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गुरु गोबिंद सिंह जी ने अपने साहिबजादों को देश और धर्म के लिए कर दिया समर्पित : मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा
सिख धर्म का इतिहास त्याग और बलिदान की गाथा से भरा हुआ

जयपुर, 26 दिसम्बर। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा वीर बाल दिवस के उपलक्ष्य में शुक्रवार को राजापार्क स्थित श्री गुरू सिंह सभा गुरूद्वारा पहुंचे। उन्होंने गुरूद्वारा में मत्था टेका तथा देश व प्रदेश में शांति और सद्भाव के लिए अरदास की। शर्मा ने इस दौरान गुरु गोबिंद सिंह के साहिबजादों और माता गुजरी कौर की शहादत को समर्पित विशेष गुरमत समागम में संगत की।

                इस अवसर पर शर्मा ने कहा कि हमारे देश के इतिहास में जब भी धर्म और संस्कृति की रक्षा की बात आती है, गुरु गोबिंद सिंह जी, माता गुजरी और उनके चारों साहिबजादों का नाम गर्व से लिया जाता है। गुरु गोबिंद सिंह जी ने अपने चारों साहिबजादों को देश और धर्म के लिए समर्पित कर दिया। ऐसा त्याग दुनिया में कहीं नहीं मिलता। उन्होंने कहा कि गुरु गोबिंद सिंह जी के छोटे साहिबजादों जोरावर सिंह और फतेह सिंह ने आज ही के दिन धर्म और संस्कृति की रक्षा के लिए अपने प्राणों का बलिदान दिया था। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में केन्द्र सरकार ने उनके शहादत के दिन को वीर बाल दिवस के रूप में मना कर इस बलिदान को जन-जन के लिए समर्पित किया है।

साहिबजादों की वीर गाथा को पाठ्यक्रम में किया जाएगा शामिल-

मुख्यमंत्री शर्मा ने कहा कि राज्य सरकार गुरु गोबिंद सिंह और उनके साहिबजादों की बहादुरी की गाथा को स्कूली पाठ्यक्रम में शामिल करेगी जिससे युवा पीढ़ी को प्रेरणा मिल सके। उन्होंने कहा कि सिख समुदाय के विद्यार्थियों के लिए छात्रावास हेतु भूमि आवंटन को भी मंजूरी दे दी गई है।

                मुख्यमंत्री ने कहा कि सिख धर्म का पूरा इतिहास त्याग और बलिदान की गाथा से भरा हुआ है। गुरु गोबिंद सिंह जी ने हमारी संस्कृति की रक्षा के लिए अपना पूरा वंश न्योछावर कर दिया, इसीलिए वे ‘सरबंसदानी’ कहलाए। उन्होंने कहा कि जब गुरु साहिब जी के चारों साहिबजादे शहीद हो गए, तब उन्होंने कहा था-‘चार मुए तो क्या हुआ, जीवित कई हजार’ यानी चार बेटे बलिदान हो गए तो क्या हुआ, कई हजार बेटे धर्मरक्षा के लिए अभी भी जीवित हैं। उनकी यह उक्ति राष्ट्र और धर्म के प्रति अटूट समर्पण की प्रेरणा बन गई है।

                इस दौरान गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के सदस्यों ने मुख्यमंत्री को गुरु गोबिंद सिंह एवं साहिबजादों की तस्वीर भेंट की।

                इस अवसर पर गृह राज्य मंत्री जवाहर सिंह बेढ़म, पूर्व मंत्री सुरेन्द्र पाल सिंह टीटी, राजस्थान सिख समाज के अध्यक्ष श्री अजयपाल सिंह, राज्य अल्पसंख्यक आयोग के पूर्व अध्यक्ष जसबीर सिंह सहित गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के पदाधिकारीगण एवं बड़ी संख्या में आमजन उपस्थित रहे।

स्वदेशी मेले का राजीविका स्वयं सहायता समूह की महिलाओं ने किया भ्रमण
जयपुर, 27 दिसंबर। स्वदेशी मेले का चित्तौड़गढ जिले के सभी ब्लॉकों से आई राजीविका स्वयं सहायता समूह की महिलाओं द्वारा मेले का भ्रमण किया गया। कार्यक्रम की शुरुआत में यूडीएच...

जयपुर, 27 दिसंबर। स्वदेशी मेले का चित्तौड़गढ जिले के सभी ब्लॉकों से आई राजीविका स्वयं सहायता समूह की महिलाओं द्वारा मेले का भ्रमण किया गया। कार्यक्रम की शुरुआत में यूडीएच मंत्री श्री झाबर सिंह खर्रा ने मेले में लगे विभिन्न स्टॉलों का अवलोकन किया। इस दौरान उन्होंने विशेष रूप से राजीविका स्टॉल एवं वन धन स्टॉल का निरीक्षण किया।
इसके पश्चात सांसद श्री सी. पी. जोशी एवं जिला परियोजना प्रबंधक डॉ. रमेश चंद्र धाकड़ द्वारा सभी ब्लॉकों से आई राजीविका स्वयं सहायता समूह की महिलाओं से संवाद किया गया। संवाद के दौरान मेले के उद्देश्य, गतिविधियों एवं स्वदेशी उत्पादों के महत्व पर विस्तार से चर्चा की गई। महिलाओं को देशभर से आए स्वदेशी उत्पादकों से प्रेरणा लेकर स्वयं के स्तर पर उत्पादन, स्वरोजगार एवं आजीविका के अवसर विकसित करने के लिए प्रेरित किया गया।
इस अवसर पर राजीविका से सुनील राठी, मैनेजर (फाइनेंस) द्वारा महिलाओं को उद्योग से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारियाँ प्रदान की गईं तथा मेले को लेकर महिलाओं से फीडबैक भी लिया गया।

जयपुर में अवैध गैस रिफिलिंग के कारोबार का भण्डाफोड
कार्यवाही के दौरान मौके पर कुल 66 कॉमर्शियल व घरेलू गैस सिलेण्डर जब्त


जिला प्रशासन के स्तर से संचालित ऑपरेशन प्रवर्तन सतर्क नागरिक सुरक्षित शहर के तहत जिला कलक्टर डॉ. जितेन्द्र कुमार सोनी के निर्देशानुसार गोपनीय सूचना तंत्र के माध्यम से सूचना प्राप्त होने पर जिला रसद अधिकारी जयपुर प्रथम द्वारा तत्काल विशेष सतर्कता दलों का गठन किया गया। जिला रसद कार्यालय द्वारा गठित सतर्कता दल की प्रवर्तन निरीक्षक कीर्ति शर्मा द्वारा लवकुश नगर द्वितीय, बरकत नगर, जयपुर में जिला रसद अधिकारी प्रियव्रत सिंह चारण के नेतृत्व में दबिश दी गई।

चारण के नेतृत्व में सतर्कता दल द्वारा की गयी कार्यवाही के दौरान लवकुश नगर द्वितीय, बरकत नगर, जयपुर में स्थित मकान नम्बर 62 बी के परिसर तथा पास ही स्थित अन्य दुकान जायसवाल एंटरप्राईजेज में 66 गैस सिलेण्डरो (29 घरेलू व 37 वाणिज्यिक सिलेण्डर) का भण्डारण पाया गया जिनका अवैध रूप से भण्डारण कर क्रय-विक्रय होना पाया गया। कार्यवाही के दौरान मौके पर कुल 66 कॉमर्शियल व घरेलू गैस सिलेण्डर जब्त किये गये।

जयपुर शहर में आये दिन ऐसे अवैध गैस रिफलिंग सेन्टर हादसों का मुख्य कारण बनते जा रहे है। शहर में अत्यधिक संख्या में पाये गये गैस सिलेण्डर भण्डारण व रिफिलिंग खुले में मिलने से कभी भी अप्रिय घटना एवं जन हानि होने की पूर्ण सम्भावना बनी रहती है। जिससे किसी भी अवैध स्टॉक में से शहर के रिहायशी क्षेत्र में हादसे की आंशका सदैव बनी रहती है क्योंकि यह अवैध भण्डारण सेंटर बिना सुरक्षा मानको को अपनाये अवैध रूप से सचालित होते है। घरेलू गैस सिलेण्डरों का अवैध क्रय विक्रय, अवैध भण्डारण एवं दुरूपयोग जाये जाने पर दोषियों के विरूद्ध द्रवित पैट्रालियम गैस (रग्यूलेशन आफ सप्लाई एण्ड डिस्ट्रीब्यूशन) आदेश 2000 के प्रावधानों एवं सपठित आवश्यक वस्तु अधिनियम 1955 की धारा 3/7 के अन्तर्गत पुलिस थाने में गैस सिलेण्डरों के अवैध भण्डारण माफियाओं के विरूद्ध नामजद एफआईआर दर्ज करवायी गयी है।

जयपुर शहर में ऐसे अवैध रिफलिंग सेन्टरों के संचालन होने से अवैध रिफलिंग को रोकने एव आवश्यक कार्यवाही हेतु जिला प्रशासन जयपुर के निर्देशन में सख्त कार्यवाही हेतु विशेष सर्च अभियान ’ऑपरेशन प्रवर्तन’ (सतर्क नागरिक व सुरक्षित शहर) के तहत सतर्कता दलों का गठन किया गया है।

विभाग द्वारा संचालित ’ऑपरेशन प्रवर्तन’ (सतर्क नागरिक व सुरक्षित शहर) अभियान भविष्य में भी जारी रहेगा एवं अवैध रिफलिंग में संलिप्त व्यक्तियों के विरूद्ध कठोर कार्यवाही अमल में लाई जावेगी। इस हेतु जयपुर शहर के आमजन से अनुरोध है कि किसी भी संदिग्ध गैस रिफलिंग सेंटर/वितरण गतिविधि की सूचना विभाग को दें ताकि आमजन की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सकें।

हस्तशिल्पियों को कौशल प्रशिक्षण देकर रोजगार के नए अवसर दे रही राज्य सरकार : मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा
पश्चिमी राजस्थान उद्योग हस्तशिल्प उत्सव-2026 प्रदेश की आठ करोड़ जनता का कल्याण सर्वोपरि- हस्तशिल्प उद्योग ने ग्रामीणों का किया सशक्तीकरण
चिकित्सा मंत्री ने किया रक्तदान शिविर का अवलोकन 
कहा - जीवन बचाना सबसे बड़ा पुण्य कार्य

जयपुर, 27 दिसम्बर। चिकित्सा एवं स्वास्थ्य मंत्री गजेन्द्र सिंह खींवसर ने कहा कि राज्य सरकार स्वास्थ्य सेवाओं को सर्वोच्च प्राथमिकता दे रही है। प्रदेश में निरंतर स्वास्थ्य सेवाओं को तकनीकी नवाचारों के माध्यम से उन्नत बनाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि किसी व्यक्ति का जीवन बचाने से बड़ा कोई पुण्य कार्य नहीं है। रक्तदान इस दिशा में एक श्रेष्ठ कार्य है। सभी स्वस्थ व्यक्तियों को इस नेक कार्य में भागीदारी निभानी चाहिए। 

चिकित्सा मंत्री ने शुक्रवार को सवाई मानसिंह अस्पताल में आयोजित विशाल रक्तदान शिविर में शिरकत करते हुए यह विचार व्यक्त किए। उन्होंने कहा कि राजस्थान के कण-कण में त्याग, बलिदान एवं सर्वस्व न्यौछावर करने की गाथाएं रची-बसी हैं। राजस्थान की इस त्याग एवं समर्पण की संस्कृति को आत्मसात करते हुए हमें रक्तदान जैसे पुण्य कार्य के लिए आगे बढ़कर सहयोग प्रदान करना चाहिए। प्रसन्नता का विषय है कि विगत समय में समाज में रक्तदान के प्रति भ्रांतियां दूर हुई हैं और जागरूकता बढ़ी है। इससे आपातकालीन स्थितियों में बड़ी संख्या में लोगों का जीवन बचाना संभव हुआ है। 

चिकित्सा मंत्री ने इस अवसर पर रक्तदान शिविर का अवलोकन किया और रक्तदाताओं से संवाद भी किया। उन्होंने इस पुनीत कार्य में सहयोग करने वाले सभी रक्तदाताओं, स्वास्थ्यकर्मियों एवं एसएमएस अस्पताल प्रशासन के प्रति आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार विभिन्न स्वास्थ्य योजनाओं के माध्यम से यूनिवर्सल हेल्थ करवरेज की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रही है। विगत दो वर्ष में स्वास्थ्य के क्षेत्र में अभूतपूर्व कार्य हुए हैं। इससे आमजन इलाज खर्च की चिंता से मुक्त हुआ है और गांव-ढाणी तक स्वास्थ्य सेवाएं सुगमता से मिल रही हैं। 

इस अवसर पर खाद्य सुरक्षा आयुक्त डॉ. टी. शुभमंगला, चिकित्सा शिक्षा आयुक्त नरेश गोयल, सवाई मानसिंह मेडिकल काॅलेज के प्रधानाचार्य डाॅ. दीपक माहेश्वरी, अधीक्षक डाॅ. मृणाल जोशी सहित अन्य अधिकारी उपस्थित थे। 

उपमुख्यमंत्री दिया कुमारी ने पर्यटन, कला एवं संस्कृति विभाग की ओर से किये जा रहें विकास कार्यों की ली समीक्षा बैठक
जयपुर, 26 दिसम्बर। उपमुख्यमंत्री एवं पर्यटन, कला एवं संस्कृति मंत्री दिया कुमारी की अध्यक्षता में शुक्रवार को राजस्थान धरोहर प्राधिकरण श्री ओंकार सिंह लखावत, अतिरिक्त मुख्य सचिव पर्यटन प्रवीण गुप्ता,...

जयपुर, 26 दिसम्बर। उपमुख्यमंत्री एवं पर्यटन, कला एवं संस्कृति मंत्री दिया कुमारी की अध्यक्षता में शुक्रवार को राजस्थान धरोहर प्राधिकरण श्री ओंकार सिंह लखावत, अतिरिक्त मुख्य सचिव पर्यटन प्रवीण गुप्ता, अतिरिक्त निदेशक पर्यटन आनंद त्रिपाठी, राजस्थान धरोहर प्राधिकरण के मुख्य कार्यकारी अधिकारी रामरतन शर्मा की उपस्थिति में शासन सचिवालय में पर्यटन विभाग से जुड़े विभिन्न विकास कार्यों एवं योजनाओं तथा महत्वपूर्ण बिंदुओं की समीक्षा की गई।

उपमुख्यमंत्री दिया कुमारी ने विभाग की ओर से पुष्कर प्रोजेक्ट पर चर्चा कर प्रगति की जानकारी ली तथा इस हेतु शीघ्रता से कार्य किये जाने के निर्देश दिए। इसके साथ ही उन्होंने दिल्ली में कल्चररल सेंटर बनाने की सम्भावना पर चर्चा कर आवश्यक निर्देश दिए। 

उन्होंने निर्देश दिए कि राजस्थान की परंपरिक पेंटिंग, भित्ति चित्रकारी तथा इससे जुड़ी अन्य कलाओं का नई पीढ़ी को सिखाई जाए। कला एवं संस्कृति विभाग की ओर से इस हेतु प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किए जाएं। इसके साथ ही उन्होंने राजस्थान धरोहर प्राधिकरण द्वारा झुन्झुनूं में बनवाये जाने वाले वार म्यजियम निर्माण पर चर्चा कर आवश्यक निर्देश दिए।

उपमुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि आमेर विकास एवं प्रबंधन प्राधिकरण द्वारा आमेर के अंदरूनी क्षेत्र हेतु मास्टरप्लान बनाकर कार्य किया जाए। उन्होंने निर्देश दिए कि आमेर का इंटीग्रेटेड डेवलपमेंट किया जाए। जिसमें सुरक्षा और पार्किंग, सफाई, दुकानों का व्यस्थिकरण तथा अन्य सुविधाओं का योजना अनुसार विकास किया जाए। उन्होंने जवाहर कला केन्द्र से सम्बंधित विकास कार्यों पर चर्चा कर आवश्यक निर्देश दिए तथा एएसआई के मोनूमेंट पर प्रॉपर लाइटिंग के निर्देश दिए। 

उपमुख्यमंत्री दिया कुमारी को पर्यटन विभाग की विकास शाखा/टीआरसी जयपुर की ओर से जेडीए को जयपुर में कॉन्सर्ट पर्यटन के विकास हेतु भूमि आवंटन की प्रगति की जानकारी दी गई।  

बैठक में आरटीडीसी लैंड डिस्पोजल रूल्स में जल्दी परिवर्तन की जानकारी दी गई। उपमुख्यमंत्री को अवगत कराया गया कि श्री खाटू श्याम जी मंदिर परिसर में विकास कार्य प्रगतिरत है तथा सीएसएस वर्क जल्दी किया जायेगा। इसके साथ ही अवगत कराया गया कि ट्राईबल सर्किट बनाने के क्रम में टीएडी के सुझाव हेतु पत्रावली प्रेषित की गई है।

दिया कुमारी ने निर्देश दिए कि एकीकृत ग्रामीण पर्यटन विकास हेतु कार्य किए जाए। उन्होंने इस हेतु शुरुआती तौर पर शेखावाटी और आभानेरी में कार्य किये जाने की संभावना पर कार्य किये जाने के निर्देश दिए।

अतिरिक्त मुख्य सचिव प्रवीण गुप्ता ने बैठक में अभानेरी में ग्रामीण पर्यटन और मॉडल टूरिस्ट विलेजज हेतु अवगत कराया कि कला एवं संस्कृति विभाग की ओर से पायलेट रूप में पांच गाँवों के लिए संस्कृति पोर्टल प्रस्तावित है। इसी प्रकार शेखावाटी में दो तीन स्थानों पर पायलट प्रोजेक्ट प्रस्तावित है।

राकेश शर्मा ने सूचना एवं जनसम्पर्क विभाग के आयुक्त एवं संयुक्त शासन सचिव का कार्यभार संभाला
जयपुर, 26 दिसम्बर। भारतीय प्रशासनिक सेवा के अधिकारी राकेश शर्मा ने शुक्रवार को शासन सचिवालय में सूचना एवं जनसम्पर्क विभाग के आयुक्त एवं संयुक्त शासन सचिव का कार्य भार ग्रहण...

जयपुर, 26 दिसम्बर। भारतीय प्रशासनिक सेवा के अधिकारी राकेश शर्मा ने शुक्रवार को शासन सचिवालय में सूचना एवं जनसम्पर्क विभाग के आयुक्त एवं संयुक्त शासन सचिव का कार्य भार ग्रहण किया।

इस दौरान विभाग के अतिरिक्त निदेशक (प्रशासन) एवं पदेन शासन उप सचिव ,डॉ. गोरधन लाल शर्मा, अतिरिक्त निदेशक पत्र पंजीयन, नर्बदा इन्दोरिया एवं विभागीय अधिकारी और कर्मचारी उपस्थित रहे। 

अरावली बचाओ आंदोलन : पूरे राजस्थान में विरोध का विस्तार
राजस्थान में अरावली पर्वतमाला की सुरक्षा को लेकर भारी जन-आंदोलन फैल गया है। यह संघर्ष सुप्रीम कोर्ट द्वारा अरावली की नई परिभाषा और खनन नियमों को लेकर शुरू हुआ, जिससे...

राजस्थान में अरावली पर्वतमाला की सुरक्षा को लेकर भारी जन-आंदोलन फैल गया है। यह संघर्ष सुप्रीम कोर्ट द्वारा अरावली की नई परिभाषा और खनन नियमों को लेकर शुरू हुआ, जिससे लोग डर रहे हैं कि पर्वतमाला के एक बड़े हिस्से को खनन और विकास गतिविधियों के लिए खुला छोड़ दिया जाएगा। The New Indian Express

📌 आंदोलन की मुख्य घटनाएँ

  • पदयात्रा और आंदोलन:
    माउंट आबू से करीब 1000 किमी लंबी पदयात्रा की शुरुआत हुई, जिसमें संत और आम लोग शामिल होकर अरावली संरक्षण की मांग कर रहे हैं। यह पैदल यात्रा राज्य के कई इलाकों से होकर गुज़र रही है और लोगों में जागरूकता फैल रही है। Navbharat Times
  • जन आंदोलन और धरना-प्रदर्शन:
    उदयपुर, भीलवाड़ा सहित कई शहरों में जनता ने अरावली बचाओ के लिए प्रदर्शन किए हैं और प्रशासन के समक्ष अपनी आपत्तियों को रखा है। Punjab Kesari Rajasthan
  • सुप्रीम कोर्ट की चुनौती:
    अरावली की नई परिभाषा को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी गई है, जिसमें याचिकाकर्ताओं ने कहा है कि इससे पर्यावरणीय सुरक्षा कमजोर पड़ेगी। Navbharat Times
  • राजनीतिक तनाव:
    कांग्रेस ने इस मुद्दे को बड़ा जन-राजनीतिक मुद्दा बनाया है और 19 जिलों में आंदोलन छेड़ने का ऐलान किया है। Prabhat Khabar
  • अन्य विवाद:
    भीलवाड़ा में प्रदर्शनकारियों ने राष्ट्रपति को ज्ञापन सौंपा है और सरकार पर आरोप लगाया है कि वह अरावली संरक्षण में कमजोर कदम उठा रही है। Pratahkal

🗣️ मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा का बयान

राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने अरावली बचाओ आंदोलन पर स्पष्ट बयान दिया है। उन्होंने कहा:

  • “अरावली हमारी पहचान और राजस्थान की ‘साँस’ है।”
  • उनकी सरकार अरावली को किसी भी प्रकार की छेड़छाड़ या नुकसान नहीं होने देगी।
  • सीएम ने यह भी कहा कि वे “गिरिराज जी के भक्त” हैं और एक-एक पत्थर की रक्षा का संकल्प लिया है। www.ndtv.com+1

उनके अनुसार, अरावली सिर्फ भू-कण नहीं है, बल्कि यह राजस्थान की पारिस्थितिकी और जीवन-रेखा का प्रतीक है, जिसे कोई भी नुकसान नहीं पहुँचा सकता। www.ndtv.com


📌 मुद्दे के पीछे की वजह

इस आंदोलन का मुख्य कारण सुप्रीम कोर्ट और केंद्र सरकार की नई अरावली परिभाषा है, जिसके तहत केवल 100 मीटर से ऊपर वाली पहाड़ियों को वैध अरावली माना जा रहा है। विरोधियों का कहना है कि इससे लगभग 90% अरावली को संरक्षण से बाहर रखा जा सकता है, जिससे वे खनन और अन्य गतिविधियों के लिए खुल सकते हैं — और यह पर्यावरण को गंभीर जोखिम में डाल सकता है। The New Indian Express

विपक्ष और पर्यावरण संगठनों का कहना है कि यह निर्णय अरावली के स्वाभाविक दायरे को छोटा कर देने जैसा है, जिससे भूपृष्ठीय जल, जैव विविधता और रेगिस्तानी विस्तार जैसी गंभीर समस्याएँ उत्पन्न हो सकती हैं। The New Indian Express


📌 विरोध के बीच विवाद भी जारी

कई आलोचकों ने अरावली बचाओ आंदोलन पर यह आरोप भी लगाया है कि विपक्ष इसका इस्तेमाल राजनीतिक लाभ के लिए कर रहा है। वे कहते हैं कि असली चिंता पहाड़ों की है या पिछले वर्षों में अवैध खनन से जुड़ी संपत्तियों की रक्षा की।

सुशासन दिवस के अवसर पर पशुपालन विभाग के अधिकारियों-कर्मचारियों ने ली सुशासन की शपथ
जयपुर, 25 दिसम्बर। प्रदेश में पूर्व प्रधानमंत्री स्व. अटल बिहारी वाजपेयी की जयंती के अवसर पर आज सुशासन दिवस मनाया जा रहा है। इस अवसर पर पशुपालन विभाग में आयोजित...

जयपुर, 25 दिसम्बर। प्रदेश में पूर्व प्रधानमंत्री स्व. अटल बिहारी वाजपेयी की जयंती के अवसर पर आज सुशासन दिवस मनाया जा रहा है। इस अवसर पर पशुपालन विभाग में आयोजित कार्यक्रम में स्वर्गीय प्रधानमंत्री के चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित कर उन्हें श्रद्धांजलि दी गई तथा पशुपालन, गोपालन और मत्स्य शासन सचिव डॉ समित शर्मा ने अधिकारियों एवं कर्मचारियों को सुशासन, पारदर्शिता और जवाबदेही की शपथ दिलाई। कार्यक्रम में पशुपालन और मत्स्य विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों ने सुशासन की शपथ ली।

कार्यक्रम में उपस्थित अधिकारियों-कर्मचारियों ने संविधान के मूल्यों के अनुरूप ईमानदारी, निष्पक्षता और जनहित को सर्वोपरि रखते हुए कार्य करने का संकल्प लिया। शपथ के माध्यम से भ्रष्टाचार के विरुद्ध शून्य सहनशीलता अपनाने, समयबद्ध एवं प्रभावी प्रशासन सुनिश्चित करने तथा सरकारी योजनाओं और सेवाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुँचाने का संकल्प व्यक्त किया गया।

इस अवसर पर शासन सचिव डॉ समित शर्मा ने कहा कि सुशासन केवल एक अवधारणा नहीं, बल्कि शासन की वह कार्य संस्कृति है जिसमें पारदर्शिता, जवाबदेही और संवेदनशीलता के साथ आमजन तक योजनाओं को लाभ पहुंचाया जाता है। श्रद्धेय अटल जी का सुशासन मॉडल हम सभी के लिए पथप्रदर्शक है। वे एक कुशल राजनीतिज्ञ, प्रखर वक्ता और दूरदर्शी नेता थे, जिनके नेतृत्व ने देश में सुशासन की अनुकरणीय मिसाल प्रस्तुत की। अगर हम सभी इस कार्य शैली को पूरी तरह अपनाकर कार्य करें तो नागरिकों की समस्याओं के त्वरित समाधान निकल सकता है और आमजन तक सरकार की हर सुविधा और योजना की पहुंच सुनिश्चित हो सकती है।

स्व. वाजपेयी के जीवन और दर्शन में जनसेवा की सीख -प्रभावी शिकायत निवारण तंत्र लोकतांत्रिक शासन की आत्मा – मुख्यमंत्री
शासन सचिवालय में सुशासन दिवस पर शपथ कार्यक्रम -विश्वास, संवाद और परिणाम सुशासन के आधार

जयपुर, 25 दिसम्बर। मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा ने गुरुवार को शासन सचिवालय में भारत रत्न पूर्व प्रधानमंत्री स्व. अटल बिहारी वाजपेयी की जयंती ‘सुशासन दिवस’ के अवसर पर पुष्पांजलि अर्पित कर श्रद्धांजलि दी। इस दौरान उन्होंने अधिकारियों एवं कर्मचारियों को सुशासन की शपथ दिलाई। 

श्री शर्मा ने कहा कि स्व. वाजपेयी का जीवन और दर्शन हमें सिखाता है कि शासन और प्रशासन का ध्येय जनसेवा होना चाहिए। उन्होंने कहा कि यह आयोजन हमारे राज्य के पारदर्शी, जवाबदेह और नागरिक-केंद्रित प्रशासन का प्रतीक है। सुशासन एक निरंतर चलने वाली प्रक्रिया है, जिसके केन्द्र में योजनाओं की सफल क्रियान्विति से अंतिम छोर पर बैठे व्यक्ति को लाभान्वित करना है। 

संवेदनशील अधिकारी, उत्तरदायी सरकार से ही सुशासन

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी का मानना है कि सरकार का अभाव और दबाव दोनों ही नहीं होने चाहिए। इसी मंत्र के साथ राज्य सरकार कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि सुशासन तभी संभव है जब नियम स्पष्ट हों, अधिकारी संवेदनशील हों और सरकार उत्तरदायी बने। उन्होंने कहा कि सुशासन ऐसी व्यवस्था है जहां जनता की जरूरतों को समझकर उनको समयबद्ध और प्रभावी सेवाएं प्रदान की जाएं। सुशासन का आधार विश्वास, संवाद और परिणाम के तीन स्तंभों पर टिका है। 

सेवा वितरण को सरल और पारदर्शी बनाया

श्री शर्मा ने कहा कि सुशासन का उद्देश्य तभी पूरा होगा जब किसान, श्रमिक, महिला, युवा और वंचित सहित सभी वर्ग अनुभव करें कि सरकार उनके साथ खड़ी है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार सेवा वितरण को सरल और पारदर्शी बनाने की दिशा में ग्रामीण एवं शहरी सेवा शिविरों का आयोजन कर लोगों की समस्याओं का निस्तारण कर रही है। इनके माध्यम से अब तक 1 करोड़ से अधिक लोग लाभान्वित हो चुके हैं। साथ ही, राजस्थान लोक सेवाओं के प्रदान की गारंटी अधिनियम के तहत विगत 2 वर्षों में 3 करोड़ 23 लाख से अधिक आवेदनों का सफलतापूर्वक निस्तारण किया गया है। 

ई-गवर्नेंस पारदर्शिता का सबसे बड़ा माध्यम

मुख्यमंत्री ने कहा कि ई-गवर्नेंस पारदर्शिता का सबसे बड़ा माध्यम है। ई-पोर्टल्स, एसएसओ पोर्टल और मोबाइल आधारित सुविधाओं ने नागरिकों के समय, धन और ऊर्जा की बचत की है जिससे नागरिकों को सरकारी दफ्तरों के चक्कर काटने से मुक्ति मिली है। उन्होंने कहा कि प्रभावी शिकायत निवारण तंत्र लोकतांत्रिक शासन की आत्मा होती है। प्रदेश में राजस्थान संपर्क पोर्टल, त्रिस्तरीय जनसुनवाई और मुख्यमंत्री जनसुनवाई के माध्यम से 

लोगों की समस्याओं की प्रभावी सुनवाई कर उनका समयबद्ध निस्तारण किया जा रहा है। विगत 2 वर्षों में हमने 65 लाख से अधिक जन-शिकायतों का निस्तारण किया है।

अधिकारी-कर्मचारी विकास को बनाएं सर्वस्पर्शी

मुख्यमंत्री ने सभी अधिकारियों और कर्मचारियों से आह्वान करते हुए कहा कि तकनीक और संवेदनशीलता से राजस्थान को सुशासन के मामले में देश का सिरमौर बनाएं। ऐसे राजस्थान का निर्माण करें जहां विकास सर्वस्पर्शी हो। श्री शर्मा ने कहा कि शासन सचिवालय के माध्यम से करोड़ों राजस्थानियों की आकांक्षाओं को पूरा करने का प्रयास किया जाता है। ये चूना-पत्थर से बनी इमारत नहीं है, बल्कि जनता की आशा और विश्वास है। हमारा कर्तव्य है कि यहां हर व्यक्ति को समस्या का त्वरित और बेहतर समाधान मिले। उन्होंने कहा कि अधिकारियों और कर्मचारियों की निष्ठा और समर्पण के साथ सेवा ही विकसित राजस्थान-2047 का मार्ग प्रशस्त करेगी। 

मुख्य सचिव श्री वी. श्रीनिवास ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी का मानना है कि भारत बदल रहा है और तेजी से बदल रहा है। आमजन का सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं में विश्वास दृढ़ हुआ है। इसी कड़ी में मुख्यमंत्री के नेतृत्व में राज्य सरकार के दो वर्ष पूर्ण होने पर नव उत्थान-नई पहचान, बढ़ता राजस्थान-हमारा राजस्थान के माध्यम से सुशासन को मनाया जा रहा है। 200 विकास रथों के जरिए सभी ग्राम पंचायत, पंचायत समिति, नगरीय निकायों में विकसित राजस्थान की यात्रा को पहुंचाया जा रहा है। 

इस दौरान अतिरिक्त मुख्य सचिव जल संसाधन श्री अभय कुमार सहित विभिन्न विभागों के अतिरिक्त मुख्य सचिव, प्रमुख शासन सचिव, शासन सचिव और अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित रहे। कार्यक्रम से वीसी के जरिए जिला, उपखंड एवं ग्राम पंचायत के अधिकारी एवं कार्मिक भी जुड़े। 

इससे पहले मुख्यमंत्री ने पूर्व प्रधानमंत्री स्व. वाजपेयी को मुख्यमंत्री निवास पर पुष्पांजलि अर्पित कर नमन किया।