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पंचायती राज मंत्री ने ली समीक्षा बैठक- स्वच्छ भारत मिशन ग्रामीण और निरीक्षण दौरों की ली गहन जानकारी
पंचायती राज मंत्री श्री मदन दिलावर की अध्यक्षता में मंगलवार को शासन सचिवालय स्थित पंचायती राज विभाग के सभागार में स्वच्छ भारत मिशन ग्रामीण, निरीक्षण दौरों और लंबित प्रकरणों की समीक्षा...

पंचायती राज मंत्री श्री मदन दिलावर की अध्यक्षता में मंगलवार को शासन सचिवालय स्थित पंचायती राज विभाग के सभागार में स्वच्छ भारत मिशन ग्रामीण, निरीक्षण दौरों और लंबित प्रकरणों की समीक्षा बैठक आयोजित की गई।

श्री दिलावर ने राष्ट्रगीत वंदे मातरम के 150वर्ष पूर्ण होने के अवसर पर विभाग के समस्त कार्यालयों ग्राम पंचायतों,  पंचायत समिति, जिला परिषद आदि में राष्ट्रगीत का गायन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए । उन्होंने कहा कि प्रतिदिन कार्यालय प्रारंभ होने के साथ राष्ट्रगीत का अनिवार्य रूप से वाचन किया जाए। उन्होंने  7 नवंबर को आयोजित होने वाले राज्य स्तरीय कार्यक्रम के तहत सभी पंचायती राज संस्थानों में राष्ट्रगीत के सामूहिक वाचन के निर्देश दिए।

बैठक में श्री दिलावर ने 17 सितंबर से प्रारंभ हुए स्वच्छता ही सेवा 2025 अभियान की उपलब्धियों की जानकारी ली। उन्होंने बताया कि  स्वच्छ भारत मिशन ग्रामीण के तहत राजस्थान ने ’क्लीनिंगनेस टारगेट यूनिट्स’ (ब्समंदसपदमेे ज्ंतहमज न्दपजे) के क्षेत्र में देश में प्रथम स्थान पर है।  उन्होंने कहा कि गावों में साफ सफाई राज्य सरकार की  प्राथमिकता है। इसलिए गांवों की साफ सफाई सुनिश्चित और नियमित होनी चाहिए।  उन्होंने कहा कि गांवों की सफाई में सुधार हुआ है लेकिन अभी तक आपेक्षिक सफाई नहीं हुई है। साथ ही उन्होंने अधिकारियों को लंबित प्रकरणों के जीरो पेंडेंसी के निर्देश दिए।

बैठक में ही मंत्री ने ग्राम पंचायतों में निरीक्षण दौरों की स्थिति, समस्याएँ एवं सुधार के प्रस्तावों पर चर्चा की गई और आवश्यक निर्देश प्रदान किए गए।

उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि माह के 4 दिन रात्रि विश्राम करना ही होगा। उन्होंने जिला प्रभारियों को अपने जिलों की साफ सफाई के लिए चार माह का टारगेट दिया है। मंत्री ने कहा कि ग्राम पंचायतों का निरीक्षण करने वाले अधिकारी दिन में गांवों का निरीक्षण करेंगे और रात में गांव में ही रात्रि विश्राम करेंगे। उन्होंने रात्रि विश्राम करने वाले अधिकारियों को ग्रामवासियों से संवाद स्थापित करने, उनकी समस्याएँ सुनने, एवं उन समस्याओं का समाधान सुनिश्चित करने की व्यवस्था करने को कहा गया। साथ ही रिकॉर्डिंग एवं दस्तावेजीकरण की आवश्यकता पर बल दिया गया है ताकि पारदर्शिता बनी रहे।

श्री दिलावर ने गांवों में रोजमर्रा की सफाई सुनिश्चित करने, ग्राम पंचायतों को पूरी तरह स्वच्छ बनाने एवं प्लास्टिक उपयोग को कम करने के निर्देश दिए।

उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि निरीक्षण की रिपोर्ट विभागीय पोर्टल पर समयबद्ध रूप से अपलोड करें और रिपोर्ट में किसी भी प्रकार की अनियमितता पाए जाने पर संबंधित के खिलाफ प्रस्ताव तैयार कर संबंधित प्रभारी को प्रस्तुत करें।

बैठक में डॉ. जोगाराम, शासन सचिव एवं आयुक्त पंचायती राज विभाग, सुश्री सलोनी खेमका, निदेशक स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण), श्री बृजेश चंदोलिया, अतिरिक्त आयुक्त एवं संयुक्त निदेशक (प्रथम) सहित विभागीय अधिकारीगण उपस्थित रहे।

राजस्थान का समावेशी विकास मॉडल जनजाति सशक्तीकरण की लिख रहा नई इबारत
    जयपुर, 4 नवम्बर। मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में राज्य सरकार ‘सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास, सबका प्रयास’ की भावना के साथ कार्य करते हुए प्रदेश के जनजातीय अंचलों के उत्थान के...

    जयपुर, 4 नवम्बर। मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में राज्य सरकार ‘सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास, सबका प्रयास’ की भावना के साथ कार्य करते हुए प्रदेश के जनजातीय अंचलों के उत्थान के लिए कृत संकल्पित है। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के ‘समावेशी और आत्मनिर्भर भारत’ के विजन को साकार करने की दिशा में राज्य सरकार द्वारा इन क्षेत्रों के सर्वांगीण विकास के लिए ठोस नीतियां और योजनाएं बनाकर इन्हें धरातल पर उतारा गया है। मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा के कुशल नेतृत्व में राज्य का जनजाति क्षेत्रीय विकास विभाग शिक्षा, स्वास्थ्य, खेल, जल प्रबंधन, रोजगार और संस्कृति संरक्षण के क्षेत्रों में समावेशी विकास के मूल मंत्र के साथ राज्य को तेजी से आगे बढ़ाने में लगा है। धरती आबा भगवान बिरसा मुंडा की विचारधारा ‘अपनी भूमि, अपनी संस्कृति और अपने अधिकारों की रक्षा’ राज्य सरकार की नीतियों में साकार हो रही है। इस वर्ष भगवान बिरसा मुंडा की 150वीं जयंती पर राज्य सरकार प्रदेशभर में जनजातीय गौरव वर्ष पखवाड़ा (1 से 15 नवंबर तक) के तहत विभिन्न कार्यक्रमों का आयोजन भी कर रही है।

जनजाति क्षेत्रों के विकास के लिए टीएसपी फंड किया डेढ़ गुणा-

                राज्य सरकार ने अनुसूचित जनजाति वर्ग के उत्थान के संकल्प को पूरा करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए टीएसपी फंड को 1,000 करोड़ रुपये से बढ़ाकर 1,500 करोड़ रुपये किया है। साथ ही, सामुदायिक वनाधिकार क्षेत्रों के विकास पर केंद्रित गोविंद गुरू जनजातीय क्षेत्रीय विकास योजना भी प्रारंभ की है, देवला-कोटड़ा (उदयपुर) और जसवंतपुरा (जालोर) में नए आवासीय विद्यालय तथा शाहबाद (बारां) में सहरिया जनजाति खेल अकादमी की स्थापना की जा रही है। जनजाति वर्ग के बच्चों के पोषण तथा उन्हें घर के नजदीक प्राथमिक शिक्षा उपलब्ध कराने के लिए 250 नवीन मां-बाड़ी केंद्रों की स्थापना भी प्रक्रियाधीन है। मां-बाड़ी केन्द्रों में कार्यरत शिक्षाकर्मी, महिला सहयोगिनी तथा स्वास्थ्यकर्मी के मानदेय में वित्तीय वर्ष 2025-26 से 10 प्रतिशत की वृद्धि की गई है।

शिक्षा क्षेत्र हो रहा सुदृढ़, कौशल विकास से युवा बन रहे हुनरमंद-

                जनजाति क्षेत्र के युवाओं को उच्च गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराने के साथ ही उनमें कौशल विकास के लिए राज्य सरकार कई कदम उठा रही है। यहां विभिन्न छात्रावासों और आवासीय स्कूलों में अध्ययनरत विद्यार्थियों को उच्च गुणवत्तापूर्ण सुविधाएं उपलब्ध करवाई जा रही हैं। प्रदेश में संचालित 446 आश्रम छात्रावासों में लगभग 25 हजार से अधिक विद्यार्थी निःशुल्क आवास, भोजन और अध्ययन की सुविधाएं प्राप्त कर रहे हैं।

                वहीं, राज्य के 23 आवासीय विद्यालयों में 3,800 से अधिक विद्यार्थी गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्राप्त कर रहे हैं, उदयपुर के ढीकली और डूंगरपुर के सूरपुर में स्थित मॉडल पब्लिक रेजिडेंशियल स्कूल शिक्षा में उत्कृष्टता के नए केंद्र बन चुके हैं। प्रदेश के 30 एकलव्य मॉडल रेजिडेंशियल स्कूलों में भी लगभग 10 हजार विद्यार्थी आधुनिक शिक्षण पद्धति, डिजिटल लर्निंग और खेल सुविधाओं को प्राप्त करते हुए अध्ययनरत हैं। विद्यार्थियों को प्रतियोगी परीक्षाओं में सफलता दिलाने के उद्देश्य से संचालित मुख्यमंत्री अनुप्रति कोचिंग योजना के तहत 8 बहुउद्देशीय छात्रावासों में 878 विद्यार्थियों को प्रतियोगी परीक्षाओं की निःशुल्क कोचिंग व आवास सुविधा दी जा रही है।

                युवाओं में कौशल विकास कर उन्हें रोजगार के अवसर उपलब्ध कराने के उद्देश्य से राजस्थान कौशल एवं आजीविका विकास निगम, सीपेट जयपुर और आईडीटीआर रेलमगरा जैसे संस्थानों द्वारा जनजाति क्षेत्र के हजारों युवाओं को तकनीकी व व्यावसायिक प्रशिक्षण दिया जा रहा है। अशोक लेलैंड प्रशिक्षण केंद्र, रेलमगरा में 25 युवाओं को भारी वाहन चालक का प्रशिक्षण देकर आत्मनिर्भर बनाया गया है।

खेल प्रतिभाओं को तराशने के लिए उठाए गए कई कदम-

                राज्य के होनहार युवा शिक्षा के साथ ही खेलकूद के क्षेत्र में भी देश और विदेश में राजस्थान का नाम रोशन कर रहे हैं। खेल प्रतिभाओं को तराशने के लिए संचालित 13 खेल अकादमियों में 895 छात्र-छात्राएं प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे हैं। सरकार ने खिलाड़ियों के हित में महत्वपूर्ण निर्णय लेते हुए खेल छात्रावासों में मैस भत्ता बढ़ाकर 4,000 रुपये प्रतिमाह कर दिया है। मुख्यमंत्री के निर्देश पर प्रशिक्षकों की नियुक्ति, उपकरण आपूर्ति और प्रतियोगिताओं के आयोजन को प्राथमिकता दी जा रही है। यही नहीं, राज्य स्तर पर आयोजित एकलव्य विद्यालय सांस्कृतिक प्रतियोगिता में प्रदेश के हजारों विद्यार्थियों ने अपनी कला का प्रदर्शन किया, जिनमें से चार ने राष्ट्रीय स्तर पर तृतीय स्थान प्राप्त कर राजस्थान का मान बढ़ाया।

जल संरक्षण में जनसहभागिता से बदल रही तस्वीर-

                जनजातीय अंचलों में जलोत्थान योजनाएं, एनिकट निर्माण, नहर सुदृढ़ीकरण और जल संरचना पुनरोद्धार कार्य जल सुरक्षा की दिशा में मिसाल बने हैं। जनजाति भागीदारी योजना के तहत विद्यालय, सड़क, पेयजल और सामुदायिक भवन निर्माण में न्यूनतम 30 प्रतिशत जनसहयोग से कार्य किए जा रहे हैं। मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा का मानना है कि ‘सच्चा विकास वही है, जिसमें समाज भी भागीदार बने।’ यही दृष्टिकोण इन योजनाओं में झलकता है।

जनजाति नायकों के गौरव की पुनःस्थापना-

                राज्य सरकार प्राचीन विरासत और संस्कृति का संरक्षण करने के साथ ही जनजाति नायकों के गौरव की पुनःस्थापना का कार्य भी कर रही हैै। डूंगरपुर, बांसवाड़ा और उदयपुर में जनजाति नायकों के स्मारक और वीर बालिका काली बाई संग्रहालय के निर्माण हेतु 25 करोड़ रुपये स्वीकृत किए गए हैं। सीताबाड़ी, कमलनाथ महादेव और जावर माता मंदिर जैसे आस्था स्थलों पर श्रद्धालुओं के लिए आधारभूत सुविधाएं विकसित की जा रही हैं। इसके अतिरिक्त केन्द्र सरकार की पीएम जनमन योजना के तहत बारां जिले में 17 मल्टीपरपज केंद्रों में से 8 का निर्माण कार्य पूर्ण हो चुका है तथा शेष का कार्य प्रगति पर है। ‘स्वच्छ परियोजना’ के अंतर्गत 4,560 स्वास्थ्यकर्मी टीबी मुक्त भारत मिशन और सिकल सेल एनीमिया नियंत्रण में सक्रिय हैं।

नवाचारों के माध्यम से सुनिश्चित हो रहा सर्वांगीण विकास-

                जनजाति क्षेत्रों में विभिन्न नवाचारों के माध्यम से सर्वांगीण विकास सुनिश्चित किया जा रहा है। केन्द्र और राज्य सरकार व इसरो के संयुक्त तत्वावधान में ‘जयकार प्रोग्राम’ के तहत उदयपुर के ईएमआरएस विद्यार्थियों ने अंतरिक्ष विज्ञान प्रशिक्षण प्राप्त किया। माणिक्यलाल वर्मा आदिम जाति शोध संस्थान में ‘बनफूल डिज़ाइन स्टूडियो’ की स्थापना जनजातीय कला संरक्षण और विपणन में नई राह दिखा रही है। ‘प्रोजेक्ट चितेरा’ के माध्यम से छात्रावासों और विद्यालयों में मांडना व पारंपरिक चित्रकला को पुनर्जीवित किया गया है। एम्स, जोधपुर के सहयोग से आबूरोड (सिरोही) में सैटेलाइट सेंटर फॉर ट्राइबल हेल्थ एंड रिसर्च की स्थापना हुई है, जहां प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी द्वारा 29 अक्टूबर, 2024 को ड्रोन दवा आपूर्ति सुविधा का शुभारंभ किया गया।

‘अमृत कलश योजना’ बनी सामुदायिक भागीदारी की नई पहल-

                सीएसआर और स्वयंसेवी संगठनों की भागीदारी से विभाग ने ‘अमृत कलश योजना’ प्रारंभ की है। इस अंतर्गत विद्यार्थियों को आईआईएम उदयपुर, आईआईटी जोधपुर, एनएलयू और केवीके जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों का भ्रमण करवाया गया। मैजिक बस इंडिया फाउंडेशन के सहयोग से 25 जिलों के 43 विद्यालयों व 450 छात्रावासों में जीवन-कौशल प्रशिक्षण प्रारंभ हुआ है। ‘माई मिशन’ कार्यक्रम के तहत 40 विद्यार्थियों को राजस्थान सिविल सेवा परीक्षा  की तैयारी के लिए निःशुल्क कोचिंग दी जा रही है। आरएसएमएम लिमिटेड के सीएसआर सहयोग से जनजाति खिलाड़ियों की लैक्रॉस टीम इंडिया ने उज्बेकिस्तान में एशियाई प्रतियोगिता में रजत पदक जीता। तृतीय राष्ट्रीय लैक्रॉस चैम्पियनशिप 2025-26 में राज्य के 55 प्रतिभाशाली जनजाति खिलाड़ियों ने 6 वर्गाें में 5 स्वर्ण एवं 1 कास्य पदक जीता। यूएनएफपीए की साझेदारी में ‘संचार सेतु’ वर्चुअल लर्निंग प्लेटफॉर्म प्रारंभ हुआ है। ‘एक वृक्ष, प्रति वर्ष’ और ‘हमारा कक्ष-हमारा वृक्ष’ अभियानों से पर्यावरण संरक्षण की भावना को बल मिला है।

विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट कार्य करने वालों को किया जा रहा सम्मानित-

                जनजाति क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य करने वाले व्यक्तियों और संस्थाओं को विभिन्न स्तर पर सम्मानित कर प्रोत्साहित किया जा रहा है। 4 अक्टूबर, 2024 को आदि-गौरव सम्मान समारोह में राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु ने 17 व्यक्तियों व संस्थाओं को शिक्षा, कला, खेल एवं समाजसेवा में उत्कृष्ट योगदान हेतु सम्मानित किया। 15 नवम्बर, 2024 को बांसवाड़ा में आयोजित बिरसा मुंडा 150वीं जयंती समारोह में ‘नवादि-युगधारा प्रणेता समागम’ विषय के अंतर्गत 27 जनजाति नायकों को सम्मानित किया गया, जो जनजाति समाज की नई चेतना का प्रतीक है।

चौमूं के हाड़ौता में गुरुवार को होगी ‘नारी चौपाल’
सक्षम जयपुर अभियान एवं बेटी पढ़ाओ-बेटी बचाओ अभियान के तहत चौमूं के हाड़ौता में गुरुवार को होगी 'नारी चौपाल’

जयपुर, 04 नवंबर। मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा की मंशानुसार सक्षम जयपुर अभियान एवं बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ योजना के तहत जयपुर जिले के प्रत्येक उपखंड पर नारी चौपाल आयोजित की जा रही है। इसी कड़ी में 6 नवंबर को चौमूं के हाड़ौता स्थित राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय परिसर में चौपाल होगी। जिला कलक्टर डॉ. जितेन्द्र कुमार सोनी ने नारी चौपाल के सफल आयोजन के लिए संबंधित विभागों के अधिकारियों को जिम्मेदारियां सौंपी हैं एवं आयोजन में अधिक से अधिक महिलाओं एवं बालिकाओं की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करने के निर्देश जारी किये हैं।

कार्यक्रम के नोडल अधिकारी एवं  प्रशिक्षु आईएएस श्री मृणाल ने बताया कि इस कार्यक्रम का उद्देश्य महिलाओं को सशक्त एवं जागरूक बनाना है। नारी चौपाल में महिलाओं को सरकार की योजनाओं, अधिकारों और कल्याणकारी कार्यक्रमों की जानकारी दी जाएगी, साथ ही उनकी समस्याओं और सुझावों को भी सुना जाएगा।

महिला अधिकारिता विभाग के उपनिदेशक डॉ. राजेश डोगीवाल ने बताया कि मंगलवार को प्रातः 10 बजे से 2 बजे तक चलने वाली चौपाल में नुक्कड़ नाटक, मारवाड़ी गीत, आत्मरक्षा प्रशिक्षण सहित अन्य गतिविधियां आकर्षण का केन्द्र रहेंगी। 

 नारी चौपाल के माध्यम से समाज में लिंगानुपात सुधार, महिलाओं की गरिमा और सुरक्षा सुनिश्चित करने, तथा महिला सशक्तिकरण से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर संवाद किया जाएगा। इसके लिए केंद्र और राज्य सरकार की ओर से संचालित योजनाओं, नियमों और अधिनियमों का व्यापक प्रचार-प्रसार किया जाएगा ताकि समतामूलक समाज का निर्माण हो सके।

नारी चौपाल कार्यक्रमों में महिला एवं बाल विकास, चिकित्सा, शिक्षा, पुलिस, सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहेंगे। ये अधिकारी महिलाओं के साथ सीधा संवाद कर उन्हें स्वास्थ्य, शिक्षा, सुरक्षा, पोषण, स्वरोजगार और आत्मनिर्भरता जैसे विषयों पर जागरूक करेंगे। कार्यक्रम के दौरान महिलाओं को प्रेरित करने के लिए सफलता की कहानियाँ और अनुभव भी साझा किए जाएंगे। साथ ही चौपाल स्थल पर योजनाओं का लाभ दिलाने के लिए सहायता काउंटर भी लगाए जाएंगे, ताकि महिलाओं को मौके पर ही आवश्यक जानकारी और सहयोग मिल सके।

नारी चौपाल महिलाओं के लिए केवल संवाद का मंच नहीं होगा, बल्कि यह उन्हें आत्मविश्वास, मार्गदर्शन और प्रोत्साहन देने का अवसर भी प्रदान करेगा। इससे महिलाओं तक सरकार की योजनाएं अधिक प्रभावी ढंग से पहुँचेंगी और समाज में उनकी भागीदारी और अधिक मजबूत होगी। नारी चौपाल श्रृंखला से जिले की हजारों महिलाओं को सीधा लाभ मिलने की उम्मीद है। यह पहल महिला सशक्तिकरण की दिशा में एक महत्वपूर्ण पड़ाव सिद्ध होगी।

ग्लोबल राजस्थान एग्रीटेक मीट 2026(ग्राम) आधुनिक कृषि की दिशा में राजस्थान की बड़ी पहल
ग्लोबल राजस्थान एग्रीटेक मीट 2026(ग्राम) आधुनिक कृषि की दिशा में राजस्थान की बड़ी पहल

जयपुर, 4 नवम्बर। शासन सचिव कृषि एवं उद्यानिकी श्री राजन विशाल की अध्यक्षता में मंगलवार को पंत कृषि भवन के सभा कक्ष में ग्लोबल राजस्थान एग्रीटेक मीट 2026 की अंतर विभागीय कोर ग्रुप और FICCI अधिकारियों के साथ बैठक का आयोजन किया गया। 

बैठक में ग्राम 2026 के लिए संबंधित विभागों द्वारा नोडल अधिकारी नियुक्त करने, कार्यात्मक समितियों का गठन, समितियों के अधिकारियों का विभागवार नामांकन, अन्य विभागों की भूमिका और जिम्मेदारियों, विभागीय प्रदर्शनियों, सेमिनारों एवं बैठकों की योजनाओं पर विस्तार से चर्चा की गई। 

शासन सचिव कृषि एवं उद्यानिकी ने बताया कि सभी विभाग ग्राम 2026 के आयोजन में अपनी अपनी जिम्मेदारियों को पूर्ण सतर्कता से समय पर पूरा करें एवं कार्यक्रम में आने वाले किसानों को किसी भी प्रकार की परेशानियों का सामना न करना पड़े। राजस्थान सरकार द्वारा आयोजित ग्लोबल राजस्थान एग्रीटेक मीट 2026 का आयोजन भव्य रूप से जयपुर एग्जीबिशन एंड कन्वेंशन सेंटर जेईसीसी सीतापुरा, जयपुर में किया जा रहा है।

इस आयोजन का मुख्य उद्देश्य किसानों, कृषि वैज्ञानिकों, नीति निर्माताओं और निवेशकों को एक सांझा मंच पर ला कर कृषि क्षेत्र में नवाचार, तकनीकी की प्रगति और निवेश को प्रोत्साहित करना है। शासन सचिव ने बताया कि ग्लोबल राजस्थान एग्रीटेक मीट में प्रदेश की सभी ग्राम पंचायतों से 50 हजार किसान भाग लेंगे। 

ग्राम 2026 में ग्रामीण एवं कृषि क्षेत्र में नवीन तकनीकी आधारित कृषि प्रणाली, मूल्य संवर्धन और निर्यातोन्मुख उत्पादन को बढ़ावा देना है इसके तहत किसानों को नवीनतम कृषि उपकरणों, फसल प्रबंधन और कृषि विपणन से संबंधित संपूर्ण जानकारियां साझा की जायेगी। राजस्थान के लिए कृषि क्षेत्र में उपयोगी विश्व स्तरीय तकनीकी हस्तानांतरण हेतु विदेशों में रोड शो आयोजित किये जायेंगे। ‘किसान सशक्तीकरण ही ग्रामीण विकास की पूंजी है’। इसी ध्येय के साथ ग्राम एग्रीटेक मीट के माध्यम से राज्य सरकार खेती को व्यावसायिक दृष्टिकोण से आगे बढ़ाने, कृषि निर्यात बढ़ाने और ग्रामीण युवाओं को कृषि उद्यमिता की ओर प्रेरित करने के लिए एक ठोस पहल है। 

बैठक में आयुक्त कृषि एवं उद्यानिकी सुश्री चिन्मयी गोपाल, निदेशक जल गृहण विकास एवं भू-जल संरक्षण विभाग श्री मुहम्मद जुनैद पीपी, प्रबंध निदेशक राजस्थान राज्य बीज निगम लिमिटेड श्री अरविंद शर्मा, अतिरिक्त निदेशक कृषि (अनुसंधान) श्री अजय कुमार पचौरी सहित संबंध विभागों एवं FICCI के अधिकारी मौजूद रहे।

अनुजा पोर्टल पर ऋण के लिए आवेदन की अन्तिम तिथि अब 30 नवम्बर 2025
जयपुर, 04 नवम्बर।  राजस्थान अनुसूचित जाति जनजाति वित्त एवं विकास सहकारी निगम लि. जयपुर, राष्ट्रीय वित्त एवं विकास निगमों के सौजन्य से क्रियान्वित अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, सफाई कर्मचारी वर्ग,...

जयपुर, 04 नवम्बर।  राजस्थान अनुसूचित जाति जनजाति वित्त एवं विकास सहकारी निगम लि. जयपुर, राष्ट्रीय वित्त एवं विकास निगमों के सौजन्य से क्रियान्वित अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, सफाई कर्मचारी वर्ग, अन्य पिछडा वर्ग एवं दिव्यांगजन को विभिन्न उद्योग, व्यवसाय एवं सेवा कार्य में आर्थिक सहायता उपलब्ध कराने हेतु अनुजा पोर्टल पर ऋण के लिए आवेदन करने की अंतिम तिथि को बढ़ाकर 30 नवम्बर 2025 कर दिया गया है। पहले यह तिथि 31अक्टूबर 2025 थी।

निगम की  कार्यवाहक परियोजना प्रबंधक प्रियंका चौहान ने बताया कि इच्छुक आवेदक ऑनलाइन एसएसओ आईडी के माध्यम से  30 नवम्बर 2025 तक अनुजा पोर्टल पर आवेदन कर सकते हैं। विस्तृत जानकारी के लिए स्थानीय पंचायत समिति, नगरपालिका कार्यालय या अनुजा निगम से सम्पर्क किया जा सकता है।

प्रधानमंत्री ने देश के मिशन लाइफ द्वारा  समय-सम्मानित संरक्षण तौर-तरीकों को पुनर्जीवित करने सम्‍बंधी लेख साझा किया
प्रधानमंत्री ने देश के मिशन लाइफ द्वारा समय-सम्मानित संरक्षण तौर-तरीकों को पुनर्जीवित करने सम्‍बंधी लेख साझा किया

प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने आज केंद्रीय मंत्री श्री भूपेन्द्र यादव द्वारा लिखे गए लेख को साझा किया है। लेख में बताया गया है कि किस प्रकार भारत का मिशन लाइफ (पर्यावरण के लिए जीवनशैली) तमिलनाडु की एरी टैंक प्रणालियों से लेकर राजस्थान के जोहड़ों तक, समय-सम्मानित संरक्षण तौर-तरीकों को पुनर्जीवित कर रहा है और साथ ही उन्हें पृथ्‍वी की सेवा के सचेत कार्यों के रूप में पुनः परिभाषित कर रहा है। श्री मोदी ने कहा, “उन्होंने भारत के इस संदेश पर प्रकाश डाला है कि वास्तविक स्थिरता बातचीत से नहीं, बल्कि पोषण से शुरू होती है।”

केंद्रीय मंत्री श्री भूपेंद्र यादव द्वारा एक्स पर पोस्ट किए गए एक पोस्ट पर प्रतिक्रिया देते हुए श्री मोदी ने लिखा:

इस अवश्य पढ़े जाने वाले लेख में, केंद्रीय मंत्री श्री @byadavbjp लिखते हैं कि भारत का मिशन लाइफ (पर्यावरण के लिए जीवनशैली) तमिलनाडु की एरी टैंक प्रणालियों से लेकर राजस्थान के जोहड़ों तक, समय-सम्मानित संरक्षण तौर-तरीकों को पुनर्जीवित करता है, तथा उन्हें पृथ्‍वी की सेवा के सचेत कार्यों के रूप में पुनः परिभाषित करता है।

उन्होंने भारत के इस संदेश पर प्रकाश डाला कि वास्तविक स्थायित्व बातचीत से नहीं, बल्कि पोषण से शुरू होता है।”

जिला निर्वाचन अधिकारी अभिषेक सुराणा ने सरदारशहर के मेहरी व डालमाण में घर-घर जाकर एसआईआर – 2026 कार्य का किया अवलोकन, एसआईआर – 2026 के बारे में दी जानकारी
चूरू, 04 नवंबर। जिला निर्वाचन अधिकारी अभिषेक सुराणा ने मंगलवार को जिले के सरदारशहर विधानसभा क्षेत्र के मेहरी व डालमाण में मतदाता सूचियां के विशेष गहन पुनरीक्षण कार्यक्रम – 2026...

चूरू, 04 नवंबर। जिला निर्वाचन अधिकारी अभिषेक सुराणा ने मंगलवार को जिले के सरदारशहर विधानसभा क्षेत्र के मेहरी व डालमाण में मतदाता सूचियां के विशेष गहन पुनरीक्षण कार्यक्रम – 2026 को लेकर बीएलओ द्वारा घर-घर जाकर मतदाताओं से किया जा रहे संपर्क एवं इनुमेरेशन फॉर्म वितरण संग्रहण कार्य का अवलोकन किया तथा समुचित दिशा – निर्देश दिए।

इस अवसर पर उन्होंने मतदाताओं से तथा स्थानीय नागरिकों से एसआईआर को लेकर चर्चा की तथा एसआईआर के बारे में विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने मतदाताओं व उपस्थित जनों से एसआईआर को लेकर भ्रामक व तथ्यरहित सूचनाओं, भ्रांतियों  आदि पर विश्वास नहीं करने तथा बीएलओ का सहयोग करने एवं एसआईआर के दौरान अधिकतम भागीदारी निभाने की अपील की।

निर्वाचन रजिस्ट्रीकरण पदाधिकारी (एसडीएम) रामकुमार वर्मा ने विधानसभा क्षेत्र में एसआईआर गतिविधियों की जानकारी दी।
उपस्थित बीएलओ ने एसआईआर गतिविधियों को लेकर किए जा रहे कार्यों, मतदान केंद्रों पर मतदाताओं आदि के बारे में जानकारी दी।

राज्यपाल श्री हरिभाऊ बागडे ने जनजातीय स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों पर आधारित प्रदर्शनी का उद्घाटन एवं अवलोकन किया
राज्यपाल श्री हरिभाऊ बागडे ने गोविंद गुरु जनजातीय विश्वविद्यालय में “राष्ट्रीय एकात्मता” विषयक राष्ट्रीय संगोष्ठी का उद्घाटन किया - जनजातीय स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों पर आधारित प्रदर्शनी का उद्घाटन एवं अवलोकन...

जयपुर, 4 नवम्बर। राज्यपाल एवं कुलाधिपति श्री हरिभाऊ बागडे ने मंगलवार को गोविंद गुरु जनजातीय विश्वविद्यालय, बांसवाड़ा में “राष्ट्रीय एकात्मता : विविधता में एक चेतना” विषय पर एक दिवसीय राष्ट्रीय संगोष्ठी का उद्घाटन किया। उन्होंने संगोष्ठी के अंतर्गत जनजातीय स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों पर आधारित प्रदर्शनी का उद्घाटन एवं अवलोकन किया।

राज्यपाल श्री हरिभाऊ बागडे ने अपने उद्बोधन में कहा कि  राष्ट्र अनेक भाषा, संस्कृति, मतों, परंपराओं से मिलकर बनता है। राष्ट्र की एक सीमा होती है। राष्ट्र में उस देश का नागरिक रहता है। कोई दूसरे देश का नागरिक आता है तो उसे उस देश की नागरिकता लेनी पड़ती है। संगठित जनसमुदाय, निश्चित भूभाग, संस्कृति, परंपरा, एकता की भावना हमें एक सूत्र में बांधती है।  देश के नागरिकों में देश के मूल्यों, आदर्शों, मातृभूमि, समुदाय के प्रति निष्ठा और प्रेम होना चाहिए। उन्होंने कहा कि एकता की भावना सिर्फ बातों में नहीं व्यक्ति के कर्मों में भी होनी चाहिए।

जनजातीय स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों पर आधारित प्रदर्शनी का उद्घाटन
जनजातीय स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों पर आधारित प्रदर्शनी का उद्घाटन

उन्होंने कहा कि देश जब बनता है तब एक देश से दूसरा देश बन जाता है। कारण अलग-अलग होते हैं। उन्होंने कहा कि हमारे विघटन, हमारी गरीबी, हमारे एकसंघ नहीं होने का लाभ उठाकर अंग्रेजों ने देश कर अतिक्रमण कर लिया। वह हमने अंग्रेजों से वापस लिया। भारत से अनेक देश बने अफगानिस्तान, श्रीलंका, नेपाल, भूटान, पाकिस्तान और बांग्लादेश। एक राष्ट्र विकसित बनता है जब नागरिक एकजुट होकर देशप्रेम के साथ अपना सर्वस्व अर्पण करते हैं। नागरिक अपनी शक्ति, बुद्धि, त्याग, आर्थिक स्वावलंबन से देश को विकसित बनाते हैं।

राज्यपाल श्री हरिभाऊ बागडे
राज्यपाल श्री हरिभाऊ बागडे

उन्होंने कहा कि भारत दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्थाओं में से हैं। पहले गांव में कच्चे मकान होते थे जो अब पक्के बन गए हैं क्योंकि लोगों के पास पैसा आया है। देश की अर्थव्यवस्था का विकास हुआ है। उन्होंने कहा कि रामायण और महाभारत हमारी संस्कृति का मूल है। राम का नाम सभी भाषाओं में है। भजन – कीर्तन, व्याख्यान, भाषण, शिक्षण अलग-अलग भाषाओं में होता है मगर देवधर्म सबका एक ही है। एक ही गणेशजी की आरती अनेक भाषाओं में होती है मगर सबका भाव एक ही होता है। अनेक भाषा, खान-पान, वेशभूषा अलग-अलग होने के बावजूद हम सब एक हैं। हमारी संस्कृति ‘ भाषा अनेक – भाव एक’, ‘ पथ अनेक – गंतव्य एक’ की है।  

पूर्व महापौर मुनेश गुर्जर के पास आय से 315% ज्यादा संपत्ति, ACB ने 2 साल बाद दर्ज किया केस, पति का भी नाम
भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (ACB) ने नगर निगम हेरिटेज की पूर्व महापौर मुनेश गुर्जर और उनके पति सुशील गुर्जर के खिलाफ आय से अधिक संपत्ति (DA) का केस दर्ज किया है.

भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (ACB) ने जयपुर नगर निगम हेरिटेज (Jaipur Heritage) की पूर्व महापौर मुनेश गुर्जर (Munesh Gurjar) और उनके पति सुशील कुमार गुर्जर (Sushil Gurjar) के खिलाफ एक बड़ा केस दर्ज किया है. एसीबी ने यह कार्रवाई करीब 2 साल की लंबी जांच के बाद की है.

33 महीनों में 315% ज्यादा संपत्ति

एसीबी की जांच में सामने आया है कि मुनेश गुर्जर ने अपने महापौर कार्यकाल (10 नवंबर 2020 से 4 अगस्त 2023) के सिर्फ 33 महीनों में अपनी कमाई से कहीं ज्यादा संपत्ति जमा कर ली. इस दौरान मुनेश और उनके पति की कुल वास्तविक आय (वेतन और ब्याज सहित) लगभग ₹50.57 लाख थी. लेकिन इस दौरान उन्होंने कुल 2 करोड़ 9 लाख रुपये की संपत्ति बना ली. यह उनकी वैध आय से 315 प्रतिशत अधिक है. एसीबी को 1.59 करोड़ रुपये की आय से अधिक संपत्ति मिली है.

मेयर बनने से पहले (10 नवंबर 2020) उनके पास लगभग ₹23.84 लाख की संपत्ति थी, जो रिश्वत मामले का खुलासा होने तक बढ़कर ₹2.09 करोड़ हो गई.

पति सुशील गुर्जर पर भी केस

एसीबी ने आय से अधिक संपत्ति (Disproportionate Assets) का यह मामला मेयर मुनेश गुर्जर के साथ-साथ उनके पति सुशील कुमार गुर्जर पर भी दर्ज किया है. जांच में सामने आया है कि सुशील गुर्जर के कई बैंक अकाउंट में बड़े लेन-देन हुए हैं. याद रहे, मुनेश गुर्जर पहले ‘पट्टे देने के एवज में रिश्वत’ लेने के मामले में फंसी थीं. अब एसीबी ने आय से अधिक संपत्ति अर्जित करने के लिए उनके पद के दुरुपयोग को आधार मानते हुए यह केस दर्ज किया है. मामले की आगे की जांच ASP संदीप सारस्वत को सौंपी गई है.

ग्रामीण सेवा शिविर-2025 मुख्यमंत्री की संवेदनशीलता से मिल रही आमजन को राहत 
ग्रामीण सेवा शिविर-2025 मुख्यमंत्री की संवेदनशीलता से मिल रही आमजन को राहत -307 शिविरों में हजारों परिवारों को घर बैठे मिला लाभ -5415 परिवारों को प्रधानमंत्री स्वामित्व पट्टे मिले, 226...

श्रीगंगानगर, 4 नवम्बर। राजस्थान के माननीय मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा की मंशा के अनुसार ग्रामीणों की समस्याओं का निदान गांव में ही हो, इस बात को लेकर सरकार द्वारा ग्रामीण सेवा शिविर 2025 जारी हैं। इसी के फलस्वरूप श्रीगंगानगर जिले में 17 सितम्बर 2025 से प्रारम्भ हुए 307 शिविरों में अब तक जहां हजारों परिवारों को घर बैठे लाभ मिल रहा है, वहीं पर ग्रामीणों की समस्याओं का निदान हो रहा है। 

जिला कलक्टर डॉ. मंजू ने बताया कि राजस्व विभाग द्वारा अब तक जारी शिविरों में 133 नामांतकरण, 1523 शुद्धि निस्तारण, 26 खातेदारी, 826 लम्बित फार्मर रजिस्ट्री, 226 सहमति बंटवारा, 3341 मूल निवास, 5506 जाति प्रमाण पत्र व 74 कुर्रेजात रिपोर्ट तैयार कर लाभ दिया गया। ग्रामीण एवं पंचायती राज विभाग द्वारा 5415 परिवारों को प्रधानमंत्री स्वामित्व योजना के तहत पट्टे दिये गये। 114 सामुदायिक शौचालय स्वीकृत, स्वच्छ भारत मिशन ग्रामीण के तहत 2560 स्वीकृतियां, पंडित दीनदयाल उपाध्याय गरीबी मुक्त गांवों के तहत 567 बीपीएल परिवारों का सर्वे, 190 को विश्वकर्मा पेंशन योजना का लाभ दिया गया। 

ग्रामीण सेवा शिविरों में 616 त्रुटिपूर्ण मीटर सुधार, विद्युत सप्लाई से संबंधित 795 का निस्तारण, 17 ट्रांसफार्मर बदले, वहीं पर 671 स्थानों पर ढीले तारों को ठीक किया गया। मातृ वंदना योजना में 1336 महिलाओं का पंजीकरण तथा 5760 महिलाओं की पोषण ट्रैकर के लिये ई-केवाईसी की गई। 1661 का टीकाकरण, 18889 टीबी रोग स्क्रीनिंग, 285 को पोषण किट वितरित, 2009 महिलाओं की प्रसव पूर्व जांच तथा 10474 महिलाओं की ब्रेस्ट सर्वाइकल कैंसर स्क्रीनिंग की गई। 

शिविरों में 9520 पशुपालकों के पशुओं का मुख्यमंत्री मंगला पशु बीमा योजना का लाभ दिया, वहीं पर 44288 पशुओं का टीकाकरण किया गया। शिविरों में 8903 किसानों को मिनी बीज किट वितरित की गई। 24095 किसानों को प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना की बीमा पॉलिसी वितरित कर लाभ दिया गया। 751 परिवारों को एनएफएसए के तहत निस्तारण, 16836 की ई-केवाईसी, 8541 की आधार सीडिंग तथा 14658 परिवारों की एलपीजी आईडी मैप की गई। 

शिविरों में 123 नागरिकों को अटल पेंशन स्वीकृत, 359 नागरिकों को प्रधानमंत्री जन-धन योजना का लाभ, जन-धन योजना में पुनः सत्यापित बैंक खाते 2656 एवं 683 को प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा योजना तथा 810 को प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा योजना का लाभ दिया गया। शिविरों में 1772 परिवारों का पालनहार योजना में सत्यापन किया गया। कामगारों को 197 टूलकिट वितरित किये गये, वहीं पर वन विभाग द्वारा 64067 पौधे लगाये गये।