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आमजन की समस्याओं का त्वरित समाधान करें अधिकारी: मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा
मुख्यमंत्री निवास पर नियमित जनसुनवाई -अन्त्योदय राज्य सरकार की योजनाओं का प्रमुख लक्ष्य

जयपुर, 24 नवम्बर। मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में राज्य सरकार जवाबदेहिता एवं पारदर्शिता से कार्य करते हुए सुशासन की ओर अग्रसर है। सरकार के द्वारा किए जा रहे कार्यक्रमों, नवाचारों एवं योजनाओं का प्रमुख ध्येय अंतिम पायदान पर बैठे व्यक्ति तक योजनाओं का लाभ पहुंचाना है। जनसुनवाई भी इसी लक्ष्य की ओर बढ़ता एक मजबूत कदम है। मुख्यमंत्री नियमित रूप से इस जनसुनवाई में लोगों की समस्याओं का समाधान कर उन्हें राहत दे रहे हैं।

                श्री शर्मा ने सोमवार को मुख्यमंत्री निवास पर जनसुनवाई की। उन्होंने इस दौरान आमजन की परिवेदनाओं को संवेदनशीलता के साथ सुनते हुए अधिकारियों को उन समस्याओं के त्वरित निस्तारण के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि जनसुनवाई में परिवादी उम्मीद के साथ आते हैं। ऐसे में अधिकारी इन प्रकरणों को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए इनका शीघ्र निस्तारण करें।

                श्री शर्मा ने जनसुनवाई में बड़ी संख्या में आई महिलाओं, दिव्यांगों, बुजुर्गों सहित विभिन्न लोगां की समस्याओं का मौके पर ही निस्तारण किया। आमजन अपनी परिवेदनाओं के निस्तारण से बेहद संतुष्ट नजर आए। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि परिवादियों को जल्द से जल्द राहत दी जाए। साथ ही, लंबित प्रकरणों की नियमित मॉनिटरिंग करते हुए इसका शीघ्र समाधान करें। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि प्रकरणों के निस्तारण में किसी भी तरह की लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों पर सख्त कार्यवाही की जाए।

                मुख्यमंत्री ने इस दौरान सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता, ग्रामीण विकास एवं पंचायतीराज, श्रम, कृषि, गृह, राजस्व, पशुपालन, जयपुर विकास प्राधिकरण, नगर निगम, शिक्षा, चिकित्सा, पेयजल सहित विभिन्न विभागों की आमजन से जुड़ी परिवेदनाओं को सुना और उनका मौके पर ही निस्तारण किया। इस दौरान श्री शर्मा ने विभिन्न संस्थाओं द्वारा आयोजित किए जाने वाले कार्यक्रमों के पोस्टर विमोचन भी किए।

                इस अवसर पर बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि और आमजन उपस्थित रहे।

मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने प्रदेश में उप राष्ट्रीय पल्स पोलियो अभियान का किया शुभारंभ बच्चों को पिलाई पोलियो प्रतिरक्षक दवा
प्रदेशभर में एक करोड़ से अधिक बच्चों को पिलाई जाएगी दवा - ‘दो बूंद हर बार, पोलियो पर जीत रहे बरकरार’ पोस्टर का किया विमोचन

जयपुर, 23 नवम्बर। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने रविवार को मुख्यमंत्री निवास पर बच्चों को पोलियो प्रतिरक्षक दवा पिलाकर राज्यस्तरीय उप राष्ट्रीय पल्स पोलियो अभियान का शुभारंभ किया। उन्होंने इस अभियान के लिए जनसहभागिता का आह्वान करते हुए कहा कि सभी अभिभावक अपने 5 वर्ष तक के बच्चों को पोलियो प्रतिरक्षक दवा अवश्य पिलाएं।

प्रदेशभर में 58 हजार 823 पोलियो बूथ

उल्लेखनीय है कि रविवार (23 नवम्बर) को प्रदेशभर में पोलियो बूथों पर दवा पिलाने की सुविधा उपलब्ध कराई गई है। किसी कारणवश बूथ पर दवा पीने नहीं वाले बच्चों को अगले दो दिन स्वास्थ्यकर्मी घर-घर जाकर दवा पिलाएंगे। लगभग 1 करोड़ 8 लाख बच्चों को पोलियो दवा पिलाने के लिए सम्पूर्ण प्रदेश में 58 हजार 823 पोलियो बूथ स्थापित किए गए हैं। 6 हजार 741 ट्रांजिट टीमें और 8 हजार 989 मोबाइल टीम की व्यवस्था भी की गई है।

शर्मा ने कहा इस अभियान में प्रदेशभर में जन्म से पांच वर्ष तक के बच्चों को पोलियो प्रतिरक्षक दवा पिलाई जाएगी। यह एक अभियान नहीं, बल्कि आने वाली पीढ़ियों कोे सुरक्षित भविष्य देने का माध्यम है। उन्होंने कहा कि पोलियो ऐसा संक्रामक रोग है जो बच्चे के जीवन के लिए घातक हो सकता है। दो बूंद दवा ही पोलियो जैसी गंभीर बीमारी से रक्षा कर सकती है।

मुख्यमंत्री ने इस दौरान ‘दो बूंद हर बार, पोलियो पर जीत रहे बरकरार’ पोस्टर का विमोचन भी किया। इस अवसर पर चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग की प्रमुख शासन सचिव श्रीमती गायत्री ए. राठौड़, बच्चों के अभिभावक सहित संबंधित अधिकारीगण उपस्थित रहे।

सेक्टोरल सत्रों में प्रदेश के उभरते औद्योगिक परिदृश्य पर होगा मंथन, निवेश की संभावनाओं से प्रवासी राजस्थानी होंगे रूबरू – मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा
प्रवासी राजस्थानियों को जोड़ने के लिए भव्य आयोजन की तैयारी, मुख्यमंत्री ने दिए व्यापक प्रचार-प्रसार के निर्देश

जयपुर, 19 नवम्बर। मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा ने कहा कि प्रवासी राजस्थानी दिवस केवल एक आयोजन नहीं, बल्कि विकसित राजस्थान की यात्रा में हमारे प्रवासी समुदाय के योगदान का एक विस्तृत रोडमैप भी है। उन्होंने कहा कि प्रवासी राजस्थानी दिवस कार्यक्रम में शिक्षा, स्वास्थ्य, उद्योग, पर्यटन और जल जैसे प्रमुख क्षेत्रों पर आयोजित होने वाले सेक्टोरल सत्रों में प्रदेश के उभरते औद्योगिक परिदृश्य और निवेश की संभावनाओं पर गहन मंथन किया जाएगा। हमारा उद्देश्य है कि इन सत्रों के माध्यम से हर प्रवासी राजस्थानी अपने प्रदेश से जुड़ाव महसूस करें और ये इस रोडमैप को व्यवहारिक रूप देने का माध्यम बने।

श्री शर्मा बुधवार को मुख्यमंत्री कार्यालय में प्रवासी राजस्थानी दिवस की तैयारियों को लेकर आयोजित समीक्षा बैठक को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार प्रवासी समुदाय के सम्मान में प्रदेश में पहली बार आगामी 10 दिसम्बर को प्रवासी राजस्थानी दिवस का आयोजन करने जा रही है, ऐसे में इस भव्य आयोजन का विभिन्न माध्यमों से व्यापक प्रचार-प्रसार सुनिश्चित किया जाए, ताकि यह आयोजन हर एक प्रवासी तक पहुंचे तथा यह दुनियाभर में फैले हमारे भाई-बहनों को एक सूत्र में जोड़ने का ऐतिहासिक अवसर साबित हो।

सेक्टोरल सत्रों में विशेषज्ञ एवं प्रतिष्ठित संस्थान करेंगे संवाद —

बैठक में बताया गया कि प्रवासी समुदाय को प्रदेश में उपलब्ध संभावनाओं से अवगत करवाने एवं उनके सुझाव साझा करने के लिए विभिन्न विषयों पर सेक्टोरल सत्र आयोजित होंगे। इन सत्रों में आईआईटी, आईआईएम, उद्योग समूहों, स्वास्थ्य संस्थानों तथा अंतरराष्ट्रीय विशेषज्ञों द्वारा संवाद किया जाएगा। शिक्षा संबंधी सत्र में बिरला संस्थान, आईआईएम, आईआईटी, दिल्ली पब्लिक स्कूल, संयुक्त अरब अमीरात तथा स्वास्थ्य संबंधी सत्रों में यकृत और पित्त विज्ञान संस्थान के निदेशक एवं टाटा 1 एमजी के सीएफओ सहित कई विशेषज्ञ अपने अनुभव साझा करेंगे। इसी तरह उद्योग सत्र में वेलस्पन इंडिया लिमिटेड एवं बोरोसिल रिन्यूएबल्स लिमिटेड, जल सत्र में ईकोलैब इंडिया, नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ अर्बन अफेयर्स जैसे कई संस्थाओं एवं विशेषज्ञों के द्वारा संवाद किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने संबंधित विभागों को सेक्टोरल सत्रों के लिए आमंत्रित वक्ताओं, प्रतिभागियों की सूची को अंतिम रूप देने के निर्देश दिए। 

समृद्ध विरासत और विकास की यात्रा होगी प्रदर्शित —

उन्होंने कहा कि इस आयोजन में राजस्थान की समृद्ध विरासत के साथ ही राजस्थान प्रदेश के विकास की यात्रा भी साझा की जाएगी। ऐसे में विकसित राजस्थान एवं राज्य सरकार की उपलब्धियों, नवाचारों को प्रदर्शनी के माध्यम से दर्शाया जाए तथा सभी व्यवस्थाए गुणवत्तापूर्ण एवं समयबद्ध रूप से पूरी की जाए। उन्होंने सांस्कृतिक कार्यक्रमों में विशेष रूप से प्रदेश की लोक कला एवं संस्कृति से जोड़ने तथा प्रवासी राजस्थानी सम्मान पुरस्कार के लिए चयन प्रक्रिया को पारदर्शी, निष्पक्ष और पूर्व निर्धारित मानकों के अनुरूप सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। 

श्री शर्मा ने कहा कि जयपुर के जेईसीसी में होने वाले इस आयोजन के लिए सुरक्षा, यातायात, पार्किंग, स्वागत एवं प्रोटोकॉल से संबंधित तैयारियों की विस्तृत योजना समय पर लागू की जाए। साथ ही, कार्यक्रम के दौरान आतिथ्य, परिवहन, आवास, चिकित्सा एवं आपात सेवाओं की उपलब्धता के लिए जिम्मेदारियां तय की जाएं।

प्रवासी राजस्थानियों की बढ़ रही सहभागिता —

बैठक में प्रस्तुतीकरण के माध्यम से बताया गया कि आयोजन में अधिकतम सहभागिता सुनिश्चित करने के लिए राजस्थान फाउंडेशन के सभी चैप्टर्स एवं प्रवासी संगठनों के माध्यम से प्रोत्साहित किया जा रहा है। बड़ी संख्या में प्रवासी राजस्थानी इस आयोजन का हिस्सा बनने के लिए अपना पंजीकरण भी करवा रहे हैं। साथ ही, यह भी बताया गया कि प्रवासी राजस्थानी सम्मान अवॉर्ड के लिए प्राप्त आवेदनों का मूल्यांकन भी स्क्रीनिंग कमेटी द्वारा किया जा चुका है। 

प्रवासी राजस्थानी दिवस के बारे में —

उल्लेखनीय है कि मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा ने राइजिंग राजस्थान ग्लोबल इन्वेस्टमेंट समिट के दौरान प्रतिवर्ष 10 दिसंबर को ‘प्रवासी राजस्थानी दिवस’ के रूप में मनाए जाने एवं प्रवासी राजस्थानियों के लिए विभाग के गठन की घोषणा की थी। इसी क्रम में आगामी 10 दिसंबर को आयोजित होने वाले प्रवासी राजस्थानी दिवस पर उद्योग, पर्यटन, शिक्षा, स्वास्थ्य सेवा एवं जल विषय पर सेक्टोरल सत्र के साथ ही प्रवासी राजस्थानी सम्मान पुरस्कार भी प्रदान किए जाएंगे। साथ ही, कार्यक्रम में विशेष एनआरआर ओपन हाउस में प्रदेश में उद्योग एवं अन्य क्षेत्रों में उपलब्ध अवसरों के संबंध में प्रवासी राजस्थानियों से संवाद सत्र भी आयोजित होगा। वहीं, प्रवासी राजस्थानियों और राज्य सरकार के बीच संवाद और सहयोग के लिए मंत्रिमंडल ने ‘राष्ट्रीय एवं अंतर्राष्ट्रीय प्रवासी राजस्थानी मामले विभाग’ के गठन के प्रस्ताव का अनुमोदन कर दिया है।

बैठक में मुख्य सचिव श्री वी. श्रीनिवास सहित संबंधित विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।

राजस्थान में सहकार से समृद्धि का विजन हो रहा साकार – मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा 
प्रदेश में किसानों के खातों में पीएम किसान सम्मान निधि की 21वीं किस्त के तहत लगभग 1400 करोड़ रुपये हुए हस्तान्तरित

जयपुर, 19 नवम्बर। मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी का विजन देश के किसान, मजदूर, युवा और महिलाओं के विकास से जुड़ा है। पंडित दीनदयाल उपाध्याय और बाबा साहेब भीमराव अम्बेडकर के विचारों के अनुरूप अंतिम पायदान पर खड़े व्यक्ति के विकास तथा जरूरतमंद तक सरकार की योजनाओं का लाभ पहुंचाकर उसके जीवन स्तर को उठाने के लिए हमारी सरकार काम कर रही है। उन्होंने कहा कि इसी क्रम में प्रधानमंत्री ने किसान सम्मान निधि की 21वीं किस्त जारी की है। यह कदम हमारी सरकार का किसान कल्याण के प्रति प्रतिबद्धता का प्रतीक है।

प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने बुधवार को तमिलनाडु के कोयम्बटूर में पीएम किसान सम्मान निधि की 21वीं किस्त के हस्तान्तरण कार्यक्रम एवं दक्षिण भारत प्राकृतिक कृषि शिखर सम्मेलन के उद्घाटन समारोह को संबोधित किया। प्रधानमंत्री की गरिमामय उपस्थिति में आयोजित हुए इस कार्यक्रम से मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा वीसी के माध्यम से जुड़े और प्रधानमंत्री के संबोधन को सुना। 

इसी कड़ी में श्री शर्मा ने दुर्गापुरा के राज्य कृषि प्रबंधन संस्थान में आयोजित राज्य स्तरीय कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि किसान हमारे देश की रीढ़ है। मेहनत, लगन और समर्पण से ये अनाज उपजाते हैं। प्राकृतिक आपदा, चिलचिलाती धूप, कपकपाती ठंड और अन्य विपदाओं में भी किसान खेत में निरन्तर कार्य करता है।  

योजनाओं से किसान लाभान्वित, राजस्थान का देश में पांचवां स्थान-

मुख्यमंत्री ने कहा कि किसानों से किए वायदों को पूरा किया जा रहा है। राज्य के किसानों की आर्थिक सुरक्षा मजबूत करने के लिए धनतेरस पर मुख्यमंत्री किसान सम्मान निधि की किस्त दी। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि की अब तक 20 किस्त जारी हुई हैं जिससे राजस्थान के किसानों के खातों में 25 हजार करोड़ रुपये से अधिक की राशि हस्तांतरित की जा चुकी है। 21वीं किस्त में लगभग 1400 करोड़ की राशि किसानों के खातों में जमा करने का काम किया गया है। उन्होंने कहा कि किसानों को लाभान्वित करने की संख्या की दृष्टि से राजस्थान का देश में पांचवां स्थान है।

पेपरलीक पर लगी लगाम, 92 हजार युवाओं को मिला नियुक्ति का सम्मान-

श्री शर्मा ने कहा कि पूर्ववर्ती सरकार में पेपरलीक की घटनाओं से युवाओं के सपनों पर कुठाराघात हुआ, लेकिन हमारी सरकार के कार्यकाल में एक भी पेपरलीक नहीं हुआ। मुख्यमंत्री रोजगार उत्सव का निरंतर आयोजन किया जा रहा है। अब तक लगभग 92 हजार युवाओं को नियुक्ति पत्र प्रदान किए जा चुके हैं। 5 साल में 4 लाख सरकारी नौकरी देने के वादे को पूरा किया जाएगा। उन्होंने कहा कि हमारी सरकार ने राइजिंग राजस्थान ग्लोबल इन्वेस्टमेंट समिट का आयोजन किया। अब तक 7 लाख करोड़ रुपये के एमओयू की ग्राउण्ड ब्रेकिंग हो चुकी है, जिससे निजी क्षेत्र में भी प्रदेश के युवाओं को रोजगार मिलेगा तथा स्वरोजगार के नवीन अवसर सृजित होंगे।

राज्य सरकार किसानों के कल्याण के लिए प्रतिबद्ध-

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार किसानों के कल्याण के लिए प्रतिबद्ध है। किसानों की आर्थिक सुरक्षा मजबूत करने के लिए राज्य में मुख्यमंत्री किसान सम्मान निधि के तहत सरकार 3 हजार रुपये की राशि अलग से दे रही है। इससे किसानों को केन्द्र व राज्य सरकार से अब 9 हजार रुपये प्रतिवर्ष सम्मान निधि की राशि मिल रही है, जिसे चरणबद्ध तरीके से 12 हजार रुपये तक किया जाएगा। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार प्रदेश में जल व्यवस्था के लिए निरन्तर कार्य कर रही है। हमारी सरकार ने 17 जिलों के लिए राम जल सेतु लिंक परियोजना, शेखावाटी के लिए यमुना जल समझौता, इंदिरा गांधी नहर परियोजना, गंगनहर, माही बांध एवं देवास परियोजना का विस्तार, जल संरक्षण एवं संचय के लिए कर्मभूमि से मातृभूमि अभियान जैसे महत्वपूर्ण निर्णय लिए हैं। उन्होंने कहा कि दो वर्षों में अच्छी वर्षा से प्रदेश के बड़े बांधों, डिग्गी, तालाबों में जल स्तर बढ़ा है।

किसानों को दिन में बिजली, पशुपालकों को ब्याज मुक्त ऋण की सुविधा-

श्री शर्मा ने कहा कि किसानों को बिजली के बिलों में 41 हजार करोड़ रुपये से अधिक का अनुदान दिया गया है। प्रदेश के किसानों को वर्ष 2027 तक दिन में बिजली देने का काम करेंगे। फिलहाल 22 जिलों में किसानों को दिन में बिजली देना प्रारंभ कर दिया गया है। उन्होंने कहा कि पीएम कुसुम योजना में राज्य के करीब 2 लाख किसानों को सोलर ऊर्जा से बिजली प्रदान कर लाभान्वित किया गया है। पशुपालन हमारे किसानों की आय का प्रमुख स्रोत है। राज्य सरकार किसान पशुपालकों को दूध पर 5 रुपये प्रति लीटर का बोनस दे रही है। उन्होंने कहा कि पशुओं के उपचार के लिए मोबाइल पशु चिकित्सा यूनिट की सुविधा दी जा रही है। स्कूलों के नौनिहालों को पोषण के लिए दूध भी उपलब्ध करवाया जा रहा है। गोपाल क्रेडिट कार्ड योजना के तहत पशुपालक को ब्याज मुक्त ऋण दिया जाता है। वहीं, किसानों को अच्छी खेती व पैदावार के लिए गुणवत्तापूर्ण बीज के किट भी दिए गए हैं। 

प्रदेश में तेज गति से हो रहा पैक्स कम्प्यूटराइजेशन का कार्य- 

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में 77 लाख से अधिक किसानों को 43 हजार करोड़ रुपये से अधिक अल्पकालीन ब्याजमुक्त फसली ऋण वितरित किए गए हैं। उन्होंने कहा कि हर ग्राम पंचायत पर सहकारी समिति की स्थापना के लिए हमारी सरकार काम कर रही है। साथ ही, राज्य में पैक्स कम्प्यूटराइजेशन का कार्य तेज गति से चल रहा है। राजस्थान में 41 हजार से अधिक सहकारी समितियों से जुड़े 1 करोड़ 17 लाख से अधिक सदस्य सहकारिता से सीधे लाभान्वित हो रहे हैं। वहीं, किसानों को पर्याप्त उवर्रक उपलब्ध करवाया जा रहा है।

श्री शर्मा ने कहा कि राज्य में सहकारिता के क्षेत्र में तेजी से कार्य किया जा रहा है। अब तक लगभग 5 हजार 735 पैक्स गो-लाइव किया जा चुका है। 97 हजार से अधिक कृषि यंत्रों पर 546 करोड़ रुपये का अनुदान दिया गया। उन्होंने कहा कि फसलों के नुकसान को रोकने के लिए 28 हजार किलोमीटर की तारबंदी भी की गई है। प्रदेश में 9 हजार से अधिक पीएम किसान समृद्धि केन्द्र स्थापित किए गए हैं। कृषि शिक्षा में हमारी बेटियों को प्रोत्साहन देने के लिए कक्षा 12, स्नातक, स्नातकोत्तर एवं पीएचडी की छात्राओं को 97 करोड़ से अधिक की प्रोत्साहन राशि वितरित की गयी है जो पिछले सरकार से 5 गुणा अधिक है। मोटे अनाज यानि श्री अन्न के उत्पादन में राजस्थान अग्रणी है। 

मुख्यमंत्री ने कहा कि पूर्ववर्ती सरकार ने 5 साल में 29 हजार 430 फार्म पौण्ड बनाए जबकि हमारी सरकार ने 21 माह में 35 हजार 368 फार्म पौण्ड बनाए हैं। पूर्ववर्ती सरकार के समय खेतों पर 113 लाख मीटर तारबंदी हुई, जबकि हमारे 21 माह के कार्यकाल में 280 लाख मीटर खेतों पर तारबंदी की गई है। पूर्ववर्ती सरकार के सम्पूर्ण कार्यकाल में 49 पशु चिकित्सालय का प्रथम श्रेणी पशु चिकित्सालय में क्रमोन्नयन हुआ। वहीं, हमारी सरकार के अब तक के समय में ही 101 प्रथम श्रेणी पशु चिकित्सालयों में क्रमोन्नयन हो चुके हैं। इसी प्रकार, पूर्ववर्ती सरकार के 5 साल के कार्यकाल में बहुउद्देशीय पशु चिकित्सालयों में क्रमोन्नयन की कुल संख्या 13 थी, जबकि हमनें 21 माह में ही 50 बहुउद्देशीय पशु चिकित्सालयों में क्रमोन्नयन की उपलब्धि प्राप्त की है। 

कृषि मंत्री डॉ. किरोड़ी लाल मीना ने कहा कि कृषि और सहकारिता एक-दूसरे से जुड़े हुए हैं। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने किसानों की खेती से जुड़ी आवश्यकताओं को समझते हुए प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि की सौगात दी। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा ने भी किसानों को 3 हजार रुपये की सम्मान निधि देने का काम किया है। जिससे केन्द्र और राज्य की किसान सम्मान निधि की राशि कुल 9 हजार रुपये हो गई है। यह राशि किसानों की आवश्यकताओं की पूर्ति के लिए महत्वपूर्ण साबित हो रही है। 

सहकारिता राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्री गौतम कुमार दक ने कहा कि किसान हमारे समाज और अर्थव्यवस्था के मजबूत स्तंभ है। किसानों को आधुनिक तकनीक, प्रशिक्षण, सामाजिक सुरक्षा और बाजार तक सीधी पहुंच मिले, इसके लिए यशस्वी प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने अनेक ऐतिहासिक कदम उठाए हैं।

इस दौरान सहकारिता से संबंधित लघु फिल्म का प्रदर्शन किया गया। इस अवसर पर संसदीय कार्य मंत्री श्री जोगाराम पटेल, शासन सचिव कृषि श्री राजन विशाल सहित संबंधित विभाग के उच्चाधिकारी एवं बड़ी संख्या में किसान उपस्थित रहे।

‘प्रवासी राजस्थानी दिवस’ 2025 में राजस्थान करेगा वैश्विक नेताओं और विशिष्ट प्रवासी सदस्यों का स्वागत
उद्योग जगत के अग्रणी नेता अनिल अग्रवाल और हरिमोहन बांगुर होंगे ‘प्रवासी राजस्थानी दिवस’ में शामिल, राजस्थान करेगा बिजनेस टाइटन्स अशोक पाटनी और दीपाली गोयनका का स्वागत

जयपुर, 16 नवंबर। माननीय मुख्यमंत्री भजन लाल शर्मा के नेतृत्व में राजस्थान सरकार आगामी 10 दिसंबर को जयपुर में प्रवासी राजस्थानी दिवस 2025 का आयोजन करने जा रही है। यह राज्य-स्तरीय उत्सव वैश्विक राजस्थानी समुदाय, उनकी उपलब्धियों और मातृभूमि के साथ उनके संबंधों को सम्मानित करने के लिए समर्पित है। यह आयोजन विचारों, विरासत और सहयोग का एक विशाल संगम प्रस्तुत करेगा, जिसमें दुनिया भर से प्रभावशाली प्रवासी राजस्थानी शामिल होंगे।

इस अवसर पर उद्योग, नीति-निर्माण, नवाचार, शिक्षा, कला एवं संस्कृति, उद्यमिता और सामाजिक सरोकार जैसे विविध क्षेत्रों के विश्व प्रसिद्ध नेता, नीति विशेषज्ञ, नवाचारी, शिक्षाविद, सांस्कृतिक हस्तियाँ और समाजसेवी उपस्थित रहेंगे।

कार्यक्रम में दुनिया भर में अपने-अपने क्षेत्रों में उल्लेखनीय पहचान बना चुके अनेक प्रतिष्ठित लीडर्स शामिल होंगे। विशिष्ट अतिथियों में वेदांता समूह के चेयरमैन अनिल अग्रवाल, श्री सीमेंट के चेयरमैन हरी मोहन बांगुर तथा आर.के. मार्बल एवं वंडर सीमेंट के चेयरमैन अशोक पाटनी शामिल हैं, जो अपने-अपने क्षेत्रों का प्रतिनिधित्व करते हैं।

इसके साथ ही वेलस्पन इंडिया लिमिटेड की सीईओ श्रीमती दीपाली गोयनका, एयू स्मॉल फाइनेंस बैंक के संस्थापक, प्रबंध निदेशक एवं सीईओ श्री संजय अग्रवाल और जेके सीमेंट के संयुक्त प्रबंध निदेशक श्री माधव सिंघानिया भी आयोजन में शिरकत करेंगे।

कार्यक्रम में हिंदुस्तान ज़िंक की चेयरपर्सन श्रीमती प्रिया अग्रवाल, बिकाजी फूड्स इंटरनेशनल के प्रबंध निदेशक दीपक अग्रवाल और आनंद समूह की चेयरपर्सन श्रीमती अंजलि सिंह भी शामिल होंगी।

इसके अतिरिक्त, तितागढ़ रेल सिस्टम्स के वाइस चेयरमैन एवं प्रबंध निदेशक उमेश चौधरी, वोल्वो ग्रुप इंडिया के प्रबंध निदेशक एवं अध्यक्ष कमल बाली, ईज़ मायट्रिप के सीईओ एवं सह-संस्थापक रिकांत पिट्टी, मोतीलाल ओसवाल एंड कंपनी के चेयरमैन एवं प्रबंध निदेशक मोतीलाल ओसवाल तथा केईआई लिमिटेड के चेयरमैन अनिल कुमार गुप्ता भी कार्यक्रम में उपस्थित रहेंगे। उनकी उपस्थिति वैश्विक राजस्थानी समुदाय के राज्य के प्रति विश्वास, गर्व और गहरे संबंधों को अभिव्यक्त करेगी।

राज्य सरकार ने इस अवसर पर एक दिवसीय कार्यक्रम की रूपरेखा तैयार की है, जिसमें उद्योग, पर्यटन, शिक्षा, स्वास्थ्य और जल संरक्षण जैसे प्रमुख क्षेत्रों पर केंद्रित सेक्टोरल सत्र शामिल होंगे। इन सत्रों में विकास, नवाचार और निवेश पर सार्थक चर्चा होगी। इसके साथ ही, एक विशेष एनआरआर राउंडटेबल का आयोजन किया जाएगा, जिसका उद्देश्य प्रभावशाली प्रवासी राजस्थानियों के साथ दीर्घकालिक सहयोग, मेंटरशिप को बढ़ावा देना और वैश्विक संपर्कों का निर्माण करना है, जिससे राजस्थान के सामाजिक-आर्थिक विकास में योगदान हो सके।

कार्यक्रम की महत्ता को और बढ़ाते हुए, इस अवसर पर प्रवासी राजस्थानी सम्मान पुरस्कार भी प्रदान किए जाएंगे। ये पुरस्कार उन प्रख्यात प्रवासियों को समर्पित होंगे जिन्होंने व्यवसाय, कला और परोपकार के क्षेत्रों में उल्लेखनीय योगदान दिया है और जो राजस्थान की विरासत एवं मूल्यों को विश्वभर में गर्व के साथ आगे बढ़ा रहे हैं।

विचार-विमर्श, सांस्कृतिक अनुभवों और वैश्विक सहभागिता के इस अद्वितीय मिश्रण के साथ, प्रवासी राजस्थानी दिवस 2025 प्रवासी समुदाय की उपलब्धियों का सार्थक उत्सव बनकर उभरेगा और साझेदारी एवं प्रगति के नए मार्ग खोलेगा।

राजस्थान को विकास के नए आयाम देने के लिए मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा की सार्थक पहल
मुख्यमंत्री का नई दिल्ली दौरा – राजस्थान को विकास के नए आयाम देने के लिए मुख्यमंत्री शर्मा की सार्थक पहल, केन्द्रीय मंत्रियों से मुलाकात कर प्रदेश के शहरी विकास, ऊर्जा,...

मुख्यमंत्री का नई दिल्ली दौरा – राजस्थान को विकास के नए आयाम देने के लिए मुख्यमंत्री शर्मा की सार्थक पहल, केन्द्रीय मंत्रियों से मुलाकात कर प्रदेश के शहरी विकास, ऊर्जा, जल परियोजनाओं एवं कौशल विकास पर की चर्चा – राजस्थान में सौर ऊर्जा की अपार संभावनाओं के मद्देनजर विद्युत निकासी के सुदृढ़ीकरण को लेकर हुई अहम चर्चा – फिरोजपुर फीडर रिलाइनिंग व रामजल सेतु लिंक परियोजना पर हुआ मंथन

 मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने गुरुवार को नई दिल्ली में केंद्रीय ऊर्जा, आवासन एवं शहरी कार्य मंत्री मनोहर लाल, केंद्रीय जल शक्ति मंत्री सी. आर. पाटिल, केंद्रीय कौशल विकास एवं उद्यमिता राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) तथा शिक्षा राज्य मंत्री जयंत चौधरी से मुलाकात की। इस दौरान मुख्यमंत्री ने प्रदेश के विकास को नए आयाम देने की दिशा में शहरी विकास, ऊर्जा, जल परियोजनाओं एवं कौशल विकास से जुड़े विषयों पर विस्तृत चर्चा की।

                मुख्यमंत्री श्री शर्मा ने केंद्रीय ऊर्जा, आवासन एवं शहरी कार्य मंत्री मनोहर लाल से भेंट के दौरान वरिष्ठ अधिकारियों के साथ बैठक भी की। बैठक में राजस्थान में भारत के सौर ऊर्जा लक्ष्यों को पूरा करने की अपार संभावनाओं को देखते हुए विद्युत निकासी के सुदृढ़ीकरण को लेकर सार्थक चर्चा की गई।

टॉवर बेस मुआवजा दर, डी.एल.सी. की 400 प्रतिशत तक-

                बैठक में अवगत कराया गया कि किसानों के हित में टॉवर बेस मुआवजा दर को डी.एल.सी. दर के 400 प्रतिशत तक बढ़ाया गया है जबकि कॉरिडोर मुआवजा ग्रामीण क्षेत्रों में 30 प्रतिशत, नगरपालिका क्षेत्रों में 45 प्रतिशत तथा नगर निगम क्षेत्रों में 60 प्रतिशत निर्धारित किया गया है।

डिस्कॉम्स की ए.टी. एण्ड सी. हानियों में आ रही कमी-

                बैठक में यह भी बताया गया कि ए.टी. एण्ड सी. हानियों में लगातार कमी आ रही है। इसी क्रम में जयपुर एवं अजमेर डिस्कॉम अब 15 प्रतिशत के स्तर से नीचे आ चुके हैं। साथ ही, आर.डी.एस.एस. योजना के क्रियान्वयन की गति में सुधार किया गया है।

                मुख्यमंत्री ने प्रदेश के ऊर्जा विकास में सहयोग के लिए केंद्र सरकार का आभार व्यक्त किया। साथ ही, उन्होंने जयपुर मेट्रो के चरण-2 की डीपीआर स्वीकृति को लेकर भी विस्तृत चर्चा की।

मुख्यमंत्री की केंद्रीय जल शक्ति मंत्री से मुलाकात-

                मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा ने केंद्रीय जल शक्ति मंत्री श्री सी. आर. पाटिल से मुलाकात के दौरान प्रदेश में जल आपूर्ति, जल संचयन सहित जल परियोजनाओं पर वार्ता की। दोनों के मध्य फिरोजपुर फीडर रिलाइनिंग एवं रामजल सेतु लिंक परियोजना की प्रगति को लेकर सार्थक चर्चा हुई। इस दौरान प्रदेश में चल रहे कर्मभूमि से मातृभूमि अभियान की सफलता की सराहना की गई।

मुख्यमंत्री की केंद्रीय कौशल विकास एवं उद्यमिता राज्य मंत्री से मुलाकात-

                इसके बाद मुख्यमंत्री श्री शर्मा ने केंद्रीय कौशल विकास एवं उद्यमिता राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) तथा शिक्षा राज्य मंत्री श्री जयंत चौधरी से भी मुलाकात की। इस दौरान श्री शर्मा एवं श्री चौधरी के मध्य केंद्र सरकार के सहयोग से राजस्थान को स्किल डवलपमेंट हब बनाने से जुड़े रोडमैप पर चर्चा की गई।

जयपुर में 50 हजार लोगों ने ‘वंदे मातरम्’ के 150 वर्ष पूरे होने पर सामूहिक गायन किया
जयपुर में राष्ट्रगीत वंदे मातरम् के 150 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में 7 नवंबर 2025 को भव्य राज्य स्तरीय कार्यक्रम का आयोजन किया गया। यह आयोजन सवाई मानसिंह स्टेडियम (SMS Stadium)...

जयपुर में राष्ट्रगीत वंदे मातरम् के 150 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में 7 नवंबर 2025 को भव्य राज्य स्तरीय कार्यक्रम का आयोजन किया गया। यह आयोजन सवाई मानसिंह स्टेडियम (SMS Stadium) में सुबह 7:30 बजे शुरू हुआ, जिसमें करीब 50 हजार लोगों ने एक साथ वंदे मातरम् का गायन किया। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा की अगुवाई में कार्यक्रम का आयोजन हुआ, जिसमें राज्य भर के स्कूल, कॉलेज, विश्वविद्यालय, एनसीसी, एनएसएस, हिन्दुस्तान स्काउट गाइड, पुलिस, RAC के जवान, सामाजिक संगठनों के सदस्य, जनप्रतिनिधि तथा आम नागरिक शामिल हुए।

कार्यक्रम की मुख्य झलकियां:

  • सामूहिक वंदे मातरम् गायन में 50 हजार लोगों की भागीदारी​​
  • 50 हजार तिरंगा झंडों का वितरण
  • स्कूल, पुलिस और आर्मी बैंड की प्रस्तुति, साथ ही महापुरुषों पर आधारित प्रदर्शनी
  • NSS के तहत स्वच्छता अभियान और रक्तदान शिविर
  • स्वतंत्रता सेनानियों और परिजनों को सम्मानित किया गया
  • गाँव, ब्लॉक और पंचायत स्तर तक ‘एक स्थान, एक समय, एक गीत – वंदे मातरम्’ की थीम पर कार्यक्रम

यह राज्य स्तरीय उत्सव पूरे देश में 7 नवंबर 2026 तक वर्षभर चले वाले ‘वंदे मातरम्@150’ अभियान की शुरुआत है। इस ऐतिहासिक मौके पर शिक्षा विभाग ने सभी स्कूलों, कॉलेजों और मदरसों में वंदे मातरम् का गायन अनिवार्य किया। आने वाले दिनों में सभी 31 जिलों में प्रभात फेरी, रैली, चित्रकला, रंगोली, निबंध लेखन सहित कई गतिविधियां आयोजित की जाएंगी ।

इस कार्यक्रम का उद्देश्य राष्ट्रभक्ति, स्वदेशी और राष्ट्रीय एकता की भावना को सुदृढ़ करना और नई पीढ़ी में देश के प्रति जागरूकता लाना है।

राजस्थान का समावेशी विकास मॉडल जनजाति सशक्तीकरण की लिख रहा नई इबारत
    जयपुर, 4 नवम्बर। मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में राज्य सरकार ‘सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास, सबका प्रयास’ की भावना के साथ कार्य करते हुए प्रदेश के जनजातीय अंचलों के उत्थान के...

    जयपुर, 4 नवम्बर। मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में राज्य सरकार ‘सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास, सबका प्रयास’ की भावना के साथ कार्य करते हुए प्रदेश के जनजातीय अंचलों के उत्थान के लिए कृत संकल्पित है। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के ‘समावेशी और आत्मनिर्भर भारत’ के विजन को साकार करने की दिशा में राज्य सरकार द्वारा इन क्षेत्रों के सर्वांगीण विकास के लिए ठोस नीतियां और योजनाएं बनाकर इन्हें धरातल पर उतारा गया है। मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा के कुशल नेतृत्व में राज्य का जनजाति क्षेत्रीय विकास विभाग शिक्षा, स्वास्थ्य, खेल, जल प्रबंधन, रोजगार और संस्कृति संरक्षण के क्षेत्रों में समावेशी विकास के मूल मंत्र के साथ राज्य को तेजी से आगे बढ़ाने में लगा है। धरती आबा भगवान बिरसा मुंडा की विचारधारा ‘अपनी भूमि, अपनी संस्कृति और अपने अधिकारों की रक्षा’ राज्य सरकार की नीतियों में साकार हो रही है। इस वर्ष भगवान बिरसा मुंडा की 150वीं जयंती पर राज्य सरकार प्रदेशभर में जनजातीय गौरव वर्ष पखवाड़ा (1 से 15 नवंबर तक) के तहत विभिन्न कार्यक्रमों का आयोजन भी कर रही है।

जनजाति क्षेत्रों के विकास के लिए टीएसपी फंड किया डेढ़ गुणा-

                राज्य सरकार ने अनुसूचित जनजाति वर्ग के उत्थान के संकल्प को पूरा करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए टीएसपी फंड को 1,000 करोड़ रुपये से बढ़ाकर 1,500 करोड़ रुपये किया है। साथ ही, सामुदायिक वनाधिकार क्षेत्रों के विकास पर केंद्रित गोविंद गुरू जनजातीय क्षेत्रीय विकास योजना भी प्रारंभ की है, देवला-कोटड़ा (उदयपुर) और जसवंतपुरा (जालोर) में नए आवासीय विद्यालय तथा शाहबाद (बारां) में सहरिया जनजाति खेल अकादमी की स्थापना की जा रही है। जनजाति वर्ग के बच्चों के पोषण तथा उन्हें घर के नजदीक प्राथमिक शिक्षा उपलब्ध कराने के लिए 250 नवीन मां-बाड़ी केंद्रों की स्थापना भी प्रक्रियाधीन है। मां-बाड़ी केन्द्रों में कार्यरत शिक्षाकर्मी, महिला सहयोगिनी तथा स्वास्थ्यकर्मी के मानदेय में वित्तीय वर्ष 2025-26 से 10 प्रतिशत की वृद्धि की गई है।

शिक्षा क्षेत्र हो रहा सुदृढ़, कौशल विकास से युवा बन रहे हुनरमंद-

                जनजाति क्षेत्र के युवाओं को उच्च गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराने के साथ ही उनमें कौशल विकास के लिए राज्य सरकार कई कदम उठा रही है। यहां विभिन्न छात्रावासों और आवासीय स्कूलों में अध्ययनरत विद्यार्थियों को उच्च गुणवत्तापूर्ण सुविधाएं उपलब्ध करवाई जा रही हैं। प्रदेश में संचालित 446 आश्रम छात्रावासों में लगभग 25 हजार से अधिक विद्यार्थी निःशुल्क आवास, भोजन और अध्ययन की सुविधाएं प्राप्त कर रहे हैं।

                वहीं, राज्य के 23 आवासीय विद्यालयों में 3,800 से अधिक विद्यार्थी गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्राप्त कर रहे हैं, उदयपुर के ढीकली और डूंगरपुर के सूरपुर में स्थित मॉडल पब्लिक रेजिडेंशियल स्कूल शिक्षा में उत्कृष्टता के नए केंद्र बन चुके हैं। प्रदेश के 30 एकलव्य मॉडल रेजिडेंशियल स्कूलों में भी लगभग 10 हजार विद्यार्थी आधुनिक शिक्षण पद्धति, डिजिटल लर्निंग और खेल सुविधाओं को प्राप्त करते हुए अध्ययनरत हैं। विद्यार्थियों को प्रतियोगी परीक्षाओं में सफलता दिलाने के उद्देश्य से संचालित मुख्यमंत्री अनुप्रति कोचिंग योजना के तहत 8 बहुउद्देशीय छात्रावासों में 878 विद्यार्थियों को प्रतियोगी परीक्षाओं की निःशुल्क कोचिंग व आवास सुविधा दी जा रही है।

                युवाओं में कौशल विकास कर उन्हें रोजगार के अवसर उपलब्ध कराने के उद्देश्य से राजस्थान कौशल एवं आजीविका विकास निगम, सीपेट जयपुर और आईडीटीआर रेलमगरा जैसे संस्थानों द्वारा जनजाति क्षेत्र के हजारों युवाओं को तकनीकी व व्यावसायिक प्रशिक्षण दिया जा रहा है। अशोक लेलैंड प्रशिक्षण केंद्र, रेलमगरा में 25 युवाओं को भारी वाहन चालक का प्रशिक्षण देकर आत्मनिर्भर बनाया गया है।

खेल प्रतिभाओं को तराशने के लिए उठाए गए कई कदम-

                राज्य के होनहार युवा शिक्षा के साथ ही खेलकूद के क्षेत्र में भी देश और विदेश में राजस्थान का नाम रोशन कर रहे हैं। खेल प्रतिभाओं को तराशने के लिए संचालित 13 खेल अकादमियों में 895 छात्र-छात्राएं प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे हैं। सरकार ने खिलाड़ियों के हित में महत्वपूर्ण निर्णय लेते हुए खेल छात्रावासों में मैस भत्ता बढ़ाकर 4,000 रुपये प्रतिमाह कर दिया है। मुख्यमंत्री के निर्देश पर प्रशिक्षकों की नियुक्ति, उपकरण आपूर्ति और प्रतियोगिताओं के आयोजन को प्राथमिकता दी जा रही है। यही नहीं, राज्य स्तर पर आयोजित एकलव्य विद्यालय सांस्कृतिक प्रतियोगिता में प्रदेश के हजारों विद्यार्थियों ने अपनी कला का प्रदर्शन किया, जिनमें से चार ने राष्ट्रीय स्तर पर तृतीय स्थान प्राप्त कर राजस्थान का मान बढ़ाया।

जल संरक्षण में जनसहभागिता से बदल रही तस्वीर-

                जनजातीय अंचलों में जलोत्थान योजनाएं, एनिकट निर्माण, नहर सुदृढ़ीकरण और जल संरचना पुनरोद्धार कार्य जल सुरक्षा की दिशा में मिसाल बने हैं। जनजाति भागीदारी योजना के तहत विद्यालय, सड़क, पेयजल और सामुदायिक भवन निर्माण में न्यूनतम 30 प्रतिशत जनसहयोग से कार्य किए जा रहे हैं। मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा का मानना है कि ‘सच्चा विकास वही है, जिसमें समाज भी भागीदार बने।’ यही दृष्टिकोण इन योजनाओं में झलकता है।

जनजाति नायकों के गौरव की पुनःस्थापना-

                राज्य सरकार प्राचीन विरासत और संस्कृति का संरक्षण करने के साथ ही जनजाति नायकों के गौरव की पुनःस्थापना का कार्य भी कर रही हैै। डूंगरपुर, बांसवाड़ा और उदयपुर में जनजाति नायकों के स्मारक और वीर बालिका काली बाई संग्रहालय के निर्माण हेतु 25 करोड़ रुपये स्वीकृत किए गए हैं। सीताबाड़ी, कमलनाथ महादेव और जावर माता मंदिर जैसे आस्था स्थलों पर श्रद्धालुओं के लिए आधारभूत सुविधाएं विकसित की जा रही हैं। इसके अतिरिक्त केन्द्र सरकार की पीएम जनमन योजना के तहत बारां जिले में 17 मल्टीपरपज केंद्रों में से 8 का निर्माण कार्य पूर्ण हो चुका है तथा शेष का कार्य प्रगति पर है। ‘स्वच्छ परियोजना’ के अंतर्गत 4,560 स्वास्थ्यकर्मी टीबी मुक्त भारत मिशन और सिकल सेल एनीमिया नियंत्रण में सक्रिय हैं।

नवाचारों के माध्यम से सुनिश्चित हो रहा सर्वांगीण विकास-

                जनजाति क्षेत्रों में विभिन्न नवाचारों के माध्यम से सर्वांगीण विकास सुनिश्चित किया जा रहा है। केन्द्र और राज्य सरकार व इसरो के संयुक्त तत्वावधान में ‘जयकार प्रोग्राम’ के तहत उदयपुर के ईएमआरएस विद्यार्थियों ने अंतरिक्ष विज्ञान प्रशिक्षण प्राप्त किया। माणिक्यलाल वर्मा आदिम जाति शोध संस्थान में ‘बनफूल डिज़ाइन स्टूडियो’ की स्थापना जनजातीय कला संरक्षण और विपणन में नई राह दिखा रही है। ‘प्रोजेक्ट चितेरा’ के माध्यम से छात्रावासों और विद्यालयों में मांडना व पारंपरिक चित्रकला को पुनर्जीवित किया गया है। एम्स, जोधपुर के सहयोग से आबूरोड (सिरोही) में सैटेलाइट सेंटर फॉर ट्राइबल हेल्थ एंड रिसर्च की स्थापना हुई है, जहां प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी द्वारा 29 अक्टूबर, 2024 को ड्रोन दवा आपूर्ति सुविधा का शुभारंभ किया गया।

‘अमृत कलश योजना’ बनी सामुदायिक भागीदारी की नई पहल-

                सीएसआर और स्वयंसेवी संगठनों की भागीदारी से विभाग ने ‘अमृत कलश योजना’ प्रारंभ की है। इस अंतर्गत विद्यार्थियों को आईआईएम उदयपुर, आईआईटी जोधपुर, एनएलयू और केवीके जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों का भ्रमण करवाया गया। मैजिक बस इंडिया फाउंडेशन के सहयोग से 25 जिलों के 43 विद्यालयों व 450 छात्रावासों में जीवन-कौशल प्रशिक्षण प्रारंभ हुआ है। ‘माई मिशन’ कार्यक्रम के तहत 40 विद्यार्थियों को राजस्थान सिविल सेवा परीक्षा  की तैयारी के लिए निःशुल्क कोचिंग दी जा रही है। आरएसएमएम लिमिटेड के सीएसआर सहयोग से जनजाति खिलाड़ियों की लैक्रॉस टीम इंडिया ने उज्बेकिस्तान में एशियाई प्रतियोगिता में रजत पदक जीता। तृतीय राष्ट्रीय लैक्रॉस चैम्पियनशिप 2025-26 में राज्य के 55 प्रतिभाशाली जनजाति खिलाड़ियों ने 6 वर्गाें में 5 स्वर्ण एवं 1 कास्य पदक जीता। यूएनएफपीए की साझेदारी में ‘संचार सेतु’ वर्चुअल लर्निंग प्लेटफॉर्म प्रारंभ हुआ है। ‘एक वृक्ष, प्रति वर्ष’ और ‘हमारा कक्ष-हमारा वृक्ष’ अभियानों से पर्यावरण संरक्षण की भावना को बल मिला है।

विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट कार्य करने वालों को किया जा रहा सम्मानित-

                जनजाति क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य करने वाले व्यक्तियों और संस्थाओं को विभिन्न स्तर पर सम्मानित कर प्रोत्साहित किया जा रहा है। 4 अक्टूबर, 2024 को आदि-गौरव सम्मान समारोह में राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु ने 17 व्यक्तियों व संस्थाओं को शिक्षा, कला, खेल एवं समाजसेवा में उत्कृष्ट योगदान हेतु सम्मानित किया। 15 नवम्बर, 2024 को बांसवाड़ा में आयोजित बिरसा मुंडा 150वीं जयंती समारोह में ‘नवादि-युगधारा प्रणेता समागम’ विषय के अंतर्गत 27 जनजाति नायकों को सम्मानित किया गया, जो जनजाति समाज की नई चेतना का प्रतीक है।

ग्रामीण सेवा शिविर-2025 मुख्यमंत्री की संवेदनशीलता से मिल रही आमजन को राहत 
ग्रामीण सेवा शिविर-2025 मुख्यमंत्री की संवेदनशीलता से मिल रही आमजन को राहत -307 शिविरों में हजारों परिवारों को घर बैठे मिला लाभ -5415 परिवारों को प्रधानमंत्री स्वामित्व पट्टे मिले, 226...

श्रीगंगानगर, 4 नवम्बर। राजस्थान के माननीय मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा की मंशा के अनुसार ग्रामीणों की समस्याओं का निदान गांव में ही हो, इस बात को लेकर सरकार द्वारा ग्रामीण सेवा शिविर 2025 जारी हैं। इसी के फलस्वरूप श्रीगंगानगर जिले में 17 सितम्बर 2025 से प्रारम्भ हुए 307 शिविरों में अब तक जहां हजारों परिवारों को घर बैठे लाभ मिल रहा है, वहीं पर ग्रामीणों की समस्याओं का निदान हो रहा है। 

जिला कलक्टर डॉ. मंजू ने बताया कि राजस्व विभाग द्वारा अब तक जारी शिविरों में 133 नामांतकरण, 1523 शुद्धि निस्तारण, 26 खातेदारी, 826 लम्बित फार्मर रजिस्ट्री, 226 सहमति बंटवारा, 3341 मूल निवास, 5506 जाति प्रमाण पत्र व 74 कुर्रेजात रिपोर्ट तैयार कर लाभ दिया गया। ग्रामीण एवं पंचायती राज विभाग द्वारा 5415 परिवारों को प्रधानमंत्री स्वामित्व योजना के तहत पट्टे दिये गये। 114 सामुदायिक शौचालय स्वीकृत, स्वच्छ भारत मिशन ग्रामीण के तहत 2560 स्वीकृतियां, पंडित दीनदयाल उपाध्याय गरीबी मुक्त गांवों के तहत 567 बीपीएल परिवारों का सर्वे, 190 को विश्वकर्मा पेंशन योजना का लाभ दिया गया। 

ग्रामीण सेवा शिविरों में 616 त्रुटिपूर्ण मीटर सुधार, विद्युत सप्लाई से संबंधित 795 का निस्तारण, 17 ट्रांसफार्मर बदले, वहीं पर 671 स्थानों पर ढीले तारों को ठीक किया गया। मातृ वंदना योजना में 1336 महिलाओं का पंजीकरण तथा 5760 महिलाओं की पोषण ट्रैकर के लिये ई-केवाईसी की गई। 1661 का टीकाकरण, 18889 टीबी रोग स्क्रीनिंग, 285 को पोषण किट वितरित, 2009 महिलाओं की प्रसव पूर्व जांच तथा 10474 महिलाओं की ब्रेस्ट सर्वाइकल कैंसर स्क्रीनिंग की गई। 

शिविरों में 9520 पशुपालकों के पशुओं का मुख्यमंत्री मंगला पशु बीमा योजना का लाभ दिया, वहीं पर 44288 पशुओं का टीकाकरण किया गया। शिविरों में 8903 किसानों को मिनी बीज किट वितरित की गई। 24095 किसानों को प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना की बीमा पॉलिसी वितरित कर लाभ दिया गया। 751 परिवारों को एनएफएसए के तहत निस्तारण, 16836 की ई-केवाईसी, 8541 की आधार सीडिंग तथा 14658 परिवारों की एलपीजी आईडी मैप की गई। 

शिविरों में 123 नागरिकों को अटल पेंशन स्वीकृत, 359 नागरिकों को प्रधानमंत्री जन-धन योजना का लाभ, जन-धन योजना में पुनः सत्यापित बैंक खाते 2656 एवं 683 को प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा योजना तथा 810 को प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा योजना का लाभ दिया गया। शिविरों में 1772 परिवारों का पालनहार योजना में सत्यापन किया गया। कामगारों को 197 टूलकिट वितरित किये गये, वहीं पर वन विभाग द्वारा 64067 पौधे लगाये गये।