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चौमूं के हाड़ौता में गुरुवार को होगी ‘नारी चौपाल’
सक्षम जयपुर अभियान एवं बेटी पढ़ाओ-बेटी बचाओ अभियान के तहत चौमूं के हाड़ौता में गुरुवार को होगी 'नारी चौपाल’

जयपुर, 04 नवंबर। मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा की मंशानुसार सक्षम जयपुर अभियान एवं बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ योजना के तहत जयपुर जिले के प्रत्येक उपखंड पर नारी चौपाल आयोजित की जा रही है। इसी कड़ी में 6 नवंबर को चौमूं के हाड़ौता स्थित राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय परिसर में चौपाल होगी। जिला कलक्टर डॉ. जितेन्द्र कुमार सोनी ने नारी चौपाल के सफल आयोजन के लिए संबंधित विभागों के अधिकारियों को जिम्मेदारियां सौंपी हैं एवं आयोजन में अधिक से अधिक महिलाओं एवं बालिकाओं की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करने के निर्देश जारी किये हैं।

कार्यक्रम के नोडल अधिकारी एवं  प्रशिक्षु आईएएस श्री मृणाल ने बताया कि इस कार्यक्रम का उद्देश्य महिलाओं को सशक्त एवं जागरूक बनाना है। नारी चौपाल में महिलाओं को सरकार की योजनाओं, अधिकारों और कल्याणकारी कार्यक्रमों की जानकारी दी जाएगी, साथ ही उनकी समस्याओं और सुझावों को भी सुना जाएगा।

महिला अधिकारिता विभाग के उपनिदेशक डॉ. राजेश डोगीवाल ने बताया कि मंगलवार को प्रातः 10 बजे से 2 बजे तक चलने वाली चौपाल में नुक्कड़ नाटक, मारवाड़ी गीत, आत्मरक्षा प्रशिक्षण सहित अन्य गतिविधियां आकर्षण का केन्द्र रहेंगी। 

 नारी चौपाल के माध्यम से समाज में लिंगानुपात सुधार, महिलाओं की गरिमा और सुरक्षा सुनिश्चित करने, तथा महिला सशक्तिकरण से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर संवाद किया जाएगा। इसके लिए केंद्र और राज्य सरकार की ओर से संचालित योजनाओं, नियमों और अधिनियमों का व्यापक प्रचार-प्रसार किया जाएगा ताकि समतामूलक समाज का निर्माण हो सके।

नारी चौपाल कार्यक्रमों में महिला एवं बाल विकास, चिकित्सा, शिक्षा, पुलिस, सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहेंगे। ये अधिकारी महिलाओं के साथ सीधा संवाद कर उन्हें स्वास्थ्य, शिक्षा, सुरक्षा, पोषण, स्वरोजगार और आत्मनिर्भरता जैसे विषयों पर जागरूक करेंगे। कार्यक्रम के दौरान महिलाओं को प्रेरित करने के लिए सफलता की कहानियाँ और अनुभव भी साझा किए जाएंगे। साथ ही चौपाल स्थल पर योजनाओं का लाभ दिलाने के लिए सहायता काउंटर भी लगाए जाएंगे, ताकि महिलाओं को मौके पर ही आवश्यक जानकारी और सहयोग मिल सके।

नारी चौपाल महिलाओं के लिए केवल संवाद का मंच नहीं होगा, बल्कि यह उन्हें आत्मविश्वास, मार्गदर्शन और प्रोत्साहन देने का अवसर भी प्रदान करेगा। इससे महिलाओं तक सरकार की योजनाएं अधिक प्रभावी ढंग से पहुँचेंगी और समाज में उनकी भागीदारी और अधिक मजबूत होगी। नारी चौपाल श्रृंखला से जिले की हजारों महिलाओं को सीधा लाभ मिलने की उम्मीद है। यह पहल महिला सशक्तिकरण की दिशा में एक महत्वपूर्ण पड़ाव सिद्ध होगी।

ग्लोबल राजस्थान एग्रीटेक मीट 2026(ग्राम) आधुनिक कृषि की दिशा में राजस्थान की बड़ी पहल
ग्लोबल राजस्थान एग्रीटेक मीट 2026(ग्राम) आधुनिक कृषि की दिशा में राजस्थान की बड़ी पहल

जयपुर, 4 नवम्बर। शासन सचिव कृषि एवं उद्यानिकी श्री राजन विशाल की अध्यक्षता में मंगलवार को पंत कृषि भवन के सभा कक्ष में ग्लोबल राजस्थान एग्रीटेक मीट 2026 की अंतर विभागीय कोर ग्रुप और FICCI अधिकारियों के साथ बैठक का आयोजन किया गया। 

बैठक में ग्राम 2026 के लिए संबंधित विभागों द्वारा नोडल अधिकारी नियुक्त करने, कार्यात्मक समितियों का गठन, समितियों के अधिकारियों का विभागवार नामांकन, अन्य विभागों की भूमिका और जिम्मेदारियों, विभागीय प्रदर्शनियों, सेमिनारों एवं बैठकों की योजनाओं पर विस्तार से चर्चा की गई। 

शासन सचिव कृषि एवं उद्यानिकी ने बताया कि सभी विभाग ग्राम 2026 के आयोजन में अपनी अपनी जिम्मेदारियों को पूर्ण सतर्कता से समय पर पूरा करें एवं कार्यक्रम में आने वाले किसानों को किसी भी प्रकार की परेशानियों का सामना न करना पड़े। राजस्थान सरकार द्वारा आयोजित ग्लोबल राजस्थान एग्रीटेक मीट 2026 का आयोजन भव्य रूप से जयपुर एग्जीबिशन एंड कन्वेंशन सेंटर जेईसीसी सीतापुरा, जयपुर में किया जा रहा है।

इस आयोजन का मुख्य उद्देश्य किसानों, कृषि वैज्ञानिकों, नीति निर्माताओं और निवेशकों को एक सांझा मंच पर ला कर कृषि क्षेत्र में नवाचार, तकनीकी की प्रगति और निवेश को प्रोत्साहित करना है। शासन सचिव ने बताया कि ग्लोबल राजस्थान एग्रीटेक मीट में प्रदेश की सभी ग्राम पंचायतों से 50 हजार किसान भाग लेंगे। 

ग्राम 2026 में ग्रामीण एवं कृषि क्षेत्र में नवीन तकनीकी आधारित कृषि प्रणाली, मूल्य संवर्धन और निर्यातोन्मुख उत्पादन को बढ़ावा देना है इसके तहत किसानों को नवीनतम कृषि उपकरणों, फसल प्रबंधन और कृषि विपणन से संबंधित संपूर्ण जानकारियां साझा की जायेगी। राजस्थान के लिए कृषि क्षेत्र में उपयोगी विश्व स्तरीय तकनीकी हस्तानांतरण हेतु विदेशों में रोड शो आयोजित किये जायेंगे। ‘किसान सशक्तीकरण ही ग्रामीण विकास की पूंजी है’। इसी ध्येय के साथ ग्राम एग्रीटेक मीट के माध्यम से राज्य सरकार खेती को व्यावसायिक दृष्टिकोण से आगे बढ़ाने, कृषि निर्यात बढ़ाने और ग्रामीण युवाओं को कृषि उद्यमिता की ओर प्रेरित करने के लिए एक ठोस पहल है। 

बैठक में आयुक्त कृषि एवं उद्यानिकी सुश्री चिन्मयी गोपाल, निदेशक जल गृहण विकास एवं भू-जल संरक्षण विभाग श्री मुहम्मद जुनैद पीपी, प्रबंध निदेशक राजस्थान राज्य बीज निगम लिमिटेड श्री अरविंद शर्मा, अतिरिक्त निदेशक कृषि (अनुसंधान) श्री अजय कुमार पचौरी सहित संबंध विभागों एवं FICCI के अधिकारी मौजूद रहे।

अनुजा पोर्टल पर ऋण के लिए आवेदन की अन्तिम तिथि अब 30 नवम्बर 2025
जयपुर, 04 नवम्बर।  राजस्थान अनुसूचित जाति जनजाति वित्त एवं विकास सहकारी निगम लि. जयपुर, राष्ट्रीय वित्त एवं विकास निगमों के सौजन्य से क्रियान्वित अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, सफाई कर्मचारी वर्ग,...

जयपुर, 04 नवम्बर।  राजस्थान अनुसूचित जाति जनजाति वित्त एवं विकास सहकारी निगम लि. जयपुर, राष्ट्रीय वित्त एवं विकास निगमों के सौजन्य से क्रियान्वित अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, सफाई कर्मचारी वर्ग, अन्य पिछडा वर्ग एवं दिव्यांगजन को विभिन्न उद्योग, व्यवसाय एवं सेवा कार्य में आर्थिक सहायता उपलब्ध कराने हेतु अनुजा पोर्टल पर ऋण के लिए आवेदन करने की अंतिम तिथि को बढ़ाकर 30 नवम्बर 2025 कर दिया गया है। पहले यह तिथि 31अक्टूबर 2025 थी।

निगम की  कार्यवाहक परियोजना प्रबंधक प्रियंका चौहान ने बताया कि इच्छुक आवेदक ऑनलाइन एसएसओ आईडी के माध्यम से  30 नवम्बर 2025 तक अनुजा पोर्टल पर आवेदन कर सकते हैं। विस्तृत जानकारी के लिए स्थानीय पंचायत समिति, नगरपालिका कार्यालय या अनुजा निगम से सम्पर्क किया जा सकता है।

प्रधानमंत्री ने देश के मिशन लाइफ द्वारा  समय-सम्मानित संरक्षण तौर-तरीकों को पुनर्जीवित करने सम्‍बंधी लेख साझा किया
प्रधानमंत्री ने देश के मिशन लाइफ द्वारा समय-सम्मानित संरक्षण तौर-तरीकों को पुनर्जीवित करने सम्‍बंधी लेख साझा किया

प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने आज केंद्रीय मंत्री श्री भूपेन्द्र यादव द्वारा लिखे गए लेख को साझा किया है। लेख में बताया गया है कि किस प्रकार भारत का मिशन लाइफ (पर्यावरण के लिए जीवनशैली) तमिलनाडु की एरी टैंक प्रणालियों से लेकर राजस्थान के जोहड़ों तक, समय-सम्मानित संरक्षण तौर-तरीकों को पुनर्जीवित कर रहा है और साथ ही उन्हें पृथ्‍वी की सेवा के सचेत कार्यों के रूप में पुनः परिभाषित कर रहा है। श्री मोदी ने कहा, “उन्होंने भारत के इस संदेश पर प्रकाश डाला है कि वास्तविक स्थिरता बातचीत से नहीं, बल्कि पोषण से शुरू होती है।”

केंद्रीय मंत्री श्री भूपेंद्र यादव द्वारा एक्स पर पोस्ट किए गए एक पोस्ट पर प्रतिक्रिया देते हुए श्री मोदी ने लिखा:

इस अवश्य पढ़े जाने वाले लेख में, केंद्रीय मंत्री श्री @byadavbjp लिखते हैं कि भारत का मिशन लाइफ (पर्यावरण के लिए जीवनशैली) तमिलनाडु की एरी टैंक प्रणालियों से लेकर राजस्थान के जोहड़ों तक, समय-सम्मानित संरक्षण तौर-तरीकों को पुनर्जीवित करता है, तथा उन्हें पृथ्‍वी की सेवा के सचेत कार्यों के रूप में पुनः परिभाषित करता है।

उन्होंने भारत के इस संदेश पर प्रकाश डाला कि वास्तविक स्थायित्व बातचीत से नहीं, बल्कि पोषण से शुरू होता है।”

जिला निर्वाचन अधिकारी अभिषेक सुराणा ने सरदारशहर के मेहरी व डालमाण में घर-घर जाकर एसआईआर – 2026 कार्य का किया अवलोकन, एसआईआर – 2026 के बारे में दी जानकारी
चूरू, 04 नवंबर। जिला निर्वाचन अधिकारी अभिषेक सुराणा ने मंगलवार को जिले के सरदारशहर विधानसभा क्षेत्र के मेहरी व डालमाण में मतदाता सूचियां के विशेष गहन पुनरीक्षण कार्यक्रम – 2026...

चूरू, 04 नवंबर। जिला निर्वाचन अधिकारी अभिषेक सुराणा ने मंगलवार को जिले के सरदारशहर विधानसभा क्षेत्र के मेहरी व डालमाण में मतदाता सूचियां के विशेष गहन पुनरीक्षण कार्यक्रम – 2026 को लेकर बीएलओ द्वारा घर-घर जाकर मतदाताओं से किया जा रहे संपर्क एवं इनुमेरेशन फॉर्म वितरण संग्रहण कार्य का अवलोकन किया तथा समुचित दिशा – निर्देश दिए।

इस अवसर पर उन्होंने मतदाताओं से तथा स्थानीय नागरिकों से एसआईआर को लेकर चर्चा की तथा एसआईआर के बारे में विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने मतदाताओं व उपस्थित जनों से एसआईआर को लेकर भ्रामक व तथ्यरहित सूचनाओं, भ्रांतियों  आदि पर विश्वास नहीं करने तथा बीएलओ का सहयोग करने एवं एसआईआर के दौरान अधिकतम भागीदारी निभाने की अपील की।

निर्वाचन रजिस्ट्रीकरण पदाधिकारी (एसडीएम) रामकुमार वर्मा ने विधानसभा क्षेत्र में एसआईआर गतिविधियों की जानकारी दी।
उपस्थित बीएलओ ने एसआईआर गतिविधियों को लेकर किए जा रहे कार्यों, मतदान केंद्रों पर मतदाताओं आदि के बारे में जानकारी दी।

राज्यपाल श्री हरिभाऊ बागडे ने जनजातीय स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों पर आधारित प्रदर्शनी का उद्घाटन एवं अवलोकन किया
राज्यपाल श्री हरिभाऊ बागडे ने गोविंद गुरु जनजातीय विश्वविद्यालय में “राष्ट्रीय एकात्मता” विषयक राष्ट्रीय संगोष्ठी का उद्घाटन किया - जनजातीय स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों पर आधारित प्रदर्शनी का उद्घाटन एवं अवलोकन...

जयपुर, 4 नवम्बर। राज्यपाल एवं कुलाधिपति श्री हरिभाऊ बागडे ने मंगलवार को गोविंद गुरु जनजातीय विश्वविद्यालय, बांसवाड़ा में “राष्ट्रीय एकात्मता : विविधता में एक चेतना” विषय पर एक दिवसीय राष्ट्रीय संगोष्ठी का उद्घाटन किया। उन्होंने संगोष्ठी के अंतर्गत जनजातीय स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों पर आधारित प्रदर्शनी का उद्घाटन एवं अवलोकन किया।

राज्यपाल श्री हरिभाऊ बागडे ने अपने उद्बोधन में कहा कि  राष्ट्र अनेक भाषा, संस्कृति, मतों, परंपराओं से मिलकर बनता है। राष्ट्र की एक सीमा होती है। राष्ट्र में उस देश का नागरिक रहता है। कोई दूसरे देश का नागरिक आता है तो उसे उस देश की नागरिकता लेनी पड़ती है। संगठित जनसमुदाय, निश्चित भूभाग, संस्कृति, परंपरा, एकता की भावना हमें एक सूत्र में बांधती है।  देश के नागरिकों में देश के मूल्यों, आदर्शों, मातृभूमि, समुदाय के प्रति निष्ठा और प्रेम होना चाहिए। उन्होंने कहा कि एकता की भावना सिर्फ बातों में नहीं व्यक्ति के कर्मों में भी होनी चाहिए।

जनजातीय स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों पर आधारित प्रदर्शनी का उद्घाटन
जनजातीय स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों पर आधारित प्रदर्शनी का उद्घाटन

उन्होंने कहा कि देश जब बनता है तब एक देश से दूसरा देश बन जाता है। कारण अलग-अलग होते हैं। उन्होंने कहा कि हमारे विघटन, हमारी गरीबी, हमारे एकसंघ नहीं होने का लाभ उठाकर अंग्रेजों ने देश कर अतिक्रमण कर लिया। वह हमने अंग्रेजों से वापस लिया। भारत से अनेक देश बने अफगानिस्तान, श्रीलंका, नेपाल, भूटान, पाकिस्तान और बांग्लादेश। एक राष्ट्र विकसित बनता है जब नागरिक एकजुट होकर देशप्रेम के साथ अपना सर्वस्व अर्पण करते हैं। नागरिक अपनी शक्ति, बुद्धि, त्याग, आर्थिक स्वावलंबन से देश को विकसित बनाते हैं।

राज्यपाल श्री हरिभाऊ बागडे
राज्यपाल श्री हरिभाऊ बागडे

उन्होंने कहा कि भारत दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्थाओं में से हैं। पहले गांव में कच्चे मकान होते थे जो अब पक्के बन गए हैं क्योंकि लोगों के पास पैसा आया है। देश की अर्थव्यवस्था का विकास हुआ है। उन्होंने कहा कि रामायण और महाभारत हमारी संस्कृति का मूल है। राम का नाम सभी भाषाओं में है। भजन – कीर्तन, व्याख्यान, भाषण, शिक्षण अलग-अलग भाषाओं में होता है मगर देवधर्म सबका एक ही है। एक ही गणेशजी की आरती अनेक भाषाओं में होती है मगर सबका भाव एक ही होता है। अनेक भाषा, खान-पान, वेशभूषा अलग-अलग होने के बावजूद हम सब एक हैं। हमारी संस्कृति ‘ भाषा अनेक – भाव एक’, ‘ पथ अनेक – गंतव्य एक’ की है।  

पूर्व महापौर मुनेश गुर्जर के पास आय से 315% ज्यादा संपत्ति, ACB ने 2 साल बाद दर्ज किया केस, पति का भी नाम
भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (ACB) ने नगर निगम हेरिटेज की पूर्व महापौर मुनेश गुर्जर और उनके पति सुशील गुर्जर के खिलाफ आय से अधिक संपत्ति (DA) का केस दर्ज किया है.

भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (ACB) ने जयपुर नगर निगम हेरिटेज (Jaipur Heritage) की पूर्व महापौर मुनेश गुर्जर (Munesh Gurjar) और उनके पति सुशील कुमार गुर्जर (Sushil Gurjar) के खिलाफ एक बड़ा केस दर्ज किया है. एसीबी ने यह कार्रवाई करीब 2 साल की लंबी जांच के बाद की है.

33 महीनों में 315% ज्यादा संपत्ति

एसीबी की जांच में सामने आया है कि मुनेश गुर्जर ने अपने महापौर कार्यकाल (10 नवंबर 2020 से 4 अगस्त 2023) के सिर्फ 33 महीनों में अपनी कमाई से कहीं ज्यादा संपत्ति जमा कर ली. इस दौरान मुनेश और उनके पति की कुल वास्तविक आय (वेतन और ब्याज सहित) लगभग ₹50.57 लाख थी. लेकिन इस दौरान उन्होंने कुल 2 करोड़ 9 लाख रुपये की संपत्ति बना ली. यह उनकी वैध आय से 315 प्रतिशत अधिक है. एसीबी को 1.59 करोड़ रुपये की आय से अधिक संपत्ति मिली है.

मेयर बनने से पहले (10 नवंबर 2020) उनके पास लगभग ₹23.84 लाख की संपत्ति थी, जो रिश्वत मामले का खुलासा होने तक बढ़कर ₹2.09 करोड़ हो गई.

पति सुशील गुर्जर पर भी केस

एसीबी ने आय से अधिक संपत्ति (Disproportionate Assets) का यह मामला मेयर मुनेश गुर्जर के साथ-साथ उनके पति सुशील कुमार गुर्जर पर भी दर्ज किया है. जांच में सामने आया है कि सुशील गुर्जर के कई बैंक अकाउंट में बड़े लेन-देन हुए हैं. याद रहे, मुनेश गुर्जर पहले ‘पट्टे देने के एवज में रिश्वत’ लेने के मामले में फंसी थीं. अब एसीबी ने आय से अधिक संपत्ति अर्जित करने के लिए उनके पद के दुरुपयोग को आधार मानते हुए यह केस दर्ज किया है. मामले की आगे की जांच ASP संदीप सारस्वत को सौंपी गई है.

ग्रामीण सेवा शिविर-2025 मुख्यमंत्री की संवेदनशीलता से मिल रही आमजन को राहत 
ग्रामीण सेवा शिविर-2025 मुख्यमंत्री की संवेदनशीलता से मिल रही आमजन को राहत -307 शिविरों में हजारों परिवारों को घर बैठे मिला लाभ -5415 परिवारों को प्रधानमंत्री स्वामित्व पट्टे मिले, 226...

श्रीगंगानगर, 4 नवम्बर। राजस्थान के माननीय मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा की मंशा के अनुसार ग्रामीणों की समस्याओं का निदान गांव में ही हो, इस बात को लेकर सरकार द्वारा ग्रामीण सेवा शिविर 2025 जारी हैं। इसी के फलस्वरूप श्रीगंगानगर जिले में 17 सितम्बर 2025 से प्रारम्भ हुए 307 शिविरों में अब तक जहां हजारों परिवारों को घर बैठे लाभ मिल रहा है, वहीं पर ग्रामीणों की समस्याओं का निदान हो रहा है। 

जिला कलक्टर डॉ. मंजू ने बताया कि राजस्व विभाग द्वारा अब तक जारी शिविरों में 133 नामांतकरण, 1523 शुद्धि निस्तारण, 26 खातेदारी, 826 लम्बित फार्मर रजिस्ट्री, 226 सहमति बंटवारा, 3341 मूल निवास, 5506 जाति प्रमाण पत्र व 74 कुर्रेजात रिपोर्ट तैयार कर लाभ दिया गया। ग्रामीण एवं पंचायती राज विभाग द्वारा 5415 परिवारों को प्रधानमंत्री स्वामित्व योजना के तहत पट्टे दिये गये। 114 सामुदायिक शौचालय स्वीकृत, स्वच्छ भारत मिशन ग्रामीण के तहत 2560 स्वीकृतियां, पंडित दीनदयाल उपाध्याय गरीबी मुक्त गांवों के तहत 567 बीपीएल परिवारों का सर्वे, 190 को विश्वकर्मा पेंशन योजना का लाभ दिया गया। 

ग्रामीण सेवा शिविरों में 616 त्रुटिपूर्ण मीटर सुधार, विद्युत सप्लाई से संबंधित 795 का निस्तारण, 17 ट्रांसफार्मर बदले, वहीं पर 671 स्थानों पर ढीले तारों को ठीक किया गया। मातृ वंदना योजना में 1336 महिलाओं का पंजीकरण तथा 5760 महिलाओं की पोषण ट्रैकर के लिये ई-केवाईसी की गई। 1661 का टीकाकरण, 18889 टीबी रोग स्क्रीनिंग, 285 को पोषण किट वितरित, 2009 महिलाओं की प्रसव पूर्व जांच तथा 10474 महिलाओं की ब्रेस्ट सर्वाइकल कैंसर स्क्रीनिंग की गई। 

शिविरों में 9520 पशुपालकों के पशुओं का मुख्यमंत्री मंगला पशु बीमा योजना का लाभ दिया, वहीं पर 44288 पशुओं का टीकाकरण किया गया। शिविरों में 8903 किसानों को मिनी बीज किट वितरित की गई। 24095 किसानों को प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना की बीमा पॉलिसी वितरित कर लाभ दिया गया। 751 परिवारों को एनएफएसए के तहत निस्तारण, 16836 की ई-केवाईसी, 8541 की आधार सीडिंग तथा 14658 परिवारों की एलपीजी आईडी मैप की गई। 

शिविरों में 123 नागरिकों को अटल पेंशन स्वीकृत, 359 नागरिकों को प्रधानमंत्री जन-धन योजना का लाभ, जन-धन योजना में पुनः सत्यापित बैंक खाते 2656 एवं 683 को प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा योजना तथा 810 को प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा योजना का लाभ दिया गया। शिविरों में 1772 परिवारों का पालनहार योजना में सत्यापन किया गया। कामगारों को 197 टूलकिट वितरित किये गये, वहीं पर वन विभाग द्वारा 64067 पौधे लगाये गये।

नशा मुक्त श्रीगंगानगर अभियान जागरूकता कार्यशाला में युवाओं ने ली नशा मुक्त जीवन और ट्रेफिक नियमों का पालन करने की शपथ
जागरूकता कार्यशाला में युवाओं ने ली नशा मुक्त जीवन और ट्रेफिक नियमों का पालन करने की शपथ 

जागरूकता कार्यशाला में युवाओं ने ली नशा मुक्त जीवन और ट्रेफिक नियमों का पालन करने की शपथ 

श्रीगंगानगर, 4 नवंबर। जिला कलक्टर डॉ. मंजू एवं पुलिस अधीक्षक डॉ. अमृता दुहन के नेतृत्व में जारी नशा मुक्त श्रीगंगानगर अभियान के तहत सेक्रेट हार्ट पब्लिक स्कूल के संयुक्त तत्वावधान में नशा मुक्ति एवं ट्रेफिक जागरूकता कार्यशाला का आयोजन किया गया। 

कार्यक्रम में ट्रैफिक पुलिस के एसआई श्री दिलबाग सिंह, एचएम श्री राधेश्याम तथा सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग के श्री विक्रम ज्याणी उपस्थित रहे। कार्यशाला में श्री विक्रम ज्याणी ने कहा कि नशा कोई फैशन नहीं, विनाश का कारण है अगर यह पीढ़ी नशे से मुक्त होकर ट्रैफिक अनुशासन को जीवन का हिस्सा बना ले, तो भारत को जिम्मेदार नागरिकों वाला राष्ट्र बनने से कोई नहीं रोक सकता। उन्होंने कहा कि हर नागरिक का कर्तव्य है कि वह अपने आसपास के समाज को नशे के प्रलोभन से बचाए। 

एसआई श्री दिलबाग सिंह ने विद्यार्थियों से कहा कि हजारों लोग सड़क दुर्घटना में अपने रिश्तों को खो चुके हैं किसी परिवार ने दुर्घटना में अपना बेटा या पिता खोया है, किसी ने भाई वही दर्द समझ सकता है, जिसका कोई अपना गया हो। इसलिए ट्रैफिक नियम कोई बंधन नहीं बल्कि जीवन रक्षा का संकल्प हैं। राधेश्याम ने ट्रैफिक जागरूकता के बारे में बताते हुए कहा कि हेलमेट सिर्फ आपके सिर की नहीं, आपके पूरे परिवार की सुरक्षा करता है। 

कार्यक्रम के अंत में विद्यालय के प्रधानाध्यापक ने सभी का आभार व्यक्त किया। सभी विद्यार्थियों, शिक्षकों एवं उपस्थितजनों ने नशा मुक्ति की शपथ ली और यह संकल्प लिया कि वे स्वयं नशा नहीं करेंगे, दूसरों को भी नशे से दूर रहने की प्रेरणा देंगे। साथ ही ट्रैफिक नियमों का पालन करने और दूसरों को भी इसके लिए प्रेरित करने की शपथ ली गई। 

विभागीय अधिकारियों, कार्मिकों के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति के तहत होगी कार्रवाई-मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा
शराब पीकर वाहन चलाने वाले का हो लाइसेंस रद्द, हाईवे के आस-पास अतिक्रमण तुरंत हटाएं, प्रदेश में अवैध कटों को बंद किया जाए, ओवरलोडिंग के खिलाफ हो सख्त कार्रवाई- समय...


जयपुर, 03 नवम्बर। मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा ने कहा कि राज्य सरकार प्रदेश में यातायात एवं सड़क सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत और प्रभावी बनाने के लिए निरंतर कार्य कर रही है। उन्होंने परिवहन, पुलिस और सार्वजनिक निर्माण विभाग को संयुक्त रूप से प्रदेशभर में मंगलवार (4 नवम्बर) से आगामी 15 दिन तक सड़क सुरक्षा अभियान चलाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि यातायात नियमों की पालना सुनिश्चित करवाने के साथ ही दुर्घटनाओं में जनहानि को रोकने के लिए सभी संबंधित विभाग मिलकर कार्य करें। 

श्री शर्मा सोमवार को मुख्यमंत्री निवास पर टैªफिक एवं सड़क सुरक्षा को लेकर उच्च स्तरीय बैठक की अध्यक्षता कर रहे थे। उन्होंने जिला सड़क सुरक्षा समिति की नियमित बैठक नहीं लेने वाले जिला कलक्टर्स से जवाब लेने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि भारी वाहन लाइसेंस नवीनीकरण के समय प्रस्तुत की जाने वाली आंखों की जांच रिपोर्ट गलत पाए जाने पर उसे जारी करने वाले संबंधित डॉक्टर के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाए। 

ओवरस्पीड के बार-बार चालान होने पर लाइसेंस हो निरस्त-

मुख्यमंत्री ने परिवहन और पुलिस विभाग को निर्देश दिए कि शराब पीकर वाहन चलाने और ओवरस्पीड के बार-बार चालान होने पर वाहन चालक का लाइसेंस निरस्त किया जाए। उन्होंने सड़क सुरक्षा अभियान के तहत प्रदेश में चिन्हित ब्लैक स्पॉटों को शीघ्र ठीक करवाने एवं राष्ट्रीय व राज्य राजमार्गाें पर अवैध कट को शीघ्र बंद करने के लिए अधिकारियों को निर्देशित किया। उन्होंने जयपुर-कोटा, जयपुर-दिल्ली, जयपुर-अजमेर व जयपुर-भरतपुर हाईवे पर वाहन चालकों के लिए नवीन आरामस्थलों के लिए जमीन चिन्हित कर बनवाने के निर्देश दिए। 

अवैध ढाबों व पार्किंग के खिलाफ हो कठोरतम कार्रवाई- 

श्री शर्मा ने एनएचएआई के अधिकारियों को राजस्थान में भारतमाला राष्ट्रीय राजमार्ग और दिल्ली-मुंबई औद्योगिक कॉरिडोर के किनारे समस्त अवैध निर्माणों व ढाबों को शीघ्र हटाने के निर्देश दिए। उन्होंने सभी राष्ट्रीय एवं राज्य राजमार्गों पर सभी संकेतक तथा विशेष रूप से राष्ट्रीय राजमार्गाें पर आराम स्थल, ट्रक ले-बाई और स्लिप लाइन के संकेतकों के निश्चित स्थान पर लगे होने को सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि हाईवे पर तय स्थानों को छोड़कर वाहन रोकने वाले चालकों के खिलाफ चालान की कार्रवाई की जाए। उन्होंने कहा कि इन कार्यों की निगरानी अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक स्तर के अधिकारी करें।

चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग दुर्घटना में इमरजेंसी केयर व्यवस्था को बनाए सुदृढ़-

मुख्यमंत्री ने चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग को निर्देशित किया कि दुर्घटना की स्थिति में घायलों को एडवांस लाइफ सपोर्ट एम्बुलेंस के जरिए अस्पताल तक पहुंचाया जाए। उन्होंने आगामी 15 नवम्बर से 15 फरवरी तक प्रदेश में ट्रक चालकों की आंखों की जांच करने के भी निर्देश दिए। उन्होंने परिवहन विभाग को वाहन चालकों से ओवरटाइम ड्राइविंग करवाने पर ट्रांसपोर्ट कम्पनियों की जिम्मेदारी तय कर कठोरतम कार्रवाई करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि आगामी सर्दी के मौसम में कोहरे के कारण सड़क पर वाहन चालकों के लिए जरूरी स्थानों पर रिफलक्टर्स लगाए जाएं। साथ ही, सड़क किनारे पेड़ और झाड़ियों की कटाई भी की जाए। 

यातायात नियमों का उल्लंघन करने वाले मार्गों पर तैनात करें इंटरसेप्टर-

श्री शर्मा ने कहा कि सभी जिला कलक्टर और जिला पुलिस अधीक्षक अवैध कटों को बंद कराने के लिए विशेष कार्रवाई करें एवं सार्वजनिक निर्माण विभाग सभी व्यस्ततम राज्य राजमार्गों के अवैध कटों पर रेलिंग लगाए। उन्होंने परिवहन विभाग को हाईवे पर गलत दिशा से आने वाले वाहनों पर कठोरतम कार्रवाई करने के लिए निर्देशित किया। उन्होंने कहा कि हाईवे पर इंटरसेप्टर तैनात कर यातायात नियमों का उल्लंघन करने वाले चालकों के खिलाफ कार्रवाई की जाए। 

नो एंट्री जोन में भारी वाहन आने पर हो सख्त कार्रवाई- 

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में नो एंट्री जोन में गलत समय पर भारी वाहन आने पर सख्त कार्रवाई की जाए तथा नो एंट्री जोन के क्षेत्र व समय की पुनः समीक्षा की जाए। उन्होंने जयपुर पुलिस आयुक्त को रात्रि के समय ट्रेफिक व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ व प्रभावी बनाने के लिए कार्ययोजना बनाकर शीघ्र मुख्यमंत्री कार्यालय भिजवाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जयपुर की यातायात व्यवस्था को मजबूत बनाने के लिए यातायात पुलिस के संख्याबल को आवश्यकतानुसार बढ़ाया जाए। 

श्री शर्मा ने कहा कि परिवहन, पुलिस और सार्वजनिक निर्माण विभाग संयुक्त रूप से समय-समय पर यातायात नियमों की पालना सुनिश्चित करवाने के लिए जागरूकता अभियान चलाएं एवं संबंधित विभागों के कार्मिकों की कार्यशाला आयोजित कर प्रशिक्षण दिलवाएं। उन्होंने कहा कि सड़क दुर्घटनाओं में घायलों की मदद करने वाले नागरिकों को भी सम्मानित किया जाए। उन्होंने प्रदेश में पैदलयात्री मार्ग पर अवरोधकों एवं अतिक्रमणों को हटाने के निर्देश दिए। उन्होंने निर्देश दिए कि नवीन लाइसेंस बनाने एवं लाइसेंस नवीनीकरण के समय नियमों की पालना सुनिश्चित की जाए। उन्होंने गृह विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव को इन कार्यों की मॉनिटरिंग करने के निर्देश दिए।  

बैठक में परिवहन, गृह, पुलिस, सार्वजनिक निर्माण, चिकित्सा एवं स्वास्थ्य, नगरीय विकास, जेडीए, एनएचएआई सहित संबंधित विभागों के अधिकारीगण उपस्थित रहे।