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राज्य सरकार के दो वर्ष पूर्ण होने पर जयपुर में हुआ जिला स्तरीय महिला सम्मेलन
जयपुर, 19 दिसम्बर। राज्य सरकार के कार्यकाल के सफल दो वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में आयोजित विभिन्न कार्यक्रमों की श्रृंखला के अंतर्गत शुक्रवार को जयपुर में जिला स्तरीय महिला सम्मेलन ...

जयपुर, 19 दिसम्बर। राज्य सरकार के कार्यकाल के सफल दो वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में आयोजित विभिन्न कार्यक्रमों की श्रृंखला के अंतर्गत शुक्रवार को जयपुर में जिला स्तरीय महिला सम्मेलन  जिला परिषद  सभागार में हुआ।

कार्यक्रम में श्रीमती रमा देवी चौपड़ा, जिला प्रमुख, श्री महेन्द्र पाल मीणा, विधायक जमवारामगढ़ श्री गोपाल शर्मा, विधायक सिविल लाइन्स, जिला कलक्टर श्री जितेन्द्र कुमार सोनी, मुख्य कार्यकारी अधिकारी श्रीमती प्रतिभा वर्मा एवं अतिरिक्त मुख्य कार्यकारी अधिकारी श्री बृजमोहन गुप्ता, अन्य जनप्रतिनिधि, अधिकारी एवं बड़ी संख्या में महिलाएं उपस्थित रहीं।

कार्यक्रम में  श्रीमती रमा देवी चोपड़ा ने राज्य सरकार के दो वर्षों के कार्यकाल में महिलाओं, बालिकाओं, विद्यार्थियों, वरिष्ठ नागरिकों एवं वंचित वर्गों के कल्याण हेतु संचालित योजनाओं एवं नवाचारों पर प्रकाश डालते हुए कहा कि सरकार की प्राथमिकता सामाजिक सुरक्षा, शिक्षा, स्वास्थ्य एवं महिला सशक्तीकरण रही है।

शुक्रवार को ही राज्य स्तरीय महिला सम्मेलन कार्यक्रम धौलपुर में हुआ, जिसमें  मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा ने सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजना, पालनहार योजना, उच्च शिक्षा छात्रवृत्ति योजना, अनुसूचित जनजाति के विद्यार्थियों हेतु पूर्व मैट्रिक छात्रवृत्ति सहित विभिन्न योजनाओं के अंतर्गत डीबीटी के माध्यम से लाभार्थियों को राशि हस्तांतरित की। श्री शर्मा ने हेल्थ इंश्योरेंस कार्ड इंटर-ऑपरेबिलिटी लागू किए जाने की घोषणा भी की, जिससे प्रदेशवासियों को स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ और अधिक सुगमता से मिल सकेगा।

जिला स्तरीय महिला सम्मेलन के दौरान राजीविका, शिक्षा, स्वास्थ्य कल्याण एवं पेंशन योजनाओं से जुड़े लाभार्थियों को स्वीकृति पत्र एवं आयुष्मान आरोग्य कार्ड वितरित किए गए। इसके साथ ही राजीविका की ‘लखपति दीदीयों’ को प्रोत्साहन स्वरूप विशेष बैग भी प्रदान किए गए जिससे महिला स्वयं सहायता समूहों के माध्यम से आर्थिक सशक्तिकरण को और मजबूती मिलेगी।

कार्यक्रम में अतिथियों ने महिलाओं से योजनाओं का अधिकाधिक लाभ उठाने का आह्वान करते हुए कहा कि राज्य सरकार का लक्ष्य हर महिला को आत्मनिर्भर बनाना और समाज के अंतिम पंक्ति में खड़े व्यक्ति तक विकास की रोशनी पहुंचाना है।

राज्य स्तरीय प्रदर्शनी में एक छत के नीचे मिली सभी विभागीय योजनाओं की जानकारी
समापन दिवस पर आमजन की रही व्यापक सहभागिता, डीआईपीआर डायलॉग में संगीत एवं तकनीक पर चर्चा - कालिका पेट्रोलिंग यूनिट ने आत्मरक्षा के गुरों से अवगत कराया

जयपुर, 18 दिसंबर। राज्य सरकार के कार्यकाल के दो वर्ष पूर्ण होने के अवसर पर जवाहर कला केंद्र, जयपुर में आयोजित 4 दिवसीय राज्य स्तरीय प्रदर्शनी “नव उत्थान–नई पहचान, बढ़ता राजस्थान–हमारा राजस्थान” के समापन दिवस पर गुरुवार को बड़ी संख्या में युवाओं, विद्यार्थियों और आम नागरिकों की सक्रिय भागीदारी रही।

प्रदर्शनी में सभी विभागों की योजनाओं को प्रदर्शित करने के साथ संवाद, तकनीक और प्रत्यक्ष सहभागिता के माध्यम से आमजन तक पहुंचाया गया। विभागीय स्टॉल्स, डिजिटल प्रस्तुतियों और इंटरएक्टिव गतिविधियों के जरिए आगंतुकों को जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी मिली ।

इंटरएक्टिव गतिविधियों ने बनाया सहभागिता आधारित अनुभव-

सूचना एवं जनसंपर्क विभाग द्वारा आयोजित चिलैक्स इंटरएक्टिव गेम चारों दिन युवाओं और आम नागरिकों के आकर्षण का केंद्र रहा। बहुविकल्पीय प्रश्नों के माध्यम से प्रतिभागियों ने योजनाओं और समसामयिक विषयों से जुड़ी अपनी समझ परखी, वहीं सही उत्तर देने वालों को प्रोत्साहन स्वरूप पुरस्कार प्रदान किए गए।

परिवहन विभाग की स्टॉल पर सिम्युलेटेड ड्राइविंग अनुभव के जरिए सड़क सुरक्षा और यातायात नियमों की व्यवहारिक जानकारी दी गई, जिससे आमजन सुरक्षित एवं जिम्मेदार ड्राइविंग के प्रति जागरूकता हुए।

डीआईपीआर डायलॉग में विशेषज्ञों से संवाद और आत्मरक्षा तकनीकों का प्रदर्शन-

प्रदर्शनी में आयोजित डीआईपीआर डायलॉग सत्रों में युवाओं को विशेषज्ञों से सीधे संवाद का अवसर प्रदान किया। “संगीत क्षेत्र में युवाओं के लिए करियर अवसर एवं चुनौतियां” विषय पर आयोजित सत्र में डॉ. शारदा देवड़ा, एसोसिएट प्रोफेसर, आईएएसई टीटी कॉलेज, अजमेर ने रचनात्मकता, प्रशिक्षण और निरंतर अभ्यास को सफलता की कुंजी बताया।

इसी श्रृंखला में सूचना एवं जनसंपर्क विभाग के उपनिदेशक डॉ. आशीष खंडेलवाल ने डिजिटल तकनीक, स्मार्ट गैजेट्स और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के बढ़ते उपयोग पर जानकारी साझा की। उन्होंने बताया कि किस प्रकार आधुनिक तकनीकें संचार, दैनिक कार्यों और सूचना के त्वरित एवं विश्वसनीय प्रसार को अधिक प्रभावी और सरल बना रही हैं।

इसके बाद कराटे प्रशिक्षक श्री महेश कायथ के निर्देशन में आत्मरक्षा एवं हथियार संचालन से संबंधित प्रभावशाली प्रदर्शन प्रस्तुत किए गए। कार्यक्रम में लिम्का बुक ऑफ रिकॉर्ड्स विजेता चार वर्षीय मनु श्री ने विभिन्न आत्मरक्षा तकनीकों का प्रदर्शन कर बालिकाओं एवं महिलाओं को आत्मरक्षा के गुरों से अवगत कराया। इन प्रदर्शनों के माध्यम से महिला सुरक्षा, आत्मविश्वास और सजगता का संदेश दिया गया।

इसी क्रम में कालिका पेट्रोलिंग यूनिट ने आमजन को राजकोप सिटीजन ऐप की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि हर महिला इस ऐप के जरिए पुलिस की मदद मांग सकती है। यूनिट ने चैन पर्स स्नैचिंग, छेड़छाड़ जैसी स्थिति से बचाव के गुर सिखाए।

छात्र छात्राओं ने जानी सरकार की योजनाएं-

प्रदर्शनी में बड़ी संख्या में विद्यालयों के विद्यार्थियों ने सहभागिता की। कई विद्यालयों के विद्यार्थियों ने विभागों की स्टॉल्स के माध्यम से राज्य सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं, नागरिक सुविधाओं एवं तकनीकी पहलों की जानकारी प्राप्त की, जिससे उनमें जागरूक नागरिक के रूप में समझ विकसित हुई।

राजस्थान देश में अग्रणी राज्यों में शामिल, निवेश प्रोत्साहन के लिए 23 क्षेत्रों में प्रक्रिया को किया आसान
ईज ऑफ डूइंग बिजनेस

जयपुर, 18 दिसंबर। देश के यशस्वी प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के निर्देश पर केंद्र सरकार द्वारा सभी राज्यों में निवेश को बढ़ावा देने के लिए प्रक्रिया को आसान बनाने और अनावश्यक प्रावधानों को हटाने की प्रक्रिया शुरू की गई है। इसके क्रम में राज्य के मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा ने इस संबंध में लगातार मॉनिटरिंग की और बैठकों में समीक्षा की। इसके परिणामस्वरूप आज राजस्थान ‘ईज ऑफ डूइंग बिजनेस’ के मामले में देश के अग्रणी राज्यों में शामिल हो गया है। केंद्र सरकार द्वारा चिन्हित सभी 23 प्राथमिक क्षेत्रों में राज्य सरकार ने बेहतर कार्य किया है।

उद्योग एवं वाणिज्य विभाग और निवेश संवर्धन ब्यूरो के आयुक्त श्री सुरेश कुमार ओला ने बताया कि राज्य सरकार ने निवेश से जुड़ी प्रक्रिया को काफी आसान बना दिया है। कागजी प्रक्रिया को खत्म कर, पूरी प्रक्रिया को ऑनलाइन किया गया है। इसके साथ ही, कई कानूनों और प्रावधानों में संशोधन भी किया गया है। राज्य सरकार द्वारा ईज ऑफ डूइंग बिजनेस की दिशा में उठाए गए इन कदमों से प्रदेश को बेहतर निवेश गंतव्य बनाने का संकल्प और सशक्त हुआ है।

श्री ओला ने बताया कि ‘राइजिंग राजस्थान ग्लोबल इन्वेस्टमेंट समिट’ के तहत किए गए 35 लाख करोड़ रुपये के निवेश समझौतों में से 8 लाख करोड़ रुपये से अधिक के समझौतों पर कार्य प्रारंभ हो गया है। एक साल की अवधि में 20 प्रतिशत से अधिक समझौतों का धरातल पर उतरना, निवेश प्रक्रिया के सरलीकरण पर मुहर लगाता है।

एमएसएमई: ऑटो अप्रूवल अब 30 दिन में —

एमएसएमई सेक्टर को बढ़ावा देने के लिए, राज्य ने संशोधन कर शहरी क्षेत्रों में भूमि रूपांतरण प्रक्रिया को सरल बनाया है। आवेदन के ऑटोमेटिक स्वीकृति की समयसीमा को कम किया गया है। अब 60 कार्यदिवस के बजाय मात्र 30 कार्यदिवस में ही आवेदन स्वतः स्वीकृत हो जाएगा। इससे परियोजनाओं में होने वाली देरी में कमी आएगी और नए उद्यमों की स्थापना तेजी से होगी।

877 सेक्टर अप्रदूषणकारी उद्योगों की सूची में शामिल —

एमएसएमई के लिए ‘कंसेंट टू एस्टेब्लिश’ (सीटीई) और ‘कंसेंट टू ऑपरेट’ (सीटीओ) के लिए समयसीमा 120 दिनों से घटाकर 21 दिन की गई है। इसके साथ ही, रेड और वृहद् श्रेणी के उद्यमों के लिए यह अवधि घटाकर 60 दिन कर दी गई है। प्रदूषण नियंत्रण मंडल ने सेल्फ सर्टिफिकेशन के आधार पर पर्यावरण अधिनियमों के तहत अनुपालना कर रही इकाइयों के लिए सीटीओ का सिस्टम-जनरेटेड ऑटो रिन्यूवल प्रारंभ किया है। साथ ही, वाटर एण्ड एयर पॉल्यूशन रूल्स में संशोधन के माध्यम से अप्रदूषणकारी ‘व्हाइट कैटेगरी’ उद्योगों की सूची को 104 सेक्टर से बढ़ाकर 877 कर दिया गया है। राज्य सरकार के इस निर्णय से अधिक गैर-प्रदूषणकारी उद्योगों को छूट मिलने से परियोजना अनुमोदनों में तेजी आएगी और औद्योगिक वृद्धि को बढ़ावा मिलेगा।

6 घंटे कार्य के बाद 30 मिनट का विश्राम आवश्यक —

सूक्ष्म उद्यमों पर नियामक भार कम करने के उद्देश्य से ‘राजस्थान शॉप्स एंड कॉमर्शियल एस्टाब्लिशमेंट एक्ट, 1958’ के तहत कर्मचारी संख्या की सीमा 0 से बढ़ाकर 10 कर दी गई है। प्रतिष्ठानों को अधिक सुविधाजनक बनाने के लिए राज्य ने एक अध्यादेश जारी कर अधिनियम के तहत अनुमत कार्य घंटों में वृद्धि की है। अध्यादेश के अनुसार दैनिक कार्य समय 9 घंटे से बढ़ाकर 10 घंटे कर दिया गया है। अधिकतम 6 घंटे के कार्य के पश्चात न्यूनतम 30 मिनट के विश्राम का प्रावधान किया गया है तथा तिमाही ओवरटाइम सीमा 144 घंटे कर दी गई है। ‘राजस्थान फैक्ट्री रूल्स, 1951’ के नियम 100 में संशोधन किया गया है, जिसके तहत गर्भवती महिलाओं एवं माताओं को छोड़कर, महिला श्रमिकों को सभी जोखिम पूर्ण कार्यों में कार्य करने की अनुमति दी गई है, जिनमें वे 15 कार्य भी शामिल हैं जो पूर्व में महिलाओं के लिए निषिद्ध थे।

थर्ड पार्टी फायर इंस्पेक्शन का प्रावधान —

फायर सेफ्टी कंप्लायंस को भी सुव्यवस्थित किया गया है। इसके तहत एम्पैनल्ड एजेंसियों के माध्यम से थर्ड पार्टी फायर इंस्पेक्शन का प्रावधान लागू किया गया है तथा फायर एनओसी सर्टिफिकेट की वैधता अवधि बढ़ाई गई है। इससे सुरक्षा मानकों को सुनिश्चित करते हुए अनुमति में तेजी आएगी।

ग्रामीण क्षेत्रों में अधिक उद्योग स्थापना के लिए कई प्रावधान —

राज्य सरकार ने ग्रामीण क्षेत्रों में उद्योग स्थापित करने के नियमों में ढील दी है, ताकि कम चौड़ाई वाली सड़कों वाले इलाकों में भी छोटे और मध्यम उद्योग बिना किसी कानूनी बाधा के शुरू किए जा सकें। इस मामले में राजस्थान अग्रणी राज्यों में शामिल है। लेआउट प्लान वाले क्षेत्रों में सड़क चौड़ाई 9 मीटर और बिना लेआउट वाले क्षेत्रों में 4.5 मीटर निर्धारित की गई है। राज्य ने औद्योगिक एवं वाणिज्यिक क्षेत्रों में भूमि उपयोग को अनुकूलित करने के लिए भी महत्वपूर्ण सुधार लागू किए हैं।

वाणिज्यिक भूखण्डों पर 50 प्रतिशत ग्राउंड कवरेज की सीमा समाप्त —

नगरीय विकास एवं आवासन विभाग एवं रीको ने भवन मानकों में संशोधन कर भूमि के सदुपयोग को सुनिश्चित किया है और पार्किंग मानकों को तर्कसंगत बनाया है। पूर्व में वाणिज्यिक भूखण्डों पर 50 प्रतिशत ग्राउंड कवरेज की सीमा को अब समाप्त कर दिया गया है, जिससे नगरीय योजना में अधिक लचीलापन सुनिश्चित हुआ है। नगरीय विकास के क्षेत्र में, राजस्थान सरकार द्वारा ‘ट्रांजिट ओरिएंटेड डेवलपमेंट पॉलिसी’ जारी की गई है। यह नीति मेट्रो कॉरिडोर, बीआरटीएस तथा प्रमुख परिवहन मार्गों के आसपास उच्च घनत्व मिश्रित उपयोग विकास को बढ़ावा देती है, जिससे यातायात भीड़ में कमी, क्षैतिज शहरी विस्तार पर नियंत्रण, सार्वजनिक परिवहन के उपयोग में वृद्धि तथा स्वच्छ शहरों का निर्माण संभव हो सकेगा।

अपराध में कमी आई, व्यापार करना आसान हुआ —

डी-क्रिमिनलाइज़ेशन के क्षेत्र में राज्य ने ‘राजस्थान जन विश्वास (प्रावधानों का संशोधन) अध्यादेश, 2025’ अधिसूचित किया है। 11 राज्य अधिनियमों के प्रावधानों में संशोधन कर छोटे अपराधों को अपराधमुक्त किया गया है। इस अध्यादेश के तहत आपराधिक प्रावधानों को आर्थिक दंड से प्रतिस्थापित किया गया है। इससे अपराध में कमी आई है और प्रदेश में व्यापार करना आसान हुआ है।

राजनिवेश पोर्टल पर चैटबॉट —

निवेशक सुविधा को और सुदृढ़ करने के लिए राज्य की सिंगल विंडो प्रणाली ‘राजनिवेश’ को एआई चैटबॉट के साथ सशक्त किया गया है, जो विभिन्न विभागों की सूचनाओं को एकत्रित कर निवेशकों को सहज एवं प्रभावी सहायता प्रदान करता है।

ओवरलोडेड वाहनों और अवैध शराब के खिलाफ कार्रवाई हो तेज : मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा
राज्य के सर्वांगीण विकास में राजस्व की भूमिका अहम, वृद्धि हेतु बनाएं लक्ष्य आधारित कार्ययोजना


जयपुर, 8 दिसम्बर। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा कि राज्य सरकार प्रदेश के चहुंमुखी विकास और सभी वर्गों के कल्याण के लिए पूर्ण रूप से प्रतिबद्ध है। इस दिशा में विभिन्न विकास परियोजनाएं और जनकल्याणकारी योजनाएं संचालित की जा रही है। उन्होंने कहा कि विकास योजनाओं को मूर्त रूप देने और जनकल्याणकारी योजनाओं के निर्बाध संचालन में राजस्व अत्यधिक महत्वपूर्ण है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि वित्तीय वर्ष 2025-26 के राजस्व लक्ष्य की प्राप्ति के लिए संबंधित विभागों के अधिकारी समर्पित होकर कार्य करें।

शर्मा सोमवार को मुख्यमंत्री कार्यालय में आबकारी, परिवहन, काॅमर्शियल टैक्स तथा पंजीयन एवं मुद्रांक विभाग की समीक्षा बैठक ले रहे थे। बैठक में बताया गया कि वित्तीय वर्ष 2025-26 में 1 लाख 69 हजार 627 करोड़ रुपये के राजस्व अर्जन का लक्ष्य रखा गया था। इसे हासिल करने के क्रम में नवम्बर माह तक कुल 84 हजार 746 करोड़ रुपये का राजस्व प्राप्त हो चुका है। मुख्यमंत्री ने संबंधित अधिकारियों को आगामी तिमाही में राजस्व वृद्धि के लिए लक्ष्य आधारित कार्ययोजना बनाने के निर्देश दिए। 

जीएसटी की दरों में कमी का लाभ उपभोक्ता को मिलना हो सुनिश्चित —

शर्मा ने काॅमर्शियल टैक्स विभाग की समीक्षा के दौरान कहा कि केन्द्र सरकार द्वारा किए गए जीएसटी सुधारों से देश और प्रदेश के आमजन को काफी राहत मिली है। उन्होंने कहा कि यह सुनिश्चित किया जाए कि जीएसटी की दरों में की गई कमी का सीधा लाभ उपभोक्ता तक पहुंचे। मुख्यमंत्री ने फर्जी करदाताओं के खिलाफ विशेष अभियान चलाने के निर्देश देते हुए कहा कि कर चोरी रोकने और पारदर्शी कर व्यवस्था लागू करने के लिए सख्त निगरानी तंत्र विकसित किया जाए।

सार्वजनिक परिवहन हेतु नई बसों के हो परमिट जारी —

मुख्यमंत्री ने परिवहन विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए कि सार्वजनिक परिवहन हेतु नई बसों के अधिक से अधिक परमिट जारी किए जाएं जिससे आमजन को आवागमन में सुविधा होने के साथ ही, राज्य सरकार को भी राजस्व की प्राप्ति हो। श्री शर्मा ने ओवरलोडिंग के खिलाफ कड़ी कार्रवाई के निर्देश देते हुए कहा कि ओवरलोडेड वाहन सुरक्षा की दृष्टि से उचित नहीं है। साथ ही, इनसे राज्य सरकार को राजस्व की भी हानि होती है। विभागीय अधिकारी इनके खिलाफ सख्त कार्रवाई करें। 

अवैध शराब के खिलाफ हो प्रभावी कार्रवाई —

मुख्यमंत्री ने कहा कि राजस्थान में अन्य राज्यों से अवैध शराब के परिवहन को रोकने के लिए आबकारी विभाग पुलिस के साथ समन्वय बनाते हुए सीमावर्ती क्षेत्रों में निगरानी कड़ी करें। उन्होंने राज्य में अवैध शराब की बिक्री पर भी प्रभावी अंकुश लगाने के निर्देश दिए। श्री शर्मा ने पंजीयन एवं मुद्रांक विभाग को संपत्तियों के पंजीयन की प्रक्रिया सरल करने और आमजन को अधिक से अधिक राहत पहुंचाने के भी निर्देश दिए।

बैठक में मुख्य सचिव श्री वी. श्रीनिवास सहित संबंधित विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।

आमजन की समस्याओं का त्वरित समाधान करें अधिकारी: मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा
मुख्यमंत्री निवास पर नियमित जनसुनवाई -अन्त्योदय राज्य सरकार की योजनाओं का प्रमुख लक्ष्य

जयपुर, 24 नवम्बर। मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में राज्य सरकार जवाबदेहिता एवं पारदर्शिता से कार्य करते हुए सुशासन की ओर अग्रसर है। सरकार के द्वारा किए जा रहे कार्यक्रमों, नवाचारों एवं योजनाओं का प्रमुख ध्येय अंतिम पायदान पर बैठे व्यक्ति तक योजनाओं का लाभ पहुंचाना है। जनसुनवाई भी इसी लक्ष्य की ओर बढ़ता एक मजबूत कदम है। मुख्यमंत्री नियमित रूप से इस जनसुनवाई में लोगों की समस्याओं का समाधान कर उन्हें राहत दे रहे हैं।

                श्री शर्मा ने सोमवार को मुख्यमंत्री निवास पर जनसुनवाई की। उन्होंने इस दौरान आमजन की परिवेदनाओं को संवेदनशीलता के साथ सुनते हुए अधिकारियों को उन समस्याओं के त्वरित निस्तारण के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि जनसुनवाई में परिवादी उम्मीद के साथ आते हैं। ऐसे में अधिकारी इन प्रकरणों को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए इनका शीघ्र निस्तारण करें।

                श्री शर्मा ने जनसुनवाई में बड़ी संख्या में आई महिलाओं, दिव्यांगों, बुजुर्गों सहित विभिन्न लोगां की समस्याओं का मौके पर ही निस्तारण किया। आमजन अपनी परिवेदनाओं के निस्तारण से बेहद संतुष्ट नजर आए। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि परिवादियों को जल्द से जल्द राहत दी जाए। साथ ही, लंबित प्रकरणों की नियमित मॉनिटरिंग करते हुए इसका शीघ्र समाधान करें। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि प्रकरणों के निस्तारण में किसी भी तरह की लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों पर सख्त कार्यवाही की जाए।

                मुख्यमंत्री ने इस दौरान सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता, ग्रामीण विकास एवं पंचायतीराज, श्रम, कृषि, गृह, राजस्व, पशुपालन, जयपुर विकास प्राधिकरण, नगर निगम, शिक्षा, चिकित्सा, पेयजल सहित विभिन्न विभागों की आमजन से जुड़ी परिवेदनाओं को सुना और उनका मौके पर ही निस्तारण किया। इस दौरान श्री शर्मा ने विभिन्न संस्थाओं द्वारा आयोजित किए जाने वाले कार्यक्रमों के पोस्टर विमोचन भी किए।

                इस अवसर पर बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि और आमजन उपस्थित रहे।

मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में जल संचयन में देशभर में नई पहचान बना रहा जयपुर
राष्ट्रीय जल संचय जन भागीदारी अवॉर्ड्स में जयपुर जिले ने हासिल किया द्वितीय पुरस्कार

मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के दूरदर्शी नेतृत्व और राज्य सरकार की जल संरक्षण के प्रति दृढ़ प्रतिबद्धता के परिणामस्वरूप जयपुर जिला जल संचयन के क्षेत्र में राष्ट्रीय स्तर पर एक अनुकरणीय मॉडल के रूप में उभरा है। मुख्यमंत्री के मार्गदर्शन, स्पष्ट प्राथमिकताओं और जल सुरक्षा को राज्य के विकास एजेंडे के केंद्र में रखने की नीति ने जिला प्रशासन को जल संरक्षण को एक जन आंदोलन के रूप में आगे बढ़ाने की प्रेरणा दी। मुख्यमंत्री के नेतृत्व में जयपुर जिले में जल संचयन की परंपरागत और आधुनिक दोनों पद्धतियों को एकीकृत कर व्यापक स्तर पर कार्य किया गया, जिसके फलस्वरूप जिले को राष्ट्रीय जल संचय जनभागीदारी अवॉर्ड्स में द्वितीय पुरस्कार प्राप्त हुआ है।

मंगलवार को नई दिल्ली स्थित विज्ञान भवन में आयोजित छठे राष्ट्रीय जल संचय जन भागीदारी सम्मान समारोह में केंद्रीय जल शक्ति मंत्री सी. आर. पाटिल ने जयपुर जिले को द्वितीय पुरस्कार से सम्मानित किया और प्रशस्ति पत्र के साथ 1 करोड़ रुपये की प्रोत्साहन राशि प्रदान की। यह राशि जिले में उन्नत जल संरक्षण मॉडल विकसित करने, तकनीकी नवाचारों को बढ़ावा देने और ग्राम स्तर पर जल सुरक्षा परियोजनाओं के विस्तार में उपयोग की जाएगी। जिला कलक्टर डॉ. सोनी के प्रतिनिधित्व में यह पुरस्कार जिला परिषद की मुख्य कार्यकारी अधिकारी श्रीमती प्रतिभा वर्मा ने ग्रहण किया।

जयपुर जिले में जल संरक्षण कार्यों की श्रृंखला व्यापक और प्रभावी रही है। फार्म पॉण्ड, रिचार्ज शाफ्ट, सोक पिट, मैजिक पिट, कंटूर ट्रेंच, परकोलेशन टैंक तथा ग्राम स्तर पर वर्षाजल भंडारण से संबंधित कई नवाचारी संरचनाओं का बड़े पैमाने पर निर्माण किया गया। इन कार्यों ने जिले की जल धारण क्षमता को अनेक गुना बढ़ाया है और भूजल पुनर्भरण में उल्लेखनीय सुधार का मार्ग प्रशस्त किया है। जयपुर जिले द्वारा किए गए कार्यों का सत्यापन केन्द्र सरकार के जल शक्ति मंत्रालय द्वारा नियुक्त केंद्रीय भू-जल बोर्ड के अधिकारियों की टीम द्वारा किया गया। मुख्यमंत्री द्वारा जल संरक्षण कार्यक्रमों को जमीनी स्तर पर सफल बनाने के लिए प्रशासनिक, तकनीकी एवं सामुदायिक सहभागिता को केंद्र में रखने के निर्देशों का बेहतरीन प्रभाव जयपुर में देखने को मिला, जहाँ जिला प्रशासन, पंचायत राज संस्थाओं, जलदाय विभाग, कृषि विभाग, ग्रामीण विकास विभाग और वन विभाग सहित विभिन्न इकाइयों के बीच उत्कृष्ट समन्वय स्थापित हुआ।

जिला कलक्टर डॉ. जितेन्द्र कुमार सोनी के निर्देशन में एक सुव्यवस्थित और परिणाम उन्मुख कार्ययोजना तैयार की गई, जिसके अंतर्गत प्रत्येक ब्लॉक और ग्राम पंचायत में जल संरक्षण अवसंरचना के विस्तार पर बल दिया गया। अभियान के संचालन के दौरान नियमित मॉनिटरिंग, साइट निरीक्षण और प्रगति समीक्षा ने कार्यों की गति और गुणवत्ता दोनों को सुनिश्चित किया। मुख्यमंत्री के ‘जल सुरक्षा -सशक्त राजस्थान’ संकल्प के अनुरूप स्थानीय समुदायों को भी इस अभियान का सक्रिय भागीदार बनाया गया, जिसका सकारात्मक प्रभाव जल संरचनाओं के संरक्षण और उपयोगिता पर दीर्घकालिक रूप से देखने को मिलेगा।

जयपुर की यह राष्ट्रीय उपलब्धि न केवल जिले की प्रशासनिक दक्षता का प्रमाण है, बल्कि मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में जल संरक्षण को राज्यव्यापी प्राथमिकता बनाए जाने की नीति की उल्लेखनीय सफलता भी दर्शाती है। यह उपलब्धि राजस्थान के अन्य जिलों के लिए भी प्रेरणादायक है, जहाँ जयपुर मॉडल को भविष्य में जल सुरक्षा और भूजल प्रबंधन के क्षेत्र में एक सशक्त दृष्टांत के रूप में अपनाया जा सकेगा।

जयपुर में 47 लाख परिगणना परिपत्रों का हुआ वितरण, निर्वाचन विभाग ने दी ऑनलाइन भरने की सुविधा
जयपुर में 47 लाख से ज्यादा परिगणना परिपत्रों का हुआ वितरण - 11 लाख से अधिक प्रपत्रों का किया जा चुका है डिजिटलीकरण - निर्वाचन विभाग ने मतदाताओं को दी...

जयपुर, 17 नवंबर। भारत निर्वाचन आयोग द्वारा विशेष गहन पुनरीक्षण कार्यक्रम के तहत जयपुर जिले में परिगणना कार्य प्रगति पर है। जिला निर्वाचन अधिकारी डॉ. जितेन्द्र कुमार सोनी निरंतर कार्यक्रम की मॉनिटरिंग कर रहे हैं। उप जिला निर्वाचन अधिकारी श्री मेघराज मीणा ने बताया कि 17 नवंबर तक जयपुर जिले में कुल 47 लाख 4 हजार 549 परिगणना प्रपत्र वितरित किए जा चुके हैं वहीं 11 लाख 90 हजार 611 प्रपत्रों का डिजिटलीकरण किया जा चुका है।

उन्होंने बताया कि भारत निर्वाचन आयोग द्वारा विशेष गहन पुनरीक्षण कार्यक्रम घोषित किया गया है। इसके तहत जिले में 04 नवंबर से 04 दिसंबर तक परिगणना चरण का संचालन किया जा रहा है। इस चरण में परिगणना प्रपत्रों का वितरण, संग्रहण एवं डिजिटलीकरण सतत रूप से किया जा रहा है।

उन्होंने बताया कि निर्वाचन विभाग द्वारा मतदाताओं को सुविधा प्रदान करने हेतु ऑनलाइन विकल्प भी उपलब्ध कराया गया है। मतदाता स्वयं अपना परिगणना प्रपत्र https://voters.eci.gov.in/ पर जाकर अथवा प्रदान किए गए QR Code को स्कैन कर ऑनलाइन भर सकते हैं।

जिला निर्वाचन अधिकारी डॉ. जितेन्द्र कुमार सोनी ने सभी मतदाताओं से अपील है कि वे अपने तथा अपने परिवारजनों के परिगणना प्रपत्र अधिक से अधिक संख्या में ऑनलाइन भरकर अभियान को सफल बनाने में सहयोग करें। जिले में परिगणना प्रपत्रों के डिजिटलीकरण की प्रगति के अनुसार विधानसभा क्षेत्र बस्सी ने सर्वाधिक 37.65 फीसदी प्रपत्रों के डिजिटलीकरण के साथ प्रथम स्थान प्राप्त किया है।

जयपुर में 50 हजार लोगों ने ‘वंदे मातरम्’ के 150 वर्ष पूरे होने पर सामूहिक गायन किया
जयपुर में राष्ट्रगीत वंदे मातरम् के 150 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में 7 नवंबर 2025 को भव्य राज्य स्तरीय कार्यक्रम का आयोजन किया गया। यह आयोजन सवाई मानसिंह स्टेडियम (SMS Stadium)...

जयपुर में राष्ट्रगीत वंदे मातरम् के 150 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में 7 नवंबर 2025 को भव्य राज्य स्तरीय कार्यक्रम का आयोजन किया गया। यह आयोजन सवाई मानसिंह स्टेडियम (SMS Stadium) में सुबह 7:30 बजे शुरू हुआ, जिसमें करीब 50 हजार लोगों ने एक साथ वंदे मातरम् का गायन किया। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा की अगुवाई में कार्यक्रम का आयोजन हुआ, जिसमें राज्य भर के स्कूल, कॉलेज, विश्वविद्यालय, एनसीसी, एनएसएस, हिन्दुस्तान स्काउट गाइड, पुलिस, RAC के जवान, सामाजिक संगठनों के सदस्य, जनप्रतिनिधि तथा आम नागरिक शामिल हुए।

कार्यक्रम की मुख्य झलकियां:

  • सामूहिक वंदे मातरम् गायन में 50 हजार लोगों की भागीदारी​​
  • 50 हजार तिरंगा झंडों का वितरण
  • स्कूल, पुलिस और आर्मी बैंड की प्रस्तुति, साथ ही महापुरुषों पर आधारित प्रदर्शनी
  • NSS के तहत स्वच्छता अभियान और रक्तदान शिविर
  • स्वतंत्रता सेनानियों और परिजनों को सम्मानित किया गया
  • गाँव, ब्लॉक और पंचायत स्तर तक ‘एक स्थान, एक समय, एक गीत – वंदे मातरम्’ की थीम पर कार्यक्रम

यह राज्य स्तरीय उत्सव पूरे देश में 7 नवंबर 2026 तक वर्षभर चले वाले ‘वंदे मातरम्@150’ अभियान की शुरुआत है। इस ऐतिहासिक मौके पर शिक्षा विभाग ने सभी स्कूलों, कॉलेजों और मदरसों में वंदे मातरम् का गायन अनिवार्य किया। आने वाले दिनों में सभी 31 जिलों में प्रभात फेरी, रैली, चित्रकला, रंगोली, निबंध लेखन सहित कई गतिविधियां आयोजित की जाएंगी ।

इस कार्यक्रम का उद्देश्य राष्ट्रभक्ति, स्वदेशी और राष्ट्रीय एकता की भावना को सुदृढ़ करना और नई पीढ़ी में देश के प्रति जागरूकता लाना है।

चौमूं के हाड़ौता में गुरुवार को होगी ‘नारी चौपाल’
सक्षम जयपुर अभियान एवं बेटी पढ़ाओ-बेटी बचाओ अभियान के तहत चौमूं के हाड़ौता में गुरुवार को होगी 'नारी चौपाल’

जयपुर, 04 नवंबर। मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा की मंशानुसार सक्षम जयपुर अभियान एवं बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ योजना के तहत जयपुर जिले के प्रत्येक उपखंड पर नारी चौपाल आयोजित की जा रही है। इसी कड़ी में 6 नवंबर को चौमूं के हाड़ौता स्थित राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय परिसर में चौपाल होगी। जिला कलक्टर डॉ. जितेन्द्र कुमार सोनी ने नारी चौपाल के सफल आयोजन के लिए संबंधित विभागों के अधिकारियों को जिम्मेदारियां सौंपी हैं एवं आयोजन में अधिक से अधिक महिलाओं एवं बालिकाओं की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करने के निर्देश जारी किये हैं।

कार्यक्रम के नोडल अधिकारी एवं  प्रशिक्षु आईएएस श्री मृणाल ने बताया कि इस कार्यक्रम का उद्देश्य महिलाओं को सशक्त एवं जागरूक बनाना है। नारी चौपाल में महिलाओं को सरकार की योजनाओं, अधिकारों और कल्याणकारी कार्यक्रमों की जानकारी दी जाएगी, साथ ही उनकी समस्याओं और सुझावों को भी सुना जाएगा।

महिला अधिकारिता विभाग के उपनिदेशक डॉ. राजेश डोगीवाल ने बताया कि मंगलवार को प्रातः 10 बजे से 2 बजे तक चलने वाली चौपाल में नुक्कड़ नाटक, मारवाड़ी गीत, आत्मरक्षा प्रशिक्षण सहित अन्य गतिविधियां आकर्षण का केन्द्र रहेंगी। 

 नारी चौपाल के माध्यम से समाज में लिंगानुपात सुधार, महिलाओं की गरिमा और सुरक्षा सुनिश्चित करने, तथा महिला सशक्तिकरण से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर संवाद किया जाएगा। इसके लिए केंद्र और राज्य सरकार की ओर से संचालित योजनाओं, नियमों और अधिनियमों का व्यापक प्रचार-प्रसार किया जाएगा ताकि समतामूलक समाज का निर्माण हो सके।

नारी चौपाल कार्यक्रमों में महिला एवं बाल विकास, चिकित्सा, शिक्षा, पुलिस, सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहेंगे। ये अधिकारी महिलाओं के साथ सीधा संवाद कर उन्हें स्वास्थ्य, शिक्षा, सुरक्षा, पोषण, स्वरोजगार और आत्मनिर्भरता जैसे विषयों पर जागरूक करेंगे। कार्यक्रम के दौरान महिलाओं को प्रेरित करने के लिए सफलता की कहानियाँ और अनुभव भी साझा किए जाएंगे। साथ ही चौपाल स्थल पर योजनाओं का लाभ दिलाने के लिए सहायता काउंटर भी लगाए जाएंगे, ताकि महिलाओं को मौके पर ही आवश्यक जानकारी और सहयोग मिल सके।

नारी चौपाल महिलाओं के लिए केवल संवाद का मंच नहीं होगा, बल्कि यह उन्हें आत्मविश्वास, मार्गदर्शन और प्रोत्साहन देने का अवसर भी प्रदान करेगा। इससे महिलाओं तक सरकार की योजनाएं अधिक प्रभावी ढंग से पहुँचेंगी और समाज में उनकी भागीदारी और अधिक मजबूत होगी। नारी चौपाल श्रृंखला से जिले की हजारों महिलाओं को सीधा लाभ मिलने की उम्मीद है। यह पहल महिला सशक्तिकरण की दिशा में एक महत्वपूर्ण पड़ाव सिद्ध होगी।

जयपुर में दमखम दिखाएंगे देशभर के 4 हजार से अधिक खिलाड़ी
खेलो इंडिया यूनिवर्सिटी गेम्स-2025 से राजस्थान बनेगा खेलों का हब - मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में ऐतिहासिक आयोजन की तैयारियां जोरों पर - जयपुर में दमखम दिखाएंगे देशभर...

जयपुर, 31 अक्टूबर। मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में राज्य में खेलों को बढ़ावा देने के उद्देश्य से राजस्थान पहली बार खेलो इंडिया यूनिवर्सिटी गेम्स-2025 की मेजबानी करने जा रहा है। यह आयोजन 24 नवम्बर से 5 दिसम्बर 2025 तक प्रदेश के सभी संभागीय मुख्यालयों सहित जयपुर में आयोजित होगा। मुख्यमंत्री श्री शर्मा के दूरदर्शी मार्गदर्शन और खेलों के प्रति प्रतिबद्धता के चलते प्रदेश अब राष्ट्रीय खेल आयोजनों के अग्रणी राज्यों में शामिल हो रहा है।

खेल विभाग के शासन सचिव डॉ. नीरज के पवन की अध्यक्षता में शुक्रवार को कलेक्ट्रेट सभागार, जयपुर में हुई बैठक में तैयारियों की समीक्षा की गई। डॉ. नीरज के पवन ने बताया कि खेलो इंडिया यूनिवर्सिटी गेम्स में देश के सभी राज्यों एवं केंद्र शासित प्रदेशों के लगभग 200 विश्वविद्यालयों से करीब 4000 खिलाड़ी तथा लगभग 2000 प्रशिक्षक, प्रबंधक, रेफरी और सहयोगी स्टाफ भाग लेंगे। कुल 21 खेल विधाओं में आयोजित होने वाले इन खेलों का भव्य उद्घाटन समारोह 24 नवम्बर 2025 को किया जाएगा।

उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में राजस्थान में खेल अधोसंरचना को सुदृढ़ करने और खिलाड़ियों को विश्वस्तरीय सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए निरंतर कार्य किए जा रहे हैं। खेलो इंडिया यूनिवर्सिटी गेम्स का यह आयोजन राजस्थान की खेल यात्रा में एक नया मील का पत्थर सिद्ध होगा।

डॉ. नीरज के पवन ने बताया कि जयपुर में कुल 11 खेल प्रतियोगिताएं आयोजित होंगी, जिनमें तीरंदाजी और शूटिंग का आयोजन जगतपुरा शूटिंग रेंज में, एथलेटिक्स, बैडमिंटन, बास्केटबॉल, तैराकी, टेनिस, हॉकी और साइक्लिंग प्रतियोगिताएं सवाई मानसिंह स्टेडियम में, फुटबॉल प्रतियोगिता पूर्णिमा विश्वविद्यालय में और मलखम्ब प्रतियोगिता राजस्थान विश्वविद्यालय परिसर में आयोजित की जाएगी।

जिला कलक्टर डॉ. जितेन्द्र कुमार सोनी ने आयोजन की प्रभावी तैयारियां एवं आवश्यक इंतजाम सुनिश्चित करने के लिए अधिकारियों को निर्देश दिये हैं। बैठक में बताया गया कि मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा की मंशानुसार जयपुर में आने वाले देशभर के खिलाड़ियों को उत्कृष्ट आतिथ्य, भोजन, परिवहन, आवास और चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराने हेतु 12 समितियां गठित की गई हैं, जिनमें उद्घाटन एवं समापन समारोह, पारितोषिक वितरण, कानून व्यवस्था, यातायात एवं परिवहन प्रबंधन, खेल आयोजन, आवास, भोजन, नियंत्रण कक्ष, चिकित्सा व्यवस्था, प्रचार-प्रसार तथा सफाई व्यवस्था समितियां शामिल हैं।

जिला कलक्टर डॉ. जितेन्द्र कुमार सोनी ने निर्देश दिये कि मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा की प्राथमिकता के अनुरूप जयपुर जिला प्रशासन द्वारा इस आयोजन को सफल, भव्य और यादगार बनाने के लिए सभी विभागों के समन्वय से कार्ययोजना तैयार करें। देशभर से आने वाले खिलाड़ियों को न केवल श्रेष्ठ खेल अनुभव प्रदान किया जाएगा, बल्कि उन्हें जयपुर के प्रमुख पर्यटन स्थलों का भ्रमण भी कराया जाएगा ताकि वे राजस्थान की समृद्ध संस्कृति और परंपराओं से परिचित हो सकें।

बैठक में नगर निगम जयपुर ग्रेटर आयुक्त श्री गौरव सैनी सहित संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।