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मुख्य सचिव ने की विकास रथ यात्रा की प्रगति की समीक्षा
विकास कार्यों एवं कल्याणकारी योजनाओं को सोशल मीडिया पर प्रचारित करने के दिए निर्देश

जयपुर, 17 दिसंबर। मुख्य सचिव श्री वी. श्रीनिवासन ने प्रदेश के सभी विधान सभा क्षेत्रों में चल ​र​ही विकास रथ यात्रा की गतिविधियों, जनसमस्याओं के समाधान हेतु आयोजित रात्रि चौपालों और विभिन्न कार्यक्रमों की प्रगति की समीक्षा की।  सभी जिला कलेक्टरों को वी.सी के माध्यम से मुख्य सचिव ने निर्देश दिए कि हर जिले में राज्य सरकार के दो वर्षों की उपलब्धियों एवं कल्याणकारी योजनाओं को अधिक से अधिक आमजन तक प्रभावी ढंग से पहुंचाया जाए। उन्होंने सभी जिला कलेक्टरों को इन गतिविधियों की बेहतर मॉनिटरिंग सुनिश्चित करने के कड़े निर्देश दिए।

मुख्य सचिव बुधवार को शासन सचिवालय में राज्य सरकार के दो वर्ष की उपलब्धियों के प्रचार—प्रसार के लिए हर विधानसभा क्षेत्र में चल रही विकास रथ यात्रा के संबंध में विभागों के वरिष्ठ अधिकारियों साथ समीक्षा बैठक कर रहे थे।

मुख्य सचिव श्री वी.श्रीनिवासन ने प्रत्येक जिले में हुए व निर्माणाधीन विकास कार्यों को अधिक से अधिक सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर शेयर करने के निर्देश भी दिए। उन्होंने सूचना प्रौद्योगिकी विभाग के जिला कार्यालयों के माध्यम से इन कार्यों की लगातार मॉनिटरिंग सुनिश्चित करने तथा संबंधित डेटा को नियमित अपडेट करने पर जोर दिया।

मुख्य सचिव ने निर्देश दिए कि सभी जिलों में आयोजित हो रहे कार्यक्रमों, विकास रथ यात्रा की गतिविधियों सहित अन्य कार्यक्रमों को सोशल मीडिया पर फोटो और वीडियो सहित पोस्ट किया जाए । इससे राज्य सरकार की उपलब्धियों को आमजन तक प्रभावी ढंग से पहुंचाने में सहायता मिलेगी।

बैठक के दौरान मुख्य सचिव ने 18 से 25 दिसम्बर तक प्रदेश में आयोजित होने वाले विभिन्न कार्यक्रमों की समीक्षा भी की। उन्होंने 18 दिसम्बर को पर्यावरण संरक्षण अभियान, 19 दिसम्बर को धौलपुर जिले में महिला सम्मेलन, 20 दिसम्बर को कर्टेन रेजर आर्मी डे परेड, 21 दिसम्बर रन फॉर विकसित राजस्थान, 22 दिसम्बर को महिला सशक्तीकरण सम्मेलन व जनसभा, 23 दिसम्बर को मेड़ता नागौर में किसान सम्मेलन, 24 दिसम्बर को पर्यटन कान्कलेव तथा 25 दिसम्बर को राज्य स्तरीय सुशासन दिवस कार्यक्रम की बेहतर तैयारी, अधिकतम जनभागीदारी व प्रभावी मॉनिटरिंग के निर्देश भी दिये।      

बैठक में श्री प्रवीण गुप्ता, अतिरिक्त मुख्य सचिव, सार्वजनिक निर्माण विभाग, श्री भवानी सिंह देथा, प्रमुख शासन सचिव, महिला एवं बाल विकास विभाग, श्री नवीन जैन, शासन सचिव सामान्य प्रशासन, डॉ. नीरज कुमार पवन, शासन सचिव, युवा मामले एवं खेल विभाग, श्री संदेश नायक, आयुक्त सूचना एवं जनसंपर्क वि​भाग एवं विशिष्ठ सचिव, मुख्यमंत्री सहित अन्य विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।

राज्य स्तरीय प्रदर्शनी में पशुपालन विभाग के स्टॉल में शासन सचिव डॉ. समित शर्मा ने किया अवलोकन
ऊष्ट्र संरक्षण योजना के प्रति लोगों का रुझान

जयपुर, 17 दिसंबर। राज्य सरकार के कार्यकाल के दो वर्ष पूरा होने के उपलक्ष्य में जवाहर कला केंद्र में आयोजित राज्य स्तरीय प्रदर्शनी में पशुपालन विभाग की स्टॉल पर पशुपालन से संबंधित योजनाओं की जानकारी लेने के लिए विजिटर्स खासकर महिलाओं और युवाओं का खासा रुझान दिख रहा है।

विभाग के शासन सचिव डॉ. समित शर्मा ने भी स्टॉल का अवलोकन किया और वहां उपस्थित अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए। उन्होंने बताया कि राज्य सरकार पशुपालकों और किसानों के कल्याण के लिए नई नई योजनाएं ला रही है। प्रदेश का पशुपालक खुशहाल होगा तभी विकसित राजस्थान का सपना साकार होगा। उन्होंने कहा कि पशुपालकों के हितों को ध्यान में रखते हुए पिछले दो सालों में सरकार ने कई कल्याणकारी कदम उठाए हैं।

स्टॉल में पशुपालन, गोपालन और मत्स्य विभागों का स्टॉल लगाया गया है जिसमें सरकार के पिछले दो वर्ष की उपलब्धियों पर आधारित गतिविधियों को फिल्म, मुद्रित सामग्री और कलाकृतियों के माध्यम से प्रदर्शित किया गया है। साथ ही पशुपालन और गोपालन से संबंधित योजनाओं की जानकारी भी लोगों को दी जा रही है। स्टॉल पर गाय के गोबर से बने विभिन्न प्रकार के उत्पाद और सजावटी वस्तुएं तथा मछलियां और सीप से बनाई जाने वाली मोती विशेष आकर्षण का केंद्र रहे।

स्टॉल में आगंतुकों ने मुख्यमंत्री मंगला पशु बीमा योजना, ऊष्ट्र संरक्षण योजना और सेक्स सॉर्टेड सीमन योजना में विशेष दिलचस्पी दिखाई। इनसे संबंधित पठन सामग्री की भी स्टॉल में खूब मांग रही। ऊष्ट्र संरक्षण योजना के तहत ऊंटों के संरक्षण के लिए टोडियों के जन्म पर दो किश्तों में बीस हजार रुपये की सहायता राशि टोडियों के पालन पोषण के लिए दी जाती है। इस योजना के माध्यम से अब तक 16 करोड़ 84 लाख रुपये की आर्थिक सहायता प्रदान कर 9240 ऊँँटपालकों को लाभान्वित किया जा चुका है। इसी प्रकार मंगला पशु बीमा योजना में 6 लाख पशुपालकों के 11 लाख पशुओं का बीमा किया जा चुका है।

प्रदर्शनी में गौरक्षा एवं संवर्द्धन नीति, गोपाल क्रेडिट कार्ड योजना, पशु मेले आदि के अतिरिक्त अन्य जानकारियां भी उपलब्ध करवाई जा रही हैं।

छत्तीसगढ़ के पत्रकारों और जनसंपर्क अधिकारियों के दल का राजस्थान विधानसभा का दौरा 
विधानसभा अध्यक्ष से की शिष्टाचार भेंट — राजस्थान के इतिहास और संसदीय परंपराओं से हुए रूबरू

जयपुर, 16 दिसंबर। छत्तीसगढ़ से आए पत्रकारों और जनसंपर्क अधिकारियों के एक प्रतिनिधिमंडल ने अपने शैक्षणिक एवं अध्ययन भ्रमण के अंतर्गत मंगलवार को जयपुर में राजस्थान विधानसभा का दौरा किया। इस अवसर पर पत्रकारों ने राजस्थान विधानसभा के अध्यक्ष वासुदेव देवनानी से भेंट कर लोकतंत्र में मीडिया की भूमिका पर संक्षिप्त संवाद किया तथा उनके साथ सामूहिक फोटो भी खिंचवाई।

पत्रकारों के दल ने विधानसभा परिसर स्थित म्यूजियम का अवलोकन कर राजस्थान राज्य के गठन, लोकतांत्रिक परंपराओं तथा विधानसभा के गौरवशाली इतिहास की विस्तृत जानकारी प्राप्त की। भ्रमण के दौरान पत्रकारों ने विधानसभा की दर्शक दीर्घा में बैठकर सदन  को नजदीक से देखा और  सदन के संचालन की प्रक्रिया के बारे में जानकारी हासिल की। 

अधिकारियों द्वारा संसदीय कार्यप्रणाली, विधायी प्रक्रियाओं एवं सदस्यों की भूमिका पर भी प्रकाश डाला गया। भ्रमण के अंत में पत्रकारों ने इस अध्ययन यात्रा को ज्ञानवर्धक बताते हुए कहा कि इससे संसदीय व्यवस्था की समझ और अधिक मजबूत हुई है, जो उनके पत्रकारिता कार्य में सहायक सिद्ध होगी।

इस अवसर पर राजस्थान विधानसभा के प्रमुख सचिव श्री भारत भूषण शर्मा, विशिष्ठ सहायक श्री के. के. शर्मा, परामर्शदाता गोपेंद्र नाथ भट्ट, छत्तीसगढ़ जनसंपर्क विभाग के संयुक्त निदेशक जितेंद्र नागेश, उप निदेशक राहुल सोन, सहायक निदेशक श्री मनोज कुमार सिंह, सहायक निदेशक श्री रमेश भार्गव तथा सहायक जनसंपर्क अधिकारी श्री ओम प्रकाश डहरिया उपस्थित थे।

राज्य स्तरीय प्रदर्शनी में महिला एवं बाल विकास विभाग की योजनाओं के प्रति दिख रहा उत्साह
जयपुर, 16 दिसम्बर। राज्य सरकार के कार्यकाल के शानदार दो वर्ष पूर्ण होने के अवसर पर जयपुर स्थित जवाहर कला केन्द्र में सूचना एवं जनसम्पर्क विभाग की ओर से 15...

जयपुर, 16 दिसम्बर। राज्य सरकार के कार्यकाल के शानदार दो वर्ष पूर्ण होने के अवसर पर जयपुर स्थित जवाहर कला केन्द्र में सूचना एवं जनसम्पर्क विभाग की ओर से 15 दिसम्बर से आयोजित राज्य स्तरीय प्रदर्शनी में महिला एवं बाल विकास विभाग की स्टॉल पर योजनाओं की जानकारी लेने के लिए विजिटर्स की ओर से अच्छा उत्साह दिखाया जा रहा है। 

महिला बाल विकास विभाग (निदेशालय समेकित बाल विकास सेवाएं और महिला अधिकारिता) की स्टॉल पर आम जन को विभाग की महत्वपूर्ण योजनाओं की जानकारी दी जा रही है। 

जिसमें ‘लाडो प्रोत्साहन योजना’ के तहत अब तक 4 लाख 60 हजार बालिकाएं लाभान्वित हो चुकी है। इसी प्रकार मुख्यमंत्री अमृत आहार योजना के अंतर्गत आंगनबाड़ी केंद्रों पर प्रतिदिन आने वाले 3 से 6 वर्ष के लगभग 16 लाख बच्चों को स्किम्ड मिल्क पाउडर निर्मित ताजा गरम दूध सप्ताह में पांच दिन दिया जाने की  जानकारी दी जा रही है। “प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना में जिसमें देय राशि बढ़ाकर 5 हजार से 6 हजार 500 रुपये की गई है। अब तक 9 लाख 92 हजार गर्भवती महिलाओं को 531 करोड़ रुपये की राशि प्रदान की जा चुकी है। वहीं दूसरी बार बच्चे के जन्म पर मुख्यमंत्री मातृत्व पोषण योजना के तहत 5 लाख से अधिक लाभार्थियों को लगभग 170 करोड़ रुपये का लाभ दिए जाने की जानकारी भी प्रदान की गई।

प्रदर्शनी में आंगनबाड़ी केंद्रों पर प्रदान की जा रही पोषाहार, शाला पूर्व शिक्षा,स्वास्थ्य एवं पोषण शिक्षा के अतिरिक्त अन्य जानकारियां भी प्रदान की गई।

अपराधों पर अंकुश के लिए पुलिस थानों का आधुनिकीकरण किया जाए- मुख्य सचिव
जयपुर,16 दिसंबर। मुख्य सचिव श्री वी. श्रीनिवास ने कहा कि प्रदेश में अपराधों के आंकड़ों में कमी शुभ संकेत है। अब मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा की मंशानुरूप प्रदेश को अपराध मुक्त...

जयपुर,16 दिसंबर। मुख्य सचिव श्री वी. श्रीनिवास ने कहा कि प्रदेश में अपराधों के आंकड़ों में कमी शुभ संकेत है। अब मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा की मंशानुरूप प्रदेश को अपराध मुक्त बनाने के लिए और भी प्रयास करने होंगे। उन्होंने कहा कि अपराधों पर अंकुश लगाने के लिए पुलिस के रेस्पोंस टाइम को कम करना, त्वरित अनुसंधान और पुलिस थानों का आधुनिकीकरण सुनिश्चित किया जाए।  


    मुख्य सचिव मंगलवार को शासन सचिवालय में भारतीय न्याय संहिता, भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता एवं भारतीय साक्ष्य अधिनियम के प्रभावी क्रियान्वयन के संबन्ध में आयोजित समीक्षा बैठक की अध्यक्षता कर रहे थे। उन्होंने पुलिस विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए की सभी थानों का डिजिटलाइजेशन करने के साथ-साथ आधुनिक उपकरणों की उपलब्धता सुनिश्चित की जाए। उन्होंने थानों में निर्बाध और स्ट्रोंग वाई-फाई की सुविधा के लिए सभी पुलिस थानों में राज नेट की कनेक्टिविटी सुनिश्चित करने के लिए भी निर्देशित किया।

          उन्होंने कहा कि थानों में महिला कॉन्सटेबल की नियुक्ति सुनिश्चित की जाए, जिससे महिलाओं से संबंधित अपराधों पर अंकुश लगाया जा सकता है। साथ ही पुलिस अधिकारी सुनिश्चित करें कि थानों में दर्ज एफआईआर और चार्जशीट पेश करने के बीच निश्चित समय सीमा से ज्यादा समय नहीं लगे।

    श्री श्रीनिवास ने कहा कि नये कानून के तहत अपराध कहीं भी हो उसकी रिपोर्ट किसी भी पुलिस थाने में ‘ज़ीरो FIR’  के रूप में दर्ज कराई जा सकती है। प्रदेश के सभी नागरिकों के लिए राजकॉप एसओएस अलर्ट उपलब्ध है। महिलाओं के लिए तत्काल सहायता प्रदान करने के लिए प्रदेश में राजकॉप नागरिक मोबाइल एप्लिकेशन पर ‘नीड हैल्प’सुविधा है। उन्होंने कहा कि आम जन को इन नए प्रावधानों और नवाचारों के बारे में जागरूक किया जाए, ताकि उन्हें इसका पूरा लाभ मिले।

    बैठक में पुलिस महानिरीक्षक इंटेलिजेंस श्री प्रफुल्ल कुमार ने कहा कि पुलिस द्वारा ई साक्ष्य एप का प्रयोग किया जा रहा है। इससे पुलिस को घटनास्थल के वीडियो, फोटो और गवाहों के बयान डिजिटल रूप से रिकॉर्ड करने और सुरक्षित रखने की सुविधा मिली है। उन्होंने बताया कि संबंधित केस की सारी जानकारी भी इस एप पर उपलब्ध रहेगी। उन्होंने बताया कि नवीन अपराधिक विधियों के अर्न्तगत दर्ज प्रकरणों में 60 दिवस में निस्तारित किए प्रकरणों की संख्या में इजाफा हुआ है।

    बैठक में चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग की प्रमुख शासन सचिव श्रीमती गायत्री राठौड़, अतिरिक्त महानिदेशक पुलिस श्री हवा सिंह घुमारिया, श्री भूपेन्द्र साहू, महानिरीक्षक पुलिस श्री प्रफुल्ल कुमार, श्री अजयपाल लांबा, उप महानिरीक्षक पुलिस श्री दीपक भार्गव, राजस्थान राज्य फोरेंसिक विज्ञान प्रयोगशाला (SFSL) के निदेशक डॉ. अजय शर्मा तथा गृह एवं विधि विभाग के अधिकारी उपस्थित रहे।

पशुपालन विभाग द्वारा राष्ट्रीय पशुधन मिशन के तहत राज्य स्तरीय मास्टर ट्रेनर प्रशिक्षण कार्यशाला का आयोजन
राष्ट्रीय पशुधन मिशन पशुपालकों की आय बढ़ाने का प्रभावी माध्यमः निदेशक,पशुपालन विभाग

जयपुर, 16 दिसम्बर। पशुपालन विभाग द्वारा राष्ट्रीय पशुधन मिशन के तहत राज्य स्तरीय मास्टर ट्रेनर प्रशिक्षण कार्यशाला का आयोजन मंगलवार को आगरा रोड स्थित राजस्थान राज्य पशुधन प्रबंधन एवं प्रशिक्षण संस्थान में किया गया। कार्यशाला में प्रदेश के सभी जिलों से 150 संभागियों ने भाग लिया जिसमें राष्ट्रीय पशुधन से जुड़े विभिन्न विषयों पर सत्र आयोजित किए जाएंगे।

कार्यशाला के उद्घाटन सत्र में मुख्य अतिथि केंद्रीय भेड़ एवं ऊन अनुसंधान संस्थान के निदेशक डॉ अरुण तोमर ने कहा कि राष्ट्रीय पशुधन मिशन हिंदुस्तान की आवश्यकता है। जिसे पशुपालन के क्षेत्र में बड़े उद्यमी तैयार करने की जिम्मेदारी दी गई है। पशुपालन के क्षेत्र में हम आज कई मामलों में नंबर एक पर हैं लेकिन अभी भी काफी कुछ किए जाने की संभावना शेष है। उन्होंने कहा कि हमारा लक्ष्य है प्रति पशु उत्पादन बढ़ाना। उत्पादन बढ़ाने के लिए एक फार्मूला जी प्लस ई की व्याख्या करते हुए उन्होंने कहा कि अच्छे प्रदर्शन के लिए पशुओं की नस्ल और उसके आधार पर उनका रखरखाव बहुत आवश्यक है। हमें अपने किसानों और पशुपालकों को यह बताना बहुत आवश्यक है कि किस जलवायु के लिए कौन सी नस्ल उपयुक्त है और किससे हम उत्तम उत्पादन ले सकते हैं। उन्होंने कहा कि पशु चिकित्सा अधिकारियों को केवल पशुओं की चिकित्सा तक ही खुद को सीमित नहीं करना चाहिए बल्कि हमें पशुधन के संपूर्ण विकास की बात करनी चाहिए और अपनी भूमिका को विस्तार देना चाहिए। हमें प्रयास करना चाहिए कि हमारा पशु बीमार ही न हो। उन्होंने कहा कि पशुधन गणना एक बहुत ही महत्वपूर्ण विषय है, जिसके आधार पर सारी योजनाओं का निर्माण होता है। उन्होंने समय समय पर होने वाले इस तरह के प्रशिक्षण को पशु चिकित्सकों के साथ विभाग के लिए भी बहुत उपयोगी बताया।

पशुपालन विभाग के निदेशक डॉ सुरेशचंद मीना ने कहा कि राष्ट्रीय पशुधन मिशन पशुपालकों की आय बढ़ाने का प्रभावी माध्यम है। उन्होंने कहा कि इस प्रशिक्षण में मास्टर ट्रेनर्स के रूप में जो भी जानकारी लेकर यहां से जाएं उसे और लोगों तक भी पहुंचाएं और इसका लाभ अधिक से अधिक पशुपालकों को मिल सके ऐसा प्रयास सभी करें। उन्होंने कहा कियदि सही जानकारी सही समय पर पशुपालक तक पहुंच जाए तो उसका सीधा लाभ स्वास्थ्य, उत्पादन और आय बढ़ोतरी के रूप में मिलता है। 

विभाग के अतिरिक्त निदेशक डॉ प्रवीण कुमार सेन ने सभी का स्वागत करते हुए कहा कि इस प्रशिक्षण कार्यक्रम का उदेश्य राष्ट्रीय पशुधन मिशन के विषय में सभी को संपूर्ण जानकारी उपलब्ध कराना है जिससे फील्ड के लोगों तक भी यह जानकारी पहुंचे।

उल्लेखनीय है कि राष्ट्रीय पशुधन मिशन (छस्ड) योजना भारत सरकार की एक पहल है जिसका उद्देश्य पशुधन क्षेत्र (जैसे डेयरी, पोल्ट्री, भेड़, बकरी, सूअर) के सतत विकास के माध्यम से किसानों और पशुपालकों की आय और जीवन स्तर में सुधार करना है, जिसमें उद्यमिता विकास, नस्ल सुधार, चारा और स्वास्थ्य सेवाओं को बढ़ावा देना और बाजार तक पहुंच बढ़ाना शामिल है, जिसके लिए सब्सिडी और प्रशिक्षण प्रदान किया जाता है।

लोक संस्कृति और संगीत के साथ विकास और विश्वास का जश्न- राज्य सरकार के ऐतिहासिक दो वर्ष पूर्ण होने पर राज्य स्तरीय प्रदर्शनी
संगीत और कालबेलिया नृत्य के रंगों से सराबोर हुआ जेकेके परिसर

राज्य सरकार के ऐतिहासिक और विकास, उपलब्धि व विश्वास से सरोबार दो वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में सूचना एवं जनसंपर्क विभाग द्वारा सोमवार से जवाहर कला केंद्र, जयपुर में आयोजित 4 दिवसीय राज्य स्तरीय प्रदर्शनी की सांस्कृतिक संध्या राजस्थानी लोक संगीत और नृत्य के रंगों से सराबोर रही। कार्यक्रम का बड़ी संख्या में लोगों विशेषकर युवाओं ने लुफ्त लिया। 

कार्यक्रम में राजस्थान की समृद्ध लोककला परंपरा का सजीव चित्रण किया गया। सांस्कृतिक संध्या में लोक कलाकारों की मनमोहक प्रस्तुतियों ने दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया।

सांस्कृतिक कार्यक्रम की शुरुआत गणेश वंदना से हुई। प्रसिद्ध लोक कलाकार राजकी पूरण नाथ सपेरा एवं उनके दल ने कालबेलिया नृत्य और संगीत की शानदार प्रस्तुति देकर समा बांध दिया। “चिरमी म्हारीं चिरमली, चिरमी रा डाला चार” और “लैता जाइजो रे दिलड़ौ, दैता जाइजो” जैसे लोकप्रिय लोकगीतों पर प्रस्तुत कालबेलिया नृत्य ने दर्शकों की भरपूर सराहना प्राप्त की।

कार्यक्रम में गायक बनवारी के साथ ढोलक पर अरुण, बीन पर कैलाश नाथ सपेरा तथा खंजरी पर पूरण नाथ ने संगत दी। इसके अतिरिक्त सांस्कृतिक संध्या में चरी और भंवरी नृत्य की आकर्षक प्रस्तुतियों ने भी दर्शकों का विशेष ध्यान खींचा।

लोक संगीत, नृत्य और सरकार की उपलब्धियों के समन्वय से सजी यह सांस्कृतिक संध्या दर्शकों के लिए यादगार बन गई। सांस्कृतिक संध्या में सूचना एवं जनसंपर्क व अन्य विभागों के वरिष्ठ अधिकारी, अन्य कार्मिक व आमजन उपस्थित रहे। 

डीआईपीआर स्टॉल पर विद्यार्थियों ने ली पीएम और सीएम के साथ सेल्फी, साहित्य में दिखाई रूचि-

प्रदर्शनी स्थल पर सूचना एवं जनसंपर्क विभाग के स्टॉल पर राज्य सरकार की प्रमुख उपलब्धियों एवं जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी दी गई है। बड़ी संख्या में लोगों विशेषकर विद्यार्थियों ने यहां विभिन्न विभागों की योजनाओं, उपलब्धियों के सम्बंध में प्रकाशित साहित्य निःशुल्क प्राप्त किया तथा इसके लिए राज्य सरकार का आभार प्रकट किया। उन्होंने प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी और मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के साथ वर्चुअल सेल्फी ली। यह सेल्फी लेने पर मोबाइल नम्बर अंकित किया जाता है तथा उस नम्बर पर मैसेज आता है। मैसेज क्लिक करते ही सेल्फी डाउनलोड का ऑप्शन आता है। सेल्फी लेने वालों ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी और मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा ने राज्य के विकास को नई गति दी है। उनके साथ सेल्फी यादगार क्षण हैं।

जयपुर शासन सचिवालय में स्वच्छता अभियान का आयोजन
मुख्य सचिव सहित अधिकारी-कर्मचारियों ने झाडू लगाकर अभियान की शुरूआत की

जयपुर, 12 दिसंबर।  राज्य सरकार के दो वर्ष का कार्यकाल पूर्ण होने के उपलक्ष्य में मंगलवार को शासन सचिवालय में स्वच्छता अभियान कार्यक्रम का आयोजन किया गया। अभियान का शुभारंभ शासन सचिवालय परिसर में कर्मचारी संघ कैंटीन के समीप से किया गया। यहां मुख्य सचिव श्री वी. श्रीनिवास के साथ वरिष्ठ अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने झाडू लगाकर साफ सफाई की। अभियान के अंतर्गत शासन सचिवालय में स्थित विभिन्न कार्यालयों सहित सभी राजकीय कार्यालयों में भी अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने साफ-सफाई की।

 मुख्य सचिव ने कहा कि सरकारी कार्यालय परिसरों में स्वच्छता बनाए रखने की संस्कृति विकसित की जानी चाहिए। इसके लिए नियमित रूप से स्वच्छता अभियान चलाए जाएं। उन्होंने कहा कि स्वच्छ वातावरण न केवल कार्यक्षमता बढ़ाता है, बल्कि सकारात्मक कार्य-संस्कृति को भी प्रोत्साहित करता है।

  उन्होंने कहा कि फाइलों और रिकॉर्ड्स का प्रबंधन अत्यंत आवश्यक है। सरकारी कार्यालयों में रिकॉर्ड्स की समय-समय पर समीक्षा (रिव्यू) एवं छंटनी (टाइमली वीडिंग ऑफ रिकॉर्ड्स) की जानी चाहिये। साथ ही पुराने फर्नीचर, अनुपयोगी वाहन स्क्रैप का समय पर निस्तारण किया जाना चाहिये। उन्होंने कहा कि पुराने और बेकार लैपटॉप, डेस्कटॉप, फोटोकॉपी मशीन आदि डिजिटल स्क्रैप का भी नियमानुसार निपटान किया जाना चाहिए।

 कार्यक्रम में अतिरिक्त मुख्य सचिव जल संसाधन विभाग श्री अभय कुमार, शासन सचिव कार्मिक विभाग श्रीमती अर्चना सिंह, शासन सचिव युवा मामले एवं खेल विभाग डॉ. नीरज के पवन, शासन सचिव सूचना प्रौद्योगिकी एवं संचार विभाग डॉ. रवि कुमार सुरपुर सहित अन्य अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।

अजमेर में बनेगा महर्षि दयानंद पैनोरामा— विधान सभा अध्यक्ष देवनानी ने की घोषणा
आर्य समाज मनाएगा स्वामी श्रद्धानंद की बलिदान शताब्दी

जयपुर, 14 दिसम्बर। महर्षि दयानंद सरस्वती की निर्वाण स्थली अजमेर में अब दयानंद पैनोरमा बनेगा। इसे देखकर यहां आने वाले लोग महर्षि के महान जीवन से प्रेरणा ले सकेंगे। विधान सभा अध्यक्ष वासुदेव देवनानी ने रविवार को राजस्थान आर्य प्रतिनिधि सभा के अजमेर स्थित ऋषि उद्यान में आयोजित सम्मेलन में यह घोषणा की।

 कार्यक्रम में विधानसभा अध्यक्ष  ने कहा कि वे प्रयास करेंगे कि आगामी बजट में ही दयानंद पैनोरामा के प्रस्ताव को मंजूरी मिल जाए। श्री देवनानी ने कहा कि सामाजिक जागृति में महर्षि दयानंद और आर्य समाज का बहुत बड़ा योगदान है।

श्री देवनानी ने कहा कि राष्ट्रवाद को बढ़ावा देने के लिए कई बड़े काम किए हैं। इनमें केईएम का नाम बदलकर महर्षि दयानंद विश्रांति गृह करना, खादिम का नाम अजयमेरु करना शामिल है। सम्राट पृथ्वीराज चौहान के तारागढ़ पर बड़ी संख्या में अतिक्रमण हटाए गए हैं। इसे अब पर्यटन स्थल के रूप में विकसित किया जाएगा।

श्री देवनानी ने आर्य प्रतिनिधि सभा और आर्य वीर दल की अजमेर में आयोजित दो दिवसीय वार्षिक योजना समीक्षा बैठक में उपस्थित प्रतिनिधियों से संवाद किया। उन्होंने कहा कि प्रतिनिधियों से संवाद करना और उनके समर्पण, अनुशासन व सेवा भावना को करीब से अनुभव करना अत्यंत सुखद व प्रेरणादायी रहा।

कार्यक्रम को परोपकारिणी सभा के प्रधान ओम मुनि ने भी संबोधित किया। राजस्थान आर्य प्रतिनिधि सभा के प्रधान जयसिंह गहलोत और मंत्री जीववर्धन शास्त्री ने देवनानी का शाल ओढ़ाकर एवं स्मृति चिन्ह भेंट कर स्वागत किया। परोपकारिणी सभा के न्यासी डॉ. वेदप्रकाश विद्यार्थी ने उन्हें आचार्य धर्मवीर की पुस्तक अग्नि सूक्त और भारतीय नारी भेंट की। कार्यक्रम का संचालन स्वामी ओमानंद सरस्वती ने किया।

अलवर जिला प्रभारी मंत्री डॉ. किरोडी लाल मीणा ने सडक सुरक्षा जन जागरूकता अभियान के तहत वाहन रैली
पोस्टर विमोचन एवं शपथ के माध्यम से दिया सडक सुरक्षा का संदेश

जयपुर, 13 दिसम्बर। अलवर जिला प्रभारी मंत्री तथा कृषि एवं उद्यानिकी मंत्री डॉ. किरोड़ी लाल मीणा के मुख्य आतिथ्य में राज्य सरकार के 2 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में आयोजित कार्यक्रमों की श्रृंखला में शनिवार को अलवर जिले में सडक सुरक्षा जनजागरूकता अभियान का जिला स्तरीय कार्यक्रम आयोजित हुआ। इस दौरान प्रभारी मंत्री ने सडक सुरक्षा वाहन रैली को हरी झण्डी दिखाकर रवाना किया तथा सडक सुरक्षा शपथ, नो हैलमेट-नो एंट्री, नो सीट बेल्ट-नो एंट्री पोस्टर का विमोचन किया एवं सडक सुरक्षा से संबंधित संदेश लिखे बैलून को उडाकर सुरक्षा-जीवन रक्षा का संदेश दिया।

                अलवर जिला प्रभारी मंत्री डॉ. मीणा ने अपने संबोधन में कहा कि सडक सुरक्षा हम सभी के लिए पहली प्राथमिकता होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि सडक सुरक्षा केवल नियमों का विषय नहीं बल्कि यह मानव जीवन की सुरक्षा से जुडा हुआ पहलू है। उन्होंने कहा कि सडक सुरक्षा केवल सरकार एवं पुलिस की जिम्मेदारी नहीं है बल्कि हमारा सामूहिक उत्तरदायित्व है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार सडक सुरक्षा एवं सडक तंत्र को मजबूती प्रदान करने हेतु निरन्तर काम कर रही है। उन्होंने कहा कि सरकार ने विगत दो वर्षों में 27 हजार 238 करोड रूपये व्यय कर 39 हजार 891 किलोमीटर की सडकों का विकास किया है। साथ ही एक्सप्रेसवे निर्माण, शहरी एवं ग्रामीण सडकों का संजाल बनाने की दिशा में अभूतपूर्व कार्य किए गए हैं।

वाहन रैली, पोस्टर विमोचन एवं शपथ के माध्यम से दिया सडक सुरक्षा का संदेश

                अलवर जिला प्रभारी मंत्री ने 25 दिसम्बर तक आयोजित हो रहे सडक सुरक्षा जनजागरूकता अभियान के तहत आयोजित सडक सुरक्षा जीवन रक्षा वाहन रैली को हरी झण्डी दिखाकर रवाना किया। रैली प्रताप ऑडिटोरियम से शहर के मुख्य रास्तों से होते हुए आरटीओ कार्यालय पर सम्पन्न हुई। रैली में स्वयं प्रभारी मंत्री ने बाइक पर बैठक सडक सुरक्षा जागरूकता का संदेश दिया। इससे पहले प्रभारी मंत्री ने कार्यक्रम में उपस्थित प्रतिभागियों को सडक सुरक्षा की शपथ दिलाकर सडक सुरक्षा के पोस्टर का विमोचन भी किया।