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मुख्यमंत्री ने राजस्थान संपर्क हैल्पलाइन 181 का किया औचक निरीक्षण
मुख्यमंत्री ने स्वयं फोन पर सुनी लोगों की समस्याएं, तत्काल समाधान से फरियादियों के चेहरे पर खिली मुस्कान

जयपुर, 8 दिसम्बर। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा आमजन की समस्याओं के समाधान के लिए कितने संवेदनशील हैं, इसकी एक बानगी सोमवार को देखने को मिली। सचिवालय का दौरा कर रहे मुख्यमंत्री जब पुस्तकालय भवन में राजस्थान संपर्क हैल्पलाइन 181 पहुंचे तब दो कॉलर्स नवलगढ़ (झुन्झुनू) के सुधीर और कोटपूतली-बहरोड़ के नेमीचंद से बात कर रहे थे। मुख्यमंत्री ने स्वयं दोनों फरियादियों से बात की और थोड़ी ही देर में उनकी समस्याओं का समाधान कर दिया गया। समस्याओं के तत्काल समाधान के बाद फरियादियों के चेहरे की खुशी देखते ही बन रही थी।  

शर्मा जब राजस्थान संपर्क 181 पर समस्याएं सुन रहे थे तो एक कॉल पर नवलगढ़ (झुन्झुनू) के सुधीर ने बताया कि उनके घर के पास साव की ढाणी पर प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के अंतर्गत सड़क निर्माण का कार्य हो रहा है। सड़क निर्माण में एक पोल बीच में आ रहा है जिससे आवाजाही में लोगों को समस्या हो रही है। उन्होंने मुख्यमंत्री से उस पोल को हटाने के लिए निवेदन किया। मुख्यमंत्री ने उनकी समस्या के समाधान के लिए अधिकारियों को निर्देश दिए। इन निर्देशों की पालना करते हुए संबंधित कलक्टर ने पोल हटवाकर परिवादी को राहत दी। 

मुख्यमंत्री को एक अन्य शिकायतकर्ता नेमीचंद निवासी गोकलपुर गांव, वार्ड नंबर 29 (कोटपूतली-बहरोड़) ने फोन पर बताया कि गोकलपुर गांव में वार्ड नंबर 29 में नाले की सफाई नहीं होने के कारण गंदा पानी निकलकर सड़क पर भरा हुआ है। जिससे आवागमन में लोगों को समस्या आ रही है तथा बीमारी का खतरा भी बना हुआ है। उन्होंने इस नाले की जल्द से जल्द सफाई कराने का आग्रह किया। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को इस परिवेदना का तुरंत निस्तारण करने के निर्देश दिए। संबंधित कलक्टर द्वारा शीघ्र ही परिवेदना को निस्तारित करते हुए नाले की सफाई करवाई गई। 

राजस्थान संपर्क हैल्पलाइन 181 में मुख्यमंत्री को अधिकारियों ने राजस्थान संपर्क हैल्पलाइन की कार्यप्रणाली, परिवादी की शिकायत पंजीकरण की प्रणाली, फॉलो-अप की पूरी जानकारी दी। उन्होंने कहा कि जनसेवा को सर्वोपरि मानते हुए हमारी सरकार कार्य कर रही है। 181 हैल्पलाइन के माध्यम से आमजन घर बैठे अपनी समस्या दर्ज करवाकर उसका शीघ्र समाधान प्राप्त कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि हमारी सरकार लोगों को पूरी संवेदनशीलता, पारदर्शिता और जवाबदेहिता के साथ उनकी हर परिवेदना के समयबद्ध निस्तारण के लिए प्रतिबद्ध है।

श्री शर्मा ने कहा कि संपर्क पोर्टल पर मिल रही समस्याओं की अधिक से अधिक मॉनिटरिंग हो जिससे परिवादी की समस्या का समयबद्ध निस्तारण हो सके तथा उसे राहत मिले। इस दौरान मुख्यमंत्री ने पूरे प्रणाली को समझने एवं उसे और बेहतर बनाने के लिए स्वयं ही शिकायतकर्ताओं का कॉल अटैण्ड किया तथा उनकी समस्याओं का समाधान किया। 

पूर्व सैनिकों के सम्मान में ‘ऑनर रन’ मैराथन का आयोजन
वीर सैनिकों की राष्ट्र के प्रति अटूट निष्ठा हमारे लिए प्रेरणादायी जवानों को उचित सम्मान देना हर नागरिक का कर्तव्य - मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा

जयपुर, 07 दिसम्बर। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा कि हमारे वीर जवान अपने परिवार से दूर रहकर, कठिन परिस्थितियों में निःस्वार्थ भाव से राष्ट्र की सेवा करते हैं। उनके अदम्य साहस और बलिदान के कारण ही हम सभी देशवासी चैन और सुकून से रह पा रहे हैं। उन्होंने कहा कि हमारे पूर्व सैनिक केवल सेवानिवृत व्यक्ति नहीं, बल्कि अनुभव और अनुशासन के प्रतीक हैं। उनकी राष्ट्र के प्रति अटूट निष्ठा हम सब के लिए प्रेरणादायी है। यह देश के हर नागरिक का कर्तव्य है कि वह जवानों को उचित मान-सम्मान दें।

शर्मा ने रविवार को जयपुर के अल्बर्ट हॉल पर थलसेना की दक्षिण पश्चिमी कमान की ओर से पूर्व सैनिकों की वीरता और बलिदान के सम्मान में आयोजित ‘ऑनर रन’ मैराथन को फ्लैग ऑफ किया। यह मैराथन सेना दिवस (15 जनवरी) के उपलक्ष्य में होने वाले विभिन्न कार्यक्रमों के क्रम में आयोजित की गई। मैराथन को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि यह दौड़ हमारे राष्ट्र के उन अमर सपूतों के प्रति सम्मान और आभार व्यक्त करने का अवसर है, जिन्होंने मातृभूमि की रक्षा के लिए अपना सर्वस्व न्योछावर कर दिया। इसका उद्देश्य हमारे पूर्व सैनिकों के साहस, बलिदान और अदम्य भावना का सम्मान करना है, जिन्होंने निःस्वार्थ भाव से राष्ट्र की सेवा की है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि ऑनर रन के माध्यम से हम यह सन्देश देना चाहते हैं कि राजस्थान अपने सैनिकों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़ा है। उन्होंने कहा कि ऑनर रन का आयोजन हमारी सामूहिक चेतना की अभिव्यक्ति है। उन्होंने युवाओं से आह्वान किया कि वे हमारे जांबाज सैनिकों के त्याग, बलिदान और राष्ट्रप्रेम से प्रेरणा लेकर देश के निर्माण में अपना योगदान दें।

‘ऑनर रन’ में नजर आया भारी उत्साह और जोश

अल्बर्ट हॉल पर आयोजित ऑनर रन मैराथन में 5 किलोमीटर, 10 किलोमीटर और 21 किलोमीटर की 3 श्रेणियों की दौड़ आयोजित की गई। मैराथन में सेना के जवानों, पूर्व सैनिकों एवं आमजन ने भारी उत्साह के साथ हिस्सा लिया। देशभक्ति के तरानों के बीच भारत माता की जयकार से माहौल जोश से भर उठा। 

कार्यक्रम में सेना की दक्षिण पश्चिमी कमान के जनरल ऑफिसर कमांडिंग इन चीफ लेफ्टिनेंट जनरल मनजिंदर सिंह ने मुख्यमंत्री को स्मृति चिन्ह भेंट किया। इस दौरान पूर्व नौसेना अध्यक्ष एडमिरल माधवेन्द्र सिंह एवं जयपुर जिला कलक्टर डॉ. जितेन्द्र कुमार सोनी सहित बड़ी संख्या में सेना के जवान, पूर्व सैनिक एवं आमजन उपस्थित रहे।

मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा ने ‘फिट राजस्थान फिट इंडिया’ का दिया संदेश
मॉर्निंग वॉक पर मुख्यमंत्री, जवाहर सर्किल पार्क में वॉक के साथ आमजन से की मुलाकात

जयपुर, 06 दिसंबर। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने शनिवार सुबह जयपुर के जवाहर सर्किल पार्क में मॉर्निंग वॉक किया। उन्होंने ‘फिट राजस्थान-फिट इंडिया’ के संकल्प को आगे बढ़ाते हुए सभी को स्वस्थ एवं सक्रिय जीवनशैली अपनाने का संदेश दिया। 

इस दौरान पार्क में मौजूद लोगों ने भी कदमताल मिलाते हुए मुख्यमंत्री के साथ मॉर्निंग वॉक की। श्री शर्मा ने आत्मीयता के साथ आमजन से मुलाकात की और सेहत, दिनचर्या तथा जीवनशैली से जुड़े विषयों पर बातचीत की। 

मुख्यमंत्री ने जवाहर सर्किल पार्क स्थित मंदिर में दर्शन कर प्रदेश की खुशहाली, समृद्धि एवं जनकल्याण की कामना की। इसके बाद उन्होंने जूस पीते हुए आमजन के साथ चर्चा भी की।

इस दौरान मुख्यमंत्री ने बाबा साहेब डॉ. भीमराव अम्बेडकर के महापरिनिर्वाण दिवस पर हैप्पीनेस एवं फिटनेस गु्रप की ओर से आयोजित कार्यक्रम में डॉ. अम्बेडकर के चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित कर नमन किया। उन्होंने कहा कि बाबा साहेब ने समता और न्याय का जो मार्ग दिखाया है, वह सदैव देश और समाज को प्रगति और सद्भाव की ओर अग्रसर करता रहेगा।

हमारी सरकार दिव्यांगों को सशक्त करने के लिए संकल्पित- मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा
मुख्यमंत्री ने अंतरराष्ट्रीय दिव्यांगजन दिवस पर उत्कृष्ट कार्य करने वाले दिव्यांगजनों तथा संस्थाओं को किया सम्मानित

जयपुर, 3 दिसम्बर। मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा ने कहा कि आज खेल जगत से लेकर शिक्षा, विज्ञान, संगीत, कला और तकनीक सहित हर क्षेत्र में दिव्यांगजनों ने अपनी प्रतिभा साबित की है। इन्हें आगे बढ़ने के समान अवसर उपलब्ध करवाना हम सब की नैतिक जिम्मेदारी है। उन्होंने आमजन से अपील करते हुए कहा कि हम अपने आस-पास रह रहे दिव्यांगजनों की प्रतिभा को पहचानते हुए इनका पूरा सहयोग करें जिससे इनकी विशेष योग्यता का लाभ समाज को मिल सके तथा एक समावेशी समाज का निर्माण हो। उन्होंने कहा कि हमारा संकल्प है कि राजस्थान दिव्यांगजनों के लिए सबसे सुगम्य और संवेदनशील राज्य बने।  

श्री शर्मा बुधवार को हरीश चन्द्र माथुर लोक प्रशासन संस्थान (ओटीएस) में अंतरराष्ट्रीय दिव्यांगजन दिवस पर राज्य स्तरीय विशेष योग्यजन सम्मान समारोह को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने इस दौरान सम्मानित होने वाले विशेष योग्यजनों एवं संस्थानों को बधाई देते हुए कहा कि इससे विशेष योग्यजनों को सशक्त बनाने के संकल्प को गति मिलेगी। उन्होंने कहा कि संयुक्त राष्ट्र महासभा ने वर्ष 1992 में हर वर्ष 3 दिसंबर को अंतरराष्ट्रीय दिव्यांगजन दिवस मनाने की घोषणा की थी जिससे दिव्यांगजनों के अधिकारों की रक्षा, समान अवसर तथा समाज में समावेशी सोच का प्रसार हो।

विशेष योग्यजन की सफलता की कहानियां हम सभी के लिए प्रेरणा—

मुख्यमंत्री ने कहा कि विशेष योग्यजन अपने भीतर विशेष योग्यता रखते हैं। ये अपनी अदम्य इच्छाशक्ति, दृढ़संकल्प और मेहनत से हर सीमा को पार करने का साहस रखते हैं। इनमें वह हुनर और जज्बा होता है जो किसी सामान्य व्यक्ति में मुश्किल से मिलता है। उन्होंने कहा कि पैरालम्पिक में हमारे खिलाड़ियों ने देश और प्रदेश को जो सम्मान दिलाया है, वह उनकी ऊर्जा और क्षमता का प्रमाण है। इनकी सफलता की कहानियां हम सभी को प्रेरित करती हैं।

प्रधानमंत्री के सुगम्य भारत अभियान पहल से दिव्यांगजन हुए सशक्त—

श्री शर्मा ने कहा कि यशस्वी प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी की मंशा देश में एक ऐसे समावेशी समाज की स्थापना करना है जिसमें किसी व्यक्ति की शारीरिक चुनौतियां उसकी राष्ट्र निर्माण में भागीदारी के लिए बाधा न बन सकें। उन्होंने अपनी इसी सोच के साथ सुगम्य भारत अभियान जैसी ऐतिहासिक पहल की है। उन्होंने कहा कि केन्द्र सरकार द्वारा दिव्यांगजन अधिनियम के माध्यम से विकलांगता की परिभाषा को सात श्रेणियों से बढ़ाकर 21 श्रेणियों तक किया है। इसमें एसिड अटैक सरवाइवर को भी शामिल किया गया है। यह कानून दिव्यांगजनों को आत्मनिर्भर बनाने एवं सामाजिक धारणाओं को बदलने में मददगार साबित हो रहा है। 

दिव्यांगजन हमारे समाज की अमूल्य निधि—

मुख्यमंत्री ने कहा कि दिव्यांगजन हमारे समाज की अमूल्य निधि है। इनके कल्याण के लिए प्रदेश सरकार अनेक योजनाएं संचालित कर रही हैं। उन्होंने कहा कि राज्य में विशेष योग्यजन के लिए मोटराइज्ड ट्राई साइकिल, स्मार्टफोन, व्हील चेयर, ट्राई साइकिल, पेंशन इत्यादि से जुड़ी योजनाएं संचालित की जा रही हैं। हमने विद्यार्थियों एवं स्वरोजगार करने वाले दिव्यांगजनों को गत वर्ष 2 हजार स्कूटी वितरित की हैं तथा इस वर्ष दिव्यांगजनों को ढाई हजार स्कूटी वितरित की जा रही है। साथ ही, दिव्यांगजनों के लिए प्रदेशभर में विभिन्न क्लस्टर बनाए गए हैं। 

विशेष योग्यजनों का मैस भत्ता बढ़कर हुआ 3 हजार 250 रूपये—

श्री शर्मा ने कहा कि राज्य सरकार ने पिछले साल दिव्यांगजनों को 15 हजार अंग उपकरण वितरित किए थे और इस वर्ष 1 लाख अंग वितरण करने का लक्ष्य रखा गया है। उन्होंने कहा कि मस्क्यूलर डिस्ट्रॉफी जैसी दुर्लभ बीमारी से पीड़ित लोगों के जीवन को सुगम बनाने के लिए राज्य में पहली बार इलेक्ट्रिक पावर्ड व्हील चेयर का वितरण किया जा रहा है। साथ ही, विशेष योग्यजनों के लिए संचालित आवासीय संस्थानों का इस वर्ष से मैस भत्ता 2 हजार 500 से बढ़ाकर 3 हजार 250 रुपये प्रति आवासीय कर दिया गया है। 

सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री श्री अविनाश गहलोत ने कहा कि मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में दिव्यांगजनों के पुनर्वास, शिक्षा, स्वास्थ्य, विधिक सहायता एवं सामाजिक सुरक्षा के लिए राज्य सरकार द्वारा निरन्तर प्रयास किये जा रहे है। उन्होंने कहा कि दिव्यांगजनों का चिन्हीकरण एवं प्रमाणीकरण करवाकर यूनिक डिसेबिलिटी पहचान पत्र जारी करने में राजस्थान देशभर में अग्रणी राज्यों में शामिल है। 

इस दौरान मुख्यमंत्री ने उत्कृष्ट कार्य करने वाले दिव्यांगजनों को सम्मानित किया। साथ ही, उन्होंने विशेष योग्यजनों को स्मार्टफोन, श्रवण यंत्र एवं स्मार्ट केन भी वितरित किए। इससे पूर्व उन्होंने दिव्यांगजन द्वारा बनाए गए उत्पादों की प्रदर्शनी का अवलोकन भी किया। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने विशेष योग्यजनों को स्कूटी वितरण एवं अंग उपकरण भी वितरित किए।

इस अवसर पर संसदीय कार्य मंत्री श्री जोगाराम पटेल, अतिरिक्त मुख्य सचिव सामाजिक एवं न्याय अधिकारिता श्रीमती अपर्णा अरोड़ा, विशेष योग्यजन निदेशालय आयुक्त श्री इकबाल खान सहित अधिकारीगण एवं बड़ी संख्या में विशेष योग्यजन उपस्थित रहे।

उद्योग, व्यापार, स्वास्थ्य, शिक्षा और विभिन्न क्षेत्रों की जानी-मानी हस्तियों के स्वागत के लिए तैयार राजस्थान
33 विशिष्ट मेहमान राजकीय अतिथि के तौर पर 'प्रवासी राजस्थानी दिवस' समारोह में होंगे शामिल

जयपुर, 3 दिसम्बर। मुख्यमंत्री भजन लाल शर्मा के दूरदर्शी नेतृत्व में राज्य सरकार द्वारा 10 दिसम्बर को आयोजित ‘प्रवासी राजस्थानी दिवस’ समारोह में उद्योग, व्यापार, शिक्षा, स्वास्थ्य, बैंकिंग, प्रशासन और अन्य विभिन्न क्षेत्रों की 33 जानी-मानी हस्तियां राजकीय अतिथि के तौर पर शामिल होंगी।

राजकीय अतिथियों के इस विशिष्ट सूची में वेदांता ग्रुप के चेयरमैन श्री अनिल अग्रवाल, श्री सीमेंट के चेयरमैन श्री हरि मोहन बांगुर, वेलस्पन लिविंग की सीईओ और मैनेजिंग डायरेक्टर श्रीमती दीपाली गोयनका, जेके सीमेंट के ज्वाइंट मैनेजिंग डायरेक्टर श्री माधव सिंघानिया, हिंदुस्तान जिंक की चेयरपर्सन श्रीमती प्रिया अग्रवाल, आनंद ग्रुप की चेयरपर्सन श्रीमती अंजलि सिंह, टीटागढ़ रेल सिस्टम्स के वाइस चेयरमैन, मैनेजिंग डायरेक्टर और सीईओ श्री उमेश चौधरी, DB कॉर्प लिमिटेड के प्रोमोटर और डायरेक्टर श्री गिरीश अग्रवाल, और मोतीलाल ओसवाल फाइनेंशियल सर्विसेज के मैनेजिंग डायरेक्टर और सीईओ श्री मोतीलाल ओसवाल जैसे कई बड़े नाम है।

‘प्रवासी राजस्थानी दिवस’ के तहत अलग-अलग क्षेत्रों में शानदार योगदान और उल्लेखनीय उपलब्धियाँ प्राप्त करने वाले इन 33 विशिष्ट लोगों को राजस्थान सरकार ने राजकीय अतिथि के रूप में इस समारोह में शामिल होने का आमंत्रण दिया है।  

इसके तहत, उद्योग जगत की कुछ अन्य प्रमुख हस्तियां जिन्हें राजकीय अतिथि के तौर पर इस समारोह में शामिल होने के लिए आमंत्रित किया गया है, उनमें प्रमुख हैं केईआई (KEI) लिमिटेड के चेयरमैन श्री अनिल गुप्ता, चौधरी ग्रुप के चेयरमैन श्री बिनोद चौधरी, नेशनल इंजीनियरिंग इंडस्ट्रीज लिमिटेड के प्रेसिडेंट और सीईओ श्री रोहित साबू, बोरोसिल रिन्यूएबल्स के एग्जीक्यूटिव चेयरमैन श्री प्रदीप कुमार खेरुका, सोमानी सेरामिक्स के चेयरमैन और मैनेजिंग डायरेक्टर श्री श्रीकांत सोमानी, और, बांग्लानाटक डॉट कॉम के फाउंडर डायरेक्टर श्री अमिताव भट्टाचार्य भी शामिल हैं।

इसके अलावा, अकादमिक जगत की विशिष्ट हस्तियों में प्रख्यात शिक्षाविद् और बिट्स, पिलानी के वाइस चांसलर प्रो. वी. रामगोपाल राव, आईआईएम उदयपुर के डायरेक्टर प्रो. अशोक बनर्जी, आईआईटी जोधपुर के डायरेक्टर प्रो. अविनाश कुमार अग्रवाल, दिल्ली पब्लिक स्कूल, संयुक्त अरब अमीरात के मैनेजिंग डायरेक्टर श्री दिनेश कोठारी, और नीति आयोग की विशिष्ट फेलो श्रीमती देबजानी घोष भी इस आयोजन में राजस्थान के राजकीय अतिथि के तौर पर ‘प्रवासी राजस्थानी दिवस 2025’ में शामिल होने के लिए आमंत्रित हैं।

जल की उपलब्धता राजस्थान के लिए अहम विषय है और इसी दृष्टि से इस क्षेत्र के कई विशेषज्ञ भी इस आयोजन में राजकीय अतिथि के तौर पर शामिल रहेंगे। इनमें हिंदुस्तान जिंक के सीईओ श्री अरुण मिश्रा, इकोलैब इंडिया के मैनेजिंग डायरेक्टर श्री मनीष खंडेलवाल, , वेओलिया वॉटर टेक्नोलॉजीज के सीनियर वाइस प्रेसिडेंट (साउथ एशिया) और इंजीनियरिंग एंड प्रोक्योरमेंट के एशिया-पैसिफिक रीजन लीडर श्री गोपाल मधुभूषण, नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ अर्बन अफेयर्स (NIUA) की डायरेक्टर डॉ. देबोलिना कुंडू, आयन एक्सचेंज (इंडिया) लिमिटेड के मैनेजिंग डायरेक्टर और सीईओ श्री इंद्रनील दत्त जैसी जानी-मानी हस्तियां जल संसाधन पर आयोजित विशेष सत्र में अपने विचार व्यक्त करेंगी।

इसके अलावा, इस समारोह में चिकित्सा एवं स्वास्थ्य क्षेत्र की जानी-मानी हस्तियां भी शामिल होंगी। इनमें डॉक्टर्स ऑफ राजस्थान इंटरनेशनल (DoRI) फाउंडेशन के प्रेसिडेंट और यूनिवर्सिटी ऑफ सेंट्रल फ्लोरिडा स्कूल ऑफ मेडिसिन असिस्टेंट प्रोफेसर (न्यूरोलॉजी) डॉ. जयवीर सिंह राठौर, स्टार हॉस्पिटल्स, हैदराबाद के क्लिनिकल डायरेक्टर और विभागाध्यक्ष (सर्जिकल ऑन्कोलॉजी) डॉ. विपिन गोयल, टाटा वन एमजी के चीफ फाइनेंशियल ऑफिसर श्री संजय झावर, और सीके बिड़ला हेल्थकेयर के सीईओ श्री विपुल जैन जैसे विशेषज्ञ स्वास्थ्य क्षेत्र पर होने वाले सत्र में अपने विचार व्यक्त करेंगे।

इनके अलावा, ‘प्रवासी राजस्थानी दिवस’ में बैंकिंग और टूरिज्म क्षेत्र के विशेषज्ञों और वरिष्ठ सरकारी अधिकारियों की भी राजकीय अतिथि के रूप में मौजूदगी रहेगी। इनमें एयू स्मॉल फाइनेंस बैंक के फाउंडर, एमडी और सीईओ श्री संजय अग्रवाल, वोल्वो ग्रुप इंडिया के प्रेसिडेंट और मैनेजिंग डायरेक्टर श्री कमल बाली, ईजमाइट्रिप के सह-संस्थापक और सीईओ श्री रिकांत पिट्टी, और विदेश मंत्रालय में ज्वाइंट सेक्रेटरी श्री महावीर सिंघवी शामिल हैं।

मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा द्वारा पिछले साल की गयी घोषणा के मद्देनजर ‘प्रवासी राजस्थानी दिवस’ का यह पहला आयोजन 10 दिसंबर को होने जा रहा है। इस समारोह के मंच पर इन विशिष्ट राजकीय अतिथियों की उपस्थिति एक महत्वपूर्ण अवसर है, जिसके तहत यह मंच राजस्थान और राज्य के प्रवासियों के बीच निरंतर संवाद कायम करने और राजस्थान के विकास और समृद्धि में प्रवासियों के सक्रिय सहयोग स्थापित करने का माध्यम बनेगा। साथ ही, कई सारे प्रवासी राजस्थानियों को उनकी उपलब्धियों हेतु सम्मानित भी किया जाएगा।

मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में राज्य सरकार के फ्लैगशिप प्रोग्राम में सर्वजन हिताय
सर्वजन सुखाय की भावना हो रही साकार - 25 फ्लैगशिप योजनाओं के माध्यम से राजस्थान का चहुंमुखी विकास हो रहा सुनिश्चित


जयपुर, 29 नवम्बर। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के कुशल नेतृत्व में राज्य सरकार ‘आपणो अग्रणी राजस्थान’ के संकल्प को साकार करने के लिए कृत संकल्पित होकर कार्य कर रही है। राज्य के योजनाबद्ध विकास और प्रत्येक वर्ग के उत्थान के लिए विजन डॉक्यूमेंट तैयार करने के साथ ही, सरकार ने केन्द्र सरकार द्वारा प्रवर्तित एवं राज्य निधि से संचालित 25 प्रमुख योजनाओं को राज्य सरकार के फ्लैगशिप प्रोग्राम में शामिल किया है। इस फ्लैगशिप प्रोग्राम में ग्रामीण और शहरी विकास से लेकर कृषि, स्वास्थ्य, महिला सशक्तिकरण और राष्ट्र निर्माण से जुड़ी महत्वपूर्ण योजनाएं शामिल हैं। राज्य की तरक्की का ताना-बाना इन्हीं प्रमुख योजनाओं के इर्द-गिर्द बुना जा रहा है और इससे सर्वजन हिताय – सर्वजन सुखाय की भावना साकार हो रही है। 

राज्य की आधी आबादी का हो रहा सर्वांगीण विकास —

राज्य सरकार ने प्रदेश की आधी आबादी महिलाओं के सर्वांगीण विकास के लिए अपने फ्लैगशिप प्रोग्राम में कई योजनाओं को शामिल किया है। लाड़ो प्रोत्साहन योजना सशक्तीकरण की दिशा में राज्य सरकार का एक बड़ा कदम है। योजना में गरीब परिवारों की बालिकाओं को जन्म से लेकर शिक्षा हासिल करने तक विभिन्न चरणों में डेढ़ लाख रुपये की सहायता दी जाती है। इसी प्रकार महिलाओं को विभिन्न प्रशिक्षण देकर उन्हें आत्मनिर्भर बनाने के उद्देश्य से नमो ड्रोन दीदी, सोलर दीदी, लखपति दीदी, बैंक सखी, कृषि सखी एवं पशु सखी बनाने का कार्य प्राथमिकता के साथ किया जा रहा है।

वंचित वर्ग के कल्याण को समर्पित राज्य सरकार —

पंडित दीनदयाल उपाध्याय के अंत्योदय के संकल्प को साकार करने के लिए राज्य सरकार ने फ्लैगशिप योजनाओं के माध्यम से वंचित वर्ग का कल्याण सुनिश्चित किया है। मुख्यमंत्री स्वनिधि योजना के तहत राज्य के शहरी क्षेत्रों में जरूरतमंद एवं असहाय परिवार के असंगठित श्रमिकों के साथ भवन निर्माण श्रमिक, हस्तशिल्प श्रमिक, गिग वर्कर, ट्रांसपोर्ट वर्कर, केयर वर्कर, सफाई श्रमिक, घरेलू श्रमिक आदि को विशेष अल्पावधि ऋण उपलब्ध करवाकर आर्थिक संबल दिया जा रहा है। इसके साथ ही पात्र परिवारों को खाद्य सुरक्षा से जोड़ने के अभियान के तहत खाद्य सुरक्षा पोर्टल को पुनः शुरू करते हुए अपात्र लाभार्थियों को सूची से हटाने और नए पात्र लोगों को जोड़ने का व्यापक कार्य किया गया है। प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) के अंतर्गत आर्थिक दृष्टि से कमजोर आय वर्ग के परिवारों को रियायती आवास उपलब्ध करवाए जा रहे हैं। 

स्वास्थ्य सेवाओं का हो रहा विस्तार, ऊर्जा क्षेत्र में भी ठोस कार्य —

केंद्र सरकार द्वारा शुरू किए गए प्रधानमंत्री आयुष्मान भारत स्वास्थ्य अवसंरचना मिशन का उद्देश्य देश में स्वास्थ्य सेवाओं का विस्तार और चिकित्सा ढांचे का सुदृढ़ीकरण करना है। इस अभियान को फ्लैगशिप योजना घोषित करते हुए राज्य सरकार प्रदेश में चिकित्सा एवं स्वास्थ्य सेवाओं का विस्तार कर रही है। नये स्वास्थ्य केन्द्रों का निर्माण तथा क्रिटिकल केयर अस्पताल एवं प्रयोगशालाओं की स्थापना की जा रही है। वहीं ऊर्जा के क्षेत्र में भी राज्य में उल्लेखनीय कार्य किया जा रहा है। पीएम-कुसुम योजना के कम्पोनेंट-ए एवं कम्पोनेंट-सी में प्रदेश में धरातल पर तेजी से काम हो रहा है। कम्पोनेंट ए के अन्तर्गत 2 मेगावाट क्षमता तक के सौर ऊर्जा संयंत्रों की स्थापना कर उन्हें ग्रिड से जोड़ा जा रहा है, वहीं, कम्पोनेंट बी में 7.5 एचपी क्षमता तक के स्वतंत्र सौर कृषि पंपों की स्थापना की जा रही है। कम्पोनेंट सी के तहत ग्रिड से जुड़े 7.5 एचपी क्षमता तक के मौजूदा कृषि पंपों का सौर ऊर्जा से संचालन किया जा रहा है। इसके साथ ही प्रदेश के हर उपभोक्ता को निर्बाध विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित करने के उद्देश्य से संशोधित वितरण क्षेत्र योजना (आरडीएसएस) के अंतर्गत विद्युत वितरण ढांचे को सुदृढ़ करने पर कार्य किया जा रहा है।

पर्यावरण एवं जल संरक्षण के लिए विशेष अभियान —

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान से प्रेरणा लेकर मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा की पहल पर राज्य सरकार ने प्रदेश में मिशन हरियालो राजस्थान की शुरुआत की है। इस अभियान के तहत राज्य में पांच साल में 50 करोड़ पौधे लगाए जाएंगे। इसके साथ ही वर्षाजल सहेजने की परम्परा को पुनर्जीवित करने के लिए शुरू किया गया “कर्मभूमि से मातृभूमि“ अभियान प्रदेश में भूजल स्तर की गिरावट को रोकने में महती भूमिका निभा रहा है। इस अभियान के अंतर्गत राज्य सरकार भामाशाहों और प्रवासी राजस्थानियों को साथ लेकर ग्रामीण क्षेत्रों में रिचार्ज शाफ्ट संरचनाओं का निर्माण करवा रही है। वहीं मुख्यमंत्री जल स्वावलम्बन अभियान 2.0 के तहत पंचायती राज विभाग द्वारा प्रदेश के 4 हजार 700 से अधिक गांवों में वाटर हार्वेस्टिंग स्ट्रक्चर का निर्माण किया जा रहा है। अभियान के तहत एक लाख 10 हजार कार्य करवाने का लक्ष्य है। 

गांवों में बुनियादी सुविधाओं को किया जा रहा मजबूत —

प्रदेश के ग्रामीण क्षेत्रों के विकास के लिए राज्य सरकार ने कई योजनाओं को अपने फ्लैगशिप प्रोग्राम में शामिल किया है। गांवों को गरीबी मुक्त करने के लिए पंडित दीनदयाल उपाध्याय गरीबी मुक्त गांव योजना के तहत चिन्हित गांवों के सभी बीपीएल परिवारों को गरीबी रेखा से ऊपर लाए जाने हेतु विभिन्न गतिविधियां संचालित की जा रही हैं। बुनियादी सुविधाओं का विस्तार करने के लिए राज्य के 5 हजार से अधिक आबादी वाले ग्रामीण कस्बों में अटल प्रगति पथ के तहत सीमेंट कंक्रीट की सड़कों का निर्माण किया जा रहा है। वहीं प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के माध्यम से गांवों को मुख्य सड़कों से जोड़ा जा रहा है। जनजातीय और रेगिस्तानी क्षेत्रों में 250 तक की आबादी वाले गांवों तथा अन्य क्षेत्रों में 500 तक की आबादी वाले गांवों को सड़क-पुल निर्माण द्वारा मुख्य मार्गों से जोड़ा जा रहा है। प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के तहत बेघर परिवारों तथा कच्चे एवं टूटे-फूटे मकानों में रहने वाले ग्रामीण परिवारों को पक्का मकान उपलब्ध कराने हेतु आर्थिक सहायता दी जा रही है। गांवों के हर घर को नल से जल उपलब्ध कराने के लिए जल-जीवन मिशन के तहत पेयजल कनेक्शन दिए जा रहे हैं। गांवों को खुले में शौच से मुक्त करने के लिए स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) को भी फ्लैगशिप योजना घोषित किया गया है। 

ग्रामीणों का जीवन स्तर हो रहा बेहतर —

राज्य सरकार ने प्रदेश की ग्रामीण आबादी को बेहतर जीवन स्तर उपलब्ध कराने के लिए विभिन्न योजनाओं के माध्यम से उन्हें लाभान्वित कर रही है। केन्द्र प्रवर्तित प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना के तहत किसानों को तारबंदी, डिग्गी, फार्मपौण्ड, जलहोज निर्माण, ग्रीन हाउस, पॉली हाउस, शेड नेट, प्लास्टिक मल्चिंग, लो-टनल एवं ड्रिप-स्प्रिंकलर की स्थापना के लिए अनुदान दिया जा रहा है। साथ ही, भूमिहीन कृषि श्रमिकों को 5 हजार रुपये लागत तक के कृषि यंत्र एवं उपकरण भी दिए जा रहे हैं। वहीं, स्वामित्व योजना में ड्रोन तकनीक से गांव के आबादी क्षेत्र का सर्वेक्षण कर डिजिटल मैप के आधार पर भू-स्वामित्व धारकों को स्वामित्व कार्ड और पट्टा दिया जा रहा है। इन संपत्ति कार्डों ने ग्रामीण परिवारों को उनकी संपत्ति का कानूनी अधिकार प्रदान कर उनके लिए ऋण लेना आसान बना दिया है, जिससे ग्रामीण नागरिक सशक्त हो रहे हैं। 

शिक्षित राजस्थान – विकसित राजस्थान —

राज्य सरकार ने नवीन शिक्षा नीति को प्रभावी रूप से लागू करने तथा विद्यालयों में बेहतर गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराने के उद्देश्य से मुख्यमंत्री शिक्षित राजस्थान अभियान को फ्लैगशिप प्रोग्राम में शामिल किया है। इसके साथ ही, ग्रामीण युवाओं को जागरूक कर उन्हें प्रशिक्षण सुविधायें उपलब्ध कराने के लिए प्रत्येक ग्राम पंचायत पर चरणबद्ध रूप से अटल ज्ञान केन्द्र की स्थापना की जा रही है। इस पहल का उद्देश्य 3 हजार से अधिक आबादी वाले ग्राम पंचायत मुख्यालयों में प्रेरकों द्वारा युवाओं को रोजगारपरक प्रशिक्षण देना है।

शहरों का सुनियोजित विकास हो रहा सुनिश्चित —

गांवों के विकास के साथ ही शहरों का भी सुनियोजित विकास राज्य सरकार की प्राथमिकता है। इसलिए स्वच्छ भारत मिशन (शहरी) को फ्लैगशिप योजनाओं में शामिल किया गया है। इससे शहरी क्षेत्रों के कचरा एवं सीवरेज प्रबंधन कर उन्हें स्वच्छ बनाया जा रहा है। शहरी आबादी को पेयजल आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए अमृत योजना पर तेजी से कार्य हो रहा है।

स्थानीय उत्पादों को मिल रही पहचान, हस्त शिल्प को दिया जा रहा बढ़ावा —

मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में राज्य सरकार ने प्रदेश के स्थानीय उत्पादों को लोकल से लेकर ग्लोबल तक नई पहचान दिलाने के लिए पंच गौरव कार्यक्रम की पहल की है, जिसके माध्यम से प्रदेश के प्रत्येक जिले में एक उपज, एक वानस्पतिक प्रजाति, एक उत्पाद, एक पर्यटन स्थल एवं एक खेल को प्रोत्साहन दिया जा रहा है। इसी के साथ प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी द्वारा देश के हस्तशिल्पियों और कलाकारों की कला को सम्मानित करने के लिए शुरू की गई पीएम विश्वकर्मा योजना के तहत 18 व्यवसायों के दस्तकारों को सर्टिफिकेट एवं आई कार्ड तथा टूलकिट के लिए 15 हजार रुपये की सहायता दी जा रही है। साथ ही, 2 लाख रुपये तक का ऋण एवं  ब्याज अनुदान भी दिया जा रहा है। 

प्रदेश के 38 जिलों में 310 नए पशु चिकित्सालय भवनों का होगा निर्माण
पशुपालन मंत्री जोराराम कुमावत के प्रयासों से 144 करोड़ 15 लाख रुपए मंजूर

जयपुर, 28 नवंबर। राजस्थान को विकास के नए आयाम देने के लिए मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा की सार्थक पहल एवं पशुपालन, गोपालन, डेयरी एवं देवस्थान मंत्री श्री जोराराम कुमावत के निर्देशन में प्रदेश की पशु चिकित्सालयों में आधारभूत संरचनाओं के साथ राज्य की पशु चिकित्सा व्यवस्था के समग्र रूप से सुदृढीकरण के लिए निरंतर रूप से प्रभावी कदम उठाए जा रहे हैं। इसी कड़़ी में राजस्थान सरकार ने राज्य के 310 पशु चिकित्सालयों के नए भवनों के निर्माण के लिए 144 करोड़ 15 लाख रुपये की राशि स्वीकृत की है। इन निर्माण कार्यों को प्रारम्भ करने के आदेश जारी करते हुए प्रति पशु चिकित्सालय 46.50 लाख रुपये की राशि स्वीकृत की गई है। इसके तहत अजमेर, अलवर, बालोतरा, बांसवाड़ा, बारां, बाड़मेर, ब्यावर, भरतपुर, भीलवाड़ा, बीकानेर, बूंदी, चितौड़गढ़, चूरू, दौसा, डीग-भरतपुर, डूंगरपुर, जयपुर, जैसलमेर, जालौर, झालावाड़, झुंझुंनू, जोधपुर, करौली, खैरथल-तिजारा, कोटा, कोटपूतली-बहरोड़, कुचामन सिटी, नागौर, पाली, फलौदी, प्रतापगढ़, राजसमंद, सलूंबर, सवाईमाधोपुर, सीकर, सिरौही, श्रीगंगानगर, टोंक व उदयपुर जिले में नए पशु चिकित्सा भवन निर्माण के लिए

 कुल 14415 लाख रुपए की स्वीकृति जारी की गई है। 

पशुपालन मंत्री श्री जोराराम कुमावत ने बताया कि ग्रामीण विकास निधि के तहत 31 मार्च-2029 तक इन भवनों के निर्माण कार्य को पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। उन्होंने बताया कि जयपुर के 26, भीलवाड़ा, पाली और नागौर के 18-18, झुंझुनू के 17, जोधपुर के 16, चित्तौड़ के 14, कोटपूतली- बहरोड़, बीकानेर, सीकर के 11-11 अलवर, बांसवाड़ा, चुरु के 10-10, टोंक, उदयपुर के 09-09, अजमेर, दौसा, जालौर, बालोतरा के 07-07, बाड़मेर, डीग, कोटा, खैरथल- तिजारा, कुचामन के 06-06, डूंगरपुर के 05, प्रतापगढ़, सवाईमाधोपुर के 04-04, बारां, भरतपुर, बूंदी, जैसलमेर, झालावाड़, फलौदी, सिरोही के 03-03 और ब्यावर, करौली, राजसमंद सलूम्बर तथा श्रीगंगानगर के 02-02 स्थानों पर पशु चिकित्सालय भवन निर्मित करने के लिए प्रत्येक जिले को प्रति चिकित्सालय 46.50 लाख रुपये की राशि मंजूर की गई है।

प्रदेश के रोड नेटवर्क की मजबूती और विस्तार हमारी प्राथमिकता: मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा
जयपुर रिंग रोड के उत्तरी हिस्से के निर्माण की तीव्र कार्यवाही करें — प्रस्तावित ग्रीन फील्ड एक्सप्रेसवे के जमीन अधिग्रहण को करें शीघ्र प्रारंभ

जयपुर, 27 नवम्बर। मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा ने कहा कि राजस्थान में सड़क तंत्र को मजबूत व सुरक्षित बनाने एवं विस्तार देने के लिए डबल इंजन की सरकार बड़ी परियोजनाओं पर कार्य कर रही है। उन्होंने भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण एवं सार्वजनिक निर्माण विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए कि गुणवत्ता का ध्यान रखते हुए आपसी समन्वय से समय-सीमा में प्रगतिरत परियोजनाओं को पूरा किया जाए।

श्री शर्मा गुरुवार को मुख्यमंत्री कार्यालय में एनएचएआई के कार्यों की समीक्षा बैठक की अध्यक्षता कर रहे थे। उन्होंने प्रस्तावित ग्रीन फील्ड एक्सप्रेसवे की जमीन अधिग्रहण के संबंध में एनएचएआई को निर्देश दिए कि इस कार्य को शीघ्र प्रारंभ किया जाए। साथ ही, उन्होंने अधिकारियों को जयपुर शहर की यातायात व्यवस्था को सुदृढ़ बनाने के लिए रिंग रोड के उत्तरी हिस्से का निर्माण शीघ्र प्रारंभ करने के लिए जमीन अधिग्रहण के कार्य को प्राथमिकता से पूरा करने के संबंध में निर्देशित किया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि जिला कलक्टर जयपुर, जयपुर विकास प्राधिकरण, भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण एवं सार्वजनिक निर्माण विभाग मिलकर जयपुर से जुड़े महत्वपूर्ण सड़क नेटवर्क पर लॉजिस्टिक पार्क, गोदाम और वेयरहाउस विकसित करने के संबंध में तथ्यात्मक रिपोर्ट प्रस्तुत करें। उन्होंने 200 फीट चौराहे पर एनएचएआई द्वारा किए जाने वाले विकास कार्यों को शीघ्र प्रारंभ करने के निर्देश दिए।

शर्मा को जयपुर-ब्यावर-पचपदरा, जयपुर-किशनगढ़, चितौड़गढ़ बायपास और अलवर-भरतपुर-आगरा सड़क निर्माण के विकास के संबंध में एनएचएआई के अधिकारियों ने जानकारी दी। बैठक में मुख्य सचिव श्री वी. श्रीनिवास सहित मुख्यमंत्री कार्यालय, सार्वजनिक निर्माण विभाग और एनएचएआई के अधिकारी उपस्थित रहे।   

आचार्य सुंदर सागर जी महाराज की दिव्य देशना कार्यक्रम में मुख्यमंत्री हुए शामिल
मुख्यमंत्री को ‘मातृ भू-सेवक’ की मानद उपाधि से किया गया अलंकृत राज्य सरकार जैन तीर्थाें के विकास के लिए प्रतिबद्ध

जयपुर, 27 नवम्बर। मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा ने कहा कि परम पूज्य श्री सुंदर सागर जी महाराज ज्ञान और अहिंसा का दीपक जलाते हुए समाज का मार्ग प्रशस्त कर रहे हैं। उनका जीवन त्याग, तपस्या और करूणा का अद्भुत समन्वय है। उन्होंने कहा कि हमारी सरकार सभी धर्मों के विकास और संरक्षण के लिए समर्पित है। उन्होंने आमजन से आह्वान किया कि वे जैन मुनियों के उपदेशों को न केवल सुने, बल्कि उन्हें अपने जीवन में भी उतारें।  

श्री शर्मा गुरूवार को सांगानेर कैम्प कार्यालय में आयोजित आचार्य श्री सुंदर सागर जी महाराज की दिव्य देशना कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि जैन मुनियों का जीवन साधना से पूर्ण है, वे सांसारिक सुखों को त्याग कर आध्यात्मिक मार्ग पर चलते हैं। उन्होंने कहा कि परम पूज्य श्री सुंदर सागर जी महाराज के जीवन से हमें यह शिक्षा मिलती है कि सच्ची महानता विनम्रता, सच्ची शक्ति अहिंसा और सच्चा सुख त्याग में है।

मुख्यमंत्री द्वारा जैन मुनियों की पद वंदना

मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा ने सभी संतो की पद वंदना करते हुए उनका हाथ थामे एसएफएस मानसरोवर स्थित आदिनाथ मंदिर से सांगानेर कैम्प कार्यालय के कार्यक्रम में लेकर आए। इस दौरान मार्ग में पुष्प वर्षा एवं बैंड वादन कर उनका स्वागत-अभिनंदन किया गया। कार्यक्रम में श्री शर्मा को ‘मातृ भू सेवक’ की मानद उपाधि से अलंकृत भी किया गया। इससे पहले श्री शर्मा ने एसएफएस मानसरोवर स्थित श्री आदिनाथ मंदिर में दर्शन कर प्रदेश की सुख समृद्धि एवं खुशहाली की कामना की। 

जैन धर्म के पंच महाव्रत ने दुनिया को दिया महत्वपूर्ण संदेश

मुख्यमंत्री ने कहा कि जैन धर्म हमें जीवन जीने की कला सिखाता है। इस धर्म के 24 तीर्थंकरों ने समय-समय पर मानव जाति को सही मार्ग दिखाया है। उन्होंने कहा कि जैन धर्म की सबसे बड़ी विशेषता ‘अहिंसा परमो धर्म’ है। ये एक वाक्य नहीं बल्कि सम्पूर्ण जीवन दर्शन है। आज पूरी दुनिया हिंसा से जूझ रही है और जैन धर्म का यह संदेश वर्तमान परिवेश में और अधिक प्रासंगिक हो जाता है। उन्होंने कहा कि जैन धर्म के पंच महाव्रत- अहिंसा, सत्य, अस्तेय, ब्रह्मचर्य, अपरिग्रह आज की भौतिकतावादी दुनिया में महत्वपूर्ण संदेश देते हैं। जैन धर्म हमें बताता है कि सच्चा सुख बाहरी वस्तुओं में नहीं, आन्तरिक संतोष में है। 

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार जैन धर्म के मूल्यों एवं शिक्षाओं को प्रसारित करने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार जैन समाज के तीर्थ स्थलों पर श्रद्धालुओं के लिए सड़कें, पेयजल, स्वच्छता और सुरक्षा सुनिश्चित करते हुए विकास कार्यों को प्राथमिकता दे रही है। कार्यक्रम में श्री शर्मा ने आचार्य श्री सुंदर सागर महाराज के प्रवचनों का श्रवण भी किया।  

इस अवसर पर आचार्य श्री सुंदर सागर जी महाराज, आचार्य शंशाक जी महाराज, सहकारिता राज्यमंत्री श्री गौतम कुमार दक, जयपुर ग्रेटर उप महापौर श्री पुनीत कर्णावत सहित जैन मुनि और बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे। 

लौह पुरूष ने दूरदर्शी सोच और साहसिक निर्णयों से देश को किया एकजुट : मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा
मुख्यमंत्री ने सरदार@150 के तहत यमुना प्रवाह यात्रा को दिखाई हरी झंडी

जयपुर, 26 नवम्बर। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा कि लौह पुरूष सरदार वल्लभ भाई पटेल ने अपनी दूरदर्शी सोच, दृढ़ इच्छाशक्ति और साहसिक निर्णयों से भारत को एकजुट कर राष्ट्र निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उन्होंने युवाओं से आह्वान किया कि युवा सरदार पटेल के जीवन से प्रेरणा लेकर ‘राष्ट्र प्रथम’ को सर्वोपरि रखें तथा एक मजबूत, एकजुट तथा विकसित भारत के निर्माण में योगदान दें। शर्मा ने सभी को संविधान दिवस की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि डॉ. भीमराव अंबेडकर ने विश्व का सबसे बड़ा संविधान हमें दिया है तथा उसी आधार पर देश आगे बढ़ रहा है।

                 शर्मा ने बुधवार को अमर जवान ज्योति से सरदार@150 यूनिटी मार्च के अंतर्गत यमुना प्रवाह यात्रा के तहत आयोजित समारोह को संबोधित किया। उन्होंने कहा कि यशस्वी प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के आह्वान पर पूरे देशभर में सरदार पटेल की 150वीं जयंती मनाई जा रही है। इसी के तहत यमुना प्रवाह यात्रा भी संचालित की जा रही है। उन्होंने कहा कि इस यात्रा के तहत राजस्थान सहित विभिन्न प्रदेशों से युवा जयपुर से कमरसद तक की यात्रा करेंगे। यह यात्रा युवाओं के लिए सरदार पटेल के जीवन, संघर्ष और देशभक्ति को करीब से जानने का अवसर है। साथ ही, युवाओं को सरदार पटेल के आदर्शों और मूल्यों को समझने का प्रत्यक्ष अनुभव भी मिलेगा।

सरदार पटेल ने कभी नहीं किया सिद्धांतों से समझौता

                मुख्यमंत्री ने कहा कि सरदार पटेल का स्वतंत्रता आंदोलन में अमूल्य योगदान रहा। बारडोली सत्याग्रह में उनकी प्रभावशाली भूमिका के कारण उन्हें सरदार की उपाधि दी गई। उन्होंने स्वतंत्रता आंदोलन में भी बढ़-चढ़कर भाग लिया और किसानों को अपने अधिकारों के लिए लड़ना सिखाया और सरदार पटेल जेल भी गए। लेकिन उन्होंने कभी अपने सिद्धांतों के साथ समझौता नहीं किया।

कूटनीति और दूरदर्शिता से 562 रियासतों का किया एकीकरण

                शर्मा ने कहा कि 15 अगस्त 1947 को भारत को आजादी तो मिली लेकिन विभाजन का दर्द भी सहना पड़ा। उस समय देश सैकड़ों टुकड़ों में बंटा हुआ था। उन्होंने कहा कि देश की 562 रियासतें स्वतंत्र इकाई थी। सरदार पटेल ने अपनी कूटनीति, दूरदर्शिता और कभी-कभी कठोरता का इस्तेमाल करते हुए प्रत्येक रियासत को भारत में मिलाना शुरू किया। उन्होंने कहा कि सरदार पटेल ने ऑपरेशन पोलो चलाकर हैदराबाद तथा जनमत संग्रह कराकर जूनागढ़ को भारत में शामिल कराया। उन्होंने भारत की एकता और अखंडता को अपना सबसे बड़ा लक्ष्य बनाया और उसे पूरा करके दिखाया।

धारा 370 हटाकर प्रधानमंत्री ने सरदार पटेल के अधूरे सपने को किया पूरा

                मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री ने सरदार पटेल की विरासत को आगे बढ़ाने का बीड़ा उठाया है। सरदार पटेल का अधूरा सपना प्रधानमंत्री ने कश्मीर से धारा 370 हटाकर पूरा किया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री भारत को एक सूत्र में बांध रहे हैं। पूरब से पश्चिम तक और उत्तर से दक्षिण तक आज भारत एक हो रहा है। सरदार पटेल के योगदान को सम्मान देते हुए विश्व की सबसे बड़ी प्रतिमा स्टैच्यू ऑफ यूनिटी बनाई गई। प्रधानमंत्री के नेतृत्व में वर्ष 2014 के बाद देश में गरीब कल्याण, विकास योजनाओं, आतंकवाद-नक्सलवाद का खात्मा तथा विश्व पटल पर देश का सम्मान बढ़ने जैसे अभूतपूर्व कार्य हुए हैं। उन्होंने कहा कि पूरा विश्व भारत को उम्मीदों से देख रहा है तथा दुनिया के सबसे बड़े लीडर के नेतृत्व में देश नई ऊचाईयां छू रहा है।

                 शर्मा ने कहा कि सरदार पटेल का जीवन युवाओं और हर भारतीय के लिए प्रेरणा है। युवा पीढ़ी उनके जीवन से कर्तव्यनिष्ठा, ईमानदारी और सत्यनिष्ठा, दृढ़ संकल्प, एकता तथा सादगी की पांच प्रमुख सीख ले सकती है। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने सरदार@150 यूनिटी मार्च के तहत यमुना प्रवाह यात्रा को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इससे पहले श्री शर्मा ने अमर जवान ज्योति पर पुष्पचक्र अर्पित कर शहीदों को नमन भी किया।

                इस दौरान सांसद मदन राठौड़, श्रीमती मंजू शर्मा, विधायक कालीचरण सराफ,  जितेन्द्र गोठवाल,  गोपाल शर्मा,  बालमुकुन्दाचार्य सहित बड़ी संख्या में आमजन उपस्थित रहे।