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गुरु गोबिंद सिंह जी ने अपने साहिबजादों को देश और धर्म के लिए कर दिया समर्पित : मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा
सिख धर्म का इतिहास त्याग और बलिदान की गाथा से भरा हुआ

जयपुर, 26 दिसम्बर। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा वीर बाल दिवस के उपलक्ष्य में शुक्रवार को राजापार्क स्थित श्री गुरू सिंह सभा गुरूद्वारा पहुंचे। उन्होंने गुरूद्वारा में मत्था टेका तथा देश व प्रदेश में शांति और सद्भाव के लिए अरदास की। शर्मा ने इस दौरान गुरु गोबिंद सिंह के साहिबजादों और माता गुजरी कौर की शहादत को समर्पित विशेष गुरमत समागम में संगत की।

                इस अवसर पर शर्मा ने कहा कि हमारे देश के इतिहास में जब भी धर्म और संस्कृति की रक्षा की बात आती है, गुरु गोबिंद सिंह जी, माता गुजरी और उनके चारों साहिबजादों का नाम गर्व से लिया जाता है। गुरु गोबिंद सिंह जी ने अपने चारों साहिबजादों को देश और धर्म के लिए समर्पित कर दिया। ऐसा त्याग दुनिया में कहीं नहीं मिलता। उन्होंने कहा कि गुरु गोबिंद सिंह जी के छोटे साहिबजादों जोरावर सिंह और फतेह सिंह ने आज ही के दिन धर्म और संस्कृति की रक्षा के लिए अपने प्राणों का बलिदान दिया था। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में केन्द्र सरकार ने उनके शहादत के दिन को वीर बाल दिवस के रूप में मना कर इस बलिदान को जन-जन के लिए समर्पित किया है।

साहिबजादों की वीर गाथा को पाठ्यक्रम में किया जाएगा शामिल-

मुख्यमंत्री शर्मा ने कहा कि राज्य सरकार गुरु गोबिंद सिंह और उनके साहिबजादों की बहादुरी की गाथा को स्कूली पाठ्यक्रम में शामिल करेगी जिससे युवा पीढ़ी को प्रेरणा मिल सके। उन्होंने कहा कि सिख समुदाय के विद्यार्थियों के लिए छात्रावास हेतु भूमि आवंटन को भी मंजूरी दे दी गई है।

                मुख्यमंत्री ने कहा कि सिख धर्म का पूरा इतिहास त्याग और बलिदान की गाथा से भरा हुआ है। गुरु गोबिंद सिंह जी ने हमारी संस्कृति की रक्षा के लिए अपना पूरा वंश न्योछावर कर दिया, इसीलिए वे ‘सरबंसदानी’ कहलाए। उन्होंने कहा कि जब गुरु साहिब जी के चारों साहिबजादे शहीद हो गए, तब उन्होंने कहा था-‘चार मुए तो क्या हुआ, जीवित कई हजार’ यानी चार बेटे बलिदान हो गए तो क्या हुआ, कई हजार बेटे धर्मरक्षा के लिए अभी भी जीवित हैं। उनकी यह उक्ति राष्ट्र और धर्म के प्रति अटूट समर्पण की प्रेरणा बन गई है।

                इस दौरान गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के सदस्यों ने मुख्यमंत्री को गुरु गोबिंद सिंह एवं साहिबजादों की तस्वीर भेंट की।

                इस अवसर पर गृह राज्य मंत्री जवाहर सिंह बेढ़म, पूर्व मंत्री सुरेन्द्र पाल सिंह टीटी, राजस्थान सिख समाज के अध्यक्ष श्री अजयपाल सिंह, राज्य अल्पसंख्यक आयोग के पूर्व अध्यक्ष जसबीर सिंह सहित गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के पदाधिकारीगण एवं बड़ी संख्या में आमजन उपस्थित रहे।

हस्तशिल्पियों को कौशल प्रशिक्षण देकर रोजगार के नए अवसर दे रही राज्य सरकार : मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा
पश्चिमी राजस्थान उद्योग हस्तशिल्प उत्सव-2026 प्रदेश की आठ करोड़ जनता का कल्याण सर्वोपरि- हस्तशिल्प उद्योग ने ग्रामीणों का किया सशक्तीकरण
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला एवं केन्द्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेन्द्र प्रधान के साथ ओडिशा में मां समलेश्वरी देवी मंदिर में दर्शन किए
प्रदेश की सुख-समृद्धि एवं आमजन की खुशहाली की प्रार्थना की

जयपुर, 23 दिसम्बर। मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा ने लोकसभा अध्यक्ष श्री ओम बिरला एवं केन्द्रीय शिक्षा मंत्री श्री धर्मेन्द्र प्रधान के साथ सोमवार को ओडिशा में मां समलेश्वरी देवी मंदिर में दर्शन किए तथा प्रदेश की सुख-समृद्धि एवं आमजन की खुशहाली की प्रार्थना की।

मारवाड़ महोत्सव सांस्कृतिक एकता और लोक परंपरा का अद्वितीय संगम – मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा
मारवाड़ी समाज की पहचान है सेवा, त्याग और समर्पण - लोकसभा अध्यक्ष श्री ओम बिरला मारवाड़ महोत्सव के आयोजन से सांस्कृतिक विरासत बढ़ेगी आगे - केन्द्रीय शिक्षा मंत्री श्री धर्मेन्द्र...

जयपुर, 22 दिसम्बर।मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने सोमवार को ओडिशा के संबलपुर में मारवाड़ महोत्सव को संबोधित करते हुए कहा कि देश-दुनिया में मारवाड़ी अपनी संस्कृति को संरक्षित कर एक भारत-श्रेष्ठ भारत की संकल्पना को साकार कर रहे हैं। मारवाड़ी समाज शिक्षा, चिकित्सा जैसे क्षेत्रों में सामाजिक सरोकार के कार्य कर सभी जगह मेहनत व ईमानदारी से राजस्थान की मिट्टी की खुशबू को फैला रहे हैं।  

लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने कहा कि भगवान जगन्नाथ की धरती ओडिशा अध्यात्म, धर्म, संस्कृति, संस्कार, साहित्य और देश की आजादी के लिए लड़ने वालों की भूमि है। उन्होंने कहा कि शौर्य और वीरता की धरती राजस्थान से यहां आए मारवाड़ी समाज का अपनी मातृभूमि से गहरा जुड़ाव है।

बिरला ने कहा कि मारवाड़ी समाज ओडिशा की धरती पर अपने कर्म और श्रम से अमूल्य योगदान दे रहे हैं। उन्होंने कहा कि राजस्थान और ओडिशा का गहरा संबंध भी है। दोनों की आध्यात्मिक आस्था, संस्कृति और विचारों में समानता है। मारवाड़ी समाज ने कड़ी मेहनत से यहां के लोगों को भी अपना बनाया है। उन्होंने कहा कि देश-दुनिया में मारवाड़ी समाज त्याग, सेवा और समर्पण से अपनी पहचान बना रहे हैं। 

लोकसभा अध्यक्ष ने कहा कि मारवाड़ी समाज जन्मस्थली से जुड़कर कर्मस्थली पर सामाजिक दायित्वों को निभाते हैं। आपदा और संकट की घड़ी में मारवाड़ी समाज सदैव सहयोग के लिए आगे रहता है। इन्होंने शिक्षा के लिए विद्यालय खोले, चिकित्सालय और धर्मशालाएं भी बनाई। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा ने प्रवासी राजस्थानियों को अपनी जन्मस्थली से जोड़ने का सराहनीय कार्य किया है। इसी कड़ी में प्रवासी राजस्थानी दिवस का आयोजन किया। उन्होंने आह्वान किया कि विकसित भारत के सपने को साकार करने में सभी अपना सकारात्मक सहयोग दें। 

केन्द्रीय शिक्षा मंत्री श्री धर्मेन्द्र प्रधान ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में राजस्थान और ओडिशा तेजी से आगे बढ़ रहे हैं। एक भारत और श्रेष्ठ भारत के लिए राजस्थान और ओडिशा में निवेश के अवसर बढ़ रहे हैं। उन्होंने कहा कि मारवाड़ महोत्सव के आयोजन से हमारी सांस्कृतिक विरासत आगे बढ़ेगी।

मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा कि देश-दुनिया में मारवाड़ी अपनी संस्कृति को संरक्षित कर एक भारत-श्रेष्ठ भारत की संकल्पना को साकार कर रहे हैं। मारवाड़ी समाज शिक्षा, चिकित्सा जैसे क्षेत्रों में सामाजिक सरोकार के कार्य कर सभी जगह मेहनत व ईमानदारी से राजस्थान की मिट्टी की खुशबू को फैला रहे हैं।  

भजनलाल शर्मा ने कहा कि मारवाड़ी युवा मंच द्वारा आयोजित यह महोत्सव सांस्कृतिक एकता, लोक परंपरा और भारतीय गौरव का अद्वितीय संगम है। साथ ही, राजस्थान की लोक कला, संगीत, नृत्य, हस्तशिल्प और खानपान को एक मंच पर लाकर भारत की सांस्कृतिक आत्मा को एक माला में पिरोने का सशक्त प्रयास है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार ने 10 दिसम्बर को प्रवासी राजस्थानी दिवस का आयोजन किया जिसमें राजस्थान फाउंडेशन के माध्यम से प्रवासी राजस्थानियों को आमंत्रित किया गया। उन्होंने कहा कि राजस्थान फाउंडेशन के चैप्टर्स की संख्या बढ़कर अब 40 हो गई है। मारवाड़ी समाज अपनी कर्मभूमि के साथ ही मातृभूमि के लिए भी काम करें। उन्होंने कहा कि प्रवासी राजस्थानियों की मदद के लिए हमारी सरकार ने सभी जिलों में अतिरिक्त जिला कलक्टर को नोडल अधिकारी नियुक्त किया है। 

श्री शर्मा ने कहा कि राजस्थानी भाई-बहन चाहे दुनिया के किसी भी कोने में हों, मारवाड़ की अजेय भावना, शेखावाटी का उद्यमी जज्बा, मेवाड़ का गौरव, ढूंढाड़ की विनम्रता और बृज की मधुरता साथ लिए चलते हैं। उन्होंने कहा कि मारवाड़ी समाज के परिश्रम से राजस्थान और ओडिशा साथ-साथ आगे बढ़ेंगे। 

इस अवसर पर ओडिशा के मंत्री श्री रबी नारायण नाइक, राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्री सूर्यबंशी सूरज, अन्य विधायकगण सहित मारवाड़ी समाज के गणमान्यजन उपस्थित रहे। 

सड़क सुरक्षा के प्रति रहें जागरूक, यातायात नियमों का करें पालन : मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा
मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा ने ‘रन फॉर जयपुर’ को -हरी झंडी दिखाकर किया रवाना

जयपुर, 21 दिसम्बर। मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा ने रविवार को जयपुर स्थित अल्बर्ट हॉल से “रन फॉर जयपुर” मैराथन को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इस अवसर पर श्री शर्मा ने अपने उद्बोधन में कहा कि दैनिक भास्कर द्वारा आयोजित यह आयोजन सड़क सुरक्षा एवं स्वस्थ जीवन शैली की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि सड़क दुर्घटनाओं की रोकथाम के लिए यातायात नियमों का पालन अत्यंत आवश्यक है। हमारी छोटी सी लापरवाही सड़क दुर्घटनाओं को अंजाम दे सकती है। उन्होंने कहा कि हमारा जीवन अमूल्य है। हमें वाहन चलाते समय हेलमेट, सीट बेल्ट का अनिवार्य रुप से उपयोग करना चाहिए, जिससे दुर्घटनाओं से बचा जा सके। 

श्री शर्मा ने राज्य सरकार के सड़क सुरक्षा के कार्यक्रमों में सहयोग देने के लिए दैनिक भास्कर का धन्यवाद देते हुए कहा कि ऐसे कार्यक्रम समाज में यातायात नियमों के प्रति जागरूकता के लिए महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। साथ ही, ऐसे आयोजनों में युवाओं की सक्रिय भागीदारी से सड़क सुरक्षा का संदेश जन-जन तक और अधिक प्रभावी रूप से पहुंचेगा।

इस दौरान श्री शर्मा ने दौड़ में भाग ले रहे प्रतिभागियों से मिलकर उनका उत्साहवर्धन भी किया। इस अवसर पर विभिन्न गणमान्य एवं बड़ी संख्या में प्रतिभागी उपस्थित रहे।

दो वर्ष के कार्यकाल में ऐतिहासिक उपलब्धियां हुई हासिल, हर क्षेत्र तथा हर वर्ग के उत्थान के लिए किए गए निर्णय – मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा
राज्य सरकार के 2 वर्ष के उपलक्ष्य पर ‘रन फॉर विकसित राजस्थान’, नव उत्थान-नई पहचान, बढ़ता राजस्थान-हमारा राजस्थान, मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने ‘रन फॉर विकसित राजस्थान’ को दिखाई हरी झंडी

जयपुर, 21 दिसम्बर। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा कि हमारी सरकार ने दो वर्ष के कार्यकाल में ऐतिहासिक उपलब्धियां हासिल की हैं। राज्य सरकार ने हर क्षेत्र और हर वर्ग के उत्थान के लिए निर्णय लिए हैं। विशेषकर युवाओं के सशक्तीकरण के लिए ठोस कदम उठाए गए हैं। उन्होंने युवाओं से स्वस्थ दिनचर्या का पालन करते हुए फिट रहने तथा प्रदेश के विकास में सक्रिय योगदान देने की अपील की जिससे प्रदेश नई ऊंचाइयों को छू सके। उन्होंने कहा कि अगर प्रदेशवासी एक कदम आगे बढ़ेंगे तो राजस्थान कई गुना आगे बढ़ेगा। 

शर्मा राज्य सरकार के दो वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य पर आयोजित हो रहे कार्यक्रमों की श्रृंखला में रविवार को ‘रन फॉर विकसित राजस्थान’ कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। इस अवसर पर उन्होंने अमर जवान ज्योति से ‘रन फॉर विकसित राजस्थान’ को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। उन्होंने कहा कि गत सरकार के समय युवाओं के सपनों को रौंदते हुए  पेपरलीक के अनेक प्रकरण हुए थे जबकि हमारी सरकार के कार्यकाल में 296 भर्ती परीक्षाएं आयोजित की गई, उनमें से एक भी पेपरलीक नहीं हुआ है। हमारा लक्ष्य है कि युवाओं को पांच साल में चार लाख सरकारी नौकरियां दी जाएं। इसी क्रम में राज्य सरकार ने दो वर्ष के कार्यकाल में अब तक 92 हजार से अधिक नियुक्तियां प्रदान की हैं तथा 1.53 लाख पदों पर भर्ती प्रक्रियाधीन है। साथ ही, इस माह भी लगभग 20 हजार पदों पर युवाओं को नियुक्ति पत्र दिए जाएंगे। उन्होंने कहा कि राइजिंग राजस्थान ग्लोबल इन्वेस्टमेंट समिट के तहत हुए 35 लाख करोड़ रुपये के एमओयू में से 8 लाख करोड़ रुपये की ग्राउंड ब्रेकिंग की जा चुकी है। राज्य सरकार युवाओं को कौशल प्रशिक्षण दे रही है, जिससे वे अब रोजगार प्रदाता भी बन रहे हैं। 

मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारी सरकार ने जब एक वर्ष का कार्यकाल पूरा किया था, तब अपने कार्यों का रिकॉर्ड लेकर जनता के बीच गए थे तथा अब भी राज्य सरकार के दो साल पूरे होने पर हम अपने कार्यों का रिपोर्ट कार्ड लेकर जनता के सामने जा रहे है। गांव-गांव, ढाणी-ढाणी तक विकास कार्यों की जानकारी पहुंचाई जा रही है। उन्होंने कहा कि हमारी सरकार ने राज्य के विकास के लिए रौडमैप बनाकर कार्य किया है। हमने प्रदेश में बिजली, पानी, उद्योग सहित विभिन्न क्षेत्रों में अनेक अभूतपूर्व निर्णय लिए हैं। साथ ही, राज्य सरकार किसान, महिला, युवा, मजदूर सहित सभी वर्गों के सशक्तीकरण के लिए भी निरंतर कार्य कर रही है।

इस अवसर पर युवा मामले और खेल मंत्री कर्नल राज्यवर्धन राठौड़ ने कहा कि मुख्यमंत्री के नेतृत्व में राज्य सरकार ने दो वर्ष में हर क्षेत्र में काम किया हैं, जिससे युवाओं को रोजगार के अनेक अवसर मिले हैं। हमारी सरकार राज्य को भारत में अग्रणी स्टेट बनाने की दिशा में प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है।

इस दौरान मुख्यमंत्री ने प्रतिभागियों के साथ दौड़ में हिस्सा लेकर उनका उत्साहवर्धन भी किया। इससे पहले शर्मा ने खेलो इंडिया यूनिवर्सिटी गेम्स के पदक विजेताओं का सम्मान भी किया। इस दौरान विधायक श्री कुलदीप, मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास, पुलिस महानिदेशक राजीव कुमार शर्मा, शासन सचिव युवा मामले एवं खेल नीरज के. पवन सहित बड़ी संख्या में प्रतिभागी मौजूद रहे।

श्रीमद्भागवत महापुराण में जीवन की हर समस्या का समाधान : मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा
जयपुर, 18 दिसम्बर। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने गुरुवार को मानसरोवर स्थित वीटी रोड मेला मैदान में 15 से 21 दिसम्बर तक आयोजित श्रीमद्भागवत कथा में शामिल होकर कथा का श्रवण...

जयपुर, 18 दिसम्बर। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने गुरुवार को मानसरोवर स्थित वीटी रोड मेला मैदान में 15 से 21 दिसम्बर तक आयोजित श्रीमद्भागवत कथा में शामिल होकर कथा का श्रवण किया। उन्होंने श्रीमद्भागवत महापुराण का पूजन कर उपस्थित संतों-महंतों का आर्शीवाद प्राप्त किया।

शर्मा ने श्रद्धालुओं को संबोधित करते हुए कहा कि सनातन धर्म हमें जीवन जीने की पद्धति सिखाता है। श्रीमद्भागवत महापुराण ऐसा पवित्र ग्रंथ है जिसमें जीवन की हर समस्या व प्रश्न का समाधान विद्यमान है और श्रीमद्भागवत कथा जैसे आयोजन भावी पीढ़ी में संस्कारों का संचार करते हैं। इसके श्रवण मात्र से ही जीवन के सारे कष्ट दूर हो जाते हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि ऋषि, मुनियों और महंतों ने हमारी प्राचीन परंपरा और संस्कृति का संरक्षण और पोषण किया है। पौष के पावन माह में श्रीमद्भागवत कथा के श्रवण से विशेष पुण्य प्राप्त होता है।

इस अवसर पर कथावाचक देवकीनन्दन ठाकुर, काले हनुमान मंदिर के महंत श्री गोपालदास महाराज सहित अन्य संत, महंत, कथा आयोजन समिति के पदाधिकारीगण तथा बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे।

मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने सरस राजसखी राष्ट्रीय मेले का किया शुभारंभ
महिला स्वयं सहायता समूहों से किया संवाद, कहा- ‘ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मिला बल, महिलाएं हो रहीं सशक्त’

जयपुर, 18 दिसम्बर। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने गुरूवार को जवाहर कला केन्द्र में सरस राजसखी राष्ट्रीय मेले का शुभारंभ किया। इस दौरान उन्होंने देश-प्रदेश की महिला स्वयं सहायता समूहों द्वारा लगाई गई विभिन्न स्टॉल्स का अवलोकन कर उत्पादों के बारे में जानकारी ली और उनके हुनर की प्रशंसा की। 

इस अवसर पर श्री शर्मा ने लखपति दीदी एवं स्वयं सहायता समूहों की महिलाओं से आत्मीयता के साथ संवाद किया। उन्होंने कहा कि स्वयं सहायता समूहों के माध्यम से महिलाएं सशक्त हो रही हैं जिससे ग्रामीण व्यवस्था का विस्तार हो रहा है। वे अपना घर संभालने के साथ ही देश की अर्थव्यवस्था में अहम भूमिका निभा रही हैं। 

मुख्यमंत्री ने कहा कि सरस मेला इस बात का प्रमाण है कि जब सही नीति, सशक्त संस्थागत ढांचा और प्रभावी क्रियान्वयन एक साथ आते हैं तो ग्रामीण महिलाओं के जीवन में स्थायी और समावेशी परिवर्तन संभव होता है। यह मेला आत्मनिर्भर राजस्थान-आत्मनिर्भर भारत के हमारे संकल्प का प्रतीक भी है। 

उल्लेखनीय है कि 4 जनवरी तक चलने वाले इस सरस राजसखी राष्ट्रीय मेले में ग्रामीण भारत की समृद्ध परंपराआंे, शिल्प कौशल एवं कलाओं का प्रदर्शन किया जा रहा है। इस मेले में राजस्थान सहित 24 राज्यों की लगभग 300 स्टॉल्स लगाई गई हैं। इनमें देश के विभिन्न हिस्सों की ग्रामीण परंपरा, लोक कला, लोक शिल्प, वस्त्र परंपराएं, हैंडलूम एवं हैंडीक्राफ्ट उत्पादों का प्रदर्शन और विक्रय किया जा रहा है।

इस दौरान मुख्य सचिव श्री वी. श्रीनिवास, अतिरिक्त मुख्य सचिव ग्रामीण विकास श्रेया गुहा, आजीविका परियोजनाएं एवं स्वयं सहायता समूह की स्टेट मिशन निदेशक नेहा गिरी सहित बड़ी संख्या में आमजन उपस्थित रहे।

नई राजस्थान पर्यटन नीति एक दूरदर्शी दस्तावेज : भजनलाल शर्मा
जयपुर, 10 दिसम्बर। राजस्थान सरकार ने बुधवार को प्रवासी राजस्थानी दिवस के अवसर पर राज्य की महत्वाकांक्षी राजस्थान पर्यटन नीति–2025 औपचारिक रूप से जारी की। मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा ने...

जयपुर, 10 दिसम्बर। राजस्थान सरकार ने बुधवार को प्रवासी राजस्थानी दिवस के अवसर पर राज्य की महत्वाकांक्षी राजस्थान पर्यटन नीति–2025 औपचारिक रूप से जारी की। मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा ने सीतापुरा स्थित जेईसीसी परिसर में आयोजित पर्यटन सत्र के दौरान इस नीति का विमोचन किया। इस अवसर पर उपमुख्यमंत्री दिया कुमारी, पर्यटन विभाग के वरिष्ठ अधिकारी, प्रवासी राजस्थानी समुदाय तथा पर्यटन क्षेत्र से जुड़े प्रमुख हितधारक उपस्थित थे।

मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा ने कहा कि यह नीति राजस्थान के पर्यटन विकास को नई दिशा देने वाला एक दूरदर्शी दस्तावेज़ है, जो राज्य को राष्ट्रीय ही नहीं बल्कि वैश्विक पर्यटन मानचित्र पर अग्रणी स्थान दिलाने में सहायक सिद्ध होगी। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि नई पर्यटन नीति निवेश, नवाचार, रोजगार और सामुदायिक सहभागिता को नई गति देगी। यह नीति विकसित राजस्थान 2047 के लक्ष्यों को प्राप्त करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। मुख्यमंत्री ने सभी विभागों एवं हितधारकों से इस नीति को सफल बनाने के लिए सक्रिय सहयोग का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि पर्यटन नीति की अनुपालना हेतु एक समर्पित नीति कार्यान्वयन इकाई स्थापित की जाएगी ताकि पर्यटन नीति में उल्लेखित सभी बिंदुओं पर त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित की जा सके। राज्य सरकार ने पर्यटन परियोजनाओं को तेजी से गति देने के लिए पीपीपी मॉडल और इज ऑफ डूइंग बिजनेस को केंद्र में रखा है। सभी अनुमतियों के लिए सिंगल वेब पोर्टल, पर्यटन व्यवसायों की ग्रेडिंग और गतिविधि निगरानी के लिए एकीकृत डिजिटल प्लेटफॉर्म विकसित किया जाएगा। पर्यटन व्यवसायियों को प्रोत्साहित करने के लिए प्रतिवर्ष राजस्थान पर्यटन पुरस्कार दिए जाएंगे। विद्यार्थियों को पर्यटन कोर्स व कौशल कार्यक्रमों के लिए स्कॉलरशिप तथा पर्यटन उद्यमों को ट्रेनिंग–स्किल इंसेंटिव उपलब्ध कराया जाएगा।

इस अवसर पर उपमुख्यमंत्री दिया कुमारी ने कहा कि राजस्थान पर्यटन नीति–2025 के जरिए राज्य सरकार का लक्ष्य आगामी वर्षों में राजस्थान को विश्वस्तर पर प्रतिस्पर्धी, सुरक्षित और पर्यटक–अनुकूल राज्य के रूप में स्थापित करना है। उन्होंने कहा कि राजस्थान की संस्कृति, विरासत, कला और प्राकृतिक विविधता को नए युग की पर्यटन आवश्यकताओं से जोड़कर विश्वस्तरीय अनुभव देना हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है। यह नीति पर्यटन विकास को नयी गति और दिशा देगी।

उपमुख्यमंत्री ने कहा कि नई नीति राजस्थान को भारत का सबसे मजबूत, आधुनिक और आकर्षक पर्यटन राज्य बनाने का संकल्प है। सरकार चाहती है कि हर पर्यटक राजस्थान की संस्कृति, मेहमाननवाज़ी और विविधता भरे अनुभवों से समृद्ध होकर लौटे। यह नीति राज्य में पर्यटन के विस्तार, रोजगार सृजन, डिजिटल सुविधा, धार्मिक–सांस्कृतिक सर्किट, एस्ट्रो–टूरिज्म, एडवेंचर और वेलनेस टूरिज्म जैसे नए क्षेत्रों को गति देने वाला व्यापक रोडमैप साबित होगी। नई नीति के तहत राज्य सरकार ने पर्यटन ढांचे को पूर्णतया आधुनिक, सुरक्षित, निवेश–अनुकूल और तकनीकी रूप से सक्षम बनाने के लक्ष्य निर्धारित किए हैं। यह नीति सिर्फ एक नीतिगत डॉक्यूमेंट ही नहीं बल्कि यह हमारे राज्य को एक वैश्विक पर्यटन महाशक्ति में बदलने का हमारा रोडमैप है। उन्होंने कहा कि हमारा दृष्टिकोण स्पष्ट है की पर्यटन के आधारभूत ढांचे को सुदृढ़ करने के लिए पर्यटन के सभी आयामों जैसे पर्यटक सुविधाओं, मार्केटिंग एवं प्रमोशन, मेले एवं त्योहार, पर्यटन निवेश, पर्यटन में आईटी, डिजिटल एवं एआई, कौशल विकास, युवाओं को पर्यटन क्षेत्र में रोजगार आदि पर लक्ष्य निर्धारित कर कार्य किया जाएगा। 

विशेष पर्यटन क्षेत्र और धार्मिक सर्किट-

चुनिंदा जिलों में स्पेशल टूरिज्म जोन (एसटीजेड) प्लग–एंड–प्ले मॉडल पर स्थापित किए जाएंगे, जहाँ आधारभूत संरचना सरकार और आतिथ्य सेवाएँ निजी क्षेत्र विकसित करेगा।

कृष्ण गमन पथ और बृज–द्वारका तीर्थ मार्ग के तहत राजस्थान के प्रमुख मंदिरों में यात्री सुविधाएँ बढ़ाई जाएँगी। वन विभाग और देवस्थान विभाग के सहयोग से धार्मिक और वन्यजीव–आधारित टूरिज्म हब भी विकसित किए जाएंगे।

डिजिटल और अनुभव आधारित पर्यटन-

सरकार ऐतिहासिक स्मारकों का थ्रीडी लेजर स्कैन, वीआऱ अनुभव, डिजिटल संग्रहालय और लाइट–एंड–साउंड शो विकसित करेगी। नई पर्यटन फ़िल्में, सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर सहयोग और डिजिटल प्रचार पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। पर्यटकों को बेहतर डिजिटल सुविधा देने के लिए नया राजस्थान पर्यटन वेब पोर्टल, मोबाइल ऐप, चैटबॉट, डिजिटल मैप व गाइडबुक लॉन्च किए जाएंगे।

जिला स्तर पर प्रबंधन-

प्रत्येक जिले में कलेक्टर की अध्यक्षता में जिला पर्यटन विकास समिति (डीटीडीसी) द्वारा पर्यटन स्थलों के संचालन और प्रबंधन के लिए डेस्टिनेशन मैनेजमेंट ऑर्गेनाइजेशन (डीएमओ)  के रूप में भी कार्य किया जाएगा। पीक सीजन में समस्याओं के त्वरित समाधान के लिए ये समितियाँ नियमित बैठकें आयोजित करेंगी।

पर्यटक सुविधा और कनेक्टिविटी- 

राज्य के प्रमुख पर्यटन शहरों में हॉप ऑन–हॉप ऑफ बस सेवा, एयरपोर्ट–रेलवे–बस स्टैंड पर प्रीपेड टैक्सी बूथ, ई-सेगवे, रेंटल साइकिल और गाइडेड ई–वाहन सेवाएँ शुरू की जाएँगी। पर्यटकों को सभी परिवहन साधनों में एकीकृत सुविधा देने के लिए राजस्थान ट्रैवल कार्ड भी लाया जाएगा।

थीम आधारित पर्यटन को बढ़ावा-

एस्ट्रो टूरिज्म, फूड फेस्टिवल, एडवेंचर स्पोर्ट्स, ईको–टूरिज्म, फिल्म सिटी, मल्टी–परपज़ इवेंट स्टेडियम, बर्ड–वॉचिंग सर्किट, शौर्य पर्यटन सर्किट जैसे नए क्षेत्रों को बढ़ावा देकर राज्य में पर्यटन के अवसरों का दायरा व्यापक किया जाएगा। पुष्कर, मरु महोत्सव, झील महोत्सव जैसे आयोजनों को और अधिक भव्य स्वरूप देने की तैयारी भी नीति में शामिल है।

विरासत, शिल्प और वेलनेस टूरिज्म-

विरासत संरक्षण के लिए मैन्युस्क्रिप्ट, जनजातीय संस्कृति, वस्त्र और पारंपरिक शिल्प पर आधारित क्राफ्ट म्यूज़ियम स्थापित किए जाएंगे। योग, आयुर्वेद और नेचुरोपैथी पर आधारित वेलनेस टूरिज्म हब विकसित किए जाएंगे।

पर्यटक सुरक्षा—24×7 सहायता प्रणाली-

राज्य में 24×7 टूरिज्म कॉल सेंटर, मजबूत टूरिस्ट असिस्टेंस फोर्स, पर्यटक वाहनों में पैनिक बटन, क्यूआर आधारित फीडबैक सिस्टम, सीसीटीवी और आईईसी गतिविधियों से सुरक्षा तंत्र को मजबूत किया जाएगा।

इस अवसर पर श्री झाबर सिंह खर्रा, राज्य मंत्री (नगरीय विकास एवं स्वायत्त शासन), श्री जोराराम कुमावत, मंत्री (पशुपालन, डेयरी, गोपालन एवं देवस्थान), श्रीमती मुग्धा सिन्हा, एमडी आईटीडीसी, श्री प्रवीन गुप्ता, अतिरिक्त मुख्य सचिव (पर्यटन), श्रीमती रुक्मणी रियार, पर्यटन आयुक्त तथा देश–विदेश से जुड़े अनेक पर्यटन उद्यमी, विशेषज्ञ एवं प्रवासी राजस्थानी प्रतिनिधि उपस्थित थे

राजस्थान की जल सुरक्षा को मजबूत करने के लिए व्यावहारिक और टेक्नोलॉजीआधारित समाधानों पर हुई चर्चा: मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा
प्रवासी राजस्थानी दिवस’ 2025 में सस्टेनेबल वाटर इंफ्रास्ट्रक्चर पर सत्र :राज्य मंत्री भागीरथ चौधरी, कृषि मंत्री श्किरोड़ी लाल मीणा रहे मौजूद

जयपुर, 10 दिसम्बर। ‘प्रवासी राजस्थानी दिवस’ 2025 मे जेईसीसी, जयपुर में “राजस्थान में सस्टेनेबल वाटर इंफ्रास्ट्रक्चर का विकासरू एक जिम्मेदारी और एक अवसर” विषय पर सत्र आयोजित किया गया। इस सत्र में राजस्थान की जल सुरक्षा को मजबूत करने के लिए व्यावहारिक, बड़े पैमाने पर लागू होने वाले और टेक्नोलॉजी-आधारित समाधानों पर चर्चा करने के लिए प्रमुख विशेषज्ञ और इंडस्ट्री के इनोवेटर एक साथ आए।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री भजन लाल शर्मा ने कहा कि पिछले दो सालों में, हमारी सरकार प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में पानी को प्राथमिकता देते हुए अलग-अलग प्रोजेक्ट्स पर काम कर रही है। हमने राजस्थान के लिए एक विस्तृत योजना तैयार की है ताकि सिंचाई, उद्योग, पशुधन और घरेलू पानी की जरूरतें पूरी हो सकें।

केंद्रीय कृषि और किसान कल्याण राज्य मंत्री भागीरथ चौधरी ने कहा कि ईस्टर्न राजस्थान कैनाल प्रोजेक्ट जैसी बड़ी परियोजनाएं और पानी बचाने के पारंपरिक तरीकों का इस्तेमाल राजस्थान को एक हरा-भरा और ज्यादा सस्टेनेबल राज्य बना रहा है।

कृषि एवं ग्रामीण विकास मंत्री किरोड़ी लाल मीणा ने कहा कि आर.आर.आर. सिद्धांत ‘रियूज, रिड्यूस और रीसायकल’  में राजस्थान में बहुत ज्यादा संभावना है। इस सिद्धांत को व्यवहार में लाने के लिए हमें प्रवासी राजस्थानियों के समर्थन की जरूरत है। उन्होंने कहा कि आपके सहयोग से, हम इस तरीके का इस्तेमाल करके पूरे राजस्थान में कृषि के क्षेत्र में एक बड़ा बदलाव ला सकते हैं।

जल संसाधन मंत्री श्री सुरेश सिंह रावत ने कहा कि पानी बचाना राजस्थान के लोगों की एक पुरानी परंपरा रही है। उन्होंने बजट में वाटर ग्रिड की घोषणा के लिए मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा को धन्यवाद भी दिया।

जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग मंत्री कन्हैया लाल ने कहा कि प्रवासन बढ़ने का कारण राजस्थान में पानी की कमी थी। हालांकि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में राजस्थान बदल रहा है और पूरे राज्य में पानी की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए बड़ी प्रगति की जा रही है।

इस सत्र मे अतिरिक्त मुख्य सचिव जल संसाधन अभय कुमार, संयुक्त सचिव, पीएचईडी और मिशन निदेशक जल जीवन मिशन डॉ. रवींद्र गोस्वामी, पूर्व अध्यक्ष, सीआईआई राजस्थान और सीईओ हिंदुस्तान जिंक लिमिटेड अरुण मिश्रा, इंद्रनील दत्त सहित कई विषय विशेषज्ञ एवं गणमान्य जन शामिल हुए।

विशेषज्ञों ने राजस्थान के लिए एक प्रगतिशील और सहयोगी विजन बनाने की जरूरत पर जोर दिया, जो जिम्मेदारी को अवसर में बदले और आने वाली पीढ़ियों के लिए राज्य के जल इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करे। चर्चाओं में टिकाऊ जल इंफ्रास्ट्रक्चर के विकास, सुधार और प्रभावी जल संसाधन प्रबंधन पर ध्यान केंद्रित किया गया।