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जिला कलेक्टर्स टू इयर्स प्रोगाम के तहत जिलों में हो रहे सभी इवेंट्स को समय पर पोर्टल पर अपलोड करना सुनिश्चित करें: मुख्य सचिव
ब तक 'टू इयर्स गवर्नेंस पोर्टल' पर 1 लाख 63 हजार इवेंट्स किए गए अपलोड

जयपुर, 19 दिसंबर। मुख्य सचिव श्री वी.श्रीनिवास ने कहा कि जिला कलेक्टर्स  राज्य सरकार के कार्यकाल के 2 वर्ष पूर्ण होने पर किए जा रहे कार्यक्रमों का व्यापक प्रचार—प्रसार करें। इसके लिए उन्होंने सभी जिलों में आयोजित किए जा रहे कार्यक्रमों की सभी इवेंट्स को ‘टू इयर्स गवर्नेंस पोर्टल’ पर अपलोड करवाने के निर्देश दिए हैं।

मुख्य सचिव श्री वी.श्रीनिवास राज्य सरकार के दो वर्ष पूर्ण होने पर आयोजित किए जा रहे कार्यक्रम के ‘टू इयर्स गवर्नेंस पोर्टल’  पर न्यूनतम प्रदर्शन वाले दस जिलों के साथ शुक्रवार को शासन सचिवालय में आयोजित बैठक में प्रगति की समीक्षा कर रहे थे। 

आयोजना व सूचना प्रौद्यो‍गिकी एवं संचार विभाग के शासन सचिव डॉ. रवि कुमार सुरपुर ने कहा कि जिला कलेक्टर्स पोर्टल पर इवेंट अपलोड करवाने के लिए जिला सूचना एवं जनसंपर्क अधिकारियों के साथ अन्य जिला स्तरीय अधिकारियों की सहभागिता भी सुनिश्चित करें।  

उन्होंने कहा कि राज्य सरकार के कार्यकाल के 2 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य पर 11 दिसंबर से अब तक कई महत्वपूर्ण कार्यक्रम पूर्ण जनभागीदारी से आयोजित किए जा चुके हैं। इसके अतिरिक्त कार्यक्रमों की सीरिज में प्रदेश भर में 25 दिसंबर तक विभिन्न कार्यक्रम आयोजित होंगे। राज्य सरकार की सोच है कि स्वच्छता कार्यक्रम, रक्तदान शिविर, सड़क सुरक्षा अभियान,  राजकीय कार्यालयों की साफ—सफाई, ग्रामीण एवं शहरी समस्या समाधान फॉलोअप शिविर, पर्यावरण संरक्षण अभियान, महिला एवं किसान सम्मेलन, रक्तदान शिविर एवं आरोग्य कैंप, महिला सश​क्तीकरण सम्मलेन, रन फॉर विकसित राजस्थान (रविराज), पर्यटन कॉन्क्लेव, विकास प्रर्दशनी, प्रभात फेरी सहित विभिन्न कार्यक्रमों में अधिकतम जनभागीदारी हो । सभी 200 विधानसभा क्षेत्रों में विकास रथ, सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं, उपलब्धियों का प्रचार—प्रसार कर रहे हैं। सभी जिलों में बड़ी संख्या में इवेंट्स आयोजित किए जा रहे हैं। इस आयोजन के डॉक्यूमेंटशन के लिए यह आवश्यक है कि जिलों में होने वाले सभी इवेंट्स को पोर्टल पर अपलोड किया जाए।  

बैठक में आयोजना (समन्वय) विभाग के संयुक्त शासन सचिव श्री नरेन्द्र कुमार मंघानी, सूचना एवं जनसंपर्क विभाग के अतिरिक्त निदेशक (प्रशासन) डॉ. गोरधन लाल शर्मा उपस्थित रहे। साथ ही धौलपुर, सलुम्बर, जैसलमेर, फलौदी, सिरोही, डीग, डीडवाना, कुचामन, झुंझुनूं और दौसा के जिला कलेक्टर एवं अन्य प्रशासनिक अधिकारी भी वीसी के माध्यम से उपस्थित रहे।

राज्य सरकार के दो वर्ष पूर्ण होने पर जयपुर में हुआ जिला स्तरीय महिला सम्मेलन
जयपुर, 19 दिसम्बर। राज्य सरकार के कार्यकाल के सफल दो वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में आयोजित विभिन्न कार्यक्रमों की श्रृंखला के अंतर्गत शुक्रवार को जयपुर में जिला स्तरीय महिला सम्मेलन ...

जयपुर, 19 दिसम्बर। राज्य सरकार के कार्यकाल के सफल दो वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में आयोजित विभिन्न कार्यक्रमों की श्रृंखला के अंतर्गत शुक्रवार को जयपुर में जिला स्तरीय महिला सम्मेलन  जिला परिषद  सभागार में हुआ।

कार्यक्रम में श्रीमती रमा देवी चौपड़ा, जिला प्रमुख, श्री महेन्द्र पाल मीणा, विधायक जमवारामगढ़ श्री गोपाल शर्मा, विधायक सिविल लाइन्स, जिला कलक्टर श्री जितेन्द्र कुमार सोनी, मुख्य कार्यकारी अधिकारी श्रीमती प्रतिभा वर्मा एवं अतिरिक्त मुख्य कार्यकारी अधिकारी श्री बृजमोहन गुप्ता, अन्य जनप्रतिनिधि, अधिकारी एवं बड़ी संख्या में महिलाएं उपस्थित रहीं।

कार्यक्रम में  श्रीमती रमा देवी चोपड़ा ने राज्य सरकार के दो वर्षों के कार्यकाल में महिलाओं, बालिकाओं, विद्यार्थियों, वरिष्ठ नागरिकों एवं वंचित वर्गों के कल्याण हेतु संचालित योजनाओं एवं नवाचारों पर प्रकाश डालते हुए कहा कि सरकार की प्राथमिकता सामाजिक सुरक्षा, शिक्षा, स्वास्थ्य एवं महिला सशक्तीकरण रही है।

शुक्रवार को ही राज्य स्तरीय महिला सम्मेलन कार्यक्रम धौलपुर में हुआ, जिसमें  मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा ने सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजना, पालनहार योजना, उच्च शिक्षा छात्रवृत्ति योजना, अनुसूचित जनजाति के विद्यार्थियों हेतु पूर्व मैट्रिक छात्रवृत्ति सहित विभिन्न योजनाओं के अंतर्गत डीबीटी के माध्यम से लाभार्थियों को राशि हस्तांतरित की। श्री शर्मा ने हेल्थ इंश्योरेंस कार्ड इंटर-ऑपरेबिलिटी लागू किए जाने की घोषणा भी की, जिससे प्रदेशवासियों को स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ और अधिक सुगमता से मिल सकेगा।

जिला स्तरीय महिला सम्मेलन के दौरान राजीविका, शिक्षा, स्वास्थ्य कल्याण एवं पेंशन योजनाओं से जुड़े लाभार्थियों को स्वीकृति पत्र एवं आयुष्मान आरोग्य कार्ड वितरित किए गए। इसके साथ ही राजीविका की ‘लखपति दीदीयों’ को प्रोत्साहन स्वरूप विशेष बैग भी प्रदान किए गए जिससे महिला स्वयं सहायता समूहों के माध्यम से आर्थिक सशक्तिकरण को और मजबूती मिलेगी।

कार्यक्रम में अतिथियों ने महिलाओं से योजनाओं का अधिकाधिक लाभ उठाने का आह्वान करते हुए कहा कि राज्य सरकार का लक्ष्य हर महिला को आत्मनिर्भर बनाना और समाज के अंतिम पंक्ति में खड़े व्यक्ति तक विकास की रोशनी पहुंचाना है।

विधायक निधि में कमीशनखोरी का स्टिंग: भ्रष्टाचार के आरोपों से हिली राजनीति, फंड फ्रीज़ और जांच के आदेश
पूरे मामले पर एक विस्तृत विश्लेषण

राजस्थान की राजनीति में विधायक निधि (MLA Local Area Development Fund) से जुड़े भ्रष्टाचार के गंभीर आरोपों ने हड़कंप मचा दिया है। एक बड़े हिंदी अख़बार द्वारा किये गए स्टिंग ऑपरेशन में आरोप लगाया गया है कि कुछ विधायकों ने विकास कार्यों की स्वीकृति और फंड रिलीज कराने के बदले करीब 40% तक कमीशन मांगने का लेन-देन कैमरे में रिकॉर्ड हुआ।

🧨 1. स्टिंग ऑपरेशन: कैसे शुरू हुआ मामला?

राजस्थान में एक प्रमुख हिंदी अख़बार ने स्टिंग ऑपरेशन किया, जिसमें आरोप हैं कि तीन विधायकों ने विधायक स्थानीय क्षेत्र विकास निधि (MLA-LAD Fund) से विकास कार्यों की अनुशंसा/अनुमोदन के बदले कमीशन/रिश्वत लेने की बातचीत कैमरे में रिकॉर्ड की गई। इस फुटेज में कथित रूप से 40% तक कमीशन की बात भी सामने आई। रॉयल बुलेटिन+1

आरोपित विधायक:
✔️ रेवंत राम डांगा (BJP, खींवसर)
✔️ अनीता जाटव (Congress, हिंडौन)
✔️ ऋतु बनावत (Independent, बयाना) The Times of India


⚖️ 2. सरकारी कार्रवाई और जांच की प्रक्रिया

📌 फंड फ्रीज़ करना और उच्च स्तरीय जांच

मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने तुरंत कार्रवाई करते हुए इन तीनों विधायकों के MLA-LAD खातों को फ्रीज़ कर दिया है और उनसे जुड़े विकास कार्यों का पैसा रोक दिया है। साथ ही, एक चार सदस्यीय हाई-लेवल जांच पैनल का गठन किया गया है, जिसकी सीमा 15 दिनों में रिपोर्ट देना है। The New Indian Express+1

📌 सदाचार कमेटी की भूमिका

राजस्थान विधानसभा स्पीकर ने यह मामला सदाचार (Ethics) कमेटी को भेज दिया है। कमेटी ने सभी आरोपित विधायकों को 19 दिसंबर को पेश होने और जवाब देने के लिए नोटिस जारी किए हैं। Devdiscourse+1


🧠 3. विधायकों की प्रतिक्रिया

✔️ ऋतु बनावत ने आरोपों का खंडन करते हुए कहा है कि उन्होंने न तो रिश्वत मांगी है और न ली है, तथा वे स्वयं को गलत तरीके से फँसाया गया मानती हैं और कानूनी कदम पर विचार कर रही हैं। The Times of India

✔️ अन्य दो विधायकों ने भी हिस्से में आरोपों को नकारा है और कहा है कि स्टिंग फुटेज की सच्चाई की पुष्टि होनी चाहिए। The Times of India


📉 4. राजनीतिक और प्रशासनिक प्रभाव

🔥 राजनीतिक माहौल में तूफ़ान

यह मामला उस समय आया है जब सरकार ने अपने दो साल के कार्यकाल का जश्न भी मनाया है — इसलिए विपक्ष ने इसे सरकार की जवाबदेही और पारदर्शिता पर सवाल उठाने का बड़ा अवसर माना है। The Times of India

📌 समग्र जांच की मांग

कुछ मंत्रियों और विधायकों ने तो यहाँ तक कह दिया है कि केवल तीनों नहीं, बल्कि राज्य के सभी 200 विधायकों के फंड का भी विस्तृत ऑडिट/जांच होनी चाहिए। इसका उद्देश्य पारदर्शिता को बढ़ाना बताया गया है। The Times of India

📌 जनता और सामाजिक प्रतिक्रिया

कुछ क्षेत्रों में जनता ने आरोपी विधायकों के खिलाफ “कमीशनखोर” जैसे पोस्टर और नारे लगाए हैं, जिससे मामला सामाजिक स्तर पर भी गर्माया है। The Khatak


🧩 5. भ्रष्टाचार का बड़ा सवाल — सिस्टम बनाम लोग

विश्लेषकों का मानना है कि:

  • MLA-LAD फंड जनता के टैक्स का पैसा है, न कि किसी विधायक का व्यक्तिगत अधिकार, इसलिए इसका दुरुपयोग सीधे जनता के अधिकारों का हनन है। Amar Ujala
  • स्टिंग जैसे खुलासे पूर्व में भी ऐसे मामलों को उजागर करते रहे हैं, पर अब जोखिम और जांच की गंभीरता दोनों बढ़ चुके हैं
    (यहाँ पिछले कुछ मामलों में भी विधायकों पर आरोप/गिरफ्तारी देखी गई है — उदाहरण के लिए ACB द्वारा एक MLA को 20 लाख की रिश्वत लेते गिरफ्तार किया जाना, हालांकि यह केस सीधे इसी स्टिंग से अलग है लेकिन भ्रष्टाचार की संस्कृति को दर्शाता है।) Live Hindustan

📌 6. संभावित परिणाम क्या हो सकते हैं?

🔎 जांच रिपोर्ट का महत्व

जैसे ही जांच पैनल और सदाचार कमेटी की रिपोर्ट आती है:

✔️ दोषी पाए जाने पर विधायक नैतिक, अनुशासनात्मक और कानूनी कार्रवाई के लिए आगे बढ़ सकते हैं।
✔️ विधायकों के पद या पार्टी से निलंबन/निकाला तक की कार्रवाई संभव है।
✔️ विधानसभा में यह मामला पारदर्शिता और जवाबदेही की बहस का बड़ा उदाहरण बन सकता है।

🗳️ भ्रष्टाचार का चुनावी असर

चुनावी दौर में यह मामला सरकार, विपक्ष और जनता के बीच भरोसे का संकट पैदा कर सकता है — खासकर अगर किसी भी बड़े राजनीतिक दल के विधायक दोषी पाए जाते हैं।


📊 7. निष्कर्ष

यह मामला सिर्फ तीन विधायकों के खिलाफ भ्रष्टाचार के आरोप तक सीमित नहीं है — यह एक बड़ा राजनीतिक, प्रशासनिक और सामाजिक प्रश्न बन चुका है कि जनता के पैसों का सही उपयोग कैसे सुनिश्चित हो? पारदर्शिता, जवाबदेही और सख्त निगरानी के बिना ऐसे फंड सिस्टम का दुरुपयोग अक्सर देखने को मिलता रहा है, और स्टिंग जैसे खुलासे इसका प्रमाण हैं।

राज्य स्तरीय प्रदर्शनी में एक छत के नीचे मिली सभी विभागीय योजनाओं की जानकारी
समापन दिवस पर आमजन की रही व्यापक सहभागिता, डीआईपीआर डायलॉग में संगीत एवं तकनीक पर चर्चा - कालिका पेट्रोलिंग यूनिट ने आत्मरक्षा के गुरों से अवगत कराया

जयपुर, 18 दिसंबर। राज्य सरकार के कार्यकाल के दो वर्ष पूर्ण होने के अवसर पर जवाहर कला केंद्र, जयपुर में आयोजित 4 दिवसीय राज्य स्तरीय प्रदर्शनी “नव उत्थान–नई पहचान, बढ़ता राजस्थान–हमारा राजस्थान” के समापन दिवस पर गुरुवार को बड़ी संख्या में युवाओं, विद्यार्थियों और आम नागरिकों की सक्रिय भागीदारी रही।

प्रदर्शनी में सभी विभागों की योजनाओं को प्रदर्शित करने के साथ संवाद, तकनीक और प्रत्यक्ष सहभागिता के माध्यम से आमजन तक पहुंचाया गया। विभागीय स्टॉल्स, डिजिटल प्रस्तुतियों और इंटरएक्टिव गतिविधियों के जरिए आगंतुकों को जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी मिली ।

इंटरएक्टिव गतिविधियों ने बनाया सहभागिता आधारित अनुभव-

सूचना एवं जनसंपर्क विभाग द्वारा आयोजित चिलैक्स इंटरएक्टिव गेम चारों दिन युवाओं और आम नागरिकों के आकर्षण का केंद्र रहा। बहुविकल्पीय प्रश्नों के माध्यम से प्रतिभागियों ने योजनाओं और समसामयिक विषयों से जुड़ी अपनी समझ परखी, वहीं सही उत्तर देने वालों को प्रोत्साहन स्वरूप पुरस्कार प्रदान किए गए।

परिवहन विभाग की स्टॉल पर सिम्युलेटेड ड्राइविंग अनुभव के जरिए सड़क सुरक्षा और यातायात नियमों की व्यवहारिक जानकारी दी गई, जिससे आमजन सुरक्षित एवं जिम्मेदार ड्राइविंग के प्रति जागरूकता हुए।

डीआईपीआर डायलॉग में विशेषज्ञों से संवाद और आत्मरक्षा तकनीकों का प्रदर्शन-

प्रदर्शनी में आयोजित डीआईपीआर डायलॉग सत्रों में युवाओं को विशेषज्ञों से सीधे संवाद का अवसर प्रदान किया। “संगीत क्षेत्र में युवाओं के लिए करियर अवसर एवं चुनौतियां” विषय पर आयोजित सत्र में डॉ. शारदा देवड़ा, एसोसिएट प्रोफेसर, आईएएसई टीटी कॉलेज, अजमेर ने रचनात्मकता, प्रशिक्षण और निरंतर अभ्यास को सफलता की कुंजी बताया।

इसी श्रृंखला में सूचना एवं जनसंपर्क विभाग के उपनिदेशक डॉ. आशीष खंडेलवाल ने डिजिटल तकनीक, स्मार्ट गैजेट्स और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के बढ़ते उपयोग पर जानकारी साझा की। उन्होंने बताया कि किस प्रकार आधुनिक तकनीकें संचार, दैनिक कार्यों और सूचना के त्वरित एवं विश्वसनीय प्रसार को अधिक प्रभावी और सरल बना रही हैं।

इसके बाद कराटे प्रशिक्षक श्री महेश कायथ के निर्देशन में आत्मरक्षा एवं हथियार संचालन से संबंधित प्रभावशाली प्रदर्शन प्रस्तुत किए गए। कार्यक्रम में लिम्का बुक ऑफ रिकॉर्ड्स विजेता चार वर्षीय मनु श्री ने विभिन्न आत्मरक्षा तकनीकों का प्रदर्शन कर बालिकाओं एवं महिलाओं को आत्मरक्षा के गुरों से अवगत कराया। इन प्रदर्शनों के माध्यम से महिला सुरक्षा, आत्मविश्वास और सजगता का संदेश दिया गया।

इसी क्रम में कालिका पेट्रोलिंग यूनिट ने आमजन को राजकोप सिटीजन ऐप की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि हर महिला इस ऐप के जरिए पुलिस की मदद मांग सकती है। यूनिट ने चैन पर्स स्नैचिंग, छेड़छाड़ जैसी स्थिति से बचाव के गुर सिखाए।

छात्र छात्राओं ने जानी सरकार की योजनाएं-

प्रदर्शनी में बड़ी संख्या में विद्यालयों के विद्यार्थियों ने सहभागिता की। कई विद्यालयों के विद्यार्थियों ने विभागों की स्टॉल्स के माध्यम से राज्य सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं, नागरिक सुविधाओं एवं तकनीकी पहलों की जानकारी प्राप्त की, जिससे उनमें जागरूक नागरिक के रूप में समझ विकसित हुई।

राजस्थान देश में अग्रणी राज्यों में शामिल, निवेश प्रोत्साहन के लिए 23 क्षेत्रों में प्रक्रिया को किया आसान
ईज ऑफ डूइंग बिजनेस

जयपुर, 18 दिसंबर। देश के यशस्वी प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के निर्देश पर केंद्र सरकार द्वारा सभी राज्यों में निवेश को बढ़ावा देने के लिए प्रक्रिया को आसान बनाने और अनावश्यक प्रावधानों को हटाने की प्रक्रिया शुरू की गई है। इसके क्रम में राज्य के मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा ने इस संबंध में लगातार मॉनिटरिंग की और बैठकों में समीक्षा की। इसके परिणामस्वरूप आज राजस्थान ‘ईज ऑफ डूइंग बिजनेस’ के मामले में देश के अग्रणी राज्यों में शामिल हो गया है। केंद्र सरकार द्वारा चिन्हित सभी 23 प्राथमिक क्षेत्रों में राज्य सरकार ने बेहतर कार्य किया है।

उद्योग एवं वाणिज्य विभाग और निवेश संवर्धन ब्यूरो के आयुक्त श्री सुरेश कुमार ओला ने बताया कि राज्य सरकार ने निवेश से जुड़ी प्रक्रिया को काफी आसान बना दिया है। कागजी प्रक्रिया को खत्म कर, पूरी प्रक्रिया को ऑनलाइन किया गया है। इसके साथ ही, कई कानूनों और प्रावधानों में संशोधन भी किया गया है। राज्य सरकार द्वारा ईज ऑफ डूइंग बिजनेस की दिशा में उठाए गए इन कदमों से प्रदेश को बेहतर निवेश गंतव्य बनाने का संकल्प और सशक्त हुआ है।

श्री ओला ने बताया कि ‘राइजिंग राजस्थान ग्लोबल इन्वेस्टमेंट समिट’ के तहत किए गए 35 लाख करोड़ रुपये के निवेश समझौतों में से 8 लाख करोड़ रुपये से अधिक के समझौतों पर कार्य प्रारंभ हो गया है। एक साल की अवधि में 20 प्रतिशत से अधिक समझौतों का धरातल पर उतरना, निवेश प्रक्रिया के सरलीकरण पर मुहर लगाता है।

एमएसएमई: ऑटो अप्रूवल अब 30 दिन में —

एमएसएमई सेक्टर को बढ़ावा देने के लिए, राज्य ने संशोधन कर शहरी क्षेत्रों में भूमि रूपांतरण प्रक्रिया को सरल बनाया है। आवेदन के ऑटोमेटिक स्वीकृति की समयसीमा को कम किया गया है। अब 60 कार्यदिवस के बजाय मात्र 30 कार्यदिवस में ही आवेदन स्वतः स्वीकृत हो जाएगा। इससे परियोजनाओं में होने वाली देरी में कमी आएगी और नए उद्यमों की स्थापना तेजी से होगी।

877 सेक्टर अप्रदूषणकारी उद्योगों की सूची में शामिल —

एमएसएमई के लिए ‘कंसेंट टू एस्टेब्लिश’ (सीटीई) और ‘कंसेंट टू ऑपरेट’ (सीटीओ) के लिए समयसीमा 120 दिनों से घटाकर 21 दिन की गई है। इसके साथ ही, रेड और वृहद् श्रेणी के उद्यमों के लिए यह अवधि घटाकर 60 दिन कर दी गई है। प्रदूषण नियंत्रण मंडल ने सेल्फ सर्टिफिकेशन के आधार पर पर्यावरण अधिनियमों के तहत अनुपालना कर रही इकाइयों के लिए सीटीओ का सिस्टम-जनरेटेड ऑटो रिन्यूवल प्रारंभ किया है। साथ ही, वाटर एण्ड एयर पॉल्यूशन रूल्स में संशोधन के माध्यम से अप्रदूषणकारी ‘व्हाइट कैटेगरी’ उद्योगों की सूची को 104 सेक्टर से बढ़ाकर 877 कर दिया गया है। राज्य सरकार के इस निर्णय से अधिक गैर-प्रदूषणकारी उद्योगों को छूट मिलने से परियोजना अनुमोदनों में तेजी आएगी और औद्योगिक वृद्धि को बढ़ावा मिलेगा।

6 घंटे कार्य के बाद 30 मिनट का विश्राम आवश्यक —

सूक्ष्म उद्यमों पर नियामक भार कम करने के उद्देश्य से ‘राजस्थान शॉप्स एंड कॉमर्शियल एस्टाब्लिशमेंट एक्ट, 1958’ के तहत कर्मचारी संख्या की सीमा 0 से बढ़ाकर 10 कर दी गई है। प्रतिष्ठानों को अधिक सुविधाजनक बनाने के लिए राज्य ने एक अध्यादेश जारी कर अधिनियम के तहत अनुमत कार्य घंटों में वृद्धि की है। अध्यादेश के अनुसार दैनिक कार्य समय 9 घंटे से बढ़ाकर 10 घंटे कर दिया गया है। अधिकतम 6 घंटे के कार्य के पश्चात न्यूनतम 30 मिनट के विश्राम का प्रावधान किया गया है तथा तिमाही ओवरटाइम सीमा 144 घंटे कर दी गई है। ‘राजस्थान फैक्ट्री रूल्स, 1951’ के नियम 100 में संशोधन किया गया है, जिसके तहत गर्भवती महिलाओं एवं माताओं को छोड़कर, महिला श्रमिकों को सभी जोखिम पूर्ण कार्यों में कार्य करने की अनुमति दी गई है, जिनमें वे 15 कार्य भी शामिल हैं जो पूर्व में महिलाओं के लिए निषिद्ध थे।

थर्ड पार्टी फायर इंस्पेक्शन का प्रावधान —

फायर सेफ्टी कंप्लायंस को भी सुव्यवस्थित किया गया है। इसके तहत एम्पैनल्ड एजेंसियों के माध्यम से थर्ड पार्टी फायर इंस्पेक्शन का प्रावधान लागू किया गया है तथा फायर एनओसी सर्टिफिकेट की वैधता अवधि बढ़ाई गई है। इससे सुरक्षा मानकों को सुनिश्चित करते हुए अनुमति में तेजी आएगी।

ग्रामीण क्षेत्रों में अधिक उद्योग स्थापना के लिए कई प्रावधान —

राज्य सरकार ने ग्रामीण क्षेत्रों में उद्योग स्थापित करने के नियमों में ढील दी है, ताकि कम चौड़ाई वाली सड़कों वाले इलाकों में भी छोटे और मध्यम उद्योग बिना किसी कानूनी बाधा के शुरू किए जा सकें। इस मामले में राजस्थान अग्रणी राज्यों में शामिल है। लेआउट प्लान वाले क्षेत्रों में सड़क चौड़ाई 9 मीटर और बिना लेआउट वाले क्षेत्रों में 4.5 मीटर निर्धारित की गई है। राज्य ने औद्योगिक एवं वाणिज्यिक क्षेत्रों में भूमि उपयोग को अनुकूलित करने के लिए भी महत्वपूर्ण सुधार लागू किए हैं।

वाणिज्यिक भूखण्डों पर 50 प्रतिशत ग्राउंड कवरेज की सीमा समाप्त —

नगरीय विकास एवं आवासन विभाग एवं रीको ने भवन मानकों में संशोधन कर भूमि के सदुपयोग को सुनिश्चित किया है और पार्किंग मानकों को तर्कसंगत बनाया है। पूर्व में वाणिज्यिक भूखण्डों पर 50 प्रतिशत ग्राउंड कवरेज की सीमा को अब समाप्त कर दिया गया है, जिससे नगरीय योजना में अधिक लचीलापन सुनिश्चित हुआ है। नगरीय विकास के क्षेत्र में, राजस्थान सरकार द्वारा ‘ट्रांजिट ओरिएंटेड डेवलपमेंट पॉलिसी’ जारी की गई है। यह नीति मेट्रो कॉरिडोर, बीआरटीएस तथा प्रमुख परिवहन मार्गों के आसपास उच्च घनत्व मिश्रित उपयोग विकास को बढ़ावा देती है, जिससे यातायात भीड़ में कमी, क्षैतिज शहरी विस्तार पर नियंत्रण, सार्वजनिक परिवहन के उपयोग में वृद्धि तथा स्वच्छ शहरों का निर्माण संभव हो सकेगा।

अपराध में कमी आई, व्यापार करना आसान हुआ —

डी-क्रिमिनलाइज़ेशन के क्षेत्र में राज्य ने ‘राजस्थान जन विश्वास (प्रावधानों का संशोधन) अध्यादेश, 2025’ अधिसूचित किया है। 11 राज्य अधिनियमों के प्रावधानों में संशोधन कर छोटे अपराधों को अपराधमुक्त किया गया है। इस अध्यादेश के तहत आपराधिक प्रावधानों को आर्थिक दंड से प्रतिस्थापित किया गया है। इससे अपराध में कमी आई है और प्रदेश में व्यापार करना आसान हुआ है।

राजनिवेश पोर्टल पर चैटबॉट —

निवेशक सुविधा को और सुदृढ़ करने के लिए राज्य की सिंगल विंडो प्रणाली ‘राजनिवेश’ को एआई चैटबॉट के साथ सशक्त किया गया है, जो विभिन्न विभागों की सूचनाओं को एकत्रित कर निवेशकों को सहज एवं प्रभावी सहायता प्रदान करता है।

जालोर में पर्यावरण संरक्षण हेतु प्रभात रैली का हुआ आयोजन
राज्य सरकार कार्यकाल के दो वर्ष पूर्ण होने के अवसर पर आयोजन

जयपुर, 18 दिसम्बर। राज्य सरकार के दो वर्ष का कार्यकाल पूर्ण होने पर 2 साल: नव उत्थान-नई पहचान एवं बढ़ता राजस्थान-हमारा राजस्थान के ध्येय वाक्य पर आधारित कार्यक्रमों की श्रृंखला में गुरुवार को राजस्थान राज्य प्रदूषण नियंत्रण मंडल, क्षेत्रीय कार्यालय सिरोही, वन विभाग एवं शिक्षा विभाग के तत्वावधान में जालोर जिले में पर्यावरण संरक्षण अभियान के अंतर्गत प्रभात फेरी का आयोजन किया गया। 

कार्यक्रम में प्रभात फेरी को राजस्थान विधानसभा के मुख्य सचेतक जोगेश्वर गर्ग ने हरी झंडी दिखाकर रवाना किया।

इस अवसर पर मुख्य सचेतक ने कहा कि वर्तमान परिस्थितियों को देखते हुए हमें पर्यावरण संरक्षण हेतु सार्थक कदम उठाने होंगे तथा वातावरण में ग्रीन हाउस गैसों के बढ़ते प्रभाव व ग्लोबल वार्मिंग की रोकथाम हेतु सामूहिक प्रयास करने होंगे। जालोर जिला कलेक्टर डॉ प्रदीप के. गावंडे ने बताया कि पर्यावरण संरक्षण अभियान के अंतर्गत जिले के विधालयों में सिंगल यूज प्लास्टिक, ई-वेस्ट प्रबंधन एवं सॉलिड वेस्ट प्रबंधन पर जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया।

मोरचंग-खड़ताल की जुगलबंदी ने सांस्कृतिक संध्या में बिखेरे सुरों के जादू
सूचना एवं जनसम्पर्क विभाग की राज्य स्तरीय प्रदर्शनी

जयपुर, 18 दिसम्बर। सूचना एवं जनसम्पर्क विभाग की ओर से राज्य सरकार के कार्यकाल के दो वर्ष पूर्ण होने के अवसर पर जवाहर कला केन्द्र में 15 दिसम्बर से आयोजित की जा रही राज्य स्तरीय प्रदर्शनी के अंतिम दिन गुरुवार को आयोजित सांस्कृतिक संध्या में अंजना शर्मा एंड पार्टी के राजस्थानी संगीत कलकारों द्वारा ‘आओ जी म्हारा प्यारा विनायक….’ वंदना पर सुरीली प्रस्तुति दी गई। 

इसके बाद राजस्थानी चरी नृत्य की प्रस्तुति ने पूरे वातावरण को जोश से भर दिया। अगली कड़ी में राजस्थानी लोक कलकारों ने मोरचंग और खड़ताल की शानदार जुगलबंधी प्रतियोगिता ने श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर दिया।

कार्यक्रम का विशेष आकर्षण रहा राजस्थान का भवाई नृत्य जो अपने साहसी संतुलन करतबों के लिए प्रसिद्ध है, जिसमें नर्तक ने तलवार की धार पर खड़े होते हुए अपने सिर पर कई मिट्टी के बर्तन संतुलित कर बेहतरीन प्रस्तुति दी।

इस दौरान सूचना एवं जनसंपर्क विभाग की ओर से सभी कलाकारों को सम्मानित किया गया। इस अवसर पर विभाग के वरिष्ठ अधिकारीगण, कर्मचारीगण और आमजन उपस्थित रहे।

श्रीमद्भागवत महापुराण में जीवन की हर समस्या का समाधान : मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा
जयपुर, 18 दिसम्बर। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने गुरुवार को मानसरोवर स्थित वीटी रोड मेला मैदान में 15 से 21 दिसम्बर तक आयोजित श्रीमद्भागवत कथा में शामिल होकर कथा का श्रवण...

जयपुर, 18 दिसम्बर। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने गुरुवार को मानसरोवर स्थित वीटी रोड मेला मैदान में 15 से 21 दिसम्बर तक आयोजित श्रीमद्भागवत कथा में शामिल होकर कथा का श्रवण किया। उन्होंने श्रीमद्भागवत महापुराण का पूजन कर उपस्थित संतों-महंतों का आर्शीवाद प्राप्त किया।

शर्मा ने श्रद्धालुओं को संबोधित करते हुए कहा कि सनातन धर्म हमें जीवन जीने की पद्धति सिखाता है। श्रीमद्भागवत महापुराण ऐसा पवित्र ग्रंथ है जिसमें जीवन की हर समस्या व प्रश्न का समाधान विद्यमान है और श्रीमद्भागवत कथा जैसे आयोजन भावी पीढ़ी में संस्कारों का संचार करते हैं। इसके श्रवण मात्र से ही जीवन के सारे कष्ट दूर हो जाते हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि ऋषि, मुनियों और महंतों ने हमारी प्राचीन परंपरा और संस्कृति का संरक्षण और पोषण किया है। पौष के पावन माह में श्रीमद्भागवत कथा के श्रवण से विशेष पुण्य प्राप्त होता है।

इस अवसर पर कथावाचक देवकीनन्दन ठाकुर, काले हनुमान मंदिर के महंत श्री गोपालदास महाराज सहित अन्य संत, महंत, कथा आयोजन समिति के पदाधिकारीगण तथा बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे।

मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने सरस राजसखी राष्ट्रीय मेले का किया शुभारंभ
महिला स्वयं सहायता समूहों से किया संवाद, कहा- ‘ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मिला बल, महिलाएं हो रहीं सशक्त’

जयपुर, 18 दिसम्बर। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने गुरूवार को जवाहर कला केन्द्र में सरस राजसखी राष्ट्रीय मेले का शुभारंभ किया। इस दौरान उन्होंने देश-प्रदेश की महिला स्वयं सहायता समूहों द्वारा लगाई गई विभिन्न स्टॉल्स का अवलोकन कर उत्पादों के बारे में जानकारी ली और उनके हुनर की प्रशंसा की। 

इस अवसर पर श्री शर्मा ने लखपति दीदी एवं स्वयं सहायता समूहों की महिलाओं से आत्मीयता के साथ संवाद किया। उन्होंने कहा कि स्वयं सहायता समूहों के माध्यम से महिलाएं सशक्त हो रही हैं जिससे ग्रामीण व्यवस्था का विस्तार हो रहा है। वे अपना घर संभालने के साथ ही देश की अर्थव्यवस्था में अहम भूमिका निभा रही हैं। 

मुख्यमंत्री ने कहा कि सरस मेला इस बात का प्रमाण है कि जब सही नीति, सशक्त संस्थागत ढांचा और प्रभावी क्रियान्वयन एक साथ आते हैं तो ग्रामीण महिलाओं के जीवन में स्थायी और समावेशी परिवर्तन संभव होता है। यह मेला आत्मनिर्भर राजस्थान-आत्मनिर्भर भारत के हमारे संकल्प का प्रतीक भी है। 

उल्लेखनीय है कि 4 जनवरी तक चलने वाले इस सरस राजसखी राष्ट्रीय मेले में ग्रामीण भारत की समृद्ध परंपराआंे, शिल्प कौशल एवं कलाओं का प्रदर्शन किया जा रहा है। इस मेले में राजस्थान सहित 24 राज्यों की लगभग 300 स्टॉल्स लगाई गई हैं। इनमें देश के विभिन्न हिस्सों की ग्रामीण परंपरा, लोक कला, लोक शिल्प, वस्त्र परंपराएं, हैंडलूम एवं हैंडीक्राफ्ट उत्पादों का प्रदर्शन और विक्रय किया जा रहा है।

इस दौरान मुख्य सचिव श्री वी. श्रीनिवास, अतिरिक्त मुख्य सचिव ग्रामीण विकास श्रेया गुहा, आजीविका परियोजनाएं एवं स्वयं सहायता समूह की स्टेट मिशन निदेशक नेहा गिरी सहित बड़ी संख्या में आमजन उपस्थित रहे।

राज्य स्तरीय प्रदर्शनी का तीसरा दिन, प्रदेश की समृद्ध लोक-संगीत और संस्कृति को समर्पित रही सांस्कृतिक संध्या
भपंग वादन, चंग की थाप, बांसुरी की सुरीली धुन और कठपुतली शो रहे आकर्षण का केंद्र —बॉलीवुड एक्टर, राइटर और डायरेक्टर मकरंद देशपांडे ने कठपुतली कलाकारी के अद्भुत हुनर की...

जयपुर, 17 दिसम्बर। सूचना एवं जनसम्पर्क विभाग की ओर से राज्य सरकार के कार्यकाल के शानदार दो वर्ष पूर्ण होने के अवसर पर जवाहर कला केन्द्र में 15 दिसम्बर से आयोजित की जा रही राज्य स्तरीय प्रदर्शनी में तीसरे दिन बुधवार को सांस्कृतिक संध्या में भपंग वादन, चंग की थाप, बांसुरी की सुरीली धुनों और काठ की पुतलियों की जीवंत अदाओं ने पूरे वातावरण को उत्सवमय बना दिया।

पर्यटन विभाग के सहयोग से सुसज्जित सांस्कृतिक संध्या में यूसुफ खाँ एवं उनके समूह ने भपंग वादन के माध्यम से “कैसो आ गयो जमानो रे” और “दुनिया में भाया देख ले” जैसे लोकगीतों की प्रस्तुति देकर खूब तालियाँ बटोरीं। वहीं चूरू के श्याम मित्र मण्डल ने चंग की जोशीली थाप और बांसुरी की मधुर तान के साथ लोकधुनों से श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर दिया।

कार्यक्रम का विशेष आकर्षण कठपुतली लोक कलाकार राजू भाट रहे, जिन्होंने ढोलक की थाप पर उंगलियों पर काठ की पुतलियों को नचाते हुए महाराजा अमरसिंह की कहानी प्रस्तुत कर दर्शकों को जीवंत अनुभूति कराई।

बॉलीवुड की प्रसिद्ध हस्ती मकरंद देशपांडे ने बताया कठपुतली कला को अद्भुत और अलौकिक-

प्रदर्शनी देखने पहुंचे बॉलीवुड एक्टर, राइटर और डायरेक्टर मकरंद देशपांडे ने कठपुतली कलाकारी के अद्भुत हुनर की जोरदार प्रशंसा करते हुए कहा कि लोक कलाओं को संजोकर रखा जाए, यह कलाएं हमारी धरोहर हैं। सूचना एवं जनसंपर्क विभाग की ओर से यह नि:शुल्क कला प्रदर्शन है किन्तु कठपुतली कला अद्भुत और अलौकिक है। 

सूचना एवं जनसम्पर्क विभाग की संयुक्त निदेशक क्षिप्रा भटनागर ने श्री मकरंद देशपांडे को डीआईपीआर की ओर से किट ​गिफ्ट किया, उनका स्वागत किया, वहीं कलाकारों को भी मंच पर सम्मानित किया। 

इससे पूर्व राजस्थान प्रशासनिक सेवा की अधिकारी क्षिप्रा शर्मा किस्सागोई कला के अंतर्गत मोर और मोरनी की लोककथा सुनाकर श्रोताओं को कथाओं की दुनिया में ले गईं। वहीं “टीवी, रेडियो और सोशल मीडिया के क्षेत्र में अवसर और चुनौतियाँ” विषय पर आयोजित पैनल डिस्कशन में थिएटर आर्टिस्ट एवं आरजे प्रियदर्शिनी मिश्रा, निधीश गोयल एवं सुमित ने युवाओं को अपनी प्रतिभा पहचानकर उसी अनुरूप करियर चुनने का संदेश दिया।

कार्यक्रम में सूचना एवं जनसम्पर्क विभाग की ओर से सभी कलाकारों को सम्मानित किया गया। इस अवसर पर विभाग की सहायक निदेशक श्रीमती कविता जोशी ने प्रदर्शनी के बारे में विस्तार से जानकारी दी।