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‘प्रवासी राजस्थानी दिवस’ 2025 में राजस्थान करेगा वैश्विक नेताओं और विशिष्ट प्रवासी सदस्यों का स्वागत
उद्योग जगत के अग्रणी नेता अनिल अग्रवाल और हरिमोहन बांगुर होंगे ‘प्रवासी राजस्थानी दिवस’ में शामिल, राजस्थान करेगा बिजनेस टाइटन्स अशोक पाटनी और दीपाली गोयनका का स्वागत

जयपुर, 16 नवंबर। माननीय मुख्यमंत्री भजन लाल शर्मा के नेतृत्व में राजस्थान सरकार आगामी 10 दिसंबर को जयपुर में प्रवासी राजस्थानी दिवस 2025 का आयोजन करने जा रही है। यह राज्य-स्तरीय उत्सव वैश्विक राजस्थानी समुदाय, उनकी उपलब्धियों और मातृभूमि के साथ उनके संबंधों को सम्मानित करने के लिए समर्पित है। यह आयोजन विचारों, विरासत और सहयोग का एक विशाल संगम प्रस्तुत करेगा, जिसमें दुनिया भर से प्रभावशाली प्रवासी राजस्थानी शामिल होंगे।

इस अवसर पर उद्योग, नीति-निर्माण, नवाचार, शिक्षा, कला एवं संस्कृति, उद्यमिता और सामाजिक सरोकार जैसे विविध क्षेत्रों के विश्व प्रसिद्ध नेता, नीति विशेषज्ञ, नवाचारी, शिक्षाविद, सांस्कृतिक हस्तियाँ और समाजसेवी उपस्थित रहेंगे।

कार्यक्रम में दुनिया भर में अपने-अपने क्षेत्रों में उल्लेखनीय पहचान बना चुके अनेक प्रतिष्ठित लीडर्स शामिल होंगे। विशिष्ट अतिथियों में वेदांता समूह के चेयरमैन अनिल अग्रवाल, श्री सीमेंट के चेयरमैन हरी मोहन बांगुर तथा आर.के. मार्बल एवं वंडर सीमेंट के चेयरमैन अशोक पाटनी शामिल हैं, जो अपने-अपने क्षेत्रों का प्रतिनिधित्व करते हैं।

इसके साथ ही वेलस्पन इंडिया लिमिटेड की सीईओ श्रीमती दीपाली गोयनका, एयू स्मॉल फाइनेंस बैंक के संस्थापक, प्रबंध निदेशक एवं सीईओ श्री संजय अग्रवाल और जेके सीमेंट के संयुक्त प्रबंध निदेशक श्री माधव सिंघानिया भी आयोजन में शिरकत करेंगे।

कार्यक्रम में हिंदुस्तान ज़िंक की चेयरपर्सन श्रीमती प्रिया अग्रवाल, बिकाजी फूड्स इंटरनेशनल के प्रबंध निदेशक दीपक अग्रवाल और आनंद समूह की चेयरपर्सन श्रीमती अंजलि सिंह भी शामिल होंगी।

इसके अतिरिक्त, तितागढ़ रेल सिस्टम्स के वाइस चेयरमैन एवं प्रबंध निदेशक उमेश चौधरी, वोल्वो ग्रुप इंडिया के प्रबंध निदेशक एवं अध्यक्ष कमल बाली, ईज़ मायट्रिप के सीईओ एवं सह-संस्थापक रिकांत पिट्टी, मोतीलाल ओसवाल एंड कंपनी के चेयरमैन एवं प्रबंध निदेशक मोतीलाल ओसवाल तथा केईआई लिमिटेड के चेयरमैन अनिल कुमार गुप्ता भी कार्यक्रम में उपस्थित रहेंगे। उनकी उपस्थिति वैश्विक राजस्थानी समुदाय के राज्य के प्रति विश्वास, गर्व और गहरे संबंधों को अभिव्यक्त करेगी।

राज्य सरकार ने इस अवसर पर एक दिवसीय कार्यक्रम की रूपरेखा तैयार की है, जिसमें उद्योग, पर्यटन, शिक्षा, स्वास्थ्य और जल संरक्षण जैसे प्रमुख क्षेत्रों पर केंद्रित सेक्टोरल सत्र शामिल होंगे। इन सत्रों में विकास, नवाचार और निवेश पर सार्थक चर्चा होगी। इसके साथ ही, एक विशेष एनआरआर राउंडटेबल का आयोजन किया जाएगा, जिसका उद्देश्य प्रभावशाली प्रवासी राजस्थानियों के साथ दीर्घकालिक सहयोग, मेंटरशिप को बढ़ावा देना और वैश्विक संपर्कों का निर्माण करना है, जिससे राजस्थान के सामाजिक-आर्थिक विकास में योगदान हो सके।

कार्यक्रम की महत्ता को और बढ़ाते हुए, इस अवसर पर प्रवासी राजस्थानी सम्मान पुरस्कार भी प्रदान किए जाएंगे। ये पुरस्कार उन प्रख्यात प्रवासियों को समर्पित होंगे जिन्होंने व्यवसाय, कला और परोपकार के क्षेत्रों में उल्लेखनीय योगदान दिया है और जो राजस्थान की विरासत एवं मूल्यों को विश्वभर में गर्व के साथ आगे बढ़ा रहे हैं।

विचार-विमर्श, सांस्कृतिक अनुभवों और वैश्विक सहभागिता के इस अद्वितीय मिश्रण के साथ, प्रवासी राजस्थानी दिवस 2025 प्रवासी समुदाय की उपलब्धियों का सार्थक उत्सव बनकर उभरेगा और साझेदारी एवं प्रगति के नए मार्ग खोलेगा।

राजस्थान को विकास के नए आयाम देने के लिए मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा की सार्थक पहल
मुख्यमंत्री का नई दिल्ली दौरा – राजस्थान को विकास के नए आयाम देने के लिए मुख्यमंत्री शर्मा की सार्थक पहल, केन्द्रीय मंत्रियों से मुलाकात कर प्रदेश के शहरी विकास, ऊर्जा,...

मुख्यमंत्री का नई दिल्ली दौरा – राजस्थान को विकास के नए आयाम देने के लिए मुख्यमंत्री शर्मा की सार्थक पहल, केन्द्रीय मंत्रियों से मुलाकात कर प्रदेश के शहरी विकास, ऊर्जा, जल परियोजनाओं एवं कौशल विकास पर की चर्चा – राजस्थान में सौर ऊर्जा की अपार संभावनाओं के मद्देनजर विद्युत निकासी के सुदृढ़ीकरण को लेकर हुई अहम चर्चा – फिरोजपुर फीडर रिलाइनिंग व रामजल सेतु लिंक परियोजना पर हुआ मंथन

 मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने गुरुवार को नई दिल्ली में केंद्रीय ऊर्जा, आवासन एवं शहरी कार्य मंत्री मनोहर लाल, केंद्रीय जल शक्ति मंत्री सी. आर. पाटिल, केंद्रीय कौशल विकास एवं उद्यमिता राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) तथा शिक्षा राज्य मंत्री जयंत चौधरी से मुलाकात की। इस दौरान मुख्यमंत्री ने प्रदेश के विकास को नए आयाम देने की दिशा में शहरी विकास, ऊर्जा, जल परियोजनाओं एवं कौशल विकास से जुड़े विषयों पर विस्तृत चर्चा की।

                मुख्यमंत्री श्री शर्मा ने केंद्रीय ऊर्जा, आवासन एवं शहरी कार्य मंत्री मनोहर लाल से भेंट के दौरान वरिष्ठ अधिकारियों के साथ बैठक भी की। बैठक में राजस्थान में भारत के सौर ऊर्जा लक्ष्यों को पूरा करने की अपार संभावनाओं को देखते हुए विद्युत निकासी के सुदृढ़ीकरण को लेकर सार्थक चर्चा की गई।

टॉवर बेस मुआवजा दर, डी.एल.सी. की 400 प्रतिशत तक-

                बैठक में अवगत कराया गया कि किसानों के हित में टॉवर बेस मुआवजा दर को डी.एल.सी. दर के 400 प्रतिशत तक बढ़ाया गया है जबकि कॉरिडोर मुआवजा ग्रामीण क्षेत्रों में 30 प्रतिशत, नगरपालिका क्षेत्रों में 45 प्रतिशत तथा नगर निगम क्षेत्रों में 60 प्रतिशत निर्धारित किया गया है।

डिस्कॉम्स की ए.टी. एण्ड सी. हानियों में आ रही कमी-

                बैठक में यह भी बताया गया कि ए.टी. एण्ड सी. हानियों में लगातार कमी आ रही है। इसी क्रम में जयपुर एवं अजमेर डिस्कॉम अब 15 प्रतिशत के स्तर से नीचे आ चुके हैं। साथ ही, आर.डी.एस.एस. योजना के क्रियान्वयन की गति में सुधार किया गया है।

                मुख्यमंत्री ने प्रदेश के ऊर्जा विकास में सहयोग के लिए केंद्र सरकार का आभार व्यक्त किया। साथ ही, उन्होंने जयपुर मेट्रो के चरण-2 की डीपीआर स्वीकृति को लेकर भी विस्तृत चर्चा की।

मुख्यमंत्री की केंद्रीय जल शक्ति मंत्री से मुलाकात-

                मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा ने केंद्रीय जल शक्ति मंत्री श्री सी. आर. पाटिल से मुलाकात के दौरान प्रदेश में जल आपूर्ति, जल संचयन सहित जल परियोजनाओं पर वार्ता की। दोनों के मध्य फिरोजपुर फीडर रिलाइनिंग एवं रामजल सेतु लिंक परियोजना की प्रगति को लेकर सार्थक चर्चा हुई। इस दौरान प्रदेश में चल रहे कर्मभूमि से मातृभूमि अभियान की सफलता की सराहना की गई।

मुख्यमंत्री की केंद्रीय कौशल विकास एवं उद्यमिता राज्य मंत्री से मुलाकात-

                इसके बाद मुख्यमंत्री श्री शर्मा ने केंद्रीय कौशल विकास एवं उद्यमिता राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) तथा शिक्षा राज्य मंत्री श्री जयंत चौधरी से भी मुलाकात की। इस दौरान श्री शर्मा एवं श्री चौधरी के मध्य केंद्र सरकार के सहयोग से राजस्थान को स्किल डवलपमेंट हब बनाने से जुड़े रोडमैप पर चर्चा की गई।

जयपुर में 50 हजार लोगों ने ‘वंदे मातरम्’ के 150 वर्ष पूरे होने पर सामूहिक गायन किया
जयपुर में राष्ट्रगीत वंदे मातरम् के 150 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में 7 नवंबर 2025 को भव्य राज्य स्तरीय कार्यक्रम का आयोजन किया गया। यह आयोजन सवाई मानसिंह स्टेडियम (SMS Stadium)...

जयपुर में राष्ट्रगीत वंदे मातरम् के 150 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में 7 नवंबर 2025 को भव्य राज्य स्तरीय कार्यक्रम का आयोजन किया गया। यह आयोजन सवाई मानसिंह स्टेडियम (SMS Stadium) में सुबह 7:30 बजे शुरू हुआ, जिसमें करीब 50 हजार लोगों ने एक साथ वंदे मातरम् का गायन किया। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा की अगुवाई में कार्यक्रम का आयोजन हुआ, जिसमें राज्य भर के स्कूल, कॉलेज, विश्वविद्यालय, एनसीसी, एनएसएस, हिन्दुस्तान स्काउट गाइड, पुलिस, RAC के जवान, सामाजिक संगठनों के सदस्य, जनप्रतिनिधि तथा आम नागरिक शामिल हुए।

कार्यक्रम की मुख्य झलकियां:

  • सामूहिक वंदे मातरम् गायन में 50 हजार लोगों की भागीदारी​​
  • 50 हजार तिरंगा झंडों का वितरण
  • स्कूल, पुलिस और आर्मी बैंड की प्रस्तुति, साथ ही महापुरुषों पर आधारित प्रदर्शनी
  • NSS के तहत स्वच्छता अभियान और रक्तदान शिविर
  • स्वतंत्रता सेनानियों और परिजनों को सम्मानित किया गया
  • गाँव, ब्लॉक और पंचायत स्तर तक ‘एक स्थान, एक समय, एक गीत – वंदे मातरम्’ की थीम पर कार्यक्रम

यह राज्य स्तरीय उत्सव पूरे देश में 7 नवंबर 2026 तक वर्षभर चले वाले ‘वंदे मातरम्@150’ अभियान की शुरुआत है। इस ऐतिहासिक मौके पर शिक्षा विभाग ने सभी स्कूलों, कॉलेजों और मदरसों में वंदे मातरम् का गायन अनिवार्य किया। आने वाले दिनों में सभी 31 जिलों में प्रभात फेरी, रैली, चित्रकला, रंगोली, निबंध लेखन सहित कई गतिविधियां आयोजित की जाएंगी ।

इस कार्यक्रम का उद्देश्य राष्ट्रभक्ति, स्वदेशी और राष्ट्रीय एकता की भावना को सुदृढ़ करना और नई पीढ़ी में देश के प्रति जागरूकता लाना है।

राजस्थान का समावेशी विकास मॉडल जनजाति सशक्तीकरण की लिख रहा नई इबारत
    जयपुर, 4 नवम्बर। मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में राज्य सरकार ‘सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास, सबका प्रयास’ की भावना के साथ कार्य करते हुए प्रदेश के जनजातीय अंचलों के उत्थान के...

    जयपुर, 4 नवम्बर। मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में राज्य सरकार ‘सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास, सबका प्रयास’ की भावना के साथ कार्य करते हुए प्रदेश के जनजातीय अंचलों के उत्थान के लिए कृत संकल्पित है। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के ‘समावेशी और आत्मनिर्भर भारत’ के विजन को साकार करने की दिशा में राज्य सरकार द्वारा इन क्षेत्रों के सर्वांगीण विकास के लिए ठोस नीतियां और योजनाएं बनाकर इन्हें धरातल पर उतारा गया है। मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा के कुशल नेतृत्व में राज्य का जनजाति क्षेत्रीय विकास विभाग शिक्षा, स्वास्थ्य, खेल, जल प्रबंधन, रोजगार और संस्कृति संरक्षण के क्षेत्रों में समावेशी विकास के मूल मंत्र के साथ राज्य को तेजी से आगे बढ़ाने में लगा है। धरती आबा भगवान बिरसा मुंडा की विचारधारा ‘अपनी भूमि, अपनी संस्कृति और अपने अधिकारों की रक्षा’ राज्य सरकार की नीतियों में साकार हो रही है। इस वर्ष भगवान बिरसा मुंडा की 150वीं जयंती पर राज्य सरकार प्रदेशभर में जनजातीय गौरव वर्ष पखवाड़ा (1 से 15 नवंबर तक) के तहत विभिन्न कार्यक्रमों का आयोजन भी कर रही है।

जनजाति क्षेत्रों के विकास के लिए टीएसपी फंड किया डेढ़ गुणा-

                राज्य सरकार ने अनुसूचित जनजाति वर्ग के उत्थान के संकल्प को पूरा करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए टीएसपी फंड को 1,000 करोड़ रुपये से बढ़ाकर 1,500 करोड़ रुपये किया है। साथ ही, सामुदायिक वनाधिकार क्षेत्रों के विकास पर केंद्रित गोविंद गुरू जनजातीय क्षेत्रीय विकास योजना भी प्रारंभ की है, देवला-कोटड़ा (उदयपुर) और जसवंतपुरा (जालोर) में नए आवासीय विद्यालय तथा शाहबाद (बारां) में सहरिया जनजाति खेल अकादमी की स्थापना की जा रही है। जनजाति वर्ग के बच्चों के पोषण तथा उन्हें घर के नजदीक प्राथमिक शिक्षा उपलब्ध कराने के लिए 250 नवीन मां-बाड़ी केंद्रों की स्थापना भी प्रक्रियाधीन है। मां-बाड़ी केन्द्रों में कार्यरत शिक्षाकर्मी, महिला सहयोगिनी तथा स्वास्थ्यकर्मी के मानदेय में वित्तीय वर्ष 2025-26 से 10 प्रतिशत की वृद्धि की गई है।

शिक्षा क्षेत्र हो रहा सुदृढ़, कौशल विकास से युवा बन रहे हुनरमंद-

                जनजाति क्षेत्र के युवाओं को उच्च गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराने के साथ ही उनमें कौशल विकास के लिए राज्य सरकार कई कदम उठा रही है। यहां विभिन्न छात्रावासों और आवासीय स्कूलों में अध्ययनरत विद्यार्थियों को उच्च गुणवत्तापूर्ण सुविधाएं उपलब्ध करवाई जा रही हैं। प्रदेश में संचालित 446 आश्रम छात्रावासों में लगभग 25 हजार से अधिक विद्यार्थी निःशुल्क आवास, भोजन और अध्ययन की सुविधाएं प्राप्त कर रहे हैं।

                वहीं, राज्य के 23 आवासीय विद्यालयों में 3,800 से अधिक विद्यार्थी गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्राप्त कर रहे हैं, उदयपुर के ढीकली और डूंगरपुर के सूरपुर में स्थित मॉडल पब्लिक रेजिडेंशियल स्कूल शिक्षा में उत्कृष्टता के नए केंद्र बन चुके हैं। प्रदेश के 30 एकलव्य मॉडल रेजिडेंशियल स्कूलों में भी लगभग 10 हजार विद्यार्थी आधुनिक शिक्षण पद्धति, डिजिटल लर्निंग और खेल सुविधाओं को प्राप्त करते हुए अध्ययनरत हैं। विद्यार्थियों को प्रतियोगी परीक्षाओं में सफलता दिलाने के उद्देश्य से संचालित मुख्यमंत्री अनुप्रति कोचिंग योजना के तहत 8 बहुउद्देशीय छात्रावासों में 878 विद्यार्थियों को प्रतियोगी परीक्षाओं की निःशुल्क कोचिंग व आवास सुविधा दी जा रही है।

                युवाओं में कौशल विकास कर उन्हें रोजगार के अवसर उपलब्ध कराने के उद्देश्य से राजस्थान कौशल एवं आजीविका विकास निगम, सीपेट जयपुर और आईडीटीआर रेलमगरा जैसे संस्थानों द्वारा जनजाति क्षेत्र के हजारों युवाओं को तकनीकी व व्यावसायिक प्रशिक्षण दिया जा रहा है। अशोक लेलैंड प्रशिक्षण केंद्र, रेलमगरा में 25 युवाओं को भारी वाहन चालक का प्रशिक्षण देकर आत्मनिर्भर बनाया गया है।

खेल प्रतिभाओं को तराशने के लिए उठाए गए कई कदम-

                राज्य के होनहार युवा शिक्षा के साथ ही खेलकूद के क्षेत्र में भी देश और विदेश में राजस्थान का नाम रोशन कर रहे हैं। खेल प्रतिभाओं को तराशने के लिए संचालित 13 खेल अकादमियों में 895 छात्र-छात्राएं प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे हैं। सरकार ने खिलाड़ियों के हित में महत्वपूर्ण निर्णय लेते हुए खेल छात्रावासों में मैस भत्ता बढ़ाकर 4,000 रुपये प्रतिमाह कर दिया है। मुख्यमंत्री के निर्देश पर प्रशिक्षकों की नियुक्ति, उपकरण आपूर्ति और प्रतियोगिताओं के आयोजन को प्राथमिकता दी जा रही है। यही नहीं, राज्य स्तर पर आयोजित एकलव्य विद्यालय सांस्कृतिक प्रतियोगिता में प्रदेश के हजारों विद्यार्थियों ने अपनी कला का प्रदर्शन किया, जिनमें से चार ने राष्ट्रीय स्तर पर तृतीय स्थान प्राप्त कर राजस्थान का मान बढ़ाया।

जल संरक्षण में जनसहभागिता से बदल रही तस्वीर-

                जनजातीय अंचलों में जलोत्थान योजनाएं, एनिकट निर्माण, नहर सुदृढ़ीकरण और जल संरचना पुनरोद्धार कार्य जल सुरक्षा की दिशा में मिसाल बने हैं। जनजाति भागीदारी योजना के तहत विद्यालय, सड़क, पेयजल और सामुदायिक भवन निर्माण में न्यूनतम 30 प्रतिशत जनसहयोग से कार्य किए जा रहे हैं। मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा का मानना है कि ‘सच्चा विकास वही है, जिसमें समाज भी भागीदार बने।’ यही दृष्टिकोण इन योजनाओं में झलकता है।

जनजाति नायकों के गौरव की पुनःस्थापना-

                राज्य सरकार प्राचीन विरासत और संस्कृति का संरक्षण करने के साथ ही जनजाति नायकों के गौरव की पुनःस्थापना का कार्य भी कर रही हैै। डूंगरपुर, बांसवाड़ा और उदयपुर में जनजाति नायकों के स्मारक और वीर बालिका काली बाई संग्रहालय के निर्माण हेतु 25 करोड़ रुपये स्वीकृत किए गए हैं। सीताबाड़ी, कमलनाथ महादेव और जावर माता मंदिर जैसे आस्था स्थलों पर श्रद्धालुओं के लिए आधारभूत सुविधाएं विकसित की जा रही हैं। इसके अतिरिक्त केन्द्र सरकार की पीएम जनमन योजना के तहत बारां जिले में 17 मल्टीपरपज केंद्रों में से 8 का निर्माण कार्य पूर्ण हो चुका है तथा शेष का कार्य प्रगति पर है। ‘स्वच्छ परियोजना’ के अंतर्गत 4,560 स्वास्थ्यकर्मी टीबी मुक्त भारत मिशन और सिकल सेल एनीमिया नियंत्रण में सक्रिय हैं।

नवाचारों के माध्यम से सुनिश्चित हो रहा सर्वांगीण विकास-

                जनजाति क्षेत्रों में विभिन्न नवाचारों के माध्यम से सर्वांगीण विकास सुनिश्चित किया जा रहा है। केन्द्र और राज्य सरकार व इसरो के संयुक्त तत्वावधान में ‘जयकार प्रोग्राम’ के तहत उदयपुर के ईएमआरएस विद्यार्थियों ने अंतरिक्ष विज्ञान प्रशिक्षण प्राप्त किया। माणिक्यलाल वर्मा आदिम जाति शोध संस्थान में ‘बनफूल डिज़ाइन स्टूडियो’ की स्थापना जनजातीय कला संरक्षण और विपणन में नई राह दिखा रही है। ‘प्रोजेक्ट चितेरा’ के माध्यम से छात्रावासों और विद्यालयों में मांडना व पारंपरिक चित्रकला को पुनर्जीवित किया गया है। एम्स, जोधपुर के सहयोग से आबूरोड (सिरोही) में सैटेलाइट सेंटर फॉर ट्राइबल हेल्थ एंड रिसर्च की स्थापना हुई है, जहां प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी द्वारा 29 अक्टूबर, 2024 को ड्रोन दवा आपूर्ति सुविधा का शुभारंभ किया गया।

‘अमृत कलश योजना’ बनी सामुदायिक भागीदारी की नई पहल-

                सीएसआर और स्वयंसेवी संगठनों की भागीदारी से विभाग ने ‘अमृत कलश योजना’ प्रारंभ की है। इस अंतर्गत विद्यार्थियों को आईआईएम उदयपुर, आईआईटी जोधपुर, एनएलयू और केवीके जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों का भ्रमण करवाया गया। मैजिक बस इंडिया फाउंडेशन के सहयोग से 25 जिलों के 43 विद्यालयों व 450 छात्रावासों में जीवन-कौशल प्रशिक्षण प्रारंभ हुआ है। ‘माई मिशन’ कार्यक्रम के तहत 40 विद्यार्थियों को राजस्थान सिविल सेवा परीक्षा  की तैयारी के लिए निःशुल्क कोचिंग दी जा रही है। आरएसएमएम लिमिटेड के सीएसआर सहयोग से जनजाति खिलाड़ियों की लैक्रॉस टीम इंडिया ने उज्बेकिस्तान में एशियाई प्रतियोगिता में रजत पदक जीता। तृतीय राष्ट्रीय लैक्रॉस चैम्पियनशिप 2025-26 में राज्य के 55 प्रतिभाशाली जनजाति खिलाड़ियों ने 6 वर्गाें में 5 स्वर्ण एवं 1 कास्य पदक जीता। यूएनएफपीए की साझेदारी में ‘संचार सेतु’ वर्चुअल लर्निंग प्लेटफॉर्म प्रारंभ हुआ है। ‘एक वृक्ष, प्रति वर्ष’ और ‘हमारा कक्ष-हमारा वृक्ष’ अभियानों से पर्यावरण संरक्षण की भावना को बल मिला है।

विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट कार्य करने वालों को किया जा रहा सम्मानित-

                जनजाति क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य करने वाले व्यक्तियों और संस्थाओं को विभिन्न स्तर पर सम्मानित कर प्रोत्साहित किया जा रहा है। 4 अक्टूबर, 2024 को आदि-गौरव सम्मान समारोह में राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु ने 17 व्यक्तियों व संस्थाओं को शिक्षा, कला, खेल एवं समाजसेवा में उत्कृष्ट योगदान हेतु सम्मानित किया। 15 नवम्बर, 2024 को बांसवाड़ा में आयोजित बिरसा मुंडा 150वीं जयंती समारोह में ‘नवादि-युगधारा प्रणेता समागम’ विषय के अंतर्गत 27 जनजाति नायकों को सम्मानित किया गया, जो जनजाति समाज की नई चेतना का प्रतीक है।

ग्रामीण सेवा शिविर-2025 मुख्यमंत्री की संवेदनशीलता से मिल रही आमजन को राहत 
ग्रामीण सेवा शिविर-2025 मुख्यमंत्री की संवेदनशीलता से मिल रही आमजन को राहत -307 शिविरों में हजारों परिवारों को घर बैठे मिला लाभ -5415 परिवारों को प्रधानमंत्री स्वामित्व पट्टे मिले, 226...

श्रीगंगानगर, 4 नवम्बर। राजस्थान के माननीय मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा की मंशा के अनुसार ग्रामीणों की समस्याओं का निदान गांव में ही हो, इस बात को लेकर सरकार द्वारा ग्रामीण सेवा शिविर 2025 जारी हैं। इसी के फलस्वरूप श्रीगंगानगर जिले में 17 सितम्बर 2025 से प्रारम्भ हुए 307 शिविरों में अब तक जहां हजारों परिवारों को घर बैठे लाभ मिल रहा है, वहीं पर ग्रामीणों की समस्याओं का निदान हो रहा है। 

जिला कलक्टर डॉ. मंजू ने बताया कि राजस्व विभाग द्वारा अब तक जारी शिविरों में 133 नामांतकरण, 1523 शुद्धि निस्तारण, 26 खातेदारी, 826 लम्बित फार्मर रजिस्ट्री, 226 सहमति बंटवारा, 3341 मूल निवास, 5506 जाति प्रमाण पत्र व 74 कुर्रेजात रिपोर्ट तैयार कर लाभ दिया गया। ग्रामीण एवं पंचायती राज विभाग द्वारा 5415 परिवारों को प्रधानमंत्री स्वामित्व योजना के तहत पट्टे दिये गये। 114 सामुदायिक शौचालय स्वीकृत, स्वच्छ भारत मिशन ग्रामीण के तहत 2560 स्वीकृतियां, पंडित दीनदयाल उपाध्याय गरीबी मुक्त गांवों के तहत 567 बीपीएल परिवारों का सर्वे, 190 को विश्वकर्मा पेंशन योजना का लाभ दिया गया। 

ग्रामीण सेवा शिविरों में 616 त्रुटिपूर्ण मीटर सुधार, विद्युत सप्लाई से संबंधित 795 का निस्तारण, 17 ट्रांसफार्मर बदले, वहीं पर 671 स्थानों पर ढीले तारों को ठीक किया गया। मातृ वंदना योजना में 1336 महिलाओं का पंजीकरण तथा 5760 महिलाओं की पोषण ट्रैकर के लिये ई-केवाईसी की गई। 1661 का टीकाकरण, 18889 टीबी रोग स्क्रीनिंग, 285 को पोषण किट वितरित, 2009 महिलाओं की प्रसव पूर्व जांच तथा 10474 महिलाओं की ब्रेस्ट सर्वाइकल कैंसर स्क्रीनिंग की गई। 

शिविरों में 9520 पशुपालकों के पशुओं का मुख्यमंत्री मंगला पशु बीमा योजना का लाभ दिया, वहीं पर 44288 पशुओं का टीकाकरण किया गया। शिविरों में 8903 किसानों को मिनी बीज किट वितरित की गई। 24095 किसानों को प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना की बीमा पॉलिसी वितरित कर लाभ दिया गया। 751 परिवारों को एनएफएसए के तहत निस्तारण, 16836 की ई-केवाईसी, 8541 की आधार सीडिंग तथा 14658 परिवारों की एलपीजी आईडी मैप की गई। 

शिविरों में 123 नागरिकों को अटल पेंशन स्वीकृत, 359 नागरिकों को प्रधानमंत्री जन-धन योजना का लाभ, जन-धन योजना में पुनः सत्यापित बैंक खाते 2656 एवं 683 को प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा योजना तथा 810 को प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा योजना का लाभ दिया गया। शिविरों में 1772 परिवारों का पालनहार योजना में सत्यापन किया गया। कामगारों को 197 टूलकिट वितरित किये गये, वहीं पर वन विभाग द्वारा 64067 पौधे लगाये गये।

राजस्थान के 14वें मुख्यमंत्री बने भजनलाल शर्मा, दिया कुमारी और प्रेमचंद बैरवा बने डिप्टी सीएम, राज्यपाल ने दिलाई शपथ
राजस्थान की सत्ता में 5 साल बाद पूर्ण बहुमत के साथ वापसी करने वाली भारतीय जनता पार्टी (BJP) आज प्रदेश में नई सरकार का गठन कर लिया है. बीजेपी विधायक...

राजस्थान की सत्ता में 5 साल बाद पूर्ण बहुमत के साथ वापसी करने वाली भारतीय जनता पार्टी (BJP) आज प्रदेश में नई सरकार का गठन कर लिया है. बीजेपी विधायक भजनलाल शर्मा (Bhajan Lal Sharma) ने आज अपने जन्मदिन के मौके पर मुख्यमंत्री पद की शपथ ली. उनके साथ-साथ दिया कुमारी (Diya Kumari) और प्रेम चंद बैरवा (Premchand Bairwa) उपमुख्यमंत्री पद की शपथ ली. शपथ ग्रहण समारोह राजधानी जयपुर के ऐतिहासिक अल्बर्ट हॉल के बाहर 1:04 मिनट पर शुरू हुआ जो करीब 19 मिनट तक चला. इस समारोह में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा सहित 16 केंद्रीय मंत्री, 17 मुख्यमंत्री और उपमुख्यमंत्री शामिल हुए.

vasundhra becomes cm of rajasthan
Vasundhara Raje swornin as 12th Rajasthan Chief Minister

Vasundhara Raje, who led BJP to a landslide victory in Rajasthan Assembly polls, was today sworn-in as the Chief Minister for the second time in the presence of Narendra Modi and other top party leaders.

60-year-old Vasundhara Raje, who belongs to the royal Scindia family of Gwalior, was administered the oath of office and secrecy by Governor Margaret Alva during a grand swearing-in ceremony inside the Assembly building premises in Jaipur. She was the only one to be sworn-in.

Among the BJP leaders who attended the function were party president Rajnath Singh, its Prime Ministerial candidate Narendra Modi, Madhya Pradesh Chief Minister Shivraj Singh Chouhan, Chhattisgarh Chief Minister Raman Singh and other senior leaders of the party.

Elected MLAs and a large number of religious heads also attended the function.

The main stage for the ceremony was erected inside the Assembly building premises. Large screens were installed at the venue to allow the invitees sitting at a distance to watch the live telecast of the ceremony.

After the swearing-in function, Ms Raje drove straight to the Chief Minister’s Office at the Secretariat.
BJP won 162 of the 199 seats where elections were held.

Polling in Churu seat in the 200-member House was postponed due to the death of a BSP candidate and it is being held today.