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केंद्रीय कपड़ा मंत्री गिरिराज सिंह ने राजस्थान टेक्सटाइल पॉलिसी की सराहना की
बोले- अन्य राज्य भी ऐसी नीति बनाएं

केंद्रीय कपड़ा मंत्री गिरिराज सिंह ने असम के गुवाहटी में राष्ट्रीय कपड़ा मंत्रियों के सम्मेलन में राजस्थान सरकार की टेक्सटाइल  पॉलिसी को आदर्श बताते हुए सभी राज्यों को इसी प्रकार अपने टेक्सटाइल उद्योग के विकास और निवेश के लिए रोडमैप तैयार करने की सलाह दी है। कार्यक्रम में उनको राजस्थान टेक्सटाइल एण्ड अपैरल पॉलिसी-2025 की प्रति दी गई, इसे गौर से पढ़कर इसमें दिलचस्पी दिखाई, सम्बन्धित लोगों से फीडबैक लिया और इस नीति की सराहना की।

इस दो-दिवसीय सम्मेलन में देश भर के राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के कपड़ा मंत्री और वरिष्ठ अधिकारी कपड़ा क्षेत्र के भविष्य के रोडमैप पर चर्चा करने के लिए जुटे हैं। इसमें राजस्थान सरकार का एक प्रतिनिधिमंडल उद्योग एवं वाणिज्य राज्य मंत्री के.के. विश्नोई के नेतृत्व में  शामिल हुआ है, जिसमें वरिष्ठ अतिरिक्त आयुक्त एसएस शाह सहित अन्य अधिकारी शामिल हैं।

वस्त्र मंत्रालय और राजस्थान के बीच एमओयू—

सम्मेलन में केन्द्रीय वस्त्र मंत्रालय ने  राजस्थान सहित 15 राज्यों के साथ समझौता ज्ञापनों (एमओयू) पर हस्ताक्षर करके साक्ष्य-आधारित नीति निर्माण की दिशा में एक क्रांतिकारी कदम उठाया है। वस्त्र मंत्रालय और संबंधित राज्य सरकारों के बीच हस्ताक्षरित समझौता ज्ञापन “वस्त्र केंद्रित अनुसंधान, मूल्यांकन, निगरानी, योजना और स्टार्ट-अप (टेक्स-आरएएमपीएस)” योजना का हिस्सा हैं। केंद्र सरकार की यह योजना वस्त्र संबंधी सांख्यिकीय उत्पादों और अनुसंधान की व्यापकता, गुणवत्ता, समयबद्धता और विश्वसनीयता में सुधार लाने के लिए बनाई गई है। इन समझौता ज्ञापनों के माध्यम से विभिन्न राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में वस्त्र संबंधी डेटा प्रणालियों को सुदृढ़ करने के लिए एक मजबूत परिचालन ढांचा तैयार किया गया है। टेक्स-आरएएमपीएस योजना के तहत, यह पहल क्लस्टर और जिला स्तर पर सीधे प्रयास केंद्रित करके हथकरघा, हस्तशिल्प, परिधान, तकनीकी वस्त्र आदि सहित प्रमुख क्षेत्रों के लिए एकीकृत योजना को बढ़ावा देती है। 

इन संरचनात्मक सुधारों में सहयोग देने के लिए वस्त्र मंत्रालय प्रत्येक राज्य को प्रतिवर्ष 12 लाख रुपये का वित्तीय अनुदान प्रदान कर रहा है। इसमें प्रत्येक जिले के लिए प्रति वर्ष 1 लाख रुपये का अतिरिक्त अनुदान शामिल है, जिसका वितरण विशिष्ट जिला कार्य योजनाओं के विकास और कार्यान्वयन के आधार पर किया जाएगा।

उद्योग विभाग के लिए गर्व का क्षण— आयुक्त

उद्योग एवं वाणिज्य आयुक्त सुरेश कुमार ओला ने कहा कि राजस्थान के लिए यह गर्व का विषय है कि राष्ट्रीय स्तर पर उसकी नीतियों की सराहना की जा रही है और अन्य राज्यों को इस तरह की नीतियां बनाने का सुझाव दिया जा रहा है। मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में राज्य सरकार द्वारा राजस्थान टेक्सटाइल एण्ड अपैरल पॉलिसी-2025 सहित कई नई नीतियां लागू की गई हैं, जिनका भविष्य में सकारात्मक परिणाम सामने आएंगे।

राजस्थान टेक्सटाइल एण्ड अपैरल पॉलिसी-2025

इस पॉलिसी में निर्यातकों को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से प्रदेश में पहली बार गारमेंट मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर को भी शामिल किया गया है। प्राकृतिक एवं कृत्रिम फाइबर उत्पादन को बढ़ाने से लेकर तकनीकी टेक्सटाइल्स और वस्त्र विनिर्माण, हैण्डलूम, ऊन प्रसंस्करण, चमड़े के उत्पाद, फुटवियर जैसे संबंधित क्षेत्र भी इस नीति का हिस्सा हैं। 

इस नीति के तहत वस्त्र और परिधान क्षेत्र के उद्योगों को प्रोत्साहन देने के लिए 10 वर्षों तक 80 करोड़ रूपये वार्षिक तक का एसेट क्रिएशन इंसेंटिव, भूमि/भवन क्रय या लीज पर स्टांप ड्यूटी व पंजीकरण शुल्क में 100 प्रतिशत छूट, बिजली उपभोग पर 100 प्रतिशत इलेक्ट्रिसिटी ड्यूटी छूट का प्रावधान किया गया है।

पर्यावरणीय समस्याओं को ध्यान में रखते हुए इस नीति में ग्रीन सॉल्यूशन इंसेंटिव के तहत 12.5 करोड़ रूपये तक 50 प्रतिशत, अक्षय ऊर्जा संयंत्रों के लिए बैंकिंग, व्हीलिंग व ट्रांसमिशन शुल्क का 100 प्रतिशत, पेटेंट/कॉपीराइट लागत का 50 प्रतिशत एवं भूमि रूपांतरण शुल्क का 100 प्रतिशत पुनर्भरण के प्रावधान किए गए हैं। इसी तरह निर्यात इकाइयों को फ्रेट चार्ज पर 25 प्रतिशत तथा कार्मिक प्रशिक्षण लागत का 50 प्रतिशत पुनर्भरण का प्रावधान किया गया है। 

राष्ट्रीय कपड़ा मंत्रियों का सम्मेलन—

केन्द्रीय कपड़ा मंत्रालय द्वारा आयोजित, यह सम्मेलन “भारत के वस्त्र: विकास, विरासत और नवाचार की बुनाई” विषय पर आयोजित किया जा रहा है। इस कार्यक्रम का उद्देश्य सहकारी संघवाद को मजबूत करना और भारत को वस्त्र, परिधान और तकनीकी वस्त्रों के लिए एक वैश्विक केन्द्र के रूप में स्थापित करने के लिए केंद्र और राज्यों के बीच समन्वित प्रयासों को बढ़ावा देना है। उद्घाटन सत्र में केंद्रीय कपड़ा मंत्री गिरिराज सिंह, मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव, कपड़ा राज्य मंत्री पवित्र मार्गेरिटा और अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे।

युवा राष्ट्र के कर्णधार, भविष्य की सबसे बड़ी उम्मीद : मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा
देश के 44 युवा विकसित भारत यंग लीडर्स डायलॉग एवं 29 युवा सांस्कृतिक प्रतियोगिता के लिए चयनित

जयपुर, 7 जनवरी। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने स्वामी विवेकानंद के आदर्शों के अनुरूप एक भारत-श्रेष्ठ भारत, आत्मनिर्भर भारत और विकसित भारत बनाने का संकल्प लिया है। प्रधानमंत्री के इसी संकल्प से प्रदेश के युवा रूबरू होंगे, जब वे नई दिल्ली में आयोजित होने वाले 29वें राष्ट्रीय युवा महोत्सव में सहभागिता करेंगे। 

शर्मा बुधवार को 29वें राष्ट्रीय युवा महोत्सव में शामिल होने वाले प्रदेश के युवा प्रतिभागियों से मुख्यमंत्री कार्यालय में संवाद कर रहे थे। उन्होंने कहा कि युवा राष्ट्र के कर्णधार हैं और वही भविष्य की सबसे बड़ी उम्मीद भी हैं। युवा-मन के विश्वास एवं जिज्ञासा से ही नेतृत्व क्षमता का विकास होता है। उन्होंने प्रतिभागी युवाओं को प्रदेश के ब्रांड एंबेसडर बताते हुए विश्वास व्यक्त किया कि सभी प्रतिभागी महोत्सव में प्रदेश का परचम फहराएंगे और और पूरे प्रदेश के लिए प्रेरणास्रोत बनेंगे।

मुख्यमंत्री ने कहा कि स्वामी विवेकानंद ने युवाओं से ‘उठो, जागो और तब तक मत रुको जब तक मंजिल प्राप्त न हो जाए’ का आह्वान किया था। उन्होंने कहा था कि 21वीं सदी भारत की होगी और आज प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में भारत दुनिया का नेतृत्व करने की ओर अग्रसर है।

प्रदेश, संभाग एवं जिला स्तर पर हो रहा युवा महोत्सवों का आयोजन

शर्मा ने कहा कि राज्य सरकार ने युवा कल्याण के लिए महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं। राज्य सरकार स्वामी विवेकानंद की जयंती के अवसर पर 7 से 12 जनवरी तक युवा एवं खेल महोत्सवों का प्रदेश, संभाग एवं जिला स्तर पर आयोजन कर रही है। इसके अंतर्गत युवा कलाकारों को जिला स्तर पर 1 हजार रुपये, संभाग स्तर डेढ़ हजार और राज्य स्तर पर 50 हजार रुपये तक के पुरस्कार दिए जा रहे हैं। राष्ट्रीय यूथ आइकॉन पुरस्कार की भांति प्रदेश में राजस्थान युवा आइकॉन पुरस्कार और एक लाख रुपये की नकद राशि से सम्मानित किया जा रहा है।

92 हजार युवाओं को सरकारी नौकरी, डेढ लाख से अधिक भर्ती प्रक्रियाधीन

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार ने लगभग 92 हजार युवाओं को सरकारी नौकरी दी है और डेढ़ लाख से अधिक पदों पर भर्तियां प्रक्रियाधीन है। निजी क्षेत्र में भी तीन लाख से अधिक युवाओं को कौशल प्रशिक्षण देने के साथ ही करीब ढाई लाख युवाओं को रोजगार दिया गया है। उन्होंने कहा कि खिलाड़ियों को आगे बढ़ाने के लिए हाल ही में खेलो इंडिया यूनिवर्सिटी गेम्स का सफल आयोजन किया गया है। वहीं, राजस्थान डिजिफेस्ट टाई ग्लोबल समिट में प्रदेश के युवाओं ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया और नई तकनीक को समझा। उन्होंने कहा कि युवा रोजगार चाहने वाले की जगह रोजगार प्रदाता बनें।

मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में हर्षिता शर्मा का जिक्र किया जिन्होंने राष्ट्रीय युवा संसद में प्रथम पुरस्कार जीता था। साथ ही, उन्होंने सुुश्री काव्या सिंह के बारे में भी बताया  जिन्होंने पिछले वर्ष विकसित भारत यंग लीडर्स डायलॉग में प्रधानमंत्री से भेंट की थी। 

कार्यक्रम में युवा मामले एवं खेल मंत्री कर्नल राज्यवर्धन राठौड़ ने कहा कि युवाओं को राष्ट्रीय मंच पर राजस्थान का प्रतिनिधित्व करने का अवसर मिला है। उन्होंने कहा कि सभी प्रतियोगी इस अवसर को अन्य प्रदेशों के बारे में जानने का माध्यम बनाएं।

युवा प्रतिभागियों ने मुख्यमंत्री से अपने विचारों को साझा करते हुए कहा कि युवा देश के विकास का इंजन है और वे सभी शिक्षा, स्वास्थ्य, तकनीक सहित विभिन्न क्षेत्रों में अपना योगदान देकर विकसित भारत के निर्माण में अपनी सक्रिय भूमिका निभाएंगे। मुख्यमंत्री ने सभी प्रतिभागियों को राष्ट्रीय युवा महोत्सव में सफल सहभागिता के लिए हार्दिक शुभकामनाएं दीं। संवाद के दौरान मुख्यमंत्री ने युवाओं के साथ वन-टू-वन बातचीत की और उनके साथ सेल्फी भी ली।

उल्लेखनीय है कि राष्ट्रीय युवा महोत्सव में भागीदारी के लिए विकसित भारत यंग लीडर्स डायलॉग के लिए आयोजित प्रतियोगिता में प्रदेश के 44 युवाओं का चयन किया गया है। साथ ही, प्रदेश के 29 युवाओं को सामूहिक लोक नृत्य, लोक गायन, कहानी लेखन, पेंटिंग और भाषण जैसी प्रतियोगिता एवं 02 युवाओं को हैक फॉर सोशल कॉज इवेंट के लिए चुना गया है।

इस अवसर पर मुख्य सचिव श्री वी. श्रीनिवास, अतिरिक्त मुख्य सचिव (मुख्यमंत्री) अखिल अरोड़ा, युवा मामले एवं खेल विभाग के शासन सचिव डॉ. नीरज के. पवन सहित अन्य अधिकारीगण एवं प्रतिभागी युवा उपस्थित रहे। 

सोलहवीं राजस्थान विधानसभा का पंचम अधिवेशन बुधवार, 28 जनवरी से
इस अधिवेशन में राज्य का बजट भी प्रस्तुत होगा

जयपुर, 5 जनवरी। सोलहवीं राजस्थान विधानसभा का पंचम अधिवेशन बुधवार, 28 जनवरी से शुरू होगा।  विधानसभा अध्यक्ष श्री वासुदेव देवनानी ने बताया कि इस अधिवेशन के संबंध में राज्यपाल श्री हरिभाऊ बागडे ने अधिसूचना जारी कर दी है।

लगभग एक महीने तक चलने वाले इस सत्र में राज्य का वर्ष 2026—27 ​ बजट भी प्रस्तुत होगा। देवनानी ने बताया कि लगभग एक महीने तक यह सत्र चलेगा। सत्र की शुरुआत राज्यपाल के अभिभाषण से होगी। इस सत्र में राज्य सरकार द्वारा राज्य का बजट भी पेश किया जाएगा।

जनहित से जुड़े मुद्दों पर चर्चा- 

वासुदेव देवनानी ने बताया कि सत्र के दौरान राज्य के विभिन्न महत्वपूर्ण विषयों, विधायी कार्यों एवं जनहित से जुड़े मुद्दों पर भी चर्चा की जाएगी। साथ ही प्रश्न, ध्यानाकर्षण प्रस्ताव, विशेष उल्लेख प्रस्ताव और स्थगन प्रस्ताव जैसे संसदीय कार्य भी संपादित होंगे।

सर्वदलीय बैठक-

वासुदेव देवनानी विधान सभा के पंचम अधिवेशन से पूर्व विधान सभा में सर्वदलीय बैठक भी बुलायेंगे। राजस्थान विधान सभा में अध्यक्ष वासुदेव देवनानी ने ही सत्र से पहले सर्वदलीय बैठक बुलाये जाने की पहल की है। विधानसभा के इतिहास में यह महत्वपूर्ण नवाचार है।

संजय बिहारी हत्याकांड में सजा भुगत रहे कृष्ण कुमार उर्फ बेबी की सेवर सेंट्रल जेल में मौत
चर्चित मामले में दो माह के अंतराल में दो सजायाफ्ता कैदियों की जेल में मौत

भरतपुर। राजस्थान में भरतपुर के बहुचर्चित संजय बिहारी हत्याकांड में आजीवन कारावास की सजा भुगत रहे शहर के गोपालगढ़ मोहल्ला निवासी निवासी कृष्ण कुमार उर्फ बेबी की शनिवार को भरतपुर की सेवर सेंट्रल जेल में मौत हो जाने से सनसनी फैल गई। जेल प्रशासन के साथ सेवर थाना पुलिस ने मृतक कैदी के शव को आरबीएम अस्पताल की मोर्चरी में रखवाया है। कृष्ण कुमार उर्फ बेबी की मौत की खबर के बाद उसके परिजनो ने अस्पताल की मोर्चरी पर पहुचकर जेल प्रशासन पर लापरवाही के आरोप लगाए है। मृतक कैदी की पत्नी कृतिका सिंह का कहना है कि समय पर इलाज नहीं मिलने के चलते उनके पति की मौत हुई है। गौरतलब है कि वर्ष 2003 के इस बहुचर्चित हत्याकांड में मृतक कैदी के साथ ही आजीवन कारावास की सजा पाने बाले एक अन्य कैदी नरेश गुप्ता की भी दो महीने पहले इसी जेल मौत हो चुकी है जबकि हत्याकांड का तीसरा सजायाफ्ता कैदी बिट्टू जेल में आजीवन कारावास की सजा काट रहा है। किसी चर्चित मामले में दो माह के अंतराल में दो सजायाफ्ता कैदियों की जेल में मौत को लेकर गहराते रहस्य को लेकर कई तरह की चर्चाएं भी लोग कर रहे है।

मुख्यमंत्री जल स्वावलंबन अभियान मोबाइल ऐप पर कर्मयोगी वाटरशेड मॉड्यूल लॉन्च
जलग्रहण विकास एवं भू संरक्षण विभाग की समीक्षा बैठक आयोजित

जयपुर, 5 जनवरी। पंचायती राज मंत्री मदन दिलावर ने सोमवार को जलग्रहण विकास एवं भू संरक्षण विभाग की विभिन्न योजनाओं की समीक्षा की। सचिवालय में आयोजित बैठक में पंचायती राज राज्य मंत्री श्री ओटाराम देवासी भी उपस्थित रहे।

मुख्यमंत्री जल स्वावलंबन अभियान मोबाइल ऐप पर कर्मयोगी वाटरशेड मॉड्यूल लॉन्च

पंचायती राज मंत्री मदन दिलावर ने बैठक के दौरान मुख्यमंत्री जल स्वावलंबन अभियान मोबाइल ऐप पर कर्मयोगी वाटरशेड मॉड्यूल  लॉन्च किया। 

दिलावर ने कहा कि विशेषज्ञों द्वारा निर्मित प्रशिक्षण वीडियोयुक्त यह ऐप विभागीय कार्मिकों के लिए उपयोगी होगा और जल संरक्षण को नई दिशा देगा। यह जल स्वावलंबन की ओर एक सशक्त कदम है। उन्होंने इस अभिनव पहल के लिए सभी को बधाई दी। उन्होंने मॉड्यूल निर्माण में सहयोग देने वाले 14 व्यक्तियों को सर्टिफिकेट भी प्रदान किया। 

क्या है कर्मयोगी वाटरशेड मॉड्यूल—

विभाग द्वारा संचालित योजनाओं में ली जाने वाली विभिन्न गतिविधियों जैसे अभियांत्रिकी ढांचे, डीपीआर MIS, गुणवत्ता, टेंडर, RTPP Rule आदि विषय वस्तुओं का सुलभ सरल भाषा में प्रशिक्षण सामग्री वीडियो के रूप में तैयार की गई है। यह सामग्री ई— लर्निंग का भाग है जो MJSA APP, विभाग के यूट्यूब चैनल पर सर्व सुलभ रहेगा।

विभाग ने अभी तक 38 वीडियो विभिन्न विषय वस्तु पर तैयार कर पोर्टल पर अपलोड किए हैं। भारत सरकार की PMKSY वेबसाइट के 13 वीडियो एवं आईआईटी रुड़की खड़गपुर आदि संस्थाओं के 77 वीडियो और विभाग द्वारा संपादित विभिन्न सफलताओं की कहानियां आदि इस प्लेटफार्म पर एक साथ उपलब्ध रहेगी ।

यह विभागीय अभियंताओं की क्षमता, दक्षता एवं जानकारी बढ़ाने में सहयोगी सिद्ध होगा, जिससे कार्य संपादन में सुगमता का गुणवत्ता में भी अभिवृद्धि होगी। जल संरक्षण एवं भू संरक्षण में अभिरुचि रखने वाले लाभान्वितों के ज्ञान वर्धन तथा जागरूकता पैदा करने में भी मिल का पत्थर साबित होगा। विभिन्न प्रशिक्षण संस्थानों द्वारा जल एवं भू संरक्षण में प्रशिक्षण के लिए इस सामग्री का सीधा उपयोग भी किया जा सकेगा। 

उल्लेखनीय है कि मिशन ज्ञान एवं आईपीसीए फाउंडेशन के साथ एक नॉन फाइनेंशियल करार एक वर्ष हेतु किया गया था। इसमें सेवानिवृत्त अभियंताओं के अनुभव एवं ज्ञान के साथ विभागीय अभियंताओं का निशुल्क सहयोग लिया गया है।

दिलावर ने प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना 2.0, ऑडिट पेरा तथा विभाग की अन्य योजनाओं की समीक्षा की। 

बैठक में पंचायती राज विभाग के शासन सचिव एवं आयुक्त डॉ. जोगाराम, जलग्रहण विकास एवं भू संरक्षण विभाग के निदेशक श्री मुहम्मद जुनैद  एवं अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।

राजस्थान में एआई नवाचार को नई उड़ान: 36 घंटे का एआई हैकाथॉन आरंभ
राजस्थान डिजिफेस्ट टाई ग्लोबल समिट—2026

जयपुर, एक जनवरी। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा कि जिला आधारित स्थानीय उत्पाद प्रदेश की आर्थिक समृद्धि के मूल आधार हैं। इसी दिशा में हमारी सरकार ने प्रत्येक जिले में स्थानीय विशिष्टता एवं विरासत के संरक्षण व संवर्धन के लिए पंच गौरव कार्यक्रम की अभिनव पहल की है।

शर्मा ने गुरुवार को मुख्यमंत्री कार्यालय में आयोजित बैठक में निर्देश दिए कि पंच गौरव कार्यक्रम में प्रत्येक जिले के चिन्हित तत्वों का प्राथमिकता के अनुसार दीर्घकालीन कार्य योजना तैयार कर विकास एवं संरक्षण के कार्य किए जाएं तथा संबंधित नोडल विभाग इसकी नियमित समीक्षा भी करें।

मुख्यमंत्री ने कहा कि विद्यालयों में विद्यार्थियों को भी पंच गौरव कार्यक्रम की जानकारी दी जाए, जिससे उन्हें भी जिले की विशिष्ट पहचान की जानकारी मिल सके। साथ ही, उन्होंने इस कार्यक्रम की गतिविधियों में अधिकाधिक जन सहभागिता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए ताकि आमजन का इससे सीधा जुड़ाव हो सके।

नवाचारों से उत्पादों की करें ब्रांडिंग-

शर्मा ने कहा कि सभी जिलों के चयनित कृषि उत्पादों की नवाचारों के साथ ब्रांडिंग की जाए ताकि इन उत्पादों को नई पहचान मिल सके। उन्होंने वन विभाग को स्थानीय विशेषता के आधार पर पौधे तैयार करने एवं वृक्ष मित्र नियुक्त करने के निर्देश दिए। उन्होंने खेल विभाग को प्रत्येक जिले में स्थानीय युवाओं को खेलों से जोड़ने के निर्देश दिए।

पर्यटन सुविधाएं बनें बेहतर, स्थानीय रोजगार के बढ़े अवसर-

मुख्यमंत्री ने कहा कि एक जिला एक पर्यटन स्थल के अर्न्तगत पर्यटन स्थलों पर सड़क व पार्किंग सहित अन्य मूलभूत सुविधाएं विकसित की जाएं ताकि पर्यटकों को बेहतर सुविधाएं मिलने के साथ ही स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर सृजित हो सकें। उन्होंने पर्यटन क्षेत्र से जुड़े गाइड एवं विभिन्न हितधारकों के क्षमतावर्द्धन के लिए भी नीति निर्धारण के निर्देश दिए।

उल्लेखनीय है कि पंच गौरव के अन्तर्गत प्रत्येक जिले में एक उत्पाद, एक उपज, एक खेल, एक वनस्पति और एक पर्यटन स्थल को प्रोत्साहित किया जा रहा है। इसके माध्यम से स्थानीय एवं विशिष्ट उत्पादों के संरक्षण, संर्वधन, प्रोत्साहन एवं पहचान को बढ़ावा मिल रहा है। बैठक में अधिकारियों ने इस कार्यक्रम के अंतर्गत संचालित की जा रही गतिविधियों की विस्तार से जानकारी दी।

बैठक में मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास, मुख्यमंत्री कार्यालय, उद्योग, वन एवं पर्यावरण, पर्यटन, कृषि, खेल एवं आयोजना विभाग सहित विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।

गंभीर रोगियों को उपचार के लिए मिलेंगे बेहतर विकल्प
इलाज सबके लिए—सब जगह मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा की ऐतिहासिक एवं संवेदनशील पहल— मा योजना में अब पूरे देश में इलाज की सुविधा

जयपुर, 3 जनवरी। मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा की पहल पर प्रदेश में लागू की गई मुख्यमंत्री आयुष्मान आरोग्य योजना अब पूरे देश के लिए मिसाल बन गई है। योजना में शामिल करोड़ों परिवार अब देश के दूसरे राज्यों में भी निःशुल्क उपचार ले सकेंगे। मुख्यमंत्री की ऐतिहासिक पहल एवं चिकित्सा मंत्री गजेन्द्र सिंह खींवसर के प्रयासों से अब इस योजना में देश के 30 हजार से अधिक अस्पतालों का बड़ा नेटवर्क शामिल हो गया है। इससे प्रदेश के नागरिकों को देश के नामी अस्पतालों में गुणवत्तापूर्ण उपचार मिल सकेगा। नि:शुल्क उपचार की दिशा में राज्य सरकार का यह बड़ा कदम है, जो यूनिवर्सल हेल्थ कवरेज के लक्ष्य को हासिल करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। 

चिकित्सा एवं स्वास्थ्य मंत्री ने बताया कि मुख्यमंत्री आयुष्मान आरोग्य योजना (मा) प्रदेश के करोड़ों परिवारों की स्वास्थ्य सुरक्षा सुनिश्चित कर रही है। केन्द्र सरकार की प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना (पीएमजेएवाई) को एकीकृत कर वृहद रूप में संचालित की गई यह योजना आज न केवल प्रदेश के भीतर, बल्कि प्रदेश की सीमाओं के बाहर भी निःशुल्क और कैशलेस इलाज की गारंटी बन चुकी है। राज्य सरकार ने इस योजना में करीब 6 माह पहले इंटर स्टेट पोर्टेबिलिटी लागू की थी, जिसके पहले चरण में इन बाउण्ड पोर्टेबिलिटी लागू की गई थी, जिसके तहत दूसरे राज्यों के नागरिकों को राजस्थान में इलाज की सुविधा उपलब्ध करवाई गई थी। अब 19 दिसम्बर से इस योजना में आउट बाउण्ड पोर्टेबिलिटी की सुविधा प्रारंभ कर दी गई है। इससे प्रदेश के नागरिकों को देश के अन्य राज्यों में निःशुल्क उपचार की सुविधा मिल सकेगी।  

गंभीर रोगियों की पीड़ा होगी दूर—

चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग की प्रमुख शासन सचिव श्रीमती गायत्री राठौड़ ने बताया कि अब तक गंभीर बीमारियों के उपचार के लिए कई मरीजों को मजबूरी में गुजरात, दिल्ली जैसे अन्य राज्यों में जाकर इलाज कराना पड़ता था, जहां उन्हें अपनी जेब से भारी खर्च वहन करना पड़ता था। इस पीड़ा को समझते हुए राज्य सरकार ने एक ऐतिहासिक और जनहितकारी निर्णय लेते हुए आउटबाउंड पोर्टिबिलिटी को लागू कर दिया है। इस नई व्यवस्था के तहत अब राजस्थान के पात्र परिवार प्रदेश के बाहर भी एम्पैनल्ड अस्पतालों में कैशलेस इलाज प्राप्त कर सकेंगे। आउटबाउंड पोर्टिबिलिटी का लाभ न केवल पीएमजेएवाई के पात्र परिवारों को मिलेगा बल्कि मुख्यमंत्री आयुष्मान आरोग्य योजना के सभी पात्र परिवारों को भी देश के अन्य राज्यों में 25 लाख रुपये तक का निःशुल्क उपचार उपलब्ध होगा।

नामी अस्पतालों में मिलेगा गुणवत्तापूर्ण इलाज—

श्रीमती राठौड़ ने बताया कि आउट बाउण्ड पोर्टेबिलिटी के अंतर्गत देश के विभिन्न राज्यों (तमिलनाडु और कर्नाटक को छोड़कर) में स्थित लगभग 16 हजार सरकारी और 14 हजार निजी अस्पतालों में इलाज की सुविधा मिलेगी। इसमें पड़ोसी राज्यों के प्रमुख अस्पताल भी शामिल हैं। दिल्ली के 184, गुजरात के 2067, हरियाणा के 1366, मध्य प्रदेश के 1622, महाराष्ट्र के 1709, पंजाब के 823 और उत्तर प्रदेश के 6182 अस्पताल इस योजना में सूचीबद्ध हैं। इसमें दिल्ली एवं भोपाल के एम्स, मेदांता, चंडीगढ़ का पीजीआई, लखनउ का केएमपीयू, गुजरात के यूएन मेहता इंस्टीट्यूट ऑफ कार्डियोलॉजी एण्ड रिसर्च सेंटर, द गुजरात कैंसर एण्ड रिसर्च सेंटर, बनास मेडिकल कॉलेज एण्ड रिसर्च इंस्टीट्यूट, पालनपुर सहित कई नामी अस्पताल शामिल हैं।

अब तक 7100 करोड़ का कैशलेस इलाज, दूसरे राज्यों में 15 दिन में लगभग 350 रोगियों ने लिया उपचार—

राजस्थान स्टेट हेल्थ एश्योरेंस एजेंसी के मुख्य कार्यकारी अधिकारी श्री हरजीलाल अटल ने बताया कि आउट बाउण्ड पोर्टिबिलिटी के तहत अब तक लगभग 350 रोगियों ने उपचार प्राप्त कर लिया है। वर्तमान में इस योजना के अंतर्गत प्रदेश के 1.36 करोड़ पात्र परिवारों को 25 लाख रुपये तक का कैशलेस उपचार उपलब्ध कराया जा रहा है। योजना में करीब 2200 प्रकार के उपचार पैकेज शामिल हैं, जिनमें सामान्य रोगों से लेकर कैंसर, हृदय रोग, किडनी रोग, अंग प्रत्यारोपण जैसी गंभीर और खर्चीली बीमारियों का इलाज शामिल है। गत दो वर्ष में योजना के तहत 37 लाख से अधिक मरीजों को 7100 करोड़ रुपये से अधिक का निःशुल्क उपचार दिया जा चुका है। इनमें ढाई लाख ऐसी गंभीर रोगी शामिल हैं, जो जीवन और मौत से संघर्ष कर रहे थे। इस योजना से उन्हें नया जीवन मिला है। 

आउट बाउण्ड पोर्टिबिलिटी का निर्णय उन लाखों मरीजों और उनके परिवारों के लिए बड़ी राहत है, जिन्हें गंभीर बीमारियों के इलाज के लिए बड़े शहरों और विशेष अस्पतालों की आवश्यकता होती है। मुख्यमंत्री आयुष्मान आरोग्य योजना के माध्यम से राजस्थान सरकार ने यह स्पष्ट कर दिया है कि स्वास्थ्य सेवाओं में न तो दूरी बाधा बनेगी और न ही आर्थिक स्थिति। यह पहल “इलाज सबके लिए” के संकल्प को साकार करती है।

उपमुख्यमंत्री दिया कुमारी ने कोटा हाड़ौती ट्रैवल मार्ट-2026 में प्रदर्शनी का किया शुभारंभ
राजस्थान सरकार का विजन प्रसिद्ध पर्यटक स्थलों के अतिरिक्त नए पर्यटक स्थलों को भी दिया जाए बढ़ावा देना, कोटा हाड़ौती ग्लोबल टूरिस्ट डेस्टिनेशन के रूप में उभरेगा— उपमुख्यमंत्री दिया कुमारी

जयपुर, 3 जनवरी। उपमुख्यमंत्री तथा पर्यटन मंत्री दिया कुमारी ने एक विशिष्ट पहल के रूप में कोटा में आयोजित तीन दिवसीय कोटा हाड़ौती ट्रैवल मार्ट के दूसरे दिन सिटी हिल आर्ट में शनिवार को ‘बीटूबी’ प्रदर्शनी का फीता काटकर शुभारम्भ  किया। उन्होंने वहां लगी स्टॉल्स का अवलोकन भी किया। 

दिया कुमारी ने 26 राज्यों से आए ट्रैवल एजेंट्स, टूर ऑपरेटर्स, होटल व्यवसाय से जुड़े प्रतिनिधियों की उपस्थिति में प्रदर्शनी का अवलोकन करने के दौरान पत्रकारों को बताया कि राजस्थान सरकार का विजन है कि राज्य की राजधानी के अलावा भी अन्य शहरों में भी ट्रैवल मार्ट तथा अन्य आयोजन किये जाएं, जिससे स्थानीय स्तर पर पर्यटन को बढ़ावा मिल सके। उन्होंने कहा कि अभी जयपुर, जोधपुर और उदयपुर में ही ज्यादा पर्यटक आगमन होता है लेकिन राज्य के अन्य स्थानों पर भी पर्यटन की असीम संभावनाएं हैं।  

उपमुख्यमंत्री ने कहा कि राजस्थान के सभी अनछुए पर्यटक स्थलों पर अब पर्यटन को बढ़ावा दिया जाएगा। दिया कुमारी ने कहा कि वैश्विक पर्यटन कैलेंडर में कोटा हाडौती भी शामिल करवाने का प्रयास किया जा रहा है।

उपमुख्यमंत्री ने कहा कि कोटा हड़ौती में वाइल्ड लाइफ, चम्बल रिवर फ्रंट, यहां के किले, महल, मिनिएचर पेंटिंग,लोक एवं क्राफ्ट जैसे पर्यटन के कई शानदार और अद्भुत आकर्षण हैं। यहां के ऐतिहासिक एवं हेरिटेज स्थल, धार्मिक , ग्रामीण  और प्राकृतिक पर्यटन स्थलों के कारण पर्यटन की असीम संभावनाएं हैं। 

दिया कुमारी ने कहा कि कोटा—हाड़ौती ट्रेवल मार्ट— 2026 केवल एक व्यापारिक आयोजन नहीं बल्कि हाड़ौती क्षेत्र की सांस्कृतिक पहचान, प्राकृतिक सौंदर्य और पर्यटन क्षमता को नई दिशा देने का सशक्त माध्यम है। यह आयोजन राजस्थान को पर्यटन के क्षेत्र में और अधिक मजबूत बनाने के साथ—साथ स्थानीय स्तर पर विकास, निवेश और रोजगार के नए अवसर सृजित करने में अहम भूमिका निभाएगा।

उपमुख्यमंत्री ने कहा कि कोटा में अब एयरपोर्ट भी शुरू होगा, सड़क सम्पर्क भी विकसित हुआ है। कोटा हाड़ौती ट्रेवल मार्ट के माध्यम से  राज्य सरकार ने  प्रयास किया है कि यह क्षेत्र भी पर्यटन मानचित्र में उभर कर आए। इस आयोजन में बड़ी संख्या में होटेलियर्स और टूर ऑपरेटर्स की सहभागिता तथा स्थानीय लोगों का उत्साह प्रशंसनीय है। यह आयोजन हाड़ौती क्षेत्र को एक उभरते हुए पर्यटन गंतव्य के रूप में स्थापित करने की दिशा में महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि आने वाले समय में कोटा हाड़ौती ग्लोबल टूरिस्ट डेस्टिनेशन के रूप में उभरेगा। 

दिया कुमारी ने होटल फैडरेशन ऑफ राजस्थान की स्टॉल का अवलोकन किया तथा इस अवसर पर फैडरेशन के अध्यक्ष  हुसैन खान, कोटा संभाग अध्यक्ष अशोक माहेश्वरी, संरक्षक सुरेंद्र सिंह शाहपुरा, महासचिव रणविजय सिंह सहित फैडरेशन के सभी संभागों के पदाधिकारियों की ओर से उपमुख्यमंत्री दिया कुमारी का स्वागत किया गया एवं पुष्पगुच्छ भेंट किया गया। 

उपमुख्यमंत्री ने इस अवसर पर होटल फेडरेशन ऑफ राजस्थान की कोटा संभाग की स्मारिका का विमोचन भी किया। पर्यटन आयुक्त श्रीमती रूकमणि रियार ने बताया कि राज्य में पर्यटन व्यवसाय के विकेंद्रीकरण और प्रसार के उद्देश्य से इस मार्ट का आयोजन किया गया है।  कोटा—हाड़ौती ट्रेवल मार्ट के माध्यम से हाड़ौती अंचल की पर्यटन संभावनाओं को एक साझा मंच पर प्रस्तुत किया गया है। इससे हाड़ौती क्षेत्र में पर्यटन निवेश नए पर्यटन उत्पादों के विकास तथा रोजगार के अवसरों को बढ़ावा मिलेगा। इस दौरान टूर ऑपरेटरों को कोटा और आसपास के प्रमुख पर्यटन स्थलों का भ्रमण भी कराया जा रहा है ताकि वे हाड़ौती को अपने पर्यटन पैकेज में शामिल कर सकें।

उल्लेखनीय है कि इस अवसर पर प्रदर्शनी एवं बीटूबी बैठकों का आयोजन  किया गया, जिसमें देश—विदेश से आए टूर ऑपरेटर, ट्रैवल एजेंट, होटल एवं ट्रैवल ट्रेड से जुड़े प्रतिनिधि और स्थानीय पर्यटन उद्यमियों ने संवाद किया। 

प्रदर्शनी में पर्यटन, होटल, ट्रैवल एवं हॉस्पिटैलिटी सेक्टर से जुड़े व्यवसायियों ने विभिन्न स्टॉल्स के माध्यम से अपने उत्पाद और सेवाएं प्रदर्शित की।

स्थानीय उत्पाद प्रदेश की आर्थिक समृद्धि के आधार, पंच गौरव कार्यक्रम में जन सहभागिता एवं जागरुकता बढ़ाएं : मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा
विद्यार्थियों को मिले पंच गौरव कार्यक्रम की विस्तृत जानकारी, आमजन का गतिविधियों से बढ़े जुड़ाव

 मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा कि जिला आधारित स्थानीय उत्पाद प्रदेश की आर्थिक समृद्धि के मूल आधार हैं। इसी दिशा में हमारी सरकार ने प्रत्येक जिले में स्थानीय विशिष्टता एवं विरासत के संरक्षण व संवर्धन के लिए पंच गौरव कार्यक्रम की अभिनव पहल की है।

शर्मा ने गुरुवार को मुख्यमंत्री कार्यालय में आयोजित बैठक में निर्देश दिए कि पंच गौरव कार्यक्रम में प्रत्येक जिले के चिन्हित तत्वों का प्राथमिकता के अनुसार दीर्घकालीन कार्य योजना तैयार कर विकास एवं संरक्षण के कार्य किए जाएं तथा संबंधित नोडल विभाग इसकी नियमित समीक्षा भी करें।

मुख्यमंत्री ने कहा कि विद्यालयों में विद्यार्थियों को भी पंच गौरव कार्यक्रम की जानकारी दी जाए, जिससे उन्हें भी जिले की विशिष्ट पहचान की जानकारी मिल सके। साथ ही, उन्होंने इस कार्यक्रम की गतिविधियों में अधिकाधिक जन सहभागिता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए ताकि आमजन का इससे सीधा जुड़ाव हो सके।

नवाचारों से उत्पादों की करें ब्रांडिंग-

श्री शर्मा ने कहा कि सभी जिलों के चयनित कृषि उत्पादों की नवाचारों के साथ ब्रांडिंग की जाए ताकि इन उत्पादों को नई पहचान मिल सके। उन्होंने वन विभाग को स्थानीय विशेषता के आधार पर पौधे तैयार करने एवं वृक्ष मित्र नियुक्त करने के निर्देश दिए। उन्होंने खेल विभाग को प्रत्येक जिले में स्थानीय युवाओं को खेलों से जोड़ने के निर्देश दिए।

पर्यटन सुविधाएं बनें बेहतर, स्थानीय रोजगार के बढ़े अवसर-

मुख्यमंत्री ने कहा कि एक जिला एक पर्यटन स्थल के अर्न्तगत पर्यटन स्थलों पर सड़क व पार्किंग सहित अन्य मूलभूत सुविधाएं विकसित की जाएं ताकि पर्यटकों को बेहतर सुविधाएं मिलने के साथ ही स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर सृजित हो सकें। उन्होंने पर्यटन क्षेत्र से जुड़े गाइड एवं विभिन्न हितधारकों के क्षमतावर्द्धन के लिए भी नीति निर्धारण के निर्देश दिए।

उल्लेखनीय है कि पंच गौरव के अन्तर्गत प्रत्येक जिले में एक उत्पाद, एक उपज, एक खेल, एक वनस्पति और एक पर्यटन स्थल को प्रोत्साहित किया जा रहा है। इसके माध्यम से स्थानीय एवं विशिष्ट उत्पादों के संरक्षण, संर्वधन, प्रोत्साहन एवं पहचान को बढ़ावा मिल रहा है। बैठक में अधिकारियों ने इस कार्यक्रम के अंतर्गत संचालित की जा रही गतिविधियों की विस्तार से जानकारी दी।

बैठक में मुख्य सचिव श्री वी. श्रीनिवास, मुख्यमंत्री कार्यालय, उद्योग, वन एवं पर्यावरण, पर्यटन, कृषि, खेल एवं आयोजना विभाग सहित विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।

नव वर्ष के पहले दिन सरस राजसखी राष्ट्रीय मेला 2025 में उमड़ा जनसैलाब, एसएचजी दीदियों ने की रिकॉर्ड बिक्री
जयपुर, एक जनवरी। नव वर्ष के पहले दिन गुरुवार को सरस राजसखी राष्ट्रीय मेला 2025 में उत्साह, उमंग और उल्लास देखते ही बनता था। साल की पहली सुबह से ही...

जयपुर, एक जनवरी। नव वर्ष के पहले दिन गुरुवार को सरस राजसखी राष्ट्रीय मेला 2025 में उत्साह, उमंग और उल्लास देखते ही बनता था। साल की पहली सुबह से ही मेला आगंतुकों से गुलज़ार रहा और हर ओर रौनक का माहौल दिखाई दिया। रंग-बिरंगे स्टॉल्स, हस्तशिल्प की खुशबू, पारंपरिक संगीत और लोगों की चहल-पहल ने मेले को एक जीवंत उत्सव में बदल दिया।

भरतपुर के जय शिव शंकर एसएचजी ने अब तक सबसे ज्यादा बिक्री की है। एसएचजी दीदी नीलम ने बताया कि ग्राहक उनके जूट प्रोडक्टस को बहुत पसंद कर रहे हैं। बाड़मेर का दिनुवानी एसएचजी बिक्री के मामले में दूसरे स्थान पर रहा और इनके कशीदाकारी के उत्पाद सभी को लुभा रहे हैँ। बाड़मेर का ही जोगमाया एसएचजी भी रिकॉर्ड बिक्री कर रहा हैं, उनके बनाए अजरक प्रिंट कपड़े बेहद लोकप्रिय हो रहे हैँ। समूह सदस्य गंगादेवी ने इसके लिए राजीविका के इस मंच का आभार जताया।  

फ़ूड स्टाल्स में जयपुर के राधास्वामी एसएचजी ने सबसे ज्यादा सेल की है, उनकी पाव भाजी लोगों को बहुत पसंद आ रही है। सवाई माधोपुर का सरस्वती एसएचजी के व्यंजनों का स्वाद भी लोगों को बहुत लुभा रहा है और बिक्री में ये दूसरे स्थान पर हैं।

इन समूहों से जुड़ी महिलाओं के चेहरों पर सजी मुस्कान इस बात का प्रमाण है कि यह मेला उनके लिए केवल एक बाजार नहीं बल्कि सपनों को साकार करने का मंच है। एसएचजी दीदियों ने बताया कि उनके द्वारा तैयार किए गए उत्पादों को ग्राहकों से भरपूर सराहना मिल रही है। कई स्टॉल्स पर तो ग्राहक दोबारा लौटकर खरीदारी कर रहे हैं, जिससे उनके उत्पादों को न केवल बेहतर बिक्री मिल रही है बल्कि राष्ट्रीय स्तर पर पहचान भी मिल रही है। एक एसएचजी दीदी ने भावुक होकर बताया कि राजीविका के सहयोग से आज वह आत्मनिर्भर बन पाई हैं। सरस मेले ने उन्हें आजीविका का एक सशक्त माध्यम दिया है, जिसने उनकी कला को मंच प्रदान किया और उनके आर्थिक सशक्तिकरण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

मेले में भाग ले रहीं आंध्र प्रदेश से आई एक एसएचजी दीदी ने बताया कि वह पहली बार इतने बड़े राष्ट्रीय मंच पर अपने हाथ से बने उत्पाद लेकर आई हैं। उन्होंने कहा कि “यहाँ लोगों की सराहना और भरोसा देखकर आत्मविश्वास कई गुना बढ़ गया है। पहले हम अपने गांव तक ही सीमित थे, लेकिन अब हमारे उत्पाद पूरे देश तक पहुँच रहे हैं।”

वहीं हरियाणा से आई एक अन्य एसएचजी सदस्य ने बताया कि उनके हैंडलूम उत्पादों की मांग इतनी अधिक है कि कई बार स्टॉक खत्म होने की स्थिति बन गई। उन्होंने खुशी जताते हुए कहा कि “सरस मेला हमारे लिए सिर्फ कमाई का जरिया नहीं बल्कि सीखने और आगे बढ़ने का अवसर भी है।

राजस्थान की एक एसएचजी दीदी, जो पारंपरिक परिधान लेकर आई हैं, ने बताया कि कई ग्राहकों ने उनके काम की बारीकी और डिज़ाइन की जमकर तारीफ की। कुछ ग्राहकों ने तो भविष्य में सीधे ऑर्डर देने की भी बात की, जिससे उन्हें लंबे समय तक आजीविका का भरोसा मिला है।

मेले में पहुंचे ग्राहक भी कम उत्साहित नहीं दिखे और उनके अनुभव भी उतने ही सकारात्मक रहे। जयपुर की गृहिणी कविता ने बताया कि उन्हें यहां एक ही जगह देश के अलग-अलग राज्यों के उत्पाद देखने और खरीदने का मौका मिला। उन्होंने कहा कि यहां की चीज़ों में अपनापन और मेहनत साफ झलकती है, इसलिए शॉपिंग करते हुए अच्छा लगता है।

अजमेर से आए कॉलेज छात्र राहुल ने बताया कि वह अपने दोस्तों के साथ मेले में आया और यहां की सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने उन्हें खासा प्रभावित किया। “लाइव परफॉर्मेंस और अलग-अलग राज्यों के लोकनृत्य देखकर ऐसा लगा जैसे पूरा भारत एक मंच पर उतर आया हो”।

वहीं जयपुर घूमने आई एक विदेशी पर्यटक सारा ने बताया कि उन्हें भारतीय हस्तशिल्प और पारंपरिक वस्त्र बेहद आकर्षक लगे। उन्होंने कहा, “यह मेला भारत की विविधता को बहुत खूबसूरती से दर्शाता है और यहां की हस्तनिर्मित वस्तुएं यादगार हैं।”

जयपुर की आयुषी अपने दोस्तों के साथ मेले में पहुंचीं और बताया कि यहां यंगस्टर्स के लिए भी बहुत कुछ खास है। उन्हें विशेष रूप से स्टाइलिश बैग्स, पर्स, विंटर वियर और सिल्क के स्टोल्स बेहद पसंद आए। वहीं जयपुर के ही नरेश अपने परिवार के साथ मेला देखने आए। उन्होंने बताया कि फूड कोर्ट और लाइव क्लासेज उनके बच्चों को इतनी पसंद आईं कि वे तीसरी बार मेला देखने आए हैं।

कई आगंतुकों ने बताया कि सांस्कृतिक संध्या के कार्यक्रम इतने आकर्षक हैं कि उन्हें देखने के लिए वे बार-बार मेले में आ रहे हैं। देसी ही नहीं, बल्कि विदेशी पर्यटक और अन्य शहरों से जयपुर घूमने आए सैलानी भी मेले का भरपूर आनंद लेते नजर आए। दिल्ली से आए युवा अंकित ने बताया कि वे अपनी फैमिली के साथ मेला देखने आए हैं और उन्हें यहां के टेक्सटाइल से सजे स्टॉल्स बेहद पसंद आए। उन्होंने जमकर खरीदारी की और कहा कि इस तरह के आयोजन भविष्य में लगातार होते रहने चाहिए, क्योंकि इससे एक ही स्थान पर पूरे भारत की संस्कृति, कला और स्वाद का अनुभव मिलता है।

इन सभी अनुभवों से स्पष्ट है कि सरस राजसखी राष्ट्रीय मेला 2025 केवल एक व्यापारिक आयोजन नहीं, बल्कि यह महिलाओं की मेहनत, आत्मनिर्भरता और भारत की सांस्कृतिक विरासत को जोड़ने वाला एक सशक्त मंच बनकर उभरा है।