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नव उत्थान नई पहचान, बढ़ता राजस्थान हमारा राजस्थान ‘सहकार से समृद्धि’ की संकल्पना को साकार करने में राजस्थान अग्रणी
'राज्य सरकार की दूसरी वर्षगांठ पर विशेष

मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में राज्य सरकार ‘सहकार से समृद्धि’ की संकल्पना को मूर्त रूप देने हेतु निरंतर प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है। राज्य में सहकारिता आंदोलन को जमीनी स्तर तक विस्तार देने तथा आमजन को अधिकाधिक संख्या में जोड़ने के उद्देश्य से अक्टूबर माह में आयोजित ‘सहकार सदस्यता अभियान’ सफल सिद्ध हुआ है। अभियान की प्रारंभिक अवधि 2 से 15 अक्टूबर निर्धारित की गई थी, जिसे प्राप्त उत्साहजनक परिणामों के फलस्वरूप 22 अक्टूबर तक बढ़ाया गया। 

अभियान के दौरान लगभग 8,500 पैक्स स्तर पर शिविर आयोजित किए गए तथा युवाओं एवं महिलाओं को विशेष रूप से सहकारी संस्थाओं से जोड़ने पर बल दिया गया। परिणामस्वरूप 7.34 लाख के निर्धारित लक्ष्य के विरुद्ध 8.90 लाख से अधिक लोगों ने सदस्यता के लिए  आवेदन किया।

अभियान अवधि में 7 में से 6 संभागों ने लक्ष्य से बेहतर प्रदर्शन किया। संभागों का प्रदर्शन इस प्रकार रहा-

• जयपुर संभाग: लक्ष्य 1.25 लाख, उपलब्धि 2.03 लाख

• उदयपुर संभाग: लक्ष्य 1.01 लाख, उपलब्धि 1.30 लाख

• अजमेर संभाग: लक्ष्य 1.15 लाख, उपलब्धि 1.22 लाख

• बीकानेर संभाग: लक्ष्य 99 हजार, उपलब्धि 1.19 लाख

• कोटा संभाग: लक्ष्य 53 हजार, उपलब्धि 68 हजार

• भरतपुर संभाग: लक्ष्य 74 हजार, उपलब्धि 95 हजार

• जोधपुर संभाग: कुल उपलब्धि 1.53 लाख

अभियान के दौरान पैक्सविहीन ग्राम पंचायतों में नवीन पैक्स गठन की दिशा में भी महत्वपूर्ण प्रगति हुई। इस दौरान 1,706 ग्राम पंचायतों में सर्वे कार्य पूर्ण हुआ, 1,296 पैक्स हेतु जिला स्तरीय समिति की बैठक आयोजित हुई और 1,275 नए पैक्स गठन के प्रस्ताव प्राप्त हुए। इसी प्रकार,सहकारी समितियों की आधारभूत संरचना सुदृढ़ करने हेतु 1,342 समितियों में गोदाम निर्माण के लिए भूमि का चिन्हीकरण किया गया तथा 1,215 समितियों द्वारा भूमि आवंटन के लिए आवेदन किया गया।

आगामी वर्षों में राज्य की भंडारण क्षमता में उल्लेखनीय वृद्धि होगी।

अभियान अवधि में पीएम किसान सम्मान निधि योजना से संबंधित लम्बित प्रकरणों का भी निस्तारण किया गया। इस दौरान 38,850 कृषकों की आधार सीडिंग और 27,640 कृषकों की ई-केवाईसी पूर्ण की गई। इससे पात्र किसानों को योजना का लाभ सुव्यवस्थित रूप से प्राप्त हो सकेगा।

अभियान के दौरान नवीन सहकारी कानून का व्यापक प्रचार-प्रसार भी  किया गया। प्रस्तावित नवीन को-ऑपरेटिव कोड के प्रमुख प्रावधानों की जानकारी 11 लाख से अधिक लोगों को प्रदान की गई। नवीन को-ऑपरेटिव कोड से सहकारी क्षेत्र में पारदर्शिता, सुशासन एवं दक्षता को बढ़ावा मिलेगा।

अभियान से सहकारिता नेटवर्क को मजबूती मिली है। युवाओं एवं महिलाओं की बड़ी संख्या में भागीदारी तथा नए पैक्स गठन से राज्य में सहकारिता का ढांचा और अधिक मजबूत हुआ है। इससे जनकल्याणकारी योजनाओं की पहुंच जमीनी स्तर तक सुनिश्चित होगी तथा ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सुदृढ़ बनाने में सहयोग मिलेगा। राज्य सरकार द्वारा इन सभी कार्यों का सतत फॉलो-अप किया जा रहा है तथा सहकारिता क्षेत्र के व्यापक विकास हेतु आगे भी प्रभावी कदम उठाए जाएंगे।

केन्द्रीय विद्युत मंत्री, सौर और समग्र अक्षय ऊर्जा में राजस्थान बना सिरमौर, प्रदेश के अन्नदाता बन रहे ऊर्जादाता : मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा
प्रवासी राजस्थानी दिवस में बैटरी एनर्जी स्टोरेज पर विशेष सत्र

जयपुर, 10 दिसम्बर। केन्द्रीय विद्युत मंत्री मनोहरलाल ने आशा व्यक्त की है कि पश्चिमी राजस्थान में ग्रेट इंडियन बस्टर्ड के संरक्षण के मामले में ट्रांसमिशन लाइनों के विस्तार का जल्द ही विधिक समाधान निकलेगा। उन्होंने कहा कि ग्रीन एनर्जी कॉरिडोर-तृतीय को केन्द्रीय नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय से अनुमति प्राप्त हो गई है। केन्द्रीय ट्रांसमिशन नेटवर्क के अन्तर्गत 115 गीगावाट का तंत्र राजस्थान में बनाया जा रहा है। प्रसारण तंत्र का यह विस्तार इस बात का संकेत है कि देश के एनर्जी सेक्टर का सुपर हाईवे राजस्थान से होकर ही गुजरेगा। 

मनोहरलाल बुधवार को जेईसीसी में प्रवासी राजस्थानी दिवस के अवसर पर बैटरी एनर्जी स्टोरेज को लेकर आयोजित विशेष सत्र को संबोधित कर रहे थे। इस दौरान उन्होंने राजस्थान में सौर ऊर्जा क्षेत्र के विकास को लेकर राज्य सरकार द्वारा किए जा रहे प्रयासों की सराहना की। 

मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा कि राजस्थान न केवल देश के, बल्कि वैश्विक अक्षय ऊर्जा मानचित्र पर अग्रणी भूमिका निभा रहा है। आज हमारा प्रदेश सौर ऊर्जा और समग्र अक्षय ऊर्जा क्षमता, दोनों में देश में प्रथम स्थान पर है। उन्होंने कहा कि इस परिवर्तन में प्रवासी राजस्थानियों का ज्ञान, पूंजी और ग्लोबल नेटवर्क अत्यंत मूल्यवान पूंजी है।

उन्होंने कहा कि राज्य सरकार राजस्थान को ऊर्जा क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाने के लिए प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है। प्रदेश को ऊर्जा लेने वाले के स्थान पर देने वाले राज्य के रूप में स्थापित करने के लिए कई महत्वपूर्ण निर्णय किए गए हैं। हमारी सरकार ने अक्षय ऊर्जा परियोजनाओं और पार्कों के लिए 23,386 हेक्टेयर भूमि आवंटित की है, जिसके माध्यम से लगभग 10,202 मेगावाट क्षमता विकसित होने जा रही है।

श्री शर्मा ने कहा कि अक्षय ऊर्जा निगम एवं विद्युत उत्पादन निगम को 26,784 मेगावाट क्षमता वाले सोलर पार्कों के लिए 51,808 हेक्टेयर भूमि का अतिरिक्त आवंटन किया गया है, जो आने वाले वर्षों में गीगावाट स्तर की परियोजनाओं का मजबूत आधार बनेगा। वहीं, 964 मेगावाट सोलर कैप्टिव प्लांटों एवं 1,514 मेगावाट क्षमता वाले सोलर प्लांटों को स्वीकृति दी जा चुकी है, जो उद्योगों और बड़े उपभोक्ताओं को स्वच्छ, सस्ती और दीर्घकालिक ऊर्जा सुरक्षा देंगे।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी ने देश के किसानों को सशक्त बनाने और उन्हें अन्नदाता के साथ ऊर्जादाता बनाने के लिए पीएम कुसुम जैसी अनुपम योजना चलाई है। इसमें राजस्थान पूरे देश के लिए मार्गदर्शक राज्य बनकर उभरा है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने पीएम-कुसुम (कम्पोनेंट ए और सी) के अंतर्गत 10,533 मेगावाट क्षमता की 5,002 सौर परियोजनाओं के लिए कार्यादेश किए हैं और 2,272 मेगावाट की 1,019 परियोजनाएं स्थापित की जा चुकी हैं। कम्पोनेंट-ए में तो हमारा राजस्थान पूरे देश में प्रथम स्थान पर पहुंच गया है।

प्रदेश के खाद्य मंत्री श्री सुमित गोदारा ने कहा कि सौर ऊर्जा परियोजनाओं ने पश्चिमी राजस्थाान में लोगों का भाग्य बदल दिया है। ऊर्जा राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्री हीरालाल नागर ने कहा कि प्रदेश में पीक ऑवर्स की डिमांड को पूरा करने के लिए बैटरी ऊर्जा भंडारण प्रणाली को गति दी गई है। राज्य में 6 हजार मेगावाट की भंडारण प्रणाली विकसित की जा रही है।

इस अवसर पर राजस्व मंत्री श्री हेमंत मीणा, मुख्य सचिव श्री वी. श्रीनिवास, ऊर्जा विभाग के प्रमुख शासन सचिव श्री अजिताभ शर्मा सहित एनर्जी सेक्टर से जुड़ी विभिन्न संस्थाओं, उद्यमों के प्रतिनिधि एवं प्रदेश के विद्युत निगमों के अधिकारी मौजूद रहे।

अवैध खनन में संलिप्त किसी भी व्यक्ति को नहीं बख्शा जाएगा : मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा
खान एवं पेट्रोलियम विभाग की समीक्षा बैठक- राजस्थान को खनन में अग्रणी बनाना हमारी प्राथमिकता

जयपुर, 09 दिसम्बर। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा कि प्रदेश में प्रचुर मात्रा में खनिज संसाधन उपलब्ध होने से यह क्षेत्र राज्य के विकास में महती भूमिका निभाता है। साथ ही, यह क्षेत्र स्थानीय रोजगार एवं क्षेत्रीय विकास की भी अहम कड़ी है। हमारी सरकार प्रदेश को खनन क्षेत्र में अग्रणी बनाने के लिए निरंतर कार्य कर रही है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि खनिज संसाधनों का समुचित दोहन करते हुए समयबद्ध राजस्व लक्ष्यों की प्राप्ति की जाए। साथ ही, प्रदेश में हो रहे अवैध खनन पर सख्त कार्रवाई की जाए। उन्होंने कहा कि अवैध खनन में संलिप्त किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाए।

शर्मा मंगलवार को मुख्यमंत्री कार्यालय में खान एवं पेट्रोलियम विभाग की समीक्षा बैठक को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि राज्य में असीम खनिज संपदा की संभावनाओं को ध्यान में रखते हुए नए खनिज ब्लॉक्स की पहचान की जाए। साथ ही, अत्याधुनिक नवाचार एवं एआई का उपयोग करते हुए नए खनिज ब्लॉक्स की संख्या बढ़ाई जाए। उन्होंने कहा कि खनिज संपन्न राज्यों में खान क्षेत्र में किए जा रहे नवाचारों एवं राजस्व वृद्धि के लिए किए जा रहे कार्यों का अध्ययन किया जाए जिससे राजस्व में वृद्धि की जा सके।

नीलामी प्रक्रिया में लाएं पूर्ण पारदर्शिता-

मुख्यमंत्री ने कहा कि खनन क्षेत्र में बड़ी संख्या में कुशल एवं अकुशल श्रमिकों को रोजगार प्राप्त हो रहा है। राज्य सरकार की प्राथमिकता है कि रोजगार को बढ़ावा देते हुए प्रदेश में वैध खनन को बढ़ावा दिया जाए, अवैध खनन पर अंकुश लगे। उन्होंने कहा कि खनन क्षेत्र में नीलामी प्रक्रिया में पूर्ण पारदर्शिता बरती जाए तथा पुलिस, परिवहन एवं खान विभाग आपसी समन्वय कर अवैध खनन की रोकथाम के लिए कार्ययोजना बनाएं। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि अवैध खनन निर्धारण के लिए क्षेत्र में ड्रोन सर्वे को बढ़ाया जाए। साथ ही, खनन पट्टा क्षेत्रों एवं अवैध खनन स्थलों की जियो फैन्सिग को और प्रभावी बनाया जाए।

एम-सेण्ड को दिया जा रहा प्रोत्साहन-

शर्मा ने कहा कि प्रदेश में बजरी के विकल्प के रूप में एम-सेण्ड के उपयोग को बढ़ावा दिया जा रहा है। इसके लिए एम-सेण्ड नीति 2024 जारी की गई है। इस नीति के माध्यम से एम सैंड यूनिट लगाने वाले उद्यमियों को प्रोत्साहन दिया गया है जिससे एम-सेण्ड के लिए प्रदेश में अनेक प्लांट्स संचालित हैं। उन्होंने अधिकारियों को इन सभी प्लांट्स की प्रगति की नियमित मॉनिटरिंग करने के निर्देश दिए। उन्होंने अधिकारियों को प्रदेश में खनिज संसाधनों की संभावनाओं को जानने के लिए भी प्रभावी कार्ययोजना बनाए जाने के भी निर्देश दिए। 

बैठक में बताया गया कि खान विभाग द्वारा एम-सेण्ड पॉलिसी, मिनरल डवलपमेंट, एनवायरनमेंट प्रोटेक्शन और अवैध माइनिंग मॉनिटरिंग कमेटी का गठन, ई-रवन्ना, ई-टीपी के गलत इस्तेमाल के लिए टीम का गठन तथा अवैध खनन संवेदनशील क्षेत्रों में बॉर्डर होम गार्ड की तैनाती जैसे कार्य किए गए हैं। साथ ही, प्रदेश में खनन से रॉयल्टी वृद्धि हेतु खनिज परिवहन के लिए जीपीएस एवं आरएफआईडी युक्त वाहनों की बाध्यता की जा रही है। समस्त विभागीय एमपैनल्ड वे-ब्रिज पर स्टेण्डर्ड सॉफ्टवेयर का उपयोग, तुलायंत्रो पर सैंसर्स, ए.आई. कैमरा सहित विभिन्न नवाचार किए गए हैं।

इससे पहले प्रमुख शासन सचिव खान टी. रविकांत ने प्रस्तुतीकरण के माध्यम से खान एवं पेट्रोलियम विभाग के नवाचारों, कार्यक्रमों तथा योजनाओं के बारे में विस्तृत जानकारी दी। इस अवसर पर पुलिस महानिदेशक श्री राजीव कुमार शर्मा सहित संबंधित विभागों के वरिष्ठ अधिकारीगण उपस्थित रहे।

सीडीटीआई जयपुर में ‘सीन ऑफ क्राइम मैनेजमेंट’ प्रशिक्षण शुरू
एसीएस गृह और डीजीपी की उपस्थिति में कार्यक्रम का शुभारंभ; एनएफएसयू-बीपीआरडी-एफएसएल का संयुक्त प्रयास

जयपुर, 8 दिसंबर। राजस्थान पुलिस के चयनित कांस्टेबलों के लिए वैज्ञानिक जांच कौशल को मजबूत करने के उद्देश्य से सेंट्रल डिटेक्टिव ट्रेनिंग इंस्टीट्यूट (सीडीटीआई) जयपुर में सोमवार को ‘सीन ऑफ क्राइम मैनेजमेंट’ प्रशिक्षण कार्यक्रम का विधिवत शुभारंभ हुआ।

यह महत्वपूर्ण प्रशिक्षण नेशनल फोरेंसिक साइंस यूनिवर्सिटी (एनएफएसयू) गांधीनगर, ब्यूरो ऑफ पुलिस रिसर्च एंड डेवलपमेंट (बीपीआरडी) के सीडीटीआई और राजस्थान एफएसएल के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित किया जा रहा है। इसका मुख्य लक्ष्य अपराध स्थल प्रबंधन, फोरेंसिक साक्ष्य संग्रह और वैज्ञानिक जांच कौशल को मजबूत बनाना है।

कार्यक्रम का शुभारंभ सीडीटीआई के निदेशक डॉ. अमनदीप सिंह कपूर के स्वागत एवं पाठ्यक्रम परिचय के साथ हुआ। उन्होंने स्पष्ट किया कि अपराध स्थल का सही संरक्षण और साक्ष्यों का वैज्ञानिक संग्रह सफल जांच की रीढ़ है।

कार्यक्रम में उपस्थित विशिष्ट अतिथियों के प्रमुख विचार—

मुख्य अतिथि अतिरिक्त मुख्य सचिव गृह श्री भास्कर सावंत ने कहा कि अपराध जांच में वैज्ञानिक प्रक्रियाओं का उपयोग अब अनिवार्य हो चुका है। उन्होंने एक माह के इस प्रशिक्षण कार्यक्रम को प्रदेश में अपराध जांच की गुणवत्ता सुधारने के लिए एक महत्वपूर्ण कदम बताया और प्रतिभागियों को इस अवसर का पूरा लाभ उठाने की प्रेरणा दी।

महानिदेशक पुलिस राजीव कुमार शर्मा ने विश्वास व्यक्त किया कि राजस्थान पुलिस अपराध जांच को आधुनिक तकनीक से जोड़ने की दिशा में लगातार प्रगति कर रही है और यह प्रशिक्षण पुलिस बल की क्षमता में उल्लेखनीय वृद्धि करेगा।

उपमहानिरीक्षक पुलिस सीआईडी अपराध शाखा दीपक भार्गव ने कहा कि अपराध स्थल पर पहली प्रतिक्रिया पुलिसकर्मियों की पेशेवर दक्षता तय करती है, और यह प्रशिक्षण जांच प्रक्रिया को अधिक वैज्ञानिक एवं प्रभावी बनाएगा।

फोरेंसिक शिक्षा और तकनीक पर फोकस—

फोरेंसिक विशेषज्ञता वाले अतिथियों ने प्रतिभागियों को वैज्ञानिक दृष्टिकोण अपनाने की सलाह दी। निदेशक एसएसएल डॉ. अजय शर्मा ने कहा कि प्रशिक्षित ‘सीन ऑफ क्राइम मैनेजमेंट’ अधिकारियों से साक्ष्यों की गुणवत्ता बेहतर होगी, जिससे मामलों की त्वरित और सटीक जांच संभव हो सकेगी।

कैंपस डायरेक्टर एनएफएसयू जयपुर डॉ. एस. ओ. जुनारे ने फोरेंसिक शिक्षा और पुलिस प्रशिक्षण के मजबूत समन्वय को अपराध जांच के भविष्य को बदलने वाला बताया।

प्रशिक्षण की मुख्य विशेषताएं—

सीडीटीआई डायरेक्टर श्री कपूर ने बताया कि एक माह के इस विशेष कार्यक्रम में प्रशिक्षुओं को वैज्ञानिक जांच तकनीकों पर विस्तृत प्रशिक्षण दिया जाएगा, जिनमे अपराध स्थल संरक्षण एवं दस्तावेज़ीकरण, फोटोग्राफी, फिंगरप्रिंट एवं डीएनए साक्ष्य संग्रह और डिजिटल फोरेंसिक शामिल है।

यह कोर्स बीपीआरडी और एनएफएसयू के संयुक्त प्रमाणन के साथ-साथ नवीन आपराधिक कानूनों के प्रावधानों के क्रियान्वयन में एक मील का पत्थर साबित होगा, जो राजस्थान को वैज्ञानिक पुलिसिंग की अग्रणी पंक्ति में प्रवेश कराएगा।

421 एमओयू से राजस्थान में 1 लाख करोड़ का निवेश, विकास की नई उड़ान
प्रवासी राजस्थानी दिवस 2025

जयपुर, 8 दिसंबर। मुख्यमंत्री भजन लाल शर्मा के नेतृत्व में राजस्थान सरकार आगामी 10 दिसंबर को ‘प्रवासी राजस्थानी दिवस’ (पीआरडी) के दौरान ऊर्जा, कृषि, पर्यटन, शिक्षा और कौशल विकास, स्वास्थ्य, खनन और अन्य प्रमुख क्षेत्रों में 421 एमओयू के माध्यम से 1 लाख करोड़ रुपये के निवेश को धरातल पर लाने जा रही है।

उद्योग एवं वाणिज्य आयुक्त सुरेश कुमार ओला ने बताया कि यह मील का पत्थर राजस्थान के मज़बूत निवेश ट्रैक रिकॉर्ड पर आधारित है, जिसमें 7 लाख करोड़ रुपये के एमओयू पहले ही पीआरडी— 2025 से पहले ही ज़मीनी स्तर पर काम शुरू कर चुके हैं, जो निवेश और इनोवेशन के लिए एक प्रमुख डेस्टिनेशन के रूप में राज्य की प्रतिष्ठा को और मज़बूत करता है।

ओला ने बताया कि राजस्थान निर्णायक क्रियान्वयन के माध्यम से विकास के एक नए युग में प्रवेश कर रहा है। प्रवासी राजस्थानी दिवस— 2025 के दौरान विभिन्न क्षेत्रों में 1 लाख करोड़ रुपये के निवेश का प्रतिनिधित्व करने वाले 421 एमओयू की शुरुआत, इरादे को प्रभाव में बदलने की हमारी प्रतिबद्धता को रेखांकित करती है। हमारी प्राथमिकता इन एमओयू  के पीछे के इरादों को ज़मीनी स्तर पर वास्तविक परियोजनाओं में बदलना, रोज़गार पैदा करना और ऐसा इंफ्रास्ट्रक्चर और सेवाएं प्रदान करना है जो दैनिक जीवन को बेहतर बनाएं। पीआरडी— 2025 से पहले ही 7 लाख करोड़ रुपये के एमओयू की शुरुआत हो चुकी है, हम सिर्फ़ समझौते साइन नहीं कर रहे हैं, हम परिणाम दे रहे हैं। श्री ओला ने वैश्विक राजस्थानी समुदाय और निवेशकों को इस यात्रा का हिस्सा बनने और राजस्थान के भविष्य को फिर से आकार देने में हमारी मदद करने के लिए आमंत्रित किया है।

इस गति को और  तेज़ करने के लिए राज्य 13 दूरदर्शी नीतियां भी पेश कर रहा है, जिन्हें औद्योगिक विकास, तकनीकी प्रगति और सस्टेनेबल डेवलपमेंट को बढ़ावा देने के लिए डिज़ाइन किया गया है। इनमें औद्योगिक नीति, एनआरआर नीति, राजस्थान व्यापार संवर्धन नीति, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और मशीन लर्निंग नीति, ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर (जीसीसी) नीति, सेमीकंडक्टर नीति, एयरोस्पेस और रक्षा नीति, नई पर्यटन नीति, ग्रीन ग्रोथ क्रेडिट नीति, कृषि और खाद्य प्रसंस्करण नीति, आईटी आउटसोर्सिंग, वन और कृषि-वानिकी नीति, खेल नीति और वाहन स्क्रैपेज नीति शामिल हैं।

ये सभी पहलें मिलकर राजस्थान को इनोवेशन, ग्लोबल ट्रेड और ग्रीन ग्रोथ के हब के रूप में स्थापित करने का लक्ष्य रखती हैं, जिससे विभिन्न क्षेत्रों में निवेशकों और उद्यमियों के लिए नए अवसर पैदा होंगे।

मुख्यमंत्री ने राजस्थान संपर्क हैल्पलाइन 181 का किया औचक निरीक्षण
मुख्यमंत्री ने स्वयं फोन पर सुनी लोगों की समस्याएं, तत्काल समाधान से फरियादियों के चेहरे पर खिली मुस्कान

जयपुर, 8 दिसम्बर। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा आमजन की समस्याओं के समाधान के लिए कितने संवेदनशील हैं, इसकी एक बानगी सोमवार को देखने को मिली। सचिवालय का दौरा कर रहे मुख्यमंत्री जब पुस्तकालय भवन में राजस्थान संपर्क हैल्पलाइन 181 पहुंचे तब दो कॉलर्स नवलगढ़ (झुन्झुनू) के सुधीर और कोटपूतली-बहरोड़ के नेमीचंद से बात कर रहे थे। मुख्यमंत्री ने स्वयं दोनों फरियादियों से बात की और थोड़ी ही देर में उनकी समस्याओं का समाधान कर दिया गया। समस्याओं के तत्काल समाधान के बाद फरियादियों के चेहरे की खुशी देखते ही बन रही थी।  

शर्मा जब राजस्थान संपर्क 181 पर समस्याएं सुन रहे थे तो एक कॉल पर नवलगढ़ (झुन्झुनू) के सुधीर ने बताया कि उनके घर के पास साव की ढाणी पर प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के अंतर्गत सड़क निर्माण का कार्य हो रहा है। सड़क निर्माण में एक पोल बीच में आ रहा है जिससे आवाजाही में लोगों को समस्या हो रही है। उन्होंने मुख्यमंत्री से उस पोल को हटाने के लिए निवेदन किया। मुख्यमंत्री ने उनकी समस्या के समाधान के लिए अधिकारियों को निर्देश दिए। इन निर्देशों की पालना करते हुए संबंधित कलक्टर ने पोल हटवाकर परिवादी को राहत दी। 

मुख्यमंत्री को एक अन्य शिकायतकर्ता नेमीचंद निवासी गोकलपुर गांव, वार्ड नंबर 29 (कोटपूतली-बहरोड़) ने फोन पर बताया कि गोकलपुर गांव में वार्ड नंबर 29 में नाले की सफाई नहीं होने के कारण गंदा पानी निकलकर सड़क पर भरा हुआ है। जिससे आवागमन में लोगों को समस्या आ रही है तथा बीमारी का खतरा भी बना हुआ है। उन्होंने इस नाले की जल्द से जल्द सफाई कराने का आग्रह किया। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को इस परिवेदना का तुरंत निस्तारण करने के निर्देश दिए। संबंधित कलक्टर द्वारा शीघ्र ही परिवेदना को निस्तारित करते हुए नाले की सफाई करवाई गई। 

राजस्थान संपर्क हैल्पलाइन 181 में मुख्यमंत्री को अधिकारियों ने राजस्थान संपर्क हैल्पलाइन की कार्यप्रणाली, परिवादी की शिकायत पंजीकरण की प्रणाली, फॉलो-अप की पूरी जानकारी दी। उन्होंने कहा कि जनसेवा को सर्वोपरि मानते हुए हमारी सरकार कार्य कर रही है। 181 हैल्पलाइन के माध्यम से आमजन घर बैठे अपनी समस्या दर्ज करवाकर उसका शीघ्र समाधान प्राप्त कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि हमारी सरकार लोगों को पूरी संवेदनशीलता, पारदर्शिता और जवाबदेहिता के साथ उनकी हर परिवेदना के समयबद्ध निस्तारण के लिए प्रतिबद्ध है।

श्री शर्मा ने कहा कि संपर्क पोर्टल पर मिल रही समस्याओं की अधिक से अधिक मॉनिटरिंग हो जिससे परिवादी की समस्या का समयबद्ध निस्तारण हो सके तथा उसे राहत मिले। इस दौरान मुख्यमंत्री ने पूरे प्रणाली को समझने एवं उसे और बेहतर बनाने के लिए स्वयं ही शिकायतकर्ताओं का कॉल अटैण्ड किया तथा उनकी समस्याओं का समाधान किया। 

पूर्व सैनिकों के सम्मान में ‘ऑनर रन’ मैराथन का आयोजन
वीर सैनिकों की राष्ट्र के प्रति अटूट निष्ठा हमारे लिए प्रेरणादायी जवानों को उचित सम्मान देना हर नागरिक का कर्तव्य - मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा

जयपुर, 07 दिसम्बर। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा कि हमारे वीर जवान अपने परिवार से दूर रहकर, कठिन परिस्थितियों में निःस्वार्थ भाव से राष्ट्र की सेवा करते हैं। उनके अदम्य साहस और बलिदान के कारण ही हम सभी देशवासी चैन और सुकून से रह पा रहे हैं। उन्होंने कहा कि हमारे पूर्व सैनिक केवल सेवानिवृत व्यक्ति नहीं, बल्कि अनुभव और अनुशासन के प्रतीक हैं। उनकी राष्ट्र के प्रति अटूट निष्ठा हम सब के लिए प्रेरणादायी है। यह देश के हर नागरिक का कर्तव्य है कि वह जवानों को उचित मान-सम्मान दें।

शर्मा ने रविवार को जयपुर के अल्बर्ट हॉल पर थलसेना की दक्षिण पश्चिमी कमान की ओर से पूर्व सैनिकों की वीरता और बलिदान के सम्मान में आयोजित ‘ऑनर रन’ मैराथन को फ्लैग ऑफ किया। यह मैराथन सेना दिवस (15 जनवरी) के उपलक्ष्य में होने वाले विभिन्न कार्यक्रमों के क्रम में आयोजित की गई। मैराथन को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि यह दौड़ हमारे राष्ट्र के उन अमर सपूतों के प्रति सम्मान और आभार व्यक्त करने का अवसर है, जिन्होंने मातृभूमि की रक्षा के लिए अपना सर्वस्व न्योछावर कर दिया। इसका उद्देश्य हमारे पूर्व सैनिकों के साहस, बलिदान और अदम्य भावना का सम्मान करना है, जिन्होंने निःस्वार्थ भाव से राष्ट्र की सेवा की है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि ऑनर रन के माध्यम से हम यह सन्देश देना चाहते हैं कि राजस्थान अपने सैनिकों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़ा है। उन्होंने कहा कि ऑनर रन का आयोजन हमारी सामूहिक चेतना की अभिव्यक्ति है। उन्होंने युवाओं से आह्वान किया कि वे हमारे जांबाज सैनिकों के त्याग, बलिदान और राष्ट्रप्रेम से प्रेरणा लेकर देश के निर्माण में अपना योगदान दें।

‘ऑनर रन’ में नजर आया भारी उत्साह और जोश

अल्बर्ट हॉल पर आयोजित ऑनर रन मैराथन में 5 किलोमीटर, 10 किलोमीटर और 21 किलोमीटर की 3 श्रेणियों की दौड़ आयोजित की गई। मैराथन में सेना के जवानों, पूर्व सैनिकों एवं आमजन ने भारी उत्साह के साथ हिस्सा लिया। देशभक्ति के तरानों के बीच भारत माता की जयकार से माहौल जोश से भर उठा। 

कार्यक्रम में सेना की दक्षिण पश्चिमी कमान के जनरल ऑफिसर कमांडिंग इन चीफ लेफ्टिनेंट जनरल मनजिंदर सिंह ने मुख्यमंत्री को स्मृति चिन्ह भेंट किया। इस दौरान पूर्व नौसेना अध्यक्ष एडमिरल माधवेन्द्र सिंह एवं जयपुर जिला कलक्टर डॉ. जितेन्द्र कुमार सोनी सहित बड़ी संख्या में सेना के जवान, पूर्व सैनिक एवं आमजन उपस्थित रहे।

मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा ने ‘फिट राजस्थान फिट इंडिया’ का दिया संदेश
मॉर्निंग वॉक पर मुख्यमंत्री, जवाहर सर्किल पार्क में वॉक के साथ आमजन से की मुलाकात

जयपुर, 06 दिसंबर। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने शनिवार सुबह जयपुर के जवाहर सर्किल पार्क में मॉर्निंग वॉक किया। उन्होंने ‘फिट राजस्थान-फिट इंडिया’ के संकल्प को आगे बढ़ाते हुए सभी को स्वस्थ एवं सक्रिय जीवनशैली अपनाने का संदेश दिया। 

इस दौरान पार्क में मौजूद लोगों ने भी कदमताल मिलाते हुए मुख्यमंत्री के साथ मॉर्निंग वॉक की। श्री शर्मा ने आत्मीयता के साथ आमजन से मुलाकात की और सेहत, दिनचर्या तथा जीवनशैली से जुड़े विषयों पर बातचीत की। 

मुख्यमंत्री ने जवाहर सर्किल पार्क स्थित मंदिर में दर्शन कर प्रदेश की खुशहाली, समृद्धि एवं जनकल्याण की कामना की। इसके बाद उन्होंने जूस पीते हुए आमजन के साथ चर्चा भी की।

इस दौरान मुख्यमंत्री ने बाबा साहेब डॉ. भीमराव अम्बेडकर के महापरिनिर्वाण दिवस पर हैप्पीनेस एवं फिटनेस गु्रप की ओर से आयोजित कार्यक्रम में डॉ. अम्बेडकर के चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित कर नमन किया। उन्होंने कहा कि बाबा साहेब ने समता और न्याय का जो मार्ग दिखाया है, वह सदैव देश और समाज को प्रगति और सद्भाव की ओर अग्रसर करता रहेगा।

हमारी सरकार दिव्यांगों को सशक्त करने के लिए संकल्पित- मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा
मुख्यमंत्री ने अंतरराष्ट्रीय दिव्यांगजन दिवस पर उत्कृष्ट कार्य करने वाले दिव्यांगजनों तथा संस्थाओं को किया सम्मानित

जयपुर, 3 दिसम्बर। मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा ने कहा कि आज खेल जगत से लेकर शिक्षा, विज्ञान, संगीत, कला और तकनीक सहित हर क्षेत्र में दिव्यांगजनों ने अपनी प्रतिभा साबित की है। इन्हें आगे बढ़ने के समान अवसर उपलब्ध करवाना हम सब की नैतिक जिम्मेदारी है। उन्होंने आमजन से अपील करते हुए कहा कि हम अपने आस-पास रह रहे दिव्यांगजनों की प्रतिभा को पहचानते हुए इनका पूरा सहयोग करें जिससे इनकी विशेष योग्यता का लाभ समाज को मिल सके तथा एक समावेशी समाज का निर्माण हो। उन्होंने कहा कि हमारा संकल्प है कि राजस्थान दिव्यांगजनों के लिए सबसे सुगम्य और संवेदनशील राज्य बने।  

श्री शर्मा बुधवार को हरीश चन्द्र माथुर लोक प्रशासन संस्थान (ओटीएस) में अंतरराष्ट्रीय दिव्यांगजन दिवस पर राज्य स्तरीय विशेष योग्यजन सम्मान समारोह को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने इस दौरान सम्मानित होने वाले विशेष योग्यजनों एवं संस्थानों को बधाई देते हुए कहा कि इससे विशेष योग्यजनों को सशक्त बनाने के संकल्प को गति मिलेगी। उन्होंने कहा कि संयुक्त राष्ट्र महासभा ने वर्ष 1992 में हर वर्ष 3 दिसंबर को अंतरराष्ट्रीय दिव्यांगजन दिवस मनाने की घोषणा की थी जिससे दिव्यांगजनों के अधिकारों की रक्षा, समान अवसर तथा समाज में समावेशी सोच का प्रसार हो।

विशेष योग्यजन की सफलता की कहानियां हम सभी के लिए प्रेरणा—

मुख्यमंत्री ने कहा कि विशेष योग्यजन अपने भीतर विशेष योग्यता रखते हैं। ये अपनी अदम्य इच्छाशक्ति, दृढ़संकल्प और मेहनत से हर सीमा को पार करने का साहस रखते हैं। इनमें वह हुनर और जज्बा होता है जो किसी सामान्य व्यक्ति में मुश्किल से मिलता है। उन्होंने कहा कि पैरालम्पिक में हमारे खिलाड़ियों ने देश और प्रदेश को जो सम्मान दिलाया है, वह उनकी ऊर्जा और क्षमता का प्रमाण है। इनकी सफलता की कहानियां हम सभी को प्रेरित करती हैं।

प्रधानमंत्री के सुगम्य भारत अभियान पहल से दिव्यांगजन हुए सशक्त—

श्री शर्मा ने कहा कि यशस्वी प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी की मंशा देश में एक ऐसे समावेशी समाज की स्थापना करना है जिसमें किसी व्यक्ति की शारीरिक चुनौतियां उसकी राष्ट्र निर्माण में भागीदारी के लिए बाधा न बन सकें। उन्होंने अपनी इसी सोच के साथ सुगम्य भारत अभियान जैसी ऐतिहासिक पहल की है। उन्होंने कहा कि केन्द्र सरकार द्वारा दिव्यांगजन अधिनियम के माध्यम से विकलांगता की परिभाषा को सात श्रेणियों से बढ़ाकर 21 श्रेणियों तक किया है। इसमें एसिड अटैक सरवाइवर को भी शामिल किया गया है। यह कानून दिव्यांगजनों को आत्मनिर्भर बनाने एवं सामाजिक धारणाओं को बदलने में मददगार साबित हो रहा है। 

दिव्यांगजन हमारे समाज की अमूल्य निधि—

मुख्यमंत्री ने कहा कि दिव्यांगजन हमारे समाज की अमूल्य निधि है। इनके कल्याण के लिए प्रदेश सरकार अनेक योजनाएं संचालित कर रही हैं। उन्होंने कहा कि राज्य में विशेष योग्यजन के लिए मोटराइज्ड ट्राई साइकिल, स्मार्टफोन, व्हील चेयर, ट्राई साइकिल, पेंशन इत्यादि से जुड़ी योजनाएं संचालित की जा रही हैं। हमने विद्यार्थियों एवं स्वरोजगार करने वाले दिव्यांगजनों को गत वर्ष 2 हजार स्कूटी वितरित की हैं तथा इस वर्ष दिव्यांगजनों को ढाई हजार स्कूटी वितरित की जा रही है। साथ ही, दिव्यांगजनों के लिए प्रदेशभर में विभिन्न क्लस्टर बनाए गए हैं। 

विशेष योग्यजनों का मैस भत्ता बढ़कर हुआ 3 हजार 250 रूपये—

श्री शर्मा ने कहा कि राज्य सरकार ने पिछले साल दिव्यांगजनों को 15 हजार अंग उपकरण वितरित किए थे और इस वर्ष 1 लाख अंग वितरण करने का लक्ष्य रखा गया है। उन्होंने कहा कि मस्क्यूलर डिस्ट्रॉफी जैसी दुर्लभ बीमारी से पीड़ित लोगों के जीवन को सुगम बनाने के लिए राज्य में पहली बार इलेक्ट्रिक पावर्ड व्हील चेयर का वितरण किया जा रहा है। साथ ही, विशेष योग्यजनों के लिए संचालित आवासीय संस्थानों का इस वर्ष से मैस भत्ता 2 हजार 500 से बढ़ाकर 3 हजार 250 रुपये प्रति आवासीय कर दिया गया है। 

सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री श्री अविनाश गहलोत ने कहा कि मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में दिव्यांगजनों के पुनर्वास, शिक्षा, स्वास्थ्य, विधिक सहायता एवं सामाजिक सुरक्षा के लिए राज्य सरकार द्वारा निरन्तर प्रयास किये जा रहे है। उन्होंने कहा कि दिव्यांगजनों का चिन्हीकरण एवं प्रमाणीकरण करवाकर यूनिक डिसेबिलिटी पहचान पत्र जारी करने में राजस्थान देशभर में अग्रणी राज्यों में शामिल है। 

इस दौरान मुख्यमंत्री ने उत्कृष्ट कार्य करने वाले दिव्यांगजनों को सम्मानित किया। साथ ही, उन्होंने विशेष योग्यजनों को स्मार्टफोन, श्रवण यंत्र एवं स्मार्ट केन भी वितरित किए। इससे पूर्व उन्होंने दिव्यांगजन द्वारा बनाए गए उत्पादों की प्रदर्शनी का अवलोकन भी किया। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने विशेष योग्यजनों को स्कूटी वितरण एवं अंग उपकरण भी वितरित किए।

इस अवसर पर संसदीय कार्य मंत्री श्री जोगाराम पटेल, अतिरिक्त मुख्य सचिव सामाजिक एवं न्याय अधिकारिता श्रीमती अपर्णा अरोड़ा, विशेष योग्यजन निदेशालय आयुक्त श्री इकबाल खान सहित अधिकारीगण एवं बड़ी संख्या में विशेष योग्यजन उपस्थित रहे।

उद्योग, व्यापार, स्वास्थ्य, शिक्षा और विभिन्न क्षेत्रों की जानी-मानी हस्तियों के स्वागत के लिए तैयार राजस्थान
33 विशिष्ट मेहमान राजकीय अतिथि के तौर पर 'प्रवासी राजस्थानी दिवस' समारोह में होंगे शामिल

जयपुर, 3 दिसम्बर। मुख्यमंत्री भजन लाल शर्मा के दूरदर्शी नेतृत्व में राज्य सरकार द्वारा 10 दिसम्बर को आयोजित ‘प्रवासी राजस्थानी दिवस’ समारोह में उद्योग, व्यापार, शिक्षा, स्वास्थ्य, बैंकिंग, प्रशासन और अन्य विभिन्न क्षेत्रों की 33 जानी-मानी हस्तियां राजकीय अतिथि के तौर पर शामिल होंगी।

राजकीय अतिथियों के इस विशिष्ट सूची में वेदांता ग्रुप के चेयरमैन श्री अनिल अग्रवाल, श्री सीमेंट के चेयरमैन श्री हरि मोहन बांगुर, वेलस्पन लिविंग की सीईओ और मैनेजिंग डायरेक्टर श्रीमती दीपाली गोयनका, जेके सीमेंट के ज्वाइंट मैनेजिंग डायरेक्टर श्री माधव सिंघानिया, हिंदुस्तान जिंक की चेयरपर्सन श्रीमती प्रिया अग्रवाल, आनंद ग्रुप की चेयरपर्सन श्रीमती अंजलि सिंह, टीटागढ़ रेल सिस्टम्स के वाइस चेयरमैन, मैनेजिंग डायरेक्टर और सीईओ श्री उमेश चौधरी, DB कॉर्प लिमिटेड के प्रोमोटर और डायरेक्टर श्री गिरीश अग्रवाल, और मोतीलाल ओसवाल फाइनेंशियल सर्विसेज के मैनेजिंग डायरेक्टर और सीईओ श्री मोतीलाल ओसवाल जैसे कई बड़े नाम है।

‘प्रवासी राजस्थानी दिवस’ के तहत अलग-अलग क्षेत्रों में शानदार योगदान और उल्लेखनीय उपलब्धियाँ प्राप्त करने वाले इन 33 विशिष्ट लोगों को राजस्थान सरकार ने राजकीय अतिथि के रूप में इस समारोह में शामिल होने का आमंत्रण दिया है।  

इसके तहत, उद्योग जगत की कुछ अन्य प्रमुख हस्तियां जिन्हें राजकीय अतिथि के तौर पर इस समारोह में शामिल होने के लिए आमंत्रित किया गया है, उनमें प्रमुख हैं केईआई (KEI) लिमिटेड के चेयरमैन श्री अनिल गुप्ता, चौधरी ग्रुप के चेयरमैन श्री बिनोद चौधरी, नेशनल इंजीनियरिंग इंडस्ट्रीज लिमिटेड के प्रेसिडेंट और सीईओ श्री रोहित साबू, बोरोसिल रिन्यूएबल्स के एग्जीक्यूटिव चेयरमैन श्री प्रदीप कुमार खेरुका, सोमानी सेरामिक्स के चेयरमैन और मैनेजिंग डायरेक्टर श्री श्रीकांत सोमानी, और, बांग्लानाटक डॉट कॉम के फाउंडर डायरेक्टर श्री अमिताव भट्टाचार्य भी शामिल हैं।

इसके अलावा, अकादमिक जगत की विशिष्ट हस्तियों में प्रख्यात शिक्षाविद् और बिट्स, पिलानी के वाइस चांसलर प्रो. वी. रामगोपाल राव, आईआईएम उदयपुर के डायरेक्टर प्रो. अशोक बनर्जी, आईआईटी जोधपुर के डायरेक्टर प्रो. अविनाश कुमार अग्रवाल, दिल्ली पब्लिक स्कूल, संयुक्त अरब अमीरात के मैनेजिंग डायरेक्टर श्री दिनेश कोठारी, और नीति आयोग की विशिष्ट फेलो श्रीमती देबजानी घोष भी इस आयोजन में राजस्थान के राजकीय अतिथि के तौर पर ‘प्रवासी राजस्थानी दिवस 2025’ में शामिल होने के लिए आमंत्रित हैं।

जल की उपलब्धता राजस्थान के लिए अहम विषय है और इसी दृष्टि से इस क्षेत्र के कई विशेषज्ञ भी इस आयोजन में राजकीय अतिथि के तौर पर शामिल रहेंगे। इनमें हिंदुस्तान जिंक के सीईओ श्री अरुण मिश्रा, इकोलैब इंडिया के मैनेजिंग डायरेक्टर श्री मनीष खंडेलवाल, , वेओलिया वॉटर टेक्नोलॉजीज के सीनियर वाइस प्रेसिडेंट (साउथ एशिया) और इंजीनियरिंग एंड प्रोक्योरमेंट के एशिया-पैसिफिक रीजन लीडर श्री गोपाल मधुभूषण, नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ अर्बन अफेयर्स (NIUA) की डायरेक्टर डॉ. देबोलिना कुंडू, आयन एक्सचेंज (इंडिया) लिमिटेड के मैनेजिंग डायरेक्टर और सीईओ श्री इंद्रनील दत्त जैसी जानी-मानी हस्तियां जल संसाधन पर आयोजित विशेष सत्र में अपने विचार व्यक्त करेंगी।

इसके अलावा, इस समारोह में चिकित्सा एवं स्वास्थ्य क्षेत्र की जानी-मानी हस्तियां भी शामिल होंगी। इनमें डॉक्टर्स ऑफ राजस्थान इंटरनेशनल (DoRI) फाउंडेशन के प्रेसिडेंट और यूनिवर्सिटी ऑफ सेंट्रल फ्लोरिडा स्कूल ऑफ मेडिसिन असिस्टेंट प्रोफेसर (न्यूरोलॉजी) डॉ. जयवीर सिंह राठौर, स्टार हॉस्पिटल्स, हैदराबाद के क्लिनिकल डायरेक्टर और विभागाध्यक्ष (सर्जिकल ऑन्कोलॉजी) डॉ. विपिन गोयल, टाटा वन एमजी के चीफ फाइनेंशियल ऑफिसर श्री संजय झावर, और सीके बिड़ला हेल्थकेयर के सीईओ श्री विपुल जैन जैसे विशेषज्ञ स्वास्थ्य क्षेत्र पर होने वाले सत्र में अपने विचार व्यक्त करेंगे।

इनके अलावा, ‘प्रवासी राजस्थानी दिवस’ में बैंकिंग और टूरिज्म क्षेत्र के विशेषज्ञों और वरिष्ठ सरकारी अधिकारियों की भी राजकीय अतिथि के रूप में मौजूदगी रहेगी। इनमें एयू स्मॉल फाइनेंस बैंक के फाउंडर, एमडी और सीईओ श्री संजय अग्रवाल, वोल्वो ग्रुप इंडिया के प्रेसिडेंट और मैनेजिंग डायरेक्टर श्री कमल बाली, ईजमाइट्रिप के सह-संस्थापक और सीईओ श्री रिकांत पिट्टी, और विदेश मंत्रालय में ज्वाइंट सेक्रेटरी श्री महावीर सिंघवी शामिल हैं।

मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा द्वारा पिछले साल की गयी घोषणा के मद्देनजर ‘प्रवासी राजस्थानी दिवस’ का यह पहला आयोजन 10 दिसंबर को होने जा रहा है। इस समारोह के मंच पर इन विशिष्ट राजकीय अतिथियों की उपस्थिति एक महत्वपूर्ण अवसर है, जिसके तहत यह मंच राजस्थान और राज्य के प्रवासियों के बीच निरंतर संवाद कायम करने और राजस्थान के विकास और समृद्धि में प्रवासियों के सक्रिय सहयोग स्थापित करने का माध्यम बनेगा। साथ ही, कई सारे प्रवासी राजस्थानियों को उनकी उपलब्धियों हेतु सम्मानित भी किया जाएगा।