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विधानसभा अध्यक्ष वासुदेव देवनानी ने दी 4 करोड़ रूपए के विकास कार्यों की सौगात
अजमेर उत्तर क्षेत्र में अब तक लगभग 60 करोड़ रुपए की लागत से 15 नालों का निर्माण पूरा किया जा चुका है।


जयपुर, 7 दिसम्बर। विधानसभा अध्यक्ष श्री वासुदेव देवनानी ने रविवार को अजमेर विकास प्राधिकरण द्वारा शहर के वार्ड 74 में आंतेड़ माता से पुराने मित्तल अस्पताल तक तथा आंतेड़ श्मशान के पास नाले के निर्माण कार्य का शुभारंभ किया । इस नाले का निर्माण लगभग 298 लाख 25 हजार रुपए की लागत से किया जाएगा। यह नाला  जलभराव और कच्चे नाले के टूटने से उत्पन्न हो रही समस्याओं को दूर करेगा। क्षेत्र में बरसात के दौरान नाले के ओवरफ्लो होने, बदबू फैलने तथा कचरा सड़क पर आने से नागरिकों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। 

श्री वासुदेव देवनानी ने कहा कि अजमेर उत्तर क्षेत्र में अब तक लगभग 60 करोड़ रुपए की लागत से 15 नालों का निर्माण पूरा किया जा चुका है। इससे क्षेत्र धीरे-धीरे जलभराव की समस्या से मुक्त हो रहा है। अजमेर तेज़ी से विकास की राह पर है और आधारभूत ढांचे के लिए सैकड़ों करोड़ रुपए के कार्य किए जा रहे हैं। राज्य के नक्शे पर अजमेर एक स्वच्छ, सुंदर और स्मार्ट शहर के रूप में उभर रहा है।

इसके पश्चात विधानसभा अध्यक्ष ने बजट घोषणा 2025-26 के अंतर्गत वार्ड 75 में स्वीकृत विभिन्न सड़क निर्माण कार्यों का भी शुभारंभ किया। उन्होंने कहा कि सड़कें किसी भी क्षेत्र के विकास की आधारशिला होती हैं। अच्छी सड़कें आवागमन को सुगम बनाने के साथ व्यापार, शिक्षा, स्वास्थ्य और दैनिक जीवन की गतिविधियों को गति देती हैं। उन्होंने कहा कि करणी नगर, विनायक नगर और स्टीफन स्कूल क्षेत्र में जिन सड़कों का निर्माण प्रारंभ किया गया है। वे स्थानीय निवासियों की कई वर्षों से लंबित मांग थी। इन सड़कों के निर्माण से क्षेत्रवासियों को अत्यधिक सुविधा मिलेगी और स्थानीय विकास को नई दिशा प्राप्त होगी।

श्री देवनानी ने कहा कि पारदर्शी और गुणवत्तापूर्ण निर्माण कार्य उनकी प्राथमिकता है और सभी विभागों को समयबद्ध एवं मानकों के अनुरूप कार्य पूरा करने के निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने कहा कि स्टीफन स्कूल के सामने सी ब्लॉक की क्षतिग्रस्त गलियों के पुनर्निर्माण पर 30 लाख रुपए, करणी नगर में भोम जी गुर्जर के मकान से डॉ. शैतान सिंह जी के मकान तक सड़क निर्माण पर 20 लाख रुपए तथा विनायक नगर की विभिन्न गलियों के निर्माण पर 45 लाख रुपए व्यय किए जाएंगे। इन कार्यों के पूरा होने से वार्ड 75 की कई कॉलोनियों में आवागमन अधिक सुगम और सुरक्षित होगा।

इस अवसर पर पार्षद रूबी जैन, पार्षद श्री रमेश चेलानी और श्री विक्रम सिंह राठौड़, अशोक शर्मा, दयाल राम सवासिया, रोहित भाट, शंकर सिंह, आदित्य जैन, चनेश धोलपुरिया सहित बड़ी संख्या में क्षेत्रवासी उपस्थित रहे।

शिक्षा मानवीय मूल्यों एवं चरित्र निर्माण का आधार – शिक्षा एवं पंचायतीराज मंत्री
टोंक के एक निजी रिसोर्ट में पीएम श्री विद्यालयों के प्रधानाचार्यो के आमुखीकरण कार्यशाला में मुख्य अतिथि

 शिक्षा एवं पंचायतीराज मंत्री श्री मदन दिलावर ने कहा कि शिक्षा मानवीय मूल्यों एवं चरित्र निर्माण का आधार होना चाहिए। शिक्षकों को किताबी ज्ञान के साथ बच्चों में व्यवहारिक ज्ञान देने के लिए सार्थक प्रयास करने होगें, ताकि हमारे बच्चे किसी भी स्तर पर पीछे नही रहें। हमारा दायित्व है कि बच्चों में सर्वांगीण शिक्षा का विकास हो तथा वह जिस क्षेत्र में भी जाये वहां अपने देश, समाज एवं परिवार का नाम रोशन करें। 

श्री दिलावर शनिवार को जिला मुख्यालय टोंक के एक निजी रिसोर्ट में पीएम श्री विद्यालयों के प्रधानाचार्यो के आमुखीकरण कार्यशाला में मुख्य अतिथि के रुप में संबोधित कर रहे थे। इस दौरान उन्होंने कहा कि राजस्थान में विगत दो वर्ष में शिक्षा में कई नवाचार किये गये है। इससे न केवल शिक्षा के स्तर में सुधार आया है, बल्कि बच्चों के नैतिक एवं व्यवहारिक ज्ञान में भी बढ़ोतरी हुई है। देश में राज्य ने शिक्षा के स्तर में सुधार को लेकर लंबी छलांग लगाई है। पहले यह 12 वें स्थान पर था, अब तीसरे स्थान पर पहुंच गया है। यह हमारी सरकार की शिक्षा के प्रति प्रतिबद्धता एवं संकल्प को दर्शाता है। 

उन्होंने शिक्षकों को संबोधित करते हुए कहा कि इस तीन दिवसीय आमुखीकरण कार्यशाला में समाज की अनेक प्रकार की समस्याओं के समाधान में मानवीय मूल्यों की आवश्यकता के बारे में बताया जाएगा। मानवीय मूल्यों की शिक्षा का उद्देश्य व्यक्तियों में प्रेम, करुणा, सत्य, अंहिसा, सम्मान और जिम्मेदारी जैसे गुणोें का विकास करना है, ताकि बच्चे नैतिक निर्णय ले सके। साथ ही भावनात्मक रुप से बुद्धिमान बनकर समाज व पर्यावरण के प्रति सकारात्मक योगदान दे सकें। 

इससे पूर्व कार्यशाला की शुरुआत मां शारदे की तस्वीर पर माल्यार्पण एवं वंदेमातरम गीत के साथ हुई। इस दौरान मुख्य कार्यकारी अधिकारी परशुराम धानका, जिलाध्यक्ष चन्दवीर सिंह चौहान, शिक्षा मंत्री के विशेषाधिकारी ओएसडी सतीश गुप्ता, दक्ष प्रशिक्षक डॉ. एसडी चारण, बृजकिशोर शर्मा, सीडीईओ सुबे सिंह यादव, जिला शिक्षा अधिकारी राजेश कुमार शर्मा समेत अजमेर एवं जयपुर संभाग के प्रधानाचार्य मौजूद रहें।  

मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा ने ‘फिट राजस्थान फिट इंडिया’ का दिया संदेश
मॉर्निंग वॉक पर मुख्यमंत्री, जवाहर सर्किल पार्क में वॉक के साथ आमजन से की मुलाकात

जयपुर, 06 दिसंबर। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने शनिवार सुबह जयपुर के जवाहर सर्किल पार्क में मॉर्निंग वॉक किया। उन्होंने ‘फिट राजस्थान-फिट इंडिया’ के संकल्प को आगे बढ़ाते हुए सभी को स्वस्थ एवं सक्रिय जीवनशैली अपनाने का संदेश दिया। 

इस दौरान पार्क में मौजूद लोगों ने भी कदमताल मिलाते हुए मुख्यमंत्री के साथ मॉर्निंग वॉक की। श्री शर्मा ने आत्मीयता के साथ आमजन से मुलाकात की और सेहत, दिनचर्या तथा जीवनशैली से जुड़े विषयों पर बातचीत की। 

मुख्यमंत्री ने जवाहर सर्किल पार्क स्थित मंदिर में दर्शन कर प्रदेश की खुशहाली, समृद्धि एवं जनकल्याण की कामना की। इसके बाद उन्होंने जूस पीते हुए आमजन के साथ चर्चा भी की।

इस दौरान मुख्यमंत्री ने बाबा साहेब डॉ. भीमराव अम्बेडकर के महापरिनिर्वाण दिवस पर हैप्पीनेस एवं फिटनेस गु्रप की ओर से आयोजित कार्यक्रम में डॉ. अम्बेडकर के चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित कर नमन किया। उन्होंने कहा कि बाबा साहेब ने समता और न्याय का जो मार्ग दिखाया है, वह सदैव देश और समाज को प्रगति और सद्भाव की ओर अग्रसर करता रहेगा।

7 दिवसीय शहरी समस्या समाधान शिविर 2025 17 से 24 दिसम्बर तक
प्रमुख शासन सचिव यूडीएच और स्वायत्त शासन विभाग के शासन सचिव ने ली संयुक्त बैठक

जयपुर, 4 दिसम्बर। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के कुशल नेतृत्व एवं नगरीय विकास एवं आवासन मंत्री श्री झाबर सिंह खर्रा के निर्देशन में राज्य सरकार द्वारा शहरी नागरिकों की समस्याओं के त्वरित एवं प्रभावी निस्तारण के उद्देश्य से 17 से 24 दिसम्बर तक 7 दिवसीय “शहरी समस्या समाधान शिविर-2025” आयोजित किए जाएंगे। शिविरों की तैयारियों को लेकर गुरुवार को नगरीय विकास एवं आवासन विभाग के प्रमुख शासन सचिव श्री देबाशीष पृष्टि तथा स्वायत्त शासन विभाग के शासन सचिव श्री रवि जैन ने डीएलबी मुख्यालय के सभागार में संयुक्त बैठक ली।

बैठक में दोनों विभागों के वरिष्ठ अधिकारियों ने शिविरों की रूपरेखा, क्रियान्वयन, मॉनिटरिंग तथा जनसुविधाओं को सुचारु रूप से सुनिश्चित करने संबंधी सभी बिंदुओं पर विस्तृत चर्चा कर आवश्यक दिशा निर्देश दिए ।उल्लेखनीय है कि इन शिविरों में शहरी सेवा शिविर-2025 के तहत दी गई सभी छूट एवं शिथिलताएँ यथावत लागू रहेंगी।

बैठक के दौरान प्रमुख शासन सचिव देबाशीष पृष्टि ने निर्देश दिए कि राज्य सरकार की मंशानुसार शहरी समस्या समाधान शिविर-2025 का आयोजन राज्य की प्रत्येक नगरीय निकाय एवं प्राधिकरण पर अनिवार्य रूप से किया जाए। उन्होंने स्पष्ट किया कि शिविरों में लंबित प्रकरणों के साथ-साथ प्राप्त होने वाले सभी नए आवेदनों का निस्तारण मौके पर किया जाना सुनिश्चित किया जाए। शिविर का समय प्रातः 10 बजे से सायं 5 बजे तक निर्धारित रहेगा और यदि किसी प्रकरण का कार्य निर्धारित समय तक लंबित रहता है तो शिविर को कार्य पूर्ण होने तक जारी रखा जाएगा।

शासन सचिव रवि जैन ने सभी नगरीय निकायों को निर्देशित किया कि शिविरों को अधिकतम परिणामकारी बनाने हेतु पूर्व-तैयारी से लेकर अंतिम निस्तारण तक सभी व्यवस्थाएँ मजबूत रखें। साथ ही अपने क्षेत्र से जुड़े जनप्रतिनिधियों से संवाद कर उस क्षेत्र के निवासियों की समस्याओं को दूर करने की कार्ययोजना तैयार करें ।

उन्होंने बताया की प्रमुख एवं फाॅलो अप शिविर में पट्टों से संबंधित प्रकरणों में 39 हजार 800 प्रकरणों का निस्तारण किया गया था इसी के साथ ही अन्य भूमि से संबंधित प्रकरणों में 20 हजार 888 प्रकरणों का निस्तारण भी किया गया। जिनमें नाम हस्तान्तरण के 10 हजार 30 प्रकरण, यू.डी. टैक्स के 3 हजार 987 प्रकरण, भवन मानचित्र के 3 हजार 554 प्रकरण, भूखण्डों के उप विभाजन एवं पुर्नगठन के 1 हजार 753 प्रकरण, निर्माण अवधि विस्तार के 776 प्रकरण, नगरीय विकास एवं आवासन मण्डल द्वारा ब्याज छूट देकर की गई वसूली के 365 प्रकरण तथा भू-उपयोग परिवर्तन के 423 प्रकरणों स्वीकृत किया गया तथा घर-घर कचरा संग्रहण के 43 हजार 269 प्रकरणों का भी निस्तारण एवं व्यक्तिगत घरेलू शौचालय के 4 हजार 977 आवेदनो का अनुमोदन कर प्रथम किश्त जारी करने के प्रकरण शामिल है।

बैठक में स्वायत्त शासन विभाग के निदेशक श्री प्रतीक जुईकर, अतिरिक्त निदेशक श्रीमती सीमा, मुख्य अभियंता श्री अरुण व्यास सहित सभी नगरीय निकायों और नगरीय विकास न्यास के उच्च अधिकारी उपस्थित रहे ।

शहीद समय सिंह गुर्जर का शौर्य और बलिदान सदैव याद रहेगा : जवाहर सिंह बेढ़म
बनावड़ में शहीद समय सिंह गुर्जर की मूर्ति का अनावरण

गृह राज्य मंत्री जवाहर सिंह बेढ़म एवं महवा विधायक श्री राजेन्द्र मीणा ने गुरुवार को दौसा जिले की मण्डावर तहसील क्षेत्र के बनावड़ गांव में शहीद समय सिंह गुर्जर की स्मृति में स्थापित प्रतिमा का अनावरण किया।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मंत्री श्री बेढ़म ने कहा कि शहीद समय सिंह गुर्जर का जीवन हम सबके लिए प्रेरणा का स्रोत है। उनका अदम्य साहस, वीरता, शौर्य और देश के प्रति समर्पण सदैव अमर रहेगा। उन्होंने कहा कि किसी भी राष्ट्र की असली शक्ति उसके सैनिक होते हैं, जो सीमाओं पर खड़े होकर दुश्मनों के नापाक मंसूबों को नेस्तनाबूद करते हैं। शहीद समय सिंह भी ऐसे ही जांबाज थे, जिन्होंने मातृभूमि की रक्षा के लिए अपने प्राण न्योछावर कर दिए। उन्होंने कहा कि सरकार शहीदों के परिजनों के सम्मान और कल्याण के लिए पूरी प्रतिबद्धता से कार्य कर रही है। शहीद परिवारों को हर संभव सहायता प्रदान की जा रही है और उनके बलिदान को अक्षय बनाने के लिए गांव-गांव में स्मारक और मूर्तियां स्थापित की जा रही हैं। यह सिर्फ सम्मान नहीं, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा का स्रोत है। 

कार्यक्रम में मंत्री श्री बेढ़म एवं महवा विधायक श्री राजेन्द्र मीणा ने शहीद की वीरांगना का शॉल ओढ़ाकर स्वागत किया।

गृह राज्य मंत्री ने शहीद के परिवारजनों से मिलकर उनकी कुशलक्षेम पूछी और कहा कि सरकार शहीद परिवारों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़ी है।  युवाओं को शहीद समय सिंह जैसे वीरों के जीवन से प्रेरणा लेकर राष्ट्र निर्माण में हिस्सा लेना चाहिए। कार्यक्रम के अंत में मंत्री और जनप्रतिनिधियों ने स्मारक पर पुष्प अर्पित कर शहीद को श्रद्धांजलि दी।

समारोह में बड़ी संख्या में ग्रामीण, युवा, महिलाएं, सामाजिक संगठनों के सदस्य और जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे।

हमारी सरकार दिव्यांगों को सशक्त करने के लिए संकल्पित- मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा
मुख्यमंत्री ने अंतरराष्ट्रीय दिव्यांगजन दिवस पर उत्कृष्ट कार्य करने वाले दिव्यांगजनों तथा संस्थाओं को किया सम्मानित

जयपुर, 3 दिसम्बर। मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा ने कहा कि आज खेल जगत से लेकर शिक्षा, विज्ञान, संगीत, कला और तकनीक सहित हर क्षेत्र में दिव्यांगजनों ने अपनी प्रतिभा साबित की है। इन्हें आगे बढ़ने के समान अवसर उपलब्ध करवाना हम सब की नैतिक जिम्मेदारी है। उन्होंने आमजन से अपील करते हुए कहा कि हम अपने आस-पास रह रहे दिव्यांगजनों की प्रतिभा को पहचानते हुए इनका पूरा सहयोग करें जिससे इनकी विशेष योग्यता का लाभ समाज को मिल सके तथा एक समावेशी समाज का निर्माण हो। उन्होंने कहा कि हमारा संकल्प है कि राजस्थान दिव्यांगजनों के लिए सबसे सुगम्य और संवेदनशील राज्य बने।  

श्री शर्मा बुधवार को हरीश चन्द्र माथुर लोक प्रशासन संस्थान (ओटीएस) में अंतरराष्ट्रीय दिव्यांगजन दिवस पर राज्य स्तरीय विशेष योग्यजन सम्मान समारोह को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने इस दौरान सम्मानित होने वाले विशेष योग्यजनों एवं संस्थानों को बधाई देते हुए कहा कि इससे विशेष योग्यजनों को सशक्त बनाने के संकल्प को गति मिलेगी। उन्होंने कहा कि संयुक्त राष्ट्र महासभा ने वर्ष 1992 में हर वर्ष 3 दिसंबर को अंतरराष्ट्रीय दिव्यांगजन दिवस मनाने की घोषणा की थी जिससे दिव्यांगजनों के अधिकारों की रक्षा, समान अवसर तथा समाज में समावेशी सोच का प्रसार हो।

विशेष योग्यजन की सफलता की कहानियां हम सभी के लिए प्रेरणा—

मुख्यमंत्री ने कहा कि विशेष योग्यजन अपने भीतर विशेष योग्यता रखते हैं। ये अपनी अदम्य इच्छाशक्ति, दृढ़संकल्प और मेहनत से हर सीमा को पार करने का साहस रखते हैं। इनमें वह हुनर और जज्बा होता है जो किसी सामान्य व्यक्ति में मुश्किल से मिलता है। उन्होंने कहा कि पैरालम्पिक में हमारे खिलाड़ियों ने देश और प्रदेश को जो सम्मान दिलाया है, वह उनकी ऊर्जा और क्षमता का प्रमाण है। इनकी सफलता की कहानियां हम सभी को प्रेरित करती हैं।

प्रधानमंत्री के सुगम्य भारत अभियान पहल से दिव्यांगजन हुए सशक्त—

श्री शर्मा ने कहा कि यशस्वी प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी की मंशा देश में एक ऐसे समावेशी समाज की स्थापना करना है जिसमें किसी व्यक्ति की शारीरिक चुनौतियां उसकी राष्ट्र निर्माण में भागीदारी के लिए बाधा न बन सकें। उन्होंने अपनी इसी सोच के साथ सुगम्य भारत अभियान जैसी ऐतिहासिक पहल की है। उन्होंने कहा कि केन्द्र सरकार द्वारा दिव्यांगजन अधिनियम के माध्यम से विकलांगता की परिभाषा को सात श्रेणियों से बढ़ाकर 21 श्रेणियों तक किया है। इसमें एसिड अटैक सरवाइवर को भी शामिल किया गया है। यह कानून दिव्यांगजनों को आत्मनिर्भर बनाने एवं सामाजिक धारणाओं को बदलने में मददगार साबित हो रहा है। 

दिव्यांगजन हमारे समाज की अमूल्य निधि—

मुख्यमंत्री ने कहा कि दिव्यांगजन हमारे समाज की अमूल्य निधि है। इनके कल्याण के लिए प्रदेश सरकार अनेक योजनाएं संचालित कर रही हैं। उन्होंने कहा कि राज्य में विशेष योग्यजन के लिए मोटराइज्ड ट्राई साइकिल, स्मार्टफोन, व्हील चेयर, ट्राई साइकिल, पेंशन इत्यादि से जुड़ी योजनाएं संचालित की जा रही हैं। हमने विद्यार्थियों एवं स्वरोजगार करने वाले दिव्यांगजनों को गत वर्ष 2 हजार स्कूटी वितरित की हैं तथा इस वर्ष दिव्यांगजनों को ढाई हजार स्कूटी वितरित की जा रही है। साथ ही, दिव्यांगजनों के लिए प्रदेशभर में विभिन्न क्लस्टर बनाए गए हैं। 

विशेष योग्यजनों का मैस भत्ता बढ़कर हुआ 3 हजार 250 रूपये—

श्री शर्मा ने कहा कि राज्य सरकार ने पिछले साल दिव्यांगजनों को 15 हजार अंग उपकरण वितरित किए थे और इस वर्ष 1 लाख अंग वितरण करने का लक्ष्य रखा गया है। उन्होंने कहा कि मस्क्यूलर डिस्ट्रॉफी जैसी दुर्लभ बीमारी से पीड़ित लोगों के जीवन को सुगम बनाने के लिए राज्य में पहली बार इलेक्ट्रिक पावर्ड व्हील चेयर का वितरण किया जा रहा है। साथ ही, विशेष योग्यजनों के लिए संचालित आवासीय संस्थानों का इस वर्ष से मैस भत्ता 2 हजार 500 से बढ़ाकर 3 हजार 250 रुपये प्रति आवासीय कर दिया गया है। 

सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री श्री अविनाश गहलोत ने कहा कि मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में दिव्यांगजनों के पुनर्वास, शिक्षा, स्वास्थ्य, विधिक सहायता एवं सामाजिक सुरक्षा के लिए राज्य सरकार द्वारा निरन्तर प्रयास किये जा रहे है। उन्होंने कहा कि दिव्यांगजनों का चिन्हीकरण एवं प्रमाणीकरण करवाकर यूनिक डिसेबिलिटी पहचान पत्र जारी करने में राजस्थान देशभर में अग्रणी राज्यों में शामिल है। 

इस दौरान मुख्यमंत्री ने उत्कृष्ट कार्य करने वाले दिव्यांगजनों को सम्मानित किया। साथ ही, उन्होंने विशेष योग्यजनों को स्मार्टफोन, श्रवण यंत्र एवं स्मार्ट केन भी वितरित किए। इससे पूर्व उन्होंने दिव्यांगजन द्वारा बनाए गए उत्पादों की प्रदर्शनी का अवलोकन भी किया। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने विशेष योग्यजनों को स्कूटी वितरण एवं अंग उपकरण भी वितरित किए।

इस अवसर पर संसदीय कार्य मंत्री श्री जोगाराम पटेल, अतिरिक्त मुख्य सचिव सामाजिक एवं न्याय अधिकारिता श्रीमती अपर्णा अरोड़ा, विशेष योग्यजन निदेशालय आयुक्त श्री इकबाल खान सहित अधिकारीगण एवं बड़ी संख्या में विशेष योग्यजन उपस्थित रहे।

हरियाणा कैबिनेट मंत्री कृष्ण लाल पंवार से डॉ. अभिषेक वर्मा की सौजन्य भेंट
समग्र विकास और सनातन संस्कृति पर चर्चा

आज हरियाणा सरकार के कैबिनेट मंत्री कृष्ण लाल पंवार ने डॉ. अभिषेक वर्मा से सौजन्य भेंट की। पंवार हरियाणा सरकार में पंचायती राज, विकास, और खनन विभाग के मंत्री हैं तथा भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता हैं। इस अवसर पर दोनों नेताओं के बीच हरियाणा के समग्र विकास, पंचायती राज संस्थाओं के सशक्तिकरण, ग्रामीण कल्याण एवं सनातन संस्कृति के संवर्धन से जुड़े महत्वपूर्ण विषयों पर गहन और सार्थक विचार-विमर्श हुआ।

डॉ. अभिषेक वर्मा ने इस दौरान यह भी कहा कि एनडीए गठबंधन के तहत शिवसेना (NDA) भाजपा के साथ कंधे से कंधा मिलाकर सामूहिक राष्ट्र निर्माण, सुशासन, और जन-कल्याण के एजेंडे को आगे बढ़ाने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि यह संवाद हरियाणा के विकास और भारत के उज्ज्वल भविष्य के लिए प्रेरणादायी और मार्गदर्शक सिद्ध होगा।

इस भेंट मुलाकात में दोनों नेताओं ने सनातन संस्कृति के संरक्षण और ग्रामीण कल्याण के क्षेत्र में संयुक्त प्रयासों की भी बात की। साथ ही, पूरे क्षेत्र के सामाजिक-आर्थिक उत्थान के लिए भविष्य में और भी सक्रिय कदम उठाने पर जोर दिया गया।

उद्योग, व्यापार, स्वास्थ्य, शिक्षा और विभिन्न क्षेत्रों की जानी-मानी हस्तियों के स्वागत के लिए तैयार राजस्थान
33 विशिष्ट मेहमान राजकीय अतिथि के तौर पर 'प्रवासी राजस्थानी दिवस' समारोह में होंगे शामिल

जयपुर, 3 दिसम्बर। मुख्यमंत्री भजन लाल शर्मा के दूरदर्शी नेतृत्व में राज्य सरकार द्वारा 10 दिसम्बर को आयोजित ‘प्रवासी राजस्थानी दिवस’ समारोह में उद्योग, व्यापार, शिक्षा, स्वास्थ्य, बैंकिंग, प्रशासन और अन्य विभिन्न क्षेत्रों की 33 जानी-मानी हस्तियां राजकीय अतिथि के तौर पर शामिल होंगी।

राजकीय अतिथियों के इस विशिष्ट सूची में वेदांता ग्रुप के चेयरमैन श्री अनिल अग्रवाल, श्री सीमेंट के चेयरमैन श्री हरि मोहन बांगुर, वेलस्पन लिविंग की सीईओ और मैनेजिंग डायरेक्टर श्रीमती दीपाली गोयनका, जेके सीमेंट के ज्वाइंट मैनेजिंग डायरेक्टर श्री माधव सिंघानिया, हिंदुस्तान जिंक की चेयरपर्सन श्रीमती प्रिया अग्रवाल, आनंद ग्रुप की चेयरपर्सन श्रीमती अंजलि सिंह, टीटागढ़ रेल सिस्टम्स के वाइस चेयरमैन, मैनेजिंग डायरेक्टर और सीईओ श्री उमेश चौधरी, DB कॉर्प लिमिटेड के प्रोमोटर और डायरेक्टर श्री गिरीश अग्रवाल, और मोतीलाल ओसवाल फाइनेंशियल सर्विसेज के मैनेजिंग डायरेक्टर और सीईओ श्री मोतीलाल ओसवाल जैसे कई बड़े नाम है।

‘प्रवासी राजस्थानी दिवस’ के तहत अलग-अलग क्षेत्रों में शानदार योगदान और उल्लेखनीय उपलब्धियाँ प्राप्त करने वाले इन 33 विशिष्ट लोगों को राजस्थान सरकार ने राजकीय अतिथि के रूप में इस समारोह में शामिल होने का आमंत्रण दिया है।  

इसके तहत, उद्योग जगत की कुछ अन्य प्रमुख हस्तियां जिन्हें राजकीय अतिथि के तौर पर इस समारोह में शामिल होने के लिए आमंत्रित किया गया है, उनमें प्रमुख हैं केईआई (KEI) लिमिटेड के चेयरमैन श्री अनिल गुप्ता, चौधरी ग्रुप के चेयरमैन श्री बिनोद चौधरी, नेशनल इंजीनियरिंग इंडस्ट्रीज लिमिटेड के प्रेसिडेंट और सीईओ श्री रोहित साबू, बोरोसिल रिन्यूएबल्स के एग्जीक्यूटिव चेयरमैन श्री प्रदीप कुमार खेरुका, सोमानी सेरामिक्स के चेयरमैन और मैनेजिंग डायरेक्टर श्री श्रीकांत सोमानी, और, बांग्लानाटक डॉट कॉम के फाउंडर डायरेक्टर श्री अमिताव भट्टाचार्य भी शामिल हैं।

इसके अलावा, अकादमिक जगत की विशिष्ट हस्तियों में प्रख्यात शिक्षाविद् और बिट्स, पिलानी के वाइस चांसलर प्रो. वी. रामगोपाल राव, आईआईएम उदयपुर के डायरेक्टर प्रो. अशोक बनर्जी, आईआईटी जोधपुर के डायरेक्टर प्रो. अविनाश कुमार अग्रवाल, दिल्ली पब्लिक स्कूल, संयुक्त अरब अमीरात के मैनेजिंग डायरेक्टर श्री दिनेश कोठारी, और नीति आयोग की विशिष्ट फेलो श्रीमती देबजानी घोष भी इस आयोजन में राजस्थान के राजकीय अतिथि के तौर पर ‘प्रवासी राजस्थानी दिवस 2025’ में शामिल होने के लिए आमंत्रित हैं।

जल की उपलब्धता राजस्थान के लिए अहम विषय है और इसी दृष्टि से इस क्षेत्र के कई विशेषज्ञ भी इस आयोजन में राजकीय अतिथि के तौर पर शामिल रहेंगे। इनमें हिंदुस्तान जिंक के सीईओ श्री अरुण मिश्रा, इकोलैब इंडिया के मैनेजिंग डायरेक्टर श्री मनीष खंडेलवाल, , वेओलिया वॉटर टेक्नोलॉजीज के सीनियर वाइस प्रेसिडेंट (साउथ एशिया) और इंजीनियरिंग एंड प्रोक्योरमेंट के एशिया-पैसिफिक रीजन लीडर श्री गोपाल मधुभूषण, नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ अर्बन अफेयर्स (NIUA) की डायरेक्टर डॉ. देबोलिना कुंडू, आयन एक्सचेंज (इंडिया) लिमिटेड के मैनेजिंग डायरेक्टर और सीईओ श्री इंद्रनील दत्त जैसी जानी-मानी हस्तियां जल संसाधन पर आयोजित विशेष सत्र में अपने विचार व्यक्त करेंगी।

इसके अलावा, इस समारोह में चिकित्सा एवं स्वास्थ्य क्षेत्र की जानी-मानी हस्तियां भी शामिल होंगी। इनमें डॉक्टर्स ऑफ राजस्थान इंटरनेशनल (DoRI) फाउंडेशन के प्रेसिडेंट और यूनिवर्सिटी ऑफ सेंट्रल फ्लोरिडा स्कूल ऑफ मेडिसिन असिस्टेंट प्रोफेसर (न्यूरोलॉजी) डॉ. जयवीर सिंह राठौर, स्टार हॉस्पिटल्स, हैदराबाद के क्लिनिकल डायरेक्टर और विभागाध्यक्ष (सर्जिकल ऑन्कोलॉजी) डॉ. विपिन गोयल, टाटा वन एमजी के चीफ फाइनेंशियल ऑफिसर श्री संजय झावर, और सीके बिड़ला हेल्थकेयर के सीईओ श्री विपुल जैन जैसे विशेषज्ञ स्वास्थ्य क्षेत्र पर होने वाले सत्र में अपने विचार व्यक्त करेंगे।

इनके अलावा, ‘प्रवासी राजस्थानी दिवस’ में बैंकिंग और टूरिज्म क्षेत्र के विशेषज्ञों और वरिष्ठ सरकारी अधिकारियों की भी राजकीय अतिथि के रूप में मौजूदगी रहेगी। इनमें एयू स्मॉल फाइनेंस बैंक के फाउंडर, एमडी और सीईओ श्री संजय अग्रवाल, वोल्वो ग्रुप इंडिया के प्रेसिडेंट और मैनेजिंग डायरेक्टर श्री कमल बाली, ईजमाइट्रिप के सह-संस्थापक और सीईओ श्री रिकांत पिट्टी, और विदेश मंत्रालय में ज्वाइंट सेक्रेटरी श्री महावीर सिंघवी शामिल हैं।

मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा द्वारा पिछले साल की गयी घोषणा के मद्देनजर ‘प्रवासी राजस्थानी दिवस’ का यह पहला आयोजन 10 दिसंबर को होने जा रहा है। इस समारोह के मंच पर इन विशिष्ट राजकीय अतिथियों की उपस्थिति एक महत्वपूर्ण अवसर है, जिसके तहत यह मंच राजस्थान और राज्य के प्रवासियों के बीच निरंतर संवाद कायम करने और राजस्थान के विकास और समृद्धि में प्रवासियों के सक्रिय सहयोग स्थापित करने का माध्यम बनेगा। साथ ही, कई सारे प्रवासी राजस्थानियों को उनकी उपलब्धियों हेतु सम्मानित भी किया जाएगा।

यूपी के वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी सुजीत पांडे को डीजीपी रैंक पर पदोन्नत किया गया
एक महत्वपूर्ण प्रशासनिक विकास में, वरिष्ठ भारतीय पुलिस सेवा (आईपीएस) अधिकारी सुजीत पांडे को उत्तर प्रदेश में पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) के प्रतिष्ठित पद पर पदोन्नत किया गया है। राज्य सरकार...

एक महत्वपूर्ण प्रशासनिक विकास में, वरिष्ठ भारतीय पुलिस सेवा (आईपीएस) अधिकारी सुजीत पांडे को उत्तर प्रदेश में पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) के प्रतिष्ठित पद पर पदोन्नत किया गया है। राज्य सरकार ने पदोन्नति आदेश जारी कर पांडे को पुलिस पदानुक्रम में शीर्ष पदों में से एक पर पदोन्नत किया।

पुलिसिंग में एक विशिष्ट कैरियर

अपनी अनुशासित कार्यशैली और मजबूत नेतृत्व कौशल के लिए जाने जाने वाले सुजीत पांडे ने अपने पूरे करियर में कई महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां संभाली हैं। एक उच्च सम्मानित अधिकारी, पांडे ने प्रभावी पुलिसिंग, रणनीतिक खुफिया हैंडलिंग और मजबूत फील्ड कमांड के लिए प्रतिष्ठा बनाई है।

उन्होंने पहले लखनऊ के पहले पुलिस आयुक्त के रूप में कार्य किया, एक ऐसा पद जिसने उत्तर प्रदेश के पारंपरिक पुलिसिंग मॉडल से आधुनिक आयुक्त प्रणाली में परिवर्तन में एक बड़ा कदम उठाया। अपने कार्यकाल के दौरान, उन्होंने अपराध नियंत्रण, महिला सुरक्षा और तीव्र शहरी पुलिसिंग पर केंद्रित कई सुधार लागू किए।

एडीजी लखनऊ जोन के रूप में कार्यरत

अपनी पदोन्नति से पहले, सुजीत पांडे लखनऊ ज़ोन के अतिरिक्त महानिदेशक (एडीजी) के रूप में कार्यरत थे, जो मध्य उत्तर प्रदेश के कई जिलों में कानून और व्यवस्था, अपराध की रोकथाम और परिचालन पुलिसिंग की देखरेख करते थे।

उनके प्रशासनिक अनुभव और क्षेत्र के प्रदर्शन को व्यापक रूप से डीजीपी रैंक तक उनकी पदोन्नति के पीछे महत्वपूर्ण कारकों के रूप में देखा गया था।

पदोन्नत होने वाले लखनऊ के दूसरे पूर्व कमिश्नर

विशेष रूप से, पांडे हाल के महीनों में डीजीपी रैंक पर पदोन्नत होने वाले दूसरे पूर्व लखनऊ पुलिस आयुक्त बन गए हैं। इससे पहले, लखनऊ के पुलिस आयुक्त के रूप में कार्य करने वाले एक अन्य प्रतिष्ठित अधिकारी डीके ठाकुर को भी डीजीपी स्तर पर पदोन्नत किया गया था।

यूपी पुलिस के वरिष्ठ नेतृत्व को मजबूत करना

सुजीत पांडे की पदोन्नति से उत्तर प्रदेश पुलिस विभाग की वरिष्ठ नेतृत्व टीम को और ताकत मिली है। उनकी नियुक्ति से चल रहे कानून-प्रवर्तन आधुनिकीकरण प्रयासों, बेहतर अपराध प्रबंधन और राज्य के सुरक्षा ढांचे के भीतर बेहतर समन्वय में योगदान मिलने की उम्मीद है।