चिकित्सा मंत्री ने किया रक्तदान शिविर का अवलोकन
जयपुर, 27 दिसम्बर। चिकित्सा एवं स्वास्थ्य मंत्री गजेन्द्र सिंह खींवसर ने कहा कि राज्य सरकार स्वास्थ्य सेवाओं को सर्वोच्च प्राथमिकता दे रही है। प्रदेश में निरंतर स्वास्थ्य सेवाओं को तकनीकी नवाचारों के माध्यम से उन्नत बनाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि किसी व्यक्ति का जीवन बचाने से बड़ा कोई पुण्य कार्य नहीं है। रक्तदान इस दिशा में एक श्रेष्ठ कार्य है। सभी स्वस्थ व्यक्तियों को इस नेक कार्य में भागीदारी निभानी चाहिए।
चिकित्सा मंत्री ने शुक्रवार को सवाई मानसिंह अस्पताल में आयोजित विशाल रक्तदान शिविर में शिरकत करते हुए यह विचार व्यक्त किए। उन्होंने कहा कि राजस्थान के कण-कण में त्याग, बलिदान एवं सर्वस्व न्यौछावर करने की गाथाएं रची-बसी हैं। राजस्थान की इस त्याग एवं समर्पण की संस्कृति को आत्मसात करते हुए हमें रक्तदान जैसे पुण्य कार्य के लिए आगे बढ़कर सहयोग प्रदान करना चाहिए। प्रसन्नता का विषय है कि विगत समय में समाज में रक्तदान के प्रति भ्रांतियां दूर हुई हैं और जागरूकता बढ़ी है। इससे आपातकालीन स्थितियों में बड़ी संख्या में लोगों का जीवन बचाना संभव हुआ है।
चिकित्सा मंत्री ने इस अवसर पर रक्तदान शिविर का अवलोकन किया और रक्तदाताओं से संवाद भी किया। उन्होंने इस पुनीत कार्य में सहयोग करने वाले सभी रक्तदाताओं, स्वास्थ्यकर्मियों एवं एसएमएस अस्पताल प्रशासन के प्रति आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार विभिन्न स्वास्थ्य योजनाओं के माध्यम से यूनिवर्सल हेल्थ करवरेज की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रही है। विगत दो वर्ष में स्वास्थ्य के क्षेत्र में अभूतपूर्व कार्य हुए हैं। इससे आमजन इलाज खर्च की चिंता से मुक्त हुआ है और गांव-ढाणी तक स्वास्थ्य सेवाएं सुगमता से मिल रही हैं।
इस अवसर पर खाद्य सुरक्षा आयुक्त डॉ. टी. शुभमंगला, चिकित्सा शिक्षा आयुक्त नरेश गोयल, सवाई मानसिंह मेडिकल काॅलेज के प्रधानाचार्य डाॅ. दीपक माहेश्वरी, अधीक्षक डाॅ. मृणाल जोशी सहित अन्य अधिकारी उपस्थित थे।
उपमुख्यमंत्री दिया कुमारी ने पर्यटन, कला एवं संस्कृति विभाग की ओर से किये जा रहें विकास कार्यों की ली समीक्षा बैठक
जयपुर, 26 दिसम्बर। उपमुख्यमंत्री एवं पर्यटन, कला एवं संस्कृति मंत्री दिया कुमारी की अध्यक्षता में शुक्रवार को राजस्थान धरोहर प्राधिकरण श्री ओंकार सिंह लखावत, अतिरिक्त मुख्य सचिव पर्यटन प्रवीण गुप्ता, अतिरिक्त निदेशक पर्यटन आनंद त्रिपाठी, राजस्थान धरोहर प्राधिकरण के मुख्य कार्यकारी अधिकारी रामरतन शर्मा की उपस्थिति में शासन सचिवालय में पर्यटन विभाग से जुड़े विभिन्न विकास कार्यों एवं योजनाओं तथा महत्वपूर्ण बिंदुओं की समीक्षा की गई।
उपमुख्यमंत्री दिया कुमारी ने विभाग की ओर से पुष्कर प्रोजेक्ट पर चर्चा कर प्रगति की जानकारी ली तथा इस हेतु शीघ्रता से कार्य किये जाने के निर्देश दिए। इसके साथ ही उन्होंने दिल्ली में कल्चररल सेंटर बनाने की सम्भावना पर चर्चा कर आवश्यक निर्देश दिए।
उन्होंने निर्देश दिए कि राजस्थान की परंपरिक पेंटिंग, भित्ति चित्रकारी तथा इससे जुड़ी अन्य कलाओं का नई पीढ़ी को सिखाई जाए। कला एवं संस्कृति विभाग की ओर से इस हेतु प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किए जाएं। इसके साथ ही उन्होंने राजस्थान धरोहर प्राधिकरण द्वारा झुन्झुनूं में बनवाये जाने वाले वार म्यजियम निर्माण पर चर्चा कर आवश्यक निर्देश दिए।
उपमुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि आमेर विकास एवं प्रबंधन प्राधिकरण द्वारा आमेर के अंदरूनी क्षेत्र हेतु मास्टरप्लान बनाकर कार्य किया जाए। उन्होंने निर्देश दिए कि आमेर का इंटीग्रेटेड डेवलपमेंट किया जाए। जिसमें सुरक्षा और पार्किंग, सफाई, दुकानों का व्यस्थिकरण तथा अन्य सुविधाओं का योजना अनुसार विकास किया जाए। उन्होंने जवाहर कला केन्द्र से सम्बंधित विकास कार्यों पर चर्चा कर आवश्यक निर्देश दिए तथा एएसआई के मोनूमेंट पर प्रॉपर लाइटिंग के निर्देश दिए।
उपमुख्यमंत्री दिया कुमारी को पर्यटन विभाग की विकास शाखा/टीआरसी जयपुर की ओर से जेडीए को जयपुर में कॉन्सर्ट पर्यटन के विकास हेतु भूमि आवंटन की प्रगति की जानकारी दी गई।
बैठक में आरटीडीसी लैंड डिस्पोजल रूल्स में जल्दी परिवर्तन की जानकारी दी गई। उपमुख्यमंत्री को अवगत कराया गया कि श्री खाटू श्याम जी मंदिर परिसर में विकास कार्य प्रगतिरत है तथा सीएसएस वर्क जल्दी किया जायेगा। इसके साथ ही अवगत कराया गया कि ट्राईबल सर्किट बनाने के क्रम में टीएडी के सुझाव हेतु पत्रावली प्रेषित की गई है।
दिया कुमारी ने निर्देश दिए कि एकीकृत ग्रामीण पर्यटन विकास हेतु कार्य किए जाए। उन्होंने इस हेतु शुरुआती तौर पर शेखावाटी और आभानेरी में कार्य किये जाने की संभावना पर कार्य किये जाने के निर्देश दिए।
अतिरिक्त मुख्य सचिव प्रवीण गुप्ता ने बैठक में अभानेरी में ग्रामीण पर्यटन और मॉडल टूरिस्ट विलेजज हेतु अवगत कराया कि कला एवं संस्कृति विभाग की ओर से पायलेट रूप में पांच गाँवों के लिए संस्कृति पोर्टल प्रस्तावित है। इसी प्रकार शेखावाटी में दो तीन स्थानों पर पायलट प्रोजेक्ट प्रस्तावित है।
राकेश शर्मा ने सूचना एवं जनसम्पर्क विभाग के आयुक्त एवं संयुक्त शासन सचिव का कार्यभार संभाला
जयपुर, 26 दिसम्बर। भारतीय प्रशासनिक सेवा के अधिकारी राकेश शर्मा ने शुक्रवार को शासन सचिवालय में सूचना एवं जनसम्पर्क विभाग के आयुक्त एवं संयुक्त शासन सचिव का कार्य भार ग्रहण किया।
इस दौरान विभाग के अतिरिक्त निदेशक (प्रशासन) एवं पदेन शासन उप सचिव ,डॉ. गोरधन लाल शर्मा, अतिरिक्त निदेशक पत्र पंजीयन, नर्बदा इन्दोरिया एवं विभागीय अधिकारी और कर्मचारी उपस्थित रहे।
मारवाड़ महोत्सव सांस्कृतिक एकता और लोक परंपरा का अद्वितीय संगम – मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा
जयपुर, 22 दिसम्बर।मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने सोमवार को ओडिशा के संबलपुर में मारवाड़ महोत्सव को संबोधित करते हुए कहा कि देश-दुनिया में मारवाड़ी अपनी संस्कृति को संरक्षित कर एक भारत-श्रेष्ठ भारत की संकल्पना को साकार कर रहे हैं। मारवाड़ी समाज शिक्षा, चिकित्सा जैसे क्षेत्रों में सामाजिक सरोकार के कार्य कर सभी जगह मेहनत व ईमानदारी से राजस्थान की मिट्टी की खुशबू को फैला रहे हैं।
लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने कहा कि भगवान जगन्नाथ की धरती ओडिशा अध्यात्म, धर्म, संस्कृति, संस्कार, साहित्य और देश की आजादी के लिए लड़ने वालों की भूमि है। उन्होंने कहा कि शौर्य और वीरता की धरती राजस्थान से यहां आए मारवाड़ी समाज का अपनी मातृभूमि से गहरा जुड़ाव है।
बिरला ने कहा कि मारवाड़ी समाज ओडिशा की धरती पर अपने कर्म और श्रम से अमूल्य योगदान दे रहे हैं। उन्होंने कहा कि राजस्थान और ओडिशा का गहरा संबंध भी है। दोनों की आध्यात्मिक आस्था, संस्कृति और विचारों में समानता है। मारवाड़ी समाज ने कड़ी मेहनत से यहां के लोगों को भी अपना बनाया है। उन्होंने कहा कि देश-दुनिया में मारवाड़ी समाज त्याग, सेवा और समर्पण से अपनी पहचान बना रहे हैं।
लोकसभा अध्यक्ष ने कहा कि मारवाड़ी समाज जन्मस्थली से जुड़कर कर्मस्थली पर सामाजिक दायित्वों को निभाते हैं। आपदा और संकट की घड़ी में मारवाड़ी समाज सदैव सहयोग के लिए आगे रहता है। इन्होंने शिक्षा के लिए विद्यालय खोले, चिकित्सालय और धर्मशालाएं भी बनाई। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा ने प्रवासी राजस्थानियों को अपनी जन्मस्थली से जोड़ने का सराहनीय कार्य किया है। इसी कड़ी में प्रवासी राजस्थानी दिवस का आयोजन किया। उन्होंने आह्वान किया कि विकसित भारत के सपने को साकार करने में सभी अपना सकारात्मक सहयोग दें।
केन्द्रीय शिक्षा मंत्री श्री धर्मेन्द्र प्रधान ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में राजस्थान और ओडिशा तेजी से आगे बढ़ रहे हैं। एक भारत और श्रेष्ठ भारत के लिए राजस्थान और ओडिशा में निवेश के अवसर बढ़ रहे हैं। उन्होंने कहा कि मारवाड़ महोत्सव के आयोजन से हमारी सांस्कृतिक विरासत आगे बढ़ेगी।
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा कि देश-दुनिया में मारवाड़ी अपनी संस्कृति को संरक्षित कर एक भारत-श्रेष्ठ भारत की संकल्पना को साकार कर रहे हैं। मारवाड़ी समाज शिक्षा, चिकित्सा जैसे क्षेत्रों में सामाजिक सरोकार के कार्य कर सभी जगह मेहनत व ईमानदारी से राजस्थान की मिट्टी की खुशबू को फैला रहे हैं।
भजनलाल शर्मा ने कहा कि मारवाड़ी युवा मंच द्वारा आयोजित यह महोत्सव सांस्कृतिक एकता, लोक परंपरा और भारतीय गौरव का अद्वितीय संगम है। साथ ही, राजस्थान की लोक कला, संगीत, नृत्य, हस्तशिल्प और खानपान को एक मंच पर लाकर भारत की सांस्कृतिक आत्मा को एक माला में पिरोने का सशक्त प्रयास है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार ने 10 दिसम्बर को प्रवासी राजस्थानी दिवस का आयोजन किया जिसमें राजस्थान फाउंडेशन के माध्यम से प्रवासी राजस्थानियों को आमंत्रित किया गया। उन्होंने कहा कि राजस्थान फाउंडेशन के चैप्टर्स की संख्या बढ़कर अब 40 हो गई है। मारवाड़ी समाज अपनी कर्मभूमि के साथ ही मातृभूमि के लिए भी काम करें। उन्होंने कहा कि प्रवासी राजस्थानियों की मदद के लिए हमारी सरकार ने सभी जिलों में अतिरिक्त जिला कलक्टर को नोडल अधिकारी नियुक्त किया है।
श्री शर्मा ने कहा कि राजस्थानी भाई-बहन चाहे दुनिया के किसी भी कोने में हों, मारवाड़ की अजेय भावना, शेखावाटी का उद्यमी जज्बा, मेवाड़ का गौरव, ढूंढाड़ की विनम्रता और बृज की मधुरता साथ लिए चलते हैं। उन्होंने कहा कि मारवाड़ी समाज के परिश्रम से राजस्थान और ओडिशा साथ-साथ आगे बढ़ेंगे।
इस अवसर पर ओडिशा के मंत्री श्री रबी नारायण नाइक, राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्री सूर्यबंशी सूरज, अन्य विधायकगण सहित मारवाड़ी समाज के गणमान्यजन उपस्थित रहे।
जिला कलेक्टर्स टू इयर्स प्रोगाम के तहत जिलों में हो रहे सभी इवेंट्स को समय पर पोर्टल पर अपलोड करना सुनिश्चित करें: मुख्य सचिव
जयपुर, 19 दिसंबर। मुख्य सचिव श्री वी.श्रीनिवास ने कहा कि जिला कलेक्टर्स राज्य सरकार के कार्यकाल के 2 वर्ष पूर्ण होने पर किए जा रहे कार्यक्रमों का व्यापक प्रचार—प्रसार करें। इसके लिए उन्होंने सभी जिलों में आयोजित किए जा रहे कार्यक्रमों की सभी इवेंट्स को ‘टू इयर्स गवर्नेंस पोर्टल’ पर अपलोड करवाने के निर्देश दिए हैं।
मुख्य सचिव श्री वी.श्रीनिवास राज्य सरकार के दो वर्ष पूर्ण होने पर आयोजित किए जा रहे कार्यक्रम के ‘टू इयर्स गवर्नेंस पोर्टल’ पर न्यूनतम प्रदर्शन वाले दस जिलों के साथ शुक्रवार को शासन सचिवालय में आयोजित बैठक में प्रगति की समीक्षा कर रहे थे।
आयोजना व सूचना प्रौद्योगिकी एवं संचार विभाग के शासन सचिव डॉ. रवि कुमार सुरपुर ने कहा कि जिला कलेक्टर्स पोर्टल पर इवेंट अपलोड करवाने के लिए जिला सूचना एवं जनसंपर्क अधिकारियों के साथ अन्य जिला स्तरीय अधिकारियों की सहभागिता भी सुनिश्चित करें।
उन्होंने कहा कि राज्य सरकार के कार्यकाल के 2 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य पर 11 दिसंबर से अब तक कई महत्वपूर्ण कार्यक्रम पूर्ण जनभागीदारी से आयोजित किए जा चुके हैं। इसके अतिरिक्त कार्यक्रमों की सीरिज में प्रदेश भर में 25 दिसंबर तक विभिन्न कार्यक्रम आयोजित होंगे। राज्य सरकार की सोच है कि स्वच्छता कार्यक्रम, रक्तदान शिविर, सड़क सुरक्षा अभियान, राजकीय कार्यालयों की साफ—सफाई, ग्रामीण एवं शहरी समस्या समाधान फॉलोअप शिविर, पर्यावरण संरक्षण अभियान, महिला एवं किसान सम्मेलन, रक्तदान शिविर एवं आरोग्य कैंप, महिला सशक्तीकरण सम्मलेन, रन फॉर विकसित राजस्थान (रविराज), पर्यटन कॉन्क्लेव, विकास प्रर्दशनी, प्रभात फेरी सहित विभिन्न कार्यक्रमों में अधिकतम जनभागीदारी हो । सभी 200 विधानसभा क्षेत्रों में विकास रथ, सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं, उपलब्धियों का प्रचार—प्रसार कर रहे हैं। सभी जिलों में बड़ी संख्या में इवेंट्स आयोजित किए जा रहे हैं। इस आयोजन के डॉक्यूमेंटशन के लिए यह आवश्यक है कि जिलों में होने वाले सभी इवेंट्स को पोर्टल पर अपलोड किया जाए।
बैठक में आयोजना (समन्वय) विभाग के संयुक्त शासन सचिव श्री नरेन्द्र कुमार मंघानी, सूचना एवं जनसंपर्क विभाग के अतिरिक्त निदेशक (प्रशासन) डॉ. गोरधन लाल शर्मा उपस्थित रहे। साथ ही धौलपुर, सलुम्बर, जैसलमेर, फलौदी, सिरोही, डीग, डीडवाना, कुचामन, झुंझुनूं और दौसा के जिला कलेक्टर एवं अन्य प्रशासनिक अधिकारी भी वीसी के माध्यम से उपस्थित रहे।
राज्य सरकार के दो वर्ष पूर्ण होने पर जयपुर में हुआ जिला स्तरीय महिला सम्मेलन
जयपुर, 19 दिसम्बर। राज्य सरकार के कार्यकाल के सफल दो वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में आयोजित विभिन्न कार्यक्रमों की श्रृंखला के अंतर्गत शुक्रवार को जयपुर में जिला स्तरीय महिला सम्मेलन जिला परिषद सभागार में हुआ।
कार्यक्रम में श्रीमती रमा देवी चौपड़ा, जिला प्रमुख, श्री महेन्द्र पाल मीणा, विधायक जमवारामगढ़ श्री गोपाल शर्मा, विधायक सिविल लाइन्स, जिला कलक्टर श्री जितेन्द्र कुमार सोनी, मुख्य कार्यकारी अधिकारी श्रीमती प्रतिभा वर्मा एवं अतिरिक्त मुख्य कार्यकारी अधिकारी श्री बृजमोहन गुप्ता, अन्य जनप्रतिनिधि, अधिकारी एवं बड़ी संख्या में महिलाएं उपस्थित रहीं।
कार्यक्रम में श्रीमती रमा देवी चोपड़ा ने राज्य सरकार के दो वर्षों के कार्यकाल में महिलाओं, बालिकाओं, विद्यार्थियों, वरिष्ठ नागरिकों एवं वंचित वर्गों के कल्याण हेतु संचालित योजनाओं एवं नवाचारों पर प्रकाश डालते हुए कहा कि सरकार की प्राथमिकता सामाजिक सुरक्षा, शिक्षा, स्वास्थ्य एवं महिला सशक्तीकरण रही है।
शुक्रवार को ही राज्य स्तरीय महिला सम्मेलन कार्यक्रम धौलपुर में हुआ, जिसमें मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा ने सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजना, पालनहार योजना, उच्च शिक्षा छात्रवृत्ति योजना, अनुसूचित जनजाति के विद्यार्थियों हेतु पूर्व मैट्रिक छात्रवृत्ति सहित विभिन्न योजनाओं के अंतर्गत डीबीटी के माध्यम से लाभार्थियों को राशि हस्तांतरित की। श्री शर्मा ने हेल्थ इंश्योरेंस कार्ड इंटर-ऑपरेबिलिटी लागू किए जाने की घोषणा भी की, जिससे प्रदेशवासियों को स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ और अधिक सुगमता से मिल सकेगा।
जिला स्तरीय महिला सम्मेलन के दौरान राजीविका, शिक्षा, स्वास्थ्य कल्याण एवं पेंशन योजनाओं से जुड़े लाभार्थियों को स्वीकृति पत्र एवं आयुष्मान आरोग्य कार्ड वितरित किए गए। इसके साथ ही राजीविका की ‘लखपति दीदीयों’ को प्रोत्साहन स्वरूप विशेष बैग भी प्रदान किए गए जिससे महिला स्वयं सहायता समूहों के माध्यम से आर्थिक सशक्तिकरण को और मजबूती मिलेगी।
कार्यक्रम में अतिथियों ने महिलाओं से योजनाओं का अधिकाधिक लाभ उठाने का आह्वान करते हुए कहा कि राज्य सरकार का लक्ष्य हर महिला को आत्मनिर्भर बनाना और समाज के अंतिम पंक्ति में खड़े व्यक्ति तक विकास की रोशनी पहुंचाना है।
दौसा जिला प्रभारी मंत्री ने विकास रथ एवं सड़क सुरक्षा जागरूकता वाहन रैली को रवाना किया
जयपुर, 13 दिसम्बर। राज्य सरकार के कार्यकाल के दो वर्ष पूर्ण होने के अवसर पर जिला स्तरीय कार्यक्रमों की शुरुआत शनिवार को हुई। इस अवसर पर उद्योग एवं वाणिज्य मंत्री तथा दौसा जिला प्रभारी मंत्री कर्नल राज्यवर्धन राठौड़ ने ‘बढ़ता राजस्थान, हमारा राजस्थान’ विकास रथ एवं सड़क सुरक्षा जागरूकता वाहन रैली को रवाना किया।
दौसा प्रभारी मंत्री ने जिले के पांचों विधानसभा क्षेत्रों में योजनाओं के प्रचार-प्रसार के लिए विकास रथों को कलक्ट्रेट परिसर से हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इस दौरान उन्होंने कहा कि यह रथ नगरीय क्षेत्रों के साथ दूरस्थ गांवों तक जाकर राज्य सरकार की उपलब्धियों, योजनाओं और जन कल्याणकारी नीतियों को आमजन तक पहुंचाएंगे। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री भजन लाल शर्मा के नेतृत्व में प्रदेश सरकार ने गत दो वर्षों में ऐतिहासिक कार्य किए हैं, जिनकी जानकारी यह रथ आमजन तक पहुंचाएंगे। उन्होंने विकास रथों के संचालन की सघन मॉनिटरिंग करने तथा निर्धारित रूट के अनुसार संचालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
इस दौरान प्रभारी मंत्री ने परिवहन विभाग की ओर से निकाली गई सड़क सुरक्षा जागरूकता वाहन रैली को हरी झंडी दिखाई। ऑटो रिक्शा तथा दुपहिया वाहन चालकों ने रैली के माध्यम से सड़क सुरक्षा का संदेश दिया।
इस दौरान विधायकगण, अधिकारीगण एवं अन्य जनप्रतिनिधि उपस्थित थे।
नई राजस्थान पर्यटन नीति एक दूरदर्शी दस्तावेज : भजनलाल शर्मा
जयपुर, 10 दिसम्बर। राजस्थान सरकार ने बुधवार को प्रवासी राजस्थानी दिवस के अवसर पर राज्य की महत्वाकांक्षी राजस्थान पर्यटन नीति–2025 औपचारिक रूप से जारी की। मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा ने सीतापुरा स्थित जेईसीसी परिसर में आयोजित पर्यटन सत्र के दौरान इस नीति का विमोचन किया। इस अवसर पर उपमुख्यमंत्री दिया कुमारी, पर्यटन विभाग के वरिष्ठ अधिकारी, प्रवासी राजस्थानी समुदाय तथा पर्यटन क्षेत्र से जुड़े प्रमुख हितधारक उपस्थित थे।
मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा ने कहा कि यह नीति राजस्थान के पर्यटन विकास को नई दिशा देने वाला एक दूरदर्शी दस्तावेज़ है, जो राज्य को राष्ट्रीय ही नहीं बल्कि वैश्विक पर्यटन मानचित्र पर अग्रणी स्थान दिलाने में सहायक सिद्ध होगी। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि नई पर्यटन नीति निवेश, नवाचार, रोजगार और सामुदायिक सहभागिता को नई गति देगी। यह नीति विकसित राजस्थान 2047 के लक्ष्यों को प्राप्त करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। मुख्यमंत्री ने सभी विभागों एवं हितधारकों से इस नीति को सफल बनाने के लिए सक्रिय सहयोग का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि पर्यटन नीति की अनुपालना हेतु एक समर्पित नीति कार्यान्वयन इकाई स्थापित की जाएगी ताकि पर्यटन नीति में उल्लेखित सभी बिंदुओं पर त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित की जा सके। राज्य सरकार ने पर्यटन परियोजनाओं को तेजी से गति देने के लिए पीपीपी मॉडल और इज ऑफ डूइंग बिजनेस को केंद्र में रखा है। सभी अनुमतियों के लिए सिंगल वेब पोर्टल, पर्यटन व्यवसायों की ग्रेडिंग और गतिविधि निगरानी के लिए एकीकृत डिजिटल प्लेटफॉर्म विकसित किया जाएगा। पर्यटन व्यवसायियों को प्रोत्साहित करने के लिए प्रतिवर्ष राजस्थान पर्यटन पुरस्कार दिए जाएंगे। विद्यार्थियों को पर्यटन कोर्स व कौशल कार्यक्रमों के लिए स्कॉलरशिप तथा पर्यटन उद्यमों को ट्रेनिंग–स्किल इंसेंटिव उपलब्ध कराया जाएगा।
इस अवसर पर उपमुख्यमंत्री दिया कुमारी ने कहा कि राजस्थान पर्यटन नीति–2025 के जरिए राज्य सरकार का लक्ष्य आगामी वर्षों में राजस्थान को विश्वस्तर पर प्रतिस्पर्धी, सुरक्षित और पर्यटक–अनुकूल राज्य के रूप में स्थापित करना है। उन्होंने कहा कि राजस्थान की संस्कृति, विरासत, कला और प्राकृतिक विविधता को नए युग की पर्यटन आवश्यकताओं से जोड़कर विश्वस्तरीय अनुभव देना हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है। यह नीति पर्यटन विकास को नयी गति और दिशा देगी।
उपमुख्यमंत्री ने कहा कि नई नीति राजस्थान को भारत का सबसे मजबूत, आधुनिक और आकर्षक पर्यटन राज्य बनाने का संकल्प है। सरकार चाहती है कि हर पर्यटक राजस्थान की संस्कृति, मेहमाननवाज़ी और विविधता भरे अनुभवों से समृद्ध होकर लौटे। यह नीति राज्य में पर्यटन के विस्तार, रोजगार सृजन, डिजिटल सुविधा, धार्मिक–सांस्कृतिक सर्किट, एस्ट्रो–टूरिज्म, एडवेंचर और वेलनेस टूरिज्म जैसे नए क्षेत्रों को गति देने वाला व्यापक रोडमैप साबित होगी। नई नीति के तहत राज्य सरकार ने पर्यटन ढांचे को पूर्णतया आधुनिक, सुरक्षित, निवेश–अनुकूल और तकनीकी रूप से सक्षम बनाने के लक्ष्य निर्धारित किए हैं। यह नीति सिर्फ एक नीतिगत डॉक्यूमेंट ही नहीं बल्कि यह हमारे राज्य को एक वैश्विक पर्यटन महाशक्ति में बदलने का हमारा रोडमैप है। उन्होंने कहा कि हमारा दृष्टिकोण स्पष्ट है की पर्यटन के आधारभूत ढांचे को सुदृढ़ करने के लिए पर्यटन के सभी आयामों जैसे पर्यटक सुविधाओं, मार्केटिंग एवं प्रमोशन, मेले एवं त्योहार, पर्यटन निवेश, पर्यटन में आईटी, डिजिटल एवं एआई, कौशल विकास, युवाओं को पर्यटन क्षेत्र में रोजगार आदि पर लक्ष्य निर्धारित कर कार्य किया जाएगा।
विशेष पर्यटन क्षेत्र और धार्मिक सर्किट-
चुनिंदा जिलों में स्पेशल टूरिज्म जोन (एसटीजेड) प्लग–एंड–प्ले मॉडल पर स्थापित किए जाएंगे, जहाँ आधारभूत संरचना सरकार और आतिथ्य सेवाएँ निजी क्षेत्र विकसित करेगा।
कृष्ण गमन पथ और बृज–द्वारका तीर्थ मार्ग के तहत राजस्थान के प्रमुख मंदिरों में यात्री सुविधाएँ बढ़ाई जाएँगी। वन विभाग और देवस्थान विभाग के सहयोग से धार्मिक और वन्यजीव–आधारित टूरिज्म हब भी विकसित किए जाएंगे।
डिजिटल और अनुभव आधारित पर्यटन-
सरकार ऐतिहासिक स्मारकों का थ्रीडी लेजर स्कैन, वीआऱ अनुभव, डिजिटल संग्रहालय और लाइट–एंड–साउंड शो विकसित करेगी। नई पर्यटन फ़िल्में, सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर सहयोग और डिजिटल प्रचार पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। पर्यटकों को बेहतर डिजिटल सुविधा देने के लिए नया राजस्थान पर्यटन वेब पोर्टल, मोबाइल ऐप, चैटबॉट, डिजिटल मैप व गाइडबुक लॉन्च किए जाएंगे।
जिला स्तर पर प्रबंधन-
प्रत्येक जिले में कलेक्टर की अध्यक्षता में जिला पर्यटन विकास समिति (डीटीडीसी) द्वारा पर्यटन स्थलों के संचालन और प्रबंधन के लिए डेस्टिनेशन मैनेजमेंट ऑर्गेनाइजेशन (डीएमओ) के रूप में भी कार्य किया जाएगा। पीक सीजन में समस्याओं के त्वरित समाधान के लिए ये समितियाँ नियमित बैठकें आयोजित करेंगी।
पर्यटक सुविधा और कनेक्टिविटी-
राज्य के प्रमुख पर्यटन शहरों में हॉप ऑन–हॉप ऑफ बस सेवा, एयरपोर्ट–रेलवे–बस स्टैंड पर प्रीपेड टैक्सी बूथ, ई-सेगवे, रेंटल साइकिल और गाइडेड ई–वाहन सेवाएँ शुरू की जाएँगी। पर्यटकों को सभी परिवहन साधनों में एकीकृत सुविधा देने के लिए राजस्थान ट्रैवल कार्ड भी लाया जाएगा।
थीम आधारित पर्यटन को बढ़ावा-
एस्ट्रो टूरिज्म, फूड फेस्टिवल, एडवेंचर स्पोर्ट्स, ईको–टूरिज्म, फिल्म सिटी, मल्टी–परपज़ इवेंट स्टेडियम, बर्ड–वॉचिंग सर्किट, शौर्य पर्यटन सर्किट जैसे नए क्षेत्रों को बढ़ावा देकर राज्य में पर्यटन के अवसरों का दायरा व्यापक किया जाएगा। पुष्कर, मरु महोत्सव, झील महोत्सव जैसे आयोजनों को और अधिक भव्य स्वरूप देने की तैयारी भी नीति में शामिल है।
विरासत, शिल्प और वेलनेस टूरिज्म-
विरासत संरक्षण के लिए मैन्युस्क्रिप्ट, जनजातीय संस्कृति, वस्त्र और पारंपरिक शिल्प पर आधारित क्राफ्ट म्यूज़ियम स्थापित किए जाएंगे। योग, आयुर्वेद और नेचुरोपैथी पर आधारित वेलनेस टूरिज्म हब विकसित किए जाएंगे।
पर्यटक सुरक्षा—24×7 सहायता प्रणाली-
राज्य में 24×7 टूरिज्म कॉल सेंटर, मजबूत टूरिस्ट असिस्टेंस फोर्स, पर्यटक वाहनों में पैनिक बटन, क्यूआर आधारित फीडबैक सिस्टम, सीसीटीवी और आईईसी गतिविधियों से सुरक्षा तंत्र को मजबूत किया जाएगा।
इस अवसर पर श्री झाबर सिंह खर्रा, राज्य मंत्री (नगरीय विकास एवं स्वायत्त शासन), श्री जोराराम कुमावत, मंत्री (पशुपालन, डेयरी, गोपालन एवं देवस्थान), श्रीमती मुग्धा सिन्हा, एमडी आईटीडीसी, श्री प्रवीन गुप्ता, अतिरिक्त मुख्य सचिव (पर्यटन), श्रीमती रुक्मणी रियार, पर्यटन आयुक्त तथा देश–विदेश से जुड़े अनेक पर्यटन उद्यमी, विशेषज्ञ एवं प्रवासी राजस्थानी प्रतिनिधि उपस्थित थे
राजस्थान की जल सुरक्षा को मजबूत करने के लिए व्यावहारिक और टेक्नोलॉजीआधारित समाधानों पर हुई चर्चा: मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा
जयपुर, 10 दिसम्बर। ‘प्रवासी राजस्थानी दिवस’ 2025 मे जेईसीसी, जयपुर में “राजस्थान में सस्टेनेबल वाटर इंफ्रास्ट्रक्चर का विकासरू एक जिम्मेदारी और एक अवसर” विषय पर सत्र आयोजित किया गया। इस सत्र में राजस्थान की जल सुरक्षा को मजबूत करने के लिए व्यावहारिक, बड़े पैमाने पर लागू होने वाले और टेक्नोलॉजी-आधारित समाधानों पर चर्चा करने के लिए प्रमुख विशेषज्ञ और इंडस्ट्री के इनोवेटर एक साथ आए।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री भजन लाल शर्मा ने कहा कि पिछले दो सालों में, हमारी सरकार प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में पानी को प्राथमिकता देते हुए अलग-अलग प्रोजेक्ट्स पर काम कर रही है। हमने राजस्थान के लिए एक विस्तृत योजना तैयार की है ताकि सिंचाई, उद्योग, पशुधन और घरेलू पानी की जरूरतें पूरी हो सकें।
केंद्रीय कृषि और किसान कल्याण राज्य मंत्री भागीरथ चौधरी ने कहा कि ईस्टर्न राजस्थान कैनाल प्रोजेक्ट जैसी बड़ी परियोजनाएं और पानी बचाने के पारंपरिक तरीकों का इस्तेमाल राजस्थान को एक हरा-भरा और ज्यादा सस्टेनेबल राज्य बना रहा है।
कृषि एवं ग्रामीण विकास मंत्री किरोड़ी लाल मीणा ने कहा कि आर.आर.आर. सिद्धांत ‘रियूज, रिड्यूस और रीसायकल’ में राजस्थान में बहुत ज्यादा संभावना है। इस सिद्धांत को व्यवहार में लाने के लिए हमें प्रवासी राजस्थानियों के समर्थन की जरूरत है। उन्होंने कहा कि आपके सहयोग से, हम इस तरीके का इस्तेमाल करके पूरे राजस्थान में कृषि के क्षेत्र में एक बड़ा बदलाव ला सकते हैं।
जल संसाधन मंत्री श्री सुरेश सिंह रावत ने कहा कि पानी बचाना राजस्थान के लोगों की एक पुरानी परंपरा रही है। उन्होंने बजट में वाटर ग्रिड की घोषणा के लिए मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा को धन्यवाद भी दिया।
जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग मंत्री कन्हैया लाल ने कहा कि प्रवासन बढ़ने का कारण राजस्थान में पानी की कमी थी। हालांकि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में राजस्थान बदल रहा है और पूरे राज्य में पानी की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए बड़ी प्रगति की जा रही है।
इस सत्र मे अतिरिक्त मुख्य सचिव जल संसाधन अभय कुमार, संयुक्त सचिव, पीएचईडी और मिशन निदेशक जल जीवन मिशन डॉ. रवींद्र गोस्वामी, पूर्व अध्यक्ष, सीआईआई राजस्थान और सीईओ हिंदुस्तान जिंक लिमिटेड अरुण मिश्रा, इंद्रनील दत्त सहित कई विषय विशेषज्ञ एवं गणमान्य जन शामिल हुए।
विशेषज्ञों ने राजस्थान के लिए एक प्रगतिशील और सहयोगी विजन बनाने की जरूरत पर जोर दिया, जो जिम्मेदारी को अवसर में बदले और आने वाली पीढ़ियों के लिए राज्य के जल इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करे। चर्चाओं में टिकाऊ जल इंफ्रास्ट्रक्चर के विकास, सुधार और प्रभावी जल संसाधन प्रबंधन पर ध्यान केंद्रित किया गया।

