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दौसा जिला प्रभारी मंत्री ने विकास रथ एवं सड़क सुरक्षा जागरूकता वाहन रैली को रवाना किया
जयपुर, 13 दिसम्बर। राज्य सरकार के कार्यकाल के दो वर्ष पूर्ण होने के अवसर पर जिला स्तरीय कार्यक्रमों की शुरुआत शनिवार को हुई। इस अवसर पर उद्योग एवं वाणिज्य मंत्री...

जयपुर, 13 दिसम्बर। राज्य सरकार के कार्यकाल के दो वर्ष पूर्ण होने के अवसर पर जिला स्तरीय कार्यक्रमों की शुरुआत शनिवार को हुई। इस अवसर पर उद्योग एवं वाणिज्य मंत्री तथा दौसा जिला प्रभारी मंत्री कर्नल राज्यवर्धन राठौड़ ने ‘बढ़ता राजस्थान, हमारा राजस्थान’ विकास रथ एवं सड़क सुरक्षा जागरूकता वाहन रैली को रवाना किया।

दौसा प्रभारी मंत्री ने जिले के पांचों विधानसभा क्षेत्रों में योजनाओं के प्रचार-प्रसार के लिए विकास रथों को कलक्ट्रेट परिसर से हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इस दौरान उन्होंने कहा कि यह रथ नगरीय क्षेत्रों के साथ दूरस्थ गांवों तक जाकर राज्य सरकार की उपलब्धियों, योजनाओं और जन कल्याणकारी नीतियों को आमजन तक पहुंचाएंगे। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री भजन लाल शर्मा के नेतृत्व में प्रदेश सरकार ने गत दो वर्षों में ऐतिहासिक कार्य किए हैं, जिनकी जानकारी यह रथ आमजन तक पहुंचाएंगे। उन्होंने विकास रथों के संचालन की सघन मॉनिटरिंग करने तथा निर्धारित रूट के अनुसार संचालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। 

इस दौरान प्रभारी मंत्री ने परिवहन विभाग की ओर से निकाली गई सड़क सुरक्षा जागरूकता वाहन रैली को हरी झंडी दिखाई। ऑटो रिक्शा तथा दुपहिया वाहन चालकों ने रैली के माध्यम से सड़क सुरक्षा का संदेश दिया। 

इस दौरान विधायकगण, अधिकारीगण एवं अन्य जनप्रतिनिधि उपस्थित थे।  

विकास रथों के माध्यम से आमजन तक पहुंचेंगी 2 साल की उपलब्धियां
क्षा मंत्री एवं कोटा जिला प्रभारी मंत्री ने किया रथों को रवाना

जयपुर, 12 दिसम्बर। राज्य सरकार का 2 वर्ष का कार्यकाल पूर्ण होने के उपलक्ष पर राज्य सरकार की उपलब्धियों, फ्लेगशिप योजनाओं, बजट घोषणाओं के व्यापक प्रचार- प्रसार हेतु विभिन्न विधानसभा क्षेत्रों में विकास रथ शनिवार को कोटा से रवाना हुए। इन विकास रथों पर लगी एलईडी पर ऑडियो-वीडियो के माध्यम से पिछले दो साल में राज्य व कोटा जिले में हुए विकास कार्यों, राज्य सरकार की महत्वपूर्ण योजनाओं एवं घोषणाओं की क्रियान्विति की जानकारी आमजन को दी जा रही है।

कोटा जिले की 6 विधानसभा क्षेत्रों के लिए जाने वाले विकास रथों को शुक्रवार को जिला परिषद परिसर में शिक्षा एवं पंचायती राज मंत्री श्री मदन दिलावर और कोटा जिले के प्रभारी मंत्री श्री गौतम कुमार दक ने हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इससे पहले उन्होंने इनका अवलोकन किया। प्रभारी मंत्री ने निर्देश दिए कि सभी विकास रथों की जन भागीदारी के साथ रूट चार्ट के अनुसार यात्रा सुनिश्चित की जाए। उन्होंने कहा कि नोडल अधिकारी यह सुनिश्चित करें कि विकास रथ की विधानसभा क्षेत्रों में व्यापक पहुंच सुनिश्चित हो।

प्रभारी मंत्री ने कहा कि मुख्यमंत्री श्री भजन लाल शर्मा के नेतृत्व में राज्य सरकार ने पिछले दो सालों में प्रदेश में विकास के जो कार्य किए हैं, उनकी जानकारी विकास रथों के माध्यम से आमजन तक पहुंचाई जाएगी। पिछले दो साल में कोटा जिले में भी विकास के कई कार्य किए गए हैं। यहां लम्बे समय से एयरपोर्ट की मांग थी, जिसे धरातल पर उतारा जा रहा है। लोकसभा अध्यक्ष श्री ओम बिरला एवं मुख्यमंत्री श्री भजन लाल शर्मा के प्रयासों से कोटा-बूंदी ग्रीनफील्ड एयरपोर्ट के कार्य को गति दी जा रही है। एयरपोर्ट बनने से कोटा संभाग में पर्यटन और कोचिंग सेक्टर को बूस्ट मिलेगा। 

इस अवसर पर प्रभारी मंत्री ने सड़क सुरक्षा अभियान के तहत यातायात नियमों की पालना की शपथ भी दिलाई।

मॉनिटरिंग के लिए कन्ट्रोल रूम स्थापित—

विकास रथों के रूटचार्ट के अनुसार यात्रा एवं सुरक्षा को मॉनिटर करने के लिए कन्ट्रोल रूम स्थापित किए गए हैं। सभी रथों की जियो टेगिंग के साथ लोकेशन की प्रतिदिन ट्रेकिंग की जायेगी, इसकी मॉनिटरिंग राज्य स्तर पर भी होगी।

विकास रथों के साथ राज्य सरकार की विभागवार उपलब्धियों पर आधारित विकास पुस्तिका, पेम्फलेट सहित अन्य प्रचार सामग्री रहेगी। रथों के साथ एक सुझाव पेटिका भी रहेंगी, जिसमें आमजन अपनी समस्याएं, सुझाव आदि दे सकते हैं।

कार्यक्रम में कोटा दक्षिण विधायक श्री संदीप शर्मा, लाडपुरा विधायक श्रीमती कल्पना देवी, जिला प्रमुख श्री मुकेश मेघवाल, श्री राकेश जैन,  श्री प्रेम गोचर, संभागीय आयुक्त श्री अनिल कुमार अग्रवाल, जिला कलक्टर श्री पीयूष समारिया, एडीएम सीलिंग श्रीमती कृष्णा शुक्ला, सीईओ जिला परिषद श्री कमल कुमार मीणा भी उपस्थित रहे।

करौली में गृह राज्यमंत्री जवाहर सिंह बेढम की अध्यक्षता में प्रेस वार्ता आयोजित नो हेलमेट नो एंट्री, नो सीट बेल्ट नो एंट्री पोस्टर का किया विमोचन
राज्य सरकार के दो वर्ष पूर्ण

 जयपुर, 11 दिसम्बर। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में राज्य सरकार द्वारा गत दो वर्षों में जनकल्याणकारी योजनाओं और विकास कार्यों के प्रभावी क्रियान्वयन से करौली जिले में महिला सशक्तीकरण किसान समृद्धि, युवा, श्रमिक उन्नयन तथा आमजन को सशक्त बनाने की दिशा में उल्लेखनीय उपलब्धियाँ प्राप्त हुई हैं। गृह राज्य एवं करौली जिला प्रभारी मंत्री जवाहर सिंह बेढम ने गुरूवार को आयोजित प्रेस वार्ता में बताया कि जिला प्रशासन एवं विभागीय समन्वय के माध्यम से योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने के संकल्प को प्रदेश ने जमीनी स्तर पर साकार किया है।

समृद्ध महिला – सशक्त महिलाः-

      जिले में महिलाओं और बालिकाओं के सर्वांगीण विकास के लिए संचालित योजनाओं ने ठोस परिणाम दिए हैं। प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना के अंतर्गत दो वर्षों में 22 हजार 561 महिलाओं को 7.33 करोड़ रुपये की राशि हस्तांतरित की गई, वहीं मुख्यमंत्री मातृत्व योजना में 11 हजार 567 महिलाएं 2.15 करोड़ रुपये की सहायता से लाभान्वित हुईं। लाड़ो प्रोत्साहन योजना में 9 हजार 315 बालिकाओं को 2 करोड़ 32 लाख 87 हजार 500 रुपये की राशि प्रदान की गई। बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ अभियान के अंतर्गत 900 प्रसूताओं को चादर वितरित की गई तथा बेटी जन्मोत्सव कार्यक्रम में प्रथम कक्षा में प्रवेश लेने वाली 400 बालिकाओं को बेबी किट प्रदान कर उनका प्रोत्साहन किया गया। सामूहिक विवाह एवं अनुदान योजना से 61 जोड़े लाभान्वित हुए। मुख्यमंत्री नारी शक्ति प्रशिक्षण एवं कौशल संवर्धन योजना में 1 हजार 443 बालिकाओं को प्रशिक्षण उपलब्ध कराया गया तथा नारी शक्ति योजना के अंतर्गत 25 लाख रुपये का अनुदान जारी हुआ। लखपति दीदी योजना में 23 हजार 722 महिलाएं लाभान्वित हुईं और मुख्यमंत्री कन्यादान योजना के अंतर्गत 348 कन्याओं को 1.28 करोड़ रुपये की आर्थिक सहायता प्रदान की गई। मुख्यमंत्री एकल नारी सम्मान पेंशन योजना के तहत दो वर्ष में 43 हजार 945 महिलाओं को 131.83 करोड़ रुपये से अधिक की राशि वितरित की गई, जबकि जननी सुरक्षा योजना में 32 हजार 661 महिलाओं को 4.48 करोड़ रुपये से अधिक की राशि प्रदान की गई। बीपीएल देशी घी योजना के अंतर्गत 1 हजार 975 माताएं तथा मां वाउचर योजना में 4 हजार 570 महिलाएं लाभान्वित हुईं।

कृषि एवं पशुपालन क्षेत्र में गत दो वर्षों की प्रगति—

     कृषि एवं पशुपालन के क्षेत्र में भी जिले में महत्वपूर्ण प्रगति दर्ज की गई है। प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना के माध्यम से 476 हेक्टेयर भूमि को फव्वारा, ड्रिप एवं मिनी स्प्रिंकलर जैसी आधुनिक सिंचाई सुविधाओं से जोड़ते हुए 88 लाख रुपये व्यय किए गए। किसानों के खेतों पर 194 सोलर पंप स्थापित किए गए। पात्र किसानों को 45 हजार 536 वर्गमीटर ग्रीन हाउस स्थापित करने हेतु 215.08 लाख रुपये का अनुदान प्रदान किया गया तथा 11 हेक्टेयर में फल बगीचों की स्थापना के लिए 0.508 लाख रुपये की सहायता दी गई। 16 हजार 160 वर्गमीटर शेडनेट हाउस के लिए 56.42 लाख रुपये का अनुदान दिया गया। प्रधानमंत्री कुसुम योजना के अंतर्गत 126 कृषकों को लाभान्वित किया गया, जल संरक्षण हेतु जलहौज एवं फार्म पॉण्ड के 248 कार्य पूर्ण किए गए तथा प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना में 614 कृषकों को 1.27 करोड़ रुपये की दावा राशि उपलब्ध कराई गई। किसानों की फसलों की सुरक्षा के लिए 2.27 लाख मीटर तारबंदी करवाई गई और मृदा स्वास्थ्य कार्ड योजना के तहत 23 हजार 574 किसानों को कार्ड वितरित किए गए। वर्मी कम्पोस्ट योजना में 600 इकाइयां तथा गोवर्धन जैव उर्वरक योजना में 169 इकाइयां स्थापित की गईं। जिले में 63 पीएम किसान समृद्धि केन्द्र स्थापित किए गए। पशु चिकित्सा सेवाओं के विस्तार हेतु 18 नए उपकेन्द्र स्थापित किए गए, मुख्यमंत्री मंगला पशु बीमा योजना के अंतर्गत 24 हजार 556 पशुओं का बीमा किया गया तथा एनएडीसीपी एफएमडी टीकाकरण अभियान में 8.57 लाख पशुओं का टीकाकरण कर पशुधन को रोगों से सुरक्षित किया गया। कृत्रिम गर्भाधान कार्यक्रम के तहत 1 लाख 55 हजार 859 पशुओं में कृत्रिम गर्भाधान कर नस्ल सुधार सुनिश्चित किया गया, गोपाल क्रेडिट कार्ड योजना से पशुपालकों को 1.58 करोड़ रुपये का ऋण उपलब्ध कराया गया तथा कृषि विद्युत कनेक्शनों के अंतर्गत 2 हजार 166 किसानों को नए कनेक्शन प्रदान किए गए। बिजली बिल अनुदान योजना में किसानों को 939 करोड़ रुपये की राहत दी गई और मुख्यमंत्री निशुल्क दवा योजना के अंतर्गत 21 लाख 7 हजार 36 पशुओं को निःशुल्क दवाइयों का लाभ प्रदान किया गया।

रोजगार और कौशल विकास के माध्यम से युवा एवं श्रमिक सशक्तीकरण की दिशा में अग्रसर राज्य सरकार—

      युवा एवं श्रमिक सशक्तिकरण की दिशा में भी राज्य सरकार ने जिले में सार्थक पहल की है। दीनदयाल उपाध्याय ग्रामीण कौशल योजना में 314 युवाओं को रोजगारपरक प्रशिक्षण प्रदान किया गया। मुख्यमंत्री कौशल विकास योजनाओं के तहत 951 से अधिक युवाओं को प्रशिक्षित कर लाभान्वित किया गया। सॉफ्ट स्किल प्रशिक्षण कार्यक्रम के माध्यम से 2 हजार 494 युवाओं के व्यक्तित्व विकास एवं रोजगार योग्यता को सुदृढ़ किया गया। निर्माण श्रमिक शिक्षा एवं कौशल विकास योजना के अंतर्गत 16 हजार 625 श्रमिकों को 15.81 करोड़ रुपये से अधिक की आर्थिक सहायता प्रदान की गई। प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम के अंतर्गत 112 युवाओं एवं आवेदकों को स्वरोजगार हेतु 4.44 करोड़ रुपये की वित्तीय सहायता स्वीकृत की गई। विश्वकर्मा योजनाओं में 20 हजार 439 पारंपरिक कारीगरों एवं श्रमिकों को पहचान पत्र, प्रशिक्षण, टूलकिट एवं ऋण सुविधा उपलब्ध कराकर आत्मनिर्भर बनाया गया। राजस्थान निवेश प्रोत्साहन योजना के माध्यम से 323 युवाओं के लिए रोजगार अवसर प्रस्तावित किए गए।

वंदे गंगा जल संरक्षण जन अभियान बना जन-आंदोलन की मिसाल—

   राज्य सरकार द्वारा गत 5 से 20 जून तक संचालित वंदे गंगा जल संरक्षण जन अभियान जिले में जन-आंदोलन की मिसाल साबित हुआ। जिले में कुल 5 हजार 13 कार्य संपन्न हुए, जिनमें हरियालो राजस्थान के 594, साफ-सफाई के 1 हजार 770, भूमि एवं जल पूजन के 333, नए कार्यारंभ के 64 तथा 205 पूर्ण कार्यों का लोकार्पण शामिल रहा। इस अवधि में 571 श्रमदान कार्यक्रम, 1 हजार 15 आईईसी गतिविधियाँ, 103 कार्यशालाएँ एवं 357 अन्य गतिविधियाँ आयोजित की गईं। अभियान के दौरान कुल 5 हजार 625 कार्यक्रम आयोजित हुए, जिनमें 69 हजार 52 पुरुष एवं 69 हजार 202 महिलाओं ने सहभागिता निभाई। जल संकटग्रस्त क्षेत्रों में इस अभियान ने जल संरक्षण, हरियाली विस्तार और जनजागरण को नई गति प्रदान की है और यह जन-आंदोलन के रूप में स्थापित हो चुका है।

ग्रामीण सेवा शिविर एवं शहरी सेवा शिविर: प्रमुख उपलब्धियां—

ग्रामीण एवं शहरी सेवा शिविरों ने जिले में सेवा वितरण प्रणाली को मजबूत किया। ग्रामीण सेवा शिविरों में राजस्व विभाग द्वारा नामांतरण, सीमाज्ञान, रास्ता एवं बंटवारा संबंधी 21 हजार 800 से अधिक प्रकरणों का निस्तारण किया गया। बीपीएल सर्वेक्षण अभियान के अंतर्गत 9 हजार 500 से अधिक परिवारों का सत्यापन हुआ तथा 13 हजार 300 से अधिक परिवारों से आवेदन प्राप्त हुए। मनरेगा एवं पंचायती राज योजनाओं के अन्तर्गत 5 हजार 400 से अधिक विकास कार्य स्वीकृत किए गए। चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग ने 1 लाख 93 हजार 444 लाभार्थियों की विभिन्न स्वास्थ्य योजनाओं के तहत जाँच एवं उपचार कर उन्हें लाभान्वित किया। शहरी सेवा शिविरों में नगर क्षेत्रों में नागरिक सेवाओं की डोर-स्टेप डिलीवरी सुनिश्चित की गई, जिसके माध्यम से स्वास्थ्य विभाग ने 11 हजार 396 लोगों का उपचार किया, 6 हजार 718 की एनसीडी स्क्रीनिंग तथा 3 हजार 678 लोगों की टीबी स्क्रीनिंग की गई। प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना में 38 कार्ड जारी किए गए और 100 पात्रों की केवाईसी की गई। खाद्य विभाग द्वारा 1 हजार 230 एनएफएसए परिवारों की ई-केवाईसी एवं 1 हजार 248 परिवारों की आधार सीडिंग की गई। राजस्व विभाग ने 90ए के 4 मामलों, 105 पट्टा आवेदनों, 34 नामांतरण, 13 भवन मानचित्र अनुमोदन तथा 9 भूखण्ड उपविभाजन प्रकरणों का निस्तारण किया। नगर निकायों द्वारा जन्म, मृत्यु एवं विवाह पंजीकरण के 1 हजार 826 मामलों, बेसहारा पशु पकड़ने की 448 तथा स्ट्रीट लाइट मरम्मत की 694 शिकायतों का मौके पर निस्तारण किया गया।

पंडित दीनदयाल उपाध्याय अन्त्योदय संबल पखवाड़ा (24 जून-09 जुलाई 2025)

24 जून से 9 जुलाई 2025 तक आयोजित पंडित दीनदयाल उपाध्याय अन्त्योदय संबल पखवाड़ा जिले में सेवा वितरण का सशक्त माध्यम बना। इस दौरान 24 हजार से अधिक व्यक्तियों की एनसीडी जांच, 20 हजार से अधिक लोगों की टीबी स्क्रीनिंग, पशु स्वास्थ्य सेवाओं के अंतर्गत 81 हजार से अधिक पशुओं का उपचार एवं टीकाकरण और 17 हजार से अधिक पशुपालकों को लाभ प्रदान किया गया। हरियालो राजस्थान अभियान के अंतर्गत 2.04 लाख गड्ढों का निर्माण एवं 2.49 लाख से अधिक पौधरोपण किया गया। सामाजिक सुरक्षा एवं कल्याण योजनाओं के अंतर्गत 2 हजार 800 से अधिक पेंशनधारियों का सत्यापन तथा मातृ वंदना योजना के 2 हजार पंजीकरण किए गए। पखवाड़े के दौरान सतत् मॉनिटरिंग एवं ग्राउंड लेवल समीक्षा से समयबद्ध एवं प्रभावी लाभ वितरण सुनिश्चित किया गया और जिलेवासियों को उनके द्वार पर ही त्वरित राहत प्रदान की गई।

इस अवसर पर जिला प्रभारी मंत्री ने सडक सुरक्षा से संबंधित पोस्टर नो हेलमेट नो एंट्री, नो सीट बेल्ट नो एंट्री पोस्टर का विमोचन किया गया। 

नई राजस्थान पर्यटन नीति एक दूरदर्शी दस्तावेज : भजनलाल शर्मा
जयपुर, 10 दिसम्बर। राजस्थान सरकार ने बुधवार को प्रवासी राजस्थानी दिवस के अवसर पर राज्य की महत्वाकांक्षी राजस्थान पर्यटन नीति–2025 औपचारिक रूप से जारी की। मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा ने...

जयपुर, 10 दिसम्बर। राजस्थान सरकार ने बुधवार को प्रवासी राजस्थानी दिवस के अवसर पर राज्य की महत्वाकांक्षी राजस्थान पर्यटन नीति–2025 औपचारिक रूप से जारी की। मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा ने सीतापुरा स्थित जेईसीसी परिसर में आयोजित पर्यटन सत्र के दौरान इस नीति का विमोचन किया। इस अवसर पर उपमुख्यमंत्री दिया कुमारी, पर्यटन विभाग के वरिष्ठ अधिकारी, प्रवासी राजस्थानी समुदाय तथा पर्यटन क्षेत्र से जुड़े प्रमुख हितधारक उपस्थित थे।

मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा ने कहा कि यह नीति राजस्थान के पर्यटन विकास को नई दिशा देने वाला एक दूरदर्शी दस्तावेज़ है, जो राज्य को राष्ट्रीय ही नहीं बल्कि वैश्विक पर्यटन मानचित्र पर अग्रणी स्थान दिलाने में सहायक सिद्ध होगी। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि नई पर्यटन नीति निवेश, नवाचार, रोजगार और सामुदायिक सहभागिता को नई गति देगी। यह नीति विकसित राजस्थान 2047 के लक्ष्यों को प्राप्त करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। मुख्यमंत्री ने सभी विभागों एवं हितधारकों से इस नीति को सफल बनाने के लिए सक्रिय सहयोग का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि पर्यटन नीति की अनुपालना हेतु एक समर्पित नीति कार्यान्वयन इकाई स्थापित की जाएगी ताकि पर्यटन नीति में उल्लेखित सभी बिंदुओं पर त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित की जा सके। राज्य सरकार ने पर्यटन परियोजनाओं को तेजी से गति देने के लिए पीपीपी मॉडल और इज ऑफ डूइंग बिजनेस को केंद्र में रखा है। सभी अनुमतियों के लिए सिंगल वेब पोर्टल, पर्यटन व्यवसायों की ग्रेडिंग और गतिविधि निगरानी के लिए एकीकृत डिजिटल प्लेटफॉर्म विकसित किया जाएगा। पर्यटन व्यवसायियों को प्रोत्साहित करने के लिए प्रतिवर्ष राजस्थान पर्यटन पुरस्कार दिए जाएंगे। विद्यार्थियों को पर्यटन कोर्स व कौशल कार्यक्रमों के लिए स्कॉलरशिप तथा पर्यटन उद्यमों को ट्रेनिंग–स्किल इंसेंटिव उपलब्ध कराया जाएगा।

इस अवसर पर उपमुख्यमंत्री दिया कुमारी ने कहा कि राजस्थान पर्यटन नीति–2025 के जरिए राज्य सरकार का लक्ष्य आगामी वर्षों में राजस्थान को विश्वस्तर पर प्रतिस्पर्धी, सुरक्षित और पर्यटक–अनुकूल राज्य के रूप में स्थापित करना है। उन्होंने कहा कि राजस्थान की संस्कृति, विरासत, कला और प्राकृतिक विविधता को नए युग की पर्यटन आवश्यकताओं से जोड़कर विश्वस्तरीय अनुभव देना हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है। यह नीति पर्यटन विकास को नयी गति और दिशा देगी।

उपमुख्यमंत्री ने कहा कि नई नीति राजस्थान को भारत का सबसे मजबूत, आधुनिक और आकर्षक पर्यटन राज्य बनाने का संकल्प है। सरकार चाहती है कि हर पर्यटक राजस्थान की संस्कृति, मेहमाननवाज़ी और विविधता भरे अनुभवों से समृद्ध होकर लौटे। यह नीति राज्य में पर्यटन के विस्तार, रोजगार सृजन, डिजिटल सुविधा, धार्मिक–सांस्कृतिक सर्किट, एस्ट्रो–टूरिज्म, एडवेंचर और वेलनेस टूरिज्म जैसे नए क्षेत्रों को गति देने वाला व्यापक रोडमैप साबित होगी। नई नीति के तहत राज्य सरकार ने पर्यटन ढांचे को पूर्णतया आधुनिक, सुरक्षित, निवेश–अनुकूल और तकनीकी रूप से सक्षम बनाने के लक्ष्य निर्धारित किए हैं। यह नीति सिर्फ एक नीतिगत डॉक्यूमेंट ही नहीं बल्कि यह हमारे राज्य को एक वैश्विक पर्यटन महाशक्ति में बदलने का हमारा रोडमैप है। उन्होंने कहा कि हमारा दृष्टिकोण स्पष्ट है की पर्यटन के आधारभूत ढांचे को सुदृढ़ करने के लिए पर्यटन के सभी आयामों जैसे पर्यटक सुविधाओं, मार्केटिंग एवं प्रमोशन, मेले एवं त्योहार, पर्यटन निवेश, पर्यटन में आईटी, डिजिटल एवं एआई, कौशल विकास, युवाओं को पर्यटन क्षेत्र में रोजगार आदि पर लक्ष्य निर्धारित कर कार्य किया जाएगा। 

विशेष पर्यटन क्षेत्र और धार्मिक सर्किट-

चुनिंदा जिलों में स्पेशल टूरिज्म जोन (एसटीजेड) प्लग–एंड–प्ले मॉडल पर स्थापित किए जाएंगे, जहाँ आधारभूत संरचना सरकार और आतिथ्य सेवाएँ निजी क्षेत्र विकसित करेगा।

कृष्ण गमन पथ और बृज–द्वारका तीर्थ मार्ग के तहत राजस्थान के प्रमुख मंदिरों में यात्री सुविधाएँ बढ़ाई जाएँगी। वन विभाग और देवस्थान विभाग के सहयोग से धार्मिक और वन्यजीव–आधारित टूरिज्म हब भी विकसित किए जाएंगे।

डिजिटल और अनुभव आधारित पर्यटन-

सरकार ऐतिहासिक स्मारकों का थ्रीडी लेजर स्कैन, वीआऱ अनुभव, डिजिटल संग्रहालय और लाइट–एंड–साउंड शो विकसित करेगी। नई पर्यटन फ़िल्में, सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर सहयोग और डिजिटल प्रचार पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। पर्यटकों को बेहतर डिजिटल सुविधा देने के लिए नया राजस्थान पर्यटन वेब पोर्टल, मोबाइल ऐप, चैटबॉट, डिजिटल मैप व गाइडबुक लॉन्च किए जाएंगे।

जिला स्तर पर प्रबंधन-

प्रत्येक जिले में कलेक्टर की अध्यक्षता में जिला पर्यटन विकास समिति (डीटीडीसी) द्वारा पर्यटन स्थलों के संचालन और प्रबंधन के लिए डेस्टिनेशन मैनेजमेंट ऑर्गेनाइजेशन (डीएमओ)  के रूप में भी कार्य किया जाएगा। पीक सीजन में समस्याओं के त्वरित समाधान के लिए ये समितियाँ नियमित बैठकें आयोजित करेंगी।

पर्यटक सुविधा और कनेक्टिविटी- 

राज्य के प्रमुख पर्यटन शहरों में हॉप ऑन–हॉप ऑफ बस सेवा, एयरपोर्ट–रेलवे–बस स्टैंड पर प्रीपेड टैक्सी बूथ, ई-सेगवे, रेंटल साइकिल और गाइडेड ई–वाहन सेवाएँ शुरू की जाएँगी। पर्यटकों को सभी परिवहन साधनों में एकीकृत सुविधा देने के लिए राजस्थान ट्रैवल कार्ड भी लाया जाएगा।

थीम आधारित पर्यटन को बढ़ावा-

एस्ट्रो टूरिज्म, फूड फेस्टिवल, एडवेंचर स्पोर्ट्स, ईको–टूरिज्म, फिल्म सिटी, मल्टी–परपज़ इवेंट स्टेडियम, बर्ड–वॉचिंग सर्किट, शौर्य पर्यटन सर्किट जैसे नए क्षेत्रों को बढ़ावा देकर राज्य में पर्यटन के अवसरों का दायरा व्यापक किया जाएगा। पुष्कर, मरु महोत्सव, झील महोत्सव जैसे आयोजनों को और अधिक भव्य स्वरूप देने की तैयारी भी नीति में शामिल है।

विरासत, शिल्प और वेलनेस टूरिज्म-

विरासत संरक्षण के लिए मैन्युस्क्रिप्ट, जनजातीय संस्कृति, वस्त्र और पारंपरिक शिल्प पर आधारित क्राफ्ट म्यूज़ियम स्थापित किए जाएंगे। योग, आयुर्वेद और नेचुरोपैथी पर आधारित वेलनेस टूरिज्म हब विकसित किए जाएंगे।

पर्यटक सुरक्षा—24×7 सहायता प्रणाली-

राज्य में 24×7 टूरिज्म कॉल सेंटर, मजबूत टूरिस्ट असिस्टेंस फोर्स, पर्यटक वाहनों में पैनिक बटन, क्यूआर आधारित फीडबैक सिस्टम, सीसीटीवी और आईईसी गतिविधियों से सुरक्षा तंत्र को मजबूत किया जाएगा।

इस अवसर पर श्री झाबर सिंह खर्रा, राज्य मंत्री (नगरीय विकास एवं स्वायत्त शासन), श्री जोराराम कुमावत, मंत्री (पशुपालन, डेयरी, गोपालन एवं देवस्थान), श्रीमती मुग्धा सिन्हा, एमडी आईटीडीसी, श्री प्रवीन गुप्ता, अतिरिक्त मुख्य सचिव (पर्यटन), श्रीमती रुक्मणी रियार, पर्यटन आयुक्त तथा देश–विदेश से जुड़े अनेक पर्यटन उद्यमी, विशेषज्ञ एवं प्रवासी राजस्थानी प्रतिनिधि उपस्थित थे

राजस्थान की जल सुरक्षा को मजबूत करने के लिए व्यावहारिक और टेक्नोलॉजीआधारित समाधानों पर हुई चर्चा: मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा
प्रवासी राजस्थानी दिवस’ 2025 में सस्टेनेबल वाटर इंफ्रास्ट्रक्चर पर सत्र :राज्य मंत्री भागीरथ चौधरी, कृषि मंत्री श्किरोड़ी लाल मीणा रहे मौजूद

जयपुर, 10 दिसम्बर। ‘प्रवासी राजस्थानी दिवस’ 2025 मे जेईसीसी, जयपुर में “राजस्थान में सस्टेनेबल वाटर इंफ्रास्ट्रक्चर का विकासरू एक जिम्मेदारी और एक अवसर” विषय पर सत्र आयोजित किया गया। इस सत्र में राजस्थान की जल सुरक्षा को मजबूत करने के लिए व्यावहारिक, बड़े पैमाने पर लागू होने वाले और टेक्नोलॉजी-आधारित समाधानों पर चर्चा करने के लिए प्रमुख विशेषज्ञ और इंडस्ट्री के इनोवेटर एक साथ आए।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री भजन लाल शर्मा ने कहा कि पिछले दो सालों में, हमारी सरकार प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में पानी को प्राथमिकता देते हुए अलग-अलग प्रोजेक्ट्स पर काम कर रही है। हमने राजस्थान के लिए एक विस्तृत योजना तैयार की है ताकि सिंचाई, उद्योग, पशुधन और घरेलू पानी की जरूरतें पूरी हो सकें।

केंद्रीय कृषि और किसान कल्याण राज्य मंत्री भागीरथ चौधरी ने कहा कि ईस्टर्न राजस्थान कैनाल प्रोजेक्ट जैसी बड़ी परियोजनाएं और पानी बचाने के पारंपरिक तरीकों का इस्तेमाल राजस्थान को एक हरा-भरा और ज्यादा सस्टेनेबल राज्य बना रहा है।

कृषि एवं ग्रामीण विकास मंत्री किरोड़ी लाल मीणा ने कहा कि आर.आर.आर. सिद्धांत ‘रियूज, रिड्यूस और रीसायकल’  में राजस्थान में बहुत ज्यादा संभावना है। इस सिद्धांत को व्यवहार में लाने के लिए हमें प्रवासी राजस्थानियों के समर्थन की जरूरत है। उन्होंने कहा कि आपके सहयोग से, हम इस तरीके का इस्तेमाल करके पूरे राजस्थान में कृषि के क्षेत्र में एक बड़ा बदलाव ला सकते हैं।

जल संसाधन मंत्री श्री सुरेश सिंह रावत ने कहा कि पानी बचाना राजस्थान के लोगों की एक पुरानी परंपरा रही है। उन्होंने बजट में वाटर ग्रिड की घोषणा के लिए मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा को धन्यवाद भी दिया।

जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग मंत्री कन्हैया लाल ने कहा कि प्रवासन बढ़ने का कारण राजस्थान में पानी की कमी थी। हालांकि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में राजस्थान बदल रहा है और पूरे राज्य में पानी की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए बड़ी प्रगति की जा रही है।

इस सत्र मे अतिरिक्त मुख्य सचिव जल संसाधन अभय कुमार, संयुक्त सचिव, पीएचईडी और मिशन निदेशक जल जीवन मिशन डॉ. रवींद्र गोस्वामी, पूर्व अध्यक्ष, सीआईआई राजस्थान और सीईओ हिंदुस्तान जिंक लिमिटेड अरुण मिश्रा, इंद्रनील दत्त सहित कई विषय विशेषज्ञ एवं गणमान्य जन शामिल हुए।

विशेषज्ञों ने राजस्थान के लिए एक प्रगतिशील और सहयोगी विजन बनाने की जरूरत पर जोर दिया, जो जिम्मेदारी को अवसर में बदले और आने वाली पीढ़ियों के लिए राज्य के जल इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करे। चर्चाओं में टिकाऊ जल इंफ्रास्ट्रक्चर के विकास, सुधार और प्रभावी जल संसाधन प्रबंधन पर ध्यान केंद्रित किया गया।

सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता निदेशक ने की राजस्थान संपर्क पोर्टल पर प्राप्त होने वाले प्रकरणों की समीक्षा
शिकायतों के त्वरित निस्तारण के दिए निर्देश

जयपुर, 11 दिसंबर। सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता निदेशक आशीष मोदी ने गुरुवार को राजस्थान सम्पर्क पोर्टल पर विभाग से संबंधित प्राप्त होने वाले प्रकरणों की समीक्षा बैठक की और पोर्टल पर आने वाली शिकायतों के त्वरित निस्तारण के निर्देश दिए।

मोदी ने मुख्यालय अंबेडकर भवन के कांफ्रेंस हॉल में आयोजित बैठक में कहा कि विभाग संपर्क पोर्टल के माध्यम से संवेदनशीलता, पारदर्शिता और जवाबदेहिता के साथ परिवेदना के समयबद्ध निस्तारण के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि अधिकारीगण पोर्टल पर आने वाली किसी भी शिकायत या परिवेदना के निस्तारण में पूर्ण संवेदनशीलता दिखाए और प्राथमिकता के साथ उसे निस्तारित करवाए। 

निर्देशक ने पोर्टल पर दर्ज सभी शिकायतों की श्रेणी और उनमें लगने वाले समय की जानकारी ली। इस दौरान वृद्धजन पेंशन, नशामुक्ति, पालनहार, कन्यादान, अंतरजातीय विवाह, एट्रोसिटी, पोस्ट मैट्रिक छात्रवृत्ति सहित विभिन्न योजनाओं में 90 दिनों से अधिक लंबित प्रकरणों की जानकारी ली। उन्होंने कहा कि अधिकारी संवेदनशीलता के साथ संपर्क पोर्टल पर प्राप्त शिकायतों में संतुष्टि के स्तर को बढ़ाने के प्रयास करें। उन्होंने कहा कि अधिकारीगण प्रकरणों में अस्पष्ट जवाब ना दे, दस्तावेज, नियमों या किसी अन्य कारण से होने की कमी पर स्पष्ट लिखें। उन्होंने कहा कि 45 दिनों के बाद शिकायतों के निस्तारण नहीं होने पर व्यक्तिगत तौर पर आवेदक से संपर्क करें, ताकि समस्या का समाधान त्वरित हो सके।

मोदी ने अधिकारियों से कहा कि वे संपर्क पोर्टल पर मिल रही समस्याओं की निरंतर मॉनिटरिंग करें, जिससे परिवादी की समस्या का समयबद्ध निस्तारण हो सके तथा उसे राहत मिले। उन्होंने कहा कि राजस्थान जनसंपर्क पोर्टल पर आने वाली शिकायतों को सक्षम स्तर पर मॉनिटरिंग की जा रही है। इनके निस्तारण में किसी भी तरह की देरी या लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

 बैठक में अतिरिक्त निदेशक जेपी बैरवा, अतिरिक्त निदेशक श्रीमती रीना शर्मा, अतिरिक्त निदेशक रामेश्वर परसोया, अतिरिक्त निदेशक अरविंद सैनी सहित विभागीय अधिकारीगण उपस्थित रहे।

नव उत्थान नई पहचान, बढ़ता राजस्थान हमारा राजस्थान ‘सहकार से समृद्धि’ की संकल्पना को साकार करने में राजस्थान अग्रणी
'राज्य सरकार की दूसरी वर्षगांठ पर विशेष

मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में राज्य सरकार ‘सहकार से समृद्धि’ की संकल्पना को मूर्त रूप देने हेतु निरंतर प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है। राज्य में सहकारिता आंदोलन को जमीनी स्तर तक विस्तार देने तथा आमजन को अधिकाधिक संख्या में जोड़ने के उद्देश्य से अक्टूबर माह में आयोजित ‘सहकार सदस्यता अभियान’ सफल सिद्ध हुआ है। अभियान की प्रारंभिक अवधि 2 से 15 अक्टूबर निर्धारित की गई थी, जिसे प्राप्त उत्साहजनक परिणामों के फलस्वरूप 22 अक्टूबर तक बढ़ाया गया। 

अभियान के दौरान लगभग 8,500 पैक्स स्तर पर शिविर आयोजित किए गए तथा युवाओं एवं महिलाओं को विशेष रूप से सहकारी संस्थाओं से जोड़ने पर बल दिया गया। परिणामस्वरूप 7.34 लाख के निर्धारित लक्ष्य के विरुद्ध 8.90 लाख से अधिक लोगों ने सदस्यता के लिए  आवेदन किया।

अभियान अवधि में 7 में से 6 संभागों ने लक्ष्य से बेहतर प्रदर्शन किया। संभागों का प्रदर्शन इस प्रकार रहा-

• जयपुर संभाग: लक्ष्य 1.25 लाख, उपलब्धि 2.03 लाख

• उदयपुर संभाग: लक्ष्य 1.01 लाख, उपलब्धि 1.30 लाख

• अजमेर संभाग: लक्ष्य 1.15 लाख, उपलब्धि 1.22 लाख

• बीकानेर संभाग: लक्ष्य 99 हजार, उपलब्धि 1.19 लाख

• कोटा संभाग: लक्ष्य 53 हजार, उपलब्धि 68 हजार

• भरतपुर संभाग: लक्ष्य 74 हजार, उपलब्धि 95 हजार

• जोधपुर संभाग: कुल उपलब्धि 1.53 लाख

अभियान के दौरान पैक्सविहीन ग्राम पंचायतों में नवीन पैक्स गठन की दिशा में भी महत्वपूर्ण प्रगति हुई। इस दौरान 1,706 ग्राम पंचायतों में सर्वे कार्य पूर्ण हुआ, 1,296 पैक्स हेतु जिला स्तरीय समिति की बैठक आयोजित हुई और 1,275 नए पैक्स गठन के प्रस्ताव प्राप्त हुए। इसी प्रकार,सहकारी समितियों की आधारभूत संरचना सुदृढ़ करने हेतु 1,342 समितियों में गोदाम निर्माण के लिए भूमि का चिन्हीकरण किया गया तथा 1,215 समितियों द्वारा भूमि आवंटन के लिए आवेदन किया गया।

आगामी वर्षों में राज्य की भंडारण क्षमता में उल्लेखनीय वृद्धि होगी।

अभियान अवधि में पीएम किसान सम्मान निधि योजना से संबंधित लम्बित प्रकरणों का भी निस्तारण किया गया। इस दौरान 38,850 कृषकों की आधार सीडिंग और 27,640 कृषकों की ई-केवाईसी पूर्ण की गई। इससे पात्र किसानों को योजना का लाभ सुव्यवस्थित रूप से प्राप्त हो सकेगा।

अभियान के दौरान नवीन सहकारी कानून का व्यापक प्रचार-प्रसार भी  किया गया। प्रस्तावित नवीन को-ऑपरेटिव कोड के प्रमुख प्रावधानों की जानकारी 11 लाख से अधिक लोगों को प्रदान की गई। नवीन को-ऑपरेटिव कोड से सहकारी क्षेत्र में पारदर्शिता, सुशासन एवं दक्षता को बढ़ावा मिलेगा।

अभियान से सहकारिता नेटवर्क को मजबूती मिली है। युवाओं एवं महिलाओं की बड़ी संख्या में भागीदारी तथा नए पैक्स गठन से राज्य में सहकारिता का ढांचा और अधिक मजबूत हुआ है। इससे जनकल्याणकारी योजनाओं की पहुंच जमीनी स्तर तक सुनिश्चित होगी तथा ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सुदृढ़ बनाने में सहयोग मिलेगा। राज्य सरकार द्वारा इन सभी कार्यों का सतत फॉलो-अप किया जा रहा है तथा सहकारिता क्षेत्र के व्यापक विकास हेतु आगे भी प्रभावी कदम उठाए जाएंगे।

केन्द्रीय विद्युत मंत्री, सौर और समग्र अक्षय ऊर्जा में राजस्थान बना सिरमौर, प्रदेश के अन्नदाता बन रहे ऊर्जादाता : मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा
प्रवासी राजस्थानी दिवस में बैटरी एनर्जी स्टोरेज पर विशेष सत्र

जयपुर, 10 दिसम्बर। केन्द्रीय विद्युत मंत्री मनोहरलाल ने आशा व्यक्त की है कि पश्चिमी राजस्थान में ग्रेट इंडियन बस्टर्ड के संरक्षण के मामले में ट्रांसमिशन लाइनों के विस्तार का जल्द ही विधिक समाधान निकलेगा। उन्होंने कहा कि ग्रीन एनर्जी कॉरिडोर-तृतीय को केन्द्रीय नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय से अनुमति प्राप्त हो गई है। केन्द्रीय ट्रांसमिशन नेटवर्क के अन्तर्गत 115 गीगावाट का तंत्र राजस्थान में बनाया जा रहा है। प्रसारण तंत्र का यह विस्तार इस बात का संकेत है कि देश के एनर्जी सेक्टर का सुपर हाईवे राजस्थान से होकर ही गुजरेगा। 

मनोहरलाल बुधवार को जेईसीसी में प्रवासी राजस्थानी दिवस के अवसर पर बैटरी एनर्जी स्टोरेज को लेकर आयोजित विशेष सत्र को संबोधित कर रहे थे। इस दौरान उन्होंने राजस्थान में सौर ऊर्जा क्षेत्र के विकास को लेकर राज्य सरकार द्वारा किए जा रहे प्रयासों की सराहना की। 

मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा कि राजस्थान न केवल देश के, बल्कि वैश्विक अक्षय ऊर्जा मानचित्र पर अग्रणी भूमिका निभा रहा है। आज हमारा प्रदेश सौर ऊर्जा और समग्र अक्षय ऊर्जा क्षमता, दोनों में देश में प्रथम स्थान पर है। उन्होंने कहा कि इस परिवर्तन में प्रवासी राजस्थानियों का ज्ञान, पूंजी और ग्लोबल नेटवर्क अत्यंत मूल्यवान पूंजी है।

उन्होंने कहा कि राज्य सरकार राजस्थान को ऊर्जा क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाने के लिए प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है। प्रदेश को ऊर्जा लेने वाले के स्थान पर देने वाले राज्य के रूप में स्थापित करने के लिए कई महत्वपूर्ण निर्णय किए गए हैं। हमारी सरकार ने अक्षय ऊर्जा परियोजनाओं और पार्कों के लिए 23,386 हेक्टेयर भूमि आवंटित की है, जिसके माध्यम से लगभग 10,202 मेगावाट क्षमता विकसित होने जा रही है।

श्री शर्मा ने कहा कि अक्षय ऊर्जा निगम एवं विद्युत उत्पादन निगम को 26,784 मेगावाट क्षमता वाले सोलर पार्कों के लिए 51,808 हेक्टेयर भूमि का अतिरिक्त आवंटन किया गया है, जो आने वाले वर्षों में गीगावाट स्तर की परियोजनाओं का मजबूत आधार बनेगा। वहीं, 964 मेगावाट सोलर कैप्टिव प्लांटों एवं 1,514 मेगावाट क्षमता वाले सोलर प्लांटों को स्वीकृति दी जा चुकी है, जो उद्योगों और बड़े उपभोक्ताओं को स्वच्छ, सस्ती और दीर्घकालिक ऊर्जा सुरक्षा देंगे।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी ने देश के किसानों को सशक्त बनाने और उन्हें अन्नदाता के साथ ऊर्जादाता बनाने के लिए पीएम कुसुम जैसी अनुपम योजना चलाई है। इसमें राजस्थान पूरे देश के लिए मार्गदर्शक राज्य बनकर उभरा है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने पीएम-कुसुम (कम्पोनेंट ए और सी) के अंतर्गत 10,533 मेगावाट क्षमता की 5,002 सौर परियोजनाओं के लिए कार्यादेश किए हैं और 2,272 मेगावाट की 1,019 परियोजनाएं स्थापित की जा चुकी हैं। कम्पोनेंट-ए में तो हमारा राजस्थान पूरे देश में प्रथम स्थान पर पहुंच गया है।

प्रदेश के खाद्य मंत्री श्री सुमित गोदारा ने कहा कि सौर ऊर्जा परियोजनाओं ने पश्चिमी राजस्थाान में लोगों का भाग्य बदल दिया है। ऊर्जा राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्री हीरालाल नागर ने कहा कि प्रदेश में पीक ऑवर्स की डिमांड को पूरा करने के लिए बैटरी ऊर्जा भंडारण प्रणाली को गति दी गई है। राज्य में 6 हजार मेगावाट की भंडारण प्रणाली विकसित की जा रही है।

इस अवसर पर राजस्व मंत्री श्री हेमंत मीणा, मुख्य सचिव श्री वी. श्रीनिवास, ऊर्जा विभाग के प्रमुख शासन सचिव श्री अजिताभ शर्मा सहित एनर्जी सेक्टर से जुड़ी विभिन्न संस्थाओं, उद्यमों के प्रतिनिधि एवं प्रदेश के विद्युत निगमों के अधिकारी मौजूद रहे।

राजस्थान की उपमुख्यमंत्री की प्रधानमंत्री से मुलाकात
नई दिल्ली में संसद सत्र के दौरान संसद भवन स्थित कार्यालय में प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी से शिष्टाचार भेंट

जयपुर,9 दिसंबर। उप-मुख्यमंत्री दीया कुमारी ने मंगलवार  को नई दिल्ली में संसद सत्र के दौरान संसद भवन स्थित कार्यालय में प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी से शिष्टाचार भेंट की।
इस दौरान उप मुख्यमंत्री की प्रधानमंत्री श्री मोदी से प्रदेश में  विकास और जनहित के मुद्दों पर विस्तार से चर्चा हुई।

उपमुख्यमंत्री ने बताया कि प्रधानमंत्री का प्रेरणादायी मार्गदर्शन, सकारात्मक दृष्टि और राष्ट्र के प्रति उनकी प्रतिबद्धता हमेशा नई ऊर्जा प्रदान करती है। उनकी सादगी, जनसेवा का जुनून और नेतृत्व क्षमता मानव कल्याण के मार्ग पर निरंतर आगे बढ़ने की प्रेरणा देती है।

अवैध खनन में संलिप्त किसी भी व्यक्ति को नहीं बख्शा जाएगा : मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा
खान एवं पेट्रोलियम विभाग की समीक्षा बैठक- राजस्थान को खनन में अग्रणी बनाना हमारी प्राथमिकता

जयपुर, 09 दिसम्बर। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा कि प्रदेश में प्रचुर मात्रा में खनिज संसाधन उपलब्ध होने से यह क्षेत्र राज्य के विकास में महती भूमिका निभाता है। साथ ही, यह क्षेत्र स्थानीय रोजगार एवं क्षेत्रीय विकास की भी अहम कड़ी है। हमारी सरकार प्रदेश को खनन क्षेत्र में अग्रणी बनाने के लिए निरंतर कार्य कर रही है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि खनिज संसाधनों का समुचित दोहन करते हुए समयबद्ध राजस्व लक्ष्यों की प्राप्ति की जाए। साथ ही, प्रदेश में हो रहे अवैध खनन पर सख्त कार्रवाई की जाए। उन्होंने कहा कि अवैध खनन में संलिप्त किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाए।

शर्मा मंगलवार को मुख्यमंत्री कार्यालय में खान एवं पेट्रोलियम विभाग की समीक्षा बैठक को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि राज्य में असीम खनिज संपदा की संभावनाओं को ध्यान में रखते हुए नए खनिज ब्लॉक्स की पहचान की जाए। साथ ही, अत्याधुनिक नवाचार एवं एआई का उपयोग करते हुए नए खनिज ब्लॉक्स की संख्या बढ़ाई जाए। उन्होंने कहा कि खनिज संपन्न राज्यों में खान क्षेत्र में किए जा रहे नवाचारों एवं राजस्व वृद्धि के लिए किए जा रहे कार्यों का अध्ययन किया जाए जिससे राजस्व में वृद्धि की जा सके।

नीलामी प्रक्रिया में लाएं पूर्ण पारदर्शिता-

मुख्यमंत्री ने कहा कि खनन क्षेत्र में बड़ी संख्या में कुशल एवं अकुशल श्रमिकों को रोजगार प्राप्त हो रहा है। राज्य सरकार की प्राथमिकता है कि रोजगार को बढ़ावा देते हुए प्रदेश में वैध खनन को बढ़ावा दिया जाए, अवैध खनन पर अंकुश लगे। उन्होंने कहा कि खनन क्षेत्र में नीलामी प्रक्रिया में पूर्ण पारदर्शिता बरती जाए तथा पुलिस, परिवहन एवं खान विभाग आपसी समन्वय कर अवैध खनन की रोकथाम के लिए कार्ययोजना बनाएं। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि अवैध खनन निर्धारण के लिए क्षेत्र में ड्रोन सर्वे को बढ़ाया जाए। साथ ही, खनन पट्टा क्षेत्रों एवं अवैध खनन स्थलों की जियो फैन्सिग को और प्रभावी बनाया जाए।

एम-सेण्ड को दिया जा रहा प्रोत्साहन-

शर्मा ने कहा कि प्रदेश में बजरी के विकल्प के रूप में एम-सेण्ड के उपयोग को बढ़ावा दिया जा रहा है। इसके लिए एम-सेण्ड नीति 2024 जारी की गई है। इस नीति के माध्यम से एम सैंड यूनिट लगाने वाले उद्यमियों को प्रोत्साहन दिया गया है जिससे एम-सेण्ड के लिए प्रदेश में अनेक प्लांट्स संचालित हैं। उन्होंने अधिकारियों को इन सभी प्लांट्स की प्रगति की नियमित मॉनिटरिंग करने के निर्देश दिए। उन्होंने अधिकारियों को प्रदेश में खनिज संसाधनों की संभावनाओं को जानने के लिए भी प्रभावी कार्ययोजना बनाए जाने के भी निर्देश दिए। 

बैठक में बताया गया कि खान विभाग द्वारा एम-सेण्ड पॉलिसी, मिनरल डवलपमेंट, एनवायरनमेंट प्रोटेक्शन और अवैध माइनिंग मॉनिटरिंग कमेटी का गठन, ई-रवन्ना, ई-टीपी के गलत इस्तेमाल के लिए टीम का गठन तथा अवैध खनन संवेदनशील क्षेत्रों में बॉर्डर होम गार्ड की तैनाती जैसे कार्य किए गए हैं। साथ ही, प्रदेश में खनन से रॉयल्टी वृद्धि हेतु खनिज परिवहन के लिए जीपीएस एवं आरएफआईडी युक्त वाहनों की बाध्यता की जा रही है। समस्त विभागीय एमपैनल्ड वे-ब्रिज पर स्टेण्डर्ड सॉफ्टवेयर का उपयोग, तुलायंत्रो पर सैंसर्स, ए.आई. कैमरा सहित विभिन्न नवाचार किए गए हैं।

इससे पहले प्रमुख शासन सचिव खान टी. रविकांत ने प्रस्तुतीकरण के माध्यम से खान एवं पेट्रोलियम विभाग के नवाचारों, कार्यक्रमों तथा योजनाओं के बारे में विस्तृत जानकारी दी। इस अवसर पर पुलिस महानिदेशक श्री राजीव कुमार शर्मा सहित संबंधित विभागों के वरिष्ठ अधिकारीगण उपस्थित रहे।