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बिहार चुनाव के बाद RSS का बढ़ता प्रभाव: 2025 में भारत की राजनीति पर गहरा असर
बिहार चुनाव में NDA के शाब्दिक बहुमत और BJP की मजबूत वृद्धि से RSS की चुनावी और सामाजिक पकड़ मजबूत हुई है

भारत में बिहार चुनाव 2025 के बाद राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के प्रभाव में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। RSS की सक्रिय भूमिका और उसकी रणनीतियाँ चुनाव परिणामों में स्पष्टरूप से दिखाई दीं, जिसने भाजपा और उसके सहयोगी दलों को बड़ी सफलता दिलाई है। बिहार चुनाव में NDA के शाब्दिक बहुमत और BJP की मजबूत वृद्धि से RSS की चुनावी और सामाजिक पकड़ मजबूत हुई है। RSS ने इस चुनाव को अपने वैचारिक विस्तार के लिए एक मंच के रूप में उपयोग किया, जहां उन्होंने ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों में हिंदुत्व और राष्ट्रीयता के संदेश को विस्तृत किया।

RSS की बिहार चुनाव में भूमिका

RSS ने बिहार में 20,000 से अधिक स्वयंसेवकों के माध्यम से ‘मिशन त्रिशूल’ अभियान चलाया, जिसमें गांव-गांव जाकर स्थानीय मुद्दों को राष्ट्रीय एजेंडे से जोड़ने का रणनीति अपनाई गई। इसके तहत जाति आधारित राजनीति के बजाय हिंदू एकता और विकास के विषय को प्रमुखता दी गई। विश्लेषकों के अनुसार, RSS की इस रणनीति ने पारंपरिक मुस्लिम और यादव वोट बैंक को प्रभावित किया, जिससे NDA को बिहार में बड़ा लाभ मिला।

भारत में RSS का बढ़ता प्रभाव

बिहार के अलावा, RSS पूरे भारत में अपनी पहुंच बढ़ा रहा है। UP में 2027 के चुनावों के लिए RSS ने ‘गृह संपर्क अभियान’ शुरू किया है, जिसके तहत करोड़ों घरों में संदेश पहुंचाने का लक्ष्य है। इसके अतिरिक्त, पश्चिम बंगाल जैसे पूर्वी राज्यों में भी RSS की गतिविधियां तेज हो गई हैं, जहां वह तृणमूल कांग्रेस के प्रभाव को चुनौती देने की योजना बना रहा है।

नीति निर्माण, शिक्षा, और सांस्कृतिक कार्यक्रमों के माध्यम से RSS का प्रभाव विभिन्न राज्यों में दिख रहा है, खासतौर पर उन राज्यों में जहां भाजपा सरकार है या उसका प्रभाव बढ़ रहा है। यह एक लंबी अवधि की रणनीति है जिससे RSS भारत के राजनीतिक और सामाजिक ताने-बाने में गहरी पैठ बना सके।

भारत के राज्यों का राजनीतिक स्वरूप 2025 में

नीचे दिए गए मानचित्र में भारतीय राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में वर्तमान जनता दल (BJP), कांग्रेस (INC), आम आदमी पार्टी (AAP), जनता दल (यूनाइटेड), और अन्य प्रमुख पार्टियों के शासन को दर्शाया गया है। इससे साफ़ होता है कि भाजपा 14 राज्यों और कई केंद्र शासित प्रदेशों में सत्ता में है, जबकि अन्य क्षेत्रीय दल और कांग्रेस कुछ राज्यों में राज कर रहे हैं।

यह मानचित्र विभिन्न पार्टियों के शासनों को रंगों के माध्यम से दिखाता है:

  • बीजेपी (BJP) – केसरिया (#FF9933)
  • कांग्रेस (INC) – नीला
  • आम आदमी पार्टी (AAP) – सायकन (#009999)
  • जनता दल (यूनाइटेड) – हरा (#008000)
  • अन्य क्षेत्रीय दलों के अपने विशिष्ट रंग

निष्कर्ष

बिहार चुनाव के परिणामों ने स्पष्ट किया कि RSS का प्रभाव भारत के राजनीतिक परिदृश्य में मजबूती से स्थापित हो चुका है। इसके सक्रिय संगठन और चुनावी रणनीतियाँ भाजपा की सफलता के प्रमुख कारण हैं। आगे के वर्षों में RSS की भूमिका और अधिक निर्णायक साबित हो सकती है, विशेषकर उत्तर प्रदेश और पश्चिम बंगाल जैसे संवेदनशील राज्यों में। इस प्रकार, RSS का प्रभाव केवल चुनाव तक सीमित नहीं रह गया, बल्कि यह भारत की सामाजिक और सांस्कृतिक दिशा भी निर्धारित कर रहा है।

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