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चिकित्सा एवं स्वास्थ्य मंत्री ने जैसलमेर में नवनिर्मित मेडिकल कॉलेज का निरीक्षण कर व्यवस्थाओं का लिया जायजा
जयपुर, 8 नवम्बर। जैसलमेर में नवनिर्मित मेडिकल कॉलेज का चिकित्सा एवं स्वास्थ्य व जैसलमेर जिला प्रभारी मंत्री श्री गजेंद्र सिंह खींवसर ने शनिवार को  निरीक्षण कर निर्माण कार्यों एवं व्यवस्थाओं...

जयपुर, 8 नवम्बर। जैसलमेर में नवनिर्मित मेडिकल कॉलेज का चिकित्सा एवं स्वास्थ्य व जैसलमेर जिला प्रभारी मंत्री श्री गजेंद्र सिंह खींवसर ने शनिवार को  निरीक्षण कर निर्माण कार्यों एवं व्यवस्थाओं का जायजा लिया। चिकित्सा मंत्री ने संबंधित अधिकारियों से   कॉलेज भवन, अधोसंरचना एवं आगामी शैक्षणिक सत्र की तैयारियों के संबंध में विस्तृत ली और टाइमलाइन व गुणवत्ता की पालना के निर्देश दिए।।

जिला प्रभारी मंत्री ने कहा कि राज्य सरकार जनस्वास्थ्य को सर्वाेच्च प्राथमिकता देते हुए प्रदेश के प्रत्येक नागरिक को गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध करवाने के लिए निरंतर प्रयासरत है। शीघ्र ही जैसलमेर मेडिकल कॉलेज 50 विद्यार्थियों के प्रथम बैच से प्रारंभ होगा। कॉलेज परिसर में 345 बेड की क्षमता वाले अस्पताल एवं 50 बैड क्षमता के क्रिटिकल केयर यूनिट का निर्माण कार्य प्रगति पर है, जिसके पूर्ण होने पर आमजन को जैसलमेर जिले में ही उच्च स्तरीय चिकित्सा सेवाएं उपलब्ध होगी।

 श्री खींवसर ने कहा कि राज्य सरकार जैसलमेर, बीकानेर एवं बाड़मेर जैसे सीमावर्ती जिलों के सर्वांगीण विकास के लिए प्रतिबद्ध है एवं इन क्षेत्रों में स्वास्थ्य, शिक्षा एवं आधारभूत सुविधाओं के सुदृढ़ीकरण को सर्वाेच्च प्राथमिकता दी जा रही है।

निरीक्षण के दौरान जैसलमेर विधायक श्री छोटूसिंह भाटी, पूर्व विधायक डॉ. जितेंद्र सिंह, जिला कलक्टर श्री प्रताप सिंह, मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. राजेंद्र पालीवाल, सहायक निदेशक, सूचना एवं जनसंपर्क श्री प्रवीण प्रकाश चौहान, खेल अधिकारी श्री राकेश विश्नोई, श्री कंवराज सिंह चौहान सहित अन्य अधिकारी एवं जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे।

24 हजार 976 करोड़ व्यय कर 36 हजार 140 किलोमीटर सड़क बनाने का कीर्तिमान स्थापित
              जयपुर, 08 नवम्बर। मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में राज्य सरकार राजस्थान में सुगम एवं सुरक्षित यात्रा के लिए सड़कों के विकास कार्य को प्राथमिकता व गुणवत्तापूर्ण तरीके से पूरा...


              जयपुर, 08 नवम्बर। मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में राज्य सरकार राजस्थान में सुगम एवं सुरक्षित यात्रा के लिए सड़कों के विकास कार्य को प्राथमिकता व गुणवत्तापूर्ण तरीके से पूरा कर रही है। इसी क्रम में चरणबद्ध रूप से प्रदेश में राज्य राजमार्गों का निर्माण, सड़कों का क्रमोन्नयन, चौड़ाईकरण व सुदृढ़ीकरण, राष्ट्रीय राजमार्गों का विकास, आरओबी, आरयूबी व उच्चस्तरीय पुलों के निर्माण से राज्य के समग्र विकास को नवीन गति मिल रही है।

सड़कों के विकास के लिए 12 हजार 391 कार्य स्वीकृत

                मुख्यमंत्री के निर्देश पर प्रदेश में सड़कों के विकास पर 24 हजार 976 करोड़ रुपये व्यय कर 36 हजार 140 किलोमीटर सड़कों का विकास किया गया है। वहीं, 28 हजार 600 किलोमीटर लंबी सड़कों के विकास के लिए 14 हजार 816 करोड़ रुपये के 12 हजार 391 कार्य स्वीकृत किए गए हैं। ग्रामीण क्षेत्रों में सड़क तंत्र मजबूत बनाने की दिशा में 1 हजार 564 गांव और बसावटों को सड़कों से जोड़ा गया है। साथ ही,  3 हजार 543 किलोमीटर लंबाई की मिसिंग लिंक सड़कों के लिए 1 हजार 328 करोड़ रुपये की राशि स्वीकृत की गई है। इसी प्रकार, 327 अटल प्रगति पथों के निर्माण के लिए 813 करोड़ रुपये की राशि भी स्वीकृत की जा चुकी है।

              प्रदेश में 6 हजार 249 किमी के राज्य राजमार्गों का विकास

                प्रदेश में 22 माह से अधिक के कार्यकाल में मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा के विजन के अनुरूप राजमार्ग सुविधा को बेहतर बनाते हुए निरंतर इनका विकास एवं विस्तार किया जा रहा है। इसी क्रम में 8 हजार 194 करोड़ रुपये की लागत से 6 हजार 249 किलोमीटर लंबाई के राज्य राजमार्गों का विकास हो चुका है एवं 2 हजार 547 करोड़ रुपये की लागत से 8 राज्य राजमार्गों में कार्य प्रगति पर है। जिला मुख्यालय से संपर्क को सुगम बनाने के लिए 5 हजार किलोमीटर से अधिक लंबी सड़कों का मुख्य जिला सड़कों में क्रमोन्नयन किया गया है।

         राष्ट्रीय राजमार्ग हो रहे सुदृढ़, रेलवे क्रॉसिंग बन रही सुरक्षित

                राजस्थान में डबल इंजन की सरकार में राष्ट्रीय राजमार्गों का विकास हो रहा है। 600 किलोमीटर लंबाई के राष्ट्रीय राजमार्गों का चौड़ाईकरण व सुदृढ़ीकरण हो चुका है। 457 किलोमीटर लंबाई के राष्ट्रीय राजमार्गों को चौड़ा व सुदृढ़ करने का कार्य प्रगति पर है। रेलवे क्रॉसिंग को सुरक्षित बनाने के लिए प्रदेश में 10 आरओबी का निर्माण पूरा हो चुका है तथा 33 आरओबी का निर्माण प्रगति पर है। वहीं, 14 आरयूबी का निर्माण पूर्ण होने के साथ ही 14 आरयूबी का निर्माण प्रगति पर है। प्रदेश में 11 उच्च स्तरीय पुलों का निर्माण पूर्ण हो चुका है और 15 उच्च स्तरीय पुलों का निर्माण कार्य प्रगतिरत है।