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नव उत्थान नई पहचान, बढ़ता राजस्थान हमारा राजस्थान ‘सहकार से समृद्धि’ की संकल्पना को साकार करने में राजस्थान अग्रणी
'राज्य सरकार की दूसरी वर्षगांठ पर विशेष

मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में राज्य सरकार ‘सहकार से समृद्धि’ की संकल्पना को मूर्त रूप देने हेतु निरंतर प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है। राज्य में सहकारिता आंदोलन को जमीनी स्तर तक विस्तार देने तथा आमजन को अधिकाधिक संख्या में जोड़ने के उद्देश्य से अक्टूबर माह में आयोजित ‘सहकार सदस्यता अभियान’ सफल सिद्ध हुआ है। अभियान की प्रारंभिक अवधि 2 से 15 अक्टूबर निर्धारित की गई थी, जिसे प्राप्त उत्साहजनक परिणामों के फलस्वरूप 22 अक्टूबर तक बढ़ाया गया। 

अभियान के दौरान लगभग 8,500 पैक्स स्तर पर शिविर आयोजित किए गए तथा युवाओं एवं महिलाओं को विशेष रूप से सहकारी संस्थाओं से जोड़ने पर बल दिया गया। परिणामस्वरूप 7.34 लाख के निर्धारित लक्ष्य के विरुद्ध 8.90 लाख से अधिक लोगों ने सदस्यता के लिए  आवेदन किया।

अभियान अवधि में 7 में से 6 संभागों ने लक्ष्य से बेहतर प्रदर्शन किया। संभागों का प्रदर्शन इस प्रकार रहा-

• जयपुर संभाग: लक्ष्य 1.25 लाख, उपलब्धि 2.03 लाख

• उदयपुर संभाग: लक्ष्य 1.01 लाख, उपलब्धि 1.30 लाख

• अजमेर संभाग: लक्ष्य 1.15 लाख, उपलब्धि 1.22 लाख

• बीकानेर संभाग: लक्ष्य 99 हजार, उपलब्धि 1.19 लाख

• कोटा संभाग: लक्ष्य 53 हजार, उपलब्धि 68 हजार

• भरतपुर संभाग: लक्ष्य 74 हजार, उपलब्धि 95 हजार

• जोधपुर संभाग: कुल उपलब्धि 1.53 लाख

अभियान के दौरान पैक्सविहीन ग्राम पंचायतों में नवीन पैक्स गठन की दिशा में भी महत्वपूर्ण प्रगति हुई। इस दौरान 1,706 ग्राम पंचायतों में सर्वे कार्य पूर्ण हुआ, 1,296 पैक्स हेतु जिला स्तरीय समिति की बैठक आयोजित हुई और 1,275 नए पैक्स गठन के प्रस्ताव प्राप्त हुए। इसी प्रकार,सहकारी समितियों की आधारभूत संरचना सुदृढ़ करने हेतु 1,342 समितियों में गोदाम निर्माण के लिए भूमि का चिन्हीकरण किया गया तथा 1,215 समितियों द्वारा भूमि आवंटन के लिए आवेदन किया गया।

आगामी वर्षों में राज्य की भंडारण क्षमता में उल्लेखनीय वृद्धि होगी।

अभियान अवधि में पीएम किसान सम्मान निधि योजना से संबंधित लम्बित प्रकरणों का भी निस्तारण किया गया। इस दौरान 38,850 कृषकों की आधार सीडिंग और 27,640 कृषकों की ई-केवाईसी पूर्ण की गई। इससे पात्र किसानों को योजना का लाभ सुव्यवस्थित रूप से प्राप्त हो सकेगा।

अभियान के दौरान नवीन सहकारी कानून का व्यापक प्रचार-प्रसार भी  किया गया। प्रस्तावित नवीन को-ऑपरेटिव कोड के प्रमुख प्रावधानों की जानकारी 11 लाख से अधिक लोगों को प्रदान की गई। नवीन को-ऑपरेटिव कोड से सहकारी क्षेत्र में पारदर्शिता, सुशासन एवं दक्षता को बढ़ावा मिलेगा।

अभियान से सहकारिता नेटवर्क को मजबूती मिली है। युवाओं एवं महिलाओं की बड़ी संख्या में भागीदारी तथा नए पैक्स गठन से राज्य में सहकारिता का ढांचा और अधिक मजबूत हुआ है। इससे जनकल्याणकारी योजनाओं की पहुंच जमीनी स्तर तक सुनिश्चित होगी तथा ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सुदृढ़ बनाने में सहयोग मिलेगा। राज्य सरकार द्वारा इन सभी कार्यों का सतत फॉलो-अप किया जा रहा है तथा सहकारिता क्षेत्र के व्यापक विकास हेतु आगे भी प्रभावी कदम उठाए जाएंगे।

केन्द्रीय विद्युत मंत्री, सौर और समग्र अक्षय ऊर्जा में राजस्थान बना सिरमौर, प्रदेश के अन्नदाता बन रहे ऊर्जादाता : मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा
प्रवासी राजस्थानी दिवस में बैटरी एनर्जी स्टोरेज पर विशेष सत्र

जयपुर, 10 दिसम्बर। केन्द्रीय विद्युत मंत्री मनोहरलाल ने आशा व्यक्त की है कि पश्चिमी राजस्थान में ग्रेट इंडियन बस्टर्ड के संरक्षण के मामले में ट्रांसमिशन लाइनों के विस्तार का जल्द ही विधिक समाधान निकलेगा। उन्होंने कहा कि ग्रीन एनर्जी कॉरिडोर-तृतीय को केन्द्रीय नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय से अनुमति प्राप्त हो गई है। केन्द्रीय ट्रांसमिशन नेटवर्क के अन्तर्गत 115 गीगावाट का तंत्र राजस्थान में बनाया जा रहा है। प्रसारण तंत्र का यह विस्तार इस बात का संकेत है कि देश के एनर्जी सेक्टर का सुपर हाईवे राजस्थान से होकर ही गुजरेगा। 

मनोहरलाल बुधवार को जेईसीसी में प्रवासी राजस्थानी दिवस के अवसर पर बैटरी एनर्जी स्टोरेज को लेकर आयोजित विशेष सत्र को संबोधित कर रहे थे। इस दौरान उन्होंने राजस्थान में सौर ऊर्जा क्षेत्र के विकास को लेकर राज्य सरकार द्वारा किए जा रहे प्रयासों की सराहना की। 

मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा कि राजस्थान न केवल देश के, बल्कि वैश्विक अक्षय ऊर्जा मानचित्र पर अग्रणी भूमिका निभा रहा है। आज हमारा प्रदेश सौर ऊर्जा और समग्र अक्षय ऊर्जा क्षमता, दोनों में देश में प्रथम स्थान पर है। उन्होंने कहा कि इस परिवर्तन में प्रवासी राजस्थानियों का ज्ञान, पूंजी और ग्लोबल नेटवर्क अत्यंत मूल्यवान पूंजी है।

उन्होंने कहा कि राज्य सरकार राजस्थान को ऊर्जा क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाने के लिए प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है। प्रदेश को ऊर्जा लेने वाले के स्थान पर देने वाले राज्य के रूप में स्थापित करने के लिए कई महत्वपूर्ण निर्णय किए गए हैं। हमारी सरकार ने अक्षय ऊर्जा परियोजनाओं और पार्कों के लिए 23,386 हेक्टेयर भूमि आवंटित की है, जिसके माध्यम से लगभग 10,202 मेगावाट क्षमता विकसित होने जा रही है।

श्री शर्मा ने कहा कि अक्षय ऊर्जा निगम एवं विद्युत उत्पादन निगम को 26,784 मेगावाट क्षमता वाले सोलर पार्कों के लिए 51,808 हेक्टेयर भूमि का अतिरिक्त आवंटन किया गया है, जो आने वाले वर्षों में गीगावाट स्तर की परियोजनाओं का मजबूत आधार बनेगा। वहीं, 964 मेगावाट सोलर कैप्टिव प्लांटों एवं 1,514 मेगावाट क्षमता वाले सोलर प्लांटों को स्वीकृति दी जा चुकी है, जो उद्योगों और बड़े उपभोक्ताओं को स्वच्छ, सस्ती और दीर्घकालिक ऊर्जा सुरक्षा देंगे।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी ने देश के किसानों को सशक्त बनाने और उन्हें अन्नदाता के साथ ऊर्जादाता बनाने के लिए पीएम कुसुम जैसी अनुपम योजना चलाई है। इसमें राजस्थान पूरे देश के लिए मार्गदर्शक राज्य बनकर उभरा है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने पीएम-कुसुम (कम्पोनेंट ए और सी) के अंतर्गत 10,533 मेगावाट क्षमता की 5,002 सौर परियोजनाओं के लिए कार्यादेश किए हैं और 2,272 मेगावाट की 1,019 परियोजनाएं स्थापित की जा चुकी हैं। कम्पोनेंट-ए में तो हमारा राजस्थान पूरे देश में प्रथम स्थान पर पहुंच गया है।

प्रदेश के खाद्य मंत्री श्री सुमित गोदारा ने कहा कि सौर ऊर्जा परियोजनाओं ने पश्चिमी राजस्थाान में लोगों का भाग्य बदल दिया है। ऊर्जा राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्री हीरालाल नागर ने कहा कि प्रदेश में पीक ऑवर्स की डिमांड को पूरा करने के लिए बैटरी ऊर्जा भंडारण प्रणाली को गति दी गई है। राज्य में 6 हजार मेगावाट की भंडारण प्रणाली विकसित की जा रही है।

इस अवसर पर राजस्व मंत्री श्री हेमंत मीणा, मुख्य सचिव श्री वी. श्रीनिवास, ऊर्जा विभाग के प्रमुख शासन सचिव श्री अजिताभ शर्मा सहित एनर्जी सेक्टर से जुड़ी विभिन्न संस्थाओं, उद्यमों के प्रतिनिधि एवं प्रदेश के विद्युत निगमों के अधिकारी मौजूद रहे।

राजस्थान की उपमुख्यमंत्री की प्रधानमंत्री से मुलाकात
नई दिल्ली में संसद सत्र के दौरान संसद भवन स्थित कार्यालय में प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी से शिष्टाचार भेंट

जयपुर,9 दिसंबर। उप-मुख्यमंत्री दीया कुमारी ने मंगलवार  को नई दिल्ली में संसद सत्र के दौरान संसद भवन स्थित कार्यालय में प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी से शिष्टाचार भेंट की।
इस दौरान उप मुख्यमंत्री की प्रधानमंत्री श्री मोदी से प्रदेश में  विकास और जनहित के मुद्दों पर विस्तार से चर्चा हुई।

उपमुख्यमंत्री ने बताया कि प्रधानमंत्री का प्रेरणादायी मार्गदर्शन, सकारात्मक दृष्टि और राष्ट्र के प्रति उनकी प्रतिबद्धता हमेशा नई ऊर्जा प्रदान करती है। उनकी सादगी, जनसेवा का जुनून और नेतृत्व क्षमता मानव कल्याण के मार्ग पर निरंतर आगे बढ़ने की प्रेरणा देती है।

अवैध खनन में संलिप्त किसी भी व्यक्ति को नहीं बख्शा जाएगा : मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा
खान एवं पेट्रोलियम विभाग की समीक्षा बैठक- राजस्थान को खनन में अग्रणी बनाना हमारी प्राथमिकता

जयपुर, 09 दिसम्बर। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा कि प्रदेश में प्रचुर मात्रा में खनिज संसाधन उपलब्ध होने से यह क्षेत्र राज्य के विकास में महती भूमिका निभाता है। साथ ही, यह क्षेत्र स्थानीय रोजगार एवं क्षेत्रीय विकास की भी अहम कड़ी है। हमारी सरकार प्रदेश को खनन क्षेत्र में अग्रणी बनाने के लिए निरंतर कार्य कर रही है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि खनिज संसाधनों का समुचित दोहन करते हुए समयबद्ध राजस्व लक्ष्यों की प्राप्ति की जाए। साथ ही, प्रदेश में हो रहे अवैध खनन पर सख्त कार्रवाई की जाए। उन्होंने कहा कि अवैध खनन में संलिप्त किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाए।

शर्मा मंगलवार को मुख्यमंत्री कार्यालय में खान एवं पेट्रोलियम विभाग की समीक्षा बैठक को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि राज्य में असीम खनिज संपदा की संभावनाओं को ध्यान में रखते हुए नए खनिज ब्लॉक्स की पहचान की जाए। साथ ही, अत्याधुनिक नवाचार एवं एआई का उपयोग करते हुए नए खनिज ब्लॉक्स की संख्या बढ़ाई जाए। उन्होंने कहा कि खनिज संपन्न राज्यों में खान क्षेत्र में किए जा रहे नवाचारों एवं राजस्व वृद्धि के लिए किए जा रहे कार्यों का अध्ययन किया जाए जिससे राजस्व में वृद्धि की जा सके।

नीलामी प्रक्रिया में लाएं पूर्ण पारदर्शिता-

मुख्यमंत्री ने कहा कि खनन क्षेत्र में बड़ी संख्या में कुशल एवं अकुशल श्रमिकों को रोजगार प्राप्त हो रहा है। राज्य सरकार की प्राथमिकता है कि रोजगार को बढ़ावा देते हुए प्रदेश में वैध खनन को बढ़ावा दिया जाए, अवैध खनन पर अंकुश लगे। उन्होंने कहा कि खनन क्षेत्र में नीलामी प्रक्रिया में पूर्ण पारदर्शिता बरती जाए तथा पुलिस, परिवहन एवं खान विभाग आपसी समन्वय कर अवैध खनन की रोकथाम के लिए कार्ययोजना बनाएं। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि अवैध खनन निर्धारण के लिए क्षेत्र में ड्रोन सर्वे को बढ़ाया जाए। साथ ही, खनन पट्टा क्षेत्रों एवं अवैध खनन स्थलों की जियो फैन्सिग को और प्रभावी बनाया जाए।

एम-सेण्ड को दिया जा रहा प्रोत्साहन-

शर्मा ने कहा कि प्रदेश में बजरी के विकल्प के रूप में एम-सेण्ड के उपयोग को बढ़ावा दिया जा रहा है। इसके लिए एम-सेण्ड नीति 2024 जारी की गई है। इस नीति के माध्यम से एम सैंड यूनिट लगाने वाले उद्यमियों को प्रोत्साहन दिया गया है जिससे एम-सेण्ड के लिए प्रदेश में अनेक प्लांट्स संचालित हैं। उन्होंने अधिकारियों को इन सभी प्लांट्स की प्रगति की नियमित मॉनिटरिंग करने के निर्देश दिए। उन्होंने अधिकारियों को प्रदेश में खनिज संसाधनों की संभावनाओं को जानने के लिए भी प्रभावी कार्ययोजना बनाए जाने के भी निर्देश दिए। 

बैठक में बताया गया कि खान विभाग द्वारा एम-सेण्ड पॉलिसी, मिनरल डवलपमेंट, एनवायरनमेंट प्रोटेक्शन और अवैध माइनिंग मॉनिटरिंग कमेटी का गठन, ई-रवन्ना, ई-टीपी के गलत इस्तेमाल के लिए टीम का गठन तथा अवैध खनन संवेदनशील क्षेत्रों में बॉर्डर होम गार्ड की तैनाती जैसे कार्य किए गए हैं। साथ ही, प्रदेश में खनन से रॉयल्टी वृद्धि हेतु खनिज परिवहन के लिए जीपीएस एवं आरएफआईडी युक्त वाहनों की बाध्यता की जा रही है। समस्त विभागीय एमपैनल्ड वे-ब्रिज पर स्टेण्डर्ड सॉफ्टवेयर का उपयोग, तुलायंत्रो पर सैंसर्स, ए.आई. कैमरा सहित विभिन्न नवाचार किए गए हैं।

इससे पहले प्रमुख शासन सचिव खान टी. रविकांत ने प्रस्तुतीकरण के माध्यम से खान एवं पेट्रोलियम विभाग के नवाचारों, कार्यक्रमों तथा योजनाओं के बारे में विस्तृत जानकारी दी। इस अवसर पर पुलिस महानिदेशक श्री राजीव कुमार शर्मा सहित संबंधित विभागों के वरिष्ठ अधिकारीगण उपस्थित रहे।

सीडीटीआई जयपुर में ‘सीन ऑफ क्राइम मैनेजमेंट’ प्रशिक्षण शुरू
एसीएस गृह और डीजीपी की उपस्थिति में कार्यक्रम का शुभारंभ; एनएफएसयू-बीपीआरडी-एफएसएल का संयुक्त प्रयास

जयपुर, 8 दिसंबर। राजस्थान पुलिस के चयनित कांस्टेबलों के लिए वैज्ञानिक जांच कौशल को मजबूत करने के उद्देश्य से सेंट्रल डिटेक्टिव ट्रेनिंग इंस्टीट्यूट (सीडीटीआई) जयपुर में सोमवार को ‘सीन ऑफ क्राइम मैनेजमेंट’ प्रशिक्षण कार्यक्रम का विधिवत शुभारंभ हुआ।

यह महत्वपूर्ण प्रशिक्षण नेशनल फोरेंसिक साइंस यूनिवर्सिटी (एनएफएसयू) गांधीनगर, ब्यूरो ऑफ पुलिस रिसर्च एंड डेवलपमेंट (बीपीआरडी) के सीडीटीआई और राजस्थान एफएसएल के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित किया जा रहा है। इसका मुख्य लक्ष्य अपराध स्थल प्रबंधन, फोरेंसिक साक्ष्य संग्रह और वैज्ञानिक जांच कौशल को मजबूत बनाना है।

कार्यक्रम का शुभारंभ सीडीटीआई के निदेशक डॉ. अमनदीप सिंह कपूर के स्वागत एवं पाठ्यक्रम परिचय के साथ हुआ। उन्होंने स्पष्ट किया कि अपराध स्थल का सही संरक्षण और साक्ष्यों का वैज्ञानिक संग्रह सफल जांच की रीढ़ है।

कार्यक्रम में उपस्थित विशिष्ट अतिथियों के प्रमुख विचार—

मुख्य अतिथि अतिरिक्त मुख्य सचिव गृह श्री भास्कर सावंत ने कहा कि अपराध जांच में वैज्ञानिक प्रक्रियाओं का उपयोग अब अनिवार्य हो चुका है। उन्होंने एक माह के इस प्रशिक्षण कार्यक्रम को प्रदेश में अपराध जांच की गुणवत्ता सुधारने के लिए एक महत्वपूर्ण कदम बताया और प्रतिभागियों को इस अवसर का पूरा लाभ उठाने की प्रेरणा दी।

महानिदेशक पुलिस राजीव कुमार शर्मा ने विश्वास व्यक्त किया कि राजस्थान पुलिस अपराध जांच को आधुनिक तकनीक से जोड़ने की दिशा में लगातार प्रगति कर रही है और यह प्रशिक्षण पुलिस बल की क्षमता में उल्लेखनीय वृद्धि करेगा।

उपमहानिरीक्षक पुलिस सीआईडी अपराध शाखा दीपक भार्गव ने कहा कि अपराध स्थल पर पहली प्रतिक्रिया पुलिसकर्मियों की पेशेवर दक्षता तय करती है, और यह प्रशिक्षण जांच प्रक्रिया को अधिक वैज्ञानिक एवं प्रभावी बनाएगा।

फोरेंसिक शिक्षा और तकनीक पर फोकस—

फोरेंसिक विशेषज्ञता वाले अतिथियों ने प्रतिभागियों को वैज्ञानिक दृष्टिकोण अपनाने की सलाह दी। निदेशक एसएसएल डॉ. अजय शर्मा ने कहा कि प्रशिक्षित ‘सीन ऑफ क्राइम मैनेजमेंट’ अधिकारियों से साक्ष्यों की गुणवत्ता बेहतर होगी, जिससे मामलों की त्वरित और सटीक जांच संभव हो सकेगी।

कैंपस डायरेक्टर एनएफएसयू जयपुर डॉ. एस. ओ. जुनारे ने फोरेंसिक शिक्षा और पुलिस प्रशिक्षण के मजबूत समन्वय को अपराध जांच के भविष्य को बदलने वाला बताया।

प्रशिक्षण की मुख्य विशेषताएं—

सीडीटीआई डायरेक्टर श्री कपूर ने बताया कि एक माह के इस विशेष कार्यक्रम में प्रशिक्षुओं को वैज्ञानिक जांच तकनीकों पर विस्तृत प्रशिक्षण दिया जाएगा, जिनमे अपराध स्थल संरक्षण एवं दस्तावेज़ीकरण, फोटोग्राफी, फिंगरप्रिंट एवं डीएनए साक्ष्य संग्रह और डिजिटल फोरेंसिक शामिल है।

यह कोर्स बीपीआरडी और एनएफएसयू के संयुक्त प्रमाणन के साथ-साथ नवीन आपराधिक कानूनों के प्रावधानों के क्रियान्वयन में एक मील का पत्थर साबित होगा, जो राजस्थान को वैज्ञानिक पुलिसिंग की अग्रणी पंक्ति में प्रवेश कराएगा।

25 लाख के सीएसआर फण्ड से बनी आधुनिक गौशाला का जयपुर प्रभारी मंत्री ने किया लोकार्पण
4500 स्क्वायर फीट क्षेत्र में हुआ है आधुनिक गौशाला का निर्माण

जयपुर 8 दिसम्बर। श्री गलता तीर्थ मे 25 लाख की लागत से सीएसआर फण्ड् से बनी आधुनिक गौशाला का सोमवार को संसदीय कार्य विधि एवं न्याय मंत्री व जिले के प्रभारी मंत्री जोगाराम पटेल ने फीता काटकर लोकार्पण किया।

प्रभारी मंत्री ने कहा कि धरती मां, गौमाता व स्वयं की मां की सेवा करना सर्वोत्तम कार्य है। श्री गलता तीर्थ मे आधुनिक गौशाला के निर्माण से श्रद्धालुओं को गौमाता की सेवा करने का पुण्य मिलेगा। उन्होने कहा कि माननीय उच्च न्यायलय के निर्णय द्वारा जबसे जिला कलेक्टर जयपुर को श्री गलता तीर्थ का प्रशासक नियुक्त किया है तबसे तीर्थ स्थल अपने पौराणिक वैभव को प्राप्त करने के लिए निरन्तर अग्रसर हो रहा है। जिला प्रशासन इसे निरन्तर बेहतर बनाकर देशी-विदेशी सैलानियो के लिए आकर्षण का केन्द्र बनाया जा रहा है।

जिला कलेक्टर व श्री गलता तीर्थ प्रशासक डॉ. जितेन्द्र कुमार सोनी ने कहा कि माननीय उच्च न्यायलय के निर्देशानुसार व राजस्थान के माननीय मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा की मंशानुरूप श्री गलता तीर्थ को स्वच्छ हरा-भरा व आकर्षक बनाने के लिए निरन्तर कार्य किए जा रहे है। जिसमें पुरानी जीर्ण-शीर्ण गौशाला के स्थान पर आधुनिक स्वच्छ व बेहतर गौशाला का निर्माण इस दिशा में किया गया महत्वपूर्ण कार्य है।

अतिरिक्त जिला कलेक्टर चतुर्थ आशीष कुमार ने बताया कि श्री गलता तीर्थ की जीर्ण-शीर्ण गौशाला के स्थान पर आधुनिक व सुविधाजनक गौशाला का निर्माण फीनोवा कैपीटल के 25 लाख के सीएसआर फण्ड से 4500 स्क्वायर फीट क्षेत्र में चार महिने में किया गया है। यहां पर 80 से 100 गाएं रखने की क्षमता है। यह गौशाला गौमाताओं के लिए न सिर्फ सुरक्षित आश्रय स्थल है बल्कि यहां चारे व देखभाल की भी उत्तम व्यवस्था है। 

इस दौरान नागरिकता अधिनियम, 1955 की धारा 5 (1)(ग) के उपबंघों के अंतर्गत उमरकोट पाकिस्तान से आए प्रकाश अमर चन्द पुत्र हाकिम चन्द को भारत की नागरिकता का प्रमाण पत्र प्रभारी मंत्री द्वारा प्रदान किया गया।

इस अवसर पर प्रभारी मंत्री ने समाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग के सौजन्य से विशेष योग्यजनों को 5 श्रवण यंत्र, 2 स्मार्ट फोन, 4 व्हील चेयर और 2 बेसाखी भी प्रदान की।

इस दौरान अतिरिक्त जिला कलेक्टर प्रथम विनीता सिंह, अतिरिक्त जिला कलेक्टर जयपुर (दक्षिण) श्री युगान्तर शर्मा, देवस्थान विभाग के सहायक आयुक्त प्रथम श्री रतन लाल योगी, नगर निगम जयपुर के अतिरिक्त आयुक्त श्री प्रवीण गुगरवाल, विशिष्ट अतिथि फिनोवा कैपिटल के प्रबंध निदेशक एवं मुख्य कार्यकारी अधिकारी श्री मोहित साहनी सहित अन्य विभागीय अधिकारी व गौसेवक उपस्थित थे।

पूर्व सैनिकों के सम्मान में ‘ऑनर रन’ मैराथन का आयोजन
वीर सैनिकों की राष्ट्र के प्रति अटूट निष्ठा हमारे लिए प्रेरणादायी जवानों को उचित सम्मान देना हर नागरिक का कर्तव्य - मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा

जयपुर, 07 दिसम्बर। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा कि हमारे वीर जवान अपने परिवार से दूर रहकर, कठिन परिस्थितियों में निःस्वार्थ भाव से राष्ट्र की सेवा करते हैं। उनके अदम्य साहस और बलिदान के कारण ही हम सभी देशवासी चैन और सुकून से रह पा रहे हैं। उन्होंने कहा कि हमारे पूर्व सैनिक केवल सेवानिवृत व्यक्ति नहीं, बल्कि अनुभव और अनुशासन के प्रतीक हैं। उनकी राष्ट्र के प्रति अटूट निष्ठा हम सब के लिए प्रेरणादायी है। यह देश के हर नागरिक का कर्तव्य है कि वह जवानों को उचित मान-सम्मान दें।

शर्मा ने रविवार को जयपुर के अल्बर्ट हॉल पर थलसेना की दक्षिण पश्चिमी कमान की ओर से पूर्व सैनिकों की वीरता और बलिदान के सम्मान में आयोजित ‘ऑनर रन’ मैराथन को फ्लैग ऑफ किया। यह मैराथन सेना दिवस (15 जनवरी) के उपलक्ष्य में होने वाले विभिन्न कार्यक्रमों के क्रम में आयोजित की गई। मैराथन को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि यह दौड़ हमारे राष्ट्र के उन अमर सपूतों के प्रति सम्मान और आभार व्यक्त करने का अवसर है, जिन्होंने मातृभूमि की रक्षा के लिए अपना सर्वस्व न्योछावर कर दिया। इसका उद्देश्य हमारे पूर्व सैनिकों के साहस, बलिदान और अदम्य भावना का सम्मान करना है, जिन्होंने निःस्वार्थ भाव से राष्ट्र की सेवा की है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि ऑनर रन के माध्यम से हम यह सन्देश देना चाहते हैं कि राजस्थान अपने सैनिकों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़ा है। उन्होंने कहा कि ऑनर रन का आयोजन हमारी सामूहिक चेतना की अभिव्यक्ति है। उन्होंने युवाओं से आह्वान किया कि वे हमारे जांबाज सैनिकों के त्याग, बलिदान और राष्ट्रप्रेम से प्रेरणा लेकर देश के निर्माण में अपना योगदान दें।

‘ऑनर रन’ में नजर आया भारी उत्साह और जोश

अल्बर्ट हॉल पर आयोजित ऑनर रन मैराथन में 5 किलोमीटर, 10 किलोमीटर और 21 किलोमीटर की 3 श्रेणियों की दौड़ आयोजित की गई। मैराथन में सेना के जवानों, पूर्व सैनिकों एवं आमजन ने भारी उत्साह के साथ हिस्सा लिया। देशभक्ति के तरानों के बीच भारत माता की जयकार से माहौल जोश से भर उठा। 

कार्यक्रम में सेना की दक्षिण पश्चिमी कमान के जनरल ऑफिसर कमांडिंग इन चीफ लेफ्टिनेंट जनरल मनजिंदर सिंह ने मुख्यमंत्री को स्मृति चिन्ह भेंट किया। इस दौरान पूर्व नौसेना अध्यक्ष एडमिरल माधवेन्द्र सिंह एवं जयपुर जिला कलक्टर डॉ. जितेन्द्र कुमार सोनी सहित बड़ी संख्या में सेना के जवान, पूर्व सैनिक एवं आमजन उपस्थित रहे।

मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा ने ‘फिट राजस्थान फिट इंडिया’ का दिया संदेश
मॉर्निंग वॉक पर मुख्यमंत्री, जवाहर सर्किल पार्क में वॉक के साथ आमजन से की मुलाकात

जयपुर, 06 दिसंबर। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने शनिवार सुबह जयपुर के जवाहर सर्किल पार्क में मॉर्निंग वॉक किया। उन्होंने ‘फिट राजस्थान-फिट इंडिया’ के संकल्प को आगे बढ़ाते हुए सभी को स्वस्थ एवं सक्रिय जीवनशैली अपनाने का संदेश दिया। 

इस दौरान पार्क में मौजूद लोगों ने भी कदमताल मिलाते हुए मुख्यमंत्री के साथ मॉर्निंग वॉक की। श्री शर्मा ने आत्मीयता के साथ आमजन से मुलाकात की और सेहत, दिनचर्या तथा जीवनशैली से जुड़े विषयों पर बातचीत की। 

मुख्यमंत्री ने जवाहर सर्किल पार्क स्थित मंदिर में दर्शन कर प्रदेश की खुशहाली, समृद्धि एवं जनकल्याण की कामना की। इसके बाद उन्होंने जूस पीते हुए आमजन के साथ चर्चा भी की।

इस दौरान मुख्यमंत्री ने बाबा साहेब डॉ. भीमराव अम्बेडकर के महापरिनिर्वाण दिवस पर हैप्पीनेस एवं फिटनेस गु्रप की ओर से आयोजित कार्यक्रम में डॉ. अम्बेडकर के चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित कर नमन किया। उन्होंने कहा कि बाबा साहेब ने समता और न्याय का जो मार्ग दिखाया है, वह सदैव देश और समाज को प्रगति और सद्भाव की ओर अग्रसर करता रहेगा।

आचार्य सुंदर सागर जी महाराज की दिव्य देशना कार्यक्रम में मुख्यमंत्री हुए शामिल
मुख्यमंत्री को ‘मातृ भू-सेवक’ की मानद उपाधि से किया गया अलंकृत राज्य सरकार जैन तीर्थाें के विकास के लिए प्रतिबद्ध

जयपुर, 27 नवम्बर। मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा ने कहा कि परम पूज्य श्री सुंदर सागर जी महाराज ज्ञान और अहिंसा का दीपक जलाते हुए समाज का मार्ग प्रशस्त कर रहे हैं। उनका जीवन त्याग, तपस्या और करूणा का अद्भुत समन्वय है। उन्होंने कहा कि हमारी सरकार सभी धर्मों के विकास और संरक्षण के लिए समर्पित है। उन्होंने आमजन से आह्वान किया कि वे जैन मुनियों के उपदेशों को न केवल सुने, बल्कि उन्हें अपने जीवन में भी उतारें।  

श्री शर्मा गुरूवार को सांगानेर कैम्प कार्यालय में आयोजित आचार्य श्री सुंदर सागर जी महाराज की दिव्य देशना कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि जैन मुनियों का जीवन साधना से पूर्ण है, वे सांसारिक सुखों को त्याग कर आध्यात्मिक मार्ग पर चलते हैं। उन्होंने कहा कि परम पूज्य श्री सुंदर सागर जी महाराज के जीवन से हमें यह शिक्षा मिलती है कि सच्ची महानता विनम्रता, सच्ची शक्ति अहिंसा और सच्चा सुख त्याग में है।

मुख्यमंत्री द्वारा जैन मुनियों की पद वंदना

मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा ने सभी संतो की पद वंदना करते हुए उनका हाथ थामे एसएफएस मानसरोवर स्थित आदिनाथ मंदिर से सांगानेर कैम्प कार्यालय के कार्यक्रम में लेकर आए। इस दौरान मार्ग में पुष्प वर्षा एवं बैंड वादन कर उनका स्वागत-अभिनंदन किया गया। कार्यक्रम में श्री शर्मा को ‘मातृ भू सेवक’ की मानद उपाधि से अलंकृत भी किया गया। इससे पहले श्री शर्मा ने एसएफएस मानसरोवर स्थित श्री आदिनाथ मंदिर में दर्शन कर प्रदेश की सुख समृद्धि एवं खुशहाली की कामना की। 

जैन धर्म के पंच महाव्रत ने दुनिया को दिया महत्वपूर्ण संदेश

मुख्यमंत्री ने कहा कि जैन धर्म हमें जीवन जीने की कला सिखाता है। इस धर्म के 24 तीर्थंकरों ने समय-समय पर मानव जाति को सही मार्ग दिखाया है। उन्होंने कहा कि जैन धर्म की सबसे बड़ी विशेषता ‘अहिंसा परमो धर्म’ है। ये एक वाक्य नहीं बल्कि सम्पूर्ण जीवन दर्शन है। आज पूरी दुनिया हिंसा से जूझ रही है और जैन धर्म का यह संदेश वर्तमान परिवेश में और अधिक प्रासंगिक हो जाता है। उन्होंने कहा कि जैन धर्म के पंच महाव्रत- अहिंसा, सत्य, अस्तेय, ब्रह्मचर्य, अपरिग्रह आज की भौतिकतावादी दुनिया में महत्वपूर्ण संदेश देते हैं। जैन धर्म हमें बताता है कि सच्चा सुख बाहरी वस्तुओं में नहीं, आन्तरिक संतोष में है। 

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार जैन धर्म के मूल्यों एवं शिक्षाओं को प्रसारित करने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार जैन समाज के तीर्थ स्थलों पर श्रद्धालुओं के लिए सड़कें, पेयजल, स्वच्छता और सुरक्षा सुनिश्चित करते हुए विकास कार्यों को प्राथमिकता दे रही है। कार्यक्रम में श्री शर्मा ने आचार्य श्री सुंदर सागर महाराज के प्रवचनों का श्रवण भी किया।  

इस अवसर पर आचार्य श्री सुंदर सागर जी महाराज, आचार्य शंशाक जी महाराज, सहकारिता राज्यमंत्री श्री गौतम कुमार दक, जयपुर ग्रेटर उप महापौर श्री पुनीत कर्णावत सहित जैन मुनि और बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे। 

लौह पुरूष ने दूरदर्शी सोच और साहसिक निर्णयों से देश को किया एकजुट : मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा
मुख्यमंत्री ने सरदार@150 के तहत यमुना प्रवाह यात्रा को दिखाई हरी झंडी

जयपुर, 26 नवम्बर। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा कि लौह पुरूष सरदार वल्लभ भाई पटेल ने अपनी दूरदर्शी सोच, दृढ़ इच्छाशक्ति और साहसिक निर्णयों से भारत को एकजुट कर राष्ट्र निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उन्होंने युवाओं से आह्वान किया कि युवा सरदार पटेल के जीवन से प्रेरणा लेकर ‘राष्ट्र प्रथम’ को सर्वोपरि रखें तथा एक मजबूत, एकजुट तथा विकसित भारत के निर्माण में योगदान दें। शर्मा ने सभी को संविधान दिवस की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि डॉ. भीमराव अंबेडकर ने विश्व का सबसे बड़ा संविधान हमें दिया है तथा उसी आधार पर देश आगे बढ़ रहा है।

                 शर्मा ने बुधवार को अमर जवान ज्योति से सरदार@150 यूनिटी मार्च के अंतर्गत यमुना प्रवाह यात्रा के तहत आयोजित समारोह को संबोधित किया। उन्होंने कहा कि यशस्वी प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के आह्वान पर पूरे देशभर में सरदार पटेल की 150वीं जयंती मनाई जा रही है। इसी के तहत यमुना प्रवाह यात्रा भी संचालित की जा रही है। उन्होंने कहा कि इस यात्रा के तहत राजस्थान सहित विभिन्न प्रदेशों से युवा जयपुर से कमरसद तक की यात्रा करेंगे। यह यात्रा युवाओं के लिए सरदार पटेल के जीवन, संघर्ष और देशभक्ति को करीब से जानने का अवसर है। साथ ही, युवाओं को सरदार पटेल के आदर्शों और मूल्यों को समझने का प्रत्यक्ष अनुभव भी मिलेगा।

सरदार पटेल ने कभी नहीं किया सिद्धांतों से समझौता

                मुख्यमंत्री ने कहा कि सरदार पटेल का स्वतंत्रता आंदोलन में अमूल्य योगदान रहा। बारडोली सत्याग्रह में उनकी प्रभावशाली भूमिका के कारण उन्हें सरदार की उपाधि दी गई। उन्होंने स्वतंत्रता आंदोलन में भी बढ़-चढ़कर भाग लिया और किसानों को अपने अधिकारों के लिए लड़ना सिखाया और सरदार पटेल जेल भी गए। लेकिन उन्होंने कभी अपने सिद्धांतों के साथ समझौता नहीं किया।

कूटनीति और दूरदर्शिता से 562 रियासतों का किया एकीकरण

                शर्मा ने कहा कि 15 अगस्त 1947 को भारत को आजादी तो मिली लेकिन विभाजन का दर्द भी सहना पड़ा। उस समय देश सैकड़ों टुकड़ों में बंटा हुआ था। उन्होंने कहा कि देश की 562 रियासतें स्वतंत्र इकाई थी। सरदार पटेल ने अपनी कूटनीति, दूरदर्शिता और कभी-कभी कठोरता का इस्तेमाल करते हुए प्रत्येक रियासत को भारत में मिलाना शुरू किया। उन्होंने कहा कि सरदार पटेल ने ऑपरेशन पोलो चलाकर हैदराबाद तथा जनमत संग्रह कराकर जूनागढ़ को भारत में शामिल कराया। उन्होंने भारत की एकता और अखंडता को अपना सबसे बड़ा लक्ष्य बनाया और उसे पूरा करके दिखाया।

धारा 370 हटाकर प्रधानमंत्री ने सरदार पटेल के अधूरे सपने को किया पूरा

                मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री ने सरदार पटेल की विरासत को आगे बढ़ाने का बीड़ा उठाया है। सरदार पटेल का अधूरा सपना प्रधानमंत्री ने कश्मीर से धारा 370 हटाकर पूरा किया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री भारत को एक सूत्र में बांध रहे हैं। पूरब से पश्चिम तक और उत्तर से दक्षिण तक आज भारत एक हो रहा है। सरदार पटेल के योगदान को सम्मान देते हुए विश्व की सबसे बड़ी प्रतिमा स्टैच्यू ऑफ यूनिटी बनाई गई। प्रधानमंत्री के नेतृत्व में वर्ष 2014 के बाद देश में गरीब कल्याण, विकास योजनाओं, आतंकवाद-नक्सलवाद का खात्मा तथा विश्व पटल पर देश का सम्मान बढ़ने जैसे अभूतपूर्व कार्य हुए हैं। उन्होंने कहा कि पूरा विश्व भारत को उम्मीदों से देख रहा है तथा दुनिया के सबसे बड़े लीडर के नेतृत्व में देश नई ऊचाईयां छू रहा है।

                 शर्मा ने कहा कि सरदार पटेल का जीवन युवाओं और हर भारतीय के लिए प्रेरणा है। युवा पीढ़ी उनके जीवन से कर्तव्यनिष्ठा, ईमानदारी और सत्यनिष्ठा, दृढ़ संकल्प, एकता तथा सादगी की पांच प्रमुख सीख ले सकती है। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने सरदार@150 यूनिटी मार्च के तहत यमुना प्रवाह यात्रा को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इससे पहले श्री शर्मा ने अमर जवान ज्योति पर पुष्पचक्र अर्पित कर शहीदों को नमन भी किया।

                इस दौरान सांसद मदन राठौड़, श्रीमती मंजू शर्मा, विधायक कालीचरण सराफ,  जितेन्द्र गोठवाल,  गोपाल शर्मा,  बालमुकुन्दाचार्य सहित बड़ी संख्या में आमजन उपस्थित रहे।