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श्रीलंका में राहत अभियान तेज़ – भारतीय नौसेना ने ऑपरेशन ‘सागर बंधु’ के तहत चार और जहाज़ तैनात किए
ऑपरेशन सागर बंधु

चक्रवात से प्रभावित श्रीलंका में राहत और बचाव कार्यों को गति देने के लिए भारत ने अपने मानवीय सहायता एवं आपदा राहत (HADR) अभियान ‘ऑपरेशन सागर बंधु’ को और मजबूत कर दिया है। भारतीय नौसेना ने जरूरतमंद क्षेत्रों तक आवश्यक राहत सामग्री पहुँचाने के लिए चार और जहाज़ – आईएनएस घड़ियाल, एलसीयू 54, एलसीयू 51 और एलसीयू 57 – को तैनात किया है।

पहले भी कई युद्धपोत पहुँचा चुके हैं मदद

इससे पहले आईएनएस विक्रांत, आईएनएस उदयगिरि और आईएनएस सुकन्या जैसे प्रमुख युद्धपोत न केवल राहत सामग्री लेकर पहुंचे थे बल्कि उन्होंने हेलीकॉप्टरों के माध्यम से हेलीबोर्न सर्च एंड रेस्क्यू (SAR) मिशन भी संचालित किए, जिससे कई प्रभावित परिवारों को समय पर सहायता मिल सकी।

कोलंबो और त्रिंकोमाली में पहुँची राहत सामग्री

भारत की ओर से भेजे गए तीन लैंडिंग क्राफ्ट यूटिलिटी (LCU) जहाज़ 7 दिसंबर 2025 की सुबह कोलंबो बंदरगाह पहुँचे, जहाँ उन्होंने श्रीलंकाई अधिकारियों को बड़ी मात्रा में आवश्यक राहत सामग्री सौंप दी। इसके बाद आईएनएस घड़ियाल 8 दिसंबर 2025 को त्रिंकोमाली पहुंचा और मानवीय सहायता अभियान को आगे बढ़ाया।

1000 टन राहत सामग्री – भारत-श्रीलंका की दोस्ती का प्रतीक

इन जहाज़ों के माध्यम से कुल 1000 टन से अधिक HADR सामग्री श्रीलंका भेजी गई है। इसमें खाद्य सामग्री, औषधियाँ, टेंट, पानी, आवश्यक जीवनरक्षक उपकरण और अन्य आपूर्ति शामिल है।

भारतीय नौसेना की यह त्वरित और व्यापक कार्रवाई न केवल भारत-श्रीलंका के घनिष्ठ जन-जन संपर्क को मजबूत करती है, बल्कि यह भी दर्शाती है कि भारत अपने हिंद महासागर क्षेत्र (IOR) के पड़ोसी देशों को कठिन समय में हमेशा मदद के लिए तैयार रहता है।

भारत का यह कदम “पड़ोस पहले” नीति के प्रति उसकी प्रतिबद्धता और मानवीय मूल्यों की परंपरा को और अधिक सुदृढ़ करता है।