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अंता उपचुनाव में स्वतंत्र, निष्पक्ष व शांतिपूर्ण मतदान के लिए सभी तैयारियां पूर्ण, सुरक्षा के पुख्ता इंतज़ाम
जयपुर, 7 नवम्बर। अंता विधानसभा उपचुनाव-2025 में स्वतंत्र, निष्पक्ष व शांतिपूर्ण चुनाव सम्पन्न कराने के लिए निर्वाचन विभाग ने  सभी तैयारियां पूरी कर ली हैं। मुख्य निर्वाचन अधिकारी श्री नवीन महाजन ने बताया...


जयपुर, 7 नवम्बर। अंता विधानसभा उपचुनाव-2025 में स्वतंत्र, निष्पक्ष व शांतिपूर्ण चुनाव सम्पन्न कराने के लिए निर्वाचन विभाग ने  सभी तैयारियां पूरी कर ली हैं। मुख्य निर्वाचन अधिकारी श्री नवीन महाजन ने बताया कि  सुरक्षा व्यवस्था को लेकर पुख्ता बंदोबस्त किए गए हैं ताकि 11 नवम्बर को मतदान और 14 नवम्बर को मतगणना सुचारू रूप से हो सके।

अंता विधानसभा क्षेत्र में कुल 268 मतदान केन्द्रों पर मतदान होगा। क्षेत्र में 2,28,264 पंजीकृत मतदाता हैं, जिनमें 1,16,783 पुरुष, 1,11,477 महिलाएं और 4 अन्य मतदाता शामिल हैं।

सुरक्षा व्यवस्था सुदृढ़—

निर्वाचन विभाग द्वारा प्रत्येक मतदान दल के साथ पुलिस बल की तैनाती की गई है। संवेदनशील और क्रिटिकल मतदान केन्द्रों पर सीएपीएफ (केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल) के जवान तैनात रहेंगे। इसके साथ ही क्षेत्र में 12 क्विक रेस्पॉन्स टीम, 43 मोबाइल पार्टियां, 43 सेक्टर मजिस्ट्रेट, 12 पुलिस सुपरवाइजरी अधिकारी, 12 एरिया मजिस्ट्रेट, 4 वरिष्ठ पुलिस पर्यवेक्षक तथा 4 वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी नियुक्त किए गए हैं।

चुनाव अवधि के दौरान 13 अन्तर्राज्यीय नाके और 5 अन्तर जिला नाके सक्रिय रहेंगे, जहां सशस्त्र बलों की निगरानी में लगातार चेकिंग की जा रही है।

शस्त्र जमा व निरोधात्मक कार्यवाही—

भयमुक्त मतदान सुनिश्चित करने के लिए अंता क्षेत्र में 4,262 शस्त्र जमा कराए गए हैं। नाकाबंदी के दौरान 8 अवैध हथियार और 5 कारतूस जब्त किए गए हैं। असामाजिक तत्वों पर नियंत्रण हेतु 1,134 व्यक्तियों के विरुद्ध निरोधात्मक कार्यवाही की गई है, वहीं 2,716 व्यक्तियों को मुचलकों पर पाबंद किया गया है।

21 करोड़ रूपये से अधिक की जब्ती—

चुनाव आचार संहिता लागू होने के बाद से अब तक कुल 21 करोड़ 21 लाख 12 हजार 312 रुपये की नगदी, शराब, फ्रीबीज आदि की जब्ती की गई है जिसमें ₹19.27 लाख की अवैध शराब, नशीले पदार्थ ₹35.46 लाख,फ्रीबीज व अन्य सामग्री ₹20.55 करोड़ व नगद राशि ₹11.34 लाख शामिल है।

मतदान केन्द्रों पर विशेष व्यवस्थाएं—

प्रत्येक मतदान केन्द्र पर मोबाइल फोन जमा करने के लिए जूट बैग उपलब्ध कराए गए हैं और प्रत्येक केंद्र पर दो वॉलंटियर तैनात किए गए हैं।

निर्वाचन आयोग के निर्देशानुसार सभी केन्द्रों पर वेबकास्टिंग की व्यवस्था की गई है। इसके लिए जिला मुख्यालय व रिटर्निंग अधिकारी कार्यालय में कंट्रोल रूम बनाए गए हैं, जिनमें आईटी विभाग, पुलिस व प्रशासनिक अधिकारियों की टीम 24 घंटे निगरानी रखेगी।

मतदाता सुविधा व पारदर्शिता—

ईवीएम बैलेट पेपर पर अभ्यर्थियों की रंगीन फोटो अंकित की गई है ताकि मतदाताओं को पहचान में आसानी हो। मतदान केन्द्र से 100 मीटर की दूरी तक  प्रचार—प्रसार पर रोक रहेगी। रिटर्निंग अधिकारी द्वारा सभी दलों, प्रत्याशियों व एजेंटों को इसकी सूचना दे दी गई है।

मतदाता पर्चियों का वितरण—

मतदाता सूचना पर्चियां (वीआईएस) रिटर्निंग अधिकारी को उपलब्ध करा दी गई हैं। अधिकारियों की टीमें घर-घर जाकर वितरण और क्रॉस चेकिंग कर रही हैं। हर टीम प्रतिदिन कम से कम 15 घरों में जाकर सत्यापन कर रही है।

पर्यावरण अनुकूल मतदान—

इस उपचुनाव में 5 ग्रीन मतदान केन्द्र बनाए जा रहे हैं। सभी मतदान केन्द्रों को प्लास्टिक मुक्त रखा जाएगा। प्रत्येक बूथ पर रैंप, पीने का पानी, छाया की व्यवस्था सुनिश्चित की गई है। दिव्यांग मतदाताओं के लिए व्हीलचेयर और वॉलंटियर की व्यवस्था की गई है ताकि उन्हें मतदान केन्द्र तक लाने-ले जाने में सुविधा हो।

ईवीएम एवं रवानगी—

ईवीएम मशीनों को 2 नवम्बर को जिला वेयरहाउस से सुरक्षा के साथ राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय, बारां में शिफ्ट किया गया था, जिसकी कमीशनिंग 3 से 4 नवम्बर के बीच पूरी हो चुकी है।

10 नवम्बर को अंतिम प्रशिक्षण के बाद मतदान दलों की रवानगी होगी। मतदान समाप्ति के बाद काम में ली  गई ईवीएम व सामग्री जमा कराने हेतु 6 काउंटर बनाए गए हैं, जिनमें एक काउंटर महिला एवं दिव्यांग कर्मियों के लिए आरक्षित रहेगा। ईवीएम को सुरक्षित रखने के लिए 3 स्ट्रॉन्ग रूम तैयार किए गए हैं, जिन पर सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं।

मतगणना 14 नवम्बर को—

मतगणना 14 नवम्बर 2025 को राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय, बारां के सेमिनार हॉल में होगी। मतगणना प्लान भारत निर्वाचन आयोग द्वारा अनुमोदित है। इस दौरान सुरक्षा के कड़े इंतज़ाम रहेंगे और पूरे परिसर में सीसीटीवी निगरानी रहेगी।

महिला एवं पुरुषों के लिए अलग कतारें—

सभी मतदान केन्द्रों पर महिला और पुरुष मतदाताओं के लिए अलग-अलग कतारों की व्यवस्था की गई है। महिलाओं की सहायता हेतु आंगनबाड़ी कार्यकर्ता एवं आशा सहयोगिनियों की ड्यूटी लगाई गई है।

संयुक्त नियंत्रण कक्ष—

उपचुनाव के लिए जिला मुख्यालय पर संयुक्त नियंत्रण कक्ष  बनाया गया है, जिसमें मीडिया, सी-विजिल, एमसीसी  एवं एनजीआरएस से संबंधित निगरानी की जा रही है। यह केंद्र चौबीसों घंटे संचालित रहेगा और इसका प्रभारी उप निदेशक, महिला एवं बाल विकास विभाग, बारां को बनाया गया है।

अंता विधानसभा उपचुनाव के लिए सभी व्यवस्थाएं पूर्ण कर ली गई हैं और जिला प्रशासन स्वतंत्र, निष्पक्ष एवं भयमुक्त मतदान सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है।

वन्दे मातरम् की भावना को सभी अपने जीवन में उतारें – मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा
जयपुर, 7 नवम्बर। मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा ने कहा कि हम सभी राष्ट्रीय चेतना के महान गीत वन्दे मातरम् के 150 वर्ष पूर्ण होने के साक्षी बन रहे हैं तथा अमर काव्य की...

जयपुर, 7 नवम्बर। मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा ने कहा कि हम सभी राष्ट्रीय चेतना के महान गीत वन्दे मातरम् के 150 वर्ष पूर्ण होने के साक्षी बन रहे हैं तथा अमर काव्य की वंदना कर रहे हैं। वन्दे मातरम् ने हमारे स्वतंत्रता संग्राम को स्वर दिया जिसने करोड़ों भारतीयों के हृदय में राष्ट्रप्रेम की ज्वाला प्रज्वलित की। उन्होंने कहा कि यह केवल एक गीत नहीं है बल्कि हमारी सामूहिक चेतना, हमारी आत्मा की पुकार तथा मातृभूमि के प्रति हमारी अनंत श्रद्धा का प्रतीक है।

    श्री शर्मा शुक्रवार को सवाई मानसिंह स्टेडियम में राष्ट्रगीत वन्दे मातरम् के 150 वर्ष पूर्ण होने पर आयोजित राज्य स्तरीय कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि जब बंकिमचंद्र चट्टोपाध्याय जी ने अपने उपन्यास आनंदमठ में इस अमर रचना को लिखा, तब शायद उन्हें भी यह अनुमान नहीं था कि ये पंक्तियां भारत माता की आजादी के लिए लड़ने वाले लाखों वीरों का युद्धनाद बन जाएंगी। उन्होंने कहा कि यह गीत हमारे स्वतंत्रता संग्राम का प्राणतत्व बना, क्रांतिकारियों का मंत्र और एकता का सूत्र बना। गुरुदेव रवींद्रनाथ टैगोर ने कोलकाता में इसे गाया तो पूरा सभागार भावविभोर हो उठा। आजादी की लड़ाई से अबतक, वन्दे मातरम् हर आंदोलन, जुलूस एवं भारतीय की जुबान पर है।

    युवा भारत के भविष्यराष्ट्र की आशा  और महान विरासत के संरक्षक

    मुख्यमंत्री ने कहा कि हम राष्ट्रगीत के 150 वर्षों का ऐतिहासिक उत्सव मना रहे हैं। युवा भारत के भविष्य हैं, राष्ट्र की आशा हैं और इस महान विरासत के संरक्षक हैं। उन्होंने कहा कि नेताजी सुभाष चंद्र बोस ने आजाद हिंद फौज की अंतरिम सरकार की घोषणा के समय भी वन्दे मातरम् गाया था। क्रांतिकारी जब फांसी के तख्ते पर चढ़ते थे तो उनके होठों पर भी वन्दे मातरम् होता था। अंग्रेज इस गीत से इतने भयभीत थे कि इसे सार्वजनिक रूप से गाने पर प्रतिबंध लगा दिया था।

    वन्दे मातरम् में भारतीयों को एक सूत्र में बांधने की शक्ति

    श्री शर्मा ने कहा कि वन्दे मातरम् में भारतीयों को एक सूत्र में बांधने की शक्ति है। इस गीत में गुलामी की जंजीरों को तोड़ने के लिए राष्ट्रभक्तों को आत्मशक्ति देने की ऊर्जा है। यह केवल राजनीतिक नारा नहीं है बल्कि एक आध्यात्मिक शक्ति है जो हमारी सामूहिक चेतना को जागृत करने की क्षमता रखती है। उन्होंने कहा कि यह गीत हमें हमारी साझी पहचान से तथा जड़ों से जोड़ता है। वन्दे मातरम् केवल अतीत की धरोहर नहीं है बल्कि आज भी उतना ही प्रासंगिक है। उन्होंने कहा कि जब हम राष्ट्र निर्माण की बात करते हैं तथा विकसित भारत का सपना देखते हैं तो वन्दे मातरम् की भावना ही हमारी प्रेरणा है।

हमारी चेतनाराष्ट्र की अखंडता और एकता का सूत्र है वन्दे मातरम्

    मुख्यमंत्री ने कहा कि आज का भारत विश्व में अपनी पहचान बना रहा है। हम अंतरिक्ष में चंद्रयान भेज रहे हैं, डिजिटल क्रांति का नेतृत्व कर रहे हैं तथा आर्थिक शक्ति बन रहे हैं। यह सब अपनी जड़ों से जुड़े होने तथा अपनी संस्कृति पर गर्व करने से ही संभव हो पा रहा है। उन्होंने कहा कि वन्दे मातरम् हमारी चेतना, राष्ट्र की अखंडता और एकता का सूत्र है। आज वन्दे मातरम् की 150वीं वर्षगांठ पर हमें यह संकल्प लेना होगा कि हम इस गीत की भावना को अपने जीवन में उतारेंगे।

    केन्द्र सरकार ने लिया वन्दे मातरम् के राष्ट्रव्यापी समारोह का ऐतिहासिक निर्णय

    श्री शर्मा ने कहा कि केंद्र सरकार ने 1 अक्टूबर को वन्दे मातरम् के 150वें वर्ष के राष्ट्रव्यापी समारोह की स्वीकृति देकर ऐतिहासिक निर्णय लिया है। यह समारोह केवल उत्सव नहीं है बल्कि राष्ट्रीय आंदोलन है जिसका उद्देश्य हमारे नागरिकों को, विशेषकर हमारी युवा पीढ़ी और विद्यार्थियों को इस गीत की मूल क्रांतिकारी भावना से जोड़ना है। उन्होंने कहा कि यह कार्यक्रम इसी श्रृंखला की एक महत्वपूर्ण कड़ी है। वीरों एवं शहीदों की भूमि राजस्थान के हर घर एवं गली में वन्दे मातरम् की गूंज व्याप्त है। उन्होंने कहा कि महाराणा प्रताप, रानी पद्मिनी, वीर दुर्गादास राठौड़ से लेकर स्वतंत्रता संग्राम के अनगिनत शहीदों तक इस धरा ने त्याग और बलिदान की अमर कहानियां लिखी हैं।

    वन्दे मातरम् के हर शब्द का अर्थ समझकर इसकी कहानी को जानें

    मुख्यमंत्री ने कहा कि युवाओं को इतिहास के बारे में जानना चाहिए। जब तक स्वतंत्रता संग्राम के इतिहास को नहीं जानेंगे तब तक आजादी के मूल्य को नहीं समझ पाएंगे। उन्होंने कहा कि वन्दे मातरम् का इतिहास जानिए, इसके हर शब्द का अर्थ समझिए तथा राष्ट्रप्रेम को जीवित रखिए। आज सोशल मीडिया पर विदेशी संस्कृति हावी हो रही है लेकिन हमें अपनी जड़ों से जुड़े रहना है। उन्होंने कहा कि वन्दे मातरम् गाइए, इसे अपने दिल में बसाइए। साथ ही, देशभक्ति को कर्म में बदलिए, केवल नारे लगाना काफी नहीं है। अपने कर्तव्यों का ईमानदारी से पालन करें तथा देश को आगे बढ़ाने में योगदान दें। उन्होंने कहा कि युवा भविष्य के भारत के निर्माता हैं। यह कार्यक्रम एक अवसर है जब आप अपने भीतर राष्ट्रप्रेम की अलख जगा सकते हैं। राजस्थान के हर स्कूल, हर कॉलेज में वन्दे मातरम् की भावना को समझा जाए। हमारे बच्चे केवल इसे गाएं नहीं बल्कि इसके हर शब्द का अर्थ समझें तथा इसके पीछे की कहानी भी जानें। राजस्थान सरकार इस दिशा में हर संभव प्रयास करेगी।

    अपने देश को उन्नति के सबसे ऊंचे शिखर पर ले जाना हमारा दायित्व

    श्री शर्मा ने कहा कि 150 वर्ष का यह उत्सव हमें याद दिलाता है कि हमारी आजादी आसान नहीं थी। लाखों लोगों ने अपना सर्वस्व न्यौछावर किया तब हमें स्वतंत्रता मिली। हमारा कर्तव्य है कि हम इसकी रक्षा करें और इसे मजबूत बनाएं। उन्होंने कहा कि वन्दे मातरम् के दो शब्द हमें याद दिलाते हैं कि हम भारत माता के सपूत हैं। हमारा दायित्व है कि हम अपने देश को उन्नति के सबसे ऊंचे शिखर पर ले जाएं। उन्होंने कहा कि हम सब मिलकर संकल्प लें कि वन्दे मातरम् की भावना को जीवन में उतारेंगे, कर्तव्यों का पालन करेंगे, राष्ट्रहित को सर्वापरि रखेंगे और भारत माता के गौरव को बढ़ाने के लिए निरंतर प्रयासरत रहेंगे।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि स्वामी विवेकानंद ने कहा था उठो, जागो और दुनिया में छा जाओ। आज दुनिया में छा जाने का ही समय है। उन्होंने कहा कि युवा आगे आएं और अपनी ताकत पहचानकर विश्वपटल पर भारत का नाम रोशन करें। उन्होंने युवाओं से आग्रह किया कि भारत भूमि के लिए तथा राष्ट्रहित के लिए काम करें। श्री शर्मा ने कहा कि यशस्वी प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में देश के हर क्षेत्र में काम किए जा रहे हैं। प्रधानमंत्री का कहना है कि देश का युवा, महिला, किसान और मजदूर आगे बढ़ेगा तो हमारा देश-प्रदेश विकसित बनेगा। राज्य सरकार उसी मूलमंत्र के साथ विकसित राजस्थान की दिशा में काम कर रही है। युवाओं को रोजगार देने के साथ ही किसान कल्याण एवं महिला उत्थान के लिए काम हो रहे हैं।

मुख्यमंत्री ने वन्दे मातरम् के 150 वर्ष पूरे होने पर एसएमएस स्टेडियम में राज्य स्तरीय प्रदर्शनी का अवलोकन किया। जिसमें 1857 की क्रांति व भारतीय स्वतंत्रता आंदोलन के नायकों के योगदान से संबंधित जानकारी एवं विकसित भारत से संबंधित पेंटिंग्स दिखाई गई। इसके पश्चात उन्होंने वन्दे मातरम् सैण्ड आर्ट को भी देखा। समारोह में श्री शर्मा ने प्रदेश के उत्कृष्ट खिलाड़ियों को सम्मानित किया। इसके अतिरिक्त गायक पीयूष पंवार ने राष्ट्र भक्ति के गीतों की सुरमयी प्रस्तुति दी। साथ ही, ड्रोन से स्टेडियम में पुष्प वर्षा की गई। संपूर्ण कार्यक्रम में आमजन, प्रतिभागियों, स्कूली छात्र-छात्राओं एवं कलाकारों ने एक स्वर में भारत माता की जय और वन्दे मातरम् के जयकारों से पूरे आयोजन को जोश से भर दिया। राजस्थान के लोक कलाकारों ने वाद्ययंत्रों के माध्यम से विशेष प्रस्तुतियां दी। लोगों ने केसरिया साफा पहनकर एवं हाथों में राष्ट्रीय ध्वज लेकर राष्ट्र सेवा की भावना से ओतप्रोत होकर विकसित भारत के विजन को मजबूत बनाया। श्री शर्मा ने सभी लोगों को आत्मनिर्भर भारत की शपथ भी दिलाई। मुख्यमंत्री ने जब आसमान में गुब्बारे छोड़े तो पूरा वातावरण राष्ट्रभक्ति की भावना से सराबोर हो उठा। 

    इस अवसर पर युवा मामले एवं खेल मंत्री कर्नल राज्यवर्धन राठौड़, गृह राज्यमंत्री श्री जवाहर सिंह बेढ़म, राज्य वित्त आयोग के अध्यक्ष श्री अरूण चतुर्वेदी, सांसद श्री मदन राठौड़, श्री घनश्याम तिवाड़ी, श्री राव राजेन्द्र सिंह, श्रीमती मंजू शर्मा, विधायकगण सहित वरिष्ठ अधिकारी एवं बड़ी संख्या में स्कूली छात्र-छात्राएं, युवा व आमजन उपस्थित रहे।

जयपुर में आयोजित होगा स्टार्टअप महाकुम्भ- कर्नल राज्यवर्धन राठौड़
जयपुर, 6 नवम्बर। सूचना प्रौद्योगिकी एवं संचार मंत्री कर्नल राज्यवर्धन राठौड़ की उपस्थिति में गुरुवार को जयपुर स्थित भामाशाह डेटा सेंटर में दो महत्वपूर्ण एमओयू पर हस्ताक्षर किए गए। पहला...

जयपुर, 6 नवम्बर। सूचना प्रौद्योगिकी एवं संचार मंत्री कर्नल राज्यवर्धन राठौड़ की उपस्थिति में गुरुवार को जयपुर स्थित भामाशाह डेटा सेंटर में दो महत्वपूर्ण एमओयू पर हस्ताक्षर किए गए। पहला एमओयू राज्य सरकार के सूचना प्रौद्योगिकी एवं संचार विभाग और केंद्र सरकार के डिजिटल इंडिया ‘भाषिणी’ प्रभाग के बीच हुआ। दूसरा एमओयू सी-साइड स्टार्टअप समिट व स्टार्टअप आर्मेनिया के फाउंडर डॉ. हाकोब हाकोबयान,  आईओएलएफ और आई-स्टार्ट राजस्थान के बीच किया गया।

इस अवसर पर कर्नल राज्यवर्धन राठौड़ ने कहा कि राजस्थान जैसे विशाल भू-भाग में कोस-कोस पर भाषा बदल जाती है। राज्य सरकार का उद्देश्य है कि नागरिकों को उनकी मातृभाषा में राजकीय सेवाओं का लाभ मिल सके। इसी दिशा में अब ‘भाषिणी’ और डीओआईटी मिलकर कार्य करेंगे तथा आधुनिक तकनीकों की मदद से भाषाई अवरोधों को दूर किया जाएगा।

उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी का संकल्प है कि भारत हर क्षेत्र में आत्मनिर्भर बने तथा भाषा के आधार पर नहीं, बल्कि ज्ञान के आधार पर युवाओं को अवसर मिले। ‘भाषिणी’ की मदद से किसान अपनी फसल, मौसम और खाद-बीज से जुड़ी जानकारी प्राप्त कर सकेंगे। महिलाएं अपने व्यवसाय को बढ़ाने में सक्षम होंगी और विद्यार्थी सरलता से ज्ञान अर्जित कर पाएंगे। यह सब कार्य अब अपनी मातृभाषा में संभव हो सकेंगे।

कर्नल राज्यवर्धन राठौड़ ने बताया कि प्रदेश सरकार के आई-स्टार्ट कार्यक्रम से हजारों स्टार्टअप्स को सहायता प्रदान की जा रही है। राज्य में स्टार्टअप महाकुंभ का आयोजन किया जाएगा, जिसमें उद्यमियों, निवेशकों और अन्य हितधारकों को एक ही मंच पर आमंत्रित किया जायेगा ताकि वे विकसित राजस्थान के निर्माण में अपनी भूमिका निभा सकें।

सूचना प्रौद्योगिकी विभाग के शासन सचिव डॉ. रवि कुमार सुरपुर ने बताया की विभाग भाषिणी के साथ मिलकर उपलब्ध डाटा के आधार पर नागरिकों को क्षेत्रीय भाषाओं में संवाद की सुविधा उपलब्ध कराएगा। इससे किसानों, महिलाओं, युवाओं और जनजातीय क्षेत्रों में गुड गवर्नेंस को सशक्त बनाया जा सकेगा। उन्होंने कहा कि राजधानी जयपुर में आगामी जनवरी-फरवरी माह में चार दिवसीय स्टार्टअप महाकुंभ का आयोजन प्रस्तावित है, जिसमें देश-विदेश के स्टार्टअप फाउंडर, निवेशक और हितधारक भाग लेंगे।

‘भाषिणी’ के मुख्य कार्यकारी अधिकारी श्री अमिताभ नाग ने बताया कि ‘भाषिणी’ केंद्रीय इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय के डिजिटल इंडिया कार्यक्रम के अंतर्गत शुरू की गई है। इसका उद्देश्य आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और प्राकृतिक भाषा प्रसंस्करण तकनीकों के माध्यम से भारत में भाषाई बाधाओं को समाप्त करना है, जिससे 22 अनुसूचित भारतीय भाषाओं में डिजिटल सेवाओं और सूचनाओं तक सहज पहुंच सुनिश्चित की जा सके। भविष्य में अन्य क्षेत्रीय भाषाओं को भी इस सुविधा से जोड़ा जाएगा। इससे डिजिटल समावेशन को प्रोत्साहन मिलेगा और नागरिक अपनी मातृभाषा में डिजिटल प्लेटफॉर्म से जुड़ सकेंगे। सरकारी वेबसाइटों पर टेक्स्ट टू स्पीच और स्पीच टू टेक्स्ट की सुविधा से नागरिक अपनी भाषा में संवाद कर सकेंगे तथा शिकायत या आवेदन जैसे कार्य आसानी से कर पाएंगे।

इस अवसर पर सूचना प्रौद्योगिकी और संचार विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ अन्य सभी हितधारक उपस्थित थे।

जयपुर में 50 हजार लोगों ने ‘वंदे मातरम्’ के 150 वर्ष पूरे होने पर सामूहिक गायन किया
जयपुर में राष्ट्रगीत वंदे मातरम् के 150 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में 7 नवंबर 2025 को भव्य राज्य स्तरीय कार्यक्रम का आयोजन किया गया। यह आयोजन सवाई मानसिंह स्टेडियम (SMS Stadium)...

जयपुर में राष्ट्रगीत वंदे मातरम् के 150 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में 7 नवंबर 2025 को भव्य राज्य स्तरीय कार्यक्रम का आयोजन किया गया। यह आयोजन सवाई मानसिंह स्टेडियम (SMS Stadium) में सुबह 7:30 बजे शुरू हुआ, जिसमें करीब 50 हजार लोगों ने एक साथ वंदे मातरम् का गायन किया। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा की अगुवाई में कार्यक्रम का आयोजन हुआ, जिसमें राज्य भर के स्कूल, कॉलेज, विश्वविद्यालय, एनसीसी, एनएसएस, हिन्दुस्तान स्काउट गाइड, पुलिस, RAC के जवान, सामाजिक संगठनों के सदस्य, जनप्रतिनिधि तथा आम नागरिक शामिल हुए।

कार्यक्रम की मुख्य झलकियां:

  • सामूहिक वंदे मातरम् गायन में 50 हजार लोगों की भागीदारी​​
  • 50 हजार तिरंगा झंडों का वितरण
  • स्कूल, पुलिस और आर्मी बैंड की प्रस्तुति, साथ ही महापुरुषों पर आधारित प्रदर्शनी
  • NSS के तहत स्वच्छता अभियान और रक्तदान शिविर
  • स्वतंत्रता सेनानियों और परिजनों को सम्मानित किया गया
  • गाँव, ब्लॉक और पंचायत स्तर तक ‘एक स्थान, एक समय, एक गीत – वंदे मातरम्’ की थीम पर कार्यक्रम

यह राज्य स्तरीय उत्सव पूरे देश में 7 नवंबर 2026 तक वर्षभर चले वाले ‘वंदे मातरम्@150’ अभियान की शुरुआत है। इस ऐतिहासिक मौके पर शिक्षा विभाग ने सभी स्कूलों, कॉलेजों और मदरसों में वंदे मातरम् का गायन अनिवार्य किया। आने वाले दिनों में सभी 31 जिलों में प्रभात फेरी, रैली, चित्रकला, रंगोली, निबंध लेखन सहित कई गतिविधियां आयोजित की जाएंगी ।

इस कार्यक्रम का उद्देश्य राष्ट्रभक्ति, स्वदेशी और राष्ट्रीय एकता की भावना को सुदृढ़ करना और नई पीढ़ी में देश के प्रति जागरूकता लाना है।