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अजमेर शरीफ दरगाह में होने वाले 814वें उर्स की तैयारियों को शीघ्र पूरा किया जाए – सचिव, अल्पसंख्यक कार्य मंत्रालय
सचिव, अल्पसंख्यक कार्य मंत्रालय ने ली वृहद समीक्षा बैठक — अजमेर शरीफ दरगाह में होने वाले 814वें उर्स की तैयारियों को शीघ्र पूरा किया जाए - सचिव, अल्पसंख्यक कार्य मंत्रालय

जयपुर, 18 नवंबर। केन्द्रीय अल्पसंख्यक कार्य मंत्रालय के सचिव डॉ. चंद्रशेखर कुमार ने  शासन सचिवालय में वृहद समीक्षा बैठक ली। बैठक में अजमेर जिले में होने वाले ख्वाजा गरीब नवाज के 814वें उर्स, अल्पसंख्यक मामलात विभाग, वक्फ आयोग एवं आरएमएफडीसीसी के प्रगति बिंदुओं पर चर्चा की गई।

डॉ. चंद्रशेखर कुमार ने अजमेर शरीफ दरगाह के प्रस्तावित इंफ्रास्ट्रक्चर के विकास पर चर्चा करते हुए कहा कि उर्स में लाखों की संख्या में ज़ायरीन आते है, उनकी सुरक्षा, स्वच्छता एवं स्वास्थ्य के लिए प्रशासन को सजगता और मुस्तैदी से कार्य करना होगा। उन्होंने निर्देश दिए कि अजमेर जिले में दिसंबर माह में प्रस्तावित अजमेर शरीफ दरगाह के 814वें उर्स की तैयारी अतिशीघ्र पूरी कर ली जाए तथा दरगाह के विकास के लिए विस्तृत डीपीआर भी बनाई जाए। 

सचिव, अल्पसंख्यक कार्य मंत्रालय ने निर्देश दिए कि प्रशासन को उर्स में आने वाली भीड़ की सुरक्षा के लिए सीसीटीवी, पॉवरबैकअप, अग्निशमन उपकरणों की पर्याप्त उपलब्धता जैसे जरूरी कार्य जल्द से जल्द सुनिश्चित कर लेने चाहिए। उन्होंने कहा कि इसमें किसी भी प्रकार की ढिलाई नहीं बरती जाए।

जिम्मेदारी लेकर प्रतिबद्धता से कार्य करें – 

अल्पसंख्यक मामलात विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव श्री अश्विनी भगत ने निर्देश दिए कि ज़ायरीनो की सुरक्षा के लिए इस्तेमाल होने वाले ड्रोन्स को अभय कमांड सेंटर से जोड़ा जाए, जिससे आपातकालीन स्थिति में त्वरित प्रतिक्रिया सुनिश्चित की जा सकेगी। श्री भगत ने सिविल डिफेंस के कार्मिकों को ज्यादा से ज्यादा संख्या में लगाए जाने और उनको किसी भी अप्रत्याशित स्थिति से निपटने के लिए प्रशिक्षित किए जाने के निर्देश दिए। 

उन्होंने कहा इसके लिए सभी प्रशिक्षितों को प्रशस्ति प्रमाण पत्र देकर सम्मानित किया जा सकता है।

अतिरिक्त मुख्य सचिव ने सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए मेटल डिटेक्टर मशीनों को सुधरवाने और आपातकालीन स्थिति से निपटने के लिए संबंधित विभाग से समन्वय कर एयर एम्बुलेंस का प्रावधान भी रखे जाने के निर्देश दिए। उन्होंने आने वाले यात्रियों के डिजिटल रजिस्ट्रीकरण करवाने के साथ- साथ वजू वाले स्थल पर सफाई का विशेष ध्यान रखने के लिए निर्देशित किया।

जिला प्रशासन, दरगाह कमेटी और अन्य विभागों के बीच समन्वय से हो रहा कार्य – 

अजमेर जिला कलेक्टर श्री लोकबंधु ने बताया कि उर्स की विस्तृत योजना बनाने और तैयारियों का आकलन करने के लिए नियमित संयुक्त बैठकें आयोजित की जा रही है, जिसके माध्यम से जिला प्रशासन, दरगाह कमेटी और अन्य विभागों के बीच समन्वय स्थापित किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि अजमेर जिला प्रशासन 814वें उर्स के सुचारू एवं व्यवस्थित संचालन, ज़ायरीनो की सुरक्षा, स्वच्छता एवं दरगाह अवसंरचना विकास के लिए प्रतिबद्धता से कार्य कर रहा है। 

अजमेर जिला कलेक्टर ने जानकारी देते हुए बताया कि उर्स प्रारंभ होने से पूर्व आवश्यक मरम्मत एवं रखरखाव के कार्य, पर्याप्त बिजली आपूर्ति, पेयजल की व्यवस्था, विश्राम स्थली से दरगाह तक पर्याप्त बसों के संचालन, पर्याप्त एम्बुलेंस व डिस्पेंसरीज आदि व्यवस्थाओं को सुनिश्चित किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि भारतीय रेलवे के साथ समन्वय करके अतिरिक्त एवं विशेष रेलगाड़ियों के संचालन के लिए प्रयास किए जा रहे हैं।

प्रशासनिक एवं नागरिक सुविधाओं में सुधार के लिए किए जा रहे सतत् प्रयास – 

अतिक्रमण हटाने का कार्य- अजमेर जिला कलेक्टर ने बताया कि प्रशासनिक एवं नागरिक सुविधाओं में सुधार के लिए प्रशासन द्वारा सतत् प्रयास किए जा रहे है। उन्होंने बताया कि अजमेर नगर निगम ने विशेष अभियान चलाकर दरगाह बाज़ार और अंदरोट क्षेत्र में अतिक्रमण हटाने, औलिया मस्जिद के पिछले हिस्से से अतिक्रमण हटाने का कार्य किया। इसके साथ आस्ताना शरीफ़ के आसपास के क्षेत्र से अलमारियाँ, बक्से और अन्य सामान हटाया गया।

सबीली दरवाजे का पुनर्निर्माण- श्री लोकबंधु ने बताया कि दरगाह शरीफ के अंदर सबीली गेट का पुनर्निर्माण किया गया है। अब प्रवेश द्वार की चौड़ाई 7 फीट से बढ़कर लगभग 13 फीट हो गई है। 

जल निकासी व्यवस्था में सुधार- अजमेर नगर निगम द्वारा दरगाह क्षेत्र में जल निकासी व्यवस्था में सुधार हेतु 3 करोड़ रुपये की विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (डीपीआर) तैयार की गई है। उन्होंने बताया कि निज़ाम गेट नाले सहित महत्वपूर्ण और उच्च प्राथमिकता वाले कार्यों के लिए 75 लाख रुपये की एक निविदा वर्तमान में प्रक्रियाधीन है। इसके अतिरिक्त उर्स अवधि के दौरान प्रति वर्ष 8 लाख रुपये की निविदाएं जारी की गई हैं।

दरगाह शरीफ में प्राकृतिक गैस संयंत्र से कनेक्शन- श्री लोकबंधु ने बताया कि दरगाह शरीफ में प्राकृतिक गैस संयंत्र से कनेक्शन का कार्य किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि इसके लिए आईजीएल द्वारा मार्ग सर्वेक्षण किया गया है।

स्वच्छता एवं सफाई व्यवस्था हेतु अतिरिक्त कर्मचारियों की तैनाती-  श्री लोकबंधु ने बताया कि उर्स अवधि के लिए अतिरिक्त कर्मचारियों की तैनाती के साथ स्वच्छता एवं सफाई प्रबंधन का कार्य सुनिश्चित किया जा रहा है। नगर निगम द्वारा मेला क्षेत्र में 500 अतिरिक्त सफाई कर्मचारी 24x 7 तैनात किए जाएंगे। 

खादिमों के लिए जारी होंगे आईडी कार्ड- अजमेर जिला कलेक्टर ने बताया कि दरगाह कमेटी के सहयोग से सभी खादिमों के लिए उर्स के दौरान आईडी कार्ड जारी किए जाएंगे।

हटाएं गए अवैध क्यूआर कोड- श्री लोकबंधु ने बताया कि दरगाह में विकास के नाम पर चंदा मांगने वालो ने जगह- जगह अवैध क्यूआर कोड लगा रखे है, दरगाह कमेटी के सहयोग से एक विशेष अभियान चलाकर सभी अवैध क्यूआर कोड को हटाया गया। साथ ही यह अभियान भविष्य में भी चलता रहेगा। 

सुरक्षा और कानून व्यवस्था सुनिश्चित करने हेतु प्रतिबद्ध – 

अजमेर पुलिस अधीक्षक श्रीमती वंदिता राणा ने बताया कि अजमेर दरगाह शरीफ के 814वें उर्स में सुरक्षा और कानून व्यवस्था सुनिश्चित करने हेतु पुलिस प्रतिबद्धता से कार्य कर रही है। उन्होंने बताया कि उर्स के दौरान सीसीटीवी से निगरानी,  विश्राम स्थली और पूरे शहर में पर्याप्त पुलिस बल की तैनाती, यातायात के लिए उचित प्रबंधन, भीड़ नियंत्रण के लिए नाकों और वॉच टावर लगाए जाएंगे। श्रीमती राणा ने बताया कि उर्स  के लिए लगभग 5,000 अधिकारियों और पुलिसकर्मियों की तैनाती की जाएगी। 

814वें उर्स को सफल बनाने के लिए की जा रही है विशेष व्यवस्थाएं – 

अजमेर नगर निगम के आयुक्त श्री देशल दान ने बताया कि उर्स को सफल बनाने के लिए नगर निगम द्वारा विशेष व्यवस्थाएं की जा रही है। उन्होंने बताया कि पूरे मेला और दरगाह क्षेत्र की सफाई, सभी मार्गों की मरम्मत, दरगाह बाज़ार मार्ग पर बैरिकेडिंग लगाना, पर्याप्त बिजली आपूर्ति, आगजनी से सुरक्षा जैसी जरूरी व्यवस्थाएं सुनिश्चित की जा रही हैं। उन्होंने बताया कि विशेष अभियान चलाकर दरगाह बाज़ार से अस्थायी अतिक्रमण तथा आवारा पशुओं को पकड़ने जैसे कार्य करवाए जा रहे है। साथ ही शुक्रवार की नमाज़ के लिए विशेष व्यवस्थाएं भी प्रशासन द्वारा की जा रही है। 

विश्राम स्थली में उपलब्ध होंगी सभी आवश्यक सुविधाएं – 

अजमेर विकास प्राधिकरण की आयुक्त सुश्री नित्या के. ने बताया कि प्राधिकरण द्वारा विश्राम स्थली एवं अस्थायी शिविरों में सभी आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध करवाई जाएगी। उर्स के लिए 17 अस्थायी शिविरों का निर्माण करवाया जा रहा है जिसका आकार लगभग 60×120 होगा व एक 100×400 आकार का बड़ा प्रार्थना शिविर का निर्माण किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि पेयजल, साउंड सिस्टम, निर्बाध बिजली आपूर्ति आदि के लिए कार्य किए जा रहे है। उर्स के दौरान एक नियंत्रण कक्ष की स्थापना की जाएगी। 

पीएमजेवीके के कार्यान्वयन में राजस्थान ने की उल्लेखनीय प्रगति – 

प्रधानमंत्री जन विकास कार्यक्रम (पीएमजेवीके) की समीक्षा के उपरांत श्री अश्विनी भगत ने केन्द्रीय सचिव को अवगत करवाया कि राजस्थान पीएमजेवीके योजना की प्रगति में भारत के शीर्ष राज्यों में से एक है। केन्द्रीय सचिव ने विभाग के अधिकारियों को राजस्थान राज्य की भौगोलिक स्थिति व विकास के गैप को भरने हेतु बड़े प्रोजेक्ट बनाकर डीपीआर प्रस्तुत करने के निर्देश दिए।

केन्द्रीय सचिव ने राजस्थान राज्य द्वारा प्रस्तुत उपयोगिता प्रमाण पत्र की स्थिति को संतोषप्रद बताते हुए अब तक के कार्यों की भौतिक व वित्तीय रिकन्सिलिएशन के निर्देश तथा गत वर्षो में अप्रारंभ कार्यों को निरस्त करवाकर नए सिरे से वृहद प्रस्तावों के साथ भिजवाने के निर्देश दिए। इस दौरान उन्होंने वक्फ की संपत्तियों को शीघ्र रजिस्ट्रीकरण करवाने के निर्देश दिए और आरएमएफडीसीसी के प्रगति बिंदुओं पर भी चर्चा की।

समीक्षा बैठक में पर्यटन विभाग के प्रमुख शासन सचिव श्री राजेश कुमार यादव, नगरीय विकास एवं आवासन विभाग के प्रमुख शासन सचिव श्री देबाशीष पृष्टि, केन्द्रीय अल्पसंख्यक कार्य मंत्रालय के संयुक्त सचिव श्री राम सिंह, निदेशक श्री एस पी सिंह तेवतिया, अल्पसंख्यक मामलात विभाग के निदेशक श्री एम. डी. मीना सहित भारत सरकार के अल्पसंख्यक कार्य मंत्रालय, राज्य के अल्पसंख्यक मामलात विभाग व अजमेर जिला प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारीगण मौजूद रहे।

राजस्थान को उत्कृष्ट जल प्रबंधन एवं सामुदायिक भागीदारी के लिए तीसरी बार जल संचय जन भागीदारी पुरस्कार
राष्ट्रपति द्रोपदी मुर्मु ने किया सम्मानित —मुख्यमंत्री शर्मा ने दी बधाई, कहा - प्रदेश जल सरंक्षण और जल संचय के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध

जयपुर, 18 नवम्बर। राजस्थान को उत्कृष्ट जल प्रबंधन एवं सामुदायिक भागीदारी के लिए तीसरी बार ‘जल संचय जन भागीदारी पुरस्कार’ से सम्मानित किया गया है। राज्य ने देश के सर्वश्रेष्ठ राज्यों में तीसरा स्थान प्राप्त किया है।

राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु, केंद्रीय जल शक्ति मंत्री सी. आर. पाटिल, राज्य मंत्री वी. सोमन्ना तथा जल शक्ति राज्य मंत्री राज भूषण चौधरी द्वारा मंगलवार को नई दिल्ली के विज्ञान भवन में आयोजित पुरस्कार वितरण समारोह में प्रदेश को यह सम्मान दिया गया। प्रदेश की ओर से जल संसाधन विभाग के अतिरिक्त सचिव एवं मुख्य अभियंता श्री भुवन भास्कर ने राज्य स्तरीय पुरस्कार ग्रहण किया।

जल संचयन जन भागीदारी 1.0 के अंतर्गत उत्कृष्ट जिलों की श्रेणी में बाड़मेर जिले को जल संरक्षण की दिशा में अतुलनीय कार्यों के लिए राष्ट्रीय स्तर पर पहला स्थान प्राप्त हुआ है। इस अवसर पर प्रदेश के 8 अन्य जिलों भीलवाड़ा, जयपुर, उदयपुर, अलवर, बारां, डूंगरपुर, चित्तौड़गढ़ तथा सीकर को भी जल सुरक्षित भारत के निर्माण हेतु अनुकरणीय प्रतिबद्धता के लिए विभिन्न श्रेणियों में सम्मानित किया गया है। 

मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा ने राज्य की इस उपलब्धि पर बधाई और शुभकामनाएं देते हुए कहा कि राज्य सरकार जल संरक्षण और जल संचयन की दिशा में पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है। प्रदेश में वंदे गंगा जल संरक्षण-जन अभियान और कर्मभूमि से मातृभूमि अभियान से व्यापक जन भागीदारी सुनिश्चित कर जल संरक्षण और भूजल रिचार्ज के लिए अभूतपूर्व कार्य किये गए हैं।

महिला एवं बच्चों के विरुद्ध अपराधों की रोकथाम पर व्यापक चर्चा
दो दिवसीय अंतर-एजेंसी राज्य सम्मेलन सम्पन्न | केन्द्रीय महिला एवं बाल विकास मंत्रालय के सहयोग से 17 और 18 नवंबर को एक महत्वपूर्ण दो दिवसीय अंतर-एजेंसी राज्य सम्मेलन का सफलतापूर्वक...

जयपुर, 18 नवंबर। सेंट्रल डिटेक्टिव ट्रेनिंग इंस्टीट्यूट (CDTI), जयपुर ने केन्द्रीय महिला एवं बाल विकास मंत्रालय के सहयोग से 17 और 18 नवंबर को एक महत्वपूर्ण दो दिवसीय अंतर-एजेंसी राज्य सम्मेलन का सफलतापूर्वक आयोजन किया। सम्मेलन का केंद्रीय विषय “महिला एवं बच्चों के विरुद्ध अपराधों की रोकथाम से संबंधित एनसीएल प्रावधान एवं मिशन वात्सल्य की भूमिका” था।

सीडीटीआई जयपुर के निदेशक डॉ. अमनदीप सिंह कपूर (आईपीएस) ने बताया कि इस सम्मेलन में विभिन्न राज्यों से वरिष्ठ पुलिस अधिकारी, विशेषज्ञ, बाल संरक्षण कर्मी, अभियोजन अधिकारी और डब्ल्यूसीडी विभागों के प्रतिनिधियों ने सक्रिय रूप से भाग लिया।

पहले दिन 17 नवंबर को नए आपराधिक कानून और मिशन वात्सल्य सम्मेलन के उद्घाटन में निदेशक सीडीटीआई ने नए आपराधिक कानूनों में महिलाओं और बच्चों की सुरक्षा से संबंधित प्रावधानों के बढ़ते महत्व पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि अपराधों की जाँच में बाल-अनुकूल प्रक्रियाओं, संवेदनशीलता और मल्टी-एजेंसी समन्वय अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने मिशन वात्सल्य को बाल संरक्षण तंत्र को मजबूत करने वाला एक प्रभावी राष्ट्रीय कार्यक्रम बताया।

विशिष्ट अतिथि डॉ. मीना शर्मा ने सुरक्षित समाज के लिए पुलिस, मीडिया, महिला एवं बाल विकास विभाग के बीच बेहतर साझेदारी की आवश्यकता पर बल दिया।

तकनीकी सत्रों के दौरान महिला एवं बाल विकास विभाग के वरिष्ठ सलाहकार श्री जुनैद उल इस्लाम ने एसजेपीयू, बाल कल्याण संरचनाओं की भूमिकाओं और पोक्सो कानून के नवीन केस लॉ पर विस्तार से जानकारी दी। संयुक्त निदेशक आईटी श्री चंदकिरण चोकर ने वात्सल्या पोर्टल की उपयोगिता और चुनौतियों पर सत्र लिया, डॉ. संगमित्रा बारिक ने देशभर में मिशन वात्सल्या के तहत लागू उत्कृष्ट प्रथाओं को प्रस्तुत किया। सेवानिवृत्त अतिरिक्त निदेशक अभियोजन श्री अब्दुल समद चिश्ती ने एनसीएल से जुड़े महिला और बाल सुरक्षा प्रावधानों की विस्तृत चर्चा की। अंत मे साइबर विशेषज्ञ योगेश राव ने ऑनलाइन शोषण, साइबर अपराध प्रवृत्तियों और बच्चों की डिजिटल सुरक्षा पर महत्वपूर्ण जानकारी दी।

सम्मेलन के दूसरे दिन 18 नवंबर की शुरुआत श्री जुनैद उल इस्लाम की एनसीआरबी-2023 में दर्ज बच्चों से संबंधित अपराध प्रवृत्तियों पर डेटा-आधारित प्रस्तुति से हुई। श्री जगदीश प्रसाद (उप निदेशक, डब्ल्यूसीडी जयपुर) ने महिला सशक्तिकरण से जुड़ी विभिन्न सरकारी योजनाओं और पुलिस पहलों की जानकारी दी। डॉ. शिप्रा माथुर (वरिष्ठ मीडिया विशेषज्ञ) ने अपराध रोकथाम में मीडिया की भूमिका, नैतिक रिपोर्टिंग और जन-जागरूकता की आवश्यकता पर प्रकाश डाला।

पैनल चर्चा : जुवेनाइल जस्टिस—चुनौतियाँ और नवाचार—

इस महत्वपूर्ण चर्चा में श्री जुनैद उल इस्लाम, डॉ. के.के. कुमावत, डॉ. शिप्रा माथुर और डॉ. संगमित्रा बारिक ने भाग लिया। वक्ताओं ने समन्वय की कमी, पुनर्वास चुनौतियों और बाल न्याय प्रणाली को और प्रभावी बनाने हेतु नवाचारों पर गहन विचार-विमर्श किया।

सामूहिक प्रतिबद्धता की पुष्टि सम्मेलन का समापन वैलेडिक्शन समारोह के साथ हुआ। दो दिवसीय इस आयोजन ने विभिन्न एजेंसियों के बीच समन्वय को मजबूत किया और राजस्थान सहित पूरे देश में महिलाओं व बच्चों की सुरक्षा को सुदृढ़ करने की सामूहिक प्रतिबद्धता को पुनः पुष्ट किया।

अरब सागर से सीधे जुड़ेगा राजस्थान, जालोर में बनेगा इनलैंड पोर्ट 
राजस्थान बनेगा इंडस्ट्रियल पावर कॉरिडोर - 10 हजार करोड़ रुपए से अधिक राशि से होगी ड्रेजिंग - लगभग 262 किलोमीटर लम्बाई में बनेगा जलमार्ग - 50 हजार से अधिक रोजगार...

जयपुर, 18 नवम्बर। मरु प्रदेश राजस्थान अब समुद्री रास्ते से भी औद्योगिक विकास, व्यापार और आर्थिक समृद्धि का सफर तय करेगा। इसमें जालोर जिला कच्छ की खाड़ी के जरिए अरब सागर से सीधे जुड़ेगा। इसके लिए जालोर में इनलैंड पोर्ट (वाटर-वे) तैयार करने की कवायद  शुरू हो गई है। 

केंद्र और राज्य सरकार के मध्य बेहतर समन्वय से प्रदेश की अर्थव्यवस्था में यह निर्माण एक ऐतिहासिक परिवर्तनकारी साबित हो सकेगा। यहां से उद्योग, लॉजिस्टिक्स, रोजगार और जलमार्ग कनेक्टिविटी के नए युग की शुरुआत होगी। राजस्थान समुद्री राज्यों में शामिल होते हुए लॉजिस्टिक पावरहाउस बनने की दिशा में आगे बढ़ेगा। 

इनलैंड पोर्ट निर्माण को लेकर गत माह मुम्बई में राजस्थान रिवर बेसिन एवं जल संसाधन आयोजना प्राधिकरण और भारतीय अंतर्देशीय जलमार्ग प्राधिकरण, केन्द्र सरकार के बीच एक महत्वपूर्ण एमओयू हस्ताक्षर किया गया। इसके तहत गुजरात और राजस्थान में ड्रेजिंग से अरब सागर से जालोर को जोड़ा जाएगा। इसके जरिए राजस्थान समुद्री कनेक्टिविटी के नए युग में प्रवेश करेगा। जवाई-लूनी-रन ऑफ कच्छ नदी प्रणाली को राष्ट्रीय जलमार्ग-48 घोषित होने के बाद जालोर में इनलैंड पोर्ट (वाटर-वे) विकसित करने की दिशा में यह सबसे बड़ा कदम है। 

कांडला पोर्ट से होगी कनेक्टिविटी—

इस महत्वाकांक्षी परियोजना में राजस्थान प्रत्यक्ष रूप से कांडला पोर्ट (कच्छ) से जुड़ जाएगा। अभी जालोर तक जलमार्ग बनाने के लिए रास्तों पर अध्ययन किया जा रहा है। इसमें भवातरा-नवलखी मार्ग कांडला क्रिक (लगभग 262 कि.मी.) मार्ग भी शामिल है। एमओयू के अनुसार, ड्रेजिंग में 10 हजार करोड़ रुपए से अधिक राशि व्यय होगी। 

आईआईटी मद्रास कर रहा है सर्वे- 

जल संसाधन मंत्री श्री सुरेश सिंह रावत ने बताया कि जलमार्ग की डीपीआर पर भारतीय अन्तर्देशीय जलमार्ग विकास प्राधिकरण, नेशनल टेक्नोलॉजी फॉर पोर्ट, वाटर-वे एंड कोस्ट, आईआईटी मद्रास और जल संसाधन विभाग द्वारा सर्वे किया जा रहा है। इसमें वर्षभर जल की उपलब्धता, परियोजना के लिए जमीन और अनुमानित लागत पर गहन अध्ययन हो रहा है। फील्ड स्टडी के लिए आईआईटी मद्रास से विशेषज्ञ जल्द ही राजस्थान आएंगे। वहीं, जल संसाधन विभाग राजस्थान, भारतीय अंतर्देशीय जलमार्ग प्राधिकरण और आईआईटी मद्रास के बीच नियमित संवाद के जरिए परियोजना की प्रक्रिया को तेजी से आगे बढ़ाया जा रहा है।

जालोर बनेगा लॉजिस्टिक हब, स्थापित होंगे नए आयाम—

श्री रावत ने बताया कि लूनी-जवाई बेसिन और जालोर-बाड़मेर क्षेत्र में कपड़ा, पत्थर, कृषि उत्पाद, ऑयलशीड, ग्वार, दालें व बाजरा जैसी बड़ी ट्रेडिंग गतिविधियां होती हैं। साथ ही, रिफाइनरी परियोजना भी नजदीक ही है। समुद्री कनेक्टिविटी मिलने से उद्योगों का विस्तार तेजी से बढ़ेगा। कार्गो का बड़ा हिस्सा जलमार्ग से होने से सड़क और रेल पर भार कम होगा। श्री रावत ने बताया कि माल ढुलाई क्षमता कई गुना बढ़ जाएगी। भारी एवं बड़े आकार के माल की आवाजाही सरल होगी, जिससे नई इंडस्ट्री स्थापित होने के रास्ते खुलेंगे। साथ ही, वेयर हाउसिंग, पोर्ट सेवाएं, कोल्ड स्टोरेज और इंडस्ट्रियल क्लस्टर विकसित होंगे। 

वाटर एंड पावर कंसल्टेंसी सर्विसेज की एक प्री फिजीबिलिटी रिपोर्ट के अनुसार राजस्थान एवं गुजरात सहित आसपास के क्षेत्रों में 50 हजार से अधिक रोजगार के अवसर उपलब्ध हो सकेंगे। इनलैंड पोर्ट से अब निवेशकों की नजरें भी प्रदेश की ओर से हैं। 

मुम्बई में 28 अक्टूबर को इंडिया मैरीटाइम वीक, 2025 आयोजित हुआ। इसमें राजस्थान रिवर बेसिन एवं जल संसाधन आयोजना प्राधिकरण के मुख्य अभियंता श्री राजपाल सिंह और भारतीय अंतर्देशीय जलमार्ग प्राधिकरण, वित्त (सदस्य) के श्री के.के. नाथ के मध्य एमओयू हस्ताक्षर हुए। 

“मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा की दूरदर्शी और मजबूत औद्योगिक विकास की सोच से परियोजना सरकार की प्राथमिकता में रही है। श्री शर्मा द्वारा केन्द्र सरकार स्तर पर उच्चस्तरीय बैठकें कर आगे बढ़ाया गया। औद्योगिक विकास की दृष्टि से यह परियोजना संकल्प से सिद्धि की ओर बढ़ता कदम है। जल संसाधन विभाग की प्राथमिकता सूची में परियोजना हमेशा शीर्ष पर है। नियमित निगरानी के लिए भारतीय अंतर्देशीय जलमार्ग प्राधिकरण और केंद्र सरकार से निरंतर संवाद कर समन्वय स्थापित किए जा रहे हैं। राज्य सरकार के इन्हीं प्रयासों का परिणाम है कि राजस्थान भी समुद्री राज्यों में शामिल हो सकेगा।” – श्री सुरेश सिंह रावत, जल संसाधन मंत्री 

घूमर फेस्टिवल–2025 – बुधवार को सातों संभागों में भव्य आयोजन
उपमुख्यमंत्री दिया कुमारी ने विद्याधर नगर स्टेडियम फुटबॉल ग्राउण्ड में बुधवार शाम आयोजित होने वाले घूमर महोत्सव की तैयारियों का किया निरीक्षण

जयपुर, 18 नवम्बर। उपमुख्यमंत्री पर्यटन और कला एवं संस्कृति मंत्री दिया कुमारी ने जयपुर के  विद्याधर नगर स्टेडियम फुटबॉल ग्राउण्ड में बुधवार शाम 4.30 बजे आयोजित होने जा रहे  राज्य स्तरीय घूमर समारोह की तैयारियों का मंगलवार को निरीक्षण किया।

दिया कुमारी ने बताया कि राजस्थान की लोक- संस्कृति, पारंपरिक कलाओं और जनभागीदारी आधारित सांस्कृतिक मॉडल को नई दिशा देने के उद्देश्य से राज्य सरकार द्वारा घूमर फेस्टिवल–2025 का बुधवार को प्रदेश के सातों संभागीय मुख्यालयों पर एक साथ भव्य आयोजन किया जाएगा।

उपमुख्यमंत्री दिया कुमारी मंगलवार शाम को जयपुर  विद्याधर नगर स्टेडियम के फुटबॉल ग्राउण्ड पर पहुंची और वहां उन्होंने राज्य स्तरीय कार्यक्रम की तैयारियों का गहन अवलोकन किया। 

दिया कुमारी ने मंच व्यवस्था, प्रवेश मार्ग, सुरक्षा प्रबंधन, रिहर्सल, तकनीकी समन्वय और दर्शक सुविधा सहित सभी आवश्यक पहलुओं की विस्तृत समीक्षा की। 

उपमुख्यमंत्री ने सम्बंधित अधिकारियों और टीम को निर्देश दिए  कि पूरे कार्यक्रम को सुगठित, समयबद्ध और राजस्थान की सांस्कृतिक गरिमा के अनुरूप संपादित किया जाए।

उपमुख्यमंत्री ने कहा कि “घूमर नृत्य राजस्थान की आत्मा है। यह उत्सव हमारी लोक-संस्कृति को नई ऊर्जा देगा और भविष्य में पर्यटन से जुड़ी व्यापक संभावनाओं को भी सशक्त करेगा। ”

दिया कुमारी ने कहा कि राज्य सरकार की प्राथमिकता है कि सांस्कृतिक परंपराओं को जनभागीदारी और नवाचारों के साथ जोड़कर एक स्थायी मॉडल तैयार किया जाए।

पर्यटन आयुक्त रुक्मणि रियाड़ ने बताया कि पर्यटन विभाग ने कार्यक्रम की सभी तैयारियाँ पूरी कर ली हैं। घूमर महोत्सव के लिए प्रतिभागियों के साथ स्थानीय समुदाय में भी उत्साह का माहौल है।

पर्यटन आयुक्त ने बताया कि इस वर्ष कार्यक्रम का दायरा उल्लेखनीय रूप से बढ़ाया गया है। जयपुर, जोधपुर, अजमेर, उदयपुर, बीकानेर, कोटा और भरतपुर सातों संभागों में बुधवार शाम एक ही समय पर महोत्सव का शुभारंभ होगा। विभाग के अनुसार कई क्षेत्रों में पंजीकरण संख्या अपेक्षा से काफी अधिक रही है, जिससे प्रतिभागियों का उत्साह स्पष्ट झलकता है।

जयपुर और जोधपुर में 1500 से अधिक पंजीकरण प्राप्त होने पर इन दोनों शहरों को उच्च श्रेणी पुरस्कार श्रेणी में शामिल किया गया है।

—इन दोनों संभागों में—बेस्ट ग्रुप डांस, बेस्ट कॉस्ट्यूम, बेस्ट ज्वेलरी, बेस्ट सिंक्रोनाइजिंग और बेस्ट कोरियोग्राफी—श्रेणियों में कुल ₹2,34,000 के पुरस्कार प्रदान किए जाएंगे।

—अन्य पाँच संभागों के लिए कुल ₹1,04,000 की पुरस्कार राशि निर्धारित की गई है।

सातों संभागों में आयोजन स्थल इस प्रकार हैं—

•जयपुर – फुटबॉल ग्राउंड, विद्याधर नगर स्टेडियम 

•अजमेर – खेल स्टेडियम, सम्राट पृथ्वीराज राजकीय महाविद्यालय

•भरतपुर – विश्वप्रिय शास्त्री पार्क

•बीकानेर – डॉ. करणी सिंह स्टेडियम

•जोधपुर – राजकीय उम्मेद स्टेडियम

•कोटा – शौर्य घाट, चम्बल नदी तट

•उदयपुर – भंडारी दर्शक मंडप

बाड़मेर जिला कलक्टर टीना डाबी को जल संचय जन भागीदारी में प्रथम पुरस्कार
विज्ञान भवन में आयोजित कार्यक्रम में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने बाड़मेर जिला कलक्टर टीना डाबी को जल संचय जन भागीदारी में प्रथम पुरस्कार से किया सम्मानित

जयपुर,18 नवंबर। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने  जल संचय—जन भागीदारी में बाड़मेर के प्रथम स्थान पर रहने पर जिला कलेक्टर टीना डाबी को पुरस्कृत किया है। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने नई दिल्ली के विज्ञान भवन में मंगलवार को आयोजित कार्यक्रम में छठे राष्ट्रीय जल पुरस्कार व जल संचय—जन भागीदारी पुरस्कार में उन्हें यह सम्मान प्रदान किया।

   कार्यक्रम में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने कहा कि सभ्यता और जल में सीधा सम्बंध है। दु​नियाभर की सभ्यताएं नदियों, बांधों के किनारे वि​कसित हुई। जल का महत्व इससे आंका जा सकता है कि वंदे मातरम का पहला शब्द सुजलाम है। सरकार के साथ ही व्यक्तिगत, पारिवारिक, सामाजिक प्रयास और समन्वय से ही जल संरक्षण की योजनाओं को सफल बनाया जा सकता है। राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु ने केंद्र और राज्य सरकारों, जिला प्रशासनों, ग्राम पंचायतों और नगर निकायों के स्तर पर जल संरक्षण और उसके सुसंगत प्रबंधन को प्राथमिकता देने पर बल दिया। उन्होंने किसानों और उद्यमियों को जल का उपभोग कम करते हुए उत्पादन को अधिकतम करने के नवोन्मेषी तरीके अपनाने की सलाह दी।

उल्लेखनीय है कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के महत्वपूर्ण अभियान ”कैच द रेन” को बाड़मेर जिले में अपार सफलता मिली है। इसे जन आन्दोलन बनाकर धरातल पर लागू करने के लिए जिला कलेक्टर टीना डाबी ने मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा के निर्देशन में अभूतपूर्व प्रयास किए हैं। इस नवावार को केन्द्र सरकार ने  जल संचय जन भागीदारी अभियान में प्रथम  पुरस्कार के लिए चुना। टांका निर्माण के जरिए बारिश के पानी को सहेजने की अभिनव पहल के तहत प्रथम श्रेणी में चयनित बाड़मेर जिले को 2 करोड़ रुपए के पुरस्कार से सम्मानित किया गया है।

 बाड़मेर जिला कलक्टर टीना डाबी ने इस सफलता का श्रेय बाड़मेर जिले के प्रशासनिक अधिकारियों एवं कार्मिकों की टीम को देते हुए बताया कि टीम वर्क के चलते यह कामयाबी मिल पाई। आगामी समय में बेहतरीन कार्य करने का प्रयास किया जाएगा। उल्लेखनीय है कि बाड़मेर जिले में बारिश के पानी को सहेजने के लिए वृहद स्तर पर टांकों का निर्माण कराया गया है। इसकी बदौलत अब तक व्यर्थ में बहने वाला बारिश के पानी को ग्रामीण पेयजल के बतौर इस्तेमाल कर रहे है। इस अभियान के तहत जल संरक्षण के लिए जल संरचनाओं में भवनों की छतों पर वर्षा जल संचयन के साथ झीलों, तालाबों और बावड़ियों का पुनरुद्धार किया जाता  है। प्रथम जल संचय जन भागीदारी (जेएसजेबी) सम्मान के अंतर्गत इस वर्ष कुल 100 पुरस्कारों की घोषणा की गई। इनमें तीन शीर्ष प्रदर्शन करने वाले राज्य, 67 जिले, छह नगर निगम एक शहरी स्थानीय निकाय, दो सहयोगी मंत्रालय, विभाग, दो उद्योग, तीन गैर सरकारी संगठन, दो परोपकारी और 14 नोडल अधिकारी शामिल हैं।

भ्रामक प्रचार रोकने के लिए मीडिया फैक्ट चेक और तकनीक का प्रयोग करें – डीजीपी राजीव शर्मा
फेक न्यूज़ व डीप फेक पर लगाम : आईएसबी और राजस्थान पुलिस की विशेष कार्यशाला

जयपुर, 18 नवंबर। इंटरनेट पर तेज़ी से बढ़ रहे डीप फेक और फ़ेक न्यूज़ की चुनौती से निपटने के लिए इंडियन स्कूल ऑफ बिजनेस (आईएसबी) हैदराबाद और राजस्थान पुलिस के संयुक्त तत्वावधान में मंगलवार को राजस्थान पुलिस अकादमी के नालंदा सभागार में मीडियाकर्मियों के लिए एक महत्वपूर्ण कार्यशाला का आयोजन किया। इस कार्यशाला का उद्देश्य मीडिया और पुलिस को एआई टूल्स की मदद से ऑनलाइन प्रसारित भ्रामक सामग्री को पहचानने और रोकने के तरीकों से अवगत कराना था।

डीजीपी ने फेक न्यूज़ को इनफॉर्मेशन वॉर का टूल बताया—

कार्यक्रम का शुभारंभ करते हुए महानिदेशक पुलिस श्री राजीव शर्मा ने कहा कि आज के दौर में पुरानी घटनाओं को नई के रूप में प्रस्तुत कर चंद सेकंडों में लाखों लोगों तक पहुँचाया जाता है। उन्होंने इनफॉर्मेशन वॉर के टूल के रूप में फ़ेक न्यूज़ के कारण क़ानून और व्यवस्था बिगड़ने, मानसिक प्रताड़ना और फ़ाइनेंशियल फ्रॉड जैसी घटनाओं पर चिंता व्यक्त की।

डीजीपी श्री शर्मा ने बताया कि देश में 9 मिलियन से अधिक इंटरनेट यूज़र हैं, जिनमें से 34 प्रतिशत सोशल मीडिया का उपयोग करते हैं और अक्सर झूठी ख़बरों पर निर्भर हो जाते हैं। उन्होंने कहा कि 18 से 24 वर्ष के युवाओं को इस संबंध में जनजागरूकता की सबसे अधिक ज़रूरत है।

मीडिया से अपेक्षा और सुझाव—

डीजीपी ने मीडिया से ब्रेकिंग न्यूज़ देने की जल्दबाज़ी में फैक्ट चेक (तथ्य जाँच) करने की अपील की, क्योंकि एक ग़लत न्यूज से बड़ा नुक़सान हो सकता है।

उन्होंने मीडिया को भी तकनीक का इस्तेमाल करने और किसी भी स्तर पर शंका होने पर पुलिस के साथ मिलकर प्रयास करने का आह्वान किया। उनका ज़ोर था कि मीडिया और पुलिस अलर्ट रहे और भ्रामक प्रचार को रोकने के लिए मिलकर प्रयास करे ताकि सच्चाई ही आम जन तक पहुंचे और आईटी का इस्तेमाल अच्छे कामों में हो सके।

इस कार्यशाला का आयोजन राजस्थान पुलिस अकादमी के ऑडिटोरियम भवन में किया गया। इसमें मीडियाकर्मियों और सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसरों ने भाग लिया। इंडियन स्कूल ऑफ बिजनेस की तरफ़ से वरिष्ठ फैकल्टी प्रोफेसर मनीष गंगवार, मेजर विनीत कुमार समेत लगभग 10 सदस्यों की टीम ने मीडियाकर्मियों को डीप फेक की पहचान के लिए एआई टूल्स के उपयोग पर प्रशिक्षित किया।

इस अवसर पर डीजी साइबर क्राइम व लॉ एंड आर्डर श्री संजय अग्रवाल, राजस्थान पुलिस अकादमी के निदेशक एवं अतिरिक्त महानिदेशक पुलिस श्री संजीब नार्जारी, अतिरिक्त महानिदेशक (साइबर क्राइम) पुलिस श्री वीके सिंह, महानिरीक्षक पुलिस श्री अजय पाल लांबा, डीआईजी श्री कुंवर राष्ट्रदीप, एसपी राशि डोगरा, श्री शांतनु सिंह सहित बड़ी संख्या में पुलिस अधिकारी उपस्थित रहे।

जयपुर में 47 लाख परिगणना परिपत्रों का हुआ वितरण, निर्वाचन विभाग ने दी ऑनलाइन भरने की सुविधा
जयपुर में 47 लाख से ज्यादा परिगणना परिपत्रों का हुआ वितरण - 11 लाख से अधिक प्रपत्रों का किया जा चुका है डिजिटलीकरण - निर्वाचन विभाग ने मतदाताओं को दी...

जयपुर, 17 नवंबर। भारत निर्वाचन आयोग द्वारा विशेष गहन पुनरीक्षण कार्यक्रम के तहत जयपुर जिले में परिगणना कार्य प्रगति पर है। जिला निर्वाचन अधिकारी डॉ. जितेन्द्र कुमार सोनी निरंतर कार्यक्रम की मॉनिटरिंग कर रहे हैं। उप जिला निर्वाचन अधिकारी श्री मेघराज मीणा ने बताया कि 17 नवंबर तक जयपुर जिले में कुल 47 लाख 4 हजार 549 परिगणना प्रपत्र वितरित किए जा चुके हैं वहीं 11 लाख 90 हजार 611 प्रपत्रों का डिजिटलीकरण किया जा चुका है।

उन्होंने बताया कि भारत निर्वाचन आयोग द्वारा विशेष गहन पुनरीक्षण कार्यक्रम घोषित किया गया है। इसके तहत जिले में 04 नवंबर से 04 दिसंबर तक परिगणना चरण का संचालन किया जा रहा है। इस चरण में परिगणना प्रपत्रों का वितरण, संग्रहण एवं डिजिटलीकरण सतत रूप से किया जा रहा है।

उन्होंने बताया कि निर्वाचन विभाग द्वारा मतदाताओं को सुविधा प्रदान करने हेतु ऑनलाइन विकल्प भी उपलब्ध कराया गया है। मतदाता स्वयं अपना परिगणना प्रपत्र https://voters.eci.gov.in/ पर जाकर अथवा प्रदान किए गए QR Code को स्कैन कर ऑनलाइन भर सकते हैं।

जिला निर्वाचन अधिकारी डॉ. जितेन्द्र कुमार सोनी ने सभी मतदाताओं से अपील है कि वे अपने तथा अपने परिवारजनों के परिगणना प्रपत्र अधिक से अधिक संख्या में ऑनलाइन भरकर अभियान को सफल बनाने में सहयोग करें। जिले में परिगणना प्रपत्रों के डिजिटलीकरण की प्रगति के अनुसार विधानसभा क्षेत्र बस्सी ने सर्वाधिक 37.65 फीसदी प्रपत्रों के डिजिटलीकरण के साथ प्रथम स्थान प्राप्त किया है।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 19 नवम्बर को जारी करेंगे पीएम किसान सम्मान निधि की 21वीं किश्त
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी 19 नवम्बर को ''पीएम-किसान उत्सव दिवस'' के अवसर पर कोयम्बटूर में आयोजित होने वाले कार्यक्रम में पीएम किसान सम्मान निधि योजना की 21वीं किश्त के रूप में...


जयपुर, 17 नवम्बर 2025। प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी 19 नवम्बर को ‘पीएम-किसान उत्सव दिवस’ के अवसर पर कोयम्बटूर में आयोजित कार्यक्रम में पीएम किसान सम्मान निधि योजना की 21वीं किश्त जारी करेंगे। इस दौरान देशभर के लगभग 9 करोड़ किसानों को 18 हजार करोड़ रुपये की राशि उनके बैंक खातों में हस्तांतरित की जाएगी।

राजस्थान के 66.62 लाख किसानों को मिलेगा लाभ

सहकारिता राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्री गौतम कुमार दक ने बताया कि राजस्थान के 66.62 लाख किसानों को 1332.40 करोड़ रुपये की राशि हस्तांतरित की जाएगी। प्रत्येक पात्र किसान के खाते में 2 हजार रुपये की राशि सीधे ट्रांसफर की जाएगी।

राज्य स्तरीय कार्यक्रम में मुख्यमंत्री शामिल होंगे

इस अवसर पर जयपुर में राज्य स्तरीय कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा जिसमें मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा शामिल होंगे। साथ ही प्रदेश के सभी जिलों में स्थानीय स्तर पर भी आयोजन किए जाएंगे ताकि किसान इस अवसर से जुड़ सकें।

पीएम किसान सम्मान निधि योजना के तहत पात्र किसानों को प्रतिवर्ष 6 हजार रुपये की सहायता तीन समान किश्तों में दी जाती है। अब तक 20 किश्तों के माध्यम से देशभर के किसानों को कुल 3.91 लाख करोड़ रुपये की राशि हस्तांतरित की जा चुकी है।

राजस्थान सरकार ने राज्य के किसानों को अतिरिक्त राहत देने के लिए मुख्यमंत्री किसान सम्मान निधि योजना लागू की है। इसके अंतर्गत पीएम किसान योजना के पात्र किसानों को प्रति वर्ष 3 हजार रुपये की अतिरिक्त सहायता राशि प्रदान की जाती है।