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421 एमओयू से राजस्थान में 1 लाख करोड़ का निवेश, विकास की नई उड़ान
प्रवासी राजस्थानी दिवस 2025

जयपुर, 8 दिसंबर। मुख्यमंत्री भजन लाल शर्मा के नेतृत्व में राजस्थान सरकार आगामी 10 दिसंबर को ‘प्रवासी राजस्थानी दिवस’ (पीआरडी) के दौरान ऊर्जा, कृषि, पर्यटन, शिक्षा और कौशल विकास, स्वास्थ्य, खनन और अन्य प्रमुख क्षेत्रों में 421 एमओयू के माध्यम से 1 लाख करोड़ रुपये के निवेश को धरातल पर लाने जा रही है।

उद्योग एवं वाणिज्य आयुक्त सुरेश कुमार ओला ने बताया कि यह मील का पत्थर राजस्थान के मज़बूत निवेश ट्रैक रिकॉर्ड पर आधारित है, जिसमें 7 लाख करोड़ रुपये के एमओयू पहले ही पीआरडी— 2025 से पहले ही ज़मीनी स्तर पर काम शुरू कर चुके हैं, जो निवेश और इनोवेशन के लिए एक प्रमुख डेस्टिनेशन के रूप में राज्य की प्रतिष्ठा को और मज़बूत करता है।

ओला ने बताया कि राजस्थान निर्णायक क्रियान्वयन के माध्यम से विकास के एक नए युग में प्रवेश कर रहा है। प्रवासी राजस्थानी दिवस— 2025 के दौरान विभिन्न क्षेत्रों में 1 लाख करोड़ रुपये के निवेश का प्रतिनिधित्व करने वाले 421 एमओयू की शुरुआत, इरादे को प्रभाव में बदलने की हमारी प्रतिबद्धता को रेखांकित करती है। हमारी प्राथमिकता इन एमओयू  के पीछे के इरादों को ज़मीनी स्तर पर वास्तविक परियोजनाओं में बदलना, रोज़गार पैदा करना और ऐसा इंफ्रास्ट्रक्चर और सेवाएं प्रदान करना है जो दैनिक जीवन को बेहतर बनाएं। पीआरडी— 2025 से पहले ही 7 लाख करोड़ रुपये के एमओयू की शुरुआत हो चुकी है, हम सिर्फ़ समझौते साइन नहीं कर रहे हैं, हम परिणाम दे रहे हैं। श्री ओला ने वैश्विक राजस्थानी समुदाय और निवेशकों को इस यात्रा का हिस्सा बनने और राजस्थान के भविष्य को फिर से आकार देने में हमारी मदद करने के लिए आमंत्रित किया है।

इस गति को और  तेज़ करने के लिए राज्य 13 दूरदर्शी नीतियां भी पेश कर रहा है, जिन्हें औद्योगिक विकास, तकनीकी प्रगति और सस्टेनेबल डेवलपमेंट को बढ़ावा देने के लिए डिज़ाइन किया गया है। इनमें औद्योगिक नीति, एनआरआर नीति, राजस्थान व्यापार संवर्धन नीति, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और मशीन लर्निंग नीति, ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर (जीसीसी) नीति, सेमीकंडक्टर नीति, एयरोस्पेस और रक्षा नीति, नई पर्यटन नीति, ग्रीन ग्रोथ क्रेडिट नीति, कृषि और खाद्य प्रसंस्करण नीति, आईटी आउटसोर्सिंग, वन और कृषि-वानिकी नीति, खेल नीति और वाहन स्क्रैपेज नीति शामिल हैं।

ये सभी पहलें मिलकर राजस्थान को इनोवेशन, ग्लोबल ट्रेड और ग्रीन ग्रोथ के हब के रूप में स्थापित करने का लक्ष्य रखती हैं, जिससे विभिन्न क्षेत्रों में निवेशकों और उद्यमियों के लिए नए अवसर पैदा होंगे।

25 लाख के सीएसआर फण्ड से बनी आधुनिक गौशाला का जयपुर प्रभारी मंत्री ने किया लोकार्पण
4500 स्क्वायर फीट क्षेत्र में हुआ है आधुनिक गौशाला का निर्माण

जयपुर 8 दिसम्बर। श्री गलता तीर्थ मे 25 लाख की लागत से सीएसआर फण्ड् से बनी आधुनिक गौशाला का सोमवार को संसदीय कार्य विधि एवं न्याय मंत्री व जिले के प्रभारी मंत्री जोगाराम पटेल ने फीता काटकर लोकार्पण किया।

प्रभारी मंत्री ने कहा कि धरती मां, गौमाता व स्वयं की मां की सेवा करना सर्वोत्तम कार्य है। श्री गलता तीर्थ मे आधुनिक गौशाला के निर्माण से श्रद्धालुओं को गौमाता की सेवा करने का पुण्य मिलेगा। उन्होने कहा कि माननीय उच्च न्यायलय के निर्णय द्वारा जबसे जिला कलेक्टर जयपुर को श्री गलता तीर्थ का प्रशासक नियुक्त किया है तबसे तीर्थ स्थल अपने पौराणिक वैभव को प्राप्त करने के लिए निरन्तर अग्रसर हो रहा है। जिला प्रशासन इसे निरन्तर बेहतर बनाकर देशी-विदेशी सैलानियो के लिए आकर्षण का केन्द्र बनाया जा रहा है।

जिला कलेक्टर व श्री गलता तीर्थ प्रशासक डॉ. जितेन्द्र कुमार सोनी ने कहा कि माननीय उच्च न्यायलय के निर्देशानुसार व राजस्थान के माननीय मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा की मंशानुरूप श्री गलता तीर्थ को स्वच्छ हरा-भरा व आकर्षक बनाने के लिए निरन्तर कार्य किए जा रहे है। जिसमें पुरानी जीर्ण-शीर्ण गौशाला के स्थान पर आधुनिक स्वच्छ व बेहतर गौशाला का निर्माण इस दिशा में किया गया महत्वपूर्ण कार्य है।

अतिरिक्त जिला कलेक्टर चतुर्थ आशीष कुमार ने बताया कि श्री गलता तीर्थ की जीर्ण-शीर्ण गौशाला के स्थान पर आधुनिक व सुविधाजनक गौशाला का निर्माण फीनोवा कैपीटल के 25 लाख के सीएसआर फण्ड से 4500 स्क्वायर फीट क्षेत्र में चार महिने में किया गया है। यहां पर 80 से 100 गाएं रखने की क्षमता है। यह गौशाला गौमाताओं के लिए न सिर्फ सुरक्षित आश्रय स्थल है बल्कि यहां चारे व देखभाल की भी उत्तम व्यवस्था है। 

इस दौरान नागरिकता अधिनियम, 1955 की धारा 5 (1)(ग) के उपबंघों के अंतर्गत उमरकोट पाकिस्तान से आए प्रकाश अमर चन्द पुत्र हाकिम चन्द को भारत की नागरिकता का प्रमाण पत्र प्रभारी मंत्री द्वारा प्रदान किया गया।

इस अवसर पर प्रभारी मंत्री ने समाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग के सौजन्य से विशेष योग्यजनों को 5 श्रवण यंत्र, 2 स्मार्ट फोन, 4 व्हील चेयर और 2 बेसाखी भी प्रदान की।

इस दौरान अतिरिक्त जिला कलेक्टर प्रथम विनीता सिंह, अतिरिक्त जिला कलेक्टर जयपुर (दक्षिण) श्री युगान्तर शर्मा, देवस्थान विभाग के सहायक आयुक्त प्रथम श्री रतन लाल योगी, नगर निगम जयपुर के अतिरिक्त आयुक्त श्री प्रवीण गुगरवाल, विशिष्ट अतिथि फिनोवा कैपिटल के प्रबंध निदेशक एवं मुख्य कार्यकारी अधिकारी श्री मोहित साहनी सहित अन्य विभागीय अधिकारी व गौसेवक उपस्थित थे।

मुख्य सचिव ने किया राजीविका विकास क्लस्टर लेवल फेडरेशन का अवलोकन
राजीविका ग्रामीण उद्यमिता का सशक्त मॉडल - श्री वी. श्रीनिवास

जयपुर, 8 दिसम्बर । मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास सोमवार को सांगानेर के ठीकरिया स्थित राजीविका विकास क्लस्टर लेवल फेडरेशन पहुंचे । उन्होंने कहा कि राजीविका ग्रामीण उद्यमिता का एक सशक्त मॉडल है जिसके माध्यम से महिला आत्मनिर्भर बन अपने परिवार, गाँव और समाज में अपनी अलग पहचान अर्जित कर रही है । उन्होंने ब्लू पॉटरी एवं बगरू प्रिंट से जुड़ी लखपति दीदियों से संवाद कर उनकी आजीविका गतिविधियों के अनुभव जाने ।

मुख्य सचिव ने राजीविका के सफलता-यात्रा की सराहना करते हुए कहा कि पहले जहाँ केवल सिलाई यूनिट तक ही आजीविका सीमित थी, वहीं आज महिलाएँ अनेक क्षेत्रों में लखपति दीदी बनकर अपनी अलग पहचान स्थापित कर रही हैं। उन्होंने आश्वस्त किया कि राजस्थान की स्वयं सहायता समूहों की इन प्रेरणादायक कहानियों को माननीय प्रधानमंत्री महोदय तथा अन्य वरिष्ठ अधिकारियों के समक्ष प्रस्तुत किया जाएगा। मुख्य सचिव ने महिलाओं द्वारा निर्मित विविध उत्पादों की विशेष प्रशंसा भी की। साथ ही सेनेटरी नैपकिन यूनिट का अवलोकन किया गया ।

बायर सेलर मीट से मिलेगा उत्पादों को व्यापक बाजार- श्रीमती गुहा

अतिरिक्त मुख्य सचिव श्रीमती श्रेया गुहा ने कहा कि आज ग्रामीण महिलाएँ अपने कौशल एवं परिश्रम के बल पर पूर्णतः स्वतंत्र एवं आत्मविश्वासी बन रही हैं। राजीविका प्लेटफॉर्म ने महिलाओं में उद्यमिता को मजबूत आधार प्रदान किया है। श्रीमती गुहा ने बताया कि राजीविका द्वारा कृषि एंव पशुपालन संबधित व्यवसाय को बढ़ावा देने हेतु ‘बायर सेलर मीट’ का  प्रारंभ  किया गया है जिससे राजीविका की महिलाए अपने उत्पाद सीधे ही बड़ी कंपनियों को बेच सकेगी उन्होंने आश्वासन दिया ‘बायर सेलर मीट’  को और व्यापक स्तर पर बढ़ाया जाएगा ।

जयपुर संभागीय आयुक्त श्रीमती पूनम ने निर्देश दिए कि राजस्थली मार्ट की तर्ज पर विभिन्न जिलों में भी महिला उद्यमियों के उत्पादों के लिए स्थानीय “मार्ट” स्थापित किए जाएँ, ताकि उनके उत्पादों को व्यापक बाजार मिल सके।

राजीविका की स्टेट मिशन डायरेक्टर श्रीमती नेहा गिरि ने बताया कि किस प्रकार स्वयं सहायता समूहों (SHGs) के माध्यम से ग्रामीण महिलाओं ने कृषि, उद्यमिता, वित्तीय सेवाओं, कला एवं हस्तशिल्प जैसे क्षेत्रों में उल्लेखनीय आत्मनिर्भरता प्राप्त की है। उन्होंने ग्रामीण महिलाओं द्वारा निर्मित उत्पादों को ऑनलाइन प्लेटफॉर्म से जोड़ने एवं राजस्थानी पारंपरिक खाद्य उत्पादों को बढ़ावा देने का आश्वासन भी दिया। 

इस अवसर पर लखपति दीदी श्रीमती इंदिरा देवी ने मुख्य सचिव से अपनी राजीविका यात्रा साझा करते हुए बताया कि हस्तनिर्मित लकड़ी उत्पाद कार्य कर प्रतिमाह ₹10,000 से अधिक की नियमित आमदनी अर्जित कर रही हैं तथा विभिन्न मेलों व प्रदर्शनियों में सक्रिय रूप से भी भाग लेती हैं।

राजस्थान ग्रामीण बैंक (आरजीबी) में बैंकिंग कॉरेस्पोंडेंट के रूप में कार्यरत श्रीमती मीनू शर्मा ने बताया कि किस प्रकार उन्होंने सुरक्षा बीमा योजना सहित विभिन्न वित्तीय सेवाओं का लाभ ग्रामीण परिवारों तक पहुँचाया। उन्होंने बताया कि वे बैंकिंग सेवाओं के माध्यम से प्रतिमाह 1 करोड़ से अधिक का ट्रांजेक्शन कर लगभग ₹45,000 की आय अर्जित कर रही हैं, जिससे उन्हें आर्थिक रूप से सशक्त होने में बड़ा सहयोग मिला है।तथा स्वंय के परिवार मैं भी सम्मान बढ़ा है।

इस अवसर पर परियोजना निदेशक प्रशासन श्रीमति प्रीति सहित अधिकारीगण राजीविका से जुड़ी महिलाएँ उपस्थित रही ।

ओवरलोडेड वाहनों और अवैध शराब के खिलाफ कार्रवाई हो तेज : मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा
राज्य के सर्वांगीण विकास में राजस्व की भूमिका अहम, वृद्धि हेतु बनाएं लक्ष्य आधारित कार्ययोजना


जयपुर, 8 दिसम्बर। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा कि राज्य सरकार प्रदेश के चहुंमुखी विकास और सभी वर्गों के कल्याण के लिए पूर्ण रूप से प्रतिबद्ध है। इस दिशा में विभिन्न विकास परियोजनाएं और जनकल्याणकारी योजनाएं संचालित की जा रही है। उन्होंने कहा कि विकास योजनाओं को मूर्त रूप देने और जनकल्याणकारी योजनाओं के निर्बाध संचालन में राजस्व अत्यधिक महत्वपूर्ण है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि वित्तीय वर्ष 2025-26 के राजस्व लक्ष्य की प्राप्ति के लिए संबंधित विभागों के अधिकारी समर्पित होकर कार्य करें।

शर्मा सोमवार को मुख्यमंत्री कार्यालय में आबकारी, परिवहन, काॅमर्शियल टैक्स तथा पंजीयन एवं मुद्रांक विभाग की समीक्षा बैठक ले रहे थे। बैठक में बताया गया कि वित्तीय वर्ष 2025-26 में 1 लाख 69 हजार 627 करोड़ रुपये के राजस्व अर्जन का लक्ष्य रखा गया था। इसे हासिल करने के क्रम में नवम्बर माह तक कुल 84 हजार 746 करोड़ रुपये का राजस्व प्राप्त हो चुका है। मुख्यमंत्री ने संबंधित अधिकारियों को आगामी तिमाही में राजस्व वृद्धि के लिए लक्ष्य आधारित कार्ययोजना बनाने के निर्देश दिए। 

जीएसटी की दरों में कमी का लाभ उपभोक्ता को मिलना हो सुनिश्चित —

शर्मा ने काॅमर्शियल टैक्स विभाग की समीक्षा के दौरान कहा कि केन्द्र सरकार द्वारा किए गए जीएसटी सुधारों से देश और प्रदेश के आमजन को काफी राहत मिली है। उन्होंने कहा कि यह सुनिश्चित किया जाए कि जीएसटी की दरों में की गई कमी का सीधा लाभ उपभोक्ता तक पहुंचे। मुख्यमंत्री ने फर्जी करदाताओं के खिलाफ विशेष अभियान चलाने के निर्देश देते हुए कहा कि कर चोरी रोकने और पारदर्शी कर व्यवस्था लागू करने के लिए सख्त निगरानी तंत्र विकसित किया जाए।

सार्वजनिक परिवहन हेतु नई बसों के हो परमिट जारी —

मुख्यमंत्री ने परिवहन विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए कि सार्वजनिक परिवहन हेतु नई बसों के अधिक से अधिक परमिट जारी किए जाएं जिससे आमजन को आवागमन में सुविधा होने के साथ ही, राज्य सरकार को भी राजस्व की प्राप्ति हो। श्री शर्मा ने ओवरलोडिंग के खिलाफ कड़ी कार्रवाई के निर्देश देते हुए कहा कि ओवरलोडेड वाहन सुरक्षा की दृष्टि से उचित नहीं है। साथ ही, इनसे राज्य सरकार को राजस्व की भी हानि होती है। विभागीय अधिकारी इनके खिलाफ सख्त कार्रवाई करें। 

अवैध शराब के खिलाफ हो प्रभावी कार्रवाई —

मुख्यमंत्री ने कहा कि राजस्थान में अन्य राज्यों से अवैध शराब के परिवहन को रोकने के लिए आबकारी विभाग पुलिस के साथ समन्वय बनाते हुए सीमावर्ती क्षेत्रों में निगरानी कड़ी करें। उन्होंने राज्य में अवैध शराब की बिक्री पर भी प्रभावी अंकुश लगाने के निर्देश दिए। श्री शर्मा ने पंजीयन एवं मुद्रांक विभाग को संपत्तियों के पंजीयन की प्रक्रिया सरल करने और आमजन को अधिक से अधिक राहत पहुंचाने के भी निर्देश दिए।

बैठक में मुख्य सचिव श्री वी. श्रीनिवास सहित संबंधित विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।

मुख्यमंत्री ने राजस्थान संपर्क हैल्पलाइन 181 का किया औचक निरीक्षण
मुख्यमंत्री ने स्वयं फोन पर सुनी लोगों की समस्याएं, तत्काल समाधान से फरियादियों के चेहरे पर खिली मुस्कान

जयपुर, 8 दिसम्बर। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा आमजन की समस्याओं के समाधान के लिए कितने संवेदनशील हैं, इसकी एक बानगी सोमवार को देखने को मिली। सचिवालय का दौरा कर रहे मुख्यमंत्री जब पुस्तकालय भवन में राजस्थान संपर्क हैल्पलाइन 181 पहुंचे तब दो कॉलर्स नवलगढ़ (झुन्झुनू) के सुधीर और कोटपूतली-बहरोड़ के नेमीचंद से बात कर रहे थे। मुख्यमंत्री ने स्वयं दोनों फरियादियों से बात की और थोड़ी ही देर में उनकी समस्याओं का समाधान कर दिया गया। समस्याओं के तत्काल समाधान के बाद फरियादियों के चेहरे की खुशी देखते ही बन रही थी।  

शर्मा जब राजस्थान संपर्क 181 पर समस्याएं सुन रहे थे तो एक कॉल पर नवलगढ़ (झुन्झुनू) के सुधीर ने बताया कि उनके घर के पास साव की ढाणी पर प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के अंतर्गत सड़क निर्माण का कार्य हो रहा है। सड़क निर्माण में एक पोल बीच में आ रहा है जिससे आवाजाही में लोगों को समस्या हो रही है। उन्होंने मुख्यमंत्री से उस पोल को हटाने के लिए निवेदन किया। मुख्यमंत्री ने उनकी समस्या के समाधान के लिए अधिकारियों को निर्देश दिए। इन निर्देशों की पालना करते हुए संबंधित कलक्टर ने पोल हटवाकर परिवादी को राहत दी। 

मुख्यमंत्री को एक अन्य शिकायतकर्ता नेमीचंद निवासी गोकलपुर गांव, वार्ड नंबर 29 (कोटपूतली-बहरोड़) ने फोन पर बताया कि गोकलपुर गांव में वार्ड नंबर 29 में नाले की सफाई नहीं होने के कारण गंदा पानी निकलकर सड़क पर भरा हुआ है। जिससे आवागमन में लोगों को समस्या आ रही है तथा बीमारी का खतरा भी बना हुआ है। उन्होंने इस नाले की जल्द से जल्द सफाई कराने का आग्रह किया। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को इस परिवेदना का तुरंत निस्तारण करने के निर्देश दिए। संबंधित कलक्टर द्वारा शीघ्र ही परिवेदना को निस्तारित करते हुए नाले की सफाई करवाई गई। 

राजस्थान संपर्क हैल्पलाइन 181 में मुख्यमंत्री को अधिकारियों ने राजस्थान संपर्क हैल्पलाइन की कार्यप्रणाली, परिवादी की शिकायत पंजीकरण की प्रणाली, फॉलो-अप की पूरी जानकारी दी। उन्होंने कहा कि जनसेवा को सर्वोपरि मानते हुए हमारी सरकार कार्य कर रही है। 181 हैल्पलाइन के माध्यम से आमजन घर बैठे अपनी समस्या दर्ज करवाकर उसका शीघ्र समाधान प्राप्त कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि हमारी सरकार लोगों को पूरी संवेदनशीलता, पारदर्शिता और जवाबदेहिता के साथ उनकी हर परिवेदना के समयबद्ध निस्तारण के लिए प्रतिबद्ध है।

श्री शर्मा ने कहा कि संपर्क पोर्टल पर मिल रही समस्याओं की अधिक से अधिक मॉनिटरिंग हो जिससे परिवादी की समस्या का समयबद्ध निस्तारण हो सके तथा उसे राहत मिले। इस दौरान मुख्यमंत्री ने पूरे प्रणाली को समझने एवं उसे और बेहतर बनाने के लिए स्वयं ही शिकायतकर्ताओं का कॉल अटैण्ड किया तथा उनकी समस्याओं का समाधान किया। 

पूर्व सैनिकों के सम्मान में ‘ऑनर रन’ मैराथन का आयोजन
वीर सैनिकों की राष्ट्र के प्रति अटूट निष्ठा हमारे लिए प्रेरणादायी जवानों को उचित सम्मान देना हर नागरिक का कर्तव्य - मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा

जयपुर, 07 दिसम्बर। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा कि हमारे वीर जवान अपने परिवार से दूर रहकर, कठिन परिस्थितियों में निःस्वार्थ भाव से राष्ट्र की सेवा करते हैं। उनके अदम्य साहस और बलिदान के कारण ही हम सभी देशवासी चैन और सुकून से रह पा रहे हैं। उन्होंने कहा कि हमारे पूर्व सैनिक केवल सेवानिवृत व्यक्ति नहीं, बल्कि अनुभव और अनुशासन के प्रतीक हैं। उनकी राष्ट्र के प्रति अटूट निष्ठा हम सब के लिए प्रेरणादायी है। यह देश के हर नागरिक का कर्तव्य है कि वह जवानों को उचित मान-सम्मान दें।

शर्मा ने रविवार को जयपुर के अल्बर्ट हॉल पर थलसेना की दक्षिण पश्चिमी कमान की ओर से पूर्व सैनिकों की वीरता और बलिदान के सम्मान में आयोजित ‘ऑनर रन’ मैराथन को फ्लैग ऑफ किया। यह मैराथन सेना दिवस (15 जनवरी) के उपलक्ष्य में होने वाले विभिन्न कार्यक्रमों के क्रम में आयोजित की गई। मैराथन को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि यह दौड़ हमारे राष्ट्र के उन अमर सपूतों के प्रति सम्मान और आभार व्यक्त करने का अवसर है, जिन्होंने मातृभूमि की रक्षा के लिए अपना सर्वस्व न्योछावर कर दिया। इसका उद्देश्य हमारे पूर्व सैनिकों के साहस, बलिदान और अदम्य भावना का सम्मान करना है, जिन्होंने निःस्वार्थ भाव से राष्ट्र की सेवा की है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि ऑनर रन के माध्यम से हम यह सन्देश देना चाहते हैं कि राजस्थान अपने सैनिकों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़ा है। उन्होंने कहा कि ऑनर रन का आयोजन हमारी सामूहिक चेतना की अभिव्यक्ति है। उन्होंने युवाओं से आह्वान किया कि वे हमारे जांबाज सैनिकों के त्याग, बलिदान और राष्ट्रप्रेम से प्रेरणा लेकर देश के निर्माण में अपना योगदान दें।

‘ऑनर रन’ में नजर आया भारी उत्साह और जोश

अल्बर्ट हॉल पर आयोजित ऑनर रन मैराथन में 5 किलोमीटर, 10 किलोमीटर और 21 किलोमीटर की 3 श्रेणियों की दौड़ आयोजित की गई। मैराथन में सेना के जवानों, पूर्व सैनिकों एवं आमजन ने भारी उत्साह के साथ हिस्सा लिया। देशभक्ति के तरानों के बीच भारत माता की जयकार से माहौल जोश से भर उठा। 

कार्यक्रम में सेना की दक्षिण पश्चिमी कमान के जनरल ऑफिसर कमांडिंग इन चीफ लेफ्टिनेंट जनरल मनजिंदर सिंह ने मुख्यमंत्री को स्मृति चिन्ह भेंट किया। इस दौरान पूर्व नौसेना अध्यक्ष एडमिरल माधवेन्द्र सिंह एवं जयपुर जिला कलक्टर डॉ. जितेन्द्र कुमार सोनी सहित बड़ी संख्या में सेना के जवान, पूर्व सैनिक एवं आमजन उपस्थित रहे।

श्रीलंका में राहत अभियान तेज़ – भारतीय नौसेना ने ऑपरेशन ‘सागर बंधु’ के तहत चार और जहाज़ तैनात किए
ऑपरेशन सागर बंधु

चक्रवात से प्रभावित श्रीलंका में राहत और बचाव कार्यों को गति देने के लिए भारत ने अपने मानवीय सहायता एवं आपदा राहत (HADR) अभियान ‘ऑपरेशन सागर बंधु’ को और मजबूत कर दिया है। भारतीय नौसेना ने जरूरतमंद क्षेत्रों तक आवश्यक राहत सामग्री पहुँचाने के लिए चार और जहाज़ – आईएनएस घड़ियाल, एलसीयू 54, एलसीयू 51 और एलसीयू 57 – को तैनात किया है।

पहले भी कई युद्धपोत पहुँचा चुके हैं मदद

इससे पहले आईएनएस विक्रांत, आईएनएस उदयगिरि और आईएनएस सुकन्या जैसे प्रमुख युद्धपोत न केवल राहत सामग्री लेकर पहुंचे थे बल्कि उन्होंने हेलीकॉप्टरों के माध्यम से हेलीबोर्न सर्च एंड रेस्क्यू (SAR) मिशन भी संचालित किए, जिससे कई प्रभावित परिवारों को समय पर सहायता मिल सकी।

कोलंबो और त्रिंकोमाली में पहुँची राहत सामग्री

भारत की ओर से भेजे गए तीन लैंडिंग क्राफ्ट यूटिलिटी (LCU) जहाज़ 7 दिसंबर 2025 की सुबह कोलंबो बंदरगाह पहुँचे, जहाँ उन्होंने श्रीलंकाई अधिकारियों को बड़ी मात्रा में आवश्यक राहत सामग्री सौंप दी। इसके बाद आईएनएस घड़ियाल 8 दिसंबर 2025 को त्रिंकोमाली पहुंचा और मानवीय सहायता अभियान को आगे बढ़ाया।

1000 टन राहत सामग्री – भारत-श्रीलंका की दोस्ती का प्रतीक

इन जहाज़ों के माध्यम से कुल 1000 टन से अधिक HADR सामग्री श्रीलंका भेजी गई है। इसमें खाद्य सामग्री, औषधियाँ, टेंट, पानी, आवश्यक जीवनरक्षक उपकरण और अन्य आपूर्ति शामिल है।

भारतीय नौसेना की यह त्वरित और व्यापक कार्रवाई न केवल भारत-श्रीलंका के घनिष्ठ जन-जन संपर्क को मजबूत करती है, बल्कि यह भी दर्शाती है कि भारत अपने हिंद महासागर क्षेत्र (IOR) के पड़ोसी देशों को कठिन समय में हमेशा मदद के लिए तैयार रहता है।

भारत का यह कदम “पड़ोस पहले” नीति के प्रति उसकी प्रतिबद्धता और मानवीय मूल्यों की परंपरा को और अधिक सुदृढ़ करता है।

राजस्थान, प्रवासी राजस्थानियों और उद्योगपतियों में उत्साह, 8700 से अधिक ने कराया पंजीकरण
मुख्य सचिव और एसीएस उद्योग ने कार्यक्रम स्थल पहुंचकर लिया तैयारियों का जायजा, कार्यक्रम की तैयारियां अंतिम चरण में, जयपुर में सजावट का काम जारी

जयपुर, 6 दिसंबर। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा की पहल पर आयोजित किए जा रहे ‘प्रवासी राजस्थानी दिवस’ कार्यक्रम की तैयारियां अब अंतिम चरण में हैं।  10 दिसंबर को होने वाले इस कार्यक्रम के लिए राजधानी जयपुर में ग्रीनरी, सजावट और साफ-सफाई के कार्य किए जा रहे हैं। राजस्थान मेहमानों के स्वागत के लिए पूरी तरह तैयार है, वहीं देश-विदेश से आने वाले प्रवासी राजस्थानियों और उद्योगपतियों में भारी उत्साह है। अब तक करीब 8,700 से अधिक लोगों ने अपना पंजीकरण कराया है।

मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास और उद्योग एवं वाणिज्य विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव (एसीएस) शिखर अग्रवाल ने कार्यक्रम स्थल (जेईसीसी, सीतापुरा) पहुंचकर तैयारियों का जायजा लिया। इस दौरान उन्होंने मुख्य समारोह, सेक्टोरल सेशन के लिए निर्धारित हॉल के साथ ही राज्य सरकार की उपलब्धियों को दर्शाने के लिए बनाए जा रहे प्रगति पथ का भी निरीक्षण किया। मुख्य सचिव ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सभी कार्यों को अगले 48 घंटे में पूरा कर लिया जाए।

मुख्य सचिव ने कहा कि मुख्यमंत्री की मंशा के अनुसार इस ऐतिहासिक आयोजन की तैयारियां की जा रही हैं। मुख्यमंत्री लगातार तैयारियों की समीक्षा कर रहे हैं, साथ ही, प्रवासी राजस्थानियों से वार्ता कर उन्हें आमंत्रित भी कर रहे हैं।

एसीएस श्री शिखर अग्रवाल ने कहा कि इस आयोजन का मुख्य उद्देश्य प्रवासी राजस्थानियों को अपनी जड़ों से जोड़ते हुए प्रदेश के विकास में उनकी भागीदारी सुनिश्चित करना है। साथ ही, इस प्रक्रिया में आने वाली समस्याओं के समाधान के लिए एक नई नीति भी बनाई गई है। 

उद्योग एवं निवेश संवर्धन ब्यूरो के आयुक्त श्री सुरेश कुमार ओला ने बताया कि मुख्यमंत्री के निर्देशानुसार आयोजन स्थल पर राजस्थान की संस्कृति और विरासत को प्रदर्शित किया गया है, ताकि प्रवासी राजस्थानी अपनापन महसूस करें और यहां से अच्छी यादें लेकर लौटें।

इस दौरान जेडीए आयुक्त श्रीमती आनन्दी, रीको एमडी श्रीमती शिवांगी स्वर्णकार, राजस्थान फाउंडेशन की आयुक्त डॉ. मनीषा अरोड़ा, नगर निगम आयुक्त डॉ. गौरव सैनी, बीआईपी के अतिरिक्त आयुक्त श्री जुगल किशोर मीणा सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।

पर्यटन क्षेत्रों के भ्रमण के लिए नोडल अधिकारी नियुक्त—

इस कार्यक्रम में आने वाले मेहमानों की शहर के पर्यटन क्षेत्रों के भ्रमण की संभावना को देखते हुए भी व्यापक व्यवस्था की गई है। संरक्षित स्मारकों पर आने वाले पर्यटकों के लिए पुरातत्व एवं संग्रहालय विभाग ने नोडल अधिकारी नियुक्त किए हैं। इसके साथ ही, वन एवं वन्यजीव पर्यटन क्षेत्रों की जानकारी उपलब्ध कराने के लिए वन विभाग द्वारा भी नोडल अधिकारी नियुक्त किए गए हैं।

मुख्यमंत्री की घोषणा के बाद पहला प्रवासी राजस्थानी दिवस—

मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने पिछले साल राइजिंग राजस्थान ग्लोबल इन्वेस्टमेंट समिट की प्रवासी राजस्थानी कॉन्क्लेव में 10 दिसंबर को हर वर्ष प्रवासी राजस्थानी दिवस के रूप में मनाने की घोषणा की थी। इस कड़ी में पहला प्रवासी दिवस आगामी 10 दिसंबर को आयोजित किया जा रहा है। इस आयोजन का मुख्य उद्देश्य राजस्थानी डायस्पोरा को साथ लाना और प्रवासियों को अपनी जड़ों से जोड़ना है।

🚁 मेहंदीपुर बालाजी में 8 दिसंबर से शुरू होगी हेलिकॉप्टर सेवा, धार्मिक पर्यटन को मिलेगा बढ़ावा
धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा देने की दिशा में बड़ा कदम

जयपुर, 7 दिसम्बर। दौसा जिले के प्रसिद्ध धार्मिक स्थल मेहंदीपुर बालाजी में सोमवार, 8 दिसंबर से हेलिकॉप्टर सेवा शुरू होने जा रही है। पहली उड़ान सुबह 11 बजे पहुंचेगी। जिला प्रशासन ने इसे धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा देने की दिशा में बड़ा कदम बताया है।

मेहंदीपुर बालाजी ‘पंच गौरव’ में शामिल प्रमुख आस्था स्थल है, जहां हर दिन हजारों श्रद्धालु देशभर से दर्शन करने पहुंचते हैं। अभी तक यहां रेल और सड़क मार्ग से अच्छी कनेक्टिविटी मौजूद थी, लेकिन अब हेलिकॉप्टर सेवा शुरू होने से यात्रियों को एक और तेज व सुलभ विकल्प मिलेगा।

अधिकारियों के अनुसार, नई सेवा से न केवल धार्मिक पर्यटन में वृद्धि होगी, बल्कि स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिलेगी। इससे आसपास के व्यापार, होटल, परिवहन सहित अन्य सेवाओं में भी विकास देखने को मिलेगा। साथ ही नगर निकायों के राजस्व में भी बढ़ोतरी होने की संभावना है।

भविष्य में प्रशासन दौसा जिले के अन्य प्रमुख पर्यटन स्थलों जैसे आभानेरी को भी इस हेलिकॉप्टर सेवा से जोड़ने की योजना बना रहा है। यह पहल राज्य सरकार की पर्यटन नीति तथा केंद्र के नागरिक उड्डयन एवं पर्यटन मंत्रालय की दिशानिर्देशों के अनुरूप शुरू की जा रही है।

विधानसभा अध्यक्ष वासुदेव देवनानी ने दी 4 करोड़ रूपए के विकास कार्यों की सौगात
अजमेर उत्तर क्षेत्र में अब तक लगभग 60 करोड़ रुपए की लागत से 15 नालों का निर्माण पूरा किया जा चुका है।


जयपुर, 7 दिसम्बर। विधानसभा अध्यक्ष श्री वासुदेव देवनानी ने रविवार को अजमेर विकास प्राधिकरण द्वारा शहर के वार्ड 74 में आंतेड़ माता से पुराने मित्तल अस्पताल तक तथा आंतेड़ श्मशान के पास नाले के निर्माण कार्य का शुभारंभ किया । इस नाले का निर्माण लगभग 298 लाख 25 हजार रुपए की लागत से किया जाएगा। यह नाला  जलभराव और कच्चे नाले के टूटने से उत्पन्न हो रही समस्याओं को दूर करेगा। क्षेत्र में बरसात के दौरान नाले के ओवरफ्लो होने, बदबू फैलने तथा कचरा सड़क पर आने से नागरिकों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। 

श्री वासुदेव देवनानी ने कहा कि अजमेर उत्तर क्षेत्र में अब तक लगभग 60 करोड़ रुपए की लागत से 15 नालों का निर्माण पूरा किया जा चुका है। इससे क्षेत्र धीरे-धीरे जलभराव की समस्या से मुक्त हो रहा है। अजमेर तेज़ी से विकास की राह पर है और आधारभूत ढांचे के लिए सैकड़ों करोड़ रुपए के कार्य किए जा रहे हैं। राज्य के नक्शे पर अजमेर एक स्वच्छ, सुंदर और स्मार्ट शहर के रूप में उभर रहा है।

इसके पश्चात विधानसभा अध्यक्ष ने बजट घोषणा 2025-26 के अंतर्गत वार्ड 75 में स्वीकृत विभिन्न सड़क निर्माण कार्यों का भी शुभारंभ किया। उन्होंने कहा कि सड़कें किसी भी क्षेत्र के विकास की आधारशिला होती हैं। अच्छी सड़कें आवागमन को सुगम बनाने के साथ व्यापार, शिक्षा, स्वास्थ्य और दैनिक जीवन की गतिविधियों को गति देती हैं। उन्होंने कहा कि करणी नगर, विनायक नगर और स्टीफन स्कूल क्षेत्र में जिन सड़कों का निर्माण प्रारंभ किया गया है। वे स्थानीय निवासियों की कई वर्षों से लंबित मांग थी। इन सड़कों के निर्माण से क्षेत्रवासियों को अत्यधिक सुविधा मिलेगी और स्थानीय विकास को नई दिशा प्राप्त होगी।

श्री देवनानी ने कहा कि पारदर्शी और गुणवत्तापूर्ण निर्माण कार्य उनकी प्राथमिकता है और सभी विभागों को समयबद्ध एवं मानकों के अनुरूप कार्य पूरा करने के निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने कहा कि स्टीफन स्कूल के सामने सी ब्लॉक की क्षतिग्रस्त गलियों के पुनर्निर्माण पर 30 लाख रुपए, करणी नगर में भोम जी गुर्जर के मकान से डॉ. शैतान सिंह जी के मकान तक सड़क निर्माण पर 20 लाख रुपए तथा विनायक नगर की विभिन्न गलियों के निर्माण पर 45 लाख रुपए व्यय किए जाएंगे। इन कार्यों के पूरा होने से वार्ड 75 की कई कॉलोनियों में आवागमन अधिक सुगम और सुरक्षित होगा।

इस अवसर पर पार्षद रूबी जैन, पार्षद श्री रमेश चेलानी और श्री विक्रम सिंह राठौड़, अशोक शर्मा, दयाल राम सवासिया, रोहित भाट, शंकर सिंह, आदित्य जैन, चनेश धोलपुरिया सहित बड़ी संख्या में क्षेत्रवासी उपस्थित रहे।