा होगी। एयर कनेक्टिविटी विस्तार से राज्य में निश्चित ही पर्यटक आगमन को पंख लग सकते हैं। 

दिया कुमारी ने कहा कि हमारे यहां रोड कनेक्टिविटी, ट्रेन कनेक्टिविटी, पर्यटक स्थलों पर बेहतर सुविधाओं के साथ ही ढांचागत विकास पर राज्य सरकार का ध्यान केंद्रित है। उन्होंने कहा कि पर्यटन सीजन में अधिक पर्यटक आने पर भी भी पर्यटकों को कोई असुविधा न हो इस पर कार्य किया जाएगा। पीक ट्यूरिस्ट सीजन में भी पर्यटकों को ठहरने की उचित आतिथ्य यूनिट मिल सके इस हेतु होटल्स आदि में कमरों की संख्या बढ़ाई जाने को पर कार्य किया जाना है जिसपर हम विचार कर रहे हैं। इन्वेंट्री उपलब्धता और थ्री-स्टार और फोर-स्टार होटलों की संख्या को कैसे बढ़ाया जा सकता इस हेतु कार्य किया जाएगा।

बीजेपी राष्ट्रीय अध्यक्ष निर्वाचित: नितिन नबीन बने नए अध्यक्ष, जेपी नड्डा के बाद युवा नेतृत्व
19 जनवरी 2026 को नितिन नाबिन (Nitin Nabin) को बीजेपी राष्ट्रीय अध्यक्ष निर्वाचित घोषित किया गया। वे निर्विरोध चुने गए और आज (20 जनवरी) सुबह 11:30 बजे औपचारिक रूप से...

नई दिल्ली, 20 जनवरी 2026। भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) ने 19 जनवरी को नितिन नबीन को अपना नया राष्ट्रीय अध्यक्ष चुना। वे जेपी नड्डा के उत्तराधिकारी होंगे। नाबिन, जो दिसंबर 2025 से कार्यकारी अध्यक्ष थे, निर्विरोध नामांकन देकर चुने गए। आज दोपहर 11:30 बजे पीएम नरेंद्र मोदी, गृह मंत्री अमित शाह और रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह की उपस्थिति में पदभार ग्रहण करेंगे।​

नितिन नाबिन (जन्म 23 मई 1980) बिहार के पटना के बैंकिपुर से 5 बार विधायक हैं। वे बीजेपी के सबसे युवा राष्ट्रीय अध्यक्ष (45 वर्ष) हैं। पूर्व में बिहार भाजपा युवा मोर्चा अध्यक्ष रह चुके हैं। छत्तीसगढ़ चुनाव 2023 में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। बिहार बीजेपी अध्यक्ष संजय सरावगी ने इसे “नए युग की शुरुआत” बताया।​

पार्टी के संगठन को मजबूत करने, आगामी असेंबली चुनावों (तमिलनाडु, केरल, असम) और ‘विकसित भारत’ पर फोकस रहेगा। यह चयन आरएसएस से जुड़े नेटवर्क को मजबूत करेगा।

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पावर-पैक्ड इंडिया स्टोनमार्ट 2026: 5-8 फरवरी जयपुर में, शिखर अग्रवाल की समीक्षा से निर्यात बूस्ट
इंडिया स्टोनमार्ट 2026: जयपुर में 5-8 फरवरी को धमाल! एसीएएस शिखर अग्रवाल ने तैयारियों की समीक्षा कर एजेंसियों को समन्वय के निर्देश दिए

जयपुर। इंडिया स्टोनमार्ट 2026 की तैयारियां जोरों पर हैं! उद्योग एवं वाणिज्य विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव (एसीएएस) श्री शिखर अग्रवाल ने सोमवार को उद्योग भवन में जयपुर स्टोनमार्ट की तैयारियों की उच्चस्तरीय समीक्षा की। इस अंतरराष्ट्रीय स्टोन उद्योग इवेंट के लिए सभी एजेंसियों को समन्वय के साथ तेजी से काम करने और शेष व्यवस्थाओं को समय पर पूरा करने के सख्त निर्देश दिए गए।

बैठक में प्रमुख चर्चा: जेईसीसी सीतापुरा की भव्य तैयारी

बैठक में इंडिया स्टोनमार्ट 2026 की विस्तृत प्रस्तुति दी गई, जिसमें जयपुर एग्जीबिशन एंड कन्वेंशन सेंटर (जेईसीसी) सीतापुरा का लेआउट, हॉल-ओपन एरिया प्लान, पार्किंग, स्टॉल बुकिंग, राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय सहभागिता, लॉजिस्टिक्स, सुरक्षा, ट्रैफिक मैनेजमेंट और आगंतुक सुविधाओं पर फोकस रहा। रीको प्रबंध निदेशक श्रीमती शिवांगी स्वर्णकारलघु उद्योग भारती के राष्ट्रीय सचिव श्री नरेश पारीकइंडिया स्टोनमार्ट संयोजक श्री नटवरलाल अजमेरा, राष्ट्रीय उपाध्यक्ष श्रीमती अंजू सिंह और सेंटर फॉर डेवलपमेंट ऑफ स्टोन्स के पदाधिकारी मौजूद रहे।

इंडिया स्टोनमार्ट 2026: राजस्थान स्टोन इंडस्ट्री का वैश्विक मंच

इंडिया स्टोनमार्ट 2026 5 से 8 फरवरी 2026 तक जयपुर के जेईसीसी सीतापुरा में आयोजित होगा। यह राजस्थान के प्राकृतिक पत्थर उद्योग को वैश्विक पहचान दिलाने वाला प्रमुख पत्थर निर्यात और व्यापार मेला है। देश-विदेश से उत्पादक, निर्यातक, खरीदार, वास्तुविद्, डिजाइनर और विशेषज्ञ शामिल होंगे। आयोजन राजस्थान व्यापारनिवेश अवसरों और रोजगार सृजन को बूस्ट देगा, स्टोन उद्योग की क्षमताओं को दुनिया के सामने प्रदर्शित करेगा।

इंडिया स्टोनमार्ट 2026 में भाग लेने के इच्छुक स्टोन इंडस्ट्री व्यवसायी जल्दी स्टॉल बुक करें—यह जयपुर स्टोनमार्ट का गेम-चेंजर इवेंट साबित होगा!

राज्यपाल ने जगदगुरु रामभद्राचार्य की दिव्य रामकथा सुनी
जगदगुरु रामभद्राचार्य अध्यात्म परम्परा के महान मनीषी- राज्यपाल

जयपुर, 14 जनवरी। राज्यपाल हरिभाऊ बागडे ने बुधवार को नींदड़ में चल रही जगदगुरु रामभद्राचार्य की दिव्य रामकथा सुनी और 1008 श्री हनुमत महायज्ञ में भाग लिया। उन्होंने इस दौरान जगद्गुरु श्री रामभद्राचार्य का अभिनंदन किया और कहा कि वह अध्यात्म की भारतीय ज्ञान परम्परा के महान मनीषी हैं।

राज्यपाल ने बाद में अध्यात्म की भारतीय संस्कृति पर चर्चा करते हुए कहा कि स्वामी श्री रामभद्राचार्य जीवन का आलोक पथ दिखाने वाले मनीषी, वेद, उपनिषद और राम कथा मर्मज्ञ हैं। उन्होंने स्वामी रामभद्राचार्य की साधना को नमन करते हुए उनसे आशीर्वाद लिया। 

राज्यपाल श्री बागडे से रामकथा स्थल पर साध्वी ऋतम्भरा ने मुलाकात कर उनका अभिनंदन किया।

निषाद पार्टी के 13वें कार्यकर्ता संकल्प दिवस में बोले अभिषेक वर्मा, शोषित-वंचितों के अधिकारों की लड़ाई और तेज होगी
सामाजिक न्याय की लड़ाई तेज होगी: निषाद पार्टी मंच से अभिषेक वर्मा

लखनऊ:
राम मनोहर लोहिया विधि विश्वविद्यालय, अशियाना स्थित डॉ. भीमराव अंबेडकर सभागार में निर्बल इंडियन शोषित हमारा आम दल (निषाद पार्टी) की ओर से आयोजित 13वें कार्यकर्ता संकल्प दिवस का भव्य आयोजन किया गया। इस अवसर पर शिवसेना (शिंदे गुट) के राष्ट्रीय संयोजक अभिषेक वर्मा मुख्य अतिथि के रूप में कार्यक्रम में शामिल हुए और बड़ी संख्या में उपस्थित कार्यकर्ताओं को संबोधित किया।

कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए अभिषेक वर्मा ने कहा कि शोषित, वंचित और पिछड़े वर्गों के अधिकारों की रक्षा ही सच्ची राजनीति है। उन्होंने कहा कि डॉ. भीमराव अंबेडकर, राम मनोहर लोहिया और समाज सुधारकों के विचार आज भी प्रासंगिक हैं और इन्हीं विचारों के आधार पर सामाजिक न्याय की लड़ाई को आगे बढ़ाया जाएगा।

उन्होंने निषाद पार्टी के कार्यकर्ताओं से आह्वान किया कि वे संगठन को जमीनी स्तर पर और मजबूत करें तथा समाज के अंतिम व्यक्ति तक अपनी आवाज पहुंचाएं। वर्मा ने कहा कि आज आवश्यकता है संकल्प, संघर्ष और संगठन की, जिससे शोषित समाज को उनका हक दिलाया जा सके।

कार्यक्रम के दौरान सामाजिक न्याय, राजनीतिक भागीदारी, शिक्षा और रोजगार जैसे मुद्दों पर भी विस्तार से चर्चा की गई। संकल्प दिवस के अवसर पर कार्यकर्ताओं ने संगठन को मजबूत करने और सामाजिक बदलाव के लिए निरंतर संघर्ष करने का संकल्प लिया।

इस मौके पर निषाद पार्टी के कई वरिष्ठ नेता, पदाधिकारी और प्रदेशभर से आए सैकड़ों कार्यकर्ता उपस्थित रहे। पूरे कार्यक्रम में उत्साह और जोश का माहौल देखने को मिला।

1 लाख भर्तियों का कैलेण्डर जारी करने पर युवाओं ने मुख्यमंत्री का जताया आभार
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने अभ्यर्थियों से किया वादा, अब सभी परीक्षाएं होंगी पारदर्शिता से

जयपुर, 13 जनवरी। एक लाख भर्तियों का कैलेण्डर जारी करने, दो वर्ष के कार्यकाल में एक लाख सरकारी नौकरियां देने के साथ ही पेपरलीकमुक्त राजस्थान बनाने का वादा पूरा होने पर मंगलवार को प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे बड़ी संख्या में युवाओं ने मुख्यमंत्री निवास पर पहुंचकर मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा का आभार व्यक्त किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने भी अभ्यर्थियों को संबोधित करते हुए उनसे वादा किया कि प्रदेश में अब सभी परीक्षाएं पारदर्शिता के साथ होंगी। युवा मन लगाकर पढ़ाई करें, सरकार हर कदम पर उनके साथ खड़ी है। 

शर्मा ने कहा कि युवा राष्ट्र निर्माता हैं। इनके परिश्रम को सही दिशा देकर ही देश और प्रदेश का तेजी से विकास संभव है। हमारी सरकार ने युवाओं को सौगात देते हुए 1 लाख भर्ती परीक्षाओं का कैलेण्डर जारी किया है। अब युवाओं को भर्तियों के लिए लम्बा इंतजार नहीं करना होगा। भर्ती परीक्षाएं समय पर होंगी और निष्पक्ष होंगी, जिससे युवाओं को उनके परिश्रम का फल अवश्य मिलेगा। उन्होंने कहा कि भर्ती परीक्षाओं के कैलेण्डर के साथ-साथ नई युवा नीति एवं रोजगार नीति भी जारी की गई है, जिससे प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने वाले युवाओं के साथ ही स्वरोजगार एवं उद्यम में रुचि रखने वाले युवा भी लाभान्वित हो सकेंगे।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राजस्थान के हर क्षेत्र में प्रगति की अपार संभावनाएं हैं। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के ‘वोकल फॉर लोकल’ तथा ‘स्वदेशी’ के आह्वान को आत्मसात करते हुए युवा रोजगार प्रदाता बनकर प्रदेश के विकास में अहम योगदान दें। उन्होंने कहा कि युवाओं को निजी क्षेत्र में भी रोजगार के अवसर उपलब्ध कराने के लिए सरकार निरंतर कार्य कर रही है। निजी क्षेत्र में दो लाख से अधिक रोजगार के अवसर प्रदान किए गए हैं। 

शर्मा ने कहा कि पिछली सरकार के कार्यकाल में पेपरलीक से लाखों युवाओं के सपने चकनाचूर हो गए। हमारी सरकार ने पेपरलीक प्रकरणों से प्रदेश को मुक्ति दिलवाई है। दो वर्षों में 351 परीक्षाएं बिना किसी गड़बड़ी के संपादित हुई हैं। वहीं 1 लाख से अधिक सरकारी नौकरियां दी जा चुकी हैं और करीब 1 लाख 43 हजार पदों पर भर्ती प्रक्रिया जारी है। 

नारे लगाकर युवाओं ने दिया सरकार को धन्यवाद –

प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे युवाओं ने युवा हित में निरन्तर किए जा रहे निर्णयों के लिए नारे लगाकर मुख्यमंत्री का आभार जताया। मुख्यमंत्री से संवाद के दौरान एक छात्रा ने साल की शुरूआत में ही भर्ती कैलेण्डर जारी करने के लिए धन्यवाद देते हुए कहा कि पहले युवा परीक्षाओं की तैयारी करते रहते थे लेकिन परीक्षाएं समय पर नहीं होती थी। ऐसे में परिवार वाले शादी का दबाव बनाने लगते थे। अब भर्ती कैलेण्डर जारी हो गया है तो मन लगाकर तैयारी कर सकते हैं।

इस दौरान प्रदेशभर से बड़ी संख्या में आए प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे अभ्यर्थी उपस्थित रहे। 

राजस्थान बना सैन्य इतिहास का साक्षी
जयपुर, 10 जनवरी। 78वें सेना दिवस के अवसर पर भारतीय थल सेना की दक्षिण पश्चिमी कमान  (सप्त शक्ति कमान) द्वारा सवाई मानसिंह स्टेडियम, जयपुर में आयोजित शौर्य संध्या में भारतीय...

जयपुर, 10 जनवरी। 78वें सेना दिवस के अवसर पर भारतीय थल सेना की दक्षिण पश्चिमी कमान  (सप्त शक्ति कमान) द्वारा सवाई मानसिंह स्टेडियम, जयपुर में आयोजित शौर्य संध्या में भारतीय सेना के अदम्य साहस, वीरता और सैन्य शक्ति का भव्य प्रदर्शन किया गया। इस ऐतिहासिक आयोजन में वर्ष 1947 के भारत—पाक वार से लेकर ऑपरेशन सिंदूर तक भारतीय सेना द्वारा लड़े गए युद्धों और प्रमुख सैन्य अभियानों को नाट्य, दृश्य एवं तकनीकी प्रस्तुतियों के माध्यम से जीवंत रूप में दर्शाया गया।

इस अवसर पर दक्षिण पश्चिमी कमान के आर्मी कमांडर लेफ्टिनेंट जनरल मनजिंदर सिंह ने कहा कि राजस्थान वीरता और शौर्य की भूमि है। इस भूमि ने महाराणा सांगा, महाराणा प्रताप, परमवीर चक्र विजेता पीरु सिंह, परमवीर चक्र विजेता शैतान सिंह जैसे पराक्रमी योद्धाओं को जन्म दिया है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी की पहल पर राजस्थान में पहली बार सेना दिवस का आयोजन किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि इस दौरान आॅनर कैंप, साइकिल रैली, मेगा मेडिकल कैंप, ‘नो योर आर्मी’ प्रदर्शनी जैसे गतिविधियां आयोजित की जा रही है। 

लेफ्टिनेंट जनरल मनजिंदर सिंह ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री मोदी के नेतृत्व में भारत की सशस्त्र सेनाओं का आधुनिकीकरण अभूतपूर्व गति से आगे बढ़ रहा है। “मेक इन इंडिया” और “आत्मनिर्भर भारत” अभियान के तहत रक्षा उत्पादन में स्वदेशीकरण को प्राथमिक दी जा रही है। उन्होंने बताया कि इन्हीं नवीन तकनीकों की मदद से ऑपरेशन सिंदूर में भारत ने दुश्मन देश पाकिस्तान को मात्र 88 घंटों में सरेंडर करने पर मजबूर कर दिया। 

1,000 स्वदेशी ड्रोन से सजी सैन्य नवाचार और आधुनिकीकरण की छवियां—

शौर्य संध्या का प्रमुख आकर्षण एक हजार स्वदेशी ड्रोन से सजा भव्य ड्रोन शो रहा। आकाश में भगवान कृष्ण के रथ पर सवार अर्जुन, महाराणा प्रताप, छत्रपति शिवाजी महाराज,  तिरंगा, सेना के प्रतीक चिन्हों के साथ-साथ भारतीय सेना की भैरव बटालियन, सेन्य नवीनीकरण और आधुनिकीकरण की झलक ने दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। ड्रोन शो ने स्वदेशी रक्षा क्षमताओं और प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के विकसित भारत—2047 की भावना को सशक्त रूप से प्रस्तुत किया।

नाट्य प्रस्तुति व लघु फिल्म में दिखी ऑपरेशन सिंदूर तक की गौरवगाथा—

कार्यक्रम में प्रदर्शित नाट्य प्रस्तुति और फिल्म में भारतीय सेना के 1947 से लेकर ऑपरेशन सिंदूर तक के गौरव, साहस और बलिदान की यात्रा को दर्शाया गया । इनमें कश्मीर में कबाइली हमलों से लेकर 1965 व 1971 के भारत पाक युद्ध, कारगिल युद्ध, प्रथम कश्मीर युद्ध, पुलवामा हमलें में पाक प्रायोजित आतंकवाद की क्रूरता और नापाक इरादे और इसके विरुद्ध हमारी सैन्य सर्जिकल स्ट्राइक ‘ऑपरेशन सिंदूर’ ऑपरेशन सुदर्शन चक्र जैसी विभिन्न सैन्य कार्रवाईयों में भारतीय सेना के अदम्य साहस और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की दृढ़ इच्छाशक्ति की गौरवगाथा को प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत किया गया, जिसने उपस्थित जनसमूह को देशभक्ति से भर दिया।

परंपरा और शक्ति का अद्भुत संगम—

शौर्य संध्या में पारंपरिक भारतीय खेल कलाओं मलखंभ और कलारिपयट्टू का प्रदर्शन भी किया गया। इसके साथ ही पैरा मोटर्स की शत्रुजीत ब्रिगेड द्वारा किए गए रोमांचक हवाई प्रदर्शन ने कार्यक्रम को और भी यादगार बना दिया।

फील्ड मार्शल के. एम. करियप्पा ने आजाद भारत के प्रथम सेनाध्यक्ष का चार्ज 15 जनवरी, 1949 को लिया था। इसी की याद को चिरस्थायी बनाने और सेना के गौरव की स्मृति में प्रत्येक वर्ष 15 जनवरी को सेना दिवस मनाया जाता है। यह दिन हमारे वीर जवानों के साहस, अनुशासन और सर्वोच्च बलिदान को नमन करने का प्रतीक है, जिन्होंने देश की एकता, अखंडता और संप्रभुता की रक्षा की है।

जयपुर में पहली बार सेना दिवस का आयोजन—

पहली बार सेना दिवस जयपुर में आयोजित किया जा रहा है। राज्य के लिए यह गौरवमयी क्षण है। इसके साथ ही देश में पहली बार सैन्य छावनी क्षेत्र के बाहर यह आयोजन हो रहा है। वर्ष 2022 तक नई दिल्ली छावनी क्षेत्र में सेना दिवस के आयोजन की परंपरा थी। प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी की पहल पर देशभर में आमजन को सेना के बलिदान और गौरव से जोड़ने के उद्देश्य से 2023 से सेना दिवस नई दिल्ली से बाहर मनाना शुरु हुआ। 2023 में बैंगलुरु, 2024 में लखनऊ और 2025 में पुणे में सेना दिवस मनाया गया लेकिन देश में पहली बार सेना दिवस, 2026 छावनी क्षेत्र से बाहर मनाया जा रहा है जिससे आमजन की भागीदारी अधिक से अधिक सुनिश्चित हो सके।

इस अवसर पर सामान्य प्रशासन विभाग के प्रमुख शासन सचिव श्री नवीन जैन, शासन सचिव खेल एवं युवा मामले विभाग श्री नीरज के. पवन, जयपुर जिला कलेक्टर डॉ. जितेन्द्र ​सोनी सहित भारतीय सेना के वरिष्ठ अधिकारी, सैनिक, एनसीसी केडिट्स और बड़ी संख्या में आमजन उपस्थित रहे।