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सोलहवीं राजस्थान विधानसभा का पंचम अधिवेशन बुधवार, 28 जनवरी से
इस अधिवेशन में राज्य का बजट भी प्रस्तुत होगा

जयपुर, 5 जनवरी। सोलहवीं राजस्थान विधानसभा का पंचम अधिवेशन बुधवार, 28 जनवरी से शुरू होगा।  विधानसभा अध्यक्ष श्री वासुदेव देवनानी ने बताया कि इस अधिवेशन के संबंध में राज्यपाल श्री हरिभाऊ बागडे ने अधिसूचना जारी कर दी है।

लगभग एक महीने तक चलने वाले इस सत्र में राज्य का वर्ष 2026—27 ​ बजट भी प्रस्तुत होगा। देवनानी ने बताया कि लगभग एक महीने तक यह सत्र चलेगा। सत्र की शुरुआत राज्यपाल के अभिभाषण से होगी। इस सत्र में राज्य सरकार द्वारा राज्य का बजट भी पेश किया जाएगा।

जनहित से जुड़े मुद्दों पर चर्चा- 

वासुदेव देवनानी ने बताया कि सत्र के दौरान राज्य के विभिन्न महत्वपूर्ण विषयों, विधायी कार्यों एवं जनहित से जुड़े मुद्दों पर भी चर्चा की जाएगी। साथ ही प्रश्न, ध्यानाकर्षण प्रस्ताव, विशेष उल्लेख प्रस्ताव और स्थगन प्रस्ताव जैसे संसदीय कार्य भी संपादित होंगे।

सर्वदलीय बैठक-

वासुदेव देवनानी विधान सभा के पंचम अधिवेशन से पूर्व विधान सभा में सर्वदलीय बैठक भी बुलायेंगे। राजस्थान विधान सभा में अध्यक्ष वासुदेव देवनानी ने ही सत्र से पहले सर्वदलीय बैठक बुलाये जाने की पहल की है। विधानसभा के इतिहास में यह महत्वपूर्ण नवाचार है।

संजय बिहारी हत्याकांड में सजा भुगत रहे कृष्ण कुमार उर्फ बेबी की सेवर सेंट्रल जेल में मौत
चर्चित मामले में दो माह के अंतराल में दो सजायाफ्ता कैदियों की जेल में मौत

भरतपुर। राजस्थान में भरतपुर के बहुचर्चित संजय बिहारी हत्याकांड में आजीवन कारावास की सजा भुगत रहे शहर के गोपालगढ़ मोहल्ला निवासी निवासी कृष्ण कुमार उर्फ बेबी की शनिवार को भरतपुर की सेवर सेंट्रल जेल में मौत हो जाने से सनसनी फैल गई। जेल प्रशासन के साथ सेवर थाना पुलिस ने मृतक कैदी के शव को आरबीएम अस्पताल की मोर्चरी में रखवाया है। कृष्ण कुमार उर्फ बेबी की मौत की खबर के बाद उसके परिजनो ने अस्पताल की मोर्चरी पर पहुचकर जेल प्रशासन पर लापरवाही के आरोप लगाए है। मृतक कैदी की पत्नी कृतिका सिंह का कहना है कि समय पर इलाज नहीं मिलने के चलते उनके पति की मौत हुई है। गौरतलब है कि वर्ष 2003 के इस बहुचर्चित हत्याकांड में मृतक कैदी के साथ ही आजीवन कारावास की सजा पाने बाले एक अन्य कैदी नरेश गुप्ता की भी दो महीने पहले इसी जेल मौत हो चुकी है जबकि हत्याकांड का तीसरा सजायाफ्ता कैदी बिट्टू जेल में आजीवन कारावास की सजा काट रहा है। किसी चर्चित मामले में दो माह के अंतराल में दो सजायाफ्ता कैदियों की जेल में मौत को लेकर गहराते रहस्य को लेकर कई तरह की चर्चाएं भी लोग कर रहे है।

मुख्यमंत्री जल स्वावलंबन अभियान मोबाइल ऐप पर कर्मयोगी वाटरशेड मॉड्यूल लॉन्च
जलग्रहण विकास एवं भू संरक्षण विभाग की समीक्षा बैठक आयोजित

जयपुर, 5 जनवरी। पंचायती राज मंत्री मदन दिलावर ने सोमवार को जलग्रहण विकास एवं भू संरक्षण विभाग की विभिन्न योजनाओं की समीक्षा की। सचिवालय में आयोजित बैठक में पंचायती राज राज्य मंत्री श्री ओटाराम देवासी भी उपस्थित रहे।

मुख्यमंत्री जल स्वावलंबन अभियान मोबाइल ऐप पर कर्मयोगी वाटरशेड मॉड्यूल लॉन्च

पंचायती राज मंत्री मदन दिलावर ने बैठक के दौरान मुख्यमंत्री जल स्वावलंबन अभियान मोबाइल ऐप पर कर्मयोगी वाटरशेड मॉड्यूल  लॉन्च किया। 

दिलावर ने कहा कि विशेषज्ञों द्वारा निर्मित प्रशिक्षण वीडियोयुक्त यह ऐप विभागीय कार्मिकों के लिए उपयोगी होगा और जल संरक्षण को नई दिशा देगा। यह जल स्वावलंबन की ओर एक सशक्त कदम है। उन्होंने इस अभिनव पहल के लिए सभी को बधाई दी। उन्होंने मॉड्यूल निर्माण में सहयोग देने वाले 14 व्यक्तियों को सर्टिफिकेट भी प्रदान किया। 

क्या है कर्मयोगी वाटरशेड मॉड्यूल—

विभाग द्वारा संचालित योजनाओं में ली जाने वाली विभिन्न गतिविधियों जैसे अभियांत्रिकी ढांचे, डीपीआर MIS, गुणवत्ता, टेंडर, RTPP Rule आदि विषय वस्तुओं का सुलभ सरल भाषा में प्रशिक्षण सामग्री वीडियो के रूप में तैयार की गई है। यह सामग्री ई— लर्निंग का भाग है जो MJSA APP, विभाग के यूट्यूब चैनल पर सर्व सुलभ रहेगा।

विभाग ने अभी तक 38 वीडियो विभिन्न विषय वस्तु पर तैयार कर पोर्टल पर अपलोड किए हैं। भारत सरकार की PMKSY वेबसाइट के 13 वीडियो एवं आईआईटी रुड़की खड़गपुर आदि संस्थाओं के 77 वीडियो और विभाग द्वारा संपादित विभिन्न सफलताओं की कहानियां आदि इस प्लेटफार्म पर एक साथ उपलब्ध रहेगी ।

यह विभागीय अभियंताओं की क्षमता, दक्षता एवं जानकारी बढ़ाने में सहयोगी सिद्ध होगा, जिससे कार्य संपादन में सुगमता का गुणवत्ता में भी अभिवृद्धि होगी। जल संरक्षण एवं भू संरक्षण में अभिरुचि रखने वाले लाभान्वितों के ज्ञान वर्धन तथा जागरूकता पैदा करने में भी मिल का पत्थर साबित होगा। विभिन्न प्रशिक्षण संस्थानों द्वारा जल एवं भू संरक्षण में प्रशिक्षण के लिए इस सामग्री का सीधा उपयोग भी किया जा सकेगा। 

उल्लेखनीय है कि मिशन ज्ञान एवं आईपीसीए फाउंडेशन के साथ एक नॉन फाइनेंशियल करार एक वर्ष हेतु किया गया था। इसमें सेवानिवृत्त अभियंताओं के अनुभव एवं ज्ञान के साथ विभागीय अभियंताओं का निशुल्क सहयोग लिया गया है।

दिलावर ने प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना 2.0, ऑडिट पेरा तथा विभाग की अन्य योजनाओं की समीक्षा की। 

बैठक में पंचायती राज विभाग के शासन सचिव एवं आयुक्त डॉ. जोगाराम, जलग्रहण विकास एवं भू संरक्षण विभाग के निदेशक श्री मुहम्मद जुनैद  एवं अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।

राजस्थान में एआई नवाचार को नई उड़ान: 36 घंटे का एआई हैकाथॉन आरंभ
राजस्थान डिजिफेस्ट टाई ग्लोबल समिट—2026

जयपुर, एक जनवरी। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा कि जिला आधारित स्थानीय उत्पाद प्रदेश की आर्थिक समृद्धि के मूल आधार हैं। इसी दिशा में हमारी सरकार ने प्रत्येक जिले में स्थानीय विशिष्टता एवं विरासत के संरक्षण व संवर्धन के लिए पंच गौरव कार्यक्रम की अभिनव पहल की है।

शर्मा ने गुरुवार को मुख्यमंत्री कार्यालय में आयोजित बैठक में निर्देश दिए कि पंच गौरव कार्यक्रम में प्रत्येक जिले के चिन्हित तत्वों का प्राथमिकता के अनुसार दीर्घकालीन कार्य योजना तैयार कर विकास एवं संरक्षण के कार्य किए जाएं तथा संबंधित नोडल विभाग इसकी नियमित समीक्षा भी करें।

मुख्यमंत्री ने कहा कि विद्यालयों में विद्यार्थियों को भी पंच गौरव कार्यक्रम की जानकारी दी जाए, जिससे उन्हें भी जिले की विशिष्ट पहचान की जानकारी मिल सके। साथ ही, उन्होंने इस कार्यक्रम की गतिविधियों में अधिकाधिक जन सहभागिता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए ताकि आमजन का इससे सीधा जुड़ाव हो सके।

नवाचारों से उत्पादों की करें ब्रांडिंग-

शर्मा ने कहा कि सभी जिलों के चयनित कृषि उत्पादों की नवाचारों के साथ ब्रांडिंग की जाए ताकि इन उत्पादों को नई पहचान मिल सके। उन्होंने वन विभाग को स्थानीय विशेषता के आधार पर पौधे तैयार करने एवं वृक्ष मित्र नियुक्त करने के निर्देश दिए। उन्होंने खेल विभाग को प्रत्येक जिले में स्थानीय युवाओं को खेलों से जोड़ने के निर्देश दिए।

पर्यटन सुविधाएं बनें बेहतर, स्थानीय रोजगार के बढ़े अवसर-

मुख्यमंत्री ने कहा कि एक जिला एक पर्यटन स्थल के अर्न्तगत पर्यटन स्थलों पर सड़क व पार्किंग सहित अन्य मूलभूत सुविधाएं विकसित की जाएं ताकि पर्यटकों को बेहतर सुविधाएं मिलने के साथ ही स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर सृजित हो सकें। उन्होंने पर्यटन क्षेत्र से जुड़े गाइड एवं विभिन्न हितधारकों के क्षमतावर्द्धन के लिए भी नीति निर्धारण के निर्देश दिए।

उल्लेखनीय है कि पंच गौरव के अन्तर्गत प्रत्येक जिले में एक उत्पाद, एक उपज, एक खेल, एक वनस्पति और एक पर्यटन स्थल को प्रोत्साहित किया जा रहा है। इसके माध्यम से स्थानीय एवं विशिष्ट उत्पादों के संरक्षण, संर्वधन, प्रोत्साहन एवं पहचान को बढ़ावा मिल रहा है। बैठक में अधिकारियों ने इस कार्यक्रम के अंतर्गत संचालित की जा रही गतिविधियों की विस्तार से जानकारी दी।

बैठक में मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास, मुख्यमंत्री कार्यालय, उद्योग, वन एवं पर्यावरण, पर्यटन, कृषि, खेल एवं आयोजना विभाग सहित विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।